<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/verification/tag-6246" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>verification - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6246/rss</link>
                <description>verification RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बंगाल में “ऑपरेशन मदरसा” शुरू: वैध-अवैध मदरसों का सर्वे होगा ; फंडिंग, छात्रों और मौलवियों की जांच से मचा सियासी भूचाल</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने "ऑपरेशन मदरसा" अभियान की घोषणा की है। इसके तहत राज्यभर के मदरसों की वैधता, वित्तीय स्रोतों, पाठ्यक्रम और छात्रों की संख्या का विस्तृत सर्वे करने की मांग की गई है। भाजपा के अनुसार, इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/%E2%80%9Coperation-madrasa%E2%80%9D-started-in-bengal-survey-of-legal-and-illegal/article-156257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/bengal.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने “ऑपरेशन मदरसा” अभियान की घोषणा करते हुए राज्यभर के मदरसों के सर्वे की मांग उठाई है। इस अभियान के तहत मदरसों की वैधता, संचालन व्यवस्था और वित्तीय स्रोतों की विस्तृत जांच किए जाने की बात कही गई है। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि राज्य में संचालित सभी मदरसों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि कितने मदरसे सरकारी नियमों के तहत पंजीकृत और वैध हैं तथा कितने अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।</p>
<p>अभियान के तहत मदरसों में पढ़ाए जाने वाले कोर्स और पाठ्यक्रम की भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही यह जांच की जाएगी कि संबंधित संस्थानों में सरकारी नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। सर्वे में यह भी देखा जाएगा कि मदरसा आवासीय है या गैर-आवासीय तथा वहां रहने वाले छात्रों की संख्या कितनी है।</p>
<p>इसके अलावा मदरसों को मिलने वाले फंड और आर्थिक स्रोतों की भी जांच की जाएगी। अभियान में मौलवियों और छात्रों की संख्या का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस सर्वे का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/%E2%80%9Coperation-madrasa%E2%80%9D-started-in-bengal-survey-of-legal-and-illegal/article-156257</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/%E2%80%9Coperation-madrasa%E2%80%9D-started-in-bengal-survey-of-legal-and-illegal/article-156257</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:43:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/bengal.png"                         length="1157312"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर विशेष: राजस्थान में खाद्य सुरक्षा का दायरा बढ़ा, लेकिन दाल-तेल और सब्जियों की महंगाई से परिवारों का रसोई-बजट अब भी संकट में</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राजस्थान में 28.14 लाख नए लाभार्थी जुड़े हैं। प्राथमिकता परिवारों को 5 किलो और अंत्योदय को 35 किलो गेहूं मिल रहा है। हालांकि, अनिवार्य ई-केवाईसी और तकनीकी खामियों के कारण राशन रुकने का संकट है, जिसे सुधारने और गेहूं के साथ दाल-तेल देने की मांग उठ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-on-world-food-security-day-scope-of-food-security/article-156236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/food.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्राथमिकता श्रेणी के प्रत्येक सदस्य को प्रतिमाह पांच किलोग्राम खाद्यान्न मिलता है। इस हिसाब से पांच सदस्यों के परिवार को 25 किलोग्राम गेहूं उपलब्ध होता है। अंत्योदय परिवार को प्रतिमाह 35 किलोग्राम खाद्यान्न का अधिकार है। यह राहत महत्वपूर्ण है, लेकिन केवल गेहूं को संपूर्ण खाद्य सुरक्षा नहीं माना जा सकता। दिहाड़ी मजदूर, छोटे किसान, घरेलू कामगार, विधवा, वृद्ध, दिव्यांग और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक की आय अनिश्चित है, जबकि भोजन से जुड़े बाकी खर्च लगातार उसकी जेब पर दबाव डालते हैं।</p>
<p><strong>नाम जुड़ना राहत, कटना पूरे परिवार का संकट</strong></p>
<p>राज्य सरकार के अनुसार, 26 जनवरी 2025 से एनएफएसए पोर्टल दोबारा शुरू होने के बाद 28 लाख से अधिक नए नाम योजना में जोड़े गए। यह बड़ी राहत है, लेकिन अब ई-केवाईसी अनिवार्य होने से बुजुर्गों, मजदूरी के लिए बाहर गए प्रवासियों, आदिवासी परिवारों और खराब इंटरनेट वाले ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।</p>
<p><strong>तकनीकी खामी अपात्रता का प्रमाण नहीं</strong></p>
<p>अंगुलियों के निशान नहीं मिलने, आधार और जनाधार में नाम अलग होने, मोबाइल नंबर बंद होने या सर्वर खराब होने जैसी तकनीकी समस्याओं को अपात्रता का प्रमाण नहीं बनाया जाना चाहिए। किसी परिवार का राशन रोकने या नाम हटाने से पहले भौतिक सत्यापन, लिखित सूचना और अपील का पर्याप्त अवसर मिलना आवश्यक है।</p>
<p>खाद्य विभाग को प्रत्येक उचित मूल्य दुकान का मासिक स्टॉक, वितरण और शिकायतों का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए। घटतौली, दुकान बंद मिलने या राशन से वंचित होने की शिकायत का निस्तारण अधिकतम 72 घंटे में हो। वृद्ध और दिव्यांग लाभार्थियों के लिए घर तक राशन पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था भी जरूरी है। खाद्य सुरक्षा का अर्थ गोदाम से अनाज निकालना नहीं, बल्कि नागरिक की थाली में सम्मानजनक और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना है। सरकार को गेहूं के साथ दाल, खाद्य तेल और नमक जैसी आवश्यक वस्तुओं की सहायता पर भी विचार करना चाहिए। व्यवस्था की सफलता लाभार्थियों की संख्या से नहीं, इस तथ्य से मापी जाएगी कि राजस्थान में कोई परिवार भूखा सोने को मजबूर न हो।</p>
<p>राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्राथमिकता परिवारों के लिए प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम और अंत्योदय परिवारों के लिए प्रति परिवार 35 किलोग्राम मासिक खाद्यान्न का प्रावधान है। राजस्थान सरकार के अनुसार, पोर्टल दोबारा शुरू होने के बाद 28,14,942 नए नाम जोड़े गए और नए लाभार्थियों के लिए तीन महीने में ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया। फरवरी 2026 में ई-केवाईसी और सूची से नाम हटने का मुद्दा राजस्थान विधानसभा में भी उठा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-on-world-food-security-day-scope-of-food-security/article-156236</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-on-world-food-security-day-scope-of-food-security/article-156236</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 12:05:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/food.png"                         length="1416660"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RUHS CUET-2026 रिजल्ट जारी: राजस्थान के 216 मेडिकल संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश का रास्ता साफ, अभ्यर्थी वेबसाइट पर डाउनलोड कर सकेंगे स्कोरकार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) ने आरयूएचएस सीयूईटी 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। अभ्यर्थी रोल नंबर की मदद से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके आधार पर राज्य के 216 कॉलेजों की करीब 80,000 नर्सिंग और पैरामेडिकल सीटों पर काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ruhs-cuet-2026-result-released-paving-the-way-for-admission/article-155820"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/rush.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) ने आरयूएचएस सीयूईटी 2026 परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अब आधिकारिक वेबसाइट ruhscuet2026.com पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को रोल नंबर और जन्मतिथि की सहायता से लॉगिन करना होगा।</p>
<p>यह प्रवेश परीक्षा राज्य के नर्सिंग, फार्मेसी और अन्य पैरामेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है। विश्वविद्यालय के अनुसार, इस वर्ष परिणाम के आधार पर राज्य के 216 संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होगी। काउंसलिंग के जरिए करीब 80 हजार सीटों पर योग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। जल्द ही अंतरिम सीट मैट्रिक्स भी जारी की जाएगी।</p>
<p>विश्वविद्यालय ने छात्रों को स्कोरकार्ड में नाम, रोल नंबर और प्राप्त अंकों सहित सभी विवरणों का सावधानीपूर्वक मिलान करने की सलाह दी है। साथ ही स्कोर-वाइज पीडीएफ सूची भी शीघ्र वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ruhs-cuet-2026-result-released-paving-the-way-for-admission/article-155820</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ruhs-cuet-2026-result-released-paving-the-way-for-admission/article-155820</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:59:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/rush.png"                         length="514430"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसआई भर्ती पुनः परीक्षा के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने किए आवेदन अपडेट, 20 सितंबर को होगी परीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा एसआई भर्ती पुनः परीक्षा का आयोजन 20 सितंबर को किया जाएगा। फॉर्म एडिट करने की अंतिम तिथि 30 मई तक 1.53 लाख अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन अपडेट किए। इस दौरान अभ्यर्थियों को लाइव फोटो, थंब इम्प्रेशन और सिग्नेचर सुधारने का मौका दिया गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/more-than-15-lakh-candidates-applied-for-si-recruitment-re-examination/article-155791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/rpsc.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। उप निरीक्षक भर्ती पुनः परीक्षा-2021 के लिए अंतिम तिथि 30 मई तक एक लाख 53 हजार अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन पत्र को एडिट कर अपने फॉर्म सबमिट कर दिया। एसआई भर्ती परीक्षा 2021 का पुनः आयोजन 20 सितम्बर (रविवार) को किया जाएगा। आयोग ने एसआई परीक्षा 2021 के 3 लाख 83 हजार 97 अभ्यर्थियों को उनके पूर्व में भरे गए आवेदन पत्रों में आवश्यक सुधार और अपडेट करने का 16 मई से 30 मई तक अवसर दिया था। इस दौरान अभ्यर्थियों को मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस तथा पत्राचार का पता, लाइव फोटो, थम्ब इम्प्रेशन, सिग्नेचर सहित अन्य जानकारियों में बदलाव का अवसर दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/more-than-15-lakh-candidates-applied-for-si-recruitment-re-examination/article-155791</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/more-than-15-lakh-candidates-applied-for-si-recruitment-re-examination/article-155791</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:29:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-11/rpsc.jpg"                         length="74193"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एलयूसीसी चिटफंड घोटाला: सीबीआई की मुंबई में बड़ी कार्रवाई, दो मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड के बहुचर्चित लोनी अर्बन को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) घोटाले में सीबीआई ने मुंबई से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घोटाले में 1 लाख से अधिक निवेशकों से ₹800 करोड़ की ठगी की गई थी। आरोपियों को देहरादून की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/lucc-chit-fund-scam-cbi-arrests-two-masterminds-from-mumbai/article-155759"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/cbi.png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड के बहुचर्चित लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख आरोपियों को महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने मंगलवार को बताया कि दोनों आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई विस्तृत वित्तीय दस्तावेजों के विश्लेषण, बैंक लेन-देन की जांच, मौखिक साक्ष्य जुटाने तथा देश के विभिन्न राज्यों में व्यापक जांच-पड़ताल के बाद की गई है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने 26 नवंबर 2025 को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले उत्तराखंड पुलिस ने एलयूसीसी और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ 18 प्राथमिकी दर्ज की थीं। मामला जनता से अवैध रूप से धन जमा कराने, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, धन के दुरुपयोग तथा अनियमित जमा योजनाओं के संचालन से संबंधित है। जांच में अब तक सामने आया है कि उत्तराखंड में एक लाख से अधिक निवेशकों को विभिन्न अनियमित निवेश योजनाओं में धन लगाने के लिए प्रलोभन दिया गया था। निवेशकों से जुटाई गई कुल राशि लगभग 800 करोड़ रुपये आंकी गई है।</p>
<p>सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल हैं और उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर निवेशकों से एकत्र धन के संग्रहण, प्रबंधन, हस्तांतरण और कथित गबन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच एजेंसी को ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं जो लाखों निवेशकों से जुटाई गई धनराशि के उपयोग और उसके प्रवाह से जुड़े व्यापक षड्यंत्र की ओर संकेत करते हैं।</p>
<p>सीबीआई ने बताया कि दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून ले जाया जाएगा और बड्स अधिनियम के तहत गठित विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। इससे पहले सीबीआई ने 12 और 13 मई को पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एलयूसीसी के तीन वरिष्ठ सहकारी प्रमोटर भी शामिल थे। सभी आरोपी वर्तमान में देहरादून की सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।</p>
<p>जांच एजेंसी ने आरोपियों द्वारा कथित रूप से अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई कई अचल संपत्तियों का भी पता लगाया है। इन संपत्तियों का विवरण उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव को भेजा गया है और उन्हें फ्रीज करने तथा बड्स अधिनियम के तहत पीड़ित निवेशकों के हित में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। सीबीआई ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और इसे शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/lucc-chit-fund-scam-cbi-arrests-two-masterminds-from-mumbai/article-155759</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/lucc-chit-fund-scam-cbi-arrests-two-masterminds-from-mumbai/article-155759</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:16:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-06/cbi.png"                         length="456939"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओडिशा बॉक्साइट खनन विवाद: कांग्रेस ने आदिवासी अधिकारों के उल्लंघन का लगाया आरोप, केंद्र से निष्पक्ष जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ओडिशा के कोरापुट और कालाहांडी जिलों में बॉक्साइट खनन के खिलाफ ग्रामीणों के प्रदर्शन पर चिंता जताई है। उन्होंने कलिंगा एल्युमिना लिमिटेड द्वारा 400 एकड़ वन भूमि के कथित अवैध उपयोग और ग्राम सभा की फर्जी मंजूरियों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/odisha-bauxite-mining-dispute-congress-alleges-violation-of-tribal-rights/article-155714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/jairam-ramesh-333.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने ओडिशा में बॉक्साइट खनन परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शनों पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र से इस मामले में हस्तक्षेप कर प्रभावितों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी ने खनन परियोजनाओं से जुड़े वन अधिकार कानून, 2006 के कथित उल्लंघन, वन भूमि के उपयोग तथा ग्राम सभा की स्वीकृतियों में कथित अनियमितताओं के आरोपों को गंभीर बताते हुए उनकी व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग की है।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव एवं संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि ओडिशा के कोरापुट जिले में बॉक्साइट खनन के लिए दी गई स्वीकृतियों को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है। उन्होंने कहा कि कलिंगा एल्युमिना लिमिटेड पर लगभग 400 एकड़ वन भूमि के कथित अवैध उपयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिस पर आंदोलनरत ग्रामीण वन अधिकार कानून, 2006 के तहत अपने पारंपरिक और आध्यात्मिक अधिकार होने का दावा कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से अनियमितताएं हुई हैं, जिसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। उनका कहना था कि इसी प्रकार के आरोप कालाहांडी और रायगढ़ा जिलों में भी लगाए जा रहे हैं। जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र सरकार में जनजातीय कार्य मंत्री ओडिशा से हैं, वन अधिकार कानून, 2006 को उसकी भावना और प्रावधानों के अनुरूप लागू कराने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रहे इन विरोध प्रदर्शनों और उनके कारणों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/odisha-bauxite-mining-dispute-congress-alleges-violation-of-tribal-rights/article-155714</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/odisha-bauxite-mining-dispute-congress-alleges-violation-of-tribal-rights/article-155714</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 16:33:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/jairam-ramesh-333.png"                         length="345074"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रवक्ताओं एवं मीडिया पैनलिस्टों की नियुक्ति छह माह की परिवीक्षा अवधि पर, प्रदर्शन के आधार पर होगा अंतिम चयन : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड कांग्रेस ने मीडिया विंग को मजबूत करने के लिए प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों को 6 महीने की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर रखा है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा नियमित कार्य समीक्षा और पृष्ठभूमि सत्यापन के बाद ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सदस्यों की राष्ट्रीय या राज्य स्तर पर स्थाई नियुक्ति की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/appointment-of-spokespersons-and-media-panelists-will-be-made-on/article-155480"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/congress1.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने अधिसूचित प्रवक्ताओं, मीडिया पैनलिस्टों एवं मीडिया रिसर्च टीम के सदस्यों को प्रारंभिक रूप से छह माह की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर रखा है। इस अवधि के दौरान सभी चयनित सदस्यों को प्रत्येक माह आयोजित होने वाले पूरे दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा। साथ ही उनके कार्य प्रदर्शन की नियमित समीक्षा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के कम्युनिकेशन विभाग द्वारा की जाएगी।</p>
<p>प्रदेश कांग्रेस के मिडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया की, छह माह की परिवीक्षा अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का मूल्यांकन एआईसीसी के कम्युनिकेशन विभाग द्वारा किया जाएगा। समीक्षा के उपरांत चयनित व्यक्तियों को राष्ट्रीय अथवा राज्य स्तर पर नियुक्ति के लिए कांग्रेस अध्यक्ष के माध्यम से अनुशंसित किया जाएगा। इसी क्रम में 27 मई को एआईसीसी के कम्युनिकेशन विभाग ने पीसीसी को टैलेंट हंट प्रक्रिया में चयनित 30 उम्मीदवारों की सूची भेजी है। इनमें से आधे उम्मीदवार पहले से ही पीसीसी द्वारा अधिसूचित सूची में शामिल हैं। शेष 15 उम्मीदवारों के संबंध में एआईसीसी के कम्युनिकेशन विभाग के निर्देशानुसार पृष्ठभूमि सत्यापन (बैकग्राउंड वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>
<p>सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इन उम्मीदवारों को भी छह माह की परिवीक्षा अवधि पर शामिल किया जाएगा। सिन्हा नें कहा की इस पहल का उद्देश्य संगठन की मीडिया एवं जनसंपर्क क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना तथा योग्य एवं प्रशिक्षित प्रवक्ताओं का एक मजबूत समूह तैयार करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/appointment-of-spokespersons-and-media-panelists-will-be-made-on/article-155480</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/appointment-of-spokespersons-and-media-panelists-will-be-made-on/article-155480</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 17:50:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/congress1.png"                         length="918983"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉकरोच जनता पार्टी को कोर्ट से बड़ा झटका: एक्स अकाउंट बहाल करने से इनकार, केंद्र और X को नोटिस जारी</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके के एक्स (X) अकाउंट ब्लॉक करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने अकाउंट तत्काल बहाल करने से इनकार करते हुए केंद्र सरकार और एक्स को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई अब 6 जुलाई को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cockroach-janata-party-gets-a-big-blow-from-sc-refuses/article-155454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cockroach2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की टिप्पणी के बाद अचानक चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना एक्स अकाउंट ब्लॉक करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और एक्स को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तत्काल बहाल करने का आदेश देने से मना कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी। कोर्ट ने कहा कि वो कोई भी फैसला सरकार का पक्ष सुनने के बाद ही देगी।</p>
<p>कोर्ट ने एक्स अकाउंट को ब्लॉक करने की समीक्षा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि समीक्षा करने वाली कमेटी को हर दो महीने के बाद ब्लॉकिंग आदेश के सभी पहलूओं की पड़ताल करने की जरुरत है। कोर्ट ने समीक्षा कमेटी के फैसले को कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cockroach-janata-party-gets-a-big-blow-from-sc-refuses/article-155454</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cockroach-janata-party-gets-a-big-blow-from-sc-refuses/article-155454</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 12:04:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/cockroach2.png"                         length="861824"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों में उत्साह, केंद्रों पर रही भीड़ </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में रविवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की गई। जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी में पहली पारी में सामान्य अध्ययन और दूसरी पारी में सी-सैट का पेपर हुआ। केंद्रों पर सुरक्षा और जांच के सख्त इंतजाम रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-was-a-crowd-at-the-centers-due-to-enthusiasm/article-154853"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/exam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा के आयोजन को लेकर रविवार को शहर के परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थी सुबह से ही केंद्रों पर पहुंचने लगे। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी परीक्षा व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण करते रहे तथा अभ्यर्थियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। परीक्षा की पहली पारी सुबह 11:30 बजे शुरू हुई, जिसमें सामान्य अध्ययन जीके का प्रश्नपत्र आयोजित किया गया। वहीं दूसरी पारी दोपहर 2:30 बजे से प्रारंभ होगी, जिसमें सी-सैट CSAT का प्रश्नपत्र होगा।</p>
<p>परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता के विशेष इंतजाम किए गए। अभ्यर्थियों को सख्त जांच प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही केंद्रों में प्रवेश दिया गया। प्रवेश द्वारों पर पहचान पत्र और प्रवेश पत्र की गहन जांच की गई तथा निषिद्ध सामग्री ले जाने पर रोक रही। सुबह से ही शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों और उनके परिजनों की आवाजाही बनी रही। कई केंद्रों के बाहर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दिखाई दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-was-a-crowd-at-the-centers-due-to-enthusiasm/article-154853</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-was-a-crowd-at-the-centers-due-to-enthusiasm/article-154853</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2026 16:03:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/exam.png"                         length="568864"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू: एक अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, जानें किन किन दस्तावेजों की पड़ेगी आवश्यकता </title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना के सीईओ सुदर्शन रेड्डी ने घोषणा की है कि 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक मतदाता सूची के संशोधन के लिए घर-घर गणना की जाएगी। बीएलओ प्रपत्र भरने में सहायता करेंगे, जिसे ऑनलाइन भी जमा किया जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर को प्रकाशित होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sir-process-starts-in-telangana-final-voter-list-will-be/article-154128"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/up-sir.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) सी. सुदर्शन रेड्डी ने शनिवार को घोषणा की कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के अंतर्गत घर-घर जाकर गणना 25 जून से 24 जुलाई, 2026 तक की जाएगी, जबकि मतदाता सूची का मसौदा 31 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 30 अगस्त तक जारी रहेगी और अंतिम मतदाता सूची एक अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। राज्य में चल रहे एसआईआर अभ्यास के संबंध में मीडिया को संबोधित करते हुए, सीईओ ने संशोधन प्रक्रिया में शामिल कार्यक्रम एवं प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया।</p>
<p>रेड्डी ने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर मौजूदा मतदाताओं को आंशिक रूप से पहले से भरे हुए जनगणना प्रपत्र वितरित करेंगे, प्रपत्र भरने में उनकी सहायता करेंगे और जनगणना प्रक्रिया के दौरान उन्हें एकत्र करेंगे। उन्होंने कहा कि बीएलओ को प्रत्येक घर में कम से कम तीन बार जाना अनिवार्य है। मतदाताओं के पास चुनाव आयोग की वेबसाइट के माध्यम से अपने जनगणना प्रपत्र ऑनलाइन जमा करने का विकल्प भी होगा और वे "बीएलओ के साथ कॉल बुक करें" सुविधा का उपयोग कर सकते हैं या सहायता के लिए टोल-फ्री मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p>अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान जनगणना प्रपत्र के अलावा कोई अन्य दस्तावेज एकत्र नहीं किए जाएंगे। हालांकि, मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होने के बाद, मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) उन व्यक्तियों को नोटिस जारी करेंगे जिनके विवरण का मिलान नहीं हो सका है या जिनमें विसंगतियां पाई गई हैं। मतदाता की जन्मतिथि के आधार पर आवश्यक दस्तावेजों की रूपरेखा बताते हुए, सीईओ ने कहा कि एक जुलाई, 1987 से पहले जन्मे मतदाताओं को अपनी जन्मतिथि या जन्मस्थान को साबित करने वाला कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।</p>
<p>एक जुलाई, 1987 और दो दिसंबर, 2004 के बीच जन्मे लोगों को माता-पिता में से किसी एक से संबंधित अतिरिक्त प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे, जबकि 2 दिसंबर, 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को दोनों माता-पिता से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। स्वीकृत दस्तावेजों में जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र और सरकारी एजेंसियों या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी पहचान पत्र शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि आधार कार्ड से संबंधित सत्यापन चुनाव आयोग द्वारा सितंबर 2025 में जारी दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा।</p>
<p>संवाददाता सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत तेलंगाना राज्य की चुनावी प्रोफाइल के अनुसार, राज्य में 119 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से 12 अनुसूचित जनजातियों के लिए और 19 अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं। तेलंगाना में वर्तमान में 35,985 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से 14,750 शहरी क्षेत्रों में और 21,157 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। राज्य के कुल मतदाताओं की संख्या वर्तमान में 3,39,24,664 है, जिनमें 5.22 लाख से अधिक दिव्यांग मतदाता, 3,573 प्रवासी मतदाता और 18 से 19 वर्ष की आयु के 8.18 लाख युवा मतदाता शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि पूर्व-एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत 64.38 प्रतिशत मतदाताओं का मानचित्रण पहले ही किया जा चुका है। संवाददाता सम्मेलन में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. वासम वेंकटेश्वर रेड्डी, सरकार के अतिरिक्त सचिव शंकर, सहायक सचिव ए.एस. चारी, एसजीडीसी बी. चेन्नैया, एसजीडीसी एन. प्रसूनम्बा और प्रधानमंत्री (आईटी) चिरंजीवी भी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/sir-process-starts-in-telangana-final-voter-list-will-be/article-154128</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/sir-process-starts-in-telangana-final-voter-list-will-be/article-154128</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 11:37:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/up-sir.png"                         length="802341"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब कोटा के प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के बच्चों का रिकॉर्ड खंगालेगा प्रशासन, जिला कलक्टर के आदेश से निजी स्कूल संचालकों में मचा हड़कम्प</title>
                                    <description><![CDATA[22 अप्रैल तक स्कूलों का भौतिक सत्यापन कर जांच करनी होगी पूरी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/administration-to-scrutinize-records-of-rte-students-in-kota-s-private-schools--district-collector-s-order-sparks-panic-among-private-school-operators/article-149995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत हुए मुफ्त प्रवेश की सच्चाई अब सबके सामने आएगी। जिला कलक्टर ने 25% आरक्षित सीटों पर पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। साथ ही सख्त चेतावनी भी दी है कि निर्धारित समय सीमा में जांच पूरी नहीं होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें, आरटीई के तहत कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश और शिक्षा दी जाती है। इधर, जिला कलक्टर कार्यालय से शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों पर पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने के आदेश जारी होते ही निजी स्कूल संचालकों में हड़कम्प मच गया।</p>
<p><strong>नए व प्रमोटी सभी बच्चों का होगा सत्यापन</strong><br />जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आरक्षित 25% सीटों पर पढ़ रहे नए और प्रमोट किए गए सभी बच्चों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। एक वीर कालीबाई भील, मुख्यमन्त्री पुनर्भरण योजना में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं का वेरीफिकेशन किया जाना है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न टीमों का गठन कर आॅर्ब्जवर नियुक्त कर दिए हैं।</p>
<p><strong>कलक्टर के सामने पेश करनी होगी रिपोर्ट</strong><br />सत्यापन के लिए गठित टीमों को अपने-अपने क्षेत्र के आवंटित स्कूलों में जाकर 22 अप्रैल तक भौतिक जांच पूरी करनी होगी। इसकी रिपोर्ट मुख्य जिला शिक्षाधिकारी (सीडीईओ) कोटा को जमा करानी होगी। इसके बाद मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को 25 अप्रैल तक सभी रिपोर्टों की जांच कर अंतिम रिपोर्ट जिला कलक्टर को प्रस्तुत करनी होगी।</p>
<p><strong>लापरवाही पर अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई</strong><br />प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अनदेखी करने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश की पालना सुनिश्चित कर समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करवाएं।</p>
<p><strong>कोटा के 976 प्राइवेट स्कूलों की होगी जांच</strong><br />कोटा जिले में 976 प्राइवेट स्कूल हैं, जिनमें आरटीई के तहत बच्चे नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का सत्यापन करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक विद्यालय पर संबंधित इलाके के राजकीय स्कूल के प्राचार्य को निरीक्षणकर्ता और एक-एक प्रशासनिक अधिकारियों को आॅर्ब्जवर नियुक्त किया है।</p>
<p><strong>प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जताया विरोध</strong><br />जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत हुए मुफ्त प्रवेश की जांच करवाने का आदेश जारी होते ही प्राइवेट स्कूल संचालकों में खलबली मच गई। निजी स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी खुलकर आदेश के विरोध में आ गए।</p>
<p><strong>स्कूल बंद कर देंगे, अधिकारियों को घुसने नहीं देंगे</strong><br />कोटा में 900 से ज्यादा स्कूलों की जांच के लिए जिला कलक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगा रखी है। उनके इस निर्णय की प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन को कोई जानकारी नहीं है। इस तरह की जांच का औचित्य क्या है और कोटा जिले में ही क्यों करवाई जा रही है। ऐसा क्या कारण हो गया कि जिलाधिकारी को यह जांच करवानी पड़ रही है। जबकि, शिक्षा विभाग पहले ही इसकी जांच कर चुका है। यदि, प्रशासन को कोई बात करनी है तो हमारे प्रतिनिधिमंडल को बुलाएं, बात करें तभी समाधान निकलेगा। इसके बिना हम किसी भी अधिकारी को जांच के लिए स्कूलों में घुसने नहीं देंगे, भले ही हमें स्कूल बंद करना ही क्यों न पड़े।<br /><strong>-संजय शर्मा, अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी</strong></p>
<p>राजस्थान में केवल कोटा में ही यह आरटीई निरीक्षण का आदेश जारी किया है। जबकि, आरटीई दिशा निर्देश 2025-26 में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि जिला कलक्टर निजी विद्यालयों का आरटीई से संबंधित भौतिक सत्यापन करवाएंगे। इसके बावजूद इस तरह का आदेश जारी होना निजी स्कूल संचालकों के साथ अन्याय है। हम इसका विरोध करते हैं।<br /><strong>-जमना शंकर प्रजापति, जिलाध्यक्ष निजी स्कूल संचालक संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/administration-to-scrutinize-records-of-rte-students-in-kota-s-private-schools--district-collector-s-order-sparks-panic-among-private-school-operators/article-149995</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/administration-to-scrutinize-records-of-rte-students-in-kota-s-private-schools--district-collector-s-order-sparks-panic-among-private-school-operators/article-149995</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 15:01:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/1200-x-600-px%2918.png"                         length="1900725"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>व्हाट्सएप पर एक मार्च से लागू हो जाएगा सिम बाइंडिंग: पहले की तरह नहीं काम करेगा ऐप, सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा व्हाट्सएप</title>
                                    <description><![CDATA[1 मार्च 2026 से व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स के लिए सिम बाइंडिंग अनिवार्य। मोबाइल सिम के बिना ऐप्स नहीं करेंगे काम। साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए व्हाट्सएप वेब को हर 6 घंटे में करना होगा पुनः लॉगिन। डिजिटल सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया ये कदम। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/sim-binding-will-be-implemented-on-whatsapp-from-march-1/article-144778"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/whatsapp.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। 1 मार्च 2026 से देश में एक नया नियम लागू होने वाला है जो व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेजिंग ऐप्स को सिम से जोड़कर चलाने को मैंडेटरी कर देगा। मतलब अब आप बिना अपने असली मोबाइल सिम के इन ऐप्स को नहीं चला पाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने साफ कहा है कि इस नियम में कोई छूट नहीं मिलेगी और जिस किसी ऐप ने इसे लागू नहीं किया, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। इससे व्हाट्सएप यूजर्स में चिंता साफ नजर आ रही है।</p>
<p><strong>व्हाट्सएप वेब यूजर्स ध्यान दें</strong></p>
<p>नए नियम के अनुसार अगर आप  WhatsApp Web और Telegram Web का इस्तेमाल करते हैं तो हर 6 घंटे में दफ कोड स्कैन करते हुए फिर से लॉग-इन करना होगा। वरना आपका वेब सेशन बंद हो जाएगा। सरकार ने कहा है कि यह कदम साइबर धोखाधड़ी और नकली अकाउंट रोकने के लिए जरूरी है। अब ऐप केवल उसी नंबर से काम करेगा, जिसका सिम आपके फोन में असली रूप से मौजूद है।</p>
<p><strong>नियम क्यों लागू हो रहा है?</strong></p>
<p>मोबाइल नंबर और ऐप के बीच नकली कनेक्शन से होने वाले फ्रॉड, फर्जी लोगों के प्रोफाइल, फोन-घोटालों में इस नियम को जरूरी बताया जा रहा है। Department of Telecommunications ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि व्हाटसएप प्लेटफॉर्म्स को यह नियम 90 दिनों के भीतर लागू करना होगा। 28 फरवरी इसके आखिरी दिन के रूप में तय किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे डिजिटल अपराध को ट्रेस करना आसान होगा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी।</p>
<p><strong>मानने होंगे नियम </strong></p>
<p>WhatsApp पेरेंट कंपनी मेटा पहले से जेडीवी-बाइंडिंग फीचर पर काम कर रही है। कुछ बीटा वर्ज़न्स में यह फीचर दिखना भी शुरू हो गया है जो यूजर से पूछता है कि क्या फोन में वही एक्टिव रकट मौजूद है जिसके साथ WhatsApp रजिस्टर्ड किया हुआ है। अगर एक्टिव सिम मौजूद नहीं मिलता है तो ऐप लिमिटेड मोड में चलेगा या बंद हो जाएगा जब तक आप सही सिम डालकर उसे वेरिफाई नहीं कर लेते। इसी तरह टेलीग्राम और सिग्नल को भी अपने सिस्टम में यह चेक जोड़ना होगा।</p>
<p><strong>यूजर्स में डर क्यों है?</strong></p>
<ul>
<li>यह नियम यूजर्स के लिए नया है। इससे कई लोगों को परेशानी हो सकती है:</li>
<li>अगर फोन का सिम हट जाता है, तो व्हाट्सएप काम करना बंद कर सकता है।</li>
<li>यह नियम विदेश में रहने वाले यूजर्स को भी प्रभावित करेगा क्योंकि उन्हें हर बार भारतीय सिम फोन में लगाना पड़ेगा।</li>
<li>व्हाट्सएप वेब हर 6 घंटे में दोबारा लॉग-इन मांगेगा, जो रोजाना काम में मुश्किल खड़ी कर सकता है।</li>
<li>कई लोग सिम बदलकर ऐप इस्तेमाल करते थे, अब यह संभव नहीं रहेगा।</li>
</ul>
<p><strong>सुरक्षा या प्राइवेसी? एक्सपर्ट्स की राय</strong></p>
<p>सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए है। नकली अकाउंट, फेक नम्बर और फ्रॉड मामलों में इससे मदद मिलेगी। बहुत से साइबर एक्सपर्ट भी यह बताते हैं कि सिम-बाइंडिंग सुरक्षा का एक एक्स्ट्रा लेयर देगा। लेकिन कुछ प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि इससे यूजर की प्राइवेसी पर असर भी पड़ सकता है। खासकर विदेश में काम या यात्रा करते समय। पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियम सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।</p>
<p><strong>यूजर्स को क्या करना चाहिए?</strong></p>
<ul>
<li>अगर आप WhatsApp का रोजाना इस्तेमाल करते हैं, तो 1 मार्च से पहले यह सुनिश्चित कर लें:</li>
<li>आपका वही सिम फोन में लगे रहे, जिस नंबर से आपने ऐप रजिस्टर्ड किया है।</li>
<li>अगर आपने सिम ज्यादा बदलते हैं, तो अब प्रमाणीकरण हर बार करना पड़ेगा।</li>
</ul>
<p>1 मार्च के बाद यह सिस्टम लागू होने की खबर है। अगर ऐप कंपनियां इसे समय पर लागू नहीं करती हैं, तो उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और टेक्निकल ब्लॉक भी हो सकता है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि यह डिजिटल धोखाधड़ी और फ्रॉड से लड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन इसका असर यूजर्स की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/sim-binding-will-be-implemented-on-whatsapp-from-march-1/article-144778</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/sim-binding-will-be-implemented-on-whatsapp-from-march-1/article-144778</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 12:18:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/whatsapp.png"                         length="679616"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        