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                <title>vaccine - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश में रायता खाने के बाद 200 लोगों ने लगवाया रेबीज का टीका, आवारा कुत्ते ने भैंस को काटा था </title>
                                    <description><![CDATA[बदायूं के पिपरौल गांव में तेरहवीं में परोसा गया रायता खाने के बाद 200 से अधिक लोगों ने एहतियातन रेबीज का टीका लगवाया। रायता जिस भैंस के दूध से बना था, उसे पहले आवारा कुत्ते ने काटा था और बाद में भैंस की रेबीज से मौत हो गई। फिलहाल गांव में किसी में लक्षण नहीं मिले हैं, सभी निगरानी में हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-uttar-pradesh-200-people-got-rabies-vaccine-after-eating/article-137581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(9)2.png" alt=""></a><br /><p>बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के पिपरौल गांव में तेरहवीं में परोसे गए रायते को खाने के बाद 200 से ज्यादा लोगों ने रेबीज का टीका लगवाया। यह रायता जिस भैंस के दूध से बना था, उसे कुछ दिन पहले एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था और बाद में भैंस की रेबीज से मौत हो गई।</p>
<p>एक व्यक्ति की तेरहवीं में गांव वालों को भोजन कराया गया था। तेरहवीं के कुछ दिन बाद भैंस की मौत की खबर फैलते ही लोग घबरा गए और एहतियातन वैक्सीन लगवाने पहुंच गए। भैंस के मालिक के अनुसार उनके 5 पशु रेबीज से संक्रमित हैं, जिनका इलाज चल रहा है। अभी तक गांव में किसी में भी रेबीज के लक्षण नहीं मिले हैं। फिर भी एहतियात के तौर पर सभी की निगरानी की जा रही है, ताकि कोई अफवाह न फैले।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 12:05:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना : बेंगलुरु में वैक्सीन की तीनों डोज ले चुके मरीज ने तोड़ा दम, 48 घंटे में 21 मौतें, 3783 एक्टिव केस</title>
                                    <description><![CDATA[ देश में कोरोना के मरीजों की संख्या 3783 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट के मुताबिक 22 मई को भारत में 257 केस थे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/patient-who-took-all-three-vaccine-doses-in-korona-bangalore/article-116125"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में कोरोना के मरीजों की संख्या 3783 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट के मुताबिक 22 मई को भारत में 257 केस थे। 9 दिन में कोरोना के मामलों में 14 गुना की बढ़ोतरी हुई है। केरल में सबसे ज्यादा 1400 मामले हैं। वहीं महाराष्ट्र में 485 और दिल्ली में 436 एक्टिव केस हैं। केन्द्र सरकार की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार जनवरी 2025 से अब तक कोरोना से 28 मौतें हो चुकी हैं।</p>
<p>30 मई को सुबह 8 बजे तक सिर्फ 7 मौतों का आंकड़ा सामने आया था। ऐसे में बीते दो दिनों में देश के अंदर 21 लोगों की मौत दर्ज की गई। इस बीच 31 मई को बेंगलुरु में 63 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसे दोनों वैक्सीन के साथ बूस्टर डोज भी लगी थी। वहीं दिल्ली में 60 साल के बुजुर्ग की मौत हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 12:44:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएमएचओ व जिला कलेक्टर को नोटिस जारी </title>
                                    <description><![CDATA[ वैक्सीनेशन केंद्रों पर वैक्सीन उपलब्ध करवाकर टीकाकरण शीघ्र प्रारंभ कराने के लिए जिला कलेक्टर तथा सीएमएचओ को निर्देशित किया जाए । न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए कलेक्टर और सीएमएचओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-issued-to-cmho-and-district-collector/article-43814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/court-hammer013.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । स्थाई लोक अदालत ने कोरोना संक्रमण फैलने के दौरान  वैक्सीनेशन केंद्रों पर वैक्सीन उपलब्ध  नहीं होने के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कलेक्टर को नोटिस जारी करते हुए 16 मई  तक जवाब तलब किया है । इस मामले में अधिवक्ता लोकेश कुमार सैनी ने न्यायालय में जनहित याचिका पेश करते हुए बताया कि कोटा में कोरोना संक्रमण फैल रहा है । किसी भी वैक्सीनेशन केंद्र पर वैक्सीन नहीं है। कोटा में अंतिम बार 9 फरवरी 2022 को लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन लगाई गई थी इसके बाद स्टॉक खत्म हो गया । याचिका में बताया गया कि कोटा  मेडिकल कॉलेज में जीनोम  सीक्वेंसिंग टेस्ट मशीन का उपयोगी नहीं किया जा रहा है । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी  और कोटा कलेक्टर की अनदेखी के कारण इस मामले में ध्यान नहीं दिया जा रहा।  वैक्सीनेशन केंद्रों पर वैक्सीन उपलब्ध करवाकर टीकाकरण शीघ्र प्रारंभ कराने के लिए जिला कलेक्टर तथा सीएमएचओ को निर्देशित किया जाए । न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए कलेक्टर और सीएमएचओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Apr 2023 16:14:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में लांच हुई पहली मेड इन इंडिया सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन </title>
                                    <description><![CDATA[यह वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट, डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से तैयार की गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/first-made-in-india-cervical-cancer-vaccine-launched-in-india/article-35742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/fnovrrxacae-jia.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली। भारत में पहली मेड इन इंडिया सर्वाइकल कैंसर की पहली वैक्सीन लांच हो गई है। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने यह लांच राष्ट्रीय बालिका दिवस और सर्वाइकल कैंसर जागरुकता माह के अवसर पर किया। यह वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट, डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से तैयार की गई है। वैक्सीन का नाम 'सर्ववैक' रखा गया है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को अपनी चपेट में लेने वाली कैंसर की दूसरी सबसे घातक बिमारी है। भारत में हर साल लगभग सवा लाख महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर पाया जाता है। </p>
<p>इस वैक्सीन के उत्पादन में लगभग 6 से 7 साल का समय लगा है। सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने ट्वीट कर बताया कि राष्ट्रीय बालिका दिवस और सर्वाइकल कैंसर जागरुकता माह के अवसर पर माननीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों मेड इन इंडिया पहली एचपीवी वैक्सीन लॉन्च करके प्रसन्नता हो रही है। यह महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर होता है जो कि एचपीवी नामक वायरस के संक्रमण के कारण होता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Jan 2023 15:46:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फेंकनी पड़ी थी कोविशील्ड की 100 मिलियन खुराक : अदार पूनावाला</title>
                                    <description><![CDATA[पूनावाला ने कहा कि कंपनी ने पिछले साल प्रोडक्शन बंद कर दिया था क्योंकि उस वक्त स्टॉक में मौजूद लगभग 100 मिलियन खुराक को फेंकना पड़ा था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/had-to-throw-away-a-dose-of-100-million-covishield/article-27429"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/adar-poonawalla.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि उन्हें 100 मिलीयन कोविशील्ड की खुराक फेंकनी पड़ी थी। एसआईआई ने पिछले साल दिसंबर में ही कोविशील्ड वैक्सीन का उत्पादन बंद कर दिया था। पूनावाला ने कहा कि कंपनी ने पिछले साल प्रोडक्शन बंद कर दिया था क्योंकि उस वक्त स्टॉक में मौजूद लगभग 100 मिलियन खुराक को फेंकना पड़ा था। उन्होंने बताया कि वह भी इससे तंग आ चुके हैं। </p>
<p>विकासशील देशों के वैक्सीन मैन्युफैक्चरर्स नेटवर्क (डीसीवीएमएन) की वार्षिक आम बैठक के मौके पर पूनावाला ने कहा कि दिसंबर 2021 से हमने कोविशील्ड का उत्पादन बंद कर दिया है। बूस्टर डोज की कोई मांग नहीं है क्योंकि लोग अब कोविड से तंग आ चुके हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Oct 2022 15:44:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कनाडा में 5 वर्ष से कम के बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन की स्वीकृति</title>
                                    <description><![CDATA[संघीय स्वास्थ्य विभाग ने वेबसाइट पर 5 वर्ष से कम के बच्चों के लिए कोविड-19 टीकों की मंजूरी की जानकारी देते हुए कहा कि उपलब्ध आंकड़े में 6 माह से चार साल के बच्चों में इस वायरस के संक्रमण को रोकने में वैक्सीन को प्रभावशाली और सुरक्षित बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/canada-approved-corona-vaccine-for-childrens/article-22378"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/46546546574.jpg" alt=""></a><br /><p>ओटावा। कनाडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 5 वर्ष से कम के बच्चों के लिए फाइजर कंपनी के कोनोना वैक्सीन की स्वीकृति दे दी है। संघीय स्वास्थ्य विभाग ने वेबसाइट पर 5 वर्ष से कम के बच्चों के लिए कोविड-19 टीकों की मंजूरी की जानकारी देते हुए कहा कि उपलब्ध आंकड़े में 6 माह से चार साल के बच्चों में इस वायरस के संक्रमण को रोकने में वैक्सीन को प्रभावशाली और सुरक्षित बताया है।</p>
<p>विभाग ने टीके के लाभ और जोखिम के बारे में बताते हुए कहा कि उक्त वर्ग के लिए 3 डोज को उपयोगी माना गया है, जिसमें पहली डोज के 3 सप्ताह बाद दूसरी डोज और दूसरी डोज के कम से कम 8 सप्ताह बाद तीसरी डोज लेना जरुरी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Sep 2022 15:01:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नाइजीरिया में लगेगा भारतीय टीका</title>
                                    <description><![CDATA[भारत बायोटेक की अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने कहा कि रोटावैक दशकों के अनुसंधान और उत्पाद विकास का परिणाम है। यह वैक्सीन अब एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मध्य-पूर्व के कई देशों में उपलब्ध है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indian-vaccine-will-be-implemented-in-nigeria/article-20430"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/rotavirus.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) ने कहा है कि इसके रोटावायरस ओरल वैक्सीन, रोटावैक की शुरुआत नाइजीरिया में बच्चों को जानलेवा रोग डायरिया से प्रतिरक्षा के लिए की गई है। यह वैक्सीन नवाचार में एक वैश्विक लीडर और संक्रामक रोगों के लिए वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी है। हैदराबाद स्थित वैक्सीन निर्माता कंपनी ने एक बयान में कहा है कि रोटावायरस से होने वाले बच्चों की मौत के मामले में नाइजीरिया विश्व में दूसरे स्थान पर है और इसका वैश्विक योगदान 14 प्रतिशत है। नाइजीरिया में रोटावायरस संक्रमण द्वारा प्रति वर्ष पांच साल से कम उम्र के 50,000 बच्चों की मौत होती है। </p>
<p>भारत बायोटेक की अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने कहा कि रोटावैक दशकों के अनुसंधान और उत्पाद विकास का परिणाम है। यह वैक्सीन अब एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मध्य-पूर्व के कई देशों में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हमें यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि भारत का यह नया टीका पूरी दुनिया में जीवन की रक्षा कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Aug 2022 16:35:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>18 साल से अधिक आयु को मुफ्त प्रीकोशन डोज का शुभारंभ, राजस्थान में अब तक 55000 ने ही ली वैक्सीन , जबकि 18 से 59 साल की आबादी 4.25 करोड़, 75 दिन में सबको डोज देना चुनौती </title>
                                    <description><![CDATA[रदेश भर में 18 से अधिक उम्र के करीब 5 करोड़ 15 लाख लोगों को प्रिकॉशन डोज लगाए जाने का लक्ष्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/launch-of-free-precoction-dose-to-those-above-18-years-of-age-so-far-only-55000-have-taken-the-vaccine-in-rajasthan--while-the-population-of-18-to-59-years-is-4-25-crore--chooses-to-give-dose-to-everyone-in-75-days/article-14750"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/111.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आज 15 जुलाई, शुक्रवार से निःशुल्क कोविड वैक्सीनेशन महाभियान का शुभारंभ हुआ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. नरोत्तम शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आदर्श नगर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में 18 वर्ष से ऊपर की आयु के लाभार्थियों को प्रीकोशन डोज लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमन माथुर, उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डीपीएम अखिलेश शर्मा और अन्य चिकित्सा स्टाफ उपस्थित रहा।<br /><br />मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. नरोत्तम शर्मा ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आज 15 जुलाई से निःशुल्क कोविड वैक्सीनेशन महाभियान प्रारम्भ किया गया है। इसमे सरकारी केंद्रों पर18 वर्ष से अधिक और 59 वर्ष तक के नागरिकों को मुफ्त कोविड प्रीकोशन डोज लगाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. नरोत्तम शर्मा ने बताया कि शुक्रवार से योग्य नागरिक, जिन्होंने पूर्व में कोरोना की दोनों डोज लगवा रखी है और दूसरी डोज के छह माह पूर्ण हो चुके हैं, वे निर्धारित स्थलों पर निःशुल्क प्रीकोशन वैक्सीन लगवा सकते हैं।</p>
<p>योग्य नागरिक ऑफलाइन या ऑनलाइन दोनों तरह से रजिस्ट्रेशन करवाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि योग्य नागरिक आज से 75 दिनों के भीतर कोविड प्रीकोशन डोज लगवाकर स्वयं, अपने परिवार और समाज को सुरक्षित बनाएं। लाभार्थी covin.gov.in वेबसाइट पर लॉग इन करके अपनी योग्यता की जाँच कर सकते हैं।वहीं जिन लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लिए 6 माह हो गए हैं उन्हें प्रिकॉशन डोज दी जा रही है। वर्तमान में इस नियम के अनुसार 3 करोड़ 90 लाख लोग योग्य है। गौरतलब है कि प्रदेश भर में 18 से अधिक उम्र के करीब 5 करोड़ 15 लाख लोगों को प्रिकॉशन डोज लगाए जाने का लक्ष्य है।</p>
<p> </p>
<p><strong>राजस्थान में अब तक 55000 ने ही ली वैक्सीन , जबकि 18 से 59 साल की आबादी 4.25 करोड़, 75 दिन में सबको डोज देना चुनोती</strong></p>
<p>राजस्थान में वैक्सीन की फ्री प्रिकॉशन डोज शुक्रवार से शुरू हो गई है लेकिन इसके पहले शुल्क देकर वैक्सीन डोज लेने से लोग परहेज करते रहे। राजस्थान सहित देशभर में 10 अप्रैल 2022 से सशुल्क प्रिकॉशन डोज केंद्र सरकार ने शुरू की थी। लेकिन अगर आज तक देखें तो 96 दिनों में 18 से 59 साल के बीच के केवल 55053 लोगों ने ही अपने स्वास्थ्य की चिंता करते हुए प्रिकॉशन डोज ली है। जबकि 18 से 59 साल की उम्र की प्रदेश की आबादी 4 करोड़ 35 लाख है। 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए सरकारी अस्पतालों में फ्री प्रिकॉशन डोज 10 अप्रैल से ही सरकार ने फ्री की थी लेकिन इनमें भी तकरीबन 17 लाख लोगों ने भी वैक्सीन कि प्रिकॉशन डोज ली है। अब सभी 18 साल से ऊपर के लोगों को आगामी 75 दिन तक फ्री प्रिकॉशन डोज मिलेगी ऐसे में चिकित्सा विभाग के लिए चुनौती है कि वह 18 प्लस के प्रदेश के 5 करोड़ 15 लाख लोगों को किस तरह से अस्पताल तक लाकर डोज देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Jul 2022 18:49:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वदेशी कोविड टीके 'कोर्बेवैक्स' को तीसरे टीके के रूप में मंजूरी, 18 वर्ष और इससे अधिक आयु के व्यक्ति को लगाया जा सकेगा टीका</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। पूरी तरह से स्वदेश में निर्मित कोविड टीके 'कोर्बेवैक्स' को कोविड-19 के तीसरे टीके - अतिरिक्त टीके के रूप में वयस्कों को लगाने की मंजूरी दे दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/indigenous-kovid-vaccine-corbevax-approved-as-third-vaccine-can-be/article-11354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/corbex-new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पूरी तरह से स्वदेश में निर्मित कोविड टीके 'कोर्बेवैक्स' को कोविड-19 के तीसरे टीके - अतिरिक्त टीके के रूप में वयस्कों को लगाने की मंजूरी दे दी गई है।<br /><br />कोर्बेवैक्स की निर्माता कंपनी बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड ने शनिवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने 'कोर्बेवैक्स' को 'कोवैक्सीन' और 'कोविशील्ड' टीके के तीसरी टीके - बूस्टर डोज के रूप में लगाने की अनुमति दे दी है। कोर्बेवैक्स कोविड टीका 18 वर्ष और इससे अधिक आयु के व्यक्ति को तीसरे टीके के रूप में दिया जा सकता है।<br /><br />यह टीका दूसरा टीका लेने के छह महीने बाद लिया जा सकता है। कंपनी ने प्रबंध निदेशक महिमा डाटला ने कहा कि कोर्बेवैक्स टीका विश्व मानकों पर तैयार किया गया है और सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि तीसरे टीके के रूप में कोर्बेवैक्स टीके का परीक्षण 18 से 80 साल के आयु वर्ग में किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jun 2022 19:03:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चेचक की वैक्सीन मंकी पॉक्स के लिए भी कारगर</title>
                                    <description><![CDATA[ भारत में अभी मंकी पॉक्स मरीज नहीं मिले लेकिन सरकार इस बीमारी को लेकर नई गाइड लाइन तैयार कर रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/smallpox-vaccine-also-effective-for-monkeypox/article-10258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/101.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोरोना से पीछा छूटा नहीं कि मंकी पॉक्स नाम की बीमारी पैर पसारने लगी है। अब तक 11 से अधिक देशों में इसके मरीज मिल चुके है। भारत में अभी इसके मरीज नहीं मिले लेकिन सरकार इस बीमारी को लेकर नई गाइड लाइन तैयार कर रही है। इस बीमारी में बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा है कारण कि अभी तक बच्चों के लिए वैक्सीन नहीं है। इसलिए सावधानी ज्यादा जरूरी है। कोटा के डॉक्टरों का कहना है कि मंकी पॉक्स एक छुआछूत की बीमारी है। इसमें सावधानी रखना जरूरी है। वर्ल्ड हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी डब्ल्यूएचओ का कहना है कि अब तक11 लोगों में इसका संक्रमण पाया गया है। सीडीसी के  अनुसार चेचक की वैक्सीन भी मंकी पॉक्स के संक्रमण पर असरदार साबित होती है। इस दुर्लभ बीमारी से बचने के लिए अमेरिका के फूड एंड ड्रग एसोसिएशन एफडीए ने 2019 में जिनीओस  नाम की वैक्सीन को मंजूरी दी थी। इसे यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने 2013 में ही अप्रूव कर दिया था। हालांकि, वैक्सीन को 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों पर ही इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की डॉक्टर सलाह दे रहे है। <br /><br /><strong>मंकी पॉक्स बीमारी ये दिखाई दे तो हो जाए सावधान</strong><br />मंकी पॉक्स में चेहरे पर एक तरह के दाने उभरने लगते हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकते हैं। मंकी पॉक्स में चेहरे पर एक तरह के दाने उभरने लगते हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकते हैं। डब्ल्यूएचओं के मुताबिक, मंकी पॉक्स के शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमर दर्द, कंपकंपी छूटना, थकान और सूजी हुई ग्रंथियां शामिल हैं। इसके बाद चेहरे पर एक तरह के दाने उभरने लगते हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकते हैं। संक्रमण के दौरान यह दाने कई बदलावों से गुजरते हैं और आखिर में पपड़ी बनकर गिर जाते हैं।<br /><br /><strong>ये रखनी होगी सावधानी</strong><br />अभी 11 देशों में मंकी पॉक्स के मामले आए है।  जिसमें यूरोप, आॅस्ट्रेलिया और कनाडा से बिना किसी मौत के रिपोर्ट संक्रमित मिले है। भारत में मंकी पॉक्स की रिपोर्ट नहीं हुई है, लेकिन नए मामलों के साथ विभिन्न देशों से पता लगाया जा रहा है कि भारत में इस बीमारी के होने की संभावना है इंकार नहीं किया जा सकता। दुनिया भर में जो मामले सामने आए हैं, वे दोनों के कारण हैं स्थानीय संचरण और अफ्रीकी देशों की यात्रा के कारण भी हो सकता है।  सर्तकता के  रूप में एनसीडीसी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कई सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यों की पहचान की है । भारत से संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट होने की स्थिति के अनुसार कार्र्य किया जाएगा। पिछले 21 दिनों में किसी ऐसे देश की यात्रा की हो या जिसने हाल ही विदेश की यात्रा की हो मंकीपॉक्स के पुष्ट  या संदिग्ध मामले वाले देश से लौटे लोगों से संपर्क में सावधानी रखनी होगी। <br /><br /><strong>इनका कहना</strong><br />सरकार की ओर से मंकी पॉक्स को लेकर गाइड लाइन तैयार की जा रही है। अभी सावधानी रखने की आवश्यकता है।  मंकी पॉक्स की वैक्सीन है। विदेश यात्रा कर आए लोगों को अपने स्वास्थ्य की जांच करा लेनी चाहिए। <br /><strong>- डॉ. विजय सरदाना, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज</strong> <br /><br /><strong>चेचक वायरस परिवार का सदस्य मंकी पॉक्स</strong><br />मंकी पॉक्स का वायरस स्मॉल पॉक्स यानी चेचक के वायरस के परिवार का ही सदस्य है। यह बीमारी मंकी पॉक्स वायरस के कारण होती है। यह इन्फेक्शन ज्यादा गंभीर नहीं है और इसके फैलने की दर भी काफी कम है। फिलहाल मंकी पॉक्स मध्य और पश्चिम अफ्रीकी देशों के कुछ इलाकों में पाया गया है। इसकी दो मुख्य स्ट्रेंस भी हैं- पश्चिम अफ्रीकी और मध्य अफ्रीकी। हालांकि भारत में इसका केस नहीं आया इसलिए चिंता नहीं है। बच्चों को चेचक के टीके लगे हुए लेकिन इस बीमारी से सावधान रहने की आवश्यकता भी है। <br /><strong>-डॉ. गोपी किशन शर्मा, उप अधीक्षक व शिशुरोग विशेषज्ञ</strong><br /><br /><strong>18 वर्ष के लिए वैक्सीन, बच्चों को बीमारी से बचाना जरूरी</strong> <br />यह बीमारी 1970 में पहली बार एक कैद किए गए बंदर में पाई गई थी, जिसके बाद यह 10 अफ्रीकी देशों में फैल गई थी। 2003 में पहली बार अमेरिका में इसके मामले सामने आए थे। 2017 में नाइजीरिया में मंकी पॉक्स का सबसे बड़ा आउटब्रेक हुआ था, जिसके 75 प्रतिशत मरीज पुरुष थे। ब्रिटेन में इसके मामले पहली बार 2018 में सामने आए थे। मंकी पॉक्स संक्रमित व्यक्ति के करीब जाने से फैलता है। यह वायरस मरीज के घाव से निकलकर आंख, नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। यह संक्रमित बंदर, गिलहरी या मरीज के संपर्क में आए बिस्तर और कपड़ों से भी फैल सकता है। अभी 18 वर्ष से अधिक आयु के लिए जिनीओस  नाम की वैक्सीन बनी है।  हालांकि चेचक की वैक्सीन इसमें 85 प्रतिशत कारगर रही है। बच्चों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। बच्चों के लिए वैक्सीन नहीं है।<br /><strong>- डॉ. अभिमन्यु शर्मा, टीकारण व जांच प्रभारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 12:19:24 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अब ‘कोर्बेवैक्स’ टीका 250 रु. का, पहले था 840रु का</title>
                                    <description><![CDATA[ कोविड टीका बनाने वाली भारतीय कंपनी बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड ने अपने टीके कीमत 840 रुपए से घटाकर 250 रुपए प्रति टीका करने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/--now-corbevax-vaccine-is-rs-250--of-rs-840-earlier/article-9913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/corbevas2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कोविड टीका बनाने वाली भारतीय कंपनी बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड ने अपने टीके कीमत 840 रुपए से घटाकर 250 रुपए प्रति टीका करने की घोषणा की है। कंपनी ने सोमवार को कहा कि निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए ‘कोर्बेवैक्स’ कोविड टीके 250 रुपए होगी। इसमें जीएसटी भी शामिल है। अंतिम उपभोक्ता को टीके के लिए प्रक्रिया शुल्क समेत 400 रुपए का भुगतान करना होगा। देश में 12 से 17 वर्ष  के आयु वर्ग में कोर्बेवैक्स का टीका दिया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 11:15:22 +0530</pubDate>
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                <title> 5 से 11 साल के बच्चों के लिए कोर्बेवैक्स वैक्सीन जल्द!</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/corbevax-vaccine-soon-for-children-5-to-11-years-old/article-8392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/vax3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच राहत की खबर है।  देश की ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) (Durg Controller of India -DCGI) के एक्सपर्ट कमेटी ने 5 से 11 साल के बच्चों के लिए कोर्बेवैक्स वैक्सीन (CORBEVAX VACCINE) के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए सिफारिश की है। जिसके बाद अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अंतिम मंजूरी से पहले वैक्सीन को डीसीजीआई की अनुमति का इंतजार है। फिलहाल यह वैक्सीन 12-14 साल के आयु वर्ग के बच्चों को लगाई जा रही है। कोर्बेवैक्स वैक्सीन भारत में बनाई हुई पहली वैक्सीन है। इस वैक्सीन में कोरोना वायरस के S प्रोटीन का इस्तेमाल किया गया है।  जैसे ही वैक्सीन के जरिए S प्रोटीन शरीर के अंदर जाता है, वैसे ही इम्युन रिस्पॉन्स एक्टिवेट हो जाता है और वायरस से लड़ता है। सरकारी अस्पतालों और सरकारी केंद्रों में कोर्बीवैक्स फ्री में ही लगाई जाएगी। वहीं, प्राइवेट अस्पतालों में इसकी एक डोज की कीमत 145 से 175 के रुपये हो सकती है।<br /><br />गौरतलब है कि भारत में बच्चों को कोरोना के बीच कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरूआत 3 जनवरी से हुई थी।  15 से 18 साल तक के बच्चों को सबसे पहले वैक्सीन लगाई जा रही है। हालांकि इसके बाद 16 मार्च से 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी वैक्सीन लगाई जा रही है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 19:16:33 +0530</pubDate>
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