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                <title>Criminal Conspiracy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Criminal Conspiracy RSS Feed</description>
                
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                <title>अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीडऩ का मामला दर्ज करवाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला, लहूलुहान हालत में पहुंचे प्रयागराज, पुलिस जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दायर करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस में जानलेवा हमला हुआ। फतेहपुर के पास अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से उन पर वार किए। घायल ब्रह्मचारी ने प्रयागराज पहुँचकर एफआईआर दर्ज कराई और इस हमले के पीछे साजिश की आशंका जताई है। फिलहाल उनका इलाज जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/deadly-attack-on-ashutosh-brahmachari-who-had-filed-a-case/article-145712"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ashutosh-brahmachari-attack.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ न्यायालय में यौन उत्पीडऩ का मामला दायर करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में जानलेवा हमला कर दिया गया। हमलावर ने उन पर धारदार हथियार से वार किया, जिसमें वह घायल हो गए।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस के एच-1 कोच में सवार होकर प्रयागराज आ रहे थे। इसी दौरान फतेहपुर और कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन में उन पर हमला कर दिया गया। आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि हमलावर ने धारदार हथियार से उन पर कई वार किए और उनकी नाक काटने की कोशिश भी की। जान बचाने के लिए उन्होंने खुद को ट्रेन के टॉयलेट में बंद कर लिया, जिससे उनकी जान बच सकी। बताया जा रहा है कि हमले में उन्हें कई जगह चोटें आई हैं और वह लहूलुहान हालत में प्रयागराज जंक्शन पहुंचे।</p>
<p>यहां पहुंचने के बाद उन्होंने जीआरपी थाने में मामले की एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए कॉल्विन अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।</p>
<p>आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर साजिश रचने का शक जताया है। आशुतोष ब्रह्मचारी मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई के सिलसिले में 12 मार्च को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पेश होने के लिए प्रयागराज आ रहे थे। इसके अलावा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गए यौन शोषण के आरोप से जुड़े मामले में भी हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया जाना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 15:37:47 +0530</pubDate>
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                <title>पीएनबी धोखाधड़ी मामला: सीबीआई ने अनिल अंबानी के खिलाफ दर्ज किया नया केस, संतोषकृष्ण अन्नावरपु की शिकायत पर हुई कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत पर अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ ₹1,085 करोड़ की धोखाधड़ी का नया केस दर्ज किया है। आरोप है कि 2013-2017 के बीच ऋण राशि का आपराधिक साजिश के तहत दुरुपयोग किया गया। जांच एजेंसी अब इस वित्तीय हेरफेर और फंड डायवर्जन की कड़ियों को खंगाल रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/pnb-fraud-case-cbi-registered-a-new-case-against-anil/article-145702"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/anil-ambani.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शिकायत पर रिलायंस कम्युनिकेशंस के प्रमुख अनिल अंबानी के खिलाफ 1,085 करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का एक नया मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पीएनबी के मुख्य प्रबंधक संतोषकृष्ण अन्नावरपु की एक शिकायत के आधार पर की गई है।</p>
<p>यूनी(एजेंसी) के पास मौजूद इस प्राथमिकी की प्रति के अनुसार, इसमें आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2013 से 2017 के बीच अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के तत्कालीन अधिकारियों ने कथित तौर पर पीएनबी के साथ 1,085 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। बैंक का आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने यह कर्ज वापस न करने की नीयत से प्राप्त किया। पीएनबी ने दावा किया कि कंपनी ने बैंक से प्राप्त धन को जानबूझकर अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया। ऐसा करना धोखाधड़ी और विश्वास के आपराधिक उल्लंघन के समान है।</p>
<p>सीबीआई द्वारा दर्ज इस प्राथमिकी में रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। वह अब इस मामले में वित्तीय हेरफेर और धन के हस्तांतरण की कड़ियों की जांच करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 13:30:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में कचहरी को मिली बम से उड़ाने की धमकी; आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में सामने आई चौकाने वाली वजह</title>
                                    <description><![CDATA[वाराणसी में कचहरी को मिली बम से उड़ाने की धमकी। पुलिस ने किया कानून के छात्र को गिरफ्तार। आरोपी अजीत कुमार ने अपने पड़ोसी और प्रेमिका के परिजनों को फंसाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता को भेजा धमकी भरा एसएमएस। सर्विलांस टीम ने चंद घंटों में किया साजिश का पर्दाफाश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-varanasi-the-city-of-kashi-vishwanath-threat-was-received/article-144800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/bomb-threat.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। उत्तर प्रदेश में वाराणसी की भेलूपुर पुलिस ने वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी को एसएमएस भेजकर कचहरी को बम से उड़ाने और उन्हें खत्म करने की धमकी देने वाले आरोपी को गुरुवार देर शाम को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p>आरोपी की पहचान रैसीपुर सत्तनपुर निवासी अजीत कुमार सरोज के रूप में हुई है। युवक से पूछताछ में पता चला कि वह विधि का छात्र है और कचहरी में नियमित रूप से आता-जाता रहता है। अपने एक पड़ोसी को फंसाने की नीयत से उसने यह हरकत की। जांच में युवक के एक युवती से प्रेम संबंध होने की बात भी सामने आई है। युवती के परिजनों द्वारा संबंध का विरोध किए जाने की जानकारी मिली।</p>
<p>आरोपी ने धमकी देने के लिए उसी युवती से जुड़े मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया था, ताकि परिजनों को फंसाया जा सके। सर्विलांस टीम और एसओजी की संयुक्त टीम ने चंद घंटों के भीतर ही नंबर का पता लगा लिया। फिलहाल युवक से आगे की पूछताछ जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 14:07:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अभिनेता राजकुमार अपहरण मामला: मद्रास हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा, वीरप्पन गिरोह के सदस्य होने का था संदेह</title>
                                    <description><![CDATA[मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा कन्नड़ अभिनेता राजकुमार के 2000 में हुए अपहरण मामले में वीरप्पन गिरोह के नौ संदिग्ध सदस्यों को बरी करने के फैसले की पुष्टि। अदालत ने अभियोजन पक्ष की विसंगतियों और एफआईआर में देरी को माना आधार। दशकों पुराने विवादित मामले पर कानूनी मुहर। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/actor-rajkumar-kidnapping-case-madras-high-court-upheld-lower-court/article-144665"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/actor-rajkumar-case.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय ने 2018 के निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें कुख्यात वन दस्यु वीरप्पन के गिरोह के नौ सदस्यों को बरी कर दिया गया था। अदालत ने 2019 में राज्य सरकार द्वारा दायर उस अपील को खारिज कर दिया, जो 2018 में नौ व्यक्तियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर की गई थी। इन व्यक्तियों पर वन दस्यु वीरप्पन के गिरोह का सदस्य होने का संदेह था।</p>
<p>इन्हीं लोगों पर आरोप था कि उन्होंने 30 जुलाई 2000 को कन्नड़ सिनेमा के महान अभिनेता राजकुमार और तीन अन्य लोगों का अपहरण किया था तथा उन्हें 108 दिनों तक बंधक बनाकर रखा, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया था।</p>
<p>ये आरोपी 2000 में कन्नड़ अभिनेता राजकुमार और तीन अन्य के अपहरण मामले में संदिग्ध थे। अभिनेता का 30 जुलाई 2000 को तमिलनाडु के इरोड जिले के थलवाड़ी तालुक स्थित गजानूर गांव में स्थित उनके फार्महाउस से अपहरण कर लिया गया था और 108 दिनों तक बंधक बनाए रखने के बाद रिहा किया गया था। </p>
<p>उच्च न्यायालय द्वारा जिन नौ आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले की पुष्टि की गई है। उनके नाम एस. मारन उर्फ सेंगुट्टवन उर्फ मणिवन्नन उर्फ मुल्लैवलवन उर्फ कन्नैयन, एस. गोविंदराज उर्फ मेगननाथन उर्फ सभा उर्फ इनियन उर्फ परंजोथि उर्फ राजू, डी. एंड्रिल उर्फ एलुमलाई उर्फ परंजोथि, आर. सेल्वम उर्फ सत्य उर्फ राजू, के.अमृतलिंगम उर्फ लिंगम उर्फ चेलझियन, बसुवन्ना, आर. नागराज,  एस. पुट्टुसामी और एस. राम उर्फ कलमंडीपुरम राम हैं। कुल मिलाकर पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) दायर किया था लेकिन उनमें से एक सी. मल्लू, की सुनवाई पूरी होने से पहले ही मृत्यु हो गई। शेष आरोपियों को निचली अदालत ने हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने सहित अन्य आरोपों से बरी कर दिया था।</p>
<p>तमिलनाडु पुलिस द्वारा 2019 में दायर अपील को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति पी. वेलमुरुगन और न्यायमूर्ति एम. जोतिरामन की खंडपीठ ने 25 सितंबर 2018 को गोबीचेट्टीपलायम स्थित तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा पारित बरी आदेश की पुष्टि की। उच्च न्यायालय ने कहा कि सत्र न्यायालय के सुविचारित फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। न्यायालय ने उल्लेख किया कि अपहरण की प्राथमिकी (एफआईआर) घटना के लगभग 24 घंटे बाद दर्ज की गयी थी और वह भी एक ग्राम प्रशासनिक अधिकारी (वीएओ) की शिकायत के आधार पर, जो प्रत्यक्षदर्शी नहीं था। </p>
<p>वीएओ ने बताया था कि उसे घटना की जानकारी आम जनता से मिली थी, जबकि अभियोजन पक्ष के अनुसार अभिनेता और अन्य लोगों का अपहरण कई लोगों की मौजूदगी में हुआ था। पीठ ने यह भी नोट किया कि प्राथमिकी में 30 जुलाई 2000 से संशोधित कर 31 जुलाई 2000 की गयी थी और आरोपियों द्वारा आपराधिक साजिश रचने का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था। वीएओ ने भी अपने बयान में किसी साजिश का जिक्र नहीं किया था। </p>
<p>न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की कई विसंगतियां पाई थीं और इन्हीं आधार पर नौ आरोपियों को बरी किया था, जिसे उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा। उल्लेखनीय है कि चंदन तस्करी के लिए कुख्यात वीरप्पन को विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने ऑपरेशन कुकून के तहत मुठभेड़ में मार गिराया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 14:06:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वाप्कोस निविदा घोटाला: 11 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने की छापेमारी, कई अहम दस्तोवज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीआई ने की सार्वजनिक उपक्रम वाप्कोस लिमिटेड में 11 करोड़ रुपये की निविदा अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश और ओडिशा में छापेमारी। प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे सहित सात लोगों पर आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार का आरोप। इमली प्रसंस्करण इकाई के ठेके में हुई मिलीभगत की जांच। सीबीआई ने जब्त किए दस्तावेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbi-raids-in-wapcos-tender-scam-fraud-of-rs-11/article-144601"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cbi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम वाप्कोस लिमिटेड के अधिकारियों से जुड़ी निविदा अनियमितता के संबंध में उत्तर प्रदेश और ओडिशा में छापेमारी की है। अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई ने 20 फरवरी को सात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें वाप्कोस के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे और भुवनेश्वर में तैनात दो अन्य अधिकारी भाबद्युति भूटिया और अभिषेक ठाकुर शामिल हैं।</p>
<p>यह मामला ओडिशा के रायगढ़ा जिले में इमली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश के ठेकेदार बबलू सिंह यादव को मिलीभगत से 11 करोड़ रुपये से अधिक का अनुबंध दिये जाने से संबंधित है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि पंकज दुबे भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त था। उसने अपने भाई पवन दुबे, बिचौलिया गोपाल मिश्रा, वाप्कोस के साथी अधिकारियों भूटिया और ठाकुर तथा ठेकेदारों बबलू सिंह यादव एवं रामेश्वर चतुर्वेदी के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। माना जा रहा है कि आरोपियों ने परियोजना के क्रियान्वयन में अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए मिलीभगत की थी। तलाशी में जब्त किये गये दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का सीबीआई परीक्षण कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 18:21:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>इजरायली दूतावास के पास ग्रेनेड विस्फोट के आरोपियों को 14 साल की सजा: राजनयिक मिशन भवन पर फेंके थे हथगोले, एक आवासीय भवन पर गिरे</title>
                                    <description><![CDATA[कोपेनहेगन में इजरायली दूतावास के पास ग्रेनेड विस्फोट मामले में डेनमार्क की अदालत ने दो स्वीडिश नागरिकों को साजिश दोषी मानते हुए 12 और 14 साल कैद की सजा सुनाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/those-accused-of-grenade-explosion-near-israeli-embassy-were-sentenced/article-141910"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(6)3.png" alt=""></a><br /><p>कोपेनहेगन। डेनमार्क की एक अदालत ने कोपेनहेगन में इजरायली दूतावास के समीप ग्रेनेड विस्फोट करने के आरोप में दो स्वीडिश नागरिकों को क्रमश: 12 और 14 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह जानकारी डेनिश मीडिया से प्राप्त हुई। अक्टूबर 2025 में, डेनिश अभियोजक कार्यालय ने दो स्वीडिश नागरिकों पर अक्टूबर 2024 में कोपेनहेगन में इजरायली दूतावास के पास ग्रेनेड विस्फोट करके आतंकवादी हमला करने का आरोप लगाया।</p>
<p>अभियोजकों ने कहा कि 18 और 20 वर्ष के युवकों ने एक पूर्व-नियोजित साजिश के अंतर्गत अज्ञात सहयोगियों की मदद से दूतावास परिसर में पांच हथगोले लाए, उनमें से दो को राजनयिक मिशन भवन पर फेंका लेकिन वे पास के एक आवासीय भवन में जा गिरे। युवकों पर राजनयिक मिशन के सुरक्षा गार्डों की जान खतरे में डालने और हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया गया क्योंकि विस्फोट से पास के एक घर में रहने वाले लोग भी प्रभावित हो सकते थे।</p>
<p>अक्टूबर 2024 की शुरुआत में, स्टॉकहोम और कोपेनहेगन में इजरायली दूतावासों के पास गोलीबारी और विस्फोट की घटनाएं हुईं। स्टॉकहोम पुलिस और डेनमार्क स्थित इजरायली दूतावास ने बताया कि दूतावास के कर्मचारियों को कोई चोट नहीं आई। कोपेनहेगन में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और उनकी पहचान 15 से 20 वर्ष की आयु के स्वीडिश नागरिकों के रूप में हुई। कोपेनहेगन पुलिस ने बताया कि दूतावास के पास दो हथगोले के कारण विस्फोट हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 14:25:12 +0530</pubDate>
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                <title>राहुल-सोनिया गांधी की बढ़ने वाली है मुसीबत : नेशनल हेराल्ड जांच में पुलिस ने दर्ज किया नया केस</title>
                                    <description><![CDATA[ईओडब्ल्यू ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ एजेएल पर धोखाधड़ी से कब्ज़े की साजिश को लेकर नया केस दर्ज किया। एफआईआर ईडी की शिकायत पर आधारित है। पुलिस एजेएल शेयरधारकों से यंग इंडियन को स्वामित्व हस्तांतरण की सहमति को लेकर पूछताछ करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-sonia-gandhis-problems-are-going-to-increase-police-registered-a/article-134156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/rahuso.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नया आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। तीन अक्टूबर को दर्ज की गई एक एफआईआर में छह अन्य व्यक्तियों और कंपनियों के नाम भी शामिल हैं। उन पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।</p>
<p>मुकदमे के विवरण के अनुसार, गांधी परिवार ने अपनी 76 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली कंपनी यंग इंडियन के जरिए एजेएल का अधिग्रहण कराया। एजेएल कांग्रेस से जुड़ी कंपनी है और इसकी अनुमानित संपत्ति 2,000 करोड़ रुपये है। पुलिस की यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच इकाई की शिकायत पर हुई है। ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में काफी समय से जारी धन शोधन जांच के निष्कर्ष दिल्ली पुलिस को सौंपे थे। ईडी ने पीएमएलए की धारा 66(2) का इस्तेमाल किया, जिसके तहत वह किसी अन्य एजेंसी को अनुसूचित अपराध  की जांच करने का निर्देश दे सकता है। यही अपराध बाद में ईडी के धन शोधन मामले का आधार बन सकता है।</p>
<p>एफआईआर में गांधी परिवार के अलावा सैम पित्रोदा (भारतीय विदेशी कांग्रेस के अध्यक्ष), तीन कंपनियां-एजेएल, यंग इंडियन और कोलकाता की डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल हैं। डॉटेक्स को एक शेल कंपनी बताया गया है, जिसने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये दिए थे। यह धनराशि बाद में कांग्रेस पार्टी को 50 लाख रुपये देकर अधिक संपत्ति वाली एजेएल को हासिल करने में इस्तेमाल की गयी।</p>
<p>जांच के तहत पुलिस एजेएल के शेयरधारकों से पूछताछ करेगी कि क्या कंपनी को यंग इंडियन (गांधी परिवार की कंपनी) के स्वामित्व में करने से पहले उनकी सहमति ली गई थी या नहीं। यह नयी एफआईआर इस मामले में एक और कानूनी मामला जोड़ती है जो सबसे पहले भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुई थी। इसी मामले में ईडी ने अप्रैल महीने में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 17:04:33 +0530</pubDate>
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