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                <title>India-US Trade - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>भारत-अमेरिका व्यापार मुद्दे पर निशिकांत दुबे ने दी राहुल गांधी को खुली बहस की चुनौती, टैरिफ संरचना को लेकर झूठ बोलने का लगाया आरोप</title>
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                        <![CDATA[भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर खुली बहस की चुनौती दी है। दुबे ने राहुल के कपास और टैरिफ संबंधी दावों को 'फर्जी नैरेटिव' बताया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nishikant-dubey-challenged-rahul-gandhi-for-an-open-debate-on/article-143199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(15).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों, कपास आयात और उसके भारतीय किसानों व वस्त्र उद्योग पर प्रभाव को लेकर खुली सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में निशिकांत दुबे ने गांधी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि वह भारत-अमेरिका व्यापार और टैरिफ संरचना को लेकर बड़ा झूठ फैला रहे हैं। राहुल गांधी ने दावा किया था कि अमेरिकी बाजार में भारतीय परिधानों पर 18 प्रतिशत शुल्क लगता है, जबकि बांग्लादेश को शून्य शुल्क का लाभ मिलता है। उन्होंने इस मुद्दे को अमेरिका से कपास आयात से भी जोड़ा था।</p>
<p>निशिकांत दुबे ने इन दावों को खारिज करते हुए आरोपों के तथ्यात्मक आधार पर सवाल उठाए और राहुल गांधी से अमेरिका से कपास आयात की वास्तविक आवश्यकता और उसके पैमाने को स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने भारत में कपास उत्पादन, कपास किसानों की मौजूदा स्थिति, वस्त्र मिलों की हालत और व्यापक व्यापारिक वास्तविकताओं पर भी स्पष्टीकरण मांगा।</p>
<p>भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का बयान भ्रम पैदा करने के उद्देश्य से दिया गया है और उन्होंने इसे फर्जी नैरेटिव करार दिया। उन्होंने कथित बाहरी प्रभावों और वैचारिक संबंधों का भी उल्लेख करते हुए राहुल गांधी को किसी भी मंच पर बहस के लिए चुनौती दी।यह बयान ऐसे समय आया है जब सत्तारूढ़ सरकार और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।</p>
<p>गौरतलब है कि, दुबे ने हाल ही में लोकसभा में एक  प्रस्ताव पेश कर अलग आरोपों के आधार पर राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने की मांग भी की है, जिसमें उन्होंने 1978 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़े संसद के एक प्रकरण का हवाला दिया है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 18:07:49 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>ट्रंप की भारत को चेतावनी: 'रूसी तेल नहीं छोड़ा, तो और बढ़ेंगे आयात शुल्क', जानें पूरा मामला</title>
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                        <![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से कहा कि अगर नई दिल्ली रूसी तेल से जुड़ी चिंताओं पर मदद नहीं करता है, तो अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ा सकता है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-warning-to-india-that-import-duties-will-increase-further/article-138411"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump-and-modi.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल का आयात करने के मामले में भारत पर आयात शुल्क बढ़ाने की चेतावनी देते हुए संकेत दिया है कि वॉशिंगटन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के लिए तैयार है और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मुद्दे पर उनकी नाराजगी से अवगत हैं।</p>
<p>अपने हवाई जहाज एयर फोर्स वन पर रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी ट्रंप ने कहा, पीएम मोदी रूस के साथ भारत के ऊर्जा व्यापार पर उनकी नाराजगी को जानते हैं। पीएम मोदी एक बहुत अच्छे इंसान हैं और वह जानते थे कि मैं खुश नहीं हूं। मुझे खुश करना महत्वपूर्ण था, क्योंकि वह व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी शुल्क बढ़ा सकते हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आयी है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार (एजेंसी) चल रही है और अमेरिका ने भारत पर पहले ही 50 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क लगा रखा है।</p>
<p>यह घटनाक्रम वेनेजुएला में हाल ही में हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद सामने आया है, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ने हिरासत में लिया था। इस घटनाक्रम ने वैश्विक तेल भू-राजनीति पर दुनिया का ध्यान खींचा है। ओपेक के आंकड़ों के अनुसार वेनेजुएला के पास 300 अरब बैरल से अधिक का दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, जो वैश्विक भंडार का लगभग 17 से 18 प्रतिशत है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि, अमेरिका के आयात शुल्क को दोगुना करके 50 प्रतिशत तक करने के बाद से पीएम मोदी और अमेरिकी ट्रंप के बीच तीन बार बातचीत हुई है। इस शुल्क वृद्धि से कपड़ा, रसायन और झींगा मछली जैसी चीजों के निर्यात पर असर पड़ा है। दोनों पक्षों के बीच व्यापार (एजेंसी) जुलाई के अंत में तब विफल हो गयी थी, जब भारत ने अपने कृषि बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलने का विरोध किया था और भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की मध्यस्थता की भूमिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। बातचीत हालांकि तब से जारी है।</p>
<p>दिसंबर 2025 में अमेरिकी उप व्यापार प्रतिनिधि रिक स्विट्जर ने नयी दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ दो दिनों में बैठकें की थीं। इस दौरान भारत ने रूसी तेल खरीद से जुड़े दंडात्मक शुल्कों से राहत देने पर जोर दिया था। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के कार्यालय ने इन चर्चाओं पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर अमेरिकी बाजार में चावल की डंपिंग करने का आरोप लगाते हुए भारतीय चावल के आयात पर भी नया शुल्क लगाने का संकेत दे चुके हैं।  </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 12:38:40 +0530</pubDate>
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                <title>हमारी विदेश नीति की बुनियाद है स्वतंत्र विकल्प और रणनीतिक स्वतंत्रता: विदेश मंत्री एस जयशंकर</title>
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                        <![CDATA[विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि शेख हसीना की भारत में मौजूदगी निजी निर्णय है। भारत बांग्लादेश से अच्छे संबंध चाहता है। पुतिन की यात्रा से भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता प्रभावित नहीं होगी। भारत अपनी विदेश नीति में रणनीतिक स्वतंत्रता बनाए रखेगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-foundation-of-our-foreign-policy-is-free-choice-and/article-135112"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(13)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ कहा कि भारत में उनकी मौजूदगी उनकी निजी पसंद है और यह उसी स्थिति से जुड़ी है, जो पिछले साल बांग्लादेश में घटी थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत, बांग्लादेश का अच्छा पड़ोसी और शुभचिंतक है। बांग्लादेश की ओर से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग के बावजूद भारत ने अभी तक इस पर कोई सहमति नहीं दी है।</p>
<p>पिछले महीने हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। एक कार्यक्रम में पूछा गया कि क्या हसीना भारत में जितनी चाहें उतनी देर रह सकती हैं? इस पर जयशंकर ने कहा कि यह फैसला उनका अपना है। उन्होंने कहा कि वह एक खास परिस्थिति में भारत आई थीं और वही परिस्थितियां तय करेंगी कि आगे क्या होगा। भारत-बांग्लादेश संबंधों पर उन्होंने कहा कि भारत हमेशा यह चाहेगा कि पड़ोसी देश में लोकतांत्रिक माहौल मजबूत रहे।</p>
<p><strong>पुतिन की यात्रा पर भारत का स्पष्ट संदेश</strong></p>
<p>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने कहा कि भारत-रूस संबंध पिछले 70-80 साल से सबसे स्थिर बड़े रिश्तों में रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुतिन की यात्रा से भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रभावित नहीं होगा। जयशंकर ने स्पष्ट कहा, भारत सभी बड़े देशों से रिश्ते रखता है। किसी भी देश को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि उसे हमारे फैसलों पर वीटो जैसा असर मिलेगा।</p>
<p><strong>अमेरिका से व्यापार बातचीत पर भारत का रुख</strong></p>
<p>वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के लिए व्यापार बड़ा मुद्दा है। जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी शर्तों और राष्ट्रीय हितों के अनुसार ही बातचीत करेगा। उन्होंने कहा, डिप्लोमेसी किसी को खुश करने के लिए नहीं होती, यह देश के हितों की रक्षा के लिए होती है। अमेरिका ने भारतीय सामान पर 50% तक शुल्क लगाया है और रूसी तेल खरीदने पर 25% अतिरिक्त टैक्स लगाया था, जिसके कारण दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। भारत और अमेरिका अभी एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि इस समझौते में भारत के किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ा जाएगा।</p>
<p><strong>भारत की रणनीतिक आजादी पर जोर</strong></p>
<p>पुतिन की यात्रा पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि एक बड़े और उभरते हुए देश के रूप में भारत सभी महत्वपूर्ण देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि हमारी विदेश नीति की बुनियाद है स्वतंत्र विकल्प और रणनीतिक स्वतंत्रता। यही आगे भी जारी रहेगी।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 11:42:46 +0530</pubDate>
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