<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/%2C-/tag-62141" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title> Rajya Sabha - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/62141/rss</link>
                <description> Rajya Sabha RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राज्यसभा में उठी CA के हितों की रक्षा के लिए कानून बनाए जाने की मांग, विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में राज्यसभा में सीए हितों हेतु विशेष कानून की मांग उठी। शिक्षक भर्ती में आयु छूट, कार्यस्थल भेदभाव, विश्वविद्यालय दर्जा और श्रमिक आंदोलन मुद्दे रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/demand-for-making-law-to-protect-the-interests-of-ca/article-142868"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। चार्टर्ड अकाउंटेंटों (सीए) के हितों की रक्षा के लिए विशेष कानून बनाये जाने की मांग गुरुवार को राज्यसभा में उठायी गयी। कांग्रेस के विवेक तन्खा ने शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए कहा कि सीए सरकार की विशेष रूप से वित्तीय योजनाओं के क्रियान्यवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं लेकिन हाल के दिनों में सीए के कामकाज को विभिन्न एजेन्सियों द्वारा प्रभावित किये जाने के मामले सामने आये हैं। इससे सीए और उनके उपभोक्ताओं की निजता का हनन हो रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार को अपने देश में काम करने वाले भारतीय सी ए और सी ए कंपनियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने सी ए के हितों की रक्षा के लिए विशेष कानून बनाये जाने की मांग की। कांग्रेस की ही रंजीत रंजन ने दिल्ली सरकार के स्कूलों में  शिक्षकों की भर्ती में महिलाओं को आयु सीमा में मिलने वाली छूट को बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से गत दिसम्बर में महिलाओं को शिक्षक भर्ती में आयु सीमा में मिलने वाली छूट को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह छूट महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए दी गयी थी। केन्द्रीय विद्यालयों और हरियाणा में अभी भी महिलाओं को शिक्षक भर्ती में आयु सीमा में छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि देश भर में शिक्षक भर्ती में महिलाओं की आयु सीमा एक समान की जानी चाहिए।  </p>
<p>सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यस्थलों पर जातीय भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ओड़शिा में एक आंगनवाड़ी केन्द्र का इसलिए बहिष्कार किया जा रहा है क्योंकि इसमें एक दलित महिला काम करती है। एक विशेष समुदाय के लोगों ने इस केन्द्र का बहिष्कार करते हुए अपने बच्चों को वहां भेजना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 14,15 और 17 का उल्लंघन है और सरकार को इसे गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। </p>
<p>बीजू जनता दल के देवाशीष सामंतराय ने ओडिशा के रेवनशॉ विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी केवल एक ही केन्द्रीय विश्वविद्यालय है। उन्होंने कहा कि राज्य में बडी संख्या में आदिवासी आबादी है और इस विश्वविद्यालय से इस समुदाय के लोगों को विशेष फायदा होगा। भाजपा की दर्शना ङ्क्षसह ने उत्तर प्रदेश में चीतों के संरक्षण की संभावनाओं पर विचार करने की मांग की। </p>
<p>सीपी आई ( एम) के जॉन ब्रिटास ने देश में आज किसान और श्रमिक आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह हडताील नयी श्रम संहिता से लेकर मनरेगा की बहाली को लेकर की जा रही है उन्होंने कहा कि केवल भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर सभी  ट्रेड यूनियन इसमें हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि इन आंदोलनों में अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में भारत की संप्रभुता पर हमले को लेकर भी विरोध किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/demand-for-making-law-to-protect-the-interests-of-ca/article-142868</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/demand-for-making-law-to-protect-the-interests-of-ca/article-142868</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 14:07:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/1200-x-600-px%29-%283%291.png"                         length="1502697"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्यसभा में भाजपा सांसद के &quot;मिनी पाकिस्तान&quot; कहने पर भड़के टीएमसी सदस्य, कड़ी कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में मंगलवार को उस समय तीखा हंगामा देखने को मिला जब भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने कोलकाता बंदरगाह की जमीन पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाते हुए एक इलाके को “मिनी पाकिस्तान” बताया। इस टिप्पणी पर विपक्षी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन के बीचों-बीच आकर नारेबाजी शुरू कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tmc-members-angry-over-bjp-mp-calling-him-mini-pakistan/article-142596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य के कोलकाता बंदरगाह के एक हिस्से पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाते हुए उसे मिनी पाकिस्तान कहने पर विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जतायी और सदन के बीचों-बीच आकर नारेबाजी की।</p>
<p>प्रश्नकाल शुरू होते ही भट्टाचार्य ने बालागढ़ लॉजिस्टिक्स परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए अंग्रेजी में अपना पूरक प्रश्न पूछा। पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के बंगला भाषा में इसका जवाब देते हुए कहा कि यह परियोजना 900 एकड़ में होगी जिसमें कोलकाता के मौजूदा श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह की 300 एकड़ जमीन भी शामिल है। इसके लिए सड़क निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है और रेलवे लाइन के प्रस्ताव को भी पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है। </p>
<p>मंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से इस परियोजना के लिए सहयोग नहीं मिल रहा है। दूसरा पूरक प्रश्न पूछते हुए भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि कोलकाता में बंदरगाह की 170 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है। शहर के कई इलाकों में यही हाल है और वहां के मेयर ने खुद गार्डेन रीच इलाके में अतिक्रमण की बात स्वीकार करते हुए उसे मिनी पाकिस्तान कहा था। </p>
<p>इस पर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने विरोध शुरू कर दिया। ठाकुर ने भाजपा सांसद की बात का समर्थन करते हुए कहा, वहां की सरकार के लोगों ने सब जगह अतिक्रमण किया हुआ है। उन्होंने बताया कि जलपत्तन प्राधिकरण ने अपनी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ केस भी किया हुआ है। महाराष्ट्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की फौजिया खान और केरल से माक्रसवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटास ने भी अपने प्रश्न पूछते समय मिनी पाकिस्तान को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।</p>
<p>जॉन ब्रिटास के प्रश्न का उत्तर देते हुए ठाकुर ने भी कहा कि कोलकाता के मेयर ने मीडिया के सामने उन इलाकों को मिनी पाकिस्तान कहा था। मंत्री द्वारा यह बात दोहराने पर तृणमूल कांग्रेस के सदस्य ज्यादा उग्र हो गये। वे विरोध करते हुए सदन के बीचों-बीच आ गये और नारेबाजी करने लगे। सभापति ने उन्हें बार-बार ऐसा न करने की नसीहत दी और कहा कि यदि वे अपनी सीट पर वापस नहीं जायेंगे तो मजबूरन उन्हें कार्रवाई करनी होगी। इसके बात तृणमूल सांसदों का विरोध शांत हुआ। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tmc-members-angry-over-bjp-mp-calling-him-mini-pakistan/article-142596</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tmc-members-angry-over-bjp-mp-calling-him-mini-pakistan/article-142596</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:35:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%284%298.png"                         length="1357923"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विपक्ष के आरोपों पर जे.पी. नड्डा का पलटवार, बोलें-सरकार कभी चर्चा से नहीं भागी</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में विपक्ष द्वारा नियम 267 के तहत नोटिस खारिज किए जाने पर मल्लिकार्जुन खरगे ने तत्काल मुद्दों पर चर्चा की मांग उठाई। जे.पी. नड्डा ने कहा कि सरकार कभी चर्चा से नहीं भागती और चुनाव सुधारों व ‘वंदे मातरम्’ पर विस्तृत चर्चा के लिए पहले ही सहमति बन चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nadda-countered-on-oppositions-allegations-and-said-the-government-never/article-134737"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/j-p-nadda-in-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने गुरुवार को कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से कभी नहीं भागी है और इसलिए विपक्ष की मांग पर उसने चुनाव सुधारों पर चर्चा की की बात मान ली है। इससे पहले, राज्यसभा की नियमावली के नियम 267 के तहत चर्चा के लिए दिये गये नोटिस को सभापति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा तकनीकी कारणों से खारिज किये जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लोकसभा की तरह राज्यसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए विपक्ष के पास नियम 267 के नोटिस का ही चारा रह जाता है। </p>
<p>नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, हमें महत्वपूर्ण मुद्दों को तत्काल उठाने का मौका नहीं मिलता। जब भी कोई महत्वपूर्ण मुद्दा आता है, हम नियम 267 के तहत नोटिस देते हैं। इसके आगे उन्होंने अनुरोध किया कि इन नोटिसों को सीधे खारिज न कर दिया जाये, सभापति चाहें तो नियमों से इतर भी चर्चा की अनुमति दे सकते हैं। इस पर नड्डा ने कहा कि सरकार कभी भी चर्चा से नहीं भागी है। वह हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। पिछले सत्र में भी सरकार ने सभी मुद्दों पर चर्चा की है और मंगलवार को ही कार्य मंत्रणा समिति में 'वंदे मातरम्' और 'चुनाव सुधारों' पर चर्चा पर सहमति बनी है। </p>
<p>गुरूवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखे जाने के बाद श्री राधाकृष्णन ने नियम 267 के तहत दिये गये नोटिसों को स्वीकार नहीं करने की सूचना दी। उन्होंने बताया कि राज्यसभा की नियमावली के अंतर्गत नियम 267 में उन्हीं विषयों पर चर्चा हो सकती है, जो उस दिन की कार्यसूची में शामिल हो। उन्होंने बताया कि साल 1988 से सिर्फ तीन मौकों पर इस नियम के तहत सदन में चर्चा हुई है, हालांकि आठ अवसरों पर सर्वसम्मति से सदन में उन विषयों पर चर्चा हुई है जिसके लिए नोटिस दिये गये थे। इसलिए, नियम 267 के तहत सदन में चर्चा के उदाहरण विरले हैं। </p>
<p>उन्होंने सदन को यह भी बताया कि कार्य मंत्रणा समिति में 'चुनाव सुधारों' और 'वंदे मातरम' पर 10-10 घंटे तथा पान मसाला से संबंधित विधेयक पर चार घंटे चर्चा पर सहमति बनी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/nadda-countered-on-oppositions-allegations-and-said-the-government-never/article-134737</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/nadda-countered-on-oppositions-allegations-and-said-the-government-never/article-134737</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 16:37:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/j-p-nadda-in-parliament.png"                         length="1434570"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        