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                <title>लंपी स्किन जांच के लिए पूरे देश में सिर्फ तीन लैब</title>
                                    <description><![CDATA[ लंपी स्किन वायरस गोवंश की जान ले रहा है, लेकिन राजस्थान में पशुपालन विभाग संसाधनों के अभाव में लाचार बना हुआ है। प्रदेश में इस बीमारी की जांच के लिए लैब तक नहीं है। सैंपल लेने के बाद  उन्हें जांच के लिए भोपाल, बरेली और हिसार भेजा जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/only-three-labs-across-the-country-for-lumpy-skin-test/article-19982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/lampi-skin-test-k-liye-desh-mei-3-lab..kota-news-22.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। लंपी स्किन वायरस गोवंश की जान ले रहा है, लेकिन राजस्थान में पशुपालन विभाग संसाधनों के अभाव में लाचार बना हुआ है। प्रदेश में इस बीमारी की जांच के लिए लैब तक नहीं है। सैंपल लेने के बाद उन्हें जांच के लिए भोपाल, बरेली और हिसार भेजा जा रहा है। इसकी रिपोर्ट आने में करीब दस दिन लग रहे हैं। इस कारण लंपी स्किन रोग से पीड़ित गोवंश को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाता है। कोटा से भी कुछ गोवंशों के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए हैं। यहां पर है लैब लंपी स्किन रोग की जांच के लिए पूरे देश में केवल तीन ही लैब है। यह उत्तर प्रदेश के बरेली में इंडियन वेटनरनी रिसर्च इंस्टीटयूट, भोपाल की निशाद लैब और हरियाणा के हिसार में नेशनल रिसर्च सेंटर आॅफ इग्वाइन लैब स्थित है। इन लैबों में राजस्थान व गुजरात सहित पांच राज्यों के हजारों सैंपल भेजे जा रहे हैं। यहां से लैब काफी दूर होने से जांच रिपोर्ट आने में करीब दस दिन का समय लग रहा है। इस दौरान पशुपालन विभाग के चिकित्सक रोग की स्थिति देखकर ही उपचार कर रहे हैं। संभाग में अभी एक भी नहीं आया केस कोटा संभाग में लंपी बीमारी के अभी एक भी केस नहीं आया है। लेकिन यहां से संदिग्ध गायों के सैंपल लेब में भेजे है। रिपोर्ट आने का इंतजार है। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक सीएल मीणा ने बताया कि कोटा में अभी एक भी केस नहीं आया लेकिन पूरी सर्तकता बरती जा रही है। यह होता है लंपी स्किन रोग लंपी स्किन बीमारी मुख्य रूप से गोवंश को प्रभावित करती है। देसी गोवंश की तुलना में संकर नस्ल के गोवंश में लंपी स्किन बीमारी के कारण मृत्यु दर अधिक है। इस बीमारी से गोवंश में मृत्यु दर 1 से 5 प्रतिशत तक है। रोग के लक्षणों में बुखार, दूध में कमी, त्वचा पर गांठें, नाक और आंखों से स्राव आदि शामिल हैं। रोग के प्रसार का मुख्य कारण मच्छर, मक्खी और परजीवी जैसे जीव हैं। इसके अतिरिक्त इस बीमारी का प्रसार संक्रमित पशु के नाक से स्राव, दूषित फीड और पानी से भी हो सकता है। संक्रमित गोवंश में लंपी बीमारी की जांच के लिए राजस्थान में लैब नहीं है। सैंपलों को राज्य से बाहर स्थित लैबों में भेजा जाता है। कोटा से भी कुछ सैम्पल भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लगता है। - एस. भावडेकर, पशु चिकित्सक</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Aug 2022 16:47:20 +0530</pubDate>
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                <title>श्रीलंका में आर्थिक संकंट के कारण स्कूल बंद, 10 दिनों का ही शेष बचा ईंधन</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका ने घोर आर्थिक एवं  ईंधन संकट के  कारण सभी स्कूलों को बंद करने की घोषणा की और मंगलवार से दो सप्ताह के लिए स्वास्थ्य, ट्रेनों और बसों जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ही ईंधन की आपूर्ति की अनुमति दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/schools-closed-due-to-economic-crisis-in-sri-lanka--only-ten-days-of-fuel-left/article-13164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/school-closed.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलंबो। श्रीलंका ने घोर आर्थिक एवं  ईंधन संकट के  कारण सभी स्कूलों को बंद करने की घोषणा की और मंगलवार से दो सप्ताह के लिए स्वास्थ्य, ट्रेनों और बसों जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ही ईंधन की आपूर्ति की अनुमति दी है। श्रीलंका पिछले कुछ महीनों से घोर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। यहां विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड निचले स्तर पर है जिससे यह देश भोजन, दवा और ईंधन के आवश्यक आयात के लिए भुगतान करने में असमर्थ है।<br /><br />रिपोर्ट के अनुसार, देश में ईंधन केवल 10 दिनों तक लिए शेष बचा है,जो नियमित मांग के आधार पर सिर्फ एक हफ्ते में ही खत्म हो जाएगा। सरकारी कैबिनेट के प्रवक्ता बंडुला गुनेवर्धने ने कहा कि देश में सिर्फ ट्रेनों और बसों, चिकित्सा सेवाओं और वाहनों को चलाने के लिए ईंधन की आपूर्ति की जाएगी। जो मंगलवार से 10 जुलाई तक भोजन का परिवहन करते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने ईंधन संकट के मद्देनजर  शहरी क्षेत्रों में स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया और सभी से घर से काम करने का आग्रह किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 16:29:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर एयरपोर्ट पर बड़ा बदलाव: अब केवल 3 दिन ही रहेगा रनवे नोटम</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने बड़ा बदलाव करते हुए 4 दिन रनवे नोटम को समाप्त किया है। इस अवधि में 24 घंटे तक विमानों का आवागमन हो सकेगा। इससे विमानों को होल्ड पर रखने की समस्या समाप्त होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-change-at-jaipur-airport-now-runway-notam-will-remain--for-only-3-days/article-13140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/jaipur.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने बड़ा बदलाव करते हुए 4 दिन रनवे नोटम को समाप्त किया है। इस अवधि में 24 घंटे तक विमानों का आवागमन हो सकेगा। इससे विमानों को होल्ड पर रखने की समस्या समाप्त होगी। जयपुर एयरपोर्ट पर पहले रविवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक (2 घंटे का) रनवे नोटन होता था। इस अवधि में विमानों का आवागमन पूरी तरह से बंद रहता था। एयरपोर्ट प्रशासन इसमें बदलाव करते हुए सप्ताह में 3 दिन (सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को) रनवे नोटम समाप्त किया है। अब सप्ताह में मंगलवार गुरुवार और शनिवार को ही दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक रनवे नोटम रहेगा।</p>
<p><strong>पहले होल्ड पर रखा जाता था विमान</strong> <br />रेलवे नोटम के दौरान यदि कोई विमान जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंच जाता था तो उसे 2 घंटे तक होल्ड ही रखा जाता था। इसके चलते यात्रियों को परेशानी होती थी। अब रविवार, सोमवार, बुधवार और रविवार को फ्लाइट 24 घंटे लैंड व टेकऑफ हो सकेगी। इस तरह एयरलाइन कंपनियों को फ्लाइट संचालन के लिए 2 घंटे अतिरिक्त मिलेंगे। इससे होल्ड पर रखने की समस्या समाप्त होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 12:52:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया के पास मात्र 70 दिन का गेहूं! </title>
                                    <description><![CDATA[भारत के गेहूं निर्यात पर बैन लगाने से पश्चिमी देश टेंशन में आए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/washington-news--the-world-has-only-70-days-of-wheat/article-10292"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/genhu.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। यूरोप की रोटी की टोकरी कहे जाने वाले यूक्रेन पर रूस के हमले से खाद्यान सप्लाइ को लेकर हालात भयानक होते जा रहे हैं। इस महासंकट पर संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि दुनिया के पास मात्र 10 सप्ताह यानि 70 दिन का ही गेहूं शेष बचा है। यह साल 2008 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।</p>
<p><br />संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि दुनिया में खाद्यान का ऐसा संकट एक पीढ़ी में एक ही बार होता है। इस बीच अब दुनिया की निगाहे जापान में होने जा रहे क्वॉड देशों की बैठक पर टिक गई है जहां गेहूं संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है। भारत के गेहूं के निर्यात पर बैन से अमेरिका समेत यूरोपीय देश टेंशन में आ गए हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों के टेंशन की वजह भी है। गो इंटेलिजेंस की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में अब मात्र 10 सप्ताह तक ही गेहूं की सप्लाइ का स्टॉक बचा है। दरअसल, रूस और यूक्रेन दुनिया के एक चौथाई गेहूं की आपूर्ति करते हैं और पश्चिमी देशों को डर है कि पुतिन गेहूं को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। रूस में इस साल गेहूं की फसल शानदार हुई है और पुतिन इसे नियंत्रित कर सकते हैं। वहीं खराब मौसम की वजह से यूरोप और अमेरिका में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।<br /><br />गो इंटेलिजेंस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सारा मेनकर ने चेतावनी दी कि खाद्यान की सप्लाइ कई असाधारण चुनौतियों से जूझ रही है। इसमें फर्टिलाइजर की कमी, जलवायु परिवर्तन और खाद्यान तेल तथा अनाज का रेकॉर्ड कम भंडार इसकी वजह है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि बना तत्काल और आक्रामक वैश्विक प्रयास के हम इंसानों के लिए असाधारण मानवीय त्रासदी और आर्थिक नुकसान की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा संकट एक पीढ़ी में केवल एक ही बार आता है और यह भूराजनीतिक दौर को नाटकीय तरीके से बदल सकता है। पश्चिमी देशों को डर सता रहा है कि रूसी राष्ट्रपति जानबूझकर वैश्विक खाद्यान सप्लाइ को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं और यूक्रेन के कृषि उपकरणों को नष्ट कर रहे हैं, उनके गेहूं को चुरा रहे हैं। इस बीच भारत के गेहूं निर्यात पर बैन लगाने से पश्चिमी देश टेंशन में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति क्वॉड की जापान में हो रही बैठक में गेहूं के निर्यात के मुद्दे को पीएम मोदी से उठा सकते हैं। अमेरिका ने कहा है कि क्वॉड बैठक में गेहूं संकट पर चर्चा होगी। बाइडन पीएम मोदी से गेहूं के निर्यात पर बैन हटाने के लिए गुहार लगा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 15:58:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नहर में जलापूर्ति बाधित, 27 मई के बाद ही मिल सकेगा पीने का पानी</title>
                                    <description><![CDATA[ सरहिंद फीडर व इंदिरा गांधी फीडर के बीच के कॉमन बैंक के टूटने से जलापूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/water-supply-disrupted-in-the-canal--drinking-water-will-be-available-only-after-may-27/article-10126"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/wwww.jpg" alt=""></a><br /><p> बीकानेर। सरहिंद फीडर व इंदिरा गांधी फीडर के बीच के कॉमन बैंक के टूटने से जलापूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है। आशंका है कि प्रत्येक व्यक्ति तक समुचित पेयजल नहीं उपलब्ध हो पाए। ऐसी परिस्थितियों में पानी के दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ  कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान हालातों में बीकानेर, श्रीगंगानगर तथा हनुमानगढ़ जिले के पूर्ण क्षेत्र को 25 से 27 मई के बीच पेयजल हेतु जलापूर्ति होने की संभावना है। सरहिंद फीडर व इंदिरा गांधी फीडर का कॉमन बैंक 08 मई की रात्रि को टूट गया था। यही कारण है कि अब नहर में जल का प्रवाह 23 मई के आसपास ही आरंभ हो पाएगा। बीकानेर के संभागीय आयुक्त नीरज के पवन ने क्षेत्र के लोगों से आव्हान किया है कि वे पेयजल का न्यूनतम उपयोग करें।</p>
<p>उपलब्ध पेयजल को गाड़ी धोने,सड़कों पर छिड़काव करने, घर धोने, पार्कों में जल देने, नल खुला छोड़ने, तथा अन्य बल्क उपयोग, व्यवसायिक औद्योगिक उपयोग, स्विमिंग पूल आदि में नहीं करें। आयुक्त ने कहा कि आमजन के सहयोग से इस विपरीत परिस्थिति में आम जन तक समुचित  पेयजल पहुंचाना तथा व्यवस्था बनाए रखना संभव होगा।बीकानेर संभाग में पीने के पानी के दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ  तुरंत कार्रवाई की जाएगी। संभागीय आयुक्त ने बताया कि पानी के दुरुपयोग, लीकेज, मोटर, बूस्टर अथवा अधिक उपयोग एवं इसके व्यर्थ बहने की जानकारी विभागीय कंट्रोल रूम 0151-2226454 पर दी जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 May 2022 17:01:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अदालत को ही न्याय की आस : पुलिस को मामले की जांच फिर से करने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[फांसी की सजा को आजीवन कारावास मेंं बदला, कहा-जिन अफसरों ने फंसाया उन पर कार्रवाई की जाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--court-only-hope-for-justice--order-to-police-to-re-investigate-the-matter/article-9915"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/justice3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने झालावाड़ में सात साल की बच्ची की हत्या से पहले दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य करने से जुड़े मामले में हत्या के आरोप में अभियुक्त को दी गई फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है। इसके साथ ही अदालत ने झालावाड़ एसपी को कहा है कि वह प्रकरण को री-ओपन करते हुए नए सिरे से जांच करे और उन लोगों को गिरफ्तार करें, जिनके डीएनए पीड़िता के कपड़ों पर पाए गए हैं। इसके साथ ही अदालत ने कहा है कि जिन अफसरों ने अपना केस लड़ने में असक्षम युवा को मामले में फंसाया है, उन पर कार्रवाई भी की जाए। जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने यह आदेश राज्य सरकार के डेथ रेफरेंस व आरोपी के अपील पर सुनवाई करते हुए दिए।</p>
<p>अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हम भारी हृदय और न्याय की उम्मीद के साथ ऐसे अपराध के आरोपी को आजीवन कारावास में भेज रहे हैं, जो किसी अन्य दो अपराधियों ने किया है। अदालत ने अधिवक्ता नितिन जैन और सरकारी वकील रेखा मदनानी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने निष्पक्ष रूप से स्वीकार है कि पीड़िता से दो अन्य लोगों ने अपराध किया था। सुनवाई के दौरान प्रो-बोनो अधिवक्ता नितिन जैन ने अदालत को बताया कि घटना के समय आरोपी नाबालिग था। इसके अलावा प्रकरण में डीएनए रिपोर्ट भी आरोपी के ब्लड से मेल नहीं खाती है। ऐसे में उसकी फांसी की सजा को रद्द किया जाए। <br /><br /><strong>क्या है मामला</strong><br />झालावाड़ के कामखेड़ा थाना इलाके में सात साल की बच्ची से गत 28 जुलाई 2018 को बलात्कार और अप्राकृतिक कृत्य के बाद हत्या की वारदात हुई थी। पुलिस ने मामले में कोमल लोढ़ा को गिरफ्तार करते हुए घटना के 9 दिन में ही कोर्ट में आरोप पत्र पेश कर दिया। वहीं पॉक्सो कोर्ट ने भी आरोपी को अन्य अपराधों के अलावा हत्या के आरोप में 23 सितंबर 2019 को फांसी की सजा सुना दी। मामला हाईकोर्ट में आने पर पूर्व में अदालत ने फांसी को आजीवन कारावास में बदला था। इस पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण रिमांड करते हुए फांसी या आजीवन कारावास के संबंध में फैसला लेने का निर्देश दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 11:28:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व मलेरिया दिवस आज: हजारों साल पुराना दंश, लाखों मौत, अब घट रहे केस, 5 साल में केवल 1 मौत</title>
                                    <description><![CDATA[मादा एनाफिलीज मच्छर के शरीर में रहने वाले पैरासाइट से होने वाली मलेरिया बीमारी का पता 1880 में लगा, लेकिन वैज्ञानिक इसका दंश दुनिया में 2500 ईसा पूर्व यानी करीब 4 हजार 500 साल से पुराना मानते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/health-news--jaipur-news--world-malaria-day-today--thousands-of-years-old-bite--lakhs-of-deaths--now-cases-are-decreasing--only-1-death-in-5-years/article-8531"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/4654544651.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मादा एनाफिलीज मच्छर के शरीर में रहने वाले पैरासाइट से होने वाली मलेरिया बीमारी का पता 1880 में लगा, लेकिन वैज्ञानिक इसका दंश दुनिया में 2500 ईसा पूर्व यानी करीब 4 हजार 500 साल से पुराना मानते हैं। पांच साल पहले तक भारत में 20 लाख से अधिक लोग साल में इसके शिकार हो रहे थे। डारेक्ट्रेट ऑफ नेशनल वैक्टर बोर्न डिजीज कन्ट्रोल प्रोग्राम के डेटा के अनुसार राहत यह है कि इसके बाद से मलेरिया कम होता जा रहा है। देश में बीते साल केवल 1.58 लाख केस आए। मौतें केवल 80 ही हुई। प्रदेश में यह है कि 871 लोगों को बीमार किया। मौतें तो पांच साल में केवल एक ही हुई है। दुनिया में 4 लाख लोगों की जान अभी भी इससे जा रही है। मलेरिया की खोज के 141 साल बाद पिछले साल इसकी पहली वैक्सीन मोक्सक्यूरिस नाम से आई है। इम्यूनिटी, पैरासाइट की पूरा होता जीवन-चक्र, बारिश के मौसम में सावधानियां, साफ-सफाई, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम से इसे हराने वाले दुनिया के 100 से अधिक देशों की तरह उम्मीद है कि भारत भी इससे जल्द मुक्त होगा।</p>
<p><strong>जानलेवा रूप कम, इसलिए मौतें भी कम</strong><br />एसएमएस अस्पताल के मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. सीएल नवल ने बताया कि प्लाज्मोडियम वाइवेक्स, प्लाज्मोडियम फेलसिफेरम और प्लाज्मोडियम मलेरी पैरासाइट मच्छर के शरीर में रहते हैं। मच्छर के काटने से हम संक्रमित होते हैं। जानलेवा पैरासाइट प्लाज्मोडियम फैलसिफेरम होता है। राहत यह है कि मच्छरों में इसकी संख्या घट रही है। केवल 5 फीसदी मरीज ही अब इससे संक्रमित हो रहे हैं। बाकी 95 फीसदी भारत में प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के केस आ रहे हैं। इसके चलते मौतें लगातार कम हो रही है।</p>
<p><strong>मलेरिया पर फैक्ट फाइल</strong><br />- राजस्थान में 83 हजार पर एक व्यक्ति को मलेरिया हुआ।  भारत में अब मलेरिया के 1 हजार आबादी पर 1 से कम केस आ रहे हैं, जबकि देश में 2001 में प्रति हजार 2 केस आया करते थे। प्रदेश में यह आंकड़ा 5 केस प्रति हजार था, लेकिन 2021 में 83237 लोगों पर केवल एक व्यक्ति ही शिकार हुआ। <br />- आजादी के वक्त 75 लाख लोग संक्रमित हुए थे। मलेरिया से 1947 में 75 लाख लोग संक्रमित हुए थे। तब जनसंख्या 33 करोड़ थी। अब 135 करोड़ आबादी पर केवल मात्र 1.58 लाख ही संक्रमित हुए। <br />- अमेरिका के दो राज्य 1962 में ही मलेरिया मुक्त हुए, अब पड़ोसी चीन भी। दुनिया में सबसे पहले अमेरिका के दो स्टेट ग्रेनेडा, सेंट ल्यूसिया 1962 में मलेरिया मुक्त हुए थे। इसके बाद 100 से अधिक देश मलेरिया मुक्त हो चुके। पिछले साल चीन को भी डब्ल्यूएचओ ने मलेरिया मुक्त घोषित किया है। <br />- बीते साल सबसे ज्यादा  केस व मौतें छत्तीसगढ़ में हुई। देश में बीते साल सबसे ज्यादा केस 92455 और सबसे ज्यादा 34 मौतें छत्तीसगढ़ में हुई। राजस्थान समेत 27 राज्यों में कोई मौत नहीं हुई। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Apr 2022 10:50:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अशोकउद्दीन’ को सिर्फ मुस्लिम वोट की चिंता: दिलावर</title>
                                    <description><![CDATA[ब्यूरो/नवज्योति, उदयपुर। भाजपा प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर ने मुख्यमंत्री को नया नाम ‘अशोकउद्दीन’ देते हुए कहा कि वे पूरी तरह से हिंदू विरोधी हैं, क्योंकि उन्हें सिर्फ मुसलमानों के वोट बचाने की चिंता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news--ashokuddin--is-only-concerned-about-muslim-votes--madan-dilawar/article-8464"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ashok-gehlot---.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। भाजपा प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर ने मुख्यमंत्री को नया नाम ‘अशोकउद्दीन’ देते हुए कहा कि वे पूरी तरह से हिंदू विरोधी हैं, क्योंकि उन्हें सिर्फ मुसलमानों के वोट बचाने की चिंता है।</p>
<p><br />दिलावर शनिवार को यहां पार्टी कार्यालय पर प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के इशारे पर अलवर में 300 साल पुराना मंदिर को अतिक्रमण के नाम पर तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम 10 नगर पालिका से प्रस्ताव तैयार करते हैं, क्या गहलोत किसी मस्जिद को तोड़ने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि जो आतंक फैलाने वाला और आतंकवाद का साथ देने वाला, दोनों ही आतंकवादी होते हैं। रामगंज मंडी विधायक दिलावर ने कांग्रेस पर तंज करते हुए कहा कि अब हिंदू विरोधी भी कोट-पेंट पर जनेऊ धारण करने लगे हैं। इस पार्टी के लोग नाकारा और निकम्मे हैं और बुद्धु भी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष कहते हैं कि हिंदू लडके मंदिरों में लड़कियां छेड़ने जाते हैं, अब कांग्रेसी भी तो मंदिर जाते हैं, क्या वे भी वहां लड़कियां छेड़ने जाते हैं। <br /> <br /><strong>हमारे घर अंधेरा, रोजेदारों को तकलीफ न हो</strong><br />दिलावर ने कहा कि गहलोत ने मुस्लिम बहुल बस्तियों में बिजली कटौती नहीं करने का लिखित आदेश दे दिया। इधर, हमारे किसी घर में उत्सव है, शादी है या अन्य कोई आयोजन है तो उससे गहलोत को कोई मतलब नहीं है। स्कूल के छोटे बच्चे 5वीं बोर्ड परीक्षा के नाम पर 8 से 10 किलो मीटर दूर तक गर्मी में तपते हुए जाएं, लेकिन रोजेदारों को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। <br /><br /><strong>सांप्रदायिकता फैलाना ही कांग्रेस का उद्देश्य</strong> <br />दिलावर ने दावा किया कि वर्ष 2011 में कांग्रेस सांप्रदायिक लक्ष्य हिंसा अधिनियम का प्रस्ताव लाना चाहती थी। इसकी मूल बात यह थी कि यदि हिंदू-मुस्लिम दंगे हो जाएं और उसमें किसी मुस्लिम पर दोष सिद्ध हो जाए तब भी दोषी हिंदू को ही माना जाएगा। दरअसल, कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य ही सांप्रदायिकता फैलाना है। उदयपुर में हो रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर को लेकर प्रार्थना है कि भगवान उनका उद्देश्य पूरा करे।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Apr 2022 11:41:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कार्डियक सर्जरी में घट रहा युवा डॉक्टर्स का रूझान, 6 करोड़ मरीजों पर सिर्फ पांच हजार सर्जन</title>
                                    <description><![CDATA[कार्डियक सर्जरी की 180 सीटों में से 139 खाली ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/trend-of-young-doctors-is-decreasing-in-cardiac-surgery--only-five-thousand-surgeons-per-6-crore-patients/article-7750"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/eee.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश के इस समय छह करोड़ से अधिक हार्ट पेशेंट्स हैं, जबकि कार्डियक सर्जन सिर्फ  पांच हजार हैं। कार्डियक सर्जरी को लेकर युवा डॉक्टर्स का रूझान दिन-ब-दिन कम हो रहा है। आश्रम मार्ग पर स्थित एक होटल में चल रही चार दिवसीय इंडियन एसोसिएशन ऑफ कार्डियो वैस्कुलर एंड थोरेसिक सर्जन की नेशनल कॉन्फ्रेंस रविवार को सम्पन्न हुई।  कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ सीटीवीएस सर्जन्स ने देश में कार्डियक सर्जरी की स्थिति को लेकर चिंता जताई। आयोजक सचिव डॉ. राजकुमार यादव ने बताया कि चार दिनों में देशभर से 1400 से अधिक एक्सपर्ट्स ने ऑनलाइन और ऑफलाइन भाग लिया। 600 से अधिक रिसर्च पेपर और पोस्टर पढ़े गए। संयुक्त आयोजक सचिव डॉ. सुनील कौशल ने बताया कि क्विज सेशन भी हुआ और विजेताओं को पुरस्कृत किया।<br /><br /><strong>कार्डियक सर्जरी की 180 सीटों में से 139 खाली</strong> <br />आईएसीटीएस के नेशनल सैक्रेटरी डॉ. सीएस हिरेमथ ने बताया कि देशभर में कार्डियक सर्जरी की स्टडी के लिए 180 सीटें हैं। इनमें से 139 सीटों पर एडमिशन के लिए अप्लाई नहीं हुआ, जोकि बेहद चिंताजनक बात है। इंडियन एसोसिएशन आॅफ  कार्डियोवैस्कुलर एंड थोरेसिक सर्जन एक नया प्रोग्राम मेंटरशिप योर डोर स्टेप शुरू करने जा रहा है। इसमें एक्सपर्ट्स नए कार्डियक सर्जन्स को उन्हीं के शहर में जाकर ट्रेनिंग देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Apr 2022 15:10:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य दिवस पर आइए जानें कैसी है हेल्थ सिस्टम की सेहत</title>
                                    <description><![CDATA[अभी कुल 52 हजार डॉक्टर, सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ही सालाना 1.76 करोड़ मरीज ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--news--on-health-day--let-s-know-how-is-the-health-of-the-health-system-lack-of-20-thousand-doctors-in-the-state--16-thousand-government-doctors-are-treating-9-crores/article-7512"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/health.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:left;"> जयपुर। राजस्थान की वर्तमान आबादी तकरीबन 7.25 करोड़ है। इनके स्वास्थ्य को ठीक रखने का जिम्मा प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट मिलाकर करीब 52 हजार डॉक्टरों (राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड) पर है। आदर्श स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अभी भी 20 हजार और डॉक्टरों की जरूरत है, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन मानता है कि बेहतर हेल्थ मैनजमेंट को प्रति एक हजार की आबादी पर एक डॉक्टर होना चाहिए। राजस्थान में 1538 की आबादी पर एक डॉक्टर है। प्रदेश का बड़ा तबका सरकारी अस्पतालों पर ही निर्भर है। हालांकि प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा महकमे में तीन हजार से ज्यादा डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। यदि पूरे पद भी भर दिए जाएं तब भी बड़ी संख्या में और डॉक्टर चाहिए, क्योंकि सरकार के सात मेडिकल कॉलेज और 2863 अस्पतालों में करीब 16 हजार ही डॉक्टर हैं। इन्होंने बीते साल करीब 9 करोड़ बीमार होकर आने वाले लोगों यानी आबादी से 1.75 करोड़ से अधिक लोगों का इलाज किया। आंकड़े चिंता में इसलिए डालते हैं कि गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बने सरकार के सातों मेडिकल कॉलेजों में केवल 3169 ही बड़े डॉक्टर (मेडिकल टीचर्स) हैं। बीते साल इन अस्पतालों में इलाज को 1.76 करोड़ से अधिक मरीज पहुंचे थे। इनमें भी सर्जरी के एक्सपर्ट तकरीबन 10 फीसदी ही हैं, जिन्होंने 4.38 लाख ऑपरेशन कर मरीजों को नई जिंदगी दी। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>विश्व स्वास्थ्य दिवस </strong></span><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>प्रदेश में अभी 1349 मरीजों पर एक डॉक्टर</strong></span><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>5 साल में WHO के मुताबिक होंगे डॉक्टर</strong></span></p>
<table style="width:778px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;width:773px;" colspan="2"><span style="background-color:#cc99ff;color:#000080;"><strong>सरकार की मुफ्त इलाज और नीरोगी राजस्थान की मुहिम</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;"> सरकारी अस्पतालों में मरीजों का भार कम करने और प्राइवेट अस्पताल की मुफ्त सेवाओं को चिंरजीवी बीमा से 1.33 करोड़ परिवार बीमित हैं। ये 10 लाख तक का इलाज पर 714 करोड़ रुपए बीमा राशि से हुए।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह फ्री कर दिया गया है। अस्पतालों में इस साल 150 से अधिक जांचें हुई, जिनमें 10 हजार तक की मुफ्त जांचें।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;"> अस्पताल में मौजूदा 969 मुफ्त दवाओं के अतिरिक्त बाहर से महंगी दवा आने का खर्चा भी सरकार उठा रही।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">अब तक 30 जिलों में केन्द्र की मदद से 23 मेडिकल कॉलेज मंजूर।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;"> डॉक्टरों की उपलब्धता के लिए प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की जल्द नीति आएगी।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">राइट टू हेल्थ कानून लागू होने जा रहा है।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">कुल बजट का सात फीसदी हेल्थ पर खर्च, एनएचएम के तहत 4358.78 करोड़ रुपए केन्द्र दे रहा।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:778px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:774px;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>बीते साल कितने मरीजों का इलाज हुआ</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:774px;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41.5px;">
<td style="height:41.5px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41.5px;width:715.3px;"> 1,76,42,822 मरीज ओपीडी में</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;">1,31,67,576 मरीज भर्ती हुए</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;"> 4,38,915 ऑपरेशन हुए।</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;" colspan="2"><span style="background-color:#cc99ff;color:#000080;"><strong>8 राजसैम व सोसायटी मेडिकल कॉलेज में 90 लाख मरीज</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;" colspan="2"><span style="background-color:#ccffff;color:#993300;"><strong>2863 अस्पताल</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;">ओपीडी में 6.45 करोड़</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;">भर्ती हुए 70 लाख</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p style="text-align:left;">824 डॉक्टरों की जल्द भर्ती कर रहे हैं। जिलों में अस्थायी आधार पर डॉक्टर रखने के आदेश हाल ही में दिए हैं। वहीं एक हजार अधिशेष डॉक्टरों को भी जिन जगह डॉक्टर नहीं है, वहां भेजा जा रहा है।  राजमैस के तहत संचालित मेडिकल कॉलेज में मेडिकल टीचर्स की अस्थाई भर्ती की रियायत दी है।  अस्पतालों में पूरी तरह से इलाज फ्री कर दिया गया है। चिरंजीवी से प्राइवेट की भी सेवाएं 1.33 करोड़ परिवार ले सकते हैं। ऐसी योजनाएं लाएं है कि हेल्थ पर जनता की जेब अब ढीली नहीं होगी। - <strong>परसादी लाल मीणा, चिकित्सा मंत्री, राजस्थान    </strong></p>
<table style="width:708px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="text-align:center;height:41px;width:703px;" colspan="3"><span style="background-color:#ffcc99;color:#ff6600;"><strong>हमारा हेल्थ सिस्टम</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:112.1px;" rowspan="4">
<p style="text-align:left;"><span style="background-color:#ccffcc;color:#008000;"><strong>इलाज की क्षमता</strong></span></p>
<p style="text-align:left;"><strong>मेडिकल कॉलेज में भर्ती की क्षमता 24,517, अन्य सरकारी अस्पतालों में 60 हजार</strong></p>
</td>
<td style="height:41px;width:550.9px;" colspan="2">
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>16 मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में</strong></span></p>
<p><strong>01. सात सरकारी मेडिकल कॉलेज , झालावाड़ में सोसायटी द्वारा संचालित,  7 राजसैम से जिलों में संचालित, 1 अलवर में ईएसआई संचालित</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41.5667px;">
<td style="height:41.5667px;width:550.9px;" colspan="2">
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>2863 अस्पताल</strong></span></p>
<p><strong>02. 29 जिला,32 सब डिविजनल, 649सीएचसी, 2153 पीएचसी, (13779 सब सेंटर अलग)</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:550.9px;" colspan="2">
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>डॉक्टर</strong></span></p>
<p><strong>03. 12500 चिकित्सा विभाग,  3169 मेडिकल कॉलेज टीचर्स,  805 सीनियर रेजीडेंट्स डॉक्टर <br /></strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:550.9px;" colspan="2">
<p style="text-align:left;"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>रिक्त पद </strong></span></p>
<p style="text-align:left;"><strong>04. 633 मेडिकल टीचर्स, 2500 डॉक्टर,  30हजार पैरामेडिकल स्टाफ, 66 हजार नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ, 52 हजार आशा सहयोगिनियां</strong></p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:left;width:600px;" colspan="2"><span style="background-color:#ffcc99;color:#ff6600;"><strong> नि: शुल्क दवा और जांच</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">4 हजार निशुल्क दवा वितरण केंद्र: 8.58 करोड़ मरीजों को दी मुफ्त दवा, 760 करोड़ रुपए खर्च।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">3 हजार से ज्यादा अस्पताल: 4.4 करोड़ जांचे हुई, 100 से ज्यादा मुफ्त जांच,  150.34 करोड़ खर्च।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">अब मंहगी एमआरआई, सीटी स्कैन,  डायलिसिस सहित सभी फ्री होंगे।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">डॉक्टर की जरूरत जल्द पूरी होने की आस, अभी 4200 डॉक्टर बन रहे है, जल्द 7000 तक मिलने लगेंगे।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">3 साल पहले 8 मेडिकल कॉलेज:  जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, कोटा, झालावाड़ और जयपुर में आरयूएचएस थे, कुल सीटें 1900।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">अब नए 7 नए मेडिकल कॉलेज और शुरू: भरतपुर, भीलवाड़ा, चूरू, डूंगरपुर, पाली, बाड़मेर, सीकर कुल सीटें 980।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">
<p style="text-align:left;">नए प्रस्तावित कॉलेज: 15 को मंजूरी, 2023 तक शुरू होंगे।</p>
<p style="text-align:left;">तीन जिलों में जंहा और कॉलेज की कवायद: राजसमंद, जालौर, प्रतापगढ़।</p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p> </p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p> </p>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong>     <br />    <br />   <br />    <br />   <br />    <br />    <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--news--on-health-day--let-s-know-how-is-the-health-of-the-health-system-lack-of-20-thousand-doctors-in-the-state--16-thousand-government-doctors-are-treating-9-crores/article-7512</link>
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                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 10:33:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> एक टंकी के भरोसे है कस्बे की पेयजल व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर में 40 वर्ष पूर्व 5 हजार की आबादी के तहत टंकी का निर्माण हुआ था। लेकिन लगातार बढ़ती आबादी के लिए यह व्यवस्था नाकाफी है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota--the-drinking-water-system-of-the-town-is-based-on-a-tank/article-7007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/water-tank.jpg" alt=""></a><br /><p>इटावा। इटावा नगर में अभी तक भी 40 वर्ष पुरानी पेयजल व्यवस्था ही चली आ रही है। जिसके चलते इटावा नगर के कई वार्डों में लोगों को गर्मी के साथ ही पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार नगर में 40 वर्ष पूर्व 5 हजार की आबादी के तहत टंकी का निर्माण हुआ था। उसके बाद नगर की आबादी बढ़ती गई। नगर में हालांकि एक टंकी के साथ 17 ट्यूबवेल से पेयजल की आपूर्ति हो रही  है। लेकिन लगातार बढ़ती आबादी के लिए यह व्यवस्था नाकाफी है।  <br /><br /><strong>कई वार्डो में रहती है पेयजल की समस्या</strong> <br />इटावा नगर में पुराने बाजार सहित कई क्षेत्रों में गर्मी के साथ ही पेयजल समस्याओं का लोगों को सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही कोटा रोड़, सरोवर नगर के कुछ क्षेत्रों में भी पानी की समस्या का लोगों को सामना करना पड़ता है। पुराने बाजार क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इन दिनों एक तो बिजली की अघोषित कटौती होती है, वहीं टंकी में पानी का भराव नहीं होने से 20-25 मिनिट ही पानी की आपूर्ति हो पाती है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><br /><strong>जर्जर टंकी से कभी भी हो सकता है हादसा</strong><br />इटावा नगर में 1980 में करीब 40 वर्ष पूर्व पेयजल योजना को लेकर टंकी का निर्माण हुआ था। लेकिन इन 40 वर्षों में टंकी की समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण जगह-जगह से जर्जर हो गई है। कई बार टंकी का मलबा गिरने से लोग चोटिल हो चुके हैं। टंकी के आसपास रहने वाले लोग हमेशा हादसे को लेकर भयभीत रहते हैं। टंकी का हिस्सा कई जगह से क्षतिग्रस्त होने के साथ ही सीढ़ियां तक टूटी हुई हैं। जिसके कारण लंबे समय से सफाई तक नहीं हुई। जिससे पेयजल आपूर्ति को लेकर भी लोग हमेशा परेशान रहते है। <br /><br /><strong>2024 में नोनेरा-ऐबरा बांध से मिलेगा पानी</strong> <br />इटावा क्षेत्र में तीन नदियों का अथाह पानी होने के बाद भी लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब कालीसिंध नदी पर बन रहे नोनेरा-ऐबरा डेम से इटावा क्षेत्र के 167 गांवों व इटावा नगर को पेयजलापूर्ति होगी। इसको लेकर स्वच्छ पेयजल जल जीवन मिशन के तहत प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं। <br /><br /><strong>इनका कहना है...</strong><br />टंकी कई जगह से जर्जर हो चुकी है। हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है। आए दिन मलबा गिरने से कई बार दुर्घटना हो चुकी है। विभाग को भी अवगत करा दिया है। लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। <br />-नियाजुद्दीन अंसारी, क्षेत्रवासी<br /><br />विभाग द्वारा पेयजल योजना के प्रस्ताव भिजवा दिए गए हंै। इस योजना से इटावा सहित 167 गांवों को इस योजना के तहत पानी मिल सकेगा। इटावा नगर में पुरानी टंकी को हटाने के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजे हैं। स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्यवाही होगी। नगर की पेयजल आपूर्ति को लेकर 5 टंकियों और पंप हाउस के भी प्रस्ताव भिजवाए हैं।<br />-अंकित सारस्वत, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, इटावा</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota--the-drinking-water-system-of-the-town-is-based-on-a-tank/article-7007</link>
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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 16:17:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाल-ए-एसएमएस अस्पताल... जरूरत 350 सीसीटीवी की, काम कर रहे हैं 70 कैमरे</title>
                                    <description><![CDATA[130 कैमरे लगे, लेकिन किसी काम के नहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hall-e-sms-hospital----needed-350-cctv-cameras--70-cameras-working--how-will-the-crime-stop--the-third-eye-is-only-four-times-worse--the-criminals-commit-the-crime-to-the-victim-of-the-disease-manifold-pain/article-6934"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sms.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश ही नहीं, बल्कि आसपास के कई राज्यों के मरीजों का भार संभाल रहा सवाई मानसिंह अस्पताल खुद लचर सुरक्षा व्यवस्था जैसी बड़ी बीमारी से ग्रसित है। यहां दूरदराज से ज्यादातर गरीब तबके के मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन यहां उन्हें कभी जेब कटने, मोबाइल चोरी होने तो कभी वाहन चोरी होने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में मरीज के परिजनों और डॉक्टर्स तथा अन्य स्टाफ के साथ ऐसी घटनाएं अब आम हो गई हैं। इसके बाद भी अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा।</p>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;"> 130 कैमरे लगे, लेकिन किसी काम के नहीं</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;">पुलिस ने एसएमएस प्रशासन को सौंपा वाहन और मोबाइल चोरी रोकने का मास्टर प्लान</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;"> सुरक्षा में तैनात गार्ड भी नाकाफी, 300 गार्ड भी हैं कम</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="color:#ff0000;background-color:#ffff99;"><strong>एक नजर में वारदात</strong></span><br />पुलिस की ओर से तैयार रिपोर्ट की बात करें तो 18 अगस्त, 2021 से लेकर 31 दिसम्बर, 2021 तक कुल 512 मोबाइल और 52 बाइक चोरी हुई। वहीं 2022 में एक जनवरी, 2022 से लेकर 21 फरवरी तक 150 मोबाइल और 15 बाइक चोरी हुई। एसएमएस के गेट नम्बर एक से लेकर 6 नम्बर के बीच में सबसे ज्यादा वाहन चोरी होते हैं। चोर मास्क लगाकर आते हैं और आसानी से वारदात करते हैं। मास्क से भी पुलिस को वाहन चोर पकड़ने में मशक्कत करनी पड़ती है।</p>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="width:599px;text-align:center;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>वर्तमान में सुरक्षा व्यवस्था</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">1.</td>
<td style="width:532.733px;">करीब 200 सीसीटीवी लगे हैं, जिनमें से 70 कैमरे ही काम कर रहे हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">2.</td>
<td style="width:532.733px;">अस्पताल के मुख्य द्वारों पर कोई भी कैमरा और गार्ड नहीं हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">3.</td>
<td style="width:532.733px;">वर्तमान में एसएमएस की सुरक्षा के लिए निजी कम्पनी के 423 गार्ड हैं। इसके साथ ही 56 गार्ड एक्स-आर्मी मैन हैं।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="width:74.3333px;text-align:center;" colspan="2"><strong><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;">यह होना चाहिए</span></strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:74.3333px;">1.</td>
<td style="width:525.667px;">पूरे अस्पताल की सुरक्षा के हिसाब से 350 सीसीटीवी अतिआवश्यक हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:74.3333px;">2.</td>
<td style="width:525.667px;">हाल में तैनात गार्ड के अलावा 100 गार्ड्स की और तैनाती की जाए तो सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो सकती है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>सबसे ज्यादा भीड़ वहां भी सुरक्षा नहीं</strong></span><br />हर रोज एसएमएस के गेट नम्बर-4 जहां धनवंतरी ओपीडी है यहां पर सबसे ज्यादा भीड़ आती है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार यहां पर गार्ड और सीसीटीवी कैमरे नहीं है। इसी गेट पर महावीर विकलांग समिति है, जिसके बाहर गार्ड व सीसीटीवी कैमरे नहीं है।<br /><br />अस्पताल में कैमरों और गार्ड की संख्या जल्द ही बढ़ाई जाएगी। पुलिस प्रशासन से भी बात हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर मरीजों और स्टाफ के साथ हो रही चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। <br />-<strong>डॉ. विनय मल्होत्रा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल</strong><br /><br />एसएमएस में हो रही वाहन चोरी, मोबाइल छीनने और पर्स निकालने जैसी वारदातों को रोकने के लिए एक प्लान एसएमएस प्रशासन को सौंपा है, इसमें हर वारदात के हॉट स्पॉट को बताते हुए उन्हें रोकने के सुझाव भी दिए हैं। यदि यह प्लान लागू होता है तो काफी हद तक वारदातें रोकी जा सकेंगी। <br />-<strong>नवरतन धौलिया, थाना प्रभारी, एसएमएस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
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                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:56:48 +0530</pubDate>
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