<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/everything/tag-6199" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>everything - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6199/rss</link>
                <description>everything RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सारी बातें काल्पनिक: रेलवे के निजीकरण का कोई प्रश्न नहीं : वैष्णव</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि रेलवे के निजीकरण का कोई प्रश्न ही नहीं है और इस बारे में कही गई सारी बातें ‘काल्पनिक’ हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/everything-is-fictional--no-question-of-privatization-of-railways--railway-minister-ashwini-vaishnav/article-6285"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ashvini-veshnav_rail-mantri.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि रेलवे के निजीकरण का कोई प्रश्न ही नहीं है और इस बारे में कही गई सारी बातें ‘काल्पनिक’ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की दृष्टि में रणनीतिक क्षेत्र के रूप में रेलवे की सामाजिक जवाबदेही है जिसे वाणिज्यिक व्यवहार्यता पर ध्यान देते हुए पूरा किया जा रहा है। वैष्णव ने कहा कि रेलवे का निजीकरण नहीं हो सकता है क्योंकि पटरियां रेलवे की हैं, इंजन रेलवे के हैं, स्टेशन और बिजली के तार रेलवे के हैं। इसके अलावा डिब्बे और सिग्नल प्रणाली भी रेलवे की ही हैं।</p>
<p><br />रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने वैष्णव ने कहा कि उनके पूर्ववर्ती पीयूष गोयल भी पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि रेलवे का ढांचा जटिल है और इसका निजीकरण नहीं होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मालगाड़ियों का भी निजीकरण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का बचपन रेल से जुड़ाव है, वो रेल को भलीभांति समझते हैं। तकनीकी तौर पर, एक साधारण मानवीय दृष्ठिकोण से, एक पैसेंजर के दृष्टिकोण से देश का भविष्य कैसे बदल सकता है उस दृष्टिकोण से अपना दूरगामी विचार बहुत डिटेल में शेयर किया। सबका साथ सबका विकास उनका मूलमंत्र रहता है और आत्मनिर्भर भारत की कल्पना उनके कार्यक्रम की मूल में रहती है। अंत्योदय और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना से जुड़ा यह बजट है। उन्होंने कहा कि रेलवे का शेयर लगातार गिरता जा रहा था और उसके कारण देश का भी नुकसान हो रहा था। इकोनॉमी का लॉस बढ़ता जा रहा था, रेलवे में डीजल का बिल बढ़ता जा रहा था। <br /><br />जब नेतृत्व संभाला तो सबसे पहले सफाई पर ध्यान दिया। स्टेशन की, ट्रेन की सबकी सफाई की, एक परिवर्तन आता है, उसके बाद में जितने फील्ड आॅफिस थे हमारे, बहुत सारी पॉवर नीचे डेलीगेट किए गए, आज 90 फीसदी टेंडर्स फील्ड आॅफिस में डिसाइड होते हैं, रेलवे बोर्ड में नहीं आते। उन्होंने कहा कि बजट में भारत की विविधिता को ध्यान में रखते हुए वन नेशन वन प्रोडक्ट का कॉन्सेप्ट अनाउंस किया गया है, बहुत जल्द पायलट प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/everything-is-fictional--no-question-of-privatization-of-railways--railway-minister-ashwini-vaishnav/article-6285</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/everything-is-fictional--no-question-of-privatization-of-railways--railway-minister-ashwini-vaishnav/article-6285</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Mar 2022 10:35:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/ashvini-veshnav_rail-mantri.jpg"                         length="101843"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में सपा से गठबंधन पर बोली प्रियंका, सब कुछ परिस्थितियों पर निर्भर</title>
                                    <description><![CDATA[ख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर एयरपोर्ट पर प्रियंका गांधी की अगुवाई की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/priyanka-gandhi-reached-jaipur--priyanka-spoke-on-alliance-with-sp-in-up--everything-depends-on-the-circumstances/article-5643"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ashok.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सोमवार दोपहर जयपुर पहुंचीं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर एयरपोर्ट पर प्रियंका गांधी की अगुवाई की। गहलोत के साथ पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों ने जयपुर एयरपोर्ट पहुंचकर प्रियंका गांधी का स्वागत किया। वह जयपुर के एक होटल में निजी कार्यक्रम में शामिल होने आई हैं। बीसीसीआई वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला भी जयपुर पहुंचे। दोपहर करीब 1 बजकर 50 मिनट पर प्रियंका गांधी जयपुर एयरपोर्ट पहुंचीं। एयरपोर्ट से सीधे होटल राजविलास के लिए रवाना हुईं। प्रियंका गांधी होटल के अंदर एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। वह जयपुर में ही रात्रि विश्राम करेंगी तथा 8 मार्च को सुबह 8:30 बजे लखनऊ के लिए रवाना होंगी।</p>
<p><br />जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रियंका ने उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर कहा कि जनता पर पूरा भरोसा है कि वह सही निर्णय लेगी। सभी राज्यों में कांग्रेस को पूरी उम्मीद है। जनता सोच समझकर वोट करेगी। सपा से गठबंधन पर प्रियंका गांधी बोलीं कि सब भविष्य की परिस्थितियों पर निर्भर होगा। जयपुर में अन्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों की बाड़ाबंदी पर प्रियंका गांधी ने कहा कि आप भविष्य का सवाल कर रहे हैं। देखेंगे भविष्य में स्थिति क्या होगी। बाकी जो परिस्थियां बनेगी उसी के हिसाब से काम होगा लेकिन आने वाले परिणामों पर सब कुछ निर्भर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/priyanka-gandhi-reached-jaipur--priyanka-spoke-on-alliance-with-sp-in-up--everything-depends-on-the-circumstances/article-5643</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/priyanka-gandhi-reached-jaipur--priyanka-spoke-on-alliance-with-sp-in-up--everything-depends-on-the-circumstances/article-5643</guid>
                <pubDate>Mon, 07 Mar 2022 16:57:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/ashok.jpg"                         length="169362"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घूस का मैन्यूकार्ड* : घूस है तो सब मुमकिन है!</title>
                                    <description><![CDATA[रिश्वत में अस्मत मांगने से भी नहीं चूक रहे घूसखोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1----%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%88/article-4007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/rishwat.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में घूसखोरी का आलम ये है,  मानो इसका मैन्युकार्ड तैयार है। हालांकि कई बार माथा देखकर भी तिलक निकाला जाता है। राज्य एसीबी हर साल घूस संबंधी 1000 से अधिक मामले दर्ज करता है। ब्यूरो के दस्तावेजों के पर भरोसा करें तो घूसखोर दस रुपए से लेकर 20 करोड़ रुपए तक मांगते हैं। हालात इतने बदतर हैं कि सिलकोसिस से मजदूर की मौत हो है तो चूल्हा जलाने को तरसते परिवार तक को तीन लाख का मुआवजा सरकार से तब मिलता है जब वह 50 हजार की घूस देने को तैयार हो। पुलिस के एक अधिकारी तो ने महिला को न्याय दिलाने के बदले अस्मत तक मांग ली।</p>
<p><br /> एसीबी के डीजी बीएल सोनी बताते हैं, उन्होंने ब्यूरो में काम करते हुए पाया है कि घूस का रेट जगह, पद और हालात के अनुसार अलग-अलग रहता है। जैसे जयपुर में एक पटवारी 50 हजार मांगता है तो जालौर में 10 हजार। पद की बात करें तो सिपाही 10 हजार तक मांगता है तो एसएचओ 50 हजार। तहसीलदार किसी काम के 2 लाख मांगता है तो एसडीएम पांच से दस लाख। हालांकि हमारी कार्रवाइयों का खौफ बहुत है। <br />  </p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>आइए जानें कैसा है   ये मैन्यूकार्ड</strong></span></span></span><br /> <br /> <strong>पुलिस</strong><br />     दहेज मामले को रफा-दफा करना- 2 लाख तक<br />     मारपीट 10-20 हजार <br />     वाहन छोड़ने 10-15 हजार <br />     एससी-एसटी मुकदमे में एफआर -एक लाख तक<br />     शराब तस्करी का केस नहीं बनाना-30 हजार  तक<br />     दहेज मामले को रफा-दफा करना- 2 लाख तक<br />     मारपीट 10-20 हजार <br />     वाहन छोड़ने 10-15 हजार <br />     एससी-एसटी मुकदमे में एफआर -एक लाख तक<br />     शराब तस्करी का केस नहीं बनाना-30 हजार  तक<br /> <br /> <strong>राजस्व</strong><br />     नामांतरण खोलना- 20 हजार तक<br />     भूमि रहनमुक्त प्रमाण पत्र-5 हजार <br />     मांइस लीज मौका रिपोर्ट -एक लाख <br />     इंतकाल तस्दीक - चार हजार <br />     औद्योगिक भूखंड लीज डीड- आठ हजार <br /> <br /> <strong>खान </strong><br />     खनन और परिवहन की डीपी -20 हजार तक<br />     सिलिकोसिस मृत्यु मुआवजा- 50 हजार <br />     खान के दस्तावेज देने-5 हजार<br />     अवैध बजरी निकासी-एक हजार<br />     अवैध खनन-एक लाख<br /> <br /> <br /> <strong>पीडब्ल्यूडी </strong><br />     बकाया बिल -डेढ़ लाख रुपए तक<br />     अनुबंधित वाहन के बिल पास -50 हजार <br />     कंस्ट्रक्शन वर्क रिपोर्ट -एक लाख <br />     टेंडर शर्तों में शिथिलता तीन लाख <br />     टेंडर समय 1 लाख रुपए<br /> <br /> <br /> <strong>विद्युत </strong><br />     कटे कनेक्शन जोड़ने 1 लाख <br />     कनेक्शन डिमाण्ड नोटिस 30 हजार <br />     मीटर खराब बताकर 11 हजार <br />     नया ट्रांसफामर 12 हजार <br />     वीसीआर 11 हजार <br /> <br /> <span style="color:#ff0000;"><strong>एसीबी की सख्ती तो घूस की दरों में उछाल </strong></span><br /> आधिकारिक सूत्र बताते हैं, इन दिनों एसीबी के छापे बढ़ गए हैं तो घूस की दरें भी उछाल खा रही हैं। <br /> <br /> <strong>परिवहन </strong><br />     चैक पोस्ट कार्मिक एंट्री डेढ़ लाख <br />     बाइक रेंटल सर्विस प्रमाण-पत्र 15 हजार <br />     बिना परमिट-टैक्स वाहन संचालन 10 हजार <br />     ओवरलोड वाहन-पांच हजार<br /> <strong><br /> नगर निगम</strong><br />     भवन निर्माण मंजूरी 60 हजार <br />     मकान निर्माण मंजूरी 20 हजार <br />     बकाया बिल क्लियर करने एक लाख <br />     पेंशन कागज 20 हजार<br />     वृद्धजनों की पेंशन 20 <br />     हजार रुपए<br /> <br /> <br /> <strong>शिक्षा </strong><br />     परीक्षा का आवेदन फॉर्म जमा -30 हजार <br />     आरएएस साक्षात्कार -20 लाख <br />     बीएड पै्रक्टिकल एवं हाजरी- पांच हजार <br />     शिक्षक तबादले -तीन लाख <br />     स्कूल-कॉलेज मान्यता -पांच लाख <br /> <br /> <strong>रसद </strong><br />     राशन दुकान-10 हजार रुपए<br />     मिठाई दुकान सैंपल-20 हजार<br />     गैस एजेंसी तय मानकों से नहीं चलाने-20 हजार <br />     मिलावटखोरों को बचाने-1 लाख <br />     राशन डीलरों-30 हजार<br /> <br /> <strong>मनरेगा</strong><br />     निरीक्षण में कमियां नहीं निकालने -1 लाख <br />     श्रमिकों की मजदूरी कमीशन-15 हजार <br />     काम दिलाना -2 हजार <br />     मजदूरों की फर्जी एंट्री -2 हजार <br />     बकाया बिल -10 हजार <br /> <strong><br /> चिकित्सा</strong><br />     ऑपरेशन -5 हजार<br />     कोरोना वॉरियर मृत्यु मुआवजा 5 हजार <br />     भ्रूण लिंग परीक्षण -30 हजार<br /> <br /> <strong>आबकारी</strong><br />     शराब दुकान चलाने-20 हजार<br />     अवैध दुकान चलाने-मासिक बंधी<br />     देर रात दुकान खोलने-मासिक बंधी<br />     दुकान में बैठाकर शराब पिलाना- मासिक बंधी<br />     बार लाइसेंस जारी -पांच लाख <br /> <br /> <span style="color:#ff0000;"><strong>ये महकमे हैं घूस में अव्वल</strong></span><br /> सूत्र बताते हैं, घूसखोरी में रेवेन्यू अव्वल है, लेकिन घूसखोरी में पकड़े जाते हैं सबसे अधिक पुलिस वाले। इसके बाद नंबर आता है यूडीएच का। पंचायती राज और मेडिकल हेल्थ भी घूस में टॉप फाइव में हैं। <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1----%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%88/article-4007</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1----%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%88/article-4007</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Jan 2022 11:03:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-01/rishwat.jpg"                         length="126029"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोबाइल की ऐसी लत! पांच दिन से न सोया, न खाया, न पिया, भूल गया सब कुछ, अब अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[मनोचिकित्सक ने शुरू किया इलाज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%A4--%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A8-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B--%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80/article-2839"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/mobile-adict.jpg" alt=""></a><br /><p> चूरू। जिले के साहवा कस्बे के 20 वर्षीय युवक को मोबाइल की ऐसी लत लगी कि वह अब मानसिक रोगी बन गया है। पिछले एक महीने से अपना काम धंधा छोड़कर मोबाइल में लगा युवक, पांच दिन से सो भी नहीं पाया है। जब तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो परिजन उसे चूरू के राजकीय भरतिया अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे। जहां मनोचिकित्सक के द्वारा युवक का इलाज शुरू किया गया है। <br /> <strong><br /> मोबाइल की लत में पहले काम धंधा छोड़ा</strong><br /> युवक के परिवार में चाचा अरबाज ने बताया कि 20 वर्षीय अकरम गांव में ही बिजली की मोटर वाइडिंग का काम करता है। पिछले एक महीने से वह अधिकतर समय मोबाइल पर बिताने लगा था। मोबाइल के चलते उसने अपना काम भी छोड़ दिया था। परिजनों द्वारा बार-बार कहने पर भी वह मोबाइल को नहीं छोड़ता था। <br /> <br /> <strong>पूरी-पूरी रात खेलता गेम</strong><br /> गत कुछ दिनों से तो वह पूरी-पूरी रात मोबाइल पर चेट और गेम खेलता रहता। इस कारण उसने खाना पीना भी छोड़ दिया था। अकरम की मां ने बताया कि अब तो अकरम खाना भी नहीं खा रहा। रात को जब खाना देने कमरे में जाती हूं तो खाने को बिस्तर पर बिखेर देता है। इस संबंध में मानसिक रोग विषेशज्ञ डॉ. जितेन्द्र कुमार ने बताया कि युवक की सिटी स्केन करवाई गई है, जिसका इलाज शुरू किया गया है।<br /> <br /> मोबाइल और इंटरनेट की लत आज समाज में जहर की तरह घुल गई है। इसलिए बच्चों को मोबाइल से दूर रखें। युवाओं और बड़ों को भी प्रोफेशनल काम के अलावा दो घंटे से ज्यादा मोबाइल या स्क्रीन यूज नहीं करना चाहिए। इससे ज्यादा यूज करने पर मोबाइल या इंटरनेट एडिक्शन का खतरा पैदा हो जाता है, जो कि ड्रग्स के एडिक्शन की तरह है और मानसिक रोगी बना सकता है। -<strong>डॉ. शिव गौतम, वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ जयपुर</strong><br /> <br /> जरूरत से ज्यादा मोबाइल का यूज करने से कई बार मानसिक रोग का शिकार हो सकते हैं। इसके कारण कई बार व्यक्ति अवसाद और हिंसा की भावना से भी घिर जाता है। समाज में इस तरह की घटनाएं अब ज्यादा देखने को मिल रही हैं। ऐसे में मोबाइल एडिक्शन से बचें और कम से कम मोबाइल, कम्प्यूटर और इंटरनेट का प्रयोग करें। -<strong>डॉ. जीडी नाटाणी, वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ, जयपुर</strong><br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>चूरू</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%A4--%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A8-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B--%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80/article-2839</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%A4--%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A8-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B--%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80/article-2839</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Nov 2021 12:34:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/mobile-adict.jpg"                         length="347923"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर चीज में दिव्यता देखना ही देवी की आराधना</title>
                                    <description><![CDATA[पुराण विशुद्ध ज्ञान का भंडार हैं। ये ज्ञान प्रदान करने वाली कई कथाओं से भरे हैं। पुराणों में दुर्गा की शक्ति का चित्रण किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%A8%E0%A4%BE/article-1620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/mata-ji2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देवी की तलवार ज्ञान की तलवार है।</strong> यह हमारे अज्ञान के छह मूल तत्वों  इच्छा, क्रोध, लोभ, मोह, अभिमान और ईर्ष्या को अलग करती है। जब आत्म.ज्ञान का प्रकाश प्रकट होता है, तो अज्ञान का अंधेरा स्वाभाविक रूप से छंट जाता है। देवी जिन राक्षसों को मारती हैं, वे हमारी नकारात्मक प्रवृत्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन राक्षसी ताकतों को हमारे भीतर से खत्म करने में मदद के लिए दैवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता है। ऐसा कहा जाता है कि दुर्गा सभी देवताओं की दिव्य शक्तियों की संयुक्त ऊर्जा से प्रकट हुई थीं। यहां इसका अर्थ यह है कि हमें गहराई तक जड़ें जमा चुकी हमारी नकारात्मक प्रवृत्तियों को हराने में सक्षम होना होगा और इनकी जड़ों, आत्म-अज्ञान को दूर करना होगा, तभी हम अपने सभी सकारात्मक गुणों को आत्मसात कर पाएंगे। विजयदशमी बुराई पर अच्छाई की,अधर्म पर धर्म की अंतिम जीत का प्रतीक है। उस जीत के लिए हमें ईश्वर की कृपा चाहिए। अपने जीवन में ईश्वर की कृपा लाने के लिए हमें समाज को वापस देने की प्रवृत्ति को जगाने की जरूरत है। हमें सभी में ईश्वर को देखने और दूसरों की करुणापूर्वक सेवा करने की प्रवृत्ति जागृत करनी चाहिए। नवरात्रि के दौरान हम न केवल देवी की पूजा करते हैं, बल्कि ब्रह्मांड में सभी अचेतन वस्तुओं को भी दिव्य के रूप में देखते हैं। पूजा के लिए पत्थर, लकड़ी,बर्तन,हल, चाकू,यहां तक कि हथियार भी रखे जाते हैं। वास्तव में मानव जाति को हमेशा सब कुछ दिव्य  रूप में देखने के इस दृष्टिकोण को बनाए रखना चाहिए। यदि हम ऐसा कर सकते हैं, तो हम कभी भी संघर्ष, युद्ध और अन्य प्रकार की हिंसा से ग्रस्त नहीं होंगे,महामारी से भी नहीं।<br /> <br /> ईश्वर की रचना में हर चीज का एक लाभकारी उद्देश्य होता है। जब हम वस्तुओं का दुरुपयोग करते हैं, तो हम विनाश लाते हैं। पसंद की स्वतंत्रता, सेवा या विनाश में संलग्न होना, हममें से प्रत्येक के हाथ में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%A8%E0%A4%BE/article-1620</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%A8%E0%A4%BE/article-1620</guid>
                <pubDate>Wed, 13 Oct 2021 10:29:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/mata-ji2.jpg"                         length="139505"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        