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                <title>IAEA - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>रूसी उप विदेश मंत्री का बड़ा बयान, बोले-ईरान के साथ निरंतर संपर्क में है देश, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से प्रतिक्रिया की मांग की</title>
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                        <![CDATA[रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुदेन्को ने कहा है कि मॉस्को ईरान के साथ निरंतर संपर्क में है। उन्होंने बुशहर परमाणु संयंत्र की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए IAEA से प्रतिक्रिया मांगी है। रूस को उम्मीद है कि डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बावजूद अमेरिका परमाणु संयंत्रों को निशाना नहीं बनाएगा, जिससे वैश्विक संकट और गहरा सकता है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russian-deputy-foreign-ministers-big-statement-said-the-country-is/article-147553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/putin.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुदेन्को ने सोमवार को कहा कि रूस ईरान के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। रुदेन्को ने रूस और भारत द्विपक्षीय संबंधों के नए एजेंडे की ओर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के इतर पत्रकारों से कहा, हमारे मंत्री खाड़ी देशों के सहयोगियों और ईरानी विदेश मंत्री के साथ निरंतर संपर्क में हैं। हम वास्तविक समय में सभी के साथ काम कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थिति शांत है और रूस संयंत्र पर गोलाबारी के संबंध में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) से प्रतिक्रिया की मांग करता है।</p>
<p>रुदेन्को ने कहा कि रूस को उम्मीद है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दी गयी धमकी के संदर्भ में अमेरिका बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमला नहीं करेगा।</p>]]>
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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:27:54 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>रूस ने की ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर मिसाइल अटैक की निंदा, कहा-इजराइल और अमेरिका को बंद करने चाहिए हमले, रेडियोलॉजिकल एवं पर्यावरणीय आपदा का खतरा होता है उत्पन्न  </title>
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                        <![CDATA[रूस ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर इज़रायल और अमेरिका के मिसाइल हमले को "अस्वीकार्य" बताया है। प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने चेतावनी दी कि परमाणु बुनियादी ढांचे पर ऐसी लापरवाही से पर्यावरणीय आपदा और रेडियोलॉजिकल खतरा पैदा हो सकता है। रूस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और IAEA से इस हमले की तत्काल निंदा करने की मांग की है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/russia-condemned-the-missile-attack-on-irans-nuclear-plant-said/article-147032"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/maria-zakharova.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। रूस ने ईरान में स्थित बुशहर परमाणु ऊर्जा संयत्र पर हुए गैर-जिम्मेदाराना हमले की निंदा की है और कहा है कि इजराइल और अमेरिका को ऐसे लापरवाह हमले बंद करने चाहिए, जो सुरक्षा जोखिम पैदा करते हैं। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोव ने बुधवार को यह बात कही।</p>
<p>जखारोवा ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, हम ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की भीतरी परिधि में औक परिचालन इकाई से कुछ ही मीटर की दूरी पर किए गए गैरजिम्मेदाराना और अस्वीकार्य मिसाइल हमले की कड़ी निंदा करते हैं। इजरायल और अमेरिका को परमाणु अवसंरचना सुविधाओं पर लापरवाह हमलों को बंद करना चाहिए, जिससे पूरे क्षेत्र में रेडियोलॉजिकल एवं पर्यावरणीय आपदा का वास्तविक खतरा उत्पन्न होता है। </p>
<p>रूसी राजनयिक ने कहा कि रूस पश्चिम एशिया में संघर्ष में शामिल पक्षों से समझदार बनने और युद्धविराम के प्रयास करने का आह्वान करता है। जखारोवा ने कहा, हम आईएईए से इस जघन्य घटना की स्पष्ट निंदा की उम्मीद करते हैं जिसकी सुरक्षा में बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सभी जिम्मेदार एवं समझदार सदस्यों और विशेष रूप से खाड़ी देशों से उचित प्रतिक्रिया की उम्मीद करते हैं। </p>
<p>ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) ने मंगलवार को कहा कि एक मिसाइल संयंत्र के परिसर में गिरी लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा कि उसे इस घटना की जानकारी प्राप्त हुई है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 14:06:16 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान-अमेरिका बातचीत: 26 फरवरी को होगी तीसरे दौर की बातचीत, समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अतिरिक्त प्रयास</title>
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                        <![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर अगले दौर की वार्ता इस गुरुवार को जिनेवा में होगी। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने प्रतिबंध हटाने और शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की मान्यता पर जोर दिया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-us-talks-to-be-held-on-february-26-third-round/article-144320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/america-or-iran.png" alt=""></a><br /><p>काहिरा। अमेरिका और ईरान ने परमाणु समझौते को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण के बावजूद बातचीत जारी रखने का फैसला किया है मगर अमेरिका की ओर से सैन्य तैनाती में उल्लेखनीय वृद्धि ने इस प्रक्रिया की नाजुकता और टकराव के जोखिम को उजागर किया है। ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी ने रविवार को कहा कि अमेरिका-ईरान (एजेंसी) का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा। </p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका-ईरान (एजेंसी) इस गुरुवार को जिनेवा में तय हुई है, और समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, रविवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें रचनात्मक सहभागिता और संवाद के रास्ते को अपनाने के महत्व पर जोर दिया गया, ताकि एक टिकाऊ परमाणु समझौता हासिल किया जा सके। </p>
<p>यह बातचीत अराघची के उस बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने शुक्रवार को अमेरिकी मीडिया आउटलेट एमएसएनबीसी को दिए साक्षात्कार में कहा था कि तेहरान दो से तीन दिनों के भीतर संभावित परमाणु समझौते का मसौदा तैयार कर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को सौंपेगा। सीबीएस न्यूज को रविवार को दिए साक्षात्कार में अराघची ने एक बार फिर कहा कि ईरान अमेरिका के साथ मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने को तैयार है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि वह गुरुवार को जिनेवा में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात कर सकते हैं और यह अब भी संभव है कि ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक समाधान निकाला जाए। अराघची ने कहा कि दोनों पक्ष संभावित समझौते के विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहे हैं और गुरुवार को प्रारंभिक मसौदे पर चर्चा हो सकती है।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते में ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को मान्यता मिलनी चाहिए और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय परमाणु कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्धन के अधिकार पर ईरान के अडिग रुख को दोहराया। </p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका 2015 में हुए समझौते से बेहतर परमाणु समझौता कर सकते हैं। उनके अनुसार, इस बार अत्यधिक बारिकियों में जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि बुनियादी बातों पर सहमति बनाकर यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहे और साथ ही अधिक प्रतिबंध हटाए जाएं। </p>
<p>अराघची ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने कहा, हमें क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला करना पड़ेगा। इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ हालिया एजेंसीओं से उत्साहजनक संकेत मिले हैं, लेकिन ईरान किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार है। </p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ईरान क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। हालिया (एजेंसी)ओं में व्यावहारिक प्रस्तावों का आदान-प्रदान हुआ और उत्साहजनक संकेत मिले, हालांकि हम अमेरिका की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रहे हैं और हर संभावित स्थिति के लिए तैयारियां की गयी हैं।</p>
<p>अमेरिका का कहना है कि किसी भी समझौते में ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन पर प्रतिबंध, समृद्ध सामग्री को हटाना, लंबी दूरी की मिसाइलों पर सीमाएं और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों को समर्थन में कटौती शामिल होनी चाहिए। विश्लेषकों का मानना है कि ये शर्तें ईरान के लिए स्वीकार करना बेहद कठिन होगा। </p>]]>
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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 18:48:51 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका ईरान वार्ता: जून 2025 के हमलों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, जिनेवा में ईरान से समझदारी की उम्मीद</title>
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                        <![CDATA[राष्ट्रपति ट्रंप ने जिनेवा परमाणु वार्ता से पूर्व ईरान को 'तर्कसंगत' होने की सलाह दी है। उन्होंने बी-2 बमवर्षक हमलों का हवाला देते हुए कहा कि समझौता न करने के परिणाम गंभीर होंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-iran-talks-referring-to-the-june-2025-attacks-trump-said/article-143470"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर जून 2025 में हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा है कि जिनेवा में होने वाली बैठक में ईरान से समझदारी की उम्मीद है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को जिनेवा में होने वाली उच्च स्तरीय परमाणु (एजेंसी) में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहेंगे। उन्होंने फोर्दो, इस्फहान और नतांज पर हुए अमेरिकी हमलों का उल्लेख करते हुए ईरान से बातचीत के दौरान तर्कसंगत रुख अपनाने की अपील की। </p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में कहा, मैं अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहूंगा और ये बेहद महत्वपूर्ण होंगी। मुझे उम्मीद है कि ईरान अधिक तर्कसंगत होंगे। जिनेवा बैठक में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के सलाहकार जेरेड कुशनर के शामिल होने की संभावना है। समझौते की संभावनाओं पर ट्रंप ने कहा कि ईरान पारंपरिक रूप से कड़ा रुख अपनाता रहा है, लेकिन पिछले वर्ष अमेरिकी हमलों से उसने सबक लिया है और अब (एजेंसी) के लिए अधिक इच्छुक है। </p>
<p>उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि वे समझौता न करने के परिणाम चाहते हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण होगा। ईरान कठिन (एजेंसी)कार है, बल्कि मैं कहूंगा कि वे खराब (एजेंसी)कार हैं। हम समझौता कर सकते थे, बी-2 भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा, वे समझौता करना चाहते हैं। पश्चिमी एशिया में शांति है, क्योंकि हमने उनके परमाणु ठिकानों पर बी-2 बॉम्बर से हमले किये। अगर हम हमले न करते तो उन्होंने एक महीने के भीतर परमाणु हथियार हासिल कर लिया होता। अगर ऐसा होता, तो समझौता ही अलग होता। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि, जून में हुए अमेरिकी हमलों से पहले अमेरिका चाहता था कि ईरान यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह रोके, जबकि ईरान ऐसा करने के अपने अधिकार पर जोर दे रहा था। जिनेवा की बैठक छह फरवरी को ओमान में हुए पहले अप्रत्यक्ष दौर के बाद हो रही है। उस बैठक को दोनों पक्षों ने अच्छी शुरुआत बताया था, हालांकि मतभेद बने रहे। अमेरिका मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय समूहों जैसे हिजबुल्लाह पर भी चर्चा चाहता है, जबकि ईरान का कहना है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम (एजेंसी) का विषय नहीं है और वह केवल प्रतिबंधों में राहत के बदले परमाणु प्रतिबंधों पर बात करेगा। </p>
<p>इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जिनेवा में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) प्रमुख से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर लिखा कि वह निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौते के लिए वहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, धमकियों के सामने आत्मसमर्पण की कोई संभावना नहीं है।</p>
<p>आईएईए ने पिछले वर्ष इजरायल-अमेरिका हमलों के बाद ईरान के 440 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार पर स्पष्टता मांगी है और नतांज, फोर्दो तथा इस्फहान स्थलों तक पूर्ण पहुंच की मांग की है। ईरान ने सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक सैन्य अभ्यास भी किया। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके ऊपर कोई भी हमला करता है तो वह होर्मुज को बंद कर देगा, जिससे दुनिया का 20 प्रतिशत तेल व्यापार बाधित होगा और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आएगा। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियारों के अलावा अपने मिसाइल कार्यक्रम पर भी बात करे, लेकिन ईरान का कहना है कि वह प्रतिबंध हटाने के लिए सिर्फ परमाणु मुद्दों पर ही बात करेगा। </p>
<p>इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को हंगरी के दौरे पर कहा कि ईरान के साथ समझौता करना मुश्किल होगा। रुबियो ने कहा, मुझे लगता है कि यहां कूटनीतिक तरीके से एक समझौते पर पहुंचने का मौका है. लेकिन मैं इसे बढ़ा-चढ़ाकर भी नहीं बताना चाहता।</p>
<p>रुबियो ने कहा, यह मुश्किल होने वाला है। किसी के लिए भी ईरान के साथ असली समझौता करना बहुत मुश्किल रहा है, क्योंकि हम कट्टरपंथी शिया मौलवियों के साथ काम कर रहे हैं जो धार्मिक फैसले ले रहे हैं, भू-राजनैतिक नहीं। ईरान के साथ समझौता करना आसान नहीं है, लेकिन हम कोशिश करेंगे। </p>]]>
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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 14:11:24 +0530</pubDate>
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                <title>चर्नोबिल पर न्यूक्लियर लीकेज का खतरा : यूएन</title>
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                        <![CDATA[यूक्रेन के चर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट का सुरक्षा कवच क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे रेडियोधर्मी रिसाव का खतरा बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र और आईएईए ने ड्रोन हमले से शील्ड को नुकसान की पुष्टि की है। यूक्रेन ने रूस पर आरोप लगाए, जिसे रूस ने खारिज किया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/un-threatens-nuclear-leakage-at-chernobyl/article-135118"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(14)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यूक्रेन के चर्नोबिल में स्थित न्यूक्लियर प्लांट का सुरक्षा कवच क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे रेडियोएक्टिव मटेरियल लीक होने का खतरा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।</p>
<p>यूएन की परमाणु निगरानी करने वाली संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, यह चर्नोबिल में 1986 की आपदा के बाद यह सुरक्षा कवच बनाया गया था, जो रेडियोएक्टिव तरंगों को रोकने का काम करता है। हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध पूरे होने के 3 साल बाद यानी इसी साल फरवरी में चर्नोबिल की शील्ड क्षतिग्रस्त हो गई है।</p>
<p><strong>यूएन की रिपोर्ट में खुलासा</strong></p>
<p>2019 में स्टील की यह संरचना बनकर तैयार हुई थी। मगर, आईएईए ने अपने निरीक्षण में पाया कि ड्रोन अटैक के कारण शील्ड डैमेज हो गई है। वहीं, यूक्रेन ने रूस को इसका जिम्मेदार ठहराया है।</p>
<p><strong>आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी के अनुसार</strong></p>
<p>हाल के निरीक्षण में पता चला है कि प्रोटेक्टिव शील्ड की ऊपरी सतह डैमेज हो गई है। हालांकि, इससे अभी तक न्यूक्लियर प्लांट को कोई गंभीर क्षति नहीं हुई है। शील्ड पर मरम्मत का काम पहले ही किया जा चुका है, लेकिन लंबे समय में परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों की बहाली आवश्यक है।</p>
<p><strong>फरवरी 2025 में हुआ था ड्रोन हमला</strong></p>
<p>संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, 14 फरवरी को यूक्रेन ने घटना की जानकारी देते हुए कहा था कि विस्फोटक से भरा एक ड्रोन प्रोटेक्टिव शील्ड पर जा गिरा था। आग लगने के कारण शील्ड डैमेज हो गई। यूक्रेन के अधिकारियों का दावा है कि वो एक रूसी ड्रोन था। हालांकि, रूस ने इन आरोपों को सिरे खारिज कर दिया है। रूस का कहना है कि उन्होंने परमाणु प्लांट पर कोई हमला नहीं किया।</p>
<p><strong>चर्नोबिल विस्फोट</strong></p>
<p>बता दें कि 26 अप्रैल 1986 को चर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट से एक विस्फोट हुआ था, जिसमें एक पूरा शहर तबाह हो गया था। परमाणु रेडिएशन का असर यूरोप और रूस तक देखा जा सकता था। साल 2000 में इस न्यूक्लियर प्लांट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 11:46:41 +0530</pubDate>
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