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                <title>Digital Security - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Digital Security RSS Feed</description>
                
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                <title>LPG गैस की कमी के दौरान बढ़ते साइबर फ्रॉड पर एडवाइजरी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान पुलिस ने खाड़ी संकट के बीच LPG फ्रॉड को लेकर एडवाइजरी जारी की है। जालसाज फर्जी वेबसाइट, KYC अपडेट और क्यूआर कोड के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। सुरक्षित रहने के लिए केवल आधिकारिक ऐप का उपयोग करें और कभी भी अपना OTP या बैंक विवरण साझा न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/advisory-issued-on-increasing-cyber-fraud-during-lpg-gas-shortage/article-147081"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/rajasthan-police.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को सतर्क करने के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण LPG गैस सिलेंडर की मांग बढ़ गई है, जिसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को ठग रहे हैं।</p>
<p><strong>साइबर अपराध के प्रमुख तरीके</strong></p>
<p><strong>फर्जी LPG बुकिंग वेबसाइट</strong><br />अपराधी Indane Gas, Bharat Gas, HP Gas जैसी असली कंपनियों के नाम से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट बनाकर बैंक डिटेल चुरा लेते हैं।<br /><strong>फर्जी कस्टमर केयर कॉल</strong><br />खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताकर कॉल करते हैं और KYC अपडेट या कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर OTP/बैंक जानकारी मांगते हैं।<br /><strong>LPG सब्सिडी फ्रॉड</strong><br />SMS या WhatsApp पर लिंक भेजकर “सब्सिडी बंद होने” का झांसा दिया जाता है और आपकी निजी जानकारी चुरा ली जाती है।<br /><strong>फर्जी मोबाइल ऐप</strong><br />सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए नकली ऐप डाउनलोड करवाकर फोन से डेटा और बैंक डिटेल चोरी की जाती है।<br /><strong> QR Code / UPI फ्रॉड</strong><br />“पेमेंट के लिए QR कोड स्कैन करें” कहकर पैसे आपके खाते से निकाल लिए जाते हैं।</p>
<p><strong> साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय</strong></p>
<p>सिर्फ आधिकारिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करें<br />गैस बुकिंग हमेशा कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट/ऐप या IVRS कॉल से करें।<br />फर्जी कॉल और मैसेज से सतर्क रहें<br />“कनेक्शन बंद हो जाएगा” या “KYC जरूरी है” जैसे संदेशों पर तुरंत विश्वास न करें।<br />स्क्रीन शेयरिंग ऐप से बचें<br />AnyDesk और TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड न करें।</p>
<p><strong>सुरक्षित पेमेंट करें</strong></p>
<p>भरोसेमंद ऐप जैसे Google Pay या PhonePe का ही उपयोग करें और QR स्कैन करते समय नाम जांचें।<br />OTP और निजी जानकारी साझा न करें<br />किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, बैंक डिटेल या आधार नंबर शेयर न करें।</p>
<p><strong>शिकायत कहां करें?</strong></p>
<p>अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो तुरंत:<br />नजदीकी पुलिस स्टेशन / साइबर पुलिस स्टेशन में</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:15:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला सुरक्षा की ओर तकनीक आधारित बड़ा कदम: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजस्थान पुलिस की अभिनव पहल; बस, ऑटो और टैक्सी में ‘राजकॉप सिटीजन एप’ के क्यूआर कोड पोस्टर लगाने की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान पुलिस ने 'राजकॉप सिटीजन एप' अभियान शुरू किया है। इसके तहत बस, ऑटो और टैक्सियों में क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। संकट के समय महिलाएं कोड स्कैन कर 'Need Help' फीचर के जरिए अपनी लाइव लोकेशन सीधे पुलिस कंट्रोल रूम भेज सकेंगी, जिससे त्वरित सहायता सुनिश्चित होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-step-based-on-technology-towards-womens-safety-innovative-initiative/article-145085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jaipur-police.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आगामी 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में राजस्थान पुलिस ने एक महत्वपूर्ण और तकनीक आधारित पहल की शुरुआत की है। पहल के तहत पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की मंशा के अनुरूप प्रदेशभर में सार्वजनिक परिवहन साधनों—बस, ऑटो एवं टैक्सी—में ‘राजकॉप सिटीजन एप’ के क्यूआर कोड युक्त पोस्टर एवं स्टीकर चिपकाने का विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है।</p>
<p>इस अभियान का उद्देश्य यात्रा के दौरान महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में उन्हें तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में यातायात पुलिसकर्मियों द्वारा बसों, ऑटो और टैक्सियों पर क्यूआर कोड वाले पोस्टर व्यवस्थित रूप से लगाए जा रहे हैं।</p>
<p>एक स्कैन… और सीधे पुलिस से संपर्क</p>
<p>सार्वजनिक परिवहन में यात्रा कर रही छात्राएं, कामकाजी महिलाएं अथवा अन्य महिला यात्री अपने स्मार्टफोन से वाहन में प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे ‘राजकॉप सिटीजन एप’ डाउनलोड कर सकती हैं। इस एप में उपलब्ध ‘Need Help’ फीचर विशेष रूप से संकट की स्थिति को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। आपातकालीन परिस्थिति में एक क्लिक पर महिला की लोकेशन सीधे पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच जाती है, जिससे त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>तकनीक से मजबूत होगा भरोसा</p>
<p>राजस्थान पुलिस की यह पहल महिला सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। सार्वजनिक परिवहन में क्यूआर कोड प्रदर्शित होने से छात्राओं एवं कामकाजी महिलाओं में सुरक्षा का भाव और विश्वास बढ़ेगा। यह अभियान तकनीक आधारित सुरक्षा तंत्र को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। महिला दिवस के अवसर पर शुरू की गई यह पहल न केवल जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ यात्रा करने का सशक्त माध्यम भी प्रदान करेगी।</p>
<p>महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रयास</p>
<p>राजस्थान पुलिस का यह प्रयास दर्शाता है कि महिला सुरक्षा केवल प्राथमिकता ही नहीं, बल्कि सतत मिशन है। समाज में सुरक्षित वातावरण का निर्माण तभी संभव है जब सुरक्षा व्यवस्था आधुनिक तकनीक से लैस होकर आमजन तक सहज रूप से उपलब्ध हो। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुरू की गई यह पहल प्रदेश में महिला सुरक्षा के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 17:44:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संचार साथी ऐप पर सरकार का बड़ा बयान, कहा ऐप का इस्तेमाल उपयोगकर्ता की मर्जी पर निर्भर</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष की आशंकाओं के बीच संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि *संचार साथी* ऐप पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसे अनिवार्य बनाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐप को लेकर निजता पर खतरे जैसी बातें सिर्फ अफवाह हैं। उपयोगकर्ता चाहें तो इसे सक्रिय करें या कभी भी डिलीट कर दें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/governments-big-statement-on-sanchar-sathi-app-says-use-of/article-134466"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/jyotiraditya.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संचार साथी ऐप को लेकर विपक्ष की चिंताओं के बीच संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह स्वैच्छिक और वैकल्पिक है और किसी भी तरह अनिवार्य नहीं है। इस ऐप को निजता के लिए खतरा बताये जाने को अफवाह करार हुए संचार मंत्री सिंघिया ने कहा कि, यह स्वैच्छिक ऐप है और इसका इस्तेमाल उपयोगकर्ता की इच्छा पर निर्भर है। उपयोगकर्ता चाहे तो अपने मोबाइल पर इसे सक्रिय करे या न करे और वह आसानी से इसे डिलीट भी कर सकता है।</p>
<p>संचार मंत्री सिंघिया ने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि देश के हर नागरिक की डिजिटल सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'संचार साथी' ऐप का उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी निजता की रक्षा कर सके और ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रह सके। यह एक पूरी तरह स्वैच्छिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था है। उपयोगकर्ता चाहें तो ऐप को सक्रिय कर इसके लाभ ले सकते हैं और न चाहें तो इसे अपने फ़ोन से आसानी से डिलीट कर सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने संचार साथी ऐप को सुरक्षा, पारदर्शिता और कस्टमर-फस्र्ट दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यह लगातार लोकप्रिय ऐप बन रहा है और लोग इस पर भरोसा कर रहे हैं। अब तक 20 करोड़ से ज्यादा लोग पोर्टल का उपयोग कर चुके हैं। डेढ़ करोड़ से ज्यादा यूजर्स ऐप से जुड़े हुए हैं और नागरिकों द्वारा 'नॉट माई नम्बर' चुने जाने पर 1.43 करोड़ से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए हैं। इससे 26 लाख मोबाइल फ़ोन ट्रेस हुए हैं जिनमें से 7.23 लाख फ़ोन सफलतापूर्वक नागरिकों को लौटाए गए। नागरिकों द्वारा रिपोर्ट किए गए 40.96 लाख फर्जी मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए। इससे 6.2 लाख फ्रॉड-लिंक्ड आईएमईआईएस ब्लॉक किए जा चुके हैं। </p>
<p>इसके आगे संचार मंत्री ने कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। संचार साथी उसी दिशा में एक मजबूत कदम है, जो हर मोबाइल उपयोगकर्ता को सशक्त, सुरक्षित और जागरूक बनाता है। यह निगरानी का माध्यम नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित एक पारदर्शी डिजिटल सुरक्षा प्लेटफॉर्म है। उन्होंने बताया कि यह ऐप और पोर्टल नागरिकों को अपने मोबाइल नंबर की सुरक्षा, फर्जी कनेक्शनों की पहचान, खोए-चोरी हुए फोन, साइबर ठगी से बचाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सक्षम बनाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 18:58:20 +0530</pubDate>
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