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                <title>marriage - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>फुलेरा दूज 19 फरवरी को : विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त, रिकॉर्ड तोड़ शादियों की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[फुलेरा दूज इस वर्ष 19 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा के फूलों से होली खेलने से जुड़ा है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार यह अबूझ मुहूर्त है, इसलिए विवाह और शुभ कार्य किए जा सकते हैं। उत्तर भारत में होली की तैयारियां भी इसी दिन आरंभ होती हैं।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/phulera-dooj-on-19-february-the-auspicious-time-for-marriage/article-143057"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(4)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर मनाया जाने वाला फुलेरा दूज पर्व इस वर्ष 19 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि 18 फरवरी को दोपहर 4:57 बजे से आरंभ होकर 19 फरवरी को दोपहर 3:58 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 19 फरवरी को पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार फुलेरा दूज को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, इसलिए इस दिन विवाह सहित सभी शुभ और मांगलिक कार्य बिना विशेष मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं। यही कारण है कि इस दिन बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित होते हैं।</p>
<p>धार्मिक मान्यता के अनुसार यह तिथि भगवान श्रीकृष्ण और राधा के मिलन तथा फूलों की होली से जुड़ी है। कहा जाता है कि इसी दिन श्रीकृष्ण ने राधा के साथ फूलों से होली खेली थी, जिससे यह पर्व प्रेम और उल्लास का प्रतीक बन गया। ब्रज क्षेत्र में इस अवसर पर मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है तथा श्रीकृष्ण को विशेष भोग अर्पित किया जाता है, जिसमें पोहा प्रमुख होता है।</p>
<p>फुलेरा दूज से ही होली की तैयारियां भी आरंभ हो जाती हैं। उत्तर भारत के कई गांवों में होलिका स्थल पर प्रतीकात्मक रूप से लकड़ी या उपले रखे जाते हैं और महिलाएं गोबर से गुलरियां बनाना शुरू करती हैं, जिन्हें होलिका दहन के दिन अग्नि में अर्पित किया जाता है।</p>
<p>ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह दिन दांपत्य जीवन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विवाह करने वाले युगलों पर भगवान श्रीकृष्ण का विशेष आशीर्वाद बना रहता है। सर्दी के बाद शादियों के सीजन का यह अंतिम प्रमुख दिन होने से इस बार भी रिकॉर्ड तोड़ शादियों की संभावना जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 17:21:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किन्नर महासम्मेलन बना समरसता की मिसाल : विधायक टाकडा ने भरा भात ; भेंट किए 14 लाख रुपए नकद, सोने का हार और अन्य उपहार</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के तेजमहल पैलेस में बुधवार को अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन में भात की रस्म मेंं विधायक भागचंद टाकड़ा ने गाजे.बाजे के साथ सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की। बालाजी मंदिर से ऊंट गाड़ी और अन्य वाहनों में काफि ले के साथ पहुंचे विधायक ने सम्मेलन के सातवें दिन मुस्कान किन्नर को बहन के रूप में 14 लाख रुपए नकट और एक सोने का हार का उपहार भेंट किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/kinnar-mahasammelan-became-an-example-of-harmony-mla-takda-presented/article-141133"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/8542.png" alt=""></a><br /><p>बांदीकुई। शहर के तेजमहल पैलेस में बुधवार को अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन में भात की रस्म मेंं विधायक भागचंद टाकड़ा ने गाजे.बाजे के साथ सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की। बालाजी मंदिर से ऊंट गाड़ी और अन्य वाहनों में काफि ले के साथ पहुंचे विधायक ने सम्मेलन के सातवें दिन मुस्कान किन्नर को बहन के रूप में 14 लाख रुपए नकट और एक सोने का हार का उपहार भेंट किया। इसके अलावा उन्होंने देशभर से आए किन्नरों को पोशाक और अन्य सामग्री अपने हाथों से वितरित की। कार्यक्रम में  हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई समेत सभी जाति, धर्म के लोग शामिल हुए, वहीं सैकड़ों महिलाएं और पुरुष बैंडबाजे की धुन पर थिरकते हुए करीब 3 किलोमीटर लंबी भात यात्रा में सम्मिलित हुए।</p>
<p>मार्ग में उमड़ी जनसैलाब को नियंत्रित करने में पुलिस और सम्मेलन के गाडोंर् को लगभग एक घंटे मशक्कत करनी पड़ी। विधायक भागचंद सैनी टाकड़ा ने कहा कि मुस्कान किन्नर उनके लिए बहन के समान है और यह परंपरा वषोंर् पुरानी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन जात.पात और धर्म की सीमाओं को पार कर सभी के लिए सामाजिक समरसता का संदेश है। उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन 22 जनवरी से चल रहा है और आज इसका सातवां दिन था। पूरे देश से किन्नर समाज के लोग महासम्मेलन में शामिल हुए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 13:01:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>निगम के सामुदायिक भवनों का उपयोग हो रहा न कमाई,  सुविधाओं का अभाव </title>
                                    <description><![CDATA[भवनों का बढ़ा किराया बोर्ड बैठक में किया कम, कागजों में नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-corporation-s-community-buildings-are-not-being-used--nor-are-they-generating-revenue--and-lacking-amenities/article-134955"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में नगर निगम के सामुदायिक भवन तो बने हुए हैं लेकिन विभाग की अनदेखी के चलते अधिकतर भवन दुर्दशा का शिकार हो रहे हैं। साथ ही बोर्ड बैठक में भवनों का बढ़ा किराया कम करने का निर्णय तो कर दिया लेकिन कागजों में अभी भी बढ़ा हुआ किराया ही लिया जा रहा है। जिससे न तो इन भवनों का उपयोग हो रहा है और न ही निगम को कमाई। शहर में जहां प्राइवेट सेक्टर में बड़े-बड़े मैरिज गार्डन व सामुदायिक भवन बने हुए हैं। वहीं कोटा विकास प्राधिकरण के सामुदायिक भवन भी काफी बड़े व वैवाहिक आयोजनों के हिसाब से बने हुए हैं। वहां हॉल से लेकर गार्डन तक और जन सुविधा से लेकर बिजली- पानी तक की सभी सुविधाएं हैं। सुविधाएं पर्याप्त होने से इनका किराया भी उसी हिसाब से वसूल किया जा रहा है। वहीं शहर में नगर निगम के सामुदायिक भवन तो बने हुए हैं। ये अधिकतर क्षेत्रों में है। फिर चाहे भीमगंजमंडी क्षेत्र हो या खेड़ली फाटक, नयापुरा हो या विज्ञान नगर। किशोरपुरा हो या छावनी क्षेत्र। सभी जगह पर सामुदायिक भवन हैं लेकिन उनमें से अधिकतर में सुविधाओं का अभाव है।</p>
<p><strong>बाहर से ही देखने पर पता चल रही स्थिति</strong><br />शहर में नगर निगम के सामुदायिक भवनों की हालत बाहर से ही देखने पर पला चल रही है। बाहर की तरफ ही कचरे का इतना अधिक अम्बार लगा हुआ है कि उसे देखते हुए ही आयोजन के लिए लोग इनका उपयोग करने से कतराने लगे। वहीं अंदर जाने पर न तो उनमें लाइटें हैं और न ही पानी की सुविधा। इतना ही नहीं स्नानघर से लेकर जन सुविधाएं तक की इतनी दुर्दशा कि उन्हें देखकर ही लोग आयोजन करना तो दूर वहां कुछ देर तक टिक भी नहीं पाते। यह स्थिति किसी एक भवन की नहीं अधिकतर की है।</p>
<p><strong>अधिकतर बस्तियों में भवन</strong><br />निगम के अधिकतर सामुदायिक भवन बस्तियों में बने हुए हैं। जिनका निगम के स्तर पर संचालन तो किया जा रहा है लेकिन उनका उपयोग बिना निगम की जानकारी के ही स्थानीय लोगों द्वारा किया जा रहा है। पूर्व में ऐसा ही एक मामला छावनी सामुदायिक भवन का आया था। जिस पर निगम अधिकारियों ने उस भवन को खाली करवाकर उस पर अपना ताला लगाया था। वहीं किशोरपुरा मुख्य मार्ग पर स्थित सामुदायिक भवन की स्थिति यह है कि उसके बाहर कबाड़ का ढेर लगा हुआ है। हैंडपम्प लगा है लेकिन उसमें पानी ही नहीं आता। भवन के अंदर गंदगी हो रही है। धूल मिट्टी इतनी अधिक हो रही है जिसे देखकर लगता है कि इसका काफी समय से उपयोग ही नहीं हुआ होगा। जिस तरह से इस भवन के बाहर आयुक्त की आज्ञा से चेतावनी लिखी हुई है उसे देखते हुए लगता है कि इसका उपयोग भी बिना निगम की अनुमति के ही किया जा रहा होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सामुदायिक भवन का किराया पहले से सात गुना अधिक बढ़ा दिया है। पहले एक हजार रुपए किराया था लेकनि अब यह 7 हजार से अधिक कर दिया है। ऐसे में गरीब परिवार के लोग इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।</p>
<p><strong>बिजली का बिल चढ़ा तो कटवा दी लाइट</strong><br />सूत्रों के अनुसार पूर्व में सभी सामुदायिक भवनों में बिजली कनेक् शन चालू थे। लेकिन उनका बिजली का बिल काफी बढ़ गया था। उसे चुकाने के लिए निगम के पास बजट नहीं था। ऐसे में कोटा दक्षिण के तत्कालीन आयुक्त कीर्ति राठौड़ के समय में सभी सामुदायिक भवनों का बिजली कनेक् शन कटवा दिया था। उसके बाद से जो भी इन भवनों को किराए पर लेता है। उसे निगमर की ओर से विशेष मोहर लगाकर दी जाती है। जिसमें लिखा हुआ है कि बिजली व पानी की व्यवस्था आयोजक को स्वयं के स्तर पर ही करनी होगी।सूत्रों के अनुसार कोटा दक्षिण क्षेत्र में भीतरिया कुंड समेत कुल १२ सामुदायिक भवन हैं। उनमें से भीतरिया कुंड के अलावा विज्ञान नगर व गोविंद नगर के ही भवनों की बुकिंग होती है। वह भी बढ़ी हुई दर से ही की जा रही है।</p>
<p><strong>कोटा दक्षिण आयुक्त ने बढ़ाया था किराया</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर के सामुदायिक भवनों का किराया तो अभी भी पुराना ही बना हुआ है। जबकि कोटा दक्षिण निगम क्षेत्र के भवनों का किताया निगम के तत्कालीन आयुुक्त द्वारा महापौर की जानकारी के बिना ही कई गुना बढ़ा दिया था। जिसका स्थानीय लोगों व पार्षदों ने विरोध किया था। उसके बाद निगम की बोर्ड बैठक में सामुदायिक भवनों का बढ़ा किराया विड्रो करते हुए फिर से पुराना किराया ही लागू कर दिया था। लेकिन हालत यह है कि अभी भी सिर्फ भीतरिया कुंड का ही किराया कम हुआ है। जबकि अन्य सामुदायिक भवनों का किराया अभी भी बढ़ी हुई दर से ही लिया जा रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कोटा उत्तर व दक्षिण निगम एक होने के बाद सामुदायिक भवनों की सूची संधारित करवाई जा रही है। साथ ही निर्माण अनुभाग से इनकी मरम्मत व अन्य आवश्यक कार्य करवाए जाएंगे। बढ़ा हुआ किराया कम करने के संबंध में अलग से आदेश जारी किया जाएगा। शीघ्र ही किराया तो कम कर दिया जाएगा। जिससे अधिकतर लोग इनका उपयोग कर सके। हालांकि पिछले कुछ समय से सामुदायिक भवनों की बकिंग ही नहीं हुई है।<br /><strong>-धीरज कुमार सोनी, उपायुक्त राजस्व, नगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 15:45:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साझेदारी और बराबरी से ही टिकेगा आधुनिक विवाह</title>
                                    <description><![CDATA[आधुनिक जीवनशैली ने जहां रिश्तों में नए अवसर खोले हैं, वहीं कई नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/modern-marriages-will-be-fixed-only-by-partnership-and-equality/article-124269"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)60.png" alt=""></a><br /><p>आधुनिक जीवनशैली ने जहां रिश्तों में नए अवसर खोले हैं, वहीं कई नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। शिक्षा, रोजगार और तकनीक ने महिलाओं को पहले से अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाया है। आज की महिला घर के दायरे से निकलकर नौकरी, व्यवसाय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सक्रिय रूप से पहुंच रही है। लेकिन विडंबना यह है कि घर की दहलीज के भीतर उसकी स्थिति उतनी नहीं बदली जितनी बदलनी चाहिए थी। अधिकांश परिवारों में अभी भी घरेलू कार्यों की जिम्मेदारी लगभग पूरी तरह से महिलाओं पर ही डाल दी जाती है। इस समस्या का एक नया और चिंताजनक रूप सामने आया है,पति द्वारा घरेलू कामों में जानबूझकर अयोग्यता दिखाना। इसे पश्चिमी समाज में वेपनाइज्ड इनकंपिटेंस कहा जाता है, जिसका सीधा अर्थ है कि पति जानबूझकर घरेलू काम बिगाड़कर यह जताता है कि वह इन कार्यों में सक्षम ही नहीं है। नतीजतन पत्नी को ही दोबारा सब कुछ करना पड़ता है और धीरे-धीरे घर का पूरा बोझ उसी के कंधों पर आ जाता है।</p>
<p><strong>लैंगिक भेदभाव :</strong></p>
<p>यह प्रवृत्ति केवल आलस्य का रूप नहीं है, बल्कि मानसिकता की गहराई में छिपा हुआ लैंगिक भेदभाव है। समाज ने सदियों से यह धारणा बना दी है कि घरेलू काम महिलाओं का दायित्व है और पुरुष केवल बाहर की जिम्मेदारियों तक सीमित हैं। लेकिन आज के समय में जब महिलाएं बाहर भी बराबर की जिम्मेदारी उठा रही हैं, तब यह तर्क न तो न्यायसंगत है और न ही स्वीकार्य। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान यह स्थिति और स्पष्ट होकर सामने आई। जब दफ्तर घरों में सिमट गए, बच्चे पूरे समय घर में रहने लगे और बाहर से सहायक मिलना बंद हो गया, तब लाखों परिवारों में यह देखा गया कि महिलाओं पर काम का बोझ कई गुना बढ़ गया। वे दिनभर ऑनलाइन मीटिंग्स में भी थीं और साथ ही तीन वक्त का खाना बनाने, बच्चों को पढ़ाने,बुजुर्गों की देखभाल करने की जिम्मेदारी भी निभा रही थीं। पति जहां तक संभव हुआ, इन जिम्मेदारियों से बचते रहे और बहाना यही रहा कि वे घर के कामों में उतने माहिर नहीं हैं। इस परिस्थिति ने कई रिश्तों में तनाव को जन्म दिया और कई परिवारों में तलाक और अलगाव की घटनाएं बढ़ीं।</p>
<p><strong>शिक्षित और आत्मनिर्भर :</strong></p>
<p>महिलाएं अब पहले जैसी स्थिति में चुपचाप समझौता नहीं कर रही हैं। शिक्षित और आत्मनिर्भर होने के कारण वे बराबरी की मांग कर रही हैं। उनके लिए विवाह अब केवल परंपरा निभाने का नाम नहीं है, बल्कि एक साझेदारी है। इस साझेदारी का अर्थ है कि दोनों साथी मिलकर घर की जिम्मेदारियां बांटें। जब पति जानबूझकर अयोग्यता दिखाता है तो यह सीधे-सीधे पत्नी के आत्मसम्मान और मानसिक स्वास्थ्य पर चोट करता है। कई बार यह स्थिति डिप्रेशनए चिंता और थकान का कारण बन जाती है। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह प्रवृत्ति रिश्तों को नुकसान पहुंचाती है। रिश्ता तभी मजबूत होता है जब उसमें बराबरी और विश्वास का भाव हो। यदि एक पक्ष बार-बार जिम्मेदारी से भागे और दूसरा पक्ष मजबूरी में सब कुछ ढोता रहे तो धीरे-धीरे नाराजगी, कड़वाहट और दूरी बढ़ जाती है। पत्नी को लगता है कि उसकी मेहनत को महत्व नहीं दिया जा रहा और पति को लगता है कि वह अपनी सुविधा से बच निकला है। यह असंतुलन लंबे समय तक नहीं चल सकता।</p>
<p><strong>तलाक का कारण :</strong></p>
<p>अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कई समाजशास्त्रीय अध्ययनों में पाया गया है कि घरेलू कार्यों का असमान वितरण तलाक का एक बड़ा कारण है। भारत में भी यही प्रवृत्ति देखने को मिल रही है। बदलते शहरी जीवन, दोहरे रोजगार और छोटे परिवारों की पृष्ठभूमि में महिलाएं अधिक मुखर हो रही हैं और बराबरी की मांग खुलकर रख रही हैं। इस समस्या का समाधान केवल कानून या सामाजिक दबाव से नहीं निकलेगा, बल्कि यह पति-पत्नी के आपसी संवाद और समझदारी से ही संभव है। पुरुषों को यह समझना होगा कि घरेलू कार्य केवल साधारण काम नहीं हैं,बल्कि वे परिवार की नींव को मजबूत रखते हैं। यदि रसोई का काम, बच्चों की पढ़ाई या घर की सफाई समय पर और ठीक से न हो तो घर का वातावरण बिगड़ जाता है और तनाव बढ़ता है। इसलिए इन्हें हल्के में लेना या केवल महिला पर थोपना उचित नहीं। इसलिए आवश्यक है कि शुरुआत से ही दोनों के बीच काम बांटने की आदत विकसित हो। शिक्षा प्रणाली और सामाजिक अभियानों में भी यह संदेश देना होगा कि घरेलू कार्य किसी एक लिंग की जिम्मेंदारी नहीं हैं। जब यह सोच बचपन से पनपेगी तभी आने वाली पीढ़ी में असमानता घटेगी।</p>
<p><strong>-प्रियंका सौरभ</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 12:07:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैरिज गार्डन व हॉल में कमियों पर नोटिस देकर की इतिश्री, फायर टीम दे चुकी 200 से अधिक नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[मैरिज गार्डन में आग की घटना के बाद से नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के फायर अनुभाग द्वारा शहर में लगातार मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल व होटलों में फायर सिस्टम की जांच की जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notices-were-issued-on-deficiencies-in-marriage-gardens-and-halls/article-115955"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer67.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में बिना पंजीयन व अग्निशमन सुरक्षा संसाधनों के संचालित हो रहे मैरिज गार्डनों व मैरिज हॉल और होटलों को नगर निगम के फायर अनुभाग द्वारा कमियां मिलने पर नोटिस देकर इतिश्री की जा रही है। निगम  ने अभी तक किसी पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। जिससे मैरिज गार्डन संचालकों पर कोई असर भी नहीं दिख रहा है। झालावाड़ रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में शादी समारोह के दौरान 19 मई को अचानक आग लग गई थी। शॉर्ट सर्किट से मंच पर लगी आग से पूरा मंच जल गया था। साथ ही समारोह में भगदड़ मच गई थी। गनीमत रही कि उस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। समय रहते निगम के फायर अनुभाग की दमकलों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया था। उस घटना के बाद नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के आयुक्तों के निर्देश पर फायर अनुभाग की टीमों द्वारा लगातार मैरिज गार्डनों व मैरिज हॉल और होटलों की जांच की जा रही है। इस दौरान वहां फायर उपकरण, फायर एनओसी और निगम में उनका पंजीयन समेत अन्य सुरक्षा उपायों को देखा जा रहा है। </p>
<p><strong>फायर टीम दे चुकी 200 से अधिक नोटिस</strong><br />मैरिज गार्डन में आग की घटना के बाद से नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के फायर अनुभाग द्वारा शहर में लगातार मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल व होटलों में फायर सिस्टम की जांच की जा रही है। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि अभी तक 10 दिन में जांच के बाद 201 मैरिज गार्डन, हॉल व होटलों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जिनमें फायर सिस्टम या एनओसी नहीं पाई गई। उनमें से अभी तक 10 फीसदी से भी कम मात्र 15 ने ही फायर एनओसी के लिए आवेदन किए हैं। उनके आवेदन पत्रों की जांच की जा रही है। सिस्टम लगा होने व नियमों की पालना होने पर ही एनओसी जारी की जाएगी। </p>
<p><strong>अधिकतर में नहीं हो रही नियमों की पालना</strong><br />हालत यह है कि शहर में जितने भी मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल व होटल संचालित हो रहे हैं। उनमें से गिनती के ही मैरिज गार्डन नियमों के दायरे में आ रहे हैं। जबकि अधिकतर में नियमों की पालना तक नहीं हो रही है। न तो उनका निगम में पंजीयन है और न ही उनमें फायर सिस्टम लगे हुए हैं। यहां तक कि जिस मैरिज गार्डन में आग लगी थी। उसमें भी सिस्टम नहीं था। जबकि निगम के फायर अनुभाग की टीम द्वारा उसकी पूर्व में जांच के बाद नोटिस भी जारी किया गया था। उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। </p>
<p><strong>बिना पंजीयन नहीं होगा मैरिज गार्डनों का संचालन</strong><br />नगर निगम की ओर से कुछ दिन पहले ही एक आदेश जारी किया था। जिसमें कहा  था कि शहर में अब बिना पंजीयन के कोई भी मैरिज गार्डन संचालित नहीं होगा। मैरिज गार्डन संचालकों को नगर निगम में पंजीयन कराना होगा। नियमों की पालना करनी होगी। पार्किंग समेत अन्य सुविधाएं व फायर सिस्टम लगाने होंगे। लेकिन हालत यह है कि निगम की उस चेतावनी का भी किसी पर कोई असर नहीं हुआ। अभी तक किसी भी मैरिज गार्डन व मैरिज हॉल संचालक ने निगम में पंजीयन नहीं कराया है। </p>
<p>नगर निगम की ओर से शहर के सभी मैरिज गार्डन, हॉल व होटलों की जांच करवाई जा रही है। यह काम नियमित जारी है। जहां भी कमियां  मिल रही है। उन्हें नोटिस भी जारी किए गए हैं। नोटिस के बाद भी कमियों में सुधार नहीं करने या नियमों की पालना नहीं करने वालों के खिलाफ शीघ्र ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- अशोक कुमार त्यागी, आयुक्त नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 May 2025 15:20:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सामूहिक विवाह सम्मेलन: जरूरतमंद परिवारों की कर रहे मदद</title>
                                    <description><![CDATA[ विवाह समारोह में फिजुल खर्च इतना हो रहा कि कई परिवार कर नहीं पाते हैं। 15 जून को प्रदेश कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण भी होगा । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mass-marriage-conferences-are-helping-needy-families/article-81576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए जरूरतमंद परिवारों की मदद परिवारों की मदद कर रहा है अखिल भारतीय हरियाणा गौड़ ब्राह्मण समाज। राष्ट्रीय अध्यक्ष बिरधीचंद शर्मा व संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री को निमंत्रण दिया है।</p>
<p>भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी सहित अनेक गणमान्य आएंगे। इस दौरान 41 जोड़ो का विवाह कराया जाएगा। भामाशाहों के सहयोग से 51 घरेलू जरूरतों का सामान दिया जाएगा जिनमें आभूषण सहित अनेक वस्तुएं हैं।</p>
<p>यह विवाह सम्मेलन सिद्धपीठ बैनाड़ा धाम बस्सी में 15 व 16 जून को आयोजित होगा जिसकी तैयारियां चल रही है । आज विवाह समारोह में फिजुल खर्च इतना हो रहा कि कई परिवार कर नहीं पाते हैं। 15 जून को प्रदेश कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण भी होगा । इस अवसर पर कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन भी किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 18:05:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फेरों से कुछ घंटे पहले दुल्हन की मौत, युवकों पर जहर देने का शक</title>
                                    <description><![CDATA[लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना अंतर्गत विचगावा गांव निवासी सतीश जैन की पुत्री सलोनी उम्र 20 साल की शादी रंगभरियों की गली निवासी मुकेश जैन के पुत्र रजत से होनी हुई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/bride-dies-a-few-hours-before-marriage-youth-suspected-of/article-63174"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/bride.png" alt=""></a><br /><p>अलवर। लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना अंतर्गत विचगावा गांव निवासी सतीश जैन की पुत्री सलोनी उम्र 20 साल की शादी रंगभरियों की गली निवासी मुकेश जैन के पुत्र रजत से होनी हुई थी। शादी समारोह जयपुर रोड स्थित पायल गार्डन में हो रहा था लड़की के परिवार और रिश्तेदार पायल गार्डन पहुंच गए थे। सारी रस्में पूरी की गई और शाम को फेरों से पहले दुल्हन सलोनी ने अचानक जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रैफर कर दिया गया। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद शादी समारोह में कोहराम मच गया और दुल्हन की मां का रो-रो कर बुरा हाल है।</p>
<p><strong>चार लड़कों पर शक:</strong> कोतवाली के सहायक पुलिस निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया  बिचगावा गांव से ही तीन चार युवक आए थे जिन्हें वहां लोगों ने पकड़ भी लिया लेकिन बाद में छोड़ दिया। इनका ब्यूटी पार्लर वाली लड़कियों से भी विवाद हुआ था जिसकी जांच की जा रही है। इन्होंने दुल्हन, उसकी मां और दो ब्यूटीशियन से मारपीट की। इनमें एक का नाम किशन बताया जा रहा है। शोर शराबा सुनकर वहां मौजूद परिजन इकट्ठा हो गए। उन्होंने युवकों को पकड़ लिया और पिटाई कर डाली। इसके बाद युवक वहां से चले गए। इस घटना के दो घटें बाद रात 8.30 बजे सलोनी बाथरूम में गई और जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस पता लगा रही है कि सलोनी के पास जहर कहां से आया। युवकों की भी अभी पहचान नहीं हो पाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Dec 2023 10:25:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनाथ आश्रम में गूंजी शहनाई, बेटी की विदाई</title>
                                    <description><![CDATA[आवासी बालक-बालिकाओं ने डीजे की धुन पर नृत्य के साथ जोरदार स्वागत किया। विवाह संस्कार पूूर्णत: वैदिक पद्धति के साथ संपन्न हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/shehnai-daughters-farewell-echoes-in-orphanage/article-49814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(1)31.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। अजमेर के अनाथ आश्रम दयानन्द बाल सदन में शुक्रवार को बैंडबाजों, ढोल नगाड़ों व शहनाई की स्वरलहरियों से माहौल यादगार बन गया। यहां संस्था की आवासित बालिका ललिता आर्य का विवाह संस्कार उदारदानी महानुभावों के सहयोग से हर्षोल्लासपूर्वक सम्पन्न हुआ। पाणिग्रहण संस्कार के पश्चात् वह नितेश मेनारिया के साथ दांपत्य सूत्र में बंध गई। शाम को बैंडबाजों के साथ बारात दयानन्द बाल सदन पहुंची। जहां आवासी बालक-बालिकाओं ने डीजे की धुन पर नृत्य के साथ जोरदार स्वागत किया। विवाह संस्कार पूूर्णत: वैदिक पद्धति के साथ संपन्न हुआ। विवाह संस्कार से एक दिन पूर्व विधिवत हल्दी व मेहंदी की रस्म हुई। संस्था के सभी आवासी बालक-बालिकाओं, स्टाफ व पदाधिकारियों में इस विवाह को लेकर खासा उत्साह था। उल्लेखनीय है कि विवाह को समारोहपूर्वक करने का निश्चिय दयानंद बालसदन की प्रबन्ध समिति ने 18 जून को आयोजित हुई बैठक में लिया था। संस्था में लगभग 21 वर्ष पश्चात किसी बालिका का विवाह सम्पन्न हुआ है। पाणिग्रहण संस्कार के दौरान आवासी बालक-बालिकाएं, आर्य समाज के प्रतिनिधि व शहरवासी मौजूद रहे। प्रबन्धक राजेन्द्र आर्य ने बताया कि संस्था के स्थापना काल से लेकर अब तक कई बालिकाओं का विवाह संस्कार सम्पन्न कराया जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jun 2023 16:21:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहले मंदिर में शादी रचाई फिर किया बालिका से दुष्कर्म </title>
                                    <description><![CDATA[बालिका ने काउंसलिंग के दौरान जानकारी दी कि उसके पड़ोस में रहने वाला युवक उसे बहला-फुसलाकर 11 मई को कनवास ले गया। वहां उसने कनवास में एक मंदिर में शादी की फिर दुष्कर्म किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/first-got-married-in-the-temple-then-raped-the-girl/article-45974"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/whatsapp-image-2023-05-19-at-13.58.05.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र से लापता हुई बालिका को पुलिस ने कनवास से दस्तयाब किया है। पुलिस ने बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया वहां से बालिका गृह में अस्थाई रूप से आश्रय  दिया गया है। बाल कल्याण समिति सदस्य मधुबाला शर्मा ने बताया कि बालिका के पिता मजदूरी का कार्य करते हैं। बालिका 8 भाई बहन है। बालिका कक्षा तीन तक पढ़ी है, उम्र14 साल है। बालिका ने काउंसलिंग के दौरान जानकारी दी कि उसके पड़ोस में रहने वाला युवक उसे बहला-फुसलाकर 11 मई को  कनवास ले गया। वहां उसने कनवास में एक मंदिर में शादी की फिर दुष्कर्म किया। बालिका ने बताया वह जब से कनवास ही रह रहे थे। बालिका के परिजनों द्वारा कुन्हाड़ी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस द्वारा बालिका को कनवास से शुक्रवार को दस्तयाब  किया गया। मधु शर्मा ने बालिका को बालिका गृह में अस्थाई आश्रय दिया गया। पुलिस इस मामले में  कार्रवाई कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 May 2023 14:29:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हॉलमार्क की जानकारी नहीं देकर फायदा उठा रहे कई ज्वैलर्स</title>
                                    <description><![CDATA[22 अप्रैल को आखातीज का अबूझा सावा था। इस दिन काफी शादियां थी। इस दौरान कोटा सर्राफा बाजार में लाखों रुपए के आभूषणों की बिक्री हुई थी। जानकारी के अनुसार इस दौरान भी इन ज्वैलर्स ने बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी को बेचकर अपना पुराना स्टॉक निकालने का काम किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/many-jewelers-are-taking-advantage-of-not-giving-information-about-hallmark/article-44183"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/hallmark-ki-jankari-nahi-dekar-fayada-utha-rahe-kai-jwellers..kota-news.29.4.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। केन्द्र सरकार की ओर से गोल्ड ज्वैलरी को बेचने के सम्बंध में जारी किए नए नियमों की कोटा में कई ज्वैलर्स द्वारा धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रतिबंध के बावजूद यहां के कुछ ज्वैलर्स बिना हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) वाली गोल्ड ज्वैलरी बेच रहे हैं। जिसमें शहर के प्रमुख धूलीलाल ज्वैलर्स व पारस ज्वैलर्स भी शामिल हैं। ज्वैलर्स ने अपना पुराना ज्वैलरी स्टॉक निकालकर जमकर मुनाफा कमाया। अब ग्राहकों का कहना है कि इन ज्वैलर्स ने ज्वैलरी के नए नियमों के बारे में जानकारी नहीं दी और अपने फायदे के लिए पुरानी ज्वैलरी उनको बेच दी। यदि नियमों की जानकारी होती तो वह हॉलमार्क वाली ज्वैलरी की ही खरीदारी करते।  </p>
<p><strong>यह था आदेश</strong><br />ज्वैलरी कारोबार में ज्वैलरी में नकली व असली का फर्क करना मुश्किल काम होता है। इससे ग्राहकों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए केन्द्र सरकार ने एक अपै्रल से गोल्ड ज्वैलरी को खरीदने के नियम में बदलाव किया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार 1 अप्रैल से बाजार में बिना हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) वाली गोल्ड ज्वैलरी और आर्टिकल्स को नहीं बेचा जा सकेगा। नए नियम के मुताबिक अब 6 अंकों वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग ही मान्य होंगे। इसके बिना अब ज्वैलरी नहीं बिकेगी। साथ ही चार अंकों वाली हॉलमार्किंग पूरी तरह से बंद हो जाएगी। </p>
<p><strong>आखातीज के सावों का उठाया फायदा  </strong><br />22 अप्रैल को आखातीज का अबूझा सावा था। इस दिन काफी शादियां थी। इस दौरान कोटा सर्राफा बाजार में लाखों रुपए के आभूषणों की बिक्री हुई थी। जानकारी के अनुसार इस दौरान भी इन ज्वैलर्स ने बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी को बेचकर अपना पुराना स्टॉक निकालने का काम किया। शादी में जरूरत होने के कारण अधिकांश ग्राहकों ने हॉलमार्क पर ध्यान भी नहीं दिया। इसी का फायदा ज्वैलरों ने उठाया और प्रतिबंध के बावजूद बिना हॉलमार्क ज्वैलरी की बिक्री कर दी।</p>
<p><strong>ज्वैलर्स ने इस तरह निकाली गली</strong><br />केन्द्र सरकार की ओर से नया नियम लागू होने के बाद धूलीलाल व पारस ज्वैलर्स  बिना हॉलमार्क या चार डिजिट की ज्वैलरी बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।  यह ज्वैलर्स ग्राहकों की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर अपनी पुरानी ज्वैलरी को ही उनको बेच रहे हैं। अधिकांश ग्राहकों को नए नियम के बारे में जानकारी भी नहीं हैं और न ही ज्वैलर्स अपने फायदे के लिए ग्राहकों को नए नियम की जानकारी दे रहे हैं। </p>
<p><strong>यह होता है हॉलमार्क</strong><br />हॉलमार्क सोने की शुद्धता का एक पैमाना है। यह इस बात की गारंटी देता है कि आप जो सोना खरीद रहे हैं वह असली है। इसे भारतीय मानक ब्यूरों प्रमाणित करता है। इसके तहत सोने, चांदी और उनसे बनी ज्वैलरी पर कुछ निशान लगाए जाते हैं जिससे इनकी शुद्धता के बारे पता लगाया जा सकता है। हॉलमार्किंग के तहत सोने या चांदी की लैब टेस्टिंग के बाद उस पर निशान लगाए जाते हैं। इस पर कैरेट और शुद्धता के अनुसार हॉलमार्किंग सेंटर के निशान होते हैं। जैसे 22के916 यानी 91.6 फीसदी शुद्धता वाला 22 कैरेट सोना और 18के750 यानी 75 फीसदी शुद्धता वाला 18 कैरेट सोना होता है। हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर ज्वलैरी की शुद्धता की पहचान होती है। यह एक 6 नंबर का अल्फान्यूमेरिक कोड होता है जिसके जरिए ग्राहकों को गोल्ड ज्वैलरी के बारे में सारी जानकारी मिल जाती है। यह नंबर हर ज्वैलरी पर लगाया जाता है। </p>
<p>हम धूलीलाल ज्वैलर्स से कई सालों से ज्वैलरी खरीद रहे हैं। आखातीज पर परिवार में शादी होने के कारण इसी माह लाखों रुपए के जेवरात बनाए थे। इस दौरान ज्वैलर्स ने हॉलमार्क ज्वैलरी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। यह नियम काफी अच्छा है। यदि पता होता तो वह छह अंकों वाली हॉलमार्क ज्वैलरी की खरीद करते। <br /><strong>-सुरेन्द्र सिंह, निवासी गांव झालीपुरा ग्राहक </strong></p>
<p>विश्वास के आधार पर ही ज्वैलर्स से लाखों की ज्वैलरी की खरीदारी करते हैं। वह काफी समय से पारस ज्वैलर्स से सोने-चांदी के जेवरात खरीद रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही दो तोला सोने की ज्वैलरी खरीदी थी। इस दौरान उन्होंने हॉलमार्क की जानकारी नहीं दी। बाद में पता चला कि अब तो नए नियम बन गए हैं। ज्वैलर्स को हमें जानकारी देनी चाहिए थी।<br /><strong>-लक्ष्मी चंद, निवासी गांव जाखडोंद ग्राहक </strong></p>
<p>केन्द्र सरकार के नए नियम के अनुसार ज्वैलरी बेच रहे हैं। आदेश आने के बाद 31 मार्च से पहले ही बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी का निस्तारण कर दिया था। हो सकता है कि किसी ग्राहक को पुरानी ज्वैलरी बेच दी हो। नियमों के बारे में अब ग्राहक को जानकारी दे देंगे।<br /><strong>-सुरेन्द्र सोनी, धूलीलाल ज्वैलर्स</strong></p>
<p>सरकार के नियमों के अनुसार ही ज्वैलरी बेच रहे हैं। अब नई ज्वैलरी पर  छह अंकों वाला हॉलमार्क लगवाया जा रहा है। हमारे पास किसी ग्राहक ने अभी तक कोई शिकायत नहीं की है। अब ग्राहक को हॉलमार्क ज्वैलरी के सम्बंध में पूरी जानकारी दी जाएगी। <br /><strong>-हेमंत जैन,  पारस ज्वैलर्स</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Apr 2023 14:47:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>नाबालिग ने की शादी, प्रेमी पहुंचा जेल, हाईकोर्ट ने अभियुक्त की सजा को किया स्थगित </title>
                                    <description><![CDATA[हाईकोर्ट में अपील की सुनवाई पूरी होने में समय लगेगा। ऐसे में उसके प्रेमी पति की सजा को स्थगित किया जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/minor-marries-lover-reaches-jail-high-court-postpones-sentence-of/article-38913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/a-1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हां मैं नाबालिग थी और अपनी इच्छा से घर छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई थी। हमने साथ रहते हुए शादी की और अब गर्भवती हूं। निचली अदालत ने प्रेमी को पॉक्सो मामले का अपराधी मानते हुए बीस साल की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट में अपील की सुनवाई पूरी होने में समय लगेगा। ऐसे में उसके प्रेमी पति की सजा को स्थगित किया जाए। </p>
<p>यह कहना था पॉक्सो मामले में नाबालिग पीड़िता का। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मामले के अभियुक्त सोनू राज यादव की सजा को स्थगित कर दिया है। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने यह आदेश अभियुक्त की स्टे एप्लीकेशन पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा है कि अपील का निस्तारण होने तक अपीलार्थी हर साल जनवरी माह में अदालत के समक्ष पेश हो। </p>
<p>इसके अलावा यदि वे अपना पता बदलते हैं तो उसकी जानकारी निचली अदालत में पेश करें। अदालत ने कहा कि यदि अपीलार्थी अदालत के समक्ष पेश नहीं हो तो संबंधित पीठासीन अधिकारी उसकी जमानत रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश करें। </p>
<p><strong>वकीलों के न्यायिक बहिष्कार के चलते पीड़िता ने की पैरवी </strong><br />मामले के अनुसार पीड़िता के पिता ने मुहाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पन्द्रह साल की बेटी बिना बताए कहीं चली गई है। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब तीन माह बाद अपीलार्थी अभियुक्त को गिरफ्तार कर पीड़िता को बरामद किया था। पीड़िता ने निचली अदालत में बयान दिया था कि वह अपनी मर्जी से अभियुक्त के साथ गई थी। पीड़िता ने बताया था कि दोनों तीन माह तक दिल्ली में पति-पत्नी की तरह रहे और बाद में गोनेर रोड आकर रहने लगे। मामले की सुनवाई करते हुए पॉक्सो कोर्ट क्रम-1 महानगर प्रथम ने अभियुक्त को बीस साल की सजा सुनाते हुए कहा था कि नाबालिग की सहमति कानून में कोई महत्व नहीं रखती है। इस आदेश के खिलाफ अभियुक्त की ओर से हाईकोर्ट में अपील पेश की गई। वहीं साथ ही स्टे एप्लीकेशन पेश कर अपील के निर्णय तक उसकी सजा स्थगित करने की गुहार की। वकीलों के न्यायिक बहिष्कार के चलते अभियुक्त की ओर से मामले की पीड़िता ने पेश होकर पैरवी की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Mar 2023 09:58:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>एक विवाह ऐसा भी: अस्पताल में हुई वरमाला और मांग में भरा सिन्दूर</title>
                                    <description><![CDATA[दुल्हन मधु की बारात भाऊपुर रामगंज मंडी से आनी थी लेकिन 8 फरवरी को घर में मेहमान इकट्ठा थे और खाटू श्याम संध्या हुई। अचानक चक्कर आने से दुल्हन सीढ़ियों से अनियंत्रित होकर गिरी और गंभीर घायल हो गई। परिजन मधु को कोटा लेकर पहुंचे, जहां उसके दोनों हाथों में फ्रेक्चर हुआ और गर्दन में भी चोट आई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/chittorgarh/a-marriage-like-this-also-took-place-in-the-hospital/article-37209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/ratbhata-hospital-mai-liye-fere.jpg" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा।  कोटा के एमबीएस अस्पताल में रविवार को हिंदी फिल्म विवाह का दृश्य साकार हो गया। शादी से चार दिन पहले दुल्हन के घर में ही चक्कर आने पर सीढ़ियों में गिरने पर दोनों हाथ फैक्चर हो गए और शुक्रवार को फिर से दुल्हन की तबियत खराब हो गई। ऐसे में उसे कोटा एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसे में रविवार को शादी के मुर्हूत के चलते दूल्हा अस्पताल पहुंचा और अपनी दुल्हन को वरमाला पहनाकर मांग में सिंदूर लगाया। इस दौरान जो भी मौके पर मौजूद रहा उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बारात में ना तो बैंड बाजा ना ही कोई बराती सिर्फ दूल्हे के साथ परिवार के चंद लोग और दूल्हा बारात लेकर कोटा एमबीएस अस्पताल पहुंचा। </p>
<p>दरअसल रावतभाटा निवासी भाई बहन की शादी 12 फरवरी रविवार को होनी थी। दुल्हन मधु की बारात भाऊपुर रामगंज मंडी से आनी थी लेकिन 8 फरवरी को घर में मेहमान इकट्ठा थे और खाटू श्याम संध्या हुई। अचानक चक्कर आने से दुल्हन सीढ़ियों से अनियंत्रित होकर गिरी और गंभीर घायल हो गई। परिजन मधु को कोटा लेकर पहुंचे, जहां उसके दोनों हाथों में फ्रेक्चर हुआ और गर्दन में भी चोट आई। उपचार के बाद दुल्हन को वापस घर लाया गया, लेकिन बारात आने से एक दिन पहले दुल्हन की फिर तबीयत बिगड़ गई जिस पर उसे कोटा एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। रविवार को तय समय के मुताबिक दूल्हा पंकज परिजनों के साथ कोटा एमबीएस अस्पताल में पहुंचा और अपनी दुल्हन को वरमाला पहनाकर मांग में सिंदूर लगाया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>चित्तौड़गढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Feb 2023 11:13:10 +0530</pubDate>
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