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                <title>Nuclear Safety - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Nuclear Safety RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>यूरी चेर्निचुक का बड़ा बयान: बोले-संयंत्र की सुविधाओं पर युद्ध के प्रभाव के कारण ज़ापोरोज़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र में स्थिति लगातार तनावपूर्ण </title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेनी हमलों के कारण ज़ापोरोज़े परमाणु संयंत्र की मुख्य बिजली लाइन 'नीप्रोव्स्काया' क्षतिग्रस्त हो गई है। संयंत्र निदेशक यूरी चेर्निचुक ने स्थिति को 'अत्यंत तनावपूर्ण' बताया है। वर्तमान में प्लांट केवल एक बैकअप लाइन और डीजल जनरेटर पर निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सहयोग से मरम्मत के लिए 'शांति मोड' स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/yuri-chernichuks-big-statement-said-that-the-situation-at-the/article-149229"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/zaporizhzhya-nuclear-power-plant.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। ज़ापोरोज़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निदेशक यूरी चेर्निचुक ने कहा है कि संयंत्र की सुविधाओं और शहर पर युद्ध के प्रभाव के कारण वहां की स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। संयंत्र की प्रवक्ता येवगेनिया याशिना ने शुक्रवार को बताया था कि पिछले दो हफ्तों में ज़ापोरोज़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र और एनरगोदर के पास के क्षेत्र में यूक्रेन के सशस्त्र बलों के हमलों की तीव्रता में काफी वृद्धि हुई है। रोसाटॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्सी लिखाचेव ने रविवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों में संयंत्र क्षेत्र पर कोई हमला नहीं हुआ है, लेकिन स्टेशन के अनुषंगी शहर एनरगोदर पर हमले हुए हैं। 'नीप्रोव्स्काया' लाइन के माध्यम से संयंत्र को मिलने वाली विद्युत आपूर्ति एक संवेदनशील स्थान - पानी के ऊपर - से कट गयी है, जिससे मरम्मत के समय का पूर्वानुमान लगाना कठिन हो गया है।</p>
<p>चेर्निचुक ने स्पूतनिक से कहा, “ दुर्भाग्य से, हमने समस्या का समाधान करने के लिये एक ऐसा तरीका निकाला है, जो पूरी तरह से सामान्य नहीं है, लेकिन फिर भी निरंतर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। यह स्वाभाविक रूप से युद्ध की तीव्रता, औद्योगिक क्षेत्र में संयंत्र की सुविधाओं, शहर और शहर की सार्वजनिक सेवाओं पर गोलाबारी के कारण है। ” संयंत्र के निदेशक ने बताया कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के सहयोग से ज़ापोरोज़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र की उच्च-वोल्टेज विद्युत लाइनों में से एक की मरम्मत के लिए ‘शांति’ (गोलाबारी रोकने) स्थापित करने का कार्य चल रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 24 मार्च को यूक्रेन के लड़ाकों के हमलों की वजह से संयंत्र की दो उच्च-वोल्टेज लाइनों में से एक ‘नीप्रोव्स्काया’ लाइन क्षतिग्रस्त होकर निष्क्रिय हो गयी थी, इसलिए वर्तमान में संयंत्र को केवल एक लाइन ‘फेरोस्प्लावनया’ के माध्यम से बिजली मिल रही है।<br />चेर्निचुक ने बताया, “ वर्तमान में बाहरी बिजली का मुख्य स्रोत 'फेरोस्प्लावनया' लाइन है। हमारे पास डीजल जनरेटर के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है, और हम वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ छठे ‘शांति मोड’ को स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं, ताकि तकनीशियन लाइन की मरम्मत कर सकें। ” उन्होंने कहा कि संयंत्र में वैकल्पिक डीजल जनरेटर चालू हालत में हैं और आवश्यकता पड़ने पर इसे सुरक्षित रखने के लिए डीजल ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:39:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान का यूरेनियम भूमिगत बंकरों में संग्रहित, जब्त करने की अमेरिकी योजना &quot;मिशन इम्पॉसिबल&quot; जैसी: राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. साइमन त्सिपिस</title>
                                    <description><![CDATA[सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. साइमन त्सिपिस ने कहा है कि ईरान के यूरेनियम भंडार पर कब्जा करना व्यावहारिक रूप से असंभव है। भंडार मजबूत भूमिगत बंकरों में सुरक्षित हैं, जहाँ भारी मशीनरी के बिना पहुँचना कठिन है। किसी भी सैन्य प्रयास से रेडियोधर्मी प्रदूषण का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है, जो पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-plan-to-seize-irans-uranium-stored-in-underground-bunkers/article-148524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/uraniem.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. साइमन त्सिपिस ने कहा है कि अमेरिका का ईरान के विशाल भंडार को अपने कब्जे में लेने और निकालने का कोई भी प्रयास व्यवहारिक रूप से संभव नहीं लगता है। डॉ. त्सिपिस ने स्पुतनिक को यह जानकारी दी। वह राष्ट्रीय सुरक्षा, राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के एक प्रमुख विशेषज्ञ हैं, जो मुख्य रूप से इजरायली रक्षा प्रणालियों और लेजर हथियारों (जैसे 'आयरन बीम') पर अपने विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान का यूरेनियम मजबूत भूमिगत बंकरों में संग्रहित है औऱ इन तहखानों तक पहुंचना और उनमें सेंध लगाना बहुत कठिन होगा।</p>
<p>यूरेनियम एक खतरनाक पदार्थ है जिसके लिए सावधानीपूर्वक रखरखाव की आवश्यकता होती है। ईरान के पास कई सौ किलोग्राम यूरेनियम है। जिसे निकालने के लिए बड़ी मात्रा में विशेष मशीनरी और उपकरणों की आवश्यकता होगी। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह का कोई भी ऑपरेशन विरोध के बिना नहीं हो सकता। इसके अलावा, यदि यूरेनियम कंटेनर को निकालते समय कोई नुकसान पहुँचता है, तो इससे आसपास के क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण फैलने का गंभीर खतरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 14:26:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आईएईए का दावा: ईरान का हैवी वाटर उत्पादन संयंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त, 27 मार्च को हुआ था हमला</title>
                                    <description><![CDATA[IAEA ने पुष्टि की है कि ईरान का रणनीतिक खोंदाब हैवी वाटर प्लांट हमले में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने परमाणु ठिकानों पर सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई है। हालांकि, बुशहर और अन्य केंद्रों पर विकिरण का कोई खतरा नहीं मिला है, लेकिन प्लूटोनियम उत्पादन क्षमता को बड़ा झटका लगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iaea-claims-irans-heavy-water-production-plant-seriously-damaged-in/article-148419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iaea1.png" alt=""></a><br /><p>वियना। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने सोमवार को पुष्टि की कि ईरान में खोंदाब स्थित 'हैवी वाटर' उत्पादन संयंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है और अब चालू हालत में नहीं है। उल्लेखनीय है कि हैवी वाटर (ड्यूटेरियम ऑक्साइड) का इस्तेमाल परमाणु संयंत्रों में परमाणु विखंडन प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह परमाणु रिएक्टर में न्यूट्रॉन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p>
<p>आईएईए ने कहा कि इस संयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं है। एजेंसी के अनुसार, "उपग्रह चित्रों के स्वतंत्र विश्लेषण और संयंत्र की जानकारी के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि खोंदाब स्थित 'हैवी वाटर' उत्पादन संयंत्र को भारी नुकसान पहुँचा है और यह अब कार्य करने की स्थिति में नहीं है।" ईरान ने 28 मार्च को आईएईए को सूचित किया था कि 27 मार्च को खोंदाब स्थित इस संयंत्र पर हमला हुआ था। चूंकि वहां कोई घोषित परमाणु सामग्री नहीं थी, इसलिए विकिरण का कोई खतरा नहीं देखा गया। खोंदाब संयंत्र मध्य ईरान के मरकजी प्रांत में अराक शहर से 55 किमी उत्तर-पश्चिम में स्थित है और यह अराक परमाणु परिसर (जिसे आईआर-40 सुविधा के रूप में भी जाना जाता है) का हिस्सा है।</p>
<p>ईरान ने यह भी बताया कि खुज़ेस्तान स्टील उत्पादन कारखाने पर भी हमले हुए, जहाँ सीलबंद कोबाल्ट-60 (सीओ 60) और सीज़ियम-137 (सीएस 137) जैसे रेड़ियोधर्मी तत्वों का उपयोग किया जाता है, हालांकि वहां से भी कोई विकिरण नहीं फैला। इसके अलावा, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के क्षेत्र में भी हमले की सूचना मिली है, जो 10 दिनों में ऐसी तीसरी घटना है। आईएईए के मुताबिक, चालू रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं हुआ है और संयंत्र की स्थिति सामान्य है।</p>
<p>आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि रिएक्टर क्षतिग्रस्त होता है, तो यह एक बड़ी रेड़ियोधर्मी घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने परमाणु दुर्घटना के जोखिम से बचने के लिए सैन्य संयम बरतने का आह्वान किया है। खोंदाब संयंत्र को ईरान की सबसे रणनीतिक परमाणु सुविधाओं में से एक माना जाता था क्योंकि यह परमाणु हथियार के लिए संभावित 'प्लूटोनियम' प्रदान करता था। इसका हैवी वाटर अनुसंधान रिएक्टर (आईआर-40) मूल रूप से प्राकृतिक यूरेनियम को ईंधन के रूप में उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जिससे उप-उत्पाद के रूप में हथियार-ग्रेड का प्लूटोनियम प्राप्त होता है।</p>
<p>इज़राइल ने इस स्थल को 'प्रमुख बुनियादी ढांचा' बताया है। सैन्य क्षमता के अलावा, यह संयंत्र आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि इससे ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को सालाना करोड़ों डॉलर की आय होती थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 14:25:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान के परमाणु स्थलों पर बढ़ा रेडिएशन का स्तर : उल्यानोव ने नोवोस्ती को बताई सच्चाई, कहा- पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी</title>
                                    <description><![CDATA[रूस के राजदूत मिखाइल उल्यानोव के अनुसार, अमेरिकी और इज़रायली हमलों के बीच ईरान अपने परमाणु स्थलों पर रेडिएशन की निगरानी कर रहा है। बुशेहर और नतान्ज़ जैसे संयंत्रों पर किसी भी खतरे की जानकारी तुरंत IAEA को दी जाएगी। वियना में जारी कूटनीतिक संपर्कों के माध्यम से परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/radiation-levels-increased-at-irans-nuclear-sites-russian-representative-mikhail/article-148309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iaea.png" alt=""></a><br /><p>वियना। ईरान के परमाणु स्थलों पर अगर रेडिएशन का स्तर बढ़ता है, तो वह इसकी सूचना अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को देगा। वियना में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में रूस के स्थायी प्रतिनिधि मिखाइल उल्यानोव ने आरआईए नोवोस्ती को दिए एक साक्षात्कार में यह बात कही। उल्यानोव ने कहा, "रेडिएशन प्रदूषण के संबंध में कुछ ईरानी एजेंसियां हैं जो निश्चित रूप से रेडिएशन के स्तर को माप रही हैं और अगर यह स्तर बढ़ता है, तो वे आईएईए सचिवालय को सूचित करेंगी। मुझे लगता है कि इस बात का भरोसा किया जा सकता है।"</p>
<p>उन्होंने याद दिलाया कि बातचीत में ईरान का राजनयिक मिशन काम कर रहा था, और वियना में दोनों पक्षों के बीच संपर्क बना हुआ था। रूसी राजनयिक ने आगे कहा, "उदाहरण के लिए, ईरानी ही थे जिन्होंने सबसे पहले बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र और नतान्ज़ परमाणु सुविधा पर हुए हमलों की जानकारी दी थी। उन्होंने यह जानकारी एजेंसी सचिवालय को भेजी थी। और ज़रूरत पड़ने पर वे ऐसा करना जारी रखेंगे।"</p>
<p>गौरतलब है कि, 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में लक्ष्यों पर हमले शुरू कर दिए, जिससे जान माल का नुकसान हुआ। ईरान, इज़रायली क्षेत्र में सैन्य लक्ष्यों के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ जवाबी हमले कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 17:08:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रूसी उप विदेश मंत्री का बड़ा बयान, बोले-ईरान के साथ निरंतर संपर्क में है देश, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से प्रतिक्रिया की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुदेन्को ने कहा है कि मॉस्को ईरान के साथ निरंतर संपर्क में है। उन्होंने बुशहर परमाणु संयंत्र की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए IAEA से प्रतिक्रिया मांगी है। रूस को उम्मीद है कि डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बावजूद अमेरिका परमाणु संयंत्रों को निशाना नहीं बनाएगा, जिससे वैश्विक संकट और गहरा सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russian-deputy-foreign-ministers-big-statement-said-the-country-is/article-147553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/putin.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुदेन्को ने सोमवार को कहा कि रूस ईरान के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। रुदेन्को ने रूस और भारत द्विपक्षीय संबंधों के नए एजेंडे की ओर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के इतर पत्रकारों से कहा, हमारे मंत्री खाड़ी देशों के सहयोगियों और ईरानी विदेश मंत्री के साथ निरंतर संपर्क में हैं। हम वास्तविक समय में सभी के साथ काम कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थिति शांत है और रूस संयंत्र पर गोलाबारी के संबंध में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) से प्रतिक्रिया की मांग करता है।</p>
<p>रुदेन्को ने कहा कि रूस को उम्मीद है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दी गयी धमकी के संदर्भ में अमेरिका बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमला नहीं करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:27:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान के यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हमला, रेडियोधर्मी रिसाव नहीं: ईरान ने भी 4,000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर दागी मिसाइलें</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के नतान्ज़ परमाणु केंद्र पर इजरायल-अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागीं। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन से बात कर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और नौवहन स्वतंत्रता पर चिंता जताई। इस बीच, ट्रंप प्रशासन द्वारा तेल बिक्री में दी गई छूट को ईरान ने बाजार भ्रम बताकर खारिज कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-attack-on-irans-uranium-enrichment-center-was-not-a/article-147395"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-attack2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। इजरायल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान के नतान्ज़ में यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हमले किए, हालांकि किसी भी रेडियोधर्मी रिसाव की सूचना नहीं मिली है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) ने इस हमले की जानकारी देते हुए बताया, नतान्ज में शहीद अहमद रौशन यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर शनिवार सुबह हमला किया गया।  एजेंसी ने कहा कि किसी भी रेडियोधर्मी रिसाव का पता नहीं चला है और आसपास की आबादी के लिए कोई खतरा नहीं है। </p>
<p>इसने हमले की निंदा करते हुए यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती हैं। उधर, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य ठिकाने डिएगो गार्सिया पर दो मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें (आईआरबीएम) दागीं, हालांकि हमले में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।</p>
<p>पश्चिमी एशिया से निकल हिंद महासागर तक पहुंची जंग: ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने बताया, ईरान ने हिंद महासागर के मध्य में स्थित एक संयुक्त अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे ‘डिएगो गार्सिया’ पर दो आईआरबीएम मिसाइलें दागीं। डिएगो गार्सिया पर यह हमला पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध में एक बड़े तनाव का प्रतीक है तथा इस बात का संकेत है कि अब युद्ध पश्चिमी एशिया से निकलकर हिंद महासागर तक पहुंच गया है। </p>
<p><strong>अमेरिका ने दी ईरान को तेल बेचने की छूट ईरान ने कहा: कोई तेल नहीं है</strong></p>
<p>इस बीच अमेरिका ने प्रतिबंधों में अस्थाई ढील देते हुए ईरान को उस कच्चे तेल को बेचने की अनुमति दी है, जो उसने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जमा कर रखा है, लेकिन ईरान के कहा है कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ‘कोई तेल नहीं’ है। तेल बाजार में बढ़ती कीमतों को शांत करने के उद्धेश्य से, ट्रम्प प्रशासन ने ईरान को लगभग 140 मिलियन बैरल कच्चा तेल बेचने के लिए अस्थाई छूट दी है। अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए कोई अधिशेष नहीं   -ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने ईरानी तेल मंत्रालय के प्रवक्ता समन घौदौसी के हवाले से कहा कि वर्तमान में ईरान के पास पानी में कोई कच्चा तेल नहीं बचा है और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए कोई अधिशेष नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्री की टिप्पणी का उद्देश्य बाजार की धारणा को प्रभावित करना था। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा था कि छूट से वैश्विक बाजारों में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल आएगा और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। </p>
<p><strong>ईरान ने दिखाई ताकत</strong></p>
<p>ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर हमले का तात्पर्य है कि ईरान की मिसाइलों की मारक क्षमता पहले के अनुमान से कहीं अधिक है। एमएनए ने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिका के सुदूर सैन्य अड्डे को निशाना बनाना लंबी दूरी के ठिकानों को भेदने की उसकी मिसाइल क्षमता को प्रदर्शित करता है।</p>
<p><strong>अराघची ने कहा यह हमारा आत्मरक्षा का अधिकार </strong></p>
<p>ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने डिएगो गार्सिया पर हमले को ‘आत्मरक्षा का अधिकार’ बताते हुए कहा कि इस आधार को ‘ईरान के खिलाफ हमले’ के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देने से ब्रिटिश नागरिकों की जान खतरे में पड़ गई है। </p>
<p><strong>डिएगो गार्सिया अमेरिका का महत्वपूर्ण केंद्र  </strong></p>
<p>डिएगो गार्सिया अमेरिका की लंबी दूरी के बमवर्षकों विमानों और नौसैनिक संपत्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इसे निशाना बनाने का उद्देश्य पूरे एशिया में अमेरिकी सेना की सैन्य आपूर्ति के साथ-साथ रसद आपूर्ति को बाधित करना है।   </p>
<p><strong>मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ की बात</strong></p>
<p>पश्चिम एशिया में निरंतर गहराते संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की और उन्हें ईद तथा नवरोज की शुभकामनाएं देने के साथ-साथ क्षेत्र की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा की। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को बाधित करते हैं। उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि समुद्री मार्ग खुले और सुरक्षित बने रहें। </p>
<p>पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बातचीत की और ईद तथा नवरोज की शुभकामनाएं दीं। हमने आशा व्यक्त की कि यह उत्सव का मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आए। क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को बाधित करते हैं। नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि समुद्री मार्ग खुले और सुरक्षित बने रहें। ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 09:49:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रूस ने की ईरान की निंदा, दखलअंदाजी और उकसावे की धमकियों पर दें डाली चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[रूस ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के खिलाफ अमेरिकी 'सैन्य कार्रवाई' की धमकियों की निंदा करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-condemned-iran-and-issued-a-warning-against-interference-provocation/article-139767"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/rusai-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र। रूस ने ईरान के खिलाफ बाहरी दखल, हिंसा भड़काने और बल प्रयोग की धमकियों के सभी रूपों की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में रूस राजदूत वसीली नेबेंजिया ने गुरुवार को कहा कि उनका देश ईरान के खिलाफ बाहरी दखल, हिंसा भड़काने और बल प्रयोग की धमकियों के सभी रूपों की निंदा करता है। उन्होंने ईरान की स्थिति पर सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिका से अपने बढ़ते कदमों को रोकने खत्म करने का आग्रह किया और कहा कि हाल के दिनों में अमेरिकी नेतृत्व की'बेहद खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी' इतनी आगे बढ़ गई है कि वह खुले तौर पर ईरान के सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने और प्रदर्शनकारियों की मदद करने की धमकी दे रही है। उन्होंने कहा, ऐसे बयान एक संप्रभु राष्ट्र की संवैधानिक व्यवस्था को हिंसक रूप से उखाड़ फेंकने के लिए उकसाने के अलावा और कुछ नहीं हैं।</p>
<p>नेबेंजिया ने कहा, ईरान में जो हो रहा है, वह रंग क्रांति के लिए आजमाए हुए तरीकों के इस्तेमाल का एक और उदाहरण है, जिसमें विशेष रूप से उकसाने वाले शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को बेमतलब की हिंसा में बदल देते हैं। उन्होंने कहा, जैसा कि हमने पहले ही कई देशों में बार-बार देखा है, ये सभी कार्रवाई या तो बाहरी ताकतों द्वारा निर्देशित या समर्थित हैं जो तथाकथित शासन परिवर्तन में रुचि रखते हैं।</p>
<p>रूसी राजदूत ने कहा कि अमेरिका और उसके 'समर्थक' आम ईरानियों को होने वाली आर्थिक और सामाजिक मुश्किलों का फायदा उठा रहे हैं जो पश्चिमी देशों द्वारा ईरान पर लगाए गए गैर-कानूनी प्रतिबंधों के कारण हुई हैं। इनका मकसद लोगों में तनाव उत्पन्न करना और देश की राजनीतिक स्थिति को अस्थिर करना है। नेबेंजिया ने कहा, सबसे ज्यादा चिंता की बात अमेरिका का सैन्य बल के ईरान के खिलाफ इसके इस्तेमाल की धमकियों का आक्रामक रवैया है। हम ऐसे कामों की निंदा करते हैं, चाहे उन्हें सही ठहराने के लिए कोई भी तर्क दिया जाए, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन है।</p>
<p>उन्होंने कहा, हम अमेरिका और दूसरे देशों की राजधानियों में बैठे उन गर्म दिमाग वाले लोगों से जोरदार अपील करते हैं, जो लगता है कि एक और सैन्य अभियान के बारे में सोच रहे हैं, कि वे होश में आएं और जून 2025 की त्रासदी को दोहराने से बचें, जब अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता के कारण लगभग एक बड़ा परमाणु हादसा होते-होते बचा था।  </p>
<p>रूसी राजदूत ने कहा कि रूस मांग करता है कि अमेरिका और उसके हमख्याल पार्टनर आगे कोई भी लापरवाह कदम उठाने से बचें, जिसमें परमाणु सुविधाओं से जुड़े कदम भी शामिल हैं और इसके बजाय आगे टकराव न हो, इसके लिए ठोस आश्वासन देने पर ध्यान दें और संभावित समाधान खोजने के लिए मिलकर कोशिशें फिर से शुरू करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 12:25:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चर्नोबिल पर न्यूक्लियर लीकेज का खतरा : यूएन</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन के चर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट का सुरक्षा कवच क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे रेडियोधर्मी रिसाव का खतरा बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र और आईएईए ने ड्रोन हमले से शील्ड को नुकसान की पुष्टि की है। यूक्रेन ने रूस पर आरोप लगाए, जिसे रूस ने खारिज किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/un-threatens-nuclear-leakage-at-chernobyl/article-135118"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(14)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यूक्रेन के चर्नोबिल में स्थित न्यूक्लियर प्लांट का सुरक्षा कवच क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे रेडियोएक्टिव मटेरियल लीक होने का खतरा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।</p>
<p>यूएन की परमाणु निगरानी करने वाली संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, यह चर्नोबिल में 1986 की आपदा के बाद यह सुरक्षा कवच बनाया गया था, जो रेडियोएक्टिव तरंगों को रोकने का काम करता है। हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध पूरे होने के 3 साल बाद यानी इसी साल फरवरी में चर्नोबिल की शील्ड क्षतिग्रस्त हो गई है।</p>
<p><strong>यूएन की रिपोर्ट में खुलासा</strong></p>
<p>2019 में स्टील की यह संरचना बनकर तैयार हुई थी। मगर, आईएईए ने अपने निरीक्षण में पाया कि ड्रोन अटैक के कारण शील्ड डैमेज हो गई है। वहीं, यूक्रेन ने रूस को इसका जिम्मेदार ठहराया है।</p>
<p><strong>आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी के अनुसार</strong></p>
<p>हाल के निरीक्षण में पता चला है कि प्रोटेक्टिव शील्ड की ऊपरी सतह डैमेज हो गई है। हालांकि, इससे अभी तक न्यूक्लियर प्लांट को कोई गंभीर क्षति नहीं हुई है। शील्ड पर मरम्मत का काम पहले ही किया जा चुका है, लेकिन लंबे समय में परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों की बहाली आवश्यक है।</p>
<p><strong>फरवरी 2025 में हुआ था ड्रोन हमला</strong></p>
<p>संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, 14 फरवरी को यूक्रेन ने घटना की जानकारी देते हुए कहा था कि विस्फोटक से भरा एक ड्रोन प्रोटेक्टिव शील्ड पर जा गिरा था। आग लगने के कारण शील्ड डैमेज हो गई। यूक्रेन के अधिकारियों का दावा है कि वो एक रूसी ड्रोन था। हालांकि, रूस ने इन आरोपों को सिरे खारिज कर दिया है। रूस का कहना है कि उन्होंने परमाणु प्लांट पर कोई हमला नहीं किया।</p>
<p><strong>चर्नोबिल विस्फोट</strong></p>
<p>बता दें कि 26 अप्रैल 1986 को चर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट से एक विस्फोट हुआ था, जिसमें एक पूरा शहर तबाह हो गया था। परमाणु रेडिएशन का असर यूरोप और रूस तक देखा जा सकता था। साल 2000 में इस न्यूक्लियर प्लांट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 11:46:41 +0530</pubDate>
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