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                <title>Droupadi Murmu - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Droupadi Murmu RSS Feed</description>
                
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                <title>राष्ट्रपति ने की गिर्राज जी की सप्तकोसी परिक्रमा: पूंछरी का लौठा में भव्य स्वागत, राजस्थान के डेढ़ किलोमीटर एरिया में पैदल ही लगाई परिक्रमा</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डीग के पूंछरी पहुँचकर गोवर्धन गिरिराज जी की 21 किमी परिक्रमा की। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने उनका स्वागत किया। ब्रज के लोक कलाकारों ने राधा-कृष्ण नृत्य से समां बांधा। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच राष्ट्रपति ने दानघाटी मंदिर में दर्शन किए और कुछ मार्ग पैदल तय कर श्रद्धा प्रकट की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-president-gave-a-grand-welcome-to-girraj-jis-saptakosi/article-147399"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/dropdi-murmu.png" alt=""></a><br /><p>डीग। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू डीग के पूंछरी के लौठा पहुंचीं, जहां राजस्थान सीमा के प्रवेश द्वार पर बनाए गए स्वागत कक्ष में उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया। इस मौके पर राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम और जल संसाधन एवं डीग-भरतपुर प्रभारी मंत्री सुरेश सिंह रावत ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर अगुवाई की। राष्ट्रपति मुर्मू ने गोवर्धन गिरिराज जी की 21 किलोमीटर की परिक्रमा की शुरूआत की, जिसमें उन्होंने गोल्फ कार्ट का उपयोग किया, वहीं राजस्थान सीमा के अंतर्गत लगभग डेढ़ किलोमीटर का रास्ता पैदल तय किया। इस दौरान पूंछरी क्षेत्र में विशेष उत्साह देखने को मिला। राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा लोक कलाकारों ने ब्रज संस्कृति, राधा-कृष्ण के युगल नृत्य और पारंपरिक राजस्थानी प्रस्तुतियां दीं।</p>
<p><strong>गिरिराज धरण के दर्शन भी किए</strong></p>
<p>इससे पहले राष्ट्रपति महोदया ने गोवर्धन स्थित दानघाटी मंदिर में श्री गिरिराज धरण के दर्शन भी किए। उनके आगमन को लेकर पूरे परिक्रमा मार्ग को आकर्षक रंगों से सजाया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।</p>
<p><strong>क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा</strong></p>
<p>राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था पुलिसकर्मी तैनात रहे, वहीं राजस्थान और उत्तर प्रदेश पुलिस ने मिलकर चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी। इस दौरान संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, जिला कलेक्टर उत्सव कौशल, आईजी भरतपुर रेंज कैलाश विश्नोई और डीग जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 10:59:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान हंगामे को लेकर केंद्र सरकार ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा-संसदीय मर्याद को किया तार तार</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण में हंगामे पर कांग्रेस-विपक्ष की निंदा की। जेपी नड्डा बोले, वंदे मातरम् और संसद की गरिमा का अपमान हुआ, माफी मांगने की मांग।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-central-government-targeted-the-opposition-over-the-uproar-during/article-141096"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(9)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस एवं विपक्षी दलों के हंगामे पर निशाना साधा है और इसे निंदनीय बताया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के दौरान जिस तरह से आज फिर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाय, कम है।</p>
<p>जेपी नड्डा ने कहा, राष्ट्रपति मुर्मू संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अभिभाषण में जब वंदे मातरम के 150वां साल मनाये जाने का जिक्र करते हुये बंगाल की धरती से स्वतंत्रता के उद्घोष और अमर मनीषी बंकिम बाबू के कृतित्व को याद कर नमन कर रहीं थीं, तभी अराजकतावादी कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हंगामा कर दिया और नारे लगाना शुरू कर दिया। ऐसा कर के उन्होंने राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और बंकिम चंद्र का भी अपमान किया। इस दृश्य को पूरे देश ने देखा है।</p>
<p>जेपी नड्डा ने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम्, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है, आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है। वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भत्र्सना की जाए वो कम है। इन लोगो को संसद और देश से माफी मांगनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 18:25:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;जी राम जी कानून&quot; का जिक्र आते ही अभिभाषण में विपक्ष ने किया हंगामा, सत्ता पक्ष ने जताया समर्थन </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति मुर्मु के अभिभाषण में जीरामजी कानून के उल्लेख पर विपक्ष ने नारेबाजी की, विधेयक वापसी की मांग की, सदन में हंगामा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-opposition-created-ruckus-in-the-speech-as-soon-as/article-141107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(15)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर विकसित भारत जी राम जी कानून का उल्लेख आते ही कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर इसका विरोध किया और कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की। वंदेमातरम का जिक्र आने पर विपक्ष ने सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए थोड़ा शोर शराबा किया।</p>
<p>राष्ट्रपति मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन जब अभिभाषण में संसद के शीतकालीन सत्र में पारित विकसित भारत जी राम जी कानून का सरकार की उपलब्धि के रूप में उल्लेख किया तो विपक्षी सदस्य एकाएक अपनी सीटों पर खड़े होकर इसका विरोध करने लगे। विपक्षी सदस्यों ने इस दौरान इसके विरोध में नारेबाजी की और विधेयक को वापस लेने की मांग करते रहे।</p>
<p>कुछ देर तक चले हंगामे के बीच सदन में जहां सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जी राम जी नाम का उल्लेख आते ही मेजें थपथपाकर इसका स्वागत किया वहीं विपक्षी सदस्यों ने इसके खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी सदस्य हंगामे के बीच जी रामजी वापस लो के नारे लगाते रहे।</p>
<p>राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, डीएमके के टी आर बालू सहित सभी विपक्षी दलों के सदस्यों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर जी रामजी का विरोध किया। राष्ट्रपति विपक्षी सदस्यों के व्यवधान पर ध्यान दिये बिना अपना अभिभाषण पढ़ती रहीं। बाद में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने संक्षिप्त रूप में पढे अभिभाषण के दौरान सरकार की कई उपलब्धियों का जिक्र किया लेकिन जीरामजी कानून का उल्लेख नहीं किया। </p>
<p>अभिभाषण में जीरामजी विधेयक के उल्लेख के समय काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सत्तापक्ष के सदस्य भी जवाब में लगातार मेजें थपथपाते रहे। राष्ट्रपति मुर्मु जो कुछ बोल रही थीं वह हंगामे के कारण सुनाई नहीं दे रहा था लेकिन इसी बीच द्रमुक के टी आर बालू ने विपक्षी सदस्यों को शांत होने और अपनी सीटों पर बैठने का इशारा किया जिसके बाद सभी सदस्य अपनी सीटों पर बैठक गये।</p>
<p>विपक्षी दलों के सदस्यों ने अभिभाषण के दौरान वंदेमातरम के 150वें साल को समारोह पूर्वक मनाने का जिक्र आने के समय भी सरकार का विरोध किया। कुछ सदस्य डॉ अम्बेडकर की 15वीं जयंती पर मनाने का उल्लेख आने पर भी कुछ बोलते रहे लेकिन सुनाई कुछ नहीं दिया। वैसे हर बड़े मुद्दे पर विपक्ष की तरफ से विरोध के स्वर सुनाई दे रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 17:37:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु वेल्लोर दौरे पर, श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर में किए दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर में दर्शन किए। मंदिर प्रशासन और राज्यपाल आर.एन. रवि ने उनका स्वागत किया। दौरे को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/president-draupadi-murmu-visited-sripuram-golden-temple-during-his-visit/article-136309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/president-murmu-vellore.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में स्थित श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर के दर्शन किए। विशाल मंदिर परिसर में पहुंचने पर मंदिर के पुजारियों ने उनका पारंपरिक तौर पर स्वागत किया। दर्शन और आरती करने के बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने अधिकारियों के साथ मंदिर का भ्रमण किया। कुछ मिनट बिताने के बाद राष्ट्रपति वहां से रवाना हो गईं।</p>
<p>इससे पहले यहां पहुंचने पर तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि ने श्रीपुरम, तिरुमलैकोडी, वेल्लोर में राष्ट्रपति का स्वागत किया। वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति मुर्मु कर्नाटक के मंड्या से आई थीं और श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर में दर्शन करने के बाद वह सिकंदराबाद के बोलारुम स्थित राष्ट्रपति निलयम के लिए शीतकालीन प्रवास पर रवाना हो गईं।</p>
<p>राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर वेल्लोर में तथा मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्रों में पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गयी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 18:28:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश: हस्तशिल्प कलाएं देश की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार समारोह में कहा कि हस्तशिल्प देश की सांस्कृतिक पहचान और आजीविका का प्रमुख माध्यम है। यह क्षेत्र 32 लाख लोगों को रोजगार देता है, जिनमें 68% महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने जीआई टैग, ओडीओपी और टिकाऊ विकास में हस्तशिल्प की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/president-draupadi-murmus-message-handicraft-arts-are-part-of-the/article-135441"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/dropadi-murmu-on-factionccc.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हस्तशिल्प कलाएं न केवल देश की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं बल्कि आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी हैं। उन्होंने कहा कि  हस्तशिल्प क्षेत्र युवा उद्यमियों और डिजाइनरों को उद्यम स्थापित करने के लिए उत्कृष्ट अवसर भी प्रदान करता है। मुर्मु ने मंगलवार को यहां वर्ष 2023 और 2024 के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान किए।   </p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कला अतीत की स्मृतियों, वर्तमान के अनुभवों और भविष्य की आकांक्षाओं को प्रतिबिम्बित करती है। प्राचीन काल से ही मनुष्य चित्रकला या मूर्तिकला के माध्यम से अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करता रहा है। कला लोगों को संस्कृति से जोड़ती है। कला लोगों को एक-दूसरे से भी जोड़ती है। </p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा, हमारी सदियों पुरानी हस्तशिल्प परंपरा के जीवंत और संरक्षित रहने का श्रेय, पीढ़ी दर पीढ़ी हमारे कारीगरों की प्रतिबद्धता को जाता है। हमारे कारीगरों ने अपनी कला और परंपरा को समय के साथ ढाला है और साथ ही मूल भावना को भी जीवित रखा है। उन्होंने अपनी प्रत्येक कलात्मक रचना में देश की मिट्टी की खुशबू को संजोकर रखा है। मुर्मू ने कहा कि हस्तशिल्प न केवल सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं, बल्कि आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी हैं। यह क्षेत्र देश में 32 लाख से ज़्यादा लोगों को रोज़गार देता है। उल्लेखनीय है कि हस्तशिल्प से रोज़गार और आय प्राप्त करने वाले ज़्यादातर लोग ग्रामीण या दूरदराज के इलाकों में रहते हैं। यह क्षेत्र रोज़गार और आय का विकेंद्रीकरण करके समावेशी विकास को बढ़ावा देता है।</p>
<p><strong>कमजोर वर्ग को बढ़ावा देता है हस्तशिल्प</strong></p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा कि सामाजिक सशक्तिकरण के लिए हस्तशिल्प को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लोगों को सहायता प्रदान करता रहा है। हस्तशिल्प न केवल कारीगरों को आजीविका का साधन प्रदान करता है, बल्कि उनकी कला उन्हें समाज में पहचान और सम्मान भी दिलाती है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कार्यरत कार्यबल में 68 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी है और इस क्षेत्र के विकास से महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। </p>
<p>राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि हस्तशिल्प उद्योग की सबसे बड़ी ताकत प्राकृतिक और स्थानीय संसाधनों पर इसकी निर्भरता है। यह उद्योग पर्यावरण के अनुकूल है और इसमें कार्बन उत्सर्जन कम होता है। आज, दुनिया भर में पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ जीवनशैली की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है। ऐसे में, यह क्षेत्र स्थायित्व में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। राष्ट्रपति ने जीआई टैग द्वारा दुनिया भर में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की पहचान को मज़बूत करने की उपलब्धियों पर खुशी व्यक्त की। </p>
<p>उन्होंने सभी हितधारकों से अपने अनूे उत्पादों के लिए जीआई टैग प्राप्त करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जीआई टैग उनके उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करेगा और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी विश्वसनीयता को बढ़ाएगा। </p>
<p>उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एक ज़लिा एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल हमारे क्षेत्रीय हस्तशिल्प उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय पहचान को भी मज़बूत कर रही है। मुर्मू ने कहा कि हमारे कारीगरों के पीढ़ी दर पीढ़ी संचित ज्ञान, समर्पण और कड़ी मेहनत के बल पर, भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारतीय हस्तशिल्प की मांग में वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र युवा उद्यमियों और डिज़ाइनरों को उद्यम स्थापित करने के बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 12:16:21 +0530</pubDate>
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