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                <title>ed investigation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>ed investigation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव : पूर्व टीएमसी सांसद नुसरत जहां ईडी के समक्ष हुईं पेश, कंपनी की अनियमितताओं में उनकी कोई भूमिका नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[करोड़ों के आवास घोटाले में फंसी पूर्व सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुईं। उन पर राजारहाट आवासीय परियोजना में फ्लैट के नाम पर खरीदारों से ₹25 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है। नुसरत ने आरोपों को खारिज करते हुए खुद को कंपनी के कामकाज से अलग बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/former-west-bengal-assembly-election-tmc-mp-nusrat-jahan-appears/article-151333"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ed2.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। बंगला फिल्म अभिनेत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद नुसरत जहां बुधवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के समक्ष पेश हुईं। नुसरत कोलकाता के बाहरी इलाके राजारहाट में एक आवासीय परियोजना से जुड़े कथित आवास धोखाधड़ी के मामले में समन भेजे जाने के बाद साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय पहुंचीं। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि सुश्री नुसरत एक रियल एस्टेट कंपनी की निदेशक थीं। यह कंपनी राजारहाट में आवासीय फ्लैट विकसित कर रही थी। उन्होंने जानकारी दी कि जिस कंपनी में उन्होंने निदेशक के रूप में कार्य किया है, उस पर वादा किए गए फ्लैट देने में विफल रहने और सैकड़ों संभावित घर खरीदारों से धन एकत्र करने का आरोप है।</p>
<p>एक अन्य अधिकारी के अनुसार, लगभग 429 खरीदारों में से प्रत्येक ने राजारहाट परियोजना में आवासीय इकाइयों के लिए लगभग 5.5 लाख रुपये का भुगतान किया था, जिससे इसमें शामिल कुल राशि 25 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। भुगतान के बावजूद, कथित तौर पर फ्लैट कभी नहीं सौंपे गए, जिससे प्रभावित खरीदारों को कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा। नुसरत ने हालांकि कई मौकों पर खुद को इस रियल एस्टेट फर्म से अलग बताया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने किसी भी जांच शुरू होने से बहुत पहले 2017 में ही कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका दावा है कि कंपनी के दैनिक कामकाज या कथित अनियमितताओं में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। बुधवार को नुसरत ने इस बारे में पत्रकारों के पूछे किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। इससे पहले उन्होंने ईडी से दिल्ली कार्यालय में पूछताछ करने का अनुरोध भी किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 17:27:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शराब घोटाला मामला: पूर्व मंत्री कवासी लखमा को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री कवासी लखमा और अन्य आरोपियों को शराब घोटाला मामले में अंतरिम जमानत दे दी है। अदालत अब मुख्य याचिकाओं के साथ इस मामले की विस्तृत सुनवाई करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/liquor-scam-case-big-relief-for-former-minister-kawasi-lakhma/article-139697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/kawadi-lakma.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री कवासी लखमा और करोड़ों रुपये के शराब घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों को सोमवार को अंतरिम जमानत देते हुए निर्देश दिया कि उनकी याचिकाओं को विस्तृत विचार के लिये मुख्य मामलों के साथ सूचीबद्ध किया जाये।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की और याचिकाकर्ताओं को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। उच्चतम न्यायालय ने संकेत दिया कि उठाए गए मुद्दों की अंतिम सुनवाई के समय व्यापक रूप से जांच की जाएगी। राज्य की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने जल्द सुनवाई का विरोध किया और कहा कि जांच अभी भी जारी है। </p>
<p>उन्होंने तर्क दिया कि इस मामले में मंत्रियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग का आरोप है। महेश जेठमलानी ने दावा किया कि आरोपियों ने सरकारी खजाने को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। </p>
<p>मुख्य न्यायाधीश ने रिकॉर्ड पर रखे गये हलफनामे का जिक्र करते हुए इस आरोप पर ध्यान दिया कि याचिकाकर्ता को कमीशन के तौर पर 64 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें से 4.6 करोड़ रुपये कथित तौर पर पार्टी से संबंधित गतिविधियों के लिये और लगभग 10 करोड़ रुपये व्यक्तिगत संपत्ति के लिए इस्तेमाल किये गये थे। इसमें उनके और उनके बेटे के घर शामिल हैं। पीठ ने यह भी कहा कि सुश्री साहू सहित कुछ अधिकारियों के खिलाफ आरोप अधिक गंभीर बताये गये हैं। </p>
<p>याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि कई आरोपी पहले से ही जमानत पर हैं। उन्होंने बताया कि 1,100 से अधिक गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है और छह आरोप पत्र दायर किये गये हैं। उन्होंने कार्यवाही के इस चरण में लगातार हिरासत में रखने के औचित्य पर सवाल उठाया। पीठ ने अंतरिम जमानत देते हुए आरोपों की गंभीरता पर जोर दिया और कहा कि इस मामले में उच्चतम स्तर पर कथित संलिप्तता शामिल है। पीठ ने स्पष्ट किया कि मुख्य मामलों पर उचित समय पर पूरी सुनवाई की जाएगी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 16:42:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राहुल-सोनिया गांधी की बढ़ने वाली है मुसीबत : नेशनल हेराल्ड जांच में पुलिस ने दर्ज किया नया केस</title>
                                    <description><![CDATA[ईओडब्ल्यू ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ एजेएल पर धोखाधड़ी से कब्ज़े की साजिश को लेकर नया केस दर्ज किया। एफआईआर ईडी की शिकायत पर आधारित है। पुलिस एजेएल शेयरधारकों से यंग इंडियन को स्वामित्व हस्तांतरण की सहमति को लेकर पूछताछ करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-sonia-gandhis-problems-are-going-to-increase-police-registered-a/article-134156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/rahuso.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नया आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। तीन अक्टूबर को दर्ज की गई एक एफआईआर में छह अन्य व्यक्तियों और कंपनियों के नाम भी शामिल हैं। उन पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।</p>
<p>मुकदमे के विवरण के अनुसार, गांधी परिवार ने अपनी 76 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली कंपनी यंग इंडियन के जरिए एजेएल का अधिग्रहण कराया। एजेएल कांग्रेस से जुड़ी कंपनी है और इसकी अनुमानित संपत्ति 2,000 करोड़ रुपये है। पुलिस की यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच इकाई की शिकायत पर हुई है। ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में काफी समय से जारी धन शोधन जांच के निष्कर्ष दिल्ली पुलिस को सौंपे थे। ईडी ने पीएमएलए की धारा 66(2) का इस्तेमाल किया, जिसके तहत वह किसी अन्य एजेंसी को अनुसूचित अपराध  की जांच करने का निर्देश दे सकता है। यही अपराध बाद में ईडी के धन शोधन मामले का आधार बन सकता है।</p>
<p>एफआईआर में गांधी परिवार के अलावा सैम पित्रोदा (भारतीय विदेशी कांग्रेस के अध्यक्ष), तीन कंपनियां-एजेएल, यंग इंडियन और कोलकाता की डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल हैं। डॉटेक्स को एक शेल कंपनी बताया गया है, जिसने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये दिए थे। यह धनराशि बाद में कांग्रेस पार्टी को 50 लाख रुपये देकर अधिक संपत्ति वाली एजेएल को हासिल करने में इस्तेमाल की गयी।</p>
<p>जांच के तहत पुलिस एजेएल के शेयरधारकों से पूछताछ करेगी कि क्या कंपनी को यंग इंडियन (गांधी परिवार की कंपनी) के स्वामित्व में करने से पहले उनकी सहमति ली गई थी या नहीं। यह नयी एफआईआर इस मामले में एक और कानूनी मामला जोड़ती है जो सबसे पहले भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुई थी। इसी मामले में ईडी ने अप्रैल महीने में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 17:04:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईडी की जांच में खुलासा : रेपिडो ड्राइवर के खाते से रॉयल वेडिंग में 331 करोड़ रुपए का ट्रांजिक्शन, मनी लॉड्रिंग से जुड़ा हो सकता है मामला</title>
                                    <description><![CDATA[रेपिडो ड्राइवर के खाते का उपयोग कर 331 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का लेन-देन किया गया। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में इसका खुलासा हुआ है। ईडी इसे मनी लॉड्रिंग से जोड़कर देख रही है। बताया गया कि इन रुपयों का उपयोग शहर में अमरजोक नदी के किनारे स्थित होटल में हुई एक शादी में हुआ था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/ed-investigation-reveals-that-transaction-of-rs-331-crore-from/article-133990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/e-d.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। लेकसिटी में 19 अगस्त, 2024 से 14 अप्रैल, 2025 तक हुई शादियों में रेपिडो ड्राइवर के खाते का उपयोग कर 331 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का लेन-देन किया गया। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में इसका खुलासा हुआ है। ईडी इसे मनी लॉड्रिंग से जोड़कर देख रही है। बताया गया कि इन रुपयों का उपयोग शहर में अमरजोक नदी के किनारे स्थित होटल में हुई एक शादी में हुआ था। विशेष बात यह है कि इस म्यूल खाते में यह राशि जमा हुई और उसे आगे भी ट्रांजिक्ट कर दिया गया। दरअसल, ईडी को जब कई संदिग्ध खातों का जांच की तो सामने आया कि यह मनी ट्रेल एक बेटिंग एप से जुड़ी है। </p>
<p><strong>ड्राइवर को जानकारी ही नहीं</strong><br />जब ईडी ने ड्राइवर से पूछताछ की तो उसने इस रकम के बारे में अनभिज्ञता व्यक्त की। उसने बताया कि कभी भी उसने किसी को खाता चलाने की अनुमति नहीं दी। वह तो अपनी कमाई से घर की मरम्मत तक नहीं करवा पा रहा है। उसने बताया कि वह डिजिटल ट्रांजेक्शन बहुत कम करता था और अपने बैंक एप का भी बराबर इस्तेमाल नहीं करता था। </p>
<p><strong>मनी ट्रेल वन बेट नामक एप से किया</strong><br />ईडी जांच में सामने आया कि यह पूरा मनी ट्रेल वन बेट नामक एप से किया गया है। इस एप से जुड़े लोगों ने अपना काला धन सुरक्षित तरीके से घुमाने के लिए ड्राइवर के बैंक खाते को म्यूल अकाउंट की तरह इस्तेमाल किया गया। इन अकाउंट का यूज अपराध से मिले पैसे को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 09:20:30 +0530</pubDate>
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