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                <title>नाइजीरिया में बड़ा आतंकी हमला: हमलावरों ने की अंधाधुंध गोलीबारी, 45 से अधिक स्कूली बच्चों का अपहरण </title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण-पश्चिम नाइजीरिया के ओयो प्रांत में सैन्य वर्दीधारी नकाबपोश बंदूकधारियों ने तीन प्राइमरी स्कूलों पर हमला कर 45 से अधिक बच्चों का अपहरण कर लिया। मोटरसाइकिलों पर आए हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की और बच्चों को जंगलों में ले गए। सुरक्षा बलों ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-attack-on-schools-in-nigeria-attackers-fired-indiscriminately-kidnapped/article-154150"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(2).png" alt=""></a><br /><p>अबूजा। दक्षिण-पश्चिम नाइजीरिया के ओयो इलाके में हथियारबंद बंदूकधारियों ने 45 से अधिक स्कूली बच्चों का अपहरण कर लिया है। इस बेहद स्तब्ध करने वाली घटना को तीन अलग-अलग स्कूलों पर दिनदहाड़े एक समन्वित हमले के जरिए अंजाम दिया गया। स्थानीय अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने ओरीरे स्थानीय सरकारी क्षेत्र में सुबह की कक्षाओं के दौरान निशाना बनाया। उन्होंने यावोटा स्थित तीन प्राइमरी स्कूलों पर धावा बोला। मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए हमलावरों ने अंधाधुंध गोलीबारी की और बच्चों को बंधक बनाकर पास के जंगली इलाकों में फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा बलों ने ओल्ड ओयो नेशनल पार्क एक्सिस के आसपास के संभावित रास्तों को सील कर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।</p>
<p>यह वारदात शुक्रवार सुबह की है। एक शिक्षिका ने स्थानीय मीडिया को बताया कि हमलावर सैन्य वर्दी और नकाब पहने हुए युवा थे। शिक्षिका एलिजाबेथ ओलागोके ने बताया, "आतंकवादी सुबह करीब 8 बजे आए, जब सुबह का सत्र शुरू हो चुका था। वे छह मोटरसाइकिलों पर आए थे और हर बाइक पर दो लोग सवार थे। वे अंधाधुंध फायरिंग करने से पहले योरूबा, हौसा और पिजिन अंग्रेजी में चिल्ला रहे थे, जिससे हर तरफ अफरातफरी मच गई।" इस सिलसिले में अब तक तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इस घटना के बाद से पूरे राज्य में रोते-बिलखते माता-पिता और स्थानीय निवासी सरकार से तुरंत कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>नाइजीरियाई सरकार के लिए इन सशस्त्र आपराधिक गुटों से निपटना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। इन गिरोहों ने ज़मफ़ारा, कत्सिना, कडुना, सोकोतो, केब्बी और नाइजर जैसे राज्यों के घने जंगलों में अपने ठिकाने बना रखे हैं। ये समूह यहीं से आसपास के रिहायशी इलाकों पर छापे मारते हैं, मवेशी और संपत्ति लूटते हैं और स्थानीय नागरिकों की हत्या व फिरौती के लिए अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। रविवार तक प्रशासन ने अपहृत बच्चों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का ऑपरेशन लगातार जारी है।</p>
<p>स्कूली बच्चों के अपहरण की यह वारदात ठीक उसी समय सामने आई है, जब नाइजीरिया और अमेरिका ने एक संयुक्त सैन्य अभियान में खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के एक शीर्ष नेता को मार गिराने का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मारे गए आतंकी अबू-बिलाल अल-मिनुक्की को "वैश्विक स्तर पर आईएसआईएस का सेकंड-इन-कमांड" और "दुनिया का सबसे सक्रिय आतंकवादी" करार दिया था।</p>
<p>नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोला टिनुबू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों देशों ने एक "साहसिक संयुक्त अभियान चलाकर आईएस को करारा झटका दिया है।" वाशिंगटन द्वारा 2023 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया अल‑मिनुक्की, लेक चाड बेसिन (नाइजीरिया, चाड, नाइजर और कैमरून की सीमा पर स्थित दलदली क्षेत्र) में अपने ठिकाने पर हुए हमले में अपने कई साथियों के साथ मारा गया। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, खुफिया इनपुट से पता चला था कि मिनुक्की ने बोर्नो राज्य के मेटेले इलाके में एक मजबूत किला बना रखा था। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में आईएस का ध्यान बदला है और उसके लगभग 90 प्रतिशत हमले अब उप-सहारा अफ्रीका में हो रहे हैं, जिसमें उसकी नाइजीरियाई शाखा सबसे ज्यादा सक्रिय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 15:03:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>असर खबर का  : छात्रावास व स्कूल क्षेत्र में चला सफाई अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--sanitation-drive-conducted-in-hostel-and-school-areas/article-153793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)23.png" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा । वनवासी परिषद छात्रावास और आदर्श विद्या मंदिर क्षेत्र में दूषित पानी व फैली गंदगी को लेकर दैनिक नवज्योति की ग्राउंड रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। खबर प्रसारित होते ही नगर पालिका ने चारभुजा क्षेत्र, बप्पा रावल आश्रम छात्रावास और आदर्श विद्या मंदिर स्कूल मार्ग पर विशेष सफाई अभियान चलाकर नालियों और सड़कों की सफाई करवाई। अभियान के दौरान मुख्य सड़क और नालियों में जमा गंदगी हटाई गई तथा रुके हुए पानी की निकासी करवाई गई। लंबे समय से बनी समस्या के समाधान के लिए सफाई कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में व्यापक सफाई कार्य किया गया। विशेष सफाई अभियान में सेक्टर जमादार शिवचरण, चैनल अर्जुन कुमार और स्वच्छता मित्र मौजूद रहे। । गौरतलब है कि छात्रावास और विद्यालय परिसर में रहने वाले करीब 350 बच्चों को पिछले कई दिनों से दूषित पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। बच्चों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए थे।</p>
<p><strong>यी जल निकासी व्यवस्था बेहद जरूरी</strong><br />संस्था प्रधान ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से बच्चों को दूषित पानी की समस्या झेलनी पड़ रही थी। कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। अब सफाई अभियान शुरू होने से स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। छात्रावास प्रभारी ने कहा कि परिसर के आसपास लंबे समय से गंदगी और रुका हुआ पानी बड़ी समस्या बना हुआ था। सफाई से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन स्वच्छ पेयजल और स्थायी जल निकासी व्यवस्था बेहद जरूरी है।</p>
<p><strong>नाली के बीचों-बीच स्थित बोरिंग बनी समस्या</strong><br />विद्यार्थी प्रमुख ने बताया कि छात्र काफी दिनों से परेशानी झेल रहे थे। अब सफाई कार्य शुरू होने से राहत महसूस हो रही है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा नहीं होनी चाहिए। वहीं सफाई कर्मचारी ने बताया कि क्षेत्र में बनी बोरिंग नाली के बीचों-बीच स्थित है, ग्रामीण टोज़गार की नई गारंटी जिससे समस्या और बढ़ रही है। हालांकि सफाई से जुड़े अन्य कार्य पूरे कर दिए गए हैं।</p>
<p> पालिका द्वारा प्रतिदिन दो पारियों में सफाई कार्य कराया जाता है। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। हमारे ओर से आमजन से भी नालियों में कचरा नहीं डालने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।<br /><strong>- नरपत सिंह, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका,रावतभाटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:22:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शिक्षा के सारथी : पुरस्कार राशि से संवारा स्कूल, मैदान में तैयार की कबड्डी सितारों की फौज</title>
                                    <description><![CDATA[हौंसलों की ऊंची उड़ान : पीटीआई जगदीश आर्य ने बदली सरकारी स्कूल की सूरत ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-charioteer-of-education--beautifying-the-school-with-prize-money--forging-an-army-of-kabaddi-stars-on-the-playground/article-153527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)48.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक शिक्षक की असली सफलता क्लासरूम की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह उन सपनों में बसती है जिन्हें वह एक छोटे से गाँव के खेल मैदान में सींचता है। कोटा के सुल्तानपुर ब्लॉक के जगदीश प्रसाद आर्य शारीरिक शिक्षक ऐसे ही नाम हैं, जिन्होंने सरकारी स्कूल के साधारण से मिट्टी से मेट तक दर्जनों राज्य स्तरीय खिलाड़ी निकाल दिए। खुद मिट्टी से जुड़े रहे जगदीश प्रसाद आर्य जी ने न केवल बच्चों के हाथों में कबड्डी की बारीकियां थमाईं, बल्कि अपनी मेहनत की कमाई और सम्मान की राशि तक स्कूलों मे बालिकाओं के बैठने के लिए फर्नीचर बनाया एवं भामाशाह के सहयोग से कमरों का निर्माण कराया । आज जब उनके तराशे हुए खिलाड़ी पंजाब के पटियाला राष्ट्रीय खिलाडी से लेकर राज्य के बड़े मैदानों में गरजते हैं, तो वह जीत जगदीश प्रसाद आर्य जी के 22 सालों के उस निस्वार्थ तप की झलक लगती है, जिसकी शुरूआत 2002 में एक छोटे से विद्यालय से हुई थी।</p>
<p>राज्य स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाले जगदीश प्रसाद आर्य ने बताया कि बीपीएड (शारीरिक शिक्षा स्नातक) करने के बाद वर्ष 2002 में उन्होंने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, पडासलिया (ब्लॉक सुल्तानपुर) में शारीरिक शिक्षक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े होने के कारण उनकी रुचि शुरू से ही कबड्डी में थी और वे स्वयं भी कबड्डी के राज्य स्तरीय खिलाड़ी रहे हैं।</p>
<p><strong>तैयार की कबड्डी खिलाड़ियों की फौज </strong><br />शिक्षण कार्य के दौरान उन्होंने विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों को कबड्डी सहित अन्य खेलों के प्रति जागरूक किया। उनके मार्गदर्शन में अब तक पांच दर्जन से अधिक विद्यार्थी राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। उनके एक विद्यार्थी ने आॅल इंडिया कबड्डी प्रतियोगिता (पटियाला, पंजाब) में राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे हिस्सा लेकर क्षेत्र का नाम रोशन किया, वहीं एक छात्र आज स्वयं शारीरिक शिक्षक बनकर अपनी सेवाएँ दे रहा है। वर्ष 2016 से 2024 तक राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, निमोदा हरिजी की छात्रा कबड्डी टीम जिला स्तर पर लगातार प्रथम स्थान पर रही। वर्तमान में वे राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, खेड़ली महाद्धीत सुल्तानपुर में कार्यरत हैं, जहाँ से सत्र 2026-27 मे कबड्डी छात्र टीम जिलास्तर पर रा. उ. प्रा वि रथ काकरा लेकर गए जहाँ एक छात्र का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए चयन हुआ है।</p>
<p><strong>निजी कोष से प्रोत्साहन और विद्यालय विकास का संकल्प </strong><br />आर्य ने बताया कि वे बीते 15-16 वर्षों से विद्यालय में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने वाले मेधावी छात्रों को अपने निजी कोष से नकद राशि भेंट कर प्रोत्साहित कर रहे हैं। यही नहीं, उन्हें ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर सम्मान स्वरूप जो भी नकद पुरस्कार राशि प्राप्त हुई, उसे उन्होंने छात्रहित में विद्यालय के फर्नीचर और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च कर दिया। बालिका निमोदा हरिजी विद्यालय में उनके प्रयासों से नामांकन में भी भारी वृद्धि हुई।</p>
<p><strong>भामाशाहों का सहयोग और पर्यावरण संरक्षण </strong><br />उन्होंने भामाशाहों को प्रेरित कर विद्यालयों में लाखों रुपये की लागत से कमरों का निर्माण करवाया और फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की। पर्यावरण के प्रति जागरूक जगदीश आर्य ने स्कूल परिसर में अपने खर्च पर दो दर्जन से अधिक छायादार वृक्ष लगाए और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड भी लगवाए।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री के हाथों मिला राज्य स्तरीय सम्मान </strong><br />उनके इसी अद्वितीय समर्पण भाव को देखते हुए वर्ष 2023 में जयपुर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षा मंत्री डॉ. बुलाकी दास (बी.डी.) कल्ला, विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री जाहिदा खान और शिक्षा सचिव नवीन जैन ने उन्हें 'राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार' से नवाजा। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उन सभी सरकारी शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद व्यवस्था बदलने का जज्बा रखते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 14:43:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शिक्षा के विकास में श्याम धणी इंडस्ट्रीज का बड़ा योगदान, 20 लाख की नई लाइब्रेरी का शिलान्यास</title>
                                    <description><![CDATA[श्याम धणी इंडस्ट्रीज ने ग्राम पंचायत कानपुरा के स्कूल में ₹13.75 लाख के टिनशेड का लोकार्पण और ₹20 लाख की लाइब्रेरी का शिलान्यास किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने कंपनी के सामाजिक सरोकारों की सराहना करते हुए अतिथियों का 51 किलो की माला और 100 फीट लंबे साफे से भव्य अभिनंदन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-contribution-of-shyam-dhani-industries-in-the-development-of/article-153464"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11-(630-x-400-px)-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को मजबूती देने की दिशा में श्याम धणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। कंपनी की ओर से ग्राम पंचायत कानपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, डेहरा में विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान 13.75 लाख रुपये की लागत से निर्मित टिनशेड का लोकार्पण किया गया, वहीं विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नई लाइब्रेरी का शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में ग्रामीणों और ग्राम पंचायत की ओर से अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया।</p>
<p>समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान स्वरूप 51 किलो की विशाल माला पहनाकर अभिनंदन किया गया तथा राजस्थानी परंपरा के अनुसार 100 फीट लंबे साफे से सम्मानित किया गया। आयोजन के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक पहल बताते हुए कंपनी के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार के विकास कार्य ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देंगे। नई लाइब्रेरी बनने से विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं टिनशेड से विद्यालय परिसर में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। श्याम धणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से कहा गया कि कंपनी आगे भी सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के तहत शिक्षा, विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय योगदान देती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:23:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>NITI आयोग रिपोर्ट: देश में हर 10 में से 1 छात्र छोड़ रहा स्कूल, माध्यमिक शिक्षा पर बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[नीति आयोग की मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 11.5% छात्र माध्यमिक शिक्षा बीच में छोड़ रहे हैं। चंडीगढ़ 2% के साथ सबसे बेहतर, जबकि गुजरात और एमपी में यह दर 16% से अधिक है। आर्थिक तंगी प्रमुख कारण है। हालांकि, राजस्थान ने अपनी दर 18.8% से घटाकर 7.7% कर सराहनीय सुधार दिखाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/niti-commission-report-1-out-of-every-10-students-in/article-153283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rera2.pdf-(1200-x-600-px)-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नीति आयोग की मई 2026 में जारी रिपोर्ट ‘भारत में स्कूली शिक्षा प्रणाली’ ने माध्यमिक शिक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर दस में से एक छात्र सेकेंडरी स्तर पर पढ़ाई बीच में छोड़ रहा है। हालांकि पिछले एक दशक में स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन माध्यमिक स्तर अब भी सबसे ज्यादा ड्रॉप आउट वाला चरण बना हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024-25 में माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने की राष्ट्रीय औसत दर 11.5 प्रतिशत रही। आर्थिक तंगी, कम उम्र में कामकाज में लग जाना और संस्थागत सहयोग की कमी इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं।</p>
<p>राज्यों के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला। चंडीगढ़ में ड्रॉप आउट दर सबसे कम 2 प्रतिशत रही, जबकि झारखंड 3.5 प्रतिशत, उत्तराखंड 4.6 प्रतिशत और केरल 4.8 प्रतिशत के साथ बेहतर स्थिति में रहे। दूसरी ओर गुजरात में 16.9 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 16.8 प्रतिशत और लद्दाख में 16.2 प्रतिशत छात्र माध्यमिक शिक्षा बीच में छोड़ रहे हैं। रिपोर्ट में ओडिशा, झारखंड, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में सुधार को भी रेखांकित किया गया है। राजस्थान में ड्रॉप आउट दर 18.8 प्रतिशत से घटकर 7.7 प्रतिशत पहुंच गई है। नीति आयोग ने माना कि प्रगति के बावजूद माध्यमिक शिक्षा में छात्रों को स्कूल से जोड़े रखना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:36:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>स्कूलों में जहरीला भोजन खिलाए जाने की घटना बेहद शर्मनाक और आपराधिक, उच्चस्तरीय जांच की मांग : भाकपा माले</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के सहरसा में जहरीला मध्याह्न भोजन खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार हो गए। भाकपा माले ने इस घटना को आपराधिक लापरवाही बताते हुए दोषी एनजीओ की गिरफ्तारी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी ने निजीकरण को बच्चों की जान के लिए खतरा बताते हुए स्थानीय रसोइयों द्वारा ताजा भोजन की व्यवस्था बहाल करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-incident-of-serving-poisonous-food-in-schools-is-extremely/article-153247"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bihar1.png" alt=""></a><br /><p>पटना। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा माले) के राज्य सचिव कुणाल ने सहरसा जिले महिषी प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में मध्याह्न भोजन खाने से सैकड़ों बच्चों के बीमार होने की घटना को बेहद शर्मनाक और आपराधिक बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच तथा दोषी एनजीओ संचालकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। कुणाल ने आज बयान जारी कर कहा कि भोजन में जहरीले सांप के अवशेष मिलने की खबर भयावह और गंभीर लापरवाही का मामला है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जिंदगी के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।</p>
<p>कुणाल ने आरोप लगाया कि बिहार की डबल इंजन सरकार ने मिड डे मील जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना को निजी एनजीओ और ठेकेदारों के हवाले कर दिया है, जिसका नतीजा आज बच्चों की जान पर बन आया है। उन्होंने कहा कि निजीकरण और लागत कम करने की नीति के कारण सरकारी स्कूलों की व्यवस्था बदहाल हो गई है।उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी एनजीओ संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी बीमार बच्चों के निशुल्क और समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।</p>
<p>माले नेता कुणाल ने कहा कि पूर्व की व्यवस्था के तहत स्कूलों में स्थानीय रसोइयों द्वारा ताजा भोजन तैयार कर बच्चों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और मिड डे मील व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भाकपा माले राज्यव्यापी आंदोलन चलाने को बाध्य होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 14:57:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सीडलिंग पब्लिक स्कूल में नई छात्र परिषद का गठन, 200 से अधिक छात्रों ने ली शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सीडलिंग पब्लिक स्कूल में सत्र 2026-27 के लिए 'इन्वेस्टिचर समारोह' का भव्य आयोजन हुआ। शतरंज की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक छात्रों ने नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली। डॉ. संदीप बक्शी ने ईमानदारी और सेवा के साथ नेतृत्व करने का संदेश दिया, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-student-council-formed-in-seedling-public-school-more-than/article-152541"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर । सीडलिंग पब्लिक स्कूल में सत्र 2026-27 के लिए इन्वेस्टिचर समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें नई छात्र परिषद का औपचारिक गठन हुआ। “उद्देश्य के साथ नेतृत्व, ईमानदारी के साथ सेवा” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में 1500 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। समारोह में CEO एवं निदेशक डॉ. संदीप बक्शी तथा कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रीति बक्शी की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह आयोजन एक सप्ताह तक चले इन्वेस्टिचर एवं इंडक्शन कार्यक्रमों का समापन था, जिसमें कैम्ब्रिज विंग और जूनियर काउंसिल के लिए अलग-अलग समारोह आयोजित किए गए। कुल 200 से अधिक छात्रों को विभिन्न नेतृत्व भूमिकाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई, जो विद्यालय की सामूहिक नेतृत्व और छात्र सहभागिता में आस्था को दर्शाता है।</p>
<p>समारोह की थीम शतरंज के खेल से प्रेरित रही, जिसमें रणनीति, दूरदर्शिता और टीमवर्क के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। अपने संबोधन में डॉ. संदीप बक्शी ने नेतृत्व को सेवा का माध्यम बताते हुए छात्रों को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। डॉ. प्रीति बक्शी ने छात्रों से विनम्रता, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ नेतृत्व करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन प्रेरणादायी वातावरण में हुआ, जिसने नई नेतृत्व पीढ़ी के उदय का संदेश दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:06:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अब कोटा के प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के बच्चों का रिकॉर्ड खंगालेगा प्रशासन, जिला कलक्टर के आदेश से निजी स्कूल संचालकों में मचा हड़कम्प</title>
                                    <description><![CDATA[22 अप्रैल तक स्कूलों का भौतिक सत्यापन कर जांच करनी होगी पूरी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/administration-to-scrutinize-records-of-rte-students-in-kota-s-private-schools--district-collector-s-order-sparks-panic-among-private-school-operators/article-149995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत हुए मुफ्त प्रवेश की सच्चाई अब सबके सामने आएगी। जिला कलक्टर ने 25% आरक्षित सीटों पर पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। साथ ही सख्त चेतावनी भी दी है कि निर्धारित समय सीमा में जांच पूरी नहीं होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें, आरटीई के तहत कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश और शिक्षा दी जाती है। इधर, जिला कलक्टर कार्यालय से शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों पर पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने के आदेश जारी होते ही निजी स्कूल संचालकों में हड़कम्प मच गया।</p>
<p><strong>नए व प्रमोटी सभी बच्चों का होगा सत्यापन</strong><br />जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आरक्षित 25% सीटों पर पढ़ रहे नए और प्रमोट किए गए सभी बच्चों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। एक वीर कालीबाई भील, मुख्यमन्त्री पुनर्भरण योजना में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं का वेरीफिकेशन किया जाना है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न टीमों का गठन कर आॅर्ब्जवर नियुक्त कर दिए हैं।</p>
<p><strong>कलक्टर के सामने पेश करनी होगी रिपोर्ट</strong><br />सत्यापन के लिए गठित टीमों को अपने-अपने क्षेत्र के आवंटित स्कूलों में जाकर 22 अप्रैल तक भौतिक जांच पूरी करनी होगी। इसकी रिपोर्ट मुख्य जिला शिक्षाधिकारी (सीडीईओ) कोटा को जमा करानी होगी। इसके बाद मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को 25 अप्रैल तक सभी रिपोर्टों की जांच कर अंतिम रिपोर्ट जिला कलक्टर को प्रस्तुत करनी होगी।</p>
<p><strong>लापरवाही पर अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई</strong><br />प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अनदेखी करने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश की पालना सुनिश्चित कर समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करवाएं।</p>
<p><strong>कोटा के 976 प्राइवेट स्कूलों की होगी जांच</strong><br />कोटा जिले में 976 प्राइवेट स्कूल हैं, जिनमें आरटीई के तहत बच्चे नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का सत्यापन करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक विद्यालय पर संबंधित इलाके के राजकीय स्कूल के प्राचार्य को निरीक्षणकर्ता और एक-एक प्रशासनिक अधिकारियों को आॅर्ब्जवर नियुक्त किया है।</p>
<p><strong>प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जताया विरोध</strong><br />जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत हुए मुफ्त प्रवेश की जांच करवाने का आदेश जारी होते ही प्राइवेट स्कूल संचालकों में खलबली मच गई। निजी स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी खुलकर आदेश के विरोध में आ गए।</p>
<p><strong>स्कूल बंद कर देंगे, अधिकारियों को घुसने नहीं देंगे</strong><br />कोटा में 900 से ज्यादा स्कूलों की जांच के लिए जिला कलक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगा रखी है। उनके इस निर्णय की प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन को कोई जानकारी नहीं है। इस तरह की जांच का औचित्य क्या है और कोटा जिले में ही क्यों करवाई जा रही है। ऐसा क्या कारण हो गया कि जिलाधिकारी को यह जांच करवानी पड़ रही है। जबकि, शिक्षा विभाग पहले ही इसकी जांच कर चुका है। यदि, प्रशासन को कोई बात करनी है तो हमारे प्रतिनिधिमंडल को बुलाएं, बात करें तभी समाधान निकलेगा। इसके बिना हम किसी भी अधिकारी को जांच के लिए स्कूलों में घुसने नहीं देंगे, भले ही हमें स्कूल बंद करना ही क्यों न पड़े।<br /><strong>-संजय शर्मा, अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी</strong></p>
<p>राजस्थान में केवल कोटा में ही यह आरटीई निरीक्षण का आदेश जारी किया है। जबकि, आरटीई दिशा निर्देश 2025-26 में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि जिला कलक्टर निजी विद्यालयों का आरटीई से संबंधित भौतिक सत्यापन करवाएंगे। इसके बावजूद इस तरह का आदेश जारी होना निजी स्कूल संचालकों के साथ अन्याय है। हम इसका विरोध करते हैं।<br /><strong>-जमना शंकर प्रजापति, जिलाध्यक्ष निजी स्कूल संचालक संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 15:01:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विद्यालय में पेयजल, बिजली और स्वच्छता में हुआ सुधार </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में ख्रबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/improvements-made-to-drinking-water--electricity--and-sanitation-facilities-at-school/article-148238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(5)25.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="en-us" style="font-family:Mangal;color:#000000;background:#F6F6F6;" xml:lang="en-us">भंवरगढ़।<span>  </span>कस्बे के प्रकाशपुरा के उच्च माध्यमिक विद्यालय में पेयजल बिजली एवं स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओें में उल्लेखनीय सुधार किया गया है।<span>  </span>गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित कर इस मामले को उठाया था। व्यवस्थाओं में सुधार से विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को बड़ी राहत मिली है। विद्यालय में छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति को सुचारू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। जिससे अब विद्यार्थियों की पढाई एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा नहीं आएगी। स्वच्छता के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी और छात्रों को स्वस्थ बातावरण मिले सकेगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 14:52:22 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का  : कोटा के 1086 स्कूलों को जल्द मिलेगा 4 करोड़ से ज्यादा का बजट, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जारी की प्रशासनिक स्वीकृति</title>
                                    <description><![CDATA[ नवज्योति ने उठाया था वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों तक कम्पोजिट स्कूल ग्रांट राशि नहीं मिलने का मामला ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---1-086-schools-in-kota-set-to-receive-a-budget-of-over-4-crore-soon--rajasthan-school-education-council-issues-administrative-approval/article-148092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(7)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले के प्रारंभिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा के एक हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों के खाते में किसी भी वक्त 4 करोड़ से ज्यादा का बजट आ सकता है। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है, अब वित्तीय स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। जिसके जारी होते ही स्कूलों के खातों में नामांकन के हिसाब से तय की गई निर्धारित राशि जमा हो जाएगी। हालांकि, इस राशि को वित्तीय वर्ष की समाप्ती 31 मार्च से पहले खर्च करना होगा, नहीं तो यह बजट लैप्स होने का खतरा बना रहेगा।<br />दरअसल, विद्यालयों के बेहतर प्रबंधन के लिए सरकार से मिलने वाली कंपोजिट स्कूल ग्रांट राशि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों तक नहीं मिलने से संस्था प्रधान व शिक्षक परेशान थे। इसको लेकर दैनिक नवज्योति ने गत 23 मार्च को वित्तीय वर्ष की समाप्ती का काउंड-डाउन तेज कर रहा गुरूजी की धड़कनें३३ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर शिक्षकों की पीड़ा बयां की थी। इसके बाद राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सत्र 2025-26 के लिए बजट की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की।</p>
<p><strong>प्रदेश के 69 हजार से अधिक स्कूलों को मिलेगा बजट</strong><br />परिषद की ओर से जारी इस कम्पोजिट स्कूल ग्रांट में प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षा के 50 हजार 318 एवं माध्यमिक शिक्षा के 18 हजार 799 स्कूलों के लिए नामांकन के अनुसार कुल 118.43 करोड़ रुपए एवं 11302.300 करोड़ रुपए का बजट जारी होगा। इसमें कोटा जिले के प्रारम्भिक शिक्षा के 753 स्कूलों को 191.60 लाख रुपए एवं माध्यमिक शिक्षा के 333 स्कूलों को 210.000 लाख रुपए जारी किए जाएंगे। इस राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा।</p>
<p><strong>स्कूलों को इन कार्यों पर खर्च करनी होगी राशि</strong><br />ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था, स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, स्कूल भवन की मामूली मरम्मत और अग्निशमन यंत्रों में गैस भरवाने जैसे कार्यों के लिए भी यह राशि उपयोगी होगी। साथ ही, बीमार छात्रों को अस्पताल ले जाने का किराया भी इसी मद से दिया जा सकेगा।</p>
<p><strong>स्वच्छता पर 10 प्रतिशत खर्च अनिवार्य</strong><br />शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल, टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिस्पेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है।</p>
<p><strong>कोटा में नामांकन अनुसार स्कूलों को बजट आवंटन की संख्या</strong><br /><strong>प्राथमिक विद्यालय</strong><br />-1 से 30 नामांकन वाले 263 स्कूलों को प्रति स्कूल 10 हजार रुपए।<br />-31 से 100 नामांकन वाले 369 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए।<br />-101 से 250 नामांकन वाले 141 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए।<br />-1000 से अधिक नामांकन वालों स्कूलों के लिए एक लाख रुपए।</p>
<p><strong>माध्यमिक विद्यालय</strong><br />-31 से 100 नामांकन वाले 9 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए।<br />-101 से 250 नामांकन वाले 143 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए।<br />-250 से 1000 नामांकन वाले 179 स्कूलों को प्रति स्कूल 75 हजार रुपए।<br />-1000 से अधिक नामांकन वाले 2 स्कूलों को प्रति स्कूल एक लाख रुपए।</p>
<p>राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा प्रदेश के सरकारी स्कूलों को पूरे वित्तीय वर्ष में नामांकन के अनुसार मिलने वाली ग्रांट की राशि शिक्षा सत्र की शुरूआत यानी जुलाई माह में ही जारी करनी चाहिए। ताकि, स्कूलों में आवश्यकतानुसार सामग्री खरीदी जा सके और राशि के अभाव में स्कूल संचालन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।<br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा</strong></p>
<p>कंपोजिट स्कूल ग्रांट बजट की प्रशासनिक स्वीकृति जारी हो चुकी है। अब वित्तीय स्वीकृति जारी होते ही स्कूलों के खातों में राशि आ जाएगी। हमारी ओर से सभी तैयारी पूरी है। बजट आते ही हम सीबीईओ के माध्यम से स्कूलों को राशि आवंटित कर दी जाएगी।<br /><strong>-आदित्य विजय, एडीपीसी समग्र शिक्षा कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 14:34:22 +0530</pubDate>
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                <title>चार माह से अटका विद्यालय भवन निर्माण कार्य, विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित </title>
                                    <description><![CDATA[निर्माण में घटिया सामग्री के आरोप पर सुगम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/school-building-construction-stalled-for-four-months/article-142260"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>देईखेड़ा। क्षेत्र की खरायता पंचायत के डडवाड़ा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य पिछले चार महीनों से बंद पड़ा है। भवन निर्माण रुकने के कारण विद्यालय को पास ही स्थित सामुदायिक भवन में संचालित करना पड़ रहा है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामस्वरूप ने बताया कि पुराना विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में होने के कारण उसे ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बाद से विद्यालय को सामुदायिक भवन के दो कमरों में संचालित किया जा रहा है। नए भवन निर्माण के लिए समसा योजना के तहत 23 लाख 50 हजार रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था। इसमें से लगभग 20 लाख रुपए की लागत से दो कक्ष व बरामदा तथा करीब 3 लाख 50 हजार रुपए की राशि से शौचालय निर्माण प्रस्तावित था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि ठेकेदार द्वारा करीब चार महीने पहले निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था, लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग के आरोप लगने पर आॅनलाइन सुगम पोर्टल पर शिकायत की गई। शिकायत के बाद विभागीय निर्देश पर संवेदक ने निर्माण कार्य रोक दिया और विभाग द्वारा मामले की जांच शुरू की गई। जांच प्रक्रिया के बाद से अब तक निर्माण कार्य पुन: शुरू नहीं हो सका है।ग्रामीण भंवरलाल, रामकिसन, प्रभुलाल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भवन के अभाव में बच्चों को सामुदायिक भवन में और कई बार खुले में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे बच्चों का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराकर निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्थायी और सुरक्षित भवन में शिक्षा मिल सके।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />विद्यालय  सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। चार महीने से कार्य बन्द पड़ा है। परिसर में निर्माण पसरी पड़ी है। कई बार अधिकारी व सवेंदक का कार्य शुरू करने के लिये लिखा जा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। <br /><strong>- रामस्वरूप, प्रधानाध्यापक,राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय,डडवाड़ा । </strong></p>
<p>ग्रामीणो ने बेवजह ही शिकायत की थी विभाग ने जांच होने तक कार्य बन्द करने के निर्देश दिए थे अब कार्य शुरू करने के निर्देश मिल गए है जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। <br /><strong> - हजारीलाल, सवेंदक। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:01:00 +0530</pubDate>
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                <title>लापरवाही : आंगनबाड़ी पाठशाला पर मंडराता खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[आंगनबाड़ी का भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। छत के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है। और किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--danger-looms-over-the-anganwadi-school/article-136635"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/3694.png" alt=""></a><br /><p>सूमर। ग्राम पंचायत सूमर के चीकली गांव में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के पास संचालित आंगनबाड़ी पाठशाला की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। आंगनबाड़ी का भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। छत के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनसे बारिश के दौरान लगातार पानी टपकता रहता है। ऐसे हालात में यहां अध्ययनरत 18 नन्हे-मुन्ने बच्चे इसी खतरनाक भवन में बैठकर पढ़ने और खेलने को मजबूर हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। </p>
<p>पिपलोदी में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था, लेकिन इसके बावजूद चीकली गांव की आंगनबाड़ी आज भी उसी खतरे की जद में बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में टपकती छत बच्चों के सिर पर लटकती तलवार बन चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति के चलते बच्चों को बाहर बैठाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई के साथ-साथ सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। यह समस्या केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सरकारी योजनाएं कागजों में मजबूत नजर आती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है। रामबिलास बैरवा, महेश मीणा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि छत में बने गड्ढे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने किसी बड़े हादसे से पहले तत्काल मरम्मत अथवा नए आंगनबाड़ी भवन के निर्माण की मांग की है।</p>
<p> पिपलोदी हादसे के बाद भी प्रशासन बेखबर है। यहां केवल मरम्मत से काम नहीं चलेगा, बल्कि नए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण जरूरी है।<br /><strong>- बलराम गुर्जर, वार्ड पंच </strong></p>
<p> इस समस्या को लेकर पहले भी प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। ये 18 बच्चे गांव का भविष्य हैं, जिन्हें खतरे में नहीं डाला जा सकता।<br /><strong>- महेंद्र गुर्जर, ग्रामीण</strong></p>
<p> महिला एवं बाल विकास विभाग से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की।<br /><strong>- शालू शर्मा, ग्रामीण</strong></p>
<p>भवन की हालत खराब होने के कारण बच्चों को बाहर बैठाना पड़ रहा है।<br /><strong>- द्रोपदी बाई, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता</strong></p>
<p> सूचना विभाग के संज्ञान में है। भवन का स्वयं सर्वे कराया गया है और पीडब्ल्यूडी से भी सर्वे करवाया गया है। सर्वे रिपोर्ट व सूची उच्च स्तर पर भेज दी गई है, आगे की कार्रवाई प्रक्रिया में है।<br /><strong>- सत्येंद्र सिंह चौहान, विभागीय महिला एवं बाल विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 16:53:02 +0530</pubDate>
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