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                <title>अब कोटा के प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के बच्चों का रिकॉर्ड खंगालेगा प्रशासन, जिला कलक्टर के आदेश से निजी स्कूल संचालकों में मचा हड़कम्प</title>
                                    <description><![CDATA[22 अप्रैल तक स्कूलों का भौतिक सत्यापन कर जांच करनी होगी पूरी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/administration-to-scrutinize-records-of-rte-students-in-kota-s-private-schools--district-collector-s-order-sparks-panic-among-private-school-operators/article-149995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत हुए मुफ्त प्रवेश की सच्चाई अब सबके सामने आएगी। जिला कलक्टर ने 25% आरक्षित सीटों पर पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। साथ ही सख्त चेतावनी भी दी है कि निर्धारित समय सीमा में जांच पूरी नहीं होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें, आरटीई के तहत कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश और शिक्षा दी जाती है। इधर, जिला कलक्टर कार्यालय से शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों पर पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने के आदेश जारी होते ही निजी स्कूल संचालकों में हड़कम्प मच गया।</p>
<p><strong>नए व प्रमोटी सभी बच्चों का होगा सत्यापन</strong><br />जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आरक्षित 25% सीटों पर पढ़ रहे नए और प्रमोट किए गए सभी बच्चों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। एक वीर कालीबाई भील, मुख्यमन्त्री पुनर्भरण योजना में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं का वेरीफिकेशन किया जाना है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न टीमों का गठन कर आॅर्ब्जवर नियुक्त कर दिए हैं।</p>
<p><strong>कलक्टर के सामने पेश करनी होगी रिपोर्ट</strong><br />सत्यापन के लिए गठित टीमों को अपने-अपने क्षेत्र के आवंटित स्कूलों में जाकर 22 अप्रैल तक भौतिक जांच पूरी करनी होगी। इसकी रिपोर्ट मुख्य जिला शिक्षाधिकारी (सीडीईओ) कोटा को जमा करानी होगी। इसके बाद मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को 25 अप्रैल तक सभी रिपोर्टों की जांच कर अंतिम रिपोर्ट जिला कलक्टर को प्रस्तुत करनी होगी।</p>
<p><strong>लापरवाही पर अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई</strong><br />प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अनदेखी करने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश की पालना सुनिश्चित कर समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करवाएं।</p>
<p><strong>कोटा के 976 प्राइवेट स्कूलों की होगी जांच</strong><br />कोटा जिले में 976 प्राइवेट स्कूल हैं, जिनमें आरटीई के तहत बच्चे नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का सत्यापन करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक विद्यालय पर संबंधित इलाके के राजकीय स्कूल के प्राचार्य को निरीक्षणकर्ता और एक-एक प्रशासनिक अधिकारियों को आॅर्ब्जवर नियुक्त किया है।</p>
<p><strong>प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जताया विरोध</strong><br />जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत हुए मुफ्त प्रवेश की जांच करवाने का आदेश जारी होते ही प्राइवेट स्कूल संचालकों में खलबली मच गई। निजी स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी खुलकर आदेश के विरोध में आ गए।</p>
<p><strong>स्कूल बंद कर देंगे, अधिकारियों को घुसने नहीं देंगे</strong><br />कोटा में 900 से ज्यादा स्कूलों की जांच के लिए जिला कलक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगा रखी है। उनके इस निर्णय की प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन को कोई जानकारी नहीं है। इस तरह की जांच का औचित्य क्या है और कोटा जिले में ही क्यों करवाई जा रही है। ऐसा क्या कारण हो गया कि जिलाधिकारी को यह जांच करवानी पड़ रही है। जबकि, शिक्षा विभाग पहले ही इसकी जांच कर चुका है। यदि, प्रशासन को कोई बात करनी है तो हमारे प्रतिनिधिमंडल को बुलाएं, बात करें तभी समाधान निकलेगा। इसके बिना हम किसी भी अधिकारी को जांच के लिए स्कूलों में घुसने नहीं देंगे, भले ही हमें स्कूल बंद करना ही क्यों न पड़े।<br /><strong>-संजय शर्मा, अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी</strong></p>
<p>राजस्थान में केवल कोटा में ही यह आरटीई निरीक्षण का आदेश जारी किया है। जबकि, आरटीई दिशा निर्देश 2025-26 में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि जिला कलक्टर निजी विद्यालयों का आरटीई से संबंधित भौतिक सत्यापन करवाएंगे। इसके बावजूद इस तरह का आदेश जारी होना निजी स्कूल संचालकों के साथ अन्याय है। हम इसका विरोध करते हैं।<br /><strong>-जमना शंकर प्रजापति, जिलाध्यक्ष निजी स्कूल संचालक संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 15:01:17 +0530</pubDate>
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                <title>विद्यालय में पेयजल, बिजली और स्वच्छता में हुआ सुधार </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में ख्रबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/improvements-made-to-drinking-water--electricity--and-sanitation-facilities-at-school/article-148238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(5)25.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="en-us" style="font-family:Mangal;color:#000000;background:#F6F6F6;" xml:lang="en-us">भंवरगढ़।<span>  </span>कस्बे के प्रकाशपुरा के उच्च माध्यमिक विद्यालय में पेयजल बिजली एवं स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओें में उल्लेखनीय सुधार किया गया है।<span>  </span>गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित कर इस मामले को उठाया था। व्यवस्थाओं में सुधार से विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को बड़ी राहत मिली है। विद्यालय में छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति को सुचारू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। जिससे अब विद्यार्थियों की पढाई एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा नहीं आएगी। स्वच्छता के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी और छात्रों को स्वस्थ बातावरण मिले सकेगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 14:52:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का  : कोटा के 1086 स्कूलों को जल्द मिलेगा 4 करोड़ से ज्यादा का बजट, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जारी की प्रशासनिक स्वीकृति</title>
                                    <description><![CDATA[ नवज्योति ने उठाया था वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों तक कम्पोजिट स्कूल ग्रांट राशि नहीं मिलने का मामला ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---1-086-schools-in-kota-set-to-receive-a-budget-of-over-4-crore-soon--rajasthan-school-education-council-issues-administrative-approval/article-148092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(7)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले के प्रारंभिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा के एक हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों के खाते में किसी भी वक्त 4 करोड़ से ज्यादा का बजट आ सकता है। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है, अब वित्तीय स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। जिसके जारी होते ही स्कूलों के खातों में नामांकन के हिसाब से तय की गई निर्धारित राशि जमा हो जाएगी। हालांकि, इस राशि को वित्तीय वर्ष की समाप्ती 31 मार्च से पहले खर्च करना होगा, नहीं तो यह बजट लैप्स होने का खतरा बना रहेगा।<br />दरअसल, विद्यालयों के बेहतर प्रबंधन के लिए सरकार से मिलने वाली कंपोजिट स्कूल ग्रांट राशि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों तक नहीं मिलने से संस्था प्रधान व शिक्षक परेशान थे। इसको लेकर दैनिक नवज्योति ने गत 23 मार्च को वित्तीय वर्ष की समाप्ती का काउंड-डाउन तेज कर रहा गुरूजी की धड़कनें३३ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर शिक्षकों की पीड़ा बयां की थी। इसके बाद राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सत्र 2025-26 के लिए बजट की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की।</p>
<p><strong>प्रदेश के 69 हजार से अधिक स्कूलों को मिलेगा बजट</strong><br />परिषद की ओर से जारी इस कम्पोजिट स्कूल ग्रांट में प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षा के 50 हजार 318 एवं माध्यमिक शिक्षा के 18 हजार 799 स्कूलों के लिए नामांकन के अनुसार कुल 118.43 करोड़ रुपए एवं 11302.300 करोड़ रुपए का बजट जारी होगा। इसमें कोटा जिले के प्रारम्भिक शिक्षा के 753 स्कूलों को 191.60 लाख रुपए एवं माध्यमिक शिक्षा के 333 स्कूलों को 210.000 लाख रुपए जारी किए जाएंगे। इस राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा।</p>
<p><strong>स्कूलों को इन कार्यों पर खर्च करनी होगी राशि</strong><br />ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था, स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, स्कूल भवन की मामूली मरम्मत और अग्निशमन यंत्रों में गैस भरवाने जैसे कार्यों के लिए भी यह राशि उपयोगी होगी। साथ ही, बीमार छात्रों को अस्पताल ले जाने का किराया भी इसी मद से दिया जा सकेगा।</p>
<p><strong>स्वच्छता पर 10 प्रतिशत खर्च अनिवार्य</strong><br />शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल, टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिस्पेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है।</p>
<p><strong>कोटा में नामांकन अनुसार स्कूलों को बजट आवंटन की संख्या</strong><br /><strong>प्राथमिक विद्यालय</strong><br />-1 से 30 नामांकन वाले 263 स्कूलों को प्रति स्कूल 10 हजार रुपए।<br />-31 से 100 नामांकन वाले 369 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए।<br />-101 से 250 नामांकन वाले 141 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए।<br />-1000 से अधिक नामांकन वालों स्कूलों के लिए एक लाख रुपए।</p>
<p><strong>माध्यमिक विद्यालय</strong><br />-31 से 100 नामांकन वाले 9 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए।<br />-101 से 250 नामांकन वाले 143 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए।<br />-250 से 1000 नामांकन वाले 179 स्कूलों को प्रति स्कूल 75 हजार रुपए।<br />-1000 से अधिक नामांकन वाले 2 स्कूलों को प्रति स्कूल एक लाख रुपए।</p>
<p>राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा प्रदेश के सरकारी स्कूलों को पूरे वित्तीय वर्ष में नामांकन के अनुसार मिलने वाली ग्रांट की राशि शिक्षा सत्र की शुरूआत यानी जुलाई माह में ही जारी करनी चाहिए। ताकि, स्कूलों में आवश्यकतानुसार सामग्री खरीदी जा सके और राशि के अभाव में स्कूल संचालन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।<br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा</strong></p>
<p>कंपोजिट स्कूल ग्रांट बजट की प्रशासनिक स्वीकृति जारी हो चुकी है। अब वित्तीय स्वीकृति जारी होते ही स्कूलों के खातों में राशि आ जाएगी। हमारी ओर से सभी तैयारी पूरी है। बजट आते ही हम सीबीईओ के माध्यम से स्कूलों को राशि आवंटित कर दी जाएगी।<br /><strong>-आदित्य विजय, एडीपीसी समग्र शिक्षा कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 14:34:22 +0530</pubDate>
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                <title>चार माह से अटका विद्यालय भवन निर्माण कार्य, विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित </title>
                                    <description><![CDATA[निर्माण में घटिया सामग्री के आरोप पर सुगम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/school-building-construction-stalled-for-four-months/article-142260"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र की खरायता पंचायत के डडवाड़ा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य पिछले चार महीनों से बंद पड़ा है। भवन निर्माण रुकने के कारण विद्यालय को पास ही स्थित सामुदायिक भवन में संचालित करना पड़ रहा है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामस्वरूप ने बताया कि पुराना विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में होने के कारण उसे ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बाद से विद्यालय को सामुदायिक भवन के दो कमरों में संचालित किया जा रहा है। नए भवन निर्माण के लिए समसा योजना के तहत 23 लाख 50 हजार रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था। इसमें से लगभग 20 लाख रुपए की लागत से दो कक्ष व बरामदा तथा करीब 3 लाख 50 हजार रुपए की राशि से शौचालय निर्माण प्रस्तावित था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि ठेकेदार द्वारा करीब चार महीने पहले निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था, लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग के आरोप लगने पर आॅनलाइन सुगम पोर्टल पर शिकायत की गई। शिकायत के बाद विभागीय निर्देश पर संवेदक ने निर्माण कार्य रोक दिया और विभाग द्वारा मामले की जांच शुरू की गई। जांच प्रक्रिया के बाद से अब तक निर्माण कार्य पुन: शुरू नहीं हो सका है।ग्रामीण भंवरलाल, रामकिसन, प्रभुलाल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भवन के अभाव में बच्चों को सामुदायिक भवन में और कई बार खुले में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे बच्चों का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराकर निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्थायी और सुरक्षित भवन में शिक्षा मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />विद्यालय  सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। चार महीने से कार्य बन्द पड़ा है। परिसर में निर्माण पसरी पड़ी है। कई बार अधिकारी व सवेंदक का कार्य शुरू करने के लिये लिखा जा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। <br /><strong>- रामस्वरूप, प्रधानाध्यापक,राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय,डडवाड़ा । </strong></p>
<p>ग्रामीणो ने बेवजह ही शिकायत की थी विभाग ने जांच होने तक कार्य बन्द करने के निर्देश दिए थे अब कार्य शुरू करने के निर्देश मिल गए है जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। <br /><strong> - हजारीलाल, सवेंदक। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:01:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>लापरवाही : आंगनबाड़ी पाठशाला पर मंडराता खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[आंगनबाड़ी का भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। छत के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है। और किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--danger-looms-over-the-anganwadi-school/article-136635"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/3694.png" alt=""></a><br /><p>सूमर। ग्राम पंचायत सूमर के चीकली गांव में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के पास संचालित आंगनबाड़ी पाठशाला की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। आंगनबाड़ी का भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। छत के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनसे बारिश के दौरान लगातार पानी टपकता रहता है। ऐसे हालात में यहां अध्ययनरत 18 नन्हे-मुन्ने बच्चे इसी खतरनाक भवन में बैठकर पढ़ने और खेलने को मजबूर हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। </p>
<p>पिपलोदी में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था, लेकिन इसके बावजूद चीकली गांव की आंगनबाड़ी आज भी उसी खतरे की जद में बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में टपकती छत बच्चों के सिर पर लटकती तलवार बन चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति के चलते बच्चों को बाहर बैठाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई के साथ-साथ सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। यह समस्या केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सरकारी योजनाएं कागजों में मजबूत नजर आती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है। रामबिलास बैरवा, महेश मीणा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि छत में बने गड्ढे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने किसी बड़े हादसे से पहले तत्काल मरम्मत अथवा नए आंगनबाड़ी भवन के निर्माण की मांग की है।</p>
<p> पिपलोदी हादसे के बाद भी प्रशासन बेखबर है। यहां केवल मरम्मत से काम नहीं चलेगा, बल्कि नए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण जरूरी है।<br /><strong>- बलराम गुर्जर, वार्ड पंच </strong></p>
<p> इस समस्या को लेकर पहले भी प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। ये 18 बच्चे गांव का भविष्य हैं, जिन्हें खतरे में नहीं डाला जा सकता।<br /><strong>- महेंद्र गुर्जर, ग्रामीण</strong></p>
<p> महिला एवं बाल विकास विभाग से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की।<br /><strong>- शालू शर्मा, ग्रामीण</strong></p>
<p>भवन की हालत खराब होने के कारण बच्चों को बाहर बैठाना पड़ रहा है।<br /><strong>- द्रोपदी बाई, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता</strong></p>
<p> सूचना विभाग के संज्ञान में है। भवन का स्वयं सर्वे कराया गया है और पीडब्ल्यूडी से भी सर्वे करवाया गया है। सर्वे रिपोर्ट व सूची उच्च स्तर पर भेज दी गई है, आगे की कार्रवाई प्रक्रिया में है।<br /><strong>- सत्येंद्र सिंह चौहान, विभागीय महिला एवं बाल विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 16:53:02 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली के बाद गुजरात के 3 स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, स्कूलों की जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[अहमदाबाद में तीन स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्कूल खाली कर जांच की गई, फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-delhi-3-schools-in-gujarat-received-bomb-threats-investigation/article-136226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/gujrat-bomb-therat.png" alt=""></a><br /><p>गुजरात। पहले दिल्ली और अब आज गुजरात के अहदाबाद में करीब 3 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बताया जा रहा है कि इन तीनों स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। जिसके बाद स्कूल प्रशासन इसकी शिकायत पुलिस को और सूचना पाकर पुलिस की टीमें तीनों स्कूलों में पहुंच चुकी है। पुलिस ने सबसे पहले स्कूलों को खाली करवाया।</p>
<p>इस मामलें के बारे में जानकारी देते हुए अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने बताया कि जैसे ही हमें बम की सूचना मिली तो हमने सबसे पहले स्कूलों को खाली करवाया और वहां पर जांच की कार्रवाई शुरू की। फिलहाल, अभी तक ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 12:18:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा मंत्री के बयान से शिक्षा विभाग में हड़कंप, कहा- सरकारी स्कूलों में मौजूद धार्मिक स्थलों पर होगी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के सरकारी स्कूलों में धार्मिक स्थलों की मौजूदगी पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घोषणा स्कूली शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने राजसमंद दौरे के दौरान की, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। दो स्कूलों के शौचालयों में गंदगी देखकर मंत्री ने नाराजगी जताई। इसके अलावा अन्य दो स्कूल  परिसरों में धार्मिक स्थल पाए जाने पर उन्होंने इसे सरकारी निर्देशों का उल्लंघन मान कड़ी नाराजगी व्यक्त की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/there-was-a-stir-in-the-education-department-due-to/article-134018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/1200-x-600-px)-(13).png" alt=""></a><br /><p>राजसमंद। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में धार्मिक स्थलों की मौजूदगी पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घोषणा स्कूली शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने राजसमंद दौरे के दौरान की, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मंत्री ने पिपलांत्री गांव के कुछ स्कूलों का औचक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने अव्यवस्थाओं को देखकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। दो स्कूलों के शौचालयों में गंदगी देखकर मंत्री ने नाराजगी जताई। इसके अलावा अन्य दो स्कूल  परिसरों में धार्मिक स्थल पाए जाने पर उन्होंने इसे सरकारी निर्देशों का उल्लंघन मान कड़ी नाराजगी व्यक्त की।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी विद्यालय में धार्मिक स्थल या अतिक्रमण पाया जाता है, तो शाला प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राज्य सरकार का सख्त रुख भी स्पष्ट करते कहा कि राजस्थान के किसी भी सरकारी स्कूल में धार्मिक स्थलों की अनुमति नहीं होगी। शिक्षा मंत्री ने संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराते कहा कि पिछली सरकार ने स्कूलों का उद्घाटन तो किया, लेकिन शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की, जिसका खमियाजा वर्तमान सरकार को भुगतना पड़ रहा है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार जल्द ही नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी और संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राजसमंद</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 13:30:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या फिर जलने वाला है बांग्लादेश ? हसीना के बाद अब यूनुस के खिलाफ सड़कों पर छात्र</title>
                                    <description><![CDATA[बांग्लादेश में स्कूलों से संगीत और पीटी शिक्षकों की नियुक्ति रद्द होने के खिलाफ छात्रों और शिक्षकों ने आंदोलन छेड़ दिया है। ढाका विश्वविद्यालय समेत कई कैंपस विरोध प्रदर्शनों से गूंज उठे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूनुस सरकार इस्लामिक समूहों के दबाव में झुक गई है और संस्कृति बचाने की लड़ाई जारी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-bangladesh-going-to-burn-again-after-hasina-now-students/article-132138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(15).png" alt=""></a><br /><p>ढाका: बांग्लादेश में एक नीतिगत बदलाव अब एक सांस्कृतिक आंदोलन में बदल गया है। बांग्लादेश की प्रमुख यूनिवर्सिटीज में छात्र और शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं। इस बार बेहतर वेतन या राजनीतिक सुधार की मांग के लिए नहीं बल्कि उससे कहीं अधिक बुनियादी चीज के लिए संस्कृति को बचाने के अधिकार के लिए।</p>
<p>शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद इस साल की शुरूआत में सत्ता में आई मोहम्मद यूनुस सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में संगीत और शारीरिक शिक्षा (पीटी) के शिक्षकों की नियुक्ति की योजना रद्द कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक दिक्कतों और बजट की कमी के आधार पर लिया गया है।</p>
<p>लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि असली कारण कहीं और है- सरकार का उन इस्लामिक समूहों के दबाव के आगे झुक जाना जिन्होंने इन विषयों को गैर-इस्लामिक करार दिया है। ढाका विश्वविद्यालय, जो बांग्लादेश के छात्र आंदोलनों का प्रतीक केंद्र है, में सैकड़ों छात्र अपराजेय बंगला प्रतिमा के नीचे राष्ट्रीय गान और 1971 के मुक्ति संग्राम के गीत गाते हुए जमा हुए। उन्होंने बैनर ले रखा था जिनमें से एक पर लिखा था- आप स्कूलों में संगीत को रोक सकते हैं, लेकिन बांग्लादेशियों के दिलों से उसे नहीं निकाल सकते।</p>
<p><strong>स्कूलों में संगीत और पीटी टीचर्स की नियुक्ति </strong></p>
<p>म्यूजिक बैन को लेकर बांग्लादेश में चटगांव से लेकर राजशाही तक, जगन्नाथ से ढाका तक, यूनिवर्सिटीज के कैंपस विरोधी नारों और गीतों से गूंज उठे। आर्ट्स और ह्यूमेनिटीज के छात्रों के नेतृत्व में यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल चुका है। उनकी मांग है कि स्कूलों में संगीत और पीटी टीचर्स की नियुक्ति बहाल की जाए। ढाका विश्वविद्यालय के थिएटर प्रोफेसर इसराफिल शाहीन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, संस्कृति कभी धर्म के खिलाफ नहीं होती। यही संस्कृति हमारी राष्ट्रीय पहचान बनाती है। इसके बिना शिक्षा खोखली हो जाती है। लेकिन सरकार अभी तक इन विरोध-प्रदर्शनों के आगे झुकी नहीं है। हिफाजत-ए-इस्लाम और इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश जैसे समूह, जिन्होंने यूनुस की अंतरिम सरकार को सत्ता मजबूत करने में समर्थन दिया था म्यूजिक और पीटी टीचर्स की जगह धार्मिक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।</p>
<p><strong>इस्लामिक कट्टरपंथियों के आगे झुक गई है यूनुस सरकार?</strong></p>
<p>आलोचकों का कहना है कि यह फैसला सरकार के उसी कट्टरपंथी दबाव के आगे झुकने का संकेत है, जिसका विरोध करने का उसने वादा किया था। सिंगर और एक्टिविस्ट शायन ने जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में एक छात्र रैली में कहा, यह बजट या व्यवस्था का मुद्दा नहीं है। यह पहचान का सवाल है- हम कौन हैं, बांग्लादेशी होने का क्या मतलब है। धर्म और संस्कृति को आमने-सामने लाने की खतरनाक कोशिश की जा रही है, और हमें इसके झांसे में नहीं आना चाहिए। संगीत के साथ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो सिर्फ शिक्षकों के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश की आत्मा के लिए लड़ रहे हैं। एक छात्र ने कहा, संस्कृति कभी धर्म के खिलाफ नहीं होती, लेकिन संस्कृति के बिना कोई राष्ट्र अपनी पहचान खो देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 12:14:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सादेड़ा विद्यालय की जर्जर छत से विद्यार्थियों का शिक्षण प्रभावित,  बरसात में टपकती छत</title>
                                    <description><![CDATA[दीवारों और फर्श में सीलन की समस्या गंभीर हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-dilapidated-roof-of-sadeda-school-is-affecting-students--education--with-the-roof-leaking-during-the-rainy-season/article-129017"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(1)19.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। सादेड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का भवन जर्जर हालत में होने के कारण बरसात में कक्षाओं की छत से पानी टपकने लगा है। इससे विद्यार्थियों का शिक्षण प्रभावित हो रहा है और शिक्षक जोखिम भरे हालात में शिक्षा दे रहे हैं। रविवार रात की बारिश के बाद सोमवार को भी सात कक्षाओं की छत से पानी टपकता रहा, जबकि केवल एक कक्ष सुरक्षित है। लेकिन संबंधित विभाग के जिम्मेदार भवन की सुध नहीं ले रहा है। विद्यालय में कुल 12 कक्षाएं संचालित हैं, जिनमें 300 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। 7 कक्षा कक्ष की छत से पानी टपकने के कारण कई छात्र बरामदे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कुछ कक्षाओं की दीवारों में दरारें हैं और आरसीसी की छत के प्लास्तर टूटकर टेबल पर गिर रहा है। कई जगहों पर आरसीसी सरिया साफ दिखाई देने लगा है। बरसात के समय प्रार्थना स्थल भी उपयोग के योग्य नहीं रहता। छात्र-छात्राएं और शिक्षक टपकती छत के नीचे पढ़ाई और शिक्षण कर रहे हैं। दीवारों और फर्श में सीलन की समस्या गंभीर हो गई है। निरीक्षण टीम और संबंधित विभाग अब तक इस जर्जर स्थिति का कोई समाधान नहीं कर पाए हैं। ग्रामीण और विद्यालय परिवार चिंतित हैं कि जिम्मेदार हादसे का इंतजार कर रहे हैं। शालाओं में सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल मरम्मत आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से आग्रह किया है कि शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक सुधार किया जाए, ताकि विद्यार्थी और शिक्षक सुरक्षित वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सकें।</p>
<p><strong>इधर निरीक्षण पर भी सवाल</strong><br />पंचायत समिति नैनवां से निरीक्षण पर आए संबंधित अधिकारियों के निरीक्षण पर भी सवाल उठ रहे है। आखिर निरीक्षण में असुरक्षित भवन को गंभीरता से क्यों नहीं देखा है। भवन के चौतरफा कक्षाकक्षों की सुरक्षा को लेकर साफ-सफाई के निर्देश क्यों नहीं दिए है। मौके पर आकर निरीक्षण नहीं किया या औपचारिकता पूर्ण की यह भी सवाल खड़े हो रहे है। ऐसे में शाला परिसर के खतरे के साएं में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर किया जा रहा है।</p>
<p><strong>शाला में देखरेख का अभाव</strong><br />शाला में जिम्मेंदार अधिकारी जागरूक नहीं होने से शाला में कक्षा-कक्षों के पिछली दीवारों में बड़े-बडेÞ पेड़-पौधों हो चूके है,जो कक्षाकक्षो की दीवारो को भी खतरा बढता जा रहा है। ऐसे लगाता है कि यह विद्यालय भवन नहीं जंगल में पेड़ पनपे हुए है।</p>
<p><strong>शाला स्तर पर दो बार ब्लॉक शिक्षाधिकारी को लिखित में अवगत</strong><br />शाला ने दो बार शाला के भवन को लेकर लिखित-पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है। मरम्मत करवाने के नाम पर रेती व सीमेंट बिछा दी जाती है। दीवारो में सीलन आना जारी है। पट्टियों पर वजन बढ़ने से पट्टियों के टूटने का भी खतरा बढ़ रहा है। लेकिन सक्षम अधिकारी ने बारिश के समय मौके पर आकर स्थिति को नहीं जान रहे है। शाला के परिसर के मुख्य गेट पर बरसाती पानी जमा होने से कीचड़ की समस्या रहती है जिसको लेकर सादेड़ा ग्राम पंचायत को भी लिखित पत्र देकर समस्या से अवगत कराया जा चूका है। मगर समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। सोमवार को बारिश के पानी व कीचड़ भरी डगर से छात्र-छात्राएं गुजरते हुए नजर आए है। </p>
<p><strong>यह कहा वाइस प्रिंसिपल ने</strong><br />मैं सादेड़ा विद्यालय में नया आया हूँ। पहले क्या हुआ इसका मुझे पता नहीं है। इस समय बारिश चल रही है, जो एक कक्ष के अलावा सभी कक्ष की छत टपक रही है। छात्र-छात्राओं को बारिश से बचाने के लिए सामूहिक में कक्षाए रखनी पड़ती है। बारिश होते ही समस्या बढ जाती है, सभी कक्षाओं को एडजस्ट करना मुश्किल हो रहा है। <br /><strong>-हरनन्दा मीणा, वाइस प्रिंसिपल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सादेड़ा। </strong></p>
<p> सादेड़ा विद्यालय का निरीक्षण किया गया था। पहले मरम्मत की राशि आई थी, मार्च में जिस विद्यालय में राशि आई, वहां संबंधित ग्राम पंचायत ने मरम्मत की थी। जिसमें पिचेहतर प्रतिशत मरम्मत वाले विद्यालयों में छत टपकने की समस्या आ रही है। शाला का जल्द ही मौके पर आकर उच्च निरीक्षण करेंगे, मौके पर कमियां नजर आएंगी, तो उन्हें दुरूस्त करवाया जाएगा।<br /><strong>-अनिल जैन, सीबीईओ, नैनवां। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 16:15:18 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - कब्जे वाले पुराने विद्यालय भवन की हुई जांच ,आमली गांव पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--investigation-of-the-occupied-old-school-building/article-128724"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>कुंदनपुर। ग्राम पंचायत मंडाप के अंतर्गत आमली गांव स्थित पुराने सरकारी विद्यालय भवन पर प्रभावशाली लोगों द्वारा कब्जे की शिकायत पर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। मंगलवार को विभागीय टीम गांव पहुंची और मौके का निरीक्षण कर ग्रामीणों व प्रधानाध्यापक से जानकारी ली। गौरतलब है कि 03 अक्टूबर को दैनिक नवज्योति मे आमली में पुराने विद्यालय भवन पर लोगों का कब्जा शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद विभाग ने तुरंत जांच शुरू की। उल्लेखनीय है कि बुधवार को आमली में आयोजित ग्रामीण चौपाल व जन संवाद के दौरान ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को ज्ञापन सौंपकर 40 साल से चले आ रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग की थी। मंत्री ने ग्रामीणों को भवन को कब्जामुक्त कराने का आश्वासन भी दिया था।</p>
<p>विद्यालय के सामने की भूमि आबादी क्षेत्र में आती है। खसरा नंबर 164, रकबा 1.24 हेक्टेयर राजस्व रिकॉर्ड में ग्राम पंचायत मंडाप के नाम दर्ज है। यदि विवाद होता है तो उसकी कार्रवाई ग्राम पंचायत स्तर पर की जाएगी।<br /><strong>-महेन्द्र सैनी, पटवारी</strong></p>
<p><strong>जांच दल की कार्रवाई</strong><br />सांगोद एसीबीईओ पुरुषोत्तम मेघवाल के निर्देश पर उप प्राचार्य महावीर मीणा, वरिष्ठ अध्यापक जमनालाल और कनिष्ठ सहायक सुनीता देवी की टीम आमली पहुंची। टीम ने भवन का अवलोकन कर प्रधानाध्यापक से चर्चा की और ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए। इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि जो भी निर्देश मिलेंगे, उनकी पालना की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 15:50:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कलक्टर अंकल-हमारे स्कूल रोड पर हजारों गड्ढ़े, जान का सताता डर </title>
                                    <description><![CDATA[बारां रोड स्थित स्कूल के 12 हजार विद्यार्थियों ने कलक्टर से लगाई फरियाद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/collector-uncle--thousands-of-potholes-on-our-school-road--fear-of-life-haunts/article-125817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/(630-x-400-px)-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बोरखेड़ा क्षेत्र से गुजर रहा बारां रोड जर्जर हो रहा है। जबकि, इस मार्ग पर एक दर्जन से अधिक स्कूल हैं। अनगिनत जानलेवा गड्ढ़े हो रहे हैं। ऐसे में स्कूल  आने-जाने के दौरान बाल वाहिनियों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। बच्चों के स्कूल जाने से लेकर घर लौटने तक अभिभावक अनहोनी की आशंका से आशंकित रहते हैं। ऐसे में एक निजी स्कूल के 12 हजार विद्यार्थियों ने मिलकर जिला कलक्टर को 200 पत्र लिखकर न केवल पीड़ा बयां की बल्कि सड़क की दुर्दशा सुधरवाने की फरियाद लगाई। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने बारां रोड पर स्कूलों की सड़कों पर हो रहे जानलेवा गड्ढ़ों व इनसे होने वाली घटना-दुर्घटनाओं को लेकर लगातार समाचार प्रकाशित कर प्रशासन को चेताया था। </p>
<p><strong>बच्चों ने 200 पत्रों में कलक्टर को बताई पीढ़ा</strong><br />स्कूल के छात्र-छात्राओं ने जिला कलक्टर के नाम कुल 200 पत्र अपनी पीढ़ा बताई। बच्चों ने यह पत्र प्राचार्य को सौंपे। जिसे विद्यालय निदेशक राघव अग्रवाल, प्राचार्य शैलेंद्र पोरवाल एवं विद्यालय समिति के जनरल मैनेजर पुरुषोत्तम शर्मा ने छात्रों को साथ लेकर इन पत्रों को जिला कलक्टर कोटा को प्रेषित कर सड़कों की दशा सुधरवाने की गुहार लगाई। इधर, क्षेत्रवासियों और अभिभावकों ने मांग है कि प्रशासन शीघ्र ही सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा कराए, ताकि आए दिन होने वाली परेशानियों और दुर्घटनाओं से राहत मिल सके। </p>
<p><strong>15 से 20 हजार विद्यार्थियों का रहता है आवागमन</strong><br />स्कूल संचालक राघव अग्रवाल का कहना है कि इस मार्ग पर करीब दो दर्जन सीबीएसई स्कूल हैं। जिनमें करीब 15 से 20 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जो प्रतिदिन इसी जानलेवा गड्ढ़ों से छलनी सड़क से गुजरकर स्कूल आते-जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल तक पहुंचना बच्चों के लिए जोखिमभरा हो जाता है। </p>
<p><strong>स्कूल वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा</strong><br />बारां रोड पर सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक स्कूल बसें, आॅटो और निजी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। जर्जर सड़कों के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। स्कूल प्रशासन ही नहीं अभिभावकों की भी चिंता बढ़ जाती है। सड़कों पर मोटी-मोटी गिट्टियां फैली हुई हैं। जिसके चलते दुपहिया वाहन, आॅटों व बाल वाहिनियों के पलटने व स्लिप होने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Sep 2025 15:18:02 +0530</pubDate>
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                <title>झिकड़िया विद्यालय जर्जर, बच्चों की पढ़ाई बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चे जर्जर भवन और खतरे के साये में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/jhikariya-school-dilapidated--children-s-studies-disrupted/article-124501"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer20.png" alt=""></a><br /><p>मिश्रौली। जिलेभर में जर्जर स्कूल भवनों पर कार्रवाई के दावे कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। ग्राम पंचायत सिलेहगढ़ के गांव झिकड़िया का प्राथमिक विद्यालय महीनों से जर्जर स्थिति में है। हाल ही में हुई बारिश के कारण भवन टपकने लगा और बच्चों की कक्षाएं बाधित हो गईं। गाँव के लोग बताते हैं कि इस मुद्दे की जानकारी कई बार पंचायत, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुँचाई गई, लेकिन न पंचायत ने ध्यान दिया, न प्रशासन हरकत में आया और न ही कोई ठोस कदम उठाया। आखिरकार, बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप न हो, इसके लिए ग्रामीणों और शिक्षकों ने आपसी सहयोग से टीन शेड बनवाने का निर्णय लिया है। लगभग 60 से 70 हजार की लागत से टीन शेड तैयार होगा। जल्द ही इसी अस्थायी व्यवस्था में कक्षाएं शुरू होंगी। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति बेहद शर्मनाक है कि जब सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा का नारा दिया जाता है, तब जमीनी स्तर पर बच्चे जर्जर भवन और खतरे के साये में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है।</p>
<p> हमने कई बार पंचायत और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब हम खुद सहयोग करके बच्चों के लिए टीन शेड बना रहे हैं।<br /><strong>-  मुकनलाल केवट ग्रामीण, झिकड़िया।</strong></p>
<p>हमारे बच्चें रोजाना खतरे में पढ़ाई करने जाते हैं, कई बार पंचायत व अधिकारियों को बताया लेकिन कोई सुनवाई नही हुई, इसलिए अब हमें ही सहयोग से टिनशेड बनाना पड़ रहा है।<br /><strong>-  मेहरबानसिंह ग्रामीण, झिकड़िया।</strong></p>
<p>मेरे द्वारा स्कूल में टीन शेड निर्माण के लिए ग्रामीणों द्वारा सहयोग राशि मैन्ंो मेरे निजी खर्चे के द्वारा प्रदान की गई है और इस स्कूल में बड़ा टीनशेड निर्माण के लिए कलक्टर साहब से बात कर के इसकी मांग करेंगे।<br /><strong>- रविन्द्र सिंह राठौड़, सरपंच, ग्राम पंचायत सिलेहगढ़।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 15:46:05 +0530</pubDate>
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