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                <title>LMG - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>गणतंत्र दिवस से पहले LoC पर नापाक पाकिस्तान फिर कर रहा ड्रोन से घुसपैठ, चौकस सेना ने मिनटों में पहुंचाया बैकफुट पर</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब कई इलाकों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन्स मंडराते देखे गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nefarious-pakistan-is-again-infiltrating-the-loc-with-drones-before/article-139330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/pakistan-drone-attack.png" alt=""></a><br /><p>जम्मू कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब कई इलाकों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन्स मंडराते देखे गए। इसके बाद भारतीय सेना ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम को सक्रिय किया और देखते ही देखते सेना ने सभी ड्रोनों को सीमा पार वापस लौटा दिया। बता दें कि इस हादसा उस समय जबकि देश अपने 77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियों में लगा हुआ है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, राजौरी जिले के तेरया इलाके में ब्लिंकिंग लाइट वाला एक ड्रोन देखा गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया। ड्रोन की गतिविधि को घुसपैठ और आतंकी साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। सेना ने संभावित खतरे को भांपते हुए एमएमजी (मीडियम मशीन गन) और एलएमजी (लाइट मशीन गन) से फायरिंग की, जिससे ड्रोन को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।</p>
<p>बता दें कि ड्रोन की इस हरकत के बाद पूरी घाटी में सुरक्षाबलों के द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि ड्रोन के जरिए हथियार, विस्फोटक या मादक पदार्थ गिराने की कोशिश की जा सकती थी।</p>
<p>इसी बीच सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है। अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है। नापाक पाकिस्तान की इस हरकत के बाद सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने साफ किया है कि सीमा पर किसी भी नापाक हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए तकनीकी निगरानी और जवाबी क्षमता को और मजबूत किया जा रहा है। घाटी में हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क बनी हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 16:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>इजरायल से भारत को 40 हजार लाइट मशीन गनों की आपूर्ति शीघ्र </title>
                                    <description><![CDATA[इजरायल की रक्षा कंपनी IWI अगले साल से भारत को 40 हजार एलएमजी की आपूर्ति शुरू करेगी। साथ ही 1.70 लाख आधुनिक कार्बाइन के लिए समझौता अंतिम चरण में है। इसमें भारत फोर्ज और अडाणी समूह की अहम हिस्सेदारी होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/supply-of-40-thousand-light-machine-guns-from-israel-to/article-135029"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/russia-newsaaaaa.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीब। इजराइल की एक प्रमुख रक्षा कंपनी ने कहा कि वह अगले साल की शुरूआत से ही भारत को 40 हजार लाइट मशीन गन (एलएमजी) की पहली खेप देना शुरू करेगी। इसके साथ ही कंपनी करीब एक लाख 70 हजार आधुनिक कार्बाइन देने के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के अंतिम चरण में है।  </p>
<p>इजरायल वेपन इंडस्ट्रीज (आईडब्ल्यूआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शुकी श्वार्ट्ज ने कहा कि उनकी कंपनी भारतीय गृह मंत्रालय की कई एजेंसियों के साथ मिलकर पिस्तौल, राइफल और मशीन गन जैसे हथियारों की भारत में बिक्री पर काम कर रही है। एक इजरायली राजनतिक ने कहा कि भारत हमारा बेहद खास मित्र और सुरक्षा मामलों का अहम साझीदार है। हमारे पास कोई ऐसी तकनीक नहीं है, जिसे हम भारत से शेयर नहीं कर सकते। </p>
<p>एक न्यूज चैनल से प्राप्त समाचार के अनसार श्वार्ट्ज ने कहा, हम अभी तीन बड़े कार्यक्रमों में शामिल हैं। पहला 40 हजार लाइट मशीन गन का अनुबंध है, जिस पर पिछले साल हस्ताक्षर हुए थे। हमने सभी परीक्षण और सरकारी जांच पूरी कर ली है और हमें उत्पादन का लाइसेंस मिल गया है। हम साल की शुरूआत में पहली खेप देने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि एलएमजी की आपूर्ति पांच वर्षों तक चलेगी। उन्होंने कहा कि वह इससे जल्दी भी आपूर्ति कर सकते हैं, लेकिन पहली खेप साल की शुरूआत में दी जाएगी। श्वार्ट्ज ने कहा कि दूसरा कार्यक्रम सीक्यूबी (क्लोज क्वार्टर्स बैटल) कार्बाइन का टेंडर है। </p>
<p>इसमें उनकी कंपनी ने दूसरी सबसे बड़ी बोली लगाई थी, जबकि भारत फोर्ज मुख्य बोली लगाने वाली कंपनी है। उन्होंने कहा, हम इस अनुबंध के 40 फीसदी हिस्से की आपूर्ति करना चाहते हैं। हम अनुबंध पर हस्ताक्षर से ठीक पहले के चरण में हैं और मुझे लगता है कि यह इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरूआत में पूरा हो जाएगा। </p>
<p><strong>40 फीसदी उत्पादन अडानी गु्रप को</strong></p>
<p>सीक्यूबी कार्बाइन की 60 फीसदी आपूर्ति भारत फोर्ज द्वारा की जाएगी, जबकि बाकी 40 फीसदी (1,70,000 यूनिट) अडाणी ग्रुप की कंपनी पीएलआर सिस्टम्स द्वारा दी जाएगी। आर्बेल तकनीक के बारे में श्वार्ट्ज ने बताया कि यह एक कंप्यूटरीकृत हथियार प्रणाली है, जिसमें एक जटिल एल्गोरिदम यह पता करता है कि कब कोई सैनिक सही निशाने पर है और फिर बहुत तेजी और सटीकता से फायर करता है। उन्होंने कहा कि भारत को इस तकनीक के साथ जोड़ने पर शुरूआती बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, हम अलग-अलग एजेंसियों से आर्बेल तकनीक को अपनाने को लेकर शुरूआती चर्चा में हैं।</p>
<p>एक बार वे इसे लेने का फैसला कर लें, तो हम इसकी इजरायल और भारत में संयुक्त रूप से बनाकर आपूर्ति करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत में इस सह-उत्पादन की जिम्मेदारी पीएलआर सिस्टम्स संभालेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 12:28:18 +0530</pubDate>
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