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                            <item>
                <title>सफाई के नाम पर हो रही खानापूर्ति, नागरिकों ने दी आंदोलन की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[नालों की सफाई के नाम पर हो रही खानापूर्ति बजाए सुविधा के परेशानियों का सबब बनती जा रही है, जिससे दुकानदार एवं राहगीर काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उच्चाधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। अधिकारियों की कार्यप्रणाली एवं गैर जिम्मेदाराना रवैया को लेकर लोगों में रोष है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/in-the-name-of-cleanliness--senior-citizens-warned-of-agitation/article-12752"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/pic-21.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सैंपऊ।</strong> नालों की सफाई के नाम पर हो रही खानापूर्ति बजाए सुविधा के परेशानियों का सबब बनती जा रही है, जिससे दुकानदार एवं राहगीर काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उच्चाधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। अधिकारियों की कार्यप्रणाली और गैर जिम्मेदाराना रवैया को लेकर लोगों में रोष है। विदित है कि सरपंच के वित्तीय पावर सीज किए जाने के बाद लगातार सफाई की मांग पर संभागीय आयुक्त एवं कार्यवाहक जिला कलेक्टर की फटकार के बाद विकास अधिकारी के द्वारा नालों की सफाई शुरू कराई गई। किंतु परिणाम वही ढाक के तीन पात। जेसीबी से की गई सफाई के दौरान कई जगह नालों में दरारे आ चुकी हैं।</p>
<p>दुकानदारों का आरोप है कि रात्रि में बिना सूचना के सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई है। कई जगह दुकानदारों की दुकानों के आगे पत्थरों को तोड़ दिए जाने से दुकानदार आक्रोशित दिखाई दिए। नाले की गहराई अधिक होने से कचरा नीचे जमा हुआ है। जिससे बरसात का पानी आने पर नाले उफनकर गंदगी दुर्गंध युक्त कचरा व पानी सड़क एवं दुकानों में घुसने से परेशानी होती है।प्रतिवर्ष नाले की सफाई के नाम पर पैसा तो खर्च किया जाता है। किंतु नीचे तक सफाई नहीं होने से समस्या का समाधान नहीं हुआ। कस्बे की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाने से कस्बे में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे देखे जा सकते हैं। आवारा जानवरों द्वारा इसे और बिखेर दिया जाता है। वरिष्ठ नागरिकों ने समुचित सफाई समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धौलपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jun 2022 12:49:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डूंगरपुर घूसकांड: दोनों थानाप्रभारियों ने एसपी जोशी के नाम पर ली थी घूस </title>
                                    <description><![CDATA[ डूंगरपुर में शराब ठेकेदारों के एक ग्रुप से लाखों रुपए की बंधी लेने वाले दो कांस्टेबल और दो थानाप्रभारियों के अलावा एक दलाल सुनील कुमार की भी अहम भूमिका थी, जो अभी फरार है और एसीबी टीम इसकी तलाश में जुटी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/both-the-station-in-charge-took-bribe-in-the-name/article-12684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sudhir-joshi.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डूंगरपुर में शराब ठेकेदारों के एक ग्रुप से लाखों रुपए की बंधी लेने वाले दो कांस्टेबल और दो थानाप्रभारियों के अलावा एक दलाल सुनील कुमार की भी अहम भूमिका थी, जो अभी फरार है और एसीबी टीम इसकी तलाश में जुटी है। एसीबी की ओर से दर्ज एफआईआर में डूंगरपुर एसपी सुधीर जोशी का नाम भी शामिल है और उनकी भूमिका को संदिग्ध माना है। एफआईआर में लिखा है कि दोनों थानाप्रभारियों ने एसपी के नाम से घूस मांगी थी और प्राप्त की थी। एफआईआर में अन्य की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू की है। एफआईआर उदयपुर एसीबी इकाई के उपअधीक्षक पुलिस परमेश्वर लाल ने दर्ज कराई है। एसीबी ने कुल 8.30 लाख रुपए जब्त किए हैं। उदयपुर रेंज आईजी हिंगलाजदान की भूमिका का एफआईआर में जिक्र नहीं है।</p>
<p><br /><strong>व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट से हुई पुष्टि</strong></p>
<p>एसीबी ने दी रिपोर्ट में लिखा है कि जब टीम ने 15 जून, 2022 को सत्यापन किया तो परिवादी और थानाप्रभारी दिलीप दान व भैयालाल आंजना तथा दलाल सुनील कुमार के बीच बातचीत हुई। इसमें पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी से आरोपी दिलीप दान ने बात की। परिवादी ने बातचीत के बारे में बताया कि आरोपी दिलीप दान ने पुलिस अधीक्षक से बात करने के बाद ही उससे ढाई लाख रुपए की रिश्वत लेने पर सहमति जताई थी। दिलीप दान और एसपी के बीच हुई वार्ता की पुष्टि आरोपी के मोबाइल के व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट से हुई है।</p>
<p><strong>दलाल ने मांगे चार लाख रुपए</strong></p>
<p>थानाप्रभारी भैयालाल आंजना के लिए बिचौलिए के तौर पर संदिग्ध सुनील कुमार ने चार लाख रुपए की घूस मांग की थी। इसका खुलासा 15 जून को एसीबी टीम के सत्यापन के दौरान हुआ है। इस दिन परिवादी और सुनील कुमार तथा सुनील कुमार के मोबाइल के व्हाट्सएप कॉल पर आरोपी भैयालाल आंजना से बातचीत में खुलासा हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 11:51:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतनी कम हुई तादाद की सेंचुरी से हट गया घड़ियाल का नाम </title>
                                    <description><![CDATA[चंबल में घड़ियालों की अच्छी तादात के चलते 43 साल पहले मिला घड़ियाल अभयारण्य का दर्जा छीन लिया गया है। लगातार कम होती घड़ियालों की संख्या के चलते अब चंबल घड़ियाल अभयारण्य का नाम बदल कर घड़ियाल शब्द ही हटा दिया गया है। अब इस सेंचुरी का नाम राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य कर दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-name-of-the-alligator-was-removed-from-the-sanctuary-of-such-a-reduced-number/article-12431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/photo-2-itni-kum-hui-tadaad-ki-sanctuary-se-hat-gaya-ghariyaal-ka-naam.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। चंबल में घड़ियालों की अच्छी तादात के चलते 43 साल पहले मिला घड़ियाल अभयारण्य का दर्जा छीन लिया गया है। लगातार कम होती घड़ियालों की संख्या के चलते अब चंबल घड़ियाल अभयारण्य का नाम बदल कर घड़ियाल शब्द ही हटा दिया गया है। अब इस सेंचुरी का नाम राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य कर दिया गया है। राजस्थान को 7 दिसम्बर 1979 में  43 साल पहले चंबल घड़ियाल अभयारण्य का दर्जा मिला था। इससे पहले 20 दिसम्बर 1978 में मध्यप्रदेश और 29 जनवरी 1979 में उत्तर प्रदेश को चंबल घड़ियाल सेंचुरी घोषित किया था।  बाद में चंबल घड़ियाल अभयारण्य का नाम बदलकर राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य कर दिया गया। विशेषज्ञों ने लगातार घट रही घड़ियालों की संख्या को अभयारण्य का नाम बदलने की वजह बताया। <br /><br /><strong>यहां तक फैली है राजस्थान की सीमा</strong><br />राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य तीन राज्यों की सेंचुरी है। जिसमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व राजस्थान शामिल हैं। हमारा प्रदेश अभयारण्य का 425 किमी एरिया कवर करता है, जो 2 भागों में बंटा है। पहला-जवाहर सागार डेम से कोटा बैराज के बीच का उपरी इलाका (अप स्ट्रीम) व दूसरा, केशवरायपाटन से धौलपुर तक का निचला इलाका (डाउन स्ट्रीम) तक है। यहां से राजस्थान की सीमा समाप्त हो जाती है। वहीं, कोटा का 160 किमी इलाका अभयारणय का हिस्सा है। <br /><br /><strong>कोटा में नहीं घडियाल</strong><br />राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी में हमारा जिला जवाहर सागर से खातौली स्थित गुड़ला गांव तक 160 किमी में फैला है। विड़ंबना यह है, 160 में से करीब 154 किमी के दायरे में एक भी घड़ियाल नहीं है। जबकि, 6 किमी के दायरे में बसा गुड़ला में मौजूदगी नजर आती है। चंबल सेंचुरी प्रशासन द्वारा इन क्षेत्रों में घड़ियालों को बसाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा। वहीं, इको सेंसटिव जोन घोषित होने से इन क्षेत्रों में पर्यटन के लिहाज से अन्य कार्य भी नहीं हो पा रहे। <br /><br /><strong> अभयारण्य में आते हैं कोटा के ये इलाके</strong><br />प्रोफेसर कृष्नेंद्र सिंह नामा के मुताबिक नेशनल चम्बल अभयारण्य में कोटा का करीब 160 किमी एरिया शामिल है। ये इलाका बैराज की अप और डाउन स्ट्रीम में बंटे हैं। इनमें 27 किमी का एरिया जवाहर सागर से कोटा बैराज का है, जिसमें से 13 किमी का दायरा मुकुंदरा में आ रहा है। जबकि, डाउन स्टीम में 148 किमी का एरिया कवर होता है।  <br /><br /><strong>निचला इलाका ( डाउन स्ट्रीम)</strong> <br />रंगपुर घाट से सेंचुरी शुरू हो जाती है, जो विभिन्न इलाकों से होती हुई आखिरी छोर श्योपुर (एमपी) से मिल जाता है। यहीं से ही कोटा की 148 किमी की सीमा खत्म होकर मध्यप्रदेश की शुरू होती है। लेकिन, लेफ्ट साइड से राजस्थान की सीमा जारी रहती है। क्योंकि, इस साइड में बूंदी का केशवरायपाटन, सवाईमाधोपुर, करौली व धौलपुर हंै। <br /><br /><strong>ऊपरी इलाका ( अप स्ट्रीम)</strong><br />रावतभाटा स्थित जवाहर सागर डेम से कोटा बैराज तक के उपरी इलाकों में चंबल गार्डन, अधरशिला, भीतरिया कुंड, हैंगिंग ब्रिज, आरटीयू यूनिवर्सिटी के पीछे वाला क्षेत्र, गरड़िया महादेव, भंवरकुंज सहित 27 किमी का एरिया चंबल अभयारणय में आता है। <br /><br /><strong>यूं होती है घड़ियालों की गिनती</strong><br />प्रोफेसर नामा के अनुसार चंबल घड़ियाल सेंचुरी द्वारा हर साल फरवरी माह में ही घड़ियालों की गिनती की जाती है। सरीसृप यानी पानी में रहने के साथ धरती पर रैंगने वाले वन्यजीवों को भोजन के अलावा अपने शरीर का तापमान भी मेंटेन करना होता है। फरवरी एक मात्र ऐसा महीना होता है, जिसमें तापमान न तो ज्यादा गर्म होता है और न ही ठंडा। जब यह बाहर निकलते हैं तभी घड़ियालों व मगरमच्छों की गिनती हो पाती है।  <br /><br /><strong>95 प्रतिशत बच्चे बह जाते हैं बहाव में</strong> <br />घड़ियालों को प्रजनन एवं नेस्ट बनाने के लिए मोटी रेत की जरूरत होती है। लेकिन, कोटा का नदी तट पथरीला है जो इनके लिए उपयुक्त नहीं है। इनके अंडों से जब बच्चे निकलते हैं तो यह वह समय होता है, जब बारिश के कारण बेराज के गेट खोले जाते हैं। ऐसे में पानी के तेज बहाव में 95 प्रतिशत बच्चे बह जाते हैं। इनका संरक्षण तभी संभव होगा जब इनके प्राकृतिक आवास को बचाया जाए। हर तरह का अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगे। वहीं, बांधों के गेट खोलने के दौरान पानी की निकासी इस तरह की जाए, जिससे घड़ियालों के बच्चे अकाल मौत का शिकार न हो। इसके अलावा मध्यप्रदेश के देवरी और उत्तर प्रदेश के कुकरैल कस्बे की तरह कोटा में भी प्रजनन केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए। <br /><strong>कृष्णेंद्र सिंह नामा, सहायक आचार्य एवं रिसर्च सुपरवाइजर वनस्पति विभाग एलजेबरा कॉलेज</strong><br /><br /><strong>कोटा में मानवीय दखल ज्यादा</strong> <br /> यह बात सही है, जवाहर सागर से कोटा बैराज तक के इलाके में एक भी घड़ियाल नहीं है, क्योंकि इस इलाके में चट्टाने अधिक हैं। घड़ियाल रेतीली जगहों पर ही अंडे देते हैं, जो गुड़ला से धौलपुर तक के क्षेत्र में बहुत है। इसके अलावा कोटा के उपरी इलाके में प्राकृतिक आवास भी नहीं है। जबकि, मानवीय दखल बहुत ज्यादा है और गंदे नालों का पानी, अपशिष्ट पदार्थों का गिरने से पानी दूषित होता है, जिसके चलते घड़ियाल यहां रह नहीं पाते। यह नदी से 50 या 100 के दायरे में ही अंडे देते हैं, जो पानी प्रवाह के दौरान या तो बह जाते हैं या चट्टानों से टकराकर नष्ट हो जाते हैं। <br /><strong>अनिल यादव, एसीएफ राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 15:20:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> प्रसव कराने के नाम पर आठ हजार रुपए रिश्वत लेते डॉक्टर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[उदयपुर। संभाग के बांसवाड़ा जिले में बुधवार को एसीबी ने प्रसव कराने के नाम पर आठ हजार रुपए की रिश्वत लेते चिकित्साधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/doctor-arrested-for-taking-bribe-of-eight-thousand-rupees-in-the-name-of-delivery/article-12287"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/15-udi-acb.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। संभाग के बांसवाड़ा जिले में बुधवार को एसीबी ने प्रसव कराने के नाम पर आठ हजार रुपए की रिश्वत लेते चिकित्साधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।</p>
<p><br />एसीबी के एएसपी माधोसिंह ने बताया कि महिला के परिजनों ने शिकायत दी कि राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दानपुर में गर्भवती का प्रसव कराने के लिए ले गए थे, जहां पदस्थ चिकित्सक प्रदीप पुत्र भगवान सहाय शर्मा निवासी पाली, दौसा ने उनसे आठ हजार रुपए देने के बाद ही प्रसव कराने की बात कही। ब्यूरो टीम ने सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी चिकित्सक को महिला के परिजनों से आठ हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी चिकित्सक को गुरुवार को उदयपुर एसीबी न्यायालय में पेश किया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 11:58:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> राज्य सरकार ईआरसीपी के नाम पर कर रही है जनता को गुमराह,  अधूरी योजना बनाकर केन्द्र सरकार को भेजा, किरोड़ी </title>
                                    <description><![CDATA[ धार्मिक कार्यक्रम को सम्बोधित डा. किरोड़ीलाल मीना ने कांग्रेस पर निशाना साधते कहा कि कांग्रेस सरकार ईआरसीपी के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। सोशल मीडिया व जगह जगह लोग ईआरसीपी के झंडे बैनर लेकर प्रचार प्रसार करने के साथ मोदी से इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग कर रहे है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/state-government-is-misleading-the-public-in-the-name-of-ercp--making-an-incomplete-plan-and-sent-it-to-the-central-government--kirori/article-12097"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/13-ramghar.jpg" alt=""></a><br /><p>रामगढ़ पचवारा। शाहजहांपुरा स्थित भैंरू बाबा की बगीची में चल रहे 21 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत में प्रतिदन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को महायज्ञ में राज्यसभा सांसद डा.किरोडी लाल मीना, दौसा सांसद जसकौर मीना, भाजपा नेता रामबिलास मीना शामिल होकर क्षेत्र में सुखसमृद्धि की कामना की। धार्मिक कार्यक्रम को सम्बोधित डा. किरोड़ीलाल मीना ने कांग्रेस पर निशाना साधते कहा कि कांग्रेस सरकार ईआरसीपी के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। सोशल मीडिया व जगह जगह लोग ईआरसीपी के झंडे बैनर लेकर प्रचार प्रसार करने के साथ मोदी से इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग कर रहे है।</p>
<p>लेकिन अधिकतर लोगों को इस योजना की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार ने अधूरी योजना बनाकर केन्द्र सरकार को भेजी है, जिससे पूर्वी राजस्थान के 150 से अधिक तालाबों तक पानी नहीं पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि योजना के तहत कोटा- बारा से चम्बल नदी का पानी सवाईमाधोपुर के सूरवाल, मोरेल बांध, कानोता, जमवारामगढ बांध सहित 26 बांधों में पानी पहुंचेगा ऐसे में क्षेत्र के करीब 150 बांध व तालाबों तक पानी नहीं पहुंच पाएगा, मैं चाहता हूं कि पूर्वी राजस्थान के सभी बांध एंव तालाबों को शामिल करें। </p>
<p>मीना ने कहा कि गहलोत सरकार मध्यप्रदेश सरकार से सहमति पत्र लेकर केन्द्र सरकार को भेजे। योजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने की जिम्मेदारी मेरी है।  इस दौरान मीणा ने शाहजहांपुरा गांव में सांसद कोटे से बाउंड्रीवाल मय सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रुपए राशि देने की घोषणा की।  इस अवसर पर सांसद का कमेटी की ओर से 51 किलो की  फूल-माला से भव्य स्वागत किया ।</p>
<p>इससे पूर्व यज्ञ स्थल पर सांसद जसकौर मीणा ने भैंरू महाराज के दर्शन कर स्वामी अनिरूदाचार्य महाराज का आशीर्वाद लिया। महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री सुमन मीना खुर्रा, राहुवास भाजपा मंडल पूर्व अध्यक्ष पोकरमल सैनी ,अनिल बुर्जा, विनोद कोरका, पंचायत समिति सदस्य मनीषा देवी, मोतीलाल, रामकरण ठेकेदार, रामबिलास, उप सरपंच हरीराम मीणा, रमेश रामपुरा, बाबुलाल ,रामपुरा ,भरतलाल ,पिंन्टू कुमार, प्रभू लाल सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 12:59:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कहने को घड़ियाल सेंचुरी, कोटा में न नाम न कोई काम</title>
                                    <description><![CDATA[चम्बल में धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन व लगातार बढ़ते जलीय प्रदूषण से घड़ियालों का अस्तिव खतरे में पड़ गया है। जवाहर सागर से कोटा बैराज व केशवरायपाटन तक के इलाके में एक भी घड़ियाल नहीं है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/alligator-sanctuary-to-say--neither-name-nor-work-in-kota/article-11208"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tipper1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। चम्बल में धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन व लगातार बढ़ते जलीय प्रदूषण से घड़ियालों का अस्तिव खतरे में पड़ गया है। जवाहर सागर से कोटा बैराज व केशवरायपाटन तक के इलाके में एक भी घड़ियाल नहीं है। वहीं, ग्रामीण इलाके के इटावा उपखंड में एकमात्र नेस्टिंग साइड गुड़ला है। यह गांव खातौली कस्बे से करीब 25 किमी दूर है। यहां 40 से 45 घड़ियालों की मौजूदगी है। <br /><br />विशेषज्ञों के मुताबिक चंबल घड़ियाल अभयारण्य के दायरे में आने वाले इलाके (राणा प्रताप सागर से कोटा बैराज तक) एक भी घड़ियाल नहीं बचा। जबकि, 30 साल पहले यहां घड़ियाल हुआ करते थे। इसका सबसे बड़ा कारण अवैध खनन, अवैध मतस्याखेट, किनारों पर होने वाली पेटाकाश्त व नदी में गिरते नाले हैं। जिन पर समय रहते अंकुश नहीं लगा तो जिले की नेस्टिंग साइड पर पनप रहे घड़ियालों की प्रजाति लुप्त हो जाएगी।  वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के मुताबिक घड़ियाल अभयारण्य में किसी भी तरह का खनन नहीं किया जा सकता। जबकि, जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते खननकर्ता हर दिन चंबल का सीना छलनी कर बजरी व पत्थर निकाल रहे हैं।  <br /><br /><strong>बिखरा घरौंदा</strong><br />वन्यजीव स्कॉलर तरुण नायर के मुताबिक घड़ियाल रेत में पनपते हैं लेकिन चम्बल में लगातार बजरी का अवैध खनन होने से न नदी बची है और न ही घड़ियालों की मेटिंग के लायक माहौल। जैसे-तैसे घड़ियालों ने अंडे दे भी दिए हो तो वह सुरक्षित नहीं बच पाते। खनन के दौरान होने वाला शोर-शराबे से प्रजनन में खलल पड़ता है, जिससे घड़ियाल अपना इलाका छोड़ने को मजबूर हो गए।  <br /><br /><strong>कोटा की एकमात्र नेस्टिंग साइड है गुड़ला</strong><br />चंबल नदी के विशेषज्ञ हरिमोहन मीणा बताते हैं, कोटा में चंबल-पार्वती नदी का संगम स्थल गुडला जिले का एक मात्र घड़ियाल नेस्टिंग साइट है। यहां अच्छी तादात में घड़ियाल देखे जा सकते हैं। वर्तमान में यहां 40 से 45 घड़ियाल हैं। एक मादा करीब 50 अंडे देती है लेकिन, बाढ़ व पानी के बहाव के कारण 2 प्रतिशत ही जिंदा बच पाते हैं।<br /><br /><strong>ढाई साल पहले यहां चार घड़ियाल और 35 बच्चे थे अब एक भी नहीं</strong><br />मंडावरा नाका के वनरक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2020 में बूढ़ादीत कस्बे का मोराना गांव नेस्टिंग के लिए चर्चा में रहा। यहां तीन मादा और एक नर घड़ियाल था। वातावरण अनुकूल होने पर कुछ ही महीनों में मेटिंग होने से 35 से ज्यादा बच्चे नदी में अटखेलियां करते नजर आए थे, जो पानी के तेज बहाव में बह गए। वर्तमान में यहां एक भी घड़ियाल मौजूद नहीं है। हालांकि, चंबल-कालीसिंध नदी के संगम स्थल इटावा के नोनेरा गांव में वर्ष 2022 की गणना में एक घड़ियाल नजर आया है। <br /><br /><strong>ऐसे बस सकती है यहां घड़ियालों की बस्ती</strong> <br />राष्टÑीय चंबल अभयारण्य प्रशासन को सबसे पहले राणासागर बांध से कोटा बैराज तक के एरिए में घड़ियालों के लिए प्राकृतिक आवास चिन्हित करना चाहिए। सरवाइवल बजरी (विशेष मोटाई वाली रेत) चिन्हित स्थान पर बिछाकर अवैध मतस्य आखेट पर पूरी तरह रोक लगाएं। इसके बाद दो व्यस्क नर व मादा घड़ियालों को रेडियो ट्रांसमीटर लगाकर प्राकृतिक आवास में छोडेÞ। ट्रांसमीटर के जरिए इनकी गतिविधियों पर बराबर नजर रही जाए। यदि 2 माह तक ये घड़ियाल जोड़ा इस वातावरण में जीवित रह जाता है तो फिर एक-एक साल के बच्चे इनके पास छोड़े जाना चाहिए। इन प्रयासों के बाद यहां घड़ियालों की बस्ती बसाने की उम्मीद की जा सकती है।  <br /><strong>-डॉ. कृष्नेंद्र सिंह नामा, सहायक आचार्य एवं रिसर्च सुपरवाइजर वनस्पति विभाग एलजेबरा कॉलेज</strong><br /><br /><strong>चंबल को प्रदूषित होने से बचाना जरूरी</strong> <br />घड़ियाल अभयारण्य की जद में आने वाला चंबल का शहरी इलाका प्रदूषित हो चुका है। नदी में 22 तरह के नालों का गंदा पानी कैमिकल के साथ गिर रहा है। जिससे जलीय वन्यजीव अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों व जिम्मेदार अफसर मूक दर्शक बने हुए हैं, इनकी तरफ से चंबल शुद्धिकरण को लेकर कोई प्रयास नहीं किया गया। घड़ियालों को बसाने के लिए चंबल की शुद्धी जरूरी है। <br /><strong>-बाबूलाल जाजू, प्रदेश प्रभारी, पीपुल फॉर एनिमल्स</strong><br /><br /><strong>गुडला में हैं 40 से 45 घड़ियाल</strong><br />चंबल सेंचुरी में आने वाले शहरी इलाकों में एक भी घड़ियाल नहीं है, जबकि ग्रामीण इलाके के खातौली कस्बे से 25 किमी दूर गुडला में इनकी संख्या 40 से 45 है। अप स्टीम का एरिया पथरीला होने से ये टकराकर अकाल मौत का शिकार हो जाते है। चंबल-पार्वती नदी का संगम स्थल गुड़ला कोटा की एकमात्र नेस्टिंग साइड है। <br /><strong>-हरिमोहन मीणा, चंबल नदी विशेषज्ञ</strong><br /><br /><strong>मानवीय दखल सबसे बड़ा कारण</strong><br /> घड़ियाल सेंसटीव जीव होता है। चंबल के आसपास खेती करने वाले लोग विभिन्न तरह के रसायनों का उपयोग करते हैं, जो नदी में मिलने से पानी दूषित होता है, जिसके कारण जलीय जीव जीवित नहीं रह पाते। मानवीय गतिविधियां अधिक होने से शोर-शराबे के कारण ये अपनी जगह बदल है।<br /><strong>अनिल यादव, एसीएफ, चंबल अभयारण्य</strong><br /><br /><strong>घड़ियालों को बसाने के किए जाएं इंतजाम</strong><br />करीब 25 साल पहले वन्यजीव विभाग ने हाड़ौती नेच्यूरल सोसाइटी के सहयोग से चंबल गार्डन से 8-9 घड़ियालों को जवाहर सागर की कड़पका खाळ में शिफ्ट किया था। क्योंकि, यहां पानी का दबाव कम होने के साथ वातावरण भी इनके अनुकूल था लेकिन संरक्षण के अभाव में कुछ ही सालों बाद यह गायब हो गए। राष्टÑीय चंबल अभयारणय प्रशासन को घड़ियाल के कुछ अंडे लाकर इनक्यूबेटर में रखें और बच्चे निकलने के बाद इन्हें अभेड़ा व उम्मेदगंज के रियासतकालीन तालाब में छोड़ा जाए। साथ ही इनके पालन-पोषण के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। <br /><strong>-एमएच जेदी, नेचर प्रमोटर</strong><br /><br /><strong>1970 के बाद तेजी से हुई गिरावट</strong> <br />1970 के बाद से धड़ियालों की संख्या में तेजी से गिरावट होने लगा। क्योंकि इनका नेच्यूरल आवास खत्म होने लगे। अवैध खनन व मतस्य आखेट के कारण इन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा। यहां घड़ियालों की बस्ती फिर से बसाने के लिए विभाग को गाइड लाइन तैयार करनी चाहिए। <br /><strong>-डॉ. फातिमा सुल्ताना, विभागाध्यक्ष प्राणीशास्त्र जेडीबी कॉलेज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 16:09:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> पट्टा बनाने के नाम पर 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते मावली सरपंच गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[उदयपुर ने  मावली ग्राम पंचायत के सरपंच को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने परिवादी से यह राशि मकान का पट्टा बनाने के नाम पर ली थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur--mavli-sarpanch-arrested-for-taking-bribe-of-15-thousand-rupees-in-the-name-of-making-lease/article-9145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/udi-acb.jpg" alt=""></a><br /><p>मावली। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), उदयपुर ने बुधवार को मावली ग्राम पंचायत के सरपंच को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने परिवादी से यह राशि मकान का पट्टा बनाने के नाम पर ली थी। मौके पर मौजूद ग्राम सचिव की भूमिका की भी जांच की जा रही है।</p>
<p><br />एसीबी स्पेशल यूनिट के एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि मावली निवासी शकील पुत्र खलील मोहम्मद ने ब्यूरो को शिकायत दी कि उसके मकान का पट्टा बनाने की एवज में मावली सरपंच हेमेंद्र पुत्र स्व. चतुर्भुज जाट निवासी नाइयों का मोहल्ला उससे 30 हजार रुपए की मांग कर रहा है। ब्यूरो ने शिकायत का गत 29 अप्रेल को सत्यापन करवाया जिसमें राशि मांगने की पुष्टि हुई। परिवादी शकील मांग के अनुरूप 30 हजार रुपए का बंदोबस्त नहीं कर सका और उसने 15 हजार रुपए सरपंच को देने को कहा। टीम ने बुधवार शाम को आरोपी सरपंच हेमेंद्र जाट को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार किया। वहीं मौके पर मौजूद ग्राम सचिव भरतकुमार मीणा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार सरपंच को गुरुवार को उदयपुर न्यायालय में पेश किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 May 2022 11:36:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस के हालात</title>
                                    <description><![CDATA[अश्विनी कुमार से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह, अमरिंदर सिंह जैसे बहुत से बड़े नेता कांग्र्रेस से किनारा कर चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/620f8bbf6a645/article-4623"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/congress_new.jpg" alt=""></a><br /><p>कांग्रेस छोड़कर जाने वाले बड़े नेताओं में मनमोहन सरकार में कानून मंत्री और अनेक बड़े पदों पर सुशाभित अश्विनी कुमार का नाम भी जुड़ गया है। अश्विनी कुमार से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह, अमरिंदर सिंह जैसे बहुत से बड़े नेता कांग्र्रेस से किनारा कर चुके हैं। पंजाब चुनाव से कुछ दिन पहले अश्विनी कुमार का पार्टी छोड़ना इसलिए महत्वपूर्ण और अलग है, क्योंकि वह सोनिया गांधी और परिवार के बेहद निकट थे। जी-23 के नाम से संगठित कांग्र्रेस नेताओं का भी उन्होंने विरोध किया था, लेकिन इतने नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद भी राहुल गांधी या वर्तमान कांग्र्रेस की कार्यशैली में बदलाव आने की संभावना नहीं है। कांग्र्रेस लगातार जनाधार खो रही है और अपने पुराने और अनुभवी नेताओं को भी। अश्विनी कुमार ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए परोक्ष रूप से टिप्पणी की है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर के नेता के दौर पर देश के जनमानस को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में प्रतिभाशाली व वरिष्ठ नेताओं का कोई महत्व नहीं रह गया है। इसका एक तरह से सीधा मतलब यही निकलता है कि केवल परिवार के चाटुकारों का वर्चस्व है। अश्विनी कुमार चार दशक से अधिक समय तक पार्टी से जुड़े रहे हैं और विभिन्न पदों पर रहकर सत्ता का सुख लेते रहे हैं, लेकिन अब जब वैसा पुराना सुख नहीं मिल रहा है, तो फिर सुख प्राप्ति की चाह में पार्टी को छोड़ने को मजबूर हुए हैं। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपने आगे के कदम के बारे में कोई संकेत नहीं दिया है। बहरहाल, अश्विनी कुमार स्वयं कोई बड़े जनाधार वाले नेता नहीं हैं। पंजाब में वह नगर पालिका तक का चुनाव भी नहीं जीत पाए हैं। पार्टी छोड़कर जाने वाले एक-दो नेताओं को छोड़कर लगभग सभी नेता गांधी परिवार के करीबी बनकर कांग्र्रेस की सत्ता में बार-बार सत्ता का सुख लेते रहे हैं। अब कांग्र्रेस सत्ता में नहीं है तो कांग्र्रेस के नेता अपने नए राजनीतिक सुख की खातिर पार्टी छोड़कर चले गए हैं। दरअसल यह कांग्र्रेस का इतिहास रहा है कि समय-समय पर इसका साथ ऐसे नेता छोड़ते रहे हैं जिन्हें सिर्फ सत्ता की राजनीति से ही मोह होता है। कांग्र्रेस कई बार टूटी है तो फिर सशक्त रूप से खड़ी भी हुई है। लेकिन तत्कालीन केन्द्रीय नेतृत्व भी सशक्त था। लेकिन आज कांग्र्रेस जैसी राष्ट्रीय स्तर की बड़ी पार्टी की हालत दयनीय है। जनाधार का दायरा काफी घटा है। ऐसे में राष्ट्रीय नेतृत्व को सारे हालात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और पलायन के कारणों पर गहन विचार करना चाहिए। गंभीर आत्म मंथन व पार्टी के काया कल्प की सख्त जरूरत हो चली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/620f8bbf6a645/article-4623</link>
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                <pubDate>Fri, 18 Feb 2022 17:51:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वसीम रिजवी का नाम अब होगा जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी : वसीम रिजवी ने अपनाया सनातन धर्म</title>
                                    <description><![CDATA[विवादित बयानो को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने अपनाया सनातन धर्म]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/61adef108da32/article-2969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/wasim-rizvi-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ।  अपने विवादित बयानो को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने सोमवार को सनातन धर्म स्वीकार कर लिया।  रिजवी ने यह जानकारी खुद एक वीडियो जारी कर दी। गाजियाबाद स्थित डासना में एक मंदिर में यति नरसिंहानंद सरस्वती ने उन्हें विधिवत सनातन धर्म स्वीकार कराया।<br /> <br /> रिजवी ने कहा कि धर्म परिवर्तन की यहां पर कोई बात नहीं है, जब मुझको इस्लाम से निकाल दिया गया, तब यह मेरी मर्जी है कि मैं किस धर्म को स्वीकार करूं। सनातन धर्म दुनिया का सबसे पहला धर्म है और इतनी उसमें अच्छाइयां  हैं जो किसी दूसरे धर्म  में नहीं है। इस्लाम को मैने कभी धर्म नहीं माना। हर शुक्रवार को जुमे की नमाज में मेरे और यति निरसिंहानंद के सर पर ईनाम की राशि बढ़ा दी जाती है। इसलिए मै अपनी मर्जी से आज सनातन धर्म अपना रहा हूं। इस मौके पर यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि वसीम रिजवी त्यागी बिरादरी से जुड़ेंगे। रिजवी का नाम अब जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी होगा।<br /> <br /> गौरतलब है कि रिजवी अक्सर इस्लाम को लेकर विवादित बयानबाजी करते रहे हैं। उन्होने कई बार खुद पर जानलेवा हमला किये जाने की आशंका जतायी है। रिजवी का कहना है कि उन्होने कुरान की 26 आयतों को न्यायालय में चुनौती दी है। जिसके चलते मुस्लिम कट्टरपंथी उनकी हत्या करना चाहते हैं। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Dec 2021 17:36:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title> दूसरा दिन कीवी टीम के नाम, साउदी के पंच भारत पर पड़ा भारी,  पहली पारी में टीम 345 रन पर सिमटी</title>
                                    <description><![CDATA[
भारतीय गेंदबाज बेअसर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE--%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80---%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%AE-345-%E0%A4%B0%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-2764"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/team-india1.jpg" alt=""></a><br /><p>कानपुर। पहले दिन दम दिखाने वाली टीम इंडिया टिम साउदी (69 रन पर पांच विकेट) की घातक गेंदबाजी के आगे नतमस्तक नजर आई।  न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन शुक्रवार को लंच के बाद पहली पारी में 345 रन बना कर पवेलियन लौट गयी।   </p>
<p>दरअसल ग्रीनपार्क मैदान पर भारत ने अपने कल के स्कोर चार विकेट पर 258 रन से आगे खेलना शुरू किया मगर साउदी के खतरनाक प्रहार के आगे भारतीय टीम कुछ खास नहीं कर सकी और बचे छह विकेट मात्र 87 रन जोड़ कर गंवा दिये। युवा सनसनी श्रेयस अय्यर के पदार्पण टेस्ट पर लगाये गये शतक के अलावा दर्शकों के लिये सुबह के सत्र में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक था। नयी गेंद के साथ पिच पर मिल रही ङ्क्षस्वग का भरपूर फायदा उठाते हुये अनुभवी साउदी ने विकेटो की झड़ी लगा दी। उनके पहले शिकार अजय जडेजा (50) बने जो अपने कल के स्कोर पर बगैर कुछ जोड़े क्लीन बोल्ड होकर पवेलियन लौट गये।  बाद में ऋद्धिमान साहा (एक),श्रेयस अय्यर (105),अक्षर पटेल (तीन) साउदी की गेंदबाजी के आगे समर्पण कर गये वहीं दूसरे छोर पर रविचंद्रन अश्विन (38) और इंशात शर्मा को शून्य पर चलता कर भारत के बड़ा स्कोर खड़ा करने के सपने को चकनाचूर कर दिया। उमेश यादव दस रन बनाकर अविजित पवेलियन लौटे।<br /><br />डेब्यू टेस्ट में शतकवीर बने श्रेयस अय्यर ने अपनी पारी में 267 मिनट क्रीज पर टिक कर 171 गेंदो का सामना किया और इस दौरान 13 चौके और दो छक्के लगाये। उनका साथ देने आये अश्विन ने 63 गेंदो की अपनी संक्षिप्त पारी में छह चौकों की मदद से 35 रन टीम के स्कोर में जोड़े। भारत की ओर से पदार्पण टेस्ट में शतक जडऩे वाले श्रेयस 16वें बल्लेबाज बन चुके है जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ यह करिश्मा करने वाले वह तीसरे भारतीय है।</p>
<p><strong>भारतीय गेंदबाज बेअसर, दूसरा दिन कीवी टीम के नाम</strong><br /> टिम साउदी (69 रन पर पांच विकेट) की घातक गेंदबाजी के बाद टाम लाथम (50 नाबाद) और विल यंग (75 नाबाद) की सलामी जोड़ी के बीच 129 रनों की शानदार शतकीय साझीदारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने यहां खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन शुक्रवार को मेजबान भारत की पहली पारी के 345 रनों के जवाब में अपनी पहली पारी में एक विकेट पर 129 रन बना कर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल की।<br /><br />क्रीज पर आये न्यूजीलैंड की सलामी जोड़ी ने भारतीय आक्रमण को धराशायी करते हुये बाकी के दो सत्रों को अपने नाम किया। भारतीय कप्तान आंजिक्य रहाणे ने सलामी जोड़ी की साझीदारी को तोडऩे के लिये अपने सभी छह गेंदबाजों को लगाया मगर उन्हे निराशा हाथ लगी। इस बीच तीन मौके ऐसे भी आये जब टाम लाथम को फील्ड अंपायर ने आउट भी करार दिया मगर डीआरएस में तीनो बार फील्ड अंपायर को अपने निर्णय माफी के साथ वापस लेने पड़े।</p>
<p> </p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>स्कोरबोर्ड</strong></span></span></span><br /><strong>भारत पहली पारी</strong><br /><br />मयंक अग्रवाल को. ब्लंडेल बो. जैमिसन....................13<br /><br />शुभमन गिल बो. जैमिसन........................................52<br /><br />चेतेश्वर पुजारा का ब्लंडेल बो साउदी......................26<br /><br />अजिंक्या रहाणे बो. जैमिसन (................................35<br /><br />श्रेयस अय्यर को. यंग बो. साउदी..............................105<br /><br />रवींद्र जडेजा बो. साउदी.........................................50<br /><br />रिद्धिमान साहा को. ब्लंडेल बो. साउदी.....................01<br /><br />रविचंद्रन अश्विन बो. एजाज पटेल............................38<br /><br />अक्षर पटेल को. ब्लंडेल बो. साउदी...........................03<br /><br />उमेश यादव अविजित............................................10<br /><br />ईशांत शर्मा पगबाधा बो. पटेल (...............................00<br /><br />अतिरिक्त : 12<br /><br />कुल : 111.1 ओवर में 10 विकेट पर 345 रन<br /><br />विकेट पतन: 1-21, 2-82, 3-106, 4-145, 5-266, 6-288, 7-305, 8-313, 9-339, 10-345<br /><br />गेंदबाजी<br /><br />टिम साउदी....................27.4-6-69-5<br /><br />काइल जैमिसन...............23.2-6-91-3<br /><br />एजाज पटेल...................29.1-7-90-2<br /><br />विलियम सोमरविल.........24-2-60-0<br /><br />रचिन रवींद्र....................7-1-28-0</p>
<p> </p>
<p><strong>न्यूजीलैंड पहली पारी</strong><br />विल यंग खेल रहे...........................75<br /><br />टॉम लेथम खेल रहे (.....................50<br /><br />अतिरिक्त : 04<br /><br />कुल : 57 ओवर में बिना कोई विकेट खोये 129 रन<br /><br />गेंदबाजी<br /><br />इशांत शर्मा....................6-3-10-0<br /><br />उमेश यादव...................10-3-26-0<br /><br />रविचंद्रन अश्विन.............17-5-38-0<br /><br />रवींद्र जडेजा...................14-4-28-0<br /><br />अक्षर पटेल.....................10-1-26-0</p>
<p><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Nov 2021 18:47:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के जिला कलेक्टर और निकायों के आयुक्त को दिए अधिकार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सिविल सेवा नियम, 1958 के नियम 15 के उप-नियम (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए शक्तियां प्रदान की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-1970"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/udh-busilding2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत नाम हस्तांतरण, पट्टा जारी करने, भवन निर्माण अनुमति, भवन उप विभाजन/पुनर्गठन सहित अन्य मामलों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब सीधे ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित जिला कलेक्टर और निकाय के आयुक्त कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे।<br /> <br /> स्वशासन विभाग की ओर से अभियान में होने वाले कार्यों के सुचारू संचालन के लिए राजस्थान सिविल सेवा नियम, 1958 के नियम 15 के उप-नियम (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला कलेक्टर और स्थानीय निकाय विभाग के क्षेत्रीय उपनिदेशक को उनके क्षेत्राधिकार में कार्यरत नगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने पर कार्रवाई करने की शक्तियां प्रदान की है। राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 17 के अधीन लघु शास्तियां (अधिकतम दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने तक) अधिरोपित करने के लिए सशक्त किया गया है। इसके साथ ही स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक दीपक नंदी ने अभियान के सफल संचालन के लिए नगर परिषद ने आयुक्त के पद पर कार्यरत अधिकारियों को जिला प्रभारी अधिकारियों के साथ नगर पालिकाओं के लिए सह प्रभारी के रूप में काम करने के आदेश जारी किए हैं। अभियान के तहत अब तक जहां यूडीएच के 17 निकायों में 66 फीसदी पट्टे जारी किए गए हैं। वहीं, एलएसजी के 213 निकायों में 29 फीसदी पट्टे ही जारी किए जा सके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
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