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                <title>India-Bangladesh - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मछुआरों ने अनजाने में पार की अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा : भारत और बंगलादेश ने 151 मछुआरों को भेजा वापस, जलक्षेत्र में भटकने के बाद किया था गिरफ्तार</title>
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                        <![CDATA[भारत और बांग्लादेश ने अनजाने में सीमा पार कर गए मछुआरों की पारस्परिक रिहाई पूरी की। बांग्लादेश से 23 भारतीय और भारत से 128 बांग्लादेशी मछुआरों को उनके नावों के साथ वापस भेजा गया। यह कदम दोनों देशों के मछुआरा समुदायों के मानवीय और आजीविका हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया और नियमित सीमा समन्वय के माध्यम से संपन्न हुआ।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/fishermen-unknowingly-crossed-the-international-maritime-boundary-india-and-bangladesh/article-141318"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/(1200-x-600-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और बंगलादेश ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) को अनजाने में पार कर चुके मछुआरों की पारस्परिक रिहाई और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया पूरी की। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष इसे समुद्री सीमा संबंधी लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों के मानवीय समाधान के रूप में देखते हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि बंगलादेश के अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए गए कुल 23 भारतीय मछुआरों और भारत में हिरासत में लिए गए 128 बंगलादेशी मछुआरों को रिहा कर उनके चालू मछली पकड़ने वाली नावों के साथ उनके संबंधित देशों में वापस भेज दिया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह आदान-प्रदान दोनों पक्षों के मछुआरा समुदायों के मानवीय और आजीविका संबंधी हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। भारत अपने मछुआरा समुदाय के कल्याण और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>हाल के हफ्तों में, नियमित मछली पकड़ने की गतिविधियों के दौरान एक-दूसरे के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में भटक जाने के बाद मछुआरों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि दोनों सरकारों के बीच घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से इस आदान-प्रदान को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें छोटे पैमाने पर मछली पकड़ने पर अत्यधिक निर्भर तटीय समुदायों की आजीविका संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखा गया। इस सर्दी के मौसम में पहले भी इसी तरह की घटनाओं के बाद यह रिहाई हुई है। अधिकारियों ने बताया कि हिरासत की अवधि के दौरान, ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने भारतीय मछुआरों की देखभाल की निगरानी की और गर्म जैकेट सहित आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की।</p>
<p>दिल्ली ने कहा कि वह भारतीय मछुआरों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च महत्व देता है और अनजाने में सीमा पार करने से रोकने और ऐसी घटनाओं के होने पर त्वरित मानवीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। बंगाल की खाड़ी में मछुआरों की सीमा पार गिरफ्तारी एक आम समस्या बनी हुई है, जहां मछली पकडऩे के क्षेत्रों का ठीक से सीमांकन न होना, छोटी नावों में नौवहन उपकरणों की कमी और मौसमी मछली आवागमन अक्सर अनजाने में सीमा उल्लंघन का कारण बनते हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 15:52:02 +0530</pubDate>
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                <title>बांग्लादेश संकट के बीच भारत का बड़ा फैसला, वीजा सेवाओं पर लगाई रोक</title>
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                        <![CDATA[ढाका में बढ़ते प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं के बीच भारत ने चटगांव स्थित अपने वीजा आवेदन केंद्र की सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। यह कदम कानून-व्यवस्था सामान्य होने तक एहतियाती उपाय के तौर पर उठाया गया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indias-big-decision-amid-bangladesh-crisis-ban-on-visa-services/article-136770"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/india-bangladesh-visa.png" alt=""></a><br /><p>ढाका। भारत ने बंगलादेश के दूसरे सबसे बड़े शहर चटगांव में अपने वीजा आवेदन केंद्र पर वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। यह फैसला एक प्रमुख युवा नेता की मौत से जुड़े प्रदर्शनों और दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव के बाद लिया गया है। भारतीय अधिकारियों ने कहा, चटगांव के भारतीय सहायक उच्चायोग परिसर के पास प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद वीजा केंद्र को अगले नोटिस तक बंद रखा जाएगा। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस निलंबन को सावधानीपूर्ण उपाय बताया, जो स्थानीय कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य होने तक प्रभावी रहेगा।</p>
<p>इस अशांति की शुरुआत शरीफ उस्मान हादी की मौत से हुई, जो पिछले साल अवामी लीग सरकार के खिलाफ छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के प्रमुख नेता थे। हादी को अज्ञात लोगों ने गोली मार दी थी और बाद में सिंगापुर में 12 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।प्रदर्शनकारियों को चटगांव के खुलशी इलाके में भारतीय मिशन के बाहर रात भर तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया, जिसमें कम से कम चार लोग घायल हुए, जिनमें एक पुलिस अधिकारी भी शामिल है। इसके बाद मिशन और ढाका में भारतीय उच्चायोग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।</p>
<p>हादी की मौत की खबर फैलने के बाद ढाका और अन्य शहरों में ङ्क्षहसा फैल गई। प्रदर्शनकारियों ने दो प्रमुख मीडिया संस्थानों 'द डेली स्टार' और 'प्रथम आलो' में आग लगा दी और बंगलादेश के संस्थापक राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान के धानमंडी 32 स्थित निवास पर हमला किया।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने नयी दिल्ली में बंगलादेश उच्चायोग के बाहर शुक्रवार को हुई एक घटना के बारे में भ्रामक प्रचार को खारिज किया, जहां प्रदर्शनकारी मयमनसिंह में हिंदू व्यक्ति दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या के खिलाफ विरोध कर रहे थे। मीडिया के सवालों के जवाब में आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हमने बंगलादेश मीडिया के कुछ हिस्सों में इस घटना पर भ्रामक प्रचार पर ध्यान दिया है। तथ्य यह है कि 20 दिसंबर को लगभग 20-25 युवा नयी दिल्ली में बंगलादेश उच्चायोग के सामने इक्टठा हुए और मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की भयानक हत्या के खिलाफ नारे लगाए, साथ ही बंगलादेश में सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग की।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, किसी भी समय बाड़ तोडऩे या सुरक्षा स्थिति पैदा करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। मौके पर तैनात पुलिस ने कुछ मिनटों में समूह को तितर-बितर कर दिया। इन घटनाओं के दृश्य सबूत सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। भारत विएना संधि के अनुसार अपनी क्षेत्र में विदेशी मिशनों/पोस्टों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत बंगलादेश की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। हमारे अधिकारी बंगलादेश अधिकारियों के संपर्क में हैं और हमने अल्पसंख्यकों पर हमलों के प्रति अपनी गंभीर चिंता जताई है। हमने यह भी आग्रह किया है कि दास की बर्बर हत्या के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 13:22:47 +0530</pubDate>
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                <title>हमारी विदेश नीति की बुनियाद है स्वतंत्र विकल्प और रणनीतिक स्वतंत्रता: विदेश मंत्री एस जयशंकर</title>
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                        <![CDATA[विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि शेख हसीना की भारत में मौजूदगी निजी निर्णय है। भारत बांग्लादेश से अच्छे संबंध चाहता है। पुतिन की यात्रा से भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता प्रभावित नहीं होगी। भारत अपनी विदेश नीति में रणनीतिक स्वतंत्रता बनाए रखेगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-foundation-of-our-foreign-policy-is-free-choice-and/article-135112"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(13)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ कहा कि भारत में उनकी मौजूदगी उनकी निजी पसंद है और यह उसी स्थिति से जुड़ी है, जो पिछले साल बांग्लादेश में घटी थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत, बांग्लादेश का अच्छा पड़ोसी और शुभचिंतक है। बांग्लादेश की ओर से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग के बावजूद भारत ने अभी तक इस पर कोई सहमति नहीं दी है।</p>
<p>पिछले महीने हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। एक कार्यक्रम में पूछा गया कि क्या हसीना भारत में जितनी चाहें उतनी देर रह सकती हैं? इस पर जयशंकर ने कहा कि यह फैसला उनका अपना है। उन्होंने कहा कि वह एक खास परिस्थिति में भारत आई थीं और वही परिस्थितियां तय करेंगी कि आगे क्या होगा। भारत-बांग्लादेश संबंधों पर उन्होंने कहा कि भारत हमेशा यह चाहेगा कि पड़ोसी देश में लोकतांत्रिक माहौल मजबूत रहे।</p>
<p><strong>पुतिन की यात्रा पर भारत का स्पष्ट संदेश</strong></p>
<p>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने कहा कि भारत-रूस संबंध पिछले 70-80 साल से सबसे स्थिर बड़े रिश्तों में रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुतिन की यात्रा से भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रभावित नहीं होगा। जयशंकर ने स्पष्ट कहा, भारत सभी बड़े देशों से रिश्ते रखता है। किसी भी देश को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि उसे हमारे फैसलों पर वीटो जैसा असर मिलेगा।</p>
<p><strong>अमेरिका से व्यापार बातचीत पर भारत का रुख</strong></p>
<p>वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के लिए व्यापार बड़ा मुद्दा है। जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी शर्तों और राष्ट्रीय हितों के अनुसार ही बातचीत करेगा। उन्होंने कहा, डिप्लोमेसी किसी को खुश करने के लिए नहीं होती, यह देश के हितों की रक्षा के लिए होती है। अमेरिका ने भारतीय सामान पर 50% तक शुल्क लगाया है और रूसी तेल खरीदने पर 25% अतिरिक्त टैक्स लगाया था, जिसके कारण दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। भारत और अमेरिका अभी एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि इस समझौते में भारत के किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ा जाएगा।</p>
<p><strong>भारत की रणनीतिक आजादी पर जोर</strong></p>
<p>पुतिन की यात्रा पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि एक बड़े और उभरते हुए देश के रूप में भारत सभी महत्वपूर्ण देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि हमारी विदेश नीति की बुनियाद है स्वतंत्र विकल्प और रणनीतिक स्वतंत्रता। यही आगे भी जारी रहेगी।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 11:42:46 +0530</pubDate>
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