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                <title>Financial Crime - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Financial Crime RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डीआरआई ने सोने की तस्करी करने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़: 30 किलो सोना जब्त, 24 महिलाएं गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई DRI ने सोने की तस्करी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 29.37 किलो सोना जब्त किया है। 'ऑपरेशन दहाबु ब्लिट्ज' के तहत नैरोबी से आईं 24 विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई इस कार्रवाई ने संगठित स्मगलिंग गिरोह के सुनियोजित तरीकों को बेनकाब कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dri-busts-gold-smuggling-gang-30-kg-gold-seized-24/article-149849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/dri.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। मुंबई राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोने की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। विभाग ने 37.74 करोड़ रुपये मूल्य का 29.37 किलोग्राम सोना जब्त किया और 24 वाहकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां बताया कि सटीक खुफिया जानकारी मिलने पर मुंबई के राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने नैरोबी से आ रही महिला वाहकों के एक समूह की पहचान की थी। यह समूह आठ अप्रैल 2026 को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय (सीएसएमआई) हवाई अड्डे के जरिये बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी की कोशिश कर रहा था।</p>
<p>'ऑपरेशन दहाबु ब्लिट्ज' के तहत अधिकारियों ने 24 विदेशी नागरिकों को रोका। इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई के दौरान इन यात्रियों से 25.10 किलोग्राम सोने की ईंटें और 4.27 किलोग्राम सोने के आभूषण बरामद हुए। यह मामला बेहद संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश करता है, जो पहचान छिपाने के लिए प्रशिक्षित वाहकों और सुनियोजित तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था। मामले की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 16:57:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आय से अधिक संपत्ति मामला: ईडी ने एसईसीएल अधिकारी की 83.24 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की, जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए SECL कोरबा के सहायक प्रबंधक प्रभाकर शुक्ला की ₹83.24 लाख की संपत्ति जब्त की है। जांच में सामने आया कि शुक्ला ने परिवार के बैंक खातों और बीमा पॉलिसियों के जरिए काली कमाई को सफेद करने का प्रयास किया। सीबीआई की एफआईआर के बाद अब PMLA के तहत शिकंजा कसा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/disproportionate-assets-case-ed-continues-investigation-into-secl-officers-assets/article-148146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ed.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को 'साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड' (एसईसीएल), कोरबा (छत्तीसगढ़) के सहायक प्रबंधक (सर्वेक्षण) प्रभाकर शुक्ला और उनके परिवार से जुड़ी 83.24 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति कुर्क करने की घोषणा की है। ईडी के भोपाल जोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई सीबीआई (एसीबी), जबलपुर द्वारा प्रभाकर शुक्ला के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई जांच में सामने आया कि एक मार्च 2008 से 30 नवंबर 2022 के बीच शुक्ला ने अपनी वैध आय से लगभग 39.83 प्रतिशत अधिक यानी 83.24 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई।</p>
<p>जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस काली कमाई को बैंकिंग प्रणाली में नकद जमा के माध्यम से खपाया गया था। आरोपी ने अपनी पत्नी और बेटियों सहित परिवार के उन सदस्यों के बैंक खातों का उपयोग किया। इस कमाई को बाद में सावधि जमा, बीमा पॉलिसियों और भूखंडों जैसी अचल संपत्तियों की खरीद में निवेश कर वैध बनाने का प्रयास किया गया। सीबीआई पहले ही इस मामले में जबलपुर की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जबकि ईडी की जांच फिलहाल जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:56:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप पर ED का शिकंजा: 581.65 करोड़ रुपये की 31 संपत्तियां जब्त, तलाशी के बाद कार्रवाई का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस होम फाइनेंस मामले में ₹581.65 करोड़ की 31 संपत्तियां कुर्क । फेमा और पीएमएलए के तहत हुई इस कार्रवाई से समूह की कुल जब्त संपत्ति ₹16,310 करोड़ । जांच में बैंकों से जुटाए गए ₹11,000 करोड़ के सार्वजनिक धन के गबन और फर्जी संस्थाओं में हेराफेरी का खुलासा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/eds-noose-on-anil-ambanis-reliance-group-31-properties-worth/article-146350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/anil-ambani-and-ed.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को कहा कि उसने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) से संबंधित मामलों में 581.65 करोड़ रुपये मूल्य की 31 अचल संपत्तियां जब्त की है। ईडी ने कहा कि जब्त की गई संपत्तियां गोवा, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में स्थित जमीन हैं। यह कुर्की विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत रिलायंस पावर लिमिटेड के मामले में छह मार्च, 2026 को की गई तलाशी कार्रवाई के बाद की गई है।</p>
<p>गौरतलब है कि, ईडी ने इससे पहले आरसीएफएल/आरएचएफएल और रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में 15,729 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की थीं। नवीनतम कार्रवाई के साथ, रिलायंस अनिल अंबानी समूह से संबंधित कुल जब्त की गई संपत्तियां 16,310 करोड़ रुपये हो चुकी हैं। इसके अलावा, पीएमएलए और फेमा के तहत तलाशी अभियानों के दौरान, सावधि जमा, म्यूचुअल फंड और नकदी के रूप में 2.48 करोड़ रुपये की संपत्ति को संबंधित कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत फ्रीज या जब्त किया गया। ईडी ने फेमा की धारा 37ए के तहत रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 13 बैंक खातों में जमा 77.86 करोड़ रुपये की राशि भी जब्त की।</p>
<p>ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और धारा 13(1)(डी) के तहत आरसीएफएल और आरएचएफएल के विरुद्ध दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की। ये एफआईआर यस बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा दायर शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई थीं।<br />ईडी की जांच से पता चला कि आरएचएफएल और आरसीएफएल ने कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों से सार्वजनिक धन जुटाया था, जिसमें से 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बाद में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में बदल गई।</p>
<p>एजेंसी के अनुसार, आरएचएफएल और आरसीएफएल द्वारा जुटाए गए धन को कथित रूप से रिलायंस समूह की विभिन्न कंपनियों जैसे रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस कैपिटल में स्थानांतरित किया गया था। ईडी ने आगे आरोप लगाया कि रिलायंस अनिल अंबानी समूह द्वारा नियंत्रित एवं प्रबंधित बड़ी संख्या में फर्जी या दिखावटी संस्थाओं के माध्यम से सार्वजनिक धन का गबन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इन संस्थाओं की वित्तीय स्थिति नगण्य थी और इनका कोई वास्तविक व्यावसायिक संचालन नहीं था। जांच से समूह के प्रवर्तकों और प्रमुख व्यक्तियों की गलत मंशा का संकेत मिला।</p>
<p>एजेंसी ने कहा कि उसने सार्वजनिक धन की हेराफेरी के लिए विभिन्न संस्थाओं और समूह के सदस्यों के माध्यम से कथित रूप से इस्तेमाल की जाने वाली कार्यप्रणाली की भी पहचान कर ली है। 11 मार्च, 2026 के अंतरिम कुर्की आदेश के माध्यम से जब्त की गई संपत्तियां अपराध से प्राप्त आय के मूल्य को दर्शाती हैं। ईडी के एक अधिकारी ने कहा, "ईडी वित्तीय अपराधों के अपराधियों के पीछे सक्रियता से लगी हुई है और अपराध की आय को उनके सही हकदारों को वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।" मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 13:23:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हैदराबाद पुलिस ने ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत साइबर धोखाधड़ी गिरोह का किया भंडाफोड़; 104 लोग गिरफ्तार, नकदी एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त</title>
                                    <description><![CDATA['ऑपरेशन ऑक्टोपस' के तहत 16 राज्यों में छापेमारी। 104 जालसाज गिरफ्तार। निवेश और 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए ₹127 करोड़ की धोखाधड़ी। 151 बैंक खाते फ्रीज। भारी मात्रा में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/hyderabad-police-busted-cyber-fraud-gang-under-operation-octopus-104/article-144451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/arrestedd.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना में हैदराबाद पुलिस ने ऑपरेशन ऑक्टोपस नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 16 राज्यों में फैले एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह पर कार्रवाई करते हुए 104 लोगों को गिरफ्तार किया और नकदी एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किये। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) वी अरविंद बाबू,  के नेतृत्व में चलाये गये इस अभियान में निवेश घोटालों, व्यापार धोखाधड़ी और तथाकथित डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों में शामिल संगठित नेटवर्क को निशाना बनाया गया। पुलिस ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि गहन जांच के बाद पुलिस ने पीड़ितों के पैसे निकालने के लिए इस्तेमाल किये गये 151 बैंक खातों की पहचान की है।</p>
<p>इस अभियान के तहत 10 दिनों की अवधि में कई राज्यों में एक साथ 32 विशेष टीमें तैनात की गईं। गिरफ्तार किए गए लोगों में 86 फर्जी खाताधारक, 17 खाता आपूर्तिकर्ता/एग्रीगेटर और अंदरूनी मिलीभगत का आरोपी एक बैंक अधिकारी, बंधन बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर शामिल है। </p>
<p>आरोपियों का संबंध देश भर में दर्ज 1,055 साइबर धोखाधड़ी मामलों से है, जिनमें अनुमानित 127 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 36 लाख रुपये नकद, 204 मोबाइल फोन, 141 सिम कार्ड, 152 बैंक पासबुक, 234 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 26 लैपटॉप और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।</p>
<p>यह अभियान संयुक्त पुलिस आयुक्त एस एम विजय कुमार और डीसीपी वी. अरविंद बाबू की देखरेख में चलाया गया। हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार ने कहा कि साइबर अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा है और उन्होंने शहर पुलिस की शून्य-सहिष्णुता नीति को दोहराते हुए कहा कि गिरोह के उच्च स्तरीय संचालकों को पकडऩे के लिए जांच जारी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 17:53:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अनिल अंबानी के बेटे अनमोल पर CBI ने कसा शिकंजा, 228 करोड़ रुपये के फ्रॉड में एफआईआर दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीआई ने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी के खिलाफ कथित तौर पर 228 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/cbi-tightens-its-grip-on-anil-ambanis-son-anmol-fir/article-135355"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/fir-register-jai-anmol.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। देश के जाने माने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल पर सीबीआई ने 228 करोड़ रुपये के फ्रॉड करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और इससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। </p>
<p><br /><br /></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 15:26:29 +0530</pubDate>
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