<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/verification/tag-6246" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>verification - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6246/rss</link>
                <description>verification RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>व्हाट्सएप पर एक मार्च से लागू हो जाएगा सिम बाइंडिंग: पहले की तरह नहीं काम करेगा ऐप, सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा व्हाट्सएप</title>
                                    <description><![CDATA[1 मार्च 2026 से व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स के लिए सिम बाइंडिंग अनिवार्य। मोबाइल सिम के बिना ऐप्स नहीं करेंगे काम। साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए व्हाट्सएप वेब को हर 6 घंटे में करना होगा पुनः लॉगिन। डिजिटल सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया ये कदम। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/sim-binding-will-be-implemented-on-whatsapp-from-march-1/article-144778"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/whatsapp.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। 1 मार्च 2026 से देश में एक नया नियम लागू होने वाला है जो व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेजिंग ऐप्स को सिम से जोड़कर चलाने को मैंडेटरी कर देगा। मतलब अब आप बिना अपने असली मोबाइल सिम के इन ऐप्स को नहीं चला पाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने साफ कहा है कि इस नियम में कोई छूट नहीं मिलेगी और जिस किसी ऐप ने इसे लागू नहीं किया, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। इससे व्हाट्सएप यूजर्स में चिंता साफ नजर आ रही है।</p>
<p><strong>व्हाट्सएप वेब यूजर्स ध्यान दें</strong></p>
<p>नए नियम के अनुसार अगर आप  WhatsApp Web और Telegram Web का इस्तेमाल करते हैं तो हर 6 घंटे में दफ कोड स्कैन करते हुए फिर से लॉग-इन करना होगा। वरना आपका वेब सेशन बंद हो जाएगा। सरकार ने कहा है कि यह कदम साइबर धोखाधड़ी और नकली अकाउंट रोकने के लिए जरूरी है। अब ऐप केवल उसी नंबर से काम करेगा, जिसका सिम आपके फोन में असली रूप से मौजूद है।</p>
<p><strong>नियम क्यों लागू हो रहा है?</strong></p>
<p>मोबाइल नंबर और ऐप के बीच नकली कनेक्शन से होने वाले फ्रॉड, फर्जी लोगों के प्रोफाइल, फोन-घोटालों में इस नियम को जरूरी बताया जा रहा है। Department of Telecommunications ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि व्हाटसएप प्लेटफॉर्म्स को यह नियम 90 दिनों के भीतर लागू करना होगा। 28 फरवरी इसके आखिरी दिन के रूप में तय किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे डिजिटल अपराध को ट्रेस करना आसान होगा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी।</p>
<p><strong>मानने होंगे नियम </strong></p>
<p>WhatsApp पेरेंट कंपनी मेटा पहले से जेडीवी-बाइंडिंग फीचर पर काम कर रही है। कुछ बीटा वर्ज़न्स में यह फीचर दिखना भी शुरू हो गया है जो यूजर से पूछता है कि क्या फोन में वही एक्टिव रकट मौजूद है जिसके साथ WhatsApp रजिस्टर्ड किया हुआ है। अगर एक्टिव सिम मौजूद नहीं मिलता है तो ऐप लिमिटेड मोड में चलेगा या बंद हो जाएगा जब तक आप सही सिम डालकर उसे वेरिफाई नहीं कर लेते। इसी तरह टेलीग्राम और सिग्नल को भी अपने सिस्टम में यह चेक जोड़ना होगा।</p>
<p><strong>यूजर्स में डर क्यों है?</strong></p>
<ul>
<li>यह नियम यूजर्स के लिए नया है। इससे कई लोगों को परेशानी हो सकती है:</li>
<li>अगर फोन का सिम हट जाता है, तो व्हाट्सएप काम करना बंद कर सकता है।</li>
<li>यह नियम विदेश में रहने वाले यूजर्स को भी प्रभावित करेगा क्योंकि उन्हें हर बार भारतीय सिम फोन में लगाना पड़ेगा।</li>
<li>व्हाट्सएप वेब हर 6 घंटे में दोबारा लॉग-इन मांगेगा, जो रोजाना काम में मुश्किल खड़ी कर सकता है।</li>
<li>कई लोग सिम बदलकर ऐप इस्तेमाल करते थे, अब यह संभव नहीं रहेगा।</li>
</ul>
<p><strong>सुरक्षा या प्राइवेसी? एक्सपर्ट्स की राय</strong></p>
<p>सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए है। नकली अकाउंट, फेक नम्बर और फ्रॉड मामलों में इससे मदद मिलेगी। बहुत से साइबर एक्सपर्ट भी यह बताते हैं कि सिम-बाइंडिंग सुरक्षा का एक एक्स्ट्रा लेयर देगा। लेकिन कुछ प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि इससे यूजर की प्राइवेसी पर असर भी पड़ सकता है। खासकर विदेश में काम या यात्रा करते समय। पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियम सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।</p>
<p><strong>यूजर्स को क्या करना चाहिए?</strong></p>
<ul>
<li>अगर आप WhatsApp का रोजाना इस्तेमाल करते हैं, तो 1 मार्च से पहले यह सुनिश्चित कर लें:</li>
<li>आपका वही सिम फोन में लगे रहे, जिस नंबर से आपने ऐप रजिस्टर्ड किया है।</li>
<li>अगर आपने सिम ज्यादा बदलते हैं, तो अब प्रमाणीकरण हर बार करना पड़ेगा।</li>
</ul>
<p>1 मार्च के बाद यह सिस्टम लागू होने की खबर है। अगर ऐप कंपनियां इसे समय पर लागू नहीं करती हैं, तो उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और टेक्निकल ब्लॉक भी हो सकता है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि यह डिजिटल धोखाधड़ी और फ्रॉड से लड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन इसका असर यूजर्स की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/sim-binding-will-be-implemented-on-whatsapp-from-march-1/article-144778</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/sim-binding-will-be-implemented-on-whatsapp-from-march-1/article-144778</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 12:18:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/whatsapp.png"                         length="679616"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम ममता ने लगाया एसआईआर प्रक्रिया में 10 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम कम होने का आरोप, 28 फरवरी को प्रकाशित होगी अंतिम सूची</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में विशेष पुनरीक्षण के दौरान 4 लाख से अधिक दस्तावेज अपात्र पाए गए हैं। सुनवाई में अनुपस्थित 7 लाख लोगों सहित कुल 10 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-mamata-alleges-that-names-of-more-than-10-lakh/article-143987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/bengal-sir.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चार लाख से ज्यादा मतदाताओं के दस्तावेजों को अपात्र बताने से अंतिम सूची में 10 लाख से ज्यादा नाम के कम होने की संभावना है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक ने 444970 मतदाताओं द्वारा जमा किये गये दस्तावेजों को अपात्र के तौर पर चिह्नित किया है। आगे की कार्रवाई के लिए जानकारी आयोग को भेज दी गयी हैं। इसके अलावा, 466323 मतदाताओं द्वारा जमा किये गये दस्तावेज जिला मजिस्ट्रेट के पास सत्यापन के लिए लंबित हैं।</p>
<p>इससे पहले, पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत हुई सुनवाई में लगभग सात लाख मतदाता शामिल नहीं हुए थे। जिन लोगों के दस्तावेज अपात्र घोषित किये गये हैं, उन्हें मिलाकर 10 लाख से ज्यादा मतदाता अंतिम सूची से हटाये जा सकते हैं। आयोग ने पहले करीब 58 लाख मतदाताओं की पहचान की थी, जिनका देहांत हो चुका है, मौजूद नहीं हैं, या लापता हैं, जिसकी वजह से उन्हें मसौदा सूची से बाहर कर दिया गया था। सुनवाई के दौरान और 10 लाख मतदाताओं की पहचान की गयी। इनमें से करीब सात लाख मतदाता सुनवायी में शामिल नहीं हुए, जबकि बाकी मामले अयोग्य पाये गये दस्तावेजों से जुड़े हैं। </p>
<p>आयोग ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद कहा है कि पश्चिम बंगाल के लिए अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि अभी काफी काम बाकी है। दस्तावेज सत्यापन की समय सीमा 21 फरवरी है, और अगर तब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो अंतिम सूची के प्रकाशन में देरी हो सकती है। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि यदि लंबित मामलों का निपटारा समय पर पूरा नहीं हुआ, तो आयोग विस्तार की मांग कर सकता है। सुनवाई के दौरान मतदाताओं ने कई दस्तावेज जमा किये, जिनकी पर्यवेक्षक जांच कर रहे हैं।</p>
<p>आयोग के सूत्रों के मुताबिक, पर्यवेक्षक ने करीब 30 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों को दोबारा सत्यापन के लिए मतदाता पंजीकरण अधिकारी  (ईआरओ) और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) को वापस भेज दिया है। करीब 20 लाख मतदाताओं के दस्तावेज अभी भी लंबित पड़े हैं, जिन पर अभी तक कोई अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ है। </p>
<p>आयोग ने पहले एसआईआर प्रक्रिया के लिए मंजूर किये जाने वाले 13 दस्तावेजों की एक सूची प्रकाशित की थी और कहा था कि सूची के बाहर के दस्तावेज मंजूर नहीं किये जाएंगे, इसे बाद में उच्चतम न्यायालय ने भी मंजूरी दी। सूत्रों ने हालांकि कहा कि कुछ मामलों में भ्रम हुआ, जहां सूची में शामिल नहीं किये गये दस्तावेज जमा किये गये और अधिकारियों ने कथित तौर पर उन्हें मंजूर कर लिया। सूत्रों ने बताया कि संबंधित लोगों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। अधिकारियों के साथ आगे बातचीत के बाद इन मामलों के सुलझने की उम्मीद है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-mamata-alleges-that-names-of-more-than-10-lakh/article-143987</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-mamata-alleges-that-names-of-more-than-10-lakh/article-143987</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 18:45:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/bengal-sir.png"                         length="918570"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव आयोग ने जारी की उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची , 2.89 करोड़ वोटर्स के कटे नाम </title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है, जिसमें 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के तहत 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं। अब कुल मतदाताओं की संख्या 12.56 करोड़ रह गई है। बेहतर व्यवस्था हेतु 15,030 नए पोलिंग बूथ भी जोड़े गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/election-commission-released-the-draft-voter-list-of-uttar-pradesh/article-138606"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/up-sir.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जिसमें लगभग 28.9 मिलियन (2.89 करोड़) नाम हटा दिये गये हैं। अब एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट में कुल मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ से घटकर 12.56 करोड़ हो गई है, जो लगभग 18.70 प्रतिशत की कमी है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को घोषणा की कि प्रति बूथ 1500 से 1200 वोटर्स के हिसाब से पोङ्क्षलग बूथ को तर्कसंगत बनाने के बाद, अब राज्य में 15030 नए बूथ जोड़े गए हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में पोलिंग स्टेशनों की संख्या 1,62,486 से बढ़कर 1,77,516 हो जाएगी। 23 दिसंबर को ईसीआई ने प्रदेश के 75 जिलों में 403 विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक 1,200 मतदाताओं के आधार पर पोङ्क्षलग स्टेशनों के आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। 11 दिसंबर के डेटा के अनुसार, जब गिनती के दूसरे दौर का समापन हुआ था, तो राज्य में ऐसे वोटर्स की संख्या 2.96 करोड़ थी, जिनका पता नहीं चल पाया था। गिनती के तीसरे दौर के बाद 26 दिसंबर के डेटा के अनुसार, यह आंकड़ा घटकर 2.89 करोड़ वोटर्स हो गया।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, 28.9 मिलियन ऐसे वोटर्स में से जिनका पता नहीं चल पाया था, उनके 12.9 मिलियन (8.40 प्रतिशत) को स्थायी रूप से स्थानांतरित, 4.6 मिलियन (2.99 प्रतिशत) को मृत, 2.54 मिलियन (1.65 प्रतिशत) को डुप्लीकेट और 7.95 मिलियन (5.15 प्रतिशत) को लापता के रूप में वर्गीकृत किया गया था। 774,472 अन्य वोटर्स (0.50 प्रतिशत) ने बूथ-स्तरीय अधिकारियों से फॉर्म लेने के बाद भी गिनती के फॉर्म वापस नहीं किए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/election-commission-released-the-draft-voter-list-of-uttar-pradesh/article-138606</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/election-commission-released-the-draft-voter-list-of-uttar-pradesh/article-138606</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 16:36:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/up-sir.png"                         length="802341"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में SIR सुनवाई से पहले चुनाव आयोग का कड़ा रूख, निवास प्रमाणपत्रों पर विशेष ध्यान देने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में एसआईआर सुनवाई से पहले चुनाव आयोग ने मतदाताओं के दस्तावेजों, खासकर निवास प्रमाणपत्रों की सत्यापन प्रक्रिया तेज कर दी है। फर्जी प्रमाणपत्र पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/election-commissions-tough-stand-before-sir-hearing-in-west-bengal/article-136907"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/sir-in-west-bengal.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सुनवाई 27 दिसंबर से शुरू होने वाली है, इसके पहले चुनाव आयोग ने मतदाताओं द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया को तेज कर दिया है, जिसमें निवास प्रमाणपत्रों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।</p>
<p>यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया गया है जिनमें आरोप लगाया गया कि स्थायी निवास प्रमाणपत्र मनमाने ढंग से वितरित किए जा रहे हैं और कई प्राप्तकर्ता भारतीय नागरिक नहीं हो सकते। एसआईआर सुनवाई चरण के दौरान, आवेदकों को चुनाव आयोग द्वारा निर्दिष्ट 11 दस्तावेजों में से कम से कम एक प्रस्तुत करना होगा।</p>
<p>इस सूची में निवास प्रमाणपत्र प्रमुख रूप से शामिल है। हालांकि, सुनवाई शुरू होने से पहले ही आयोग को कई शिकायतें मिली हैं कि ये प्रमाणपत्र बिना उचित सत्यापन के अंधाधुंध जारी किए जा रहे हैं, जिससे मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में इनके दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।</p>
<p>इन आरोपों के मद्देनजर, पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने राज्य सरकार से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।सीईओ कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यूनी(एजेंसी) को नाम न छापने की शर्त पर बताया, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य से यह स्पष्ट करने को कहा है कि निवास प्रमाण पत्र किस कानून और किस प्रशासनिक अधिकार के तहत जारी किए जा रहे हैं, तथा इसके लिए कौन-से मानदंड अपनाए जा रहे हैं, विशेष रूप से चल रहे एसआईआर की पृष्ठभूमि में।</p>
<p>नियमों के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और उप-मंडल अधिकारी निवास प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अधिकृत हैं लेकिन यह उचित जांच के बाद ही किया जाना चाहिए। राज्य गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यदि बाद में निवास (डोमिसाइल) प्रमाणपत्र के लाभार्थी से जुड़ी कोई कानूनी जटिलता उत्पन्न होती है, तो जिम्मेदारी जारी करने वाले अधिकारी पर होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, न केवल निवास प्रमाण पत्रों को लेकर, बल्कि इस बात को लेकर भी शिकायतें चुनाव आयोग तक पहुँची हैं कि नबान्ना के निर्देशों पर काम करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईआ) ने मौखिक रूप से खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को एसआईआर सुनवाई अवधि के दौरान विभिन्न प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नगरपालिका और पंचायत कर्मियों को तैयार रखने का निर्देश दिया है।</p>
<p>सीईओ कार्यालय के अधिकारी ने कहा, चुनाव आयोग ने चेतावनी दी है कि कोई सरकारी अधिकारी यदि जाली प्रमाणपत्र जारी करता हुआ पाया गया, या कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेज जमा करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा, ऐसे अपराधों के लिए सात साल तक की कैद के साथ-साथ आर्थिक दंड का प्रावधान है। इस बीच, आयोग ने सुनवाई प्रक्रिया की तैयारियां शुरू कर दी हैं। एसआईआर सुनवाई के लिए नोटिस सोमवार से जारी होने शुरू हो गए हैं।</p>
<p>बूथ लेवल अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे ये नोटिस वितरित करें और वितरण का प्रमाण, जिसमें मतदाता के हस्ताक्षर शामिल हों, बीएलओ ऐप पर 'डिलीवरी ऑफ शेड्यूल्ड हियरिंग नोटिस' विकल्प के माध्यम से अपलोड करें। पहले चरण में, उन 31,68,424 मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं जिनके रिकॉर्ड का 2002 की मतदाता सूची से कोई लिंक नहीं है। इसके बाद, वंश मैपिंग के माध्यम से 'संदिग्ध' पहचाने गए मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। सीईओ कार्यालय ने पुष्टि की है कि सुनवाई औपचारिक रूप से 27 दिसंबर से शुरू होगी।</p>
<p>इससे पहले, लगभग 4,500 सूक्ष्म पर्यवेक्षक बुधवार को नजरुल मंच में विशेष प्रशिक्षण लेंगे ताकि सुनवाई के दौरान प्रक्रियाओं का सख्त अनुपालन और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। आयोग की योजना के अनुसार, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 15 सुनवाई अधिकारी होंगे, जिनमें निर्वाचन पंजीयन अधिकारी और सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारी शामिल हैं, तथा प्रत्येक टेबल पर एक सूक्ष्म पर्यवेक्षक तैनात होगा।</p>
<p>चुनाव आयोग की यह बढ़ी हुई सतर्कता एसआईआर प्रक्रिया की संवेदनशीलता को रेखांकित करती है और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों या सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के प्रति शून्य सहिष्णुता का संकेत देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/election-commissions-tough-stand-before-sir-hearing-in-west-bengal/article-136907</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/election-commissions-tough-stand-before-sir-hearing-in-west-bengal/article-136907</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 14:14:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/sir-in-west-bengal.png"                         length="1984673"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कहां गए 9000 पेंशनर्स, नहीं कराया भौतिक सत्यापन</title>
                                    <description><![CDATA[ संदेह के दायरे में आ रहे पेंशनर ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-have-9000-pensioners-gone--physical-verification-not-done/article-99208"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(1)38.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों को भौतिक सत्यापन कराना जरूरी है। सरकार ने भौतिक सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की है। इस अवधि में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं कराने पर नए साल में पेंशनर्स की पेंशन अटक सकती है। कोटा जिले में 219606  पेंशनर्स हंै। इनमें से अब तक जिले में 210606 पेंशनर ने ही भौतिक सत्यापन करवाया है। जबकि 9000 पेंशनर अभी तक भौतिक सत्यापन से शेष है। इनमें से शहरी क्षेत्र में करीब 7000 और ग्रामीण क्षेत्र के 2000 पेंशनर्स हैं। पिछले एक साल से लगातार तिथि बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद इनका भौतिक सत्यापन नहीं हो पाया है। इस कारण यह पेंशनर संदेह के दायरे में आ रहे हैं। </p>
<p><strong>सत्यापन कराने में ग्रामीण क्षेत्र के  पेंशनर आगे:</strong> विभागीय अधिकारियों के अनुसार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन को चालू रखने के लिए हर साल भौतिक सत्यापन कराना होता है। कोटा जिले में 219606 पेंशनर्स हैं। इसमें सभी श्रेणियों के पेंशनर शामिल हैं। 31 दिसंबर अंतिम तिथि होने के बावजूद अभी भी कई पेंशनरों ने भौतिक सत्यापन नहीं करवाया है। जिले के शहरी क्षेत्र से 7 हजार और ग्रामीण क्षेत्र से 2 हजार पेंशनर सत्यापन से वंचित है। यानी सत्यापन कराने में जिले के ग्रामीण क्षेत्र के पेंशनर आगे हैं। जबकि सत्यापन से वचिंत सबसे ज्यादा पेंशनर शहरी क्षेत्र के हैं। पिछले एक साल से पेंशन सत्यापन की तिथि बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद इनका सत्यापन नहीं हो पाया है।</p>
<p><strong>एक साल से बढ़ रही तारीख</strong><br />सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रतिवर्ष पेंशनरों को पेंशन राशि प्राप्त करने के लिए विभाग के पोर्टल पर ई-मित्र के माध्यम से वार्षिक भौतिक सत्यापन कराना आवश्यक होता है। पूर्व में भौतिक सत्यापन की तिथि 31 दिसम्बर 2023 निर्धारित की गई थी। निर्धारित तिथि निकलने के बाद भी काफी संख्या में पेंशनरों ने सत्यापन नहीं करवाया था। इसके बाद तिथि बढ़ाकर 31 जनवरी और फिर 31 मार्च कर दी थी। इसके बाद भी जिले में शत-प्रतिशत पेंशनरों का सत्यापन नहीं हो पाया था। अब सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की गई। इस अवधि में भी सत्यापन नहीं कराने पर पेंशन बंद कर दी जाएगी।</p>
<p><strong>विभागों को भेज दी वंचितों की सूची</strong><br />अधिकारियों के अनुसार कई बार तिथि बढ़ाने के बाद भी 9000 पेंशनरों ने अभी तक सत्यापन नहीं करवाया है। इनकी सूची नगर निगम और पंचायत समितियों में भेज रखी है। शहरी क्षेत्र के पेंशनरों के बारे में जानकारी करने के लिए नगर निगम को पत्र जारी किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के पेंशनरों के बारे में पंचायत समितियों को लिखा गया है। अभी तक सत्यापन नहीं कराने वाले पेंशनरों के सम्बंध में इन विभागों से जानकारी जुटाने को कहा गया है। निगम को कई बार जिला कलक्टर के माध्यम से सत्यापन से वंचित पेंशनरों के बारे में सूची भेजी जा चुकी है। अब वंचित पेंशनरों का डाटा खंगालने के बाद ही इनके बारे में कुछ पता लग पाएगा। कई बार तिथि बढ़ाने के बाद भी सत्यापन नहीं करवाने के कारण अब जिले के 9000 पेंशनर संदेह के दायरे में आ रहे हैं।</p>
<p><strong>सत्यापन में दिक्कत तो यहां करें सम्पर्क</strong><br />पेंशनधारकों को वार्षिक भौतिक सत्यापन कराने के लिए ई-मित्र कियोस्क, राजीव गांधी सेवा केन्द्र, ई-मित्र प्लस आदि केन्द्रों पर फिंगर प्रिंट देना होगा। अंगुली की छाप नहीं देने वाले पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन आइरिस स्कैन से भी कराया जा सकेगा। इस प्रक्रिया से किसी पेंशनर का वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं होने की स्थिति में पेंशनर को पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी (विकास या उपखंड अधिकारी) के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अधिकारी की एसएसओ आइडी से एसएसपी पोर्टल पर संबंधित पेंशनर का पीपीओ नम्बर दर्ज करने पर उस पेंशनर के रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर भौतिक सत्यापन किया जा सकेगा।फैक्ट फाइल</p>
<p><strong>कोटा जिले में पेंशनर-219606</strong><br /><strong>अब तक भौतिक सत्यापन-210606</strong></p>
<p>जिले में इतने पेंशनर वंचित-9000ं जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों को भौतिक सत्यापन कराना जरूरी है। सरकार ने भौतिक सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की है। इस अवधि में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं कराने पर नए साल में पेंशनर्स की पेंशन अटक सकती है। <br /><strong>-सविता कृष्णिया, संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-have-9000-pensioners-gone--physical-verification-not-done/article-99208</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-have-9000-pensioners-gone--physical-verification-not-done/article-99208</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 15:24:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/5554-%281%2938.png"                         length="273597"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खाद्य सुरक्षा योजना: अधरझूल में 24 हजार आवेदकों की उम्मीदें </title>
                                    <description><![CDATA[नाम नहीं जुड़ने से आवेदक हो रहे परेशान। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/food-security-scheme--hopes-of-24-thousand-applicants-in-limbo/article-95262"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer-(16).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लेने के लिए दो साल पहले आवेदन करने हजारों आवेदकों को अभी तक राहत नहीं मिल पाई है। पिछले दो साल से आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया ही चल रही है। ऐसे में आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो साल पहले विभिन्न श्रेणियों में करीब 48 हजार से अधिक आवेदकों ने खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया था। इनमें से करीब 24 हजार आवेदकों के नाम तो जुड़ गए हैं, लेकिन शेष आवेदकों को अभी तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके लिए आए दिन में आवेदक रसद विभाग, पंचायत समितियों और ई-मित्र केन्द्रों पर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। अप्रेल 2022 में प्राप्त आवेदनों में पात्र लोगों का नाम जोड़ने के लिए अभी तक सत्यापन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />- कुल आवेदन        -48912<br />- आवेदन लंबित        -24759<br />- आवेदन स्वीकृत        -24153<br />- कुल राशन कार्ड        -594182<br />- बीपीएल राशन कार्ड    -243304<br />- नॉन बीपीएल राशन कार्ड    -350878<br />- अंत्योदय राशन कार्ड    -9178</p>
<p><strong>आधे आवेदकों के ही जुड़े नाम</strong><br />कोटा जिले की बात करें तो यहां पर 48912 आवेदन आए थे। इसके बाद पोर्टल को बंद कर दिया गया था। फिर मामला उठने पर सरकार ने सितंबर 2024 में पोर्टल खोलकर स्टेट लिमिट के अनुसार नाम जोड़ने का काम शुरू किया। इसमें चार अक्टूबर 2024 तक करीब 24 हजार आवेदन लंबित होने की सूचना है। इसके उपरांत पोर्टल में तकनीकी दिक्कतें आने लगी हैं। पूरे प्रदेश की बात करें तो 1959253 आवेदनों में अक्टूबर 2024 तक 982300 आवेदन लंबित पड़े थे। जाहिर है कि सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए कितनी गंभीर है। अभी तक शेष आवेदक सरकारी राशन का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p><strong>यह आ रही परेशानी</strong><br />कोरोनाकाल के दौरान राशन कार्ड में परिवार के नए सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया बंद हो गई थी। इससे क्षेत्र के कई लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। जिले में कई परिवार ऐसे हैं जिनके सदस्यों की शादी को तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन दुल्हन और उनके बच्चों के नाम अभी तक राशन कार्ड में नहीं जुड़ पाए है। राज्य सरकार ने खाद्य सामग्री में नए नाम शामिल करने के लिए पिछले वर्ष पोर्टल खोला था। उस दौरान कई नए राशन कार्ड खाद्य सामग्री योजना में शामिल हो गए थे, लेकिन पुराने राशनकार्ड में  नए सदस्यों के नाम नहीं जुड़ पाए थे।</p>
<p><strong>इस कैटगिरी में किए आवेदन</strong><br />सरकार ने प्रथम चरण में 11 कैटगिरी के आवेदन लिए हैं। इसमें शहरी क्षेत्र में अंत्योदय परिवार, बीपीएल, एकल महिलाएं, कचरा बीनने वाले परिवार, कुष्ठ रोगी, आस्था कार्डधारी, सिलकोसिस बीमारी से पीड़ित, विकलांग एवं मंदबुद्धि, पालनहार योजना में चयनित परिवार, निस्तान दंपत्ती तथा वृद्ध दंपत्ती जिनके विकलांग संतान हैं। इनके नाम को प्राथमिकता से जोड़ने का निर्देश है। इसके बावजूद अभी तक इनमें नाम नहीं जुड़ पाए। नाम नहीं जुड़ने से कई सरकारी योजनाओं का आवेदकों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। </p>
<p>दो साल पहले खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए ई-मित्र संचालकों के लिए माध्यम से आॅनलाइन आवेदन किया था। उसके आवेदन की जांच के बाद कुछ दस्तावेज मांगे थे, जो जमा करवा दिए थे। इसके बाद भी योजना में नाम नहीं जुड़ पाया है।<br /><strong>- लीला बाई, आवेदक</strong></p>
<p>वर्ष 2022 में खाद्य सुरक्षा योजना का पोर्टल खोलकर नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन आवेदनों का एसडीएम कार्यालय और पंचायत समितियों में सत्यापन किया जा रहा है। बीच में पोर्टल बंद होने से नाम नहीं जुड़ पाए थे। अब जल्द ही सभी के नाम जुड़ जाएंगे।<br /><strong>- संध्या सिन्हा, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/food-security-scheme--hopes-of-24-thousand-applicants-in-limbo/article-95262</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/food-security-scheme--hopes-of-24-thousand-applicants-in-limbo/article-95262</guid>
                <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 16:15:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/27rtrer-%2816%29.png"                         length="531889"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाथों की लकीरें हुई खराब तो अटकी पेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने के लिए वृद्धजनों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-lines-on-hands-get-spoiled-then-pension-gets-stuck/article-62981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/111-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस1 - </strong>मैं अकेली रहती हूं, मेरे पास कोई नहीं है। मुझे पेंशन का ही सहारा है, लेकिन मेरी पेंशन नहीं आ रही है। क्योंकि मेरा अंगूठा नहीं लग पा रहा है। अंगूठे की लकीरें खराब हो गई हैं। आंखों की पुतलियां भी कम काम कर रही हैं।<br /><strong>-गायत्री देवी, शिवाजी नगर</strong></p>
<p><strong>केस 2 -</strong> मेरी पेंशन नहीं आ रही है। क्योंकि मेरा बायोमेट्रिक सत्यापन होने में परेशानी आ रही है। अंगूठा नहीं लग रहा है। मुझे ई-मित्र तक लाने वाला भी कोई नहीं है। मेरा जनाधार व पेंशन का डाटा भी मैच नहीं हो रहा है। मेरी पेंशन रुक गई है।<br /><strong>-लक्ष्मी कंवर, छावनी</strong></p>
<p>हाथ के अंगूठे व उंगलियों की लकीरें खराब होने के कारण जिले के हजारों पेंशनरों की पेंशन अटक गई है। ये पेंशनर पेंशन के लिए कभी ई-मित्र पर तो कभी कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने के लिए वृद्धजनों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है। इसके लिए अंगूठा या उंगलियां लगवाई जाती है, लेकिन अधिक वृद्धावस्था के कारण हाथ की लकीरें खराब हो जाती हैं। कई बार लगाने पर भी निशान नहीं आता है। ऐसे में हजारों पेंशनरों की पेंशन अटक गई है।</p>
<p><strong>आंखों की पुतलियां भी दे रही जवाब </strong><br />इससे भी बड़ी परेशानी यह है कि अधिक उम्र होने पर आंखों की पुतलियां भी कमजोर हो जाती हैं। इससे आंखों से भी सत्यापन करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बुजुर्ग सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के चक्कर काट रहे हैं। इनकी इस समस्या के चलते जिले भर में बुजुर्गों की पेंशन का सत्यापन होने में परेशानी हो रही है।</p>
<p><strong>नियमों को कर दिया कठोर</strong><br />सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सामाजिक न्याय विभाग ने नियमों को कठोर कर दिया। पेंशन वैरीफाई करने के लिए ओटीपी का सिस्टम बंद कर दिया और पेंशनधारी को ईमित्र पर खुद उपस्थित होकर फिंगर प्रिंट के जरिए पेंशन के लिए सत्यापन करवाया अनिवार्य कर दिया। अब वृद्धजन अपना सत्यापन करवाने ईमित्र पर पहुंच भी रहे हैं, लेकिन उम्र के इस पडाव में उनकी उंगलियों व अंगूठे से फिंगर प्रिंट ही गायब हो रहै  हैं। विभाग की इस व्यवस्था का खामियाजा बुजुर्गों को भुगतना पड रहा है, क्योकि उम्र के इस पड़ाव में उनके हाथों की लकीरें गायब होने लगी है। जिस कारण फिंगर प्रिंट के जरिए से पेंशन के लिए सत्यापन नहीं करवा पा रहे है।</p>
<p><strong>750 से 1000 रुपए प्रतिमाह मिलती है पेंशन</strong><br />वृद्धावस्था और वृद्धजन किसान पेंशन योजना के जरिए 55 वर्ष की वरिष्ठ महिलाओं को 750 रुपए की राशि प्रतिमाह, 75 वर्ष वाली वरिष्ठ वृद्धजन महिला को 1000 रुपए प्रतिमाह पेंशन की राशि दी जाती है। 58 वर्ष के वरिष्ठ पुरुष वृद्धजन को 750 रुपए प्रतिमाह और 75 वर्ष या अधिक के वृद्धजन नागरिक को 1000 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।</p>
<p><strong>आॅनलाइन सिस्टम में आ रही दिक्कत</strong><br />हालांकि फिंगर प्रिंट से वैरीफाई नहीं होने के बाद आयरस मशीन से लाभार्थी की आखों से वैरीफाई कर सकते हैं, लेकिन सामाजिक न्याय विभाग की इस वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कत आने से इससे भी कार्य नहीं हो पा रहा है। वहीं अधिकतर ईमित्र संचालकों के पास आयरस मशीन उपलब्ध नहीं है। यदि आयरस मशीन से भी वैरीफाई नहीं होता है तो लाभार्थी को एसडीएम दफ्तर में पेश होना पडेÞगा। उसके बाद लाभार्थी का पेंशन के लिए सत्यापन होगा, लेकिन ये प्रक्रिया बहुत जटिल है। <br /> <br />बायोमेट्रिक सत्यापन के कई तरीके हैं। यदि अंगूठे से सत्यापन नहीं हो रहा है तो मोबाइल फेस एप, जनाधार व आधार कार्ड से सत्यापन किया जा सकता है। किसी पेंशनर को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए विभाग हर मदर करने को तैयार है।<br /><strong>- ओपी तोषनीवाल, अतिरिक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-lines-on-hands-get-spoiled-then-pension-gets-stuck/article-62981</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-lines-on-hands-get-spoiled-then-pension-gets-stuck/article-62981</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Nov 2023 18:02:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-11/111-%283%292.png"                         length="405270"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दस्तावेज सत्यापन के बाद परिणाम संशोधित करने पर मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालतों के लिए आयोजित स्टेनोग्राफर भर्ती 2020 में सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के बाद संशोधित परिणाम जारी करने पर रजिस्ट्रार जनरल और परीक्षा रजिस्ट्रार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%9C-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC/article-2247"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/hc1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालतों के लिए आयोजित स्टेनोग्राफर भर्ती 2020 में सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के बाद संशोधित परिणाम जारी करने पर रजिस्ट्रार जनरल और परीक्षा रजिस्ट्रार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस अकील कुरेशी और जस्टिस रेखा बोराणा की खंडपीठ ने यह आदेश नरेन्द्र मेहरा की याचिका पर दिए। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया पर रोक नहीं रहेगी, लेकिन चयन याचिका के निर्णयाधीन रहेंगे।</p>
<p><br /> याचिका में अधिवक्ता प्रदीप माथुर ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट प्रशासन ने प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिए वर्ष 2020 में स्टेनोग्राफर पद की भर्ती निकाली थी। जिसकी लिखित परीक्षा में पास होने के बाद याचिकाकर्ता का साक्षात्कार लेकर दस्तावेज सत्यापन किया गया। वहीं कुछ असफल अभ्यर्थियों की ओर से हाईकोर्ट में पेश याचिकाओं के गत 25 अक्टूबर को निस्तारित होने पर हाईकोर्ट प्रशासन ने आनन फानन में 28 अक्टूबर को पूर्व में जारी परिणाम को संशोधित कर दिया। जिसके चलते याचिकाकर्ता सहित अधिकांश सफल अभ्यर्थी बाहर हो गए। जबकि उन्हें सिर्फ नियुक्ति पत्र देना ही शेष था। याचिका में कहा गया कि संशोधित परिणाम जारी करने से पूर्व न तो याचिकाकर्ता को नोटिस दिया गया और ना ही उनका पक्ष सुना गया। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%9C-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC/article-2247</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%9C-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC/article-2247</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Nov 2021 18:10:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/hc1.jpg"                         length="48408"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब एक सप्ताह में होगा पासपोर्ट पुलिस सत्यापन</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस सत्यापन प्रक्रिया में एम-पासपोर्ट एप के उपयोग से भारतीय नागरिकों के लिए पासपोर्ट प्राप्त करना तो आसान होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A8/article-1633"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/m-passportjpg.jpg-mks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्य सचिव निरंजन कुमार आर्य ने कहा है कि पासपोर्ट एक अति महत्वपूर्ण नागरिक दस्तावेज है, जिसको जारी करने से पहले हर पहलू की जांच करना जरूरी है। एम-पासपोर्ट एप के माध्यम से सूचना तकनीक का उपयोग कर इस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे नागरिकों को लम्बी प्रक्रिया से राहत मिलेगी। अब पासपोर्ट के लिए पुलिस सत्यापान एक सप्ताह में होगा, जिके लिए सभी पुलिस थानों को एप से जोड़कर मैपिंग कर दी गई है।</p>
<p><br /> आर्य ने मंगलवार को शासन सचिवालय के सभागार में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय तथा राज्य के गृह विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एम-पासपोर्ट एप का शुभारंभ किया। गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने बताया कि  विदेश मंत्रालय तथा गृह विभाग की ओर से संयुक्त रूप से जारी इस एप में पुलिस सत्यापन के लिए अधिकतर सवालों का जवाब हां या नहीं में रिकॉर्ड किया जाता है। यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रभात कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सत्यापन प्रक्रिया में एम-पासपोर्ट एप के उपयोग से भारतीय नागरिकों के लिए पासपोर्ट प्राप्त करना तो आसान होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A8/article-1633</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A8/article-1633</guid>
                <pubDate>Wed, 13 Oct 2021 12:58:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/m-passportjpg.jpg-mks.jpg"                         length="109434"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        