<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/immigration-policy/tag-62703" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Immigration Policy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/62703/rss</link>
                <description>Immigration Policy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता पर साधा निशाना : भारत और चीन को बताया 'नरक', नागरिकता कानूनों की आलोचना की</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता नीति की आलोचना करते हुए भारत और चीन जैसे देशों के लिए विवादास्पद शब्दों का प्रयोग किया है। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर साझा पत्र में प्रवासियों पर संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। ट्रंप ने इस संवैधानिक प्रावधान को बदलने और आप्रवासन कानूनों को और सख्त करने की वकालत की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-targets-birthright-citizenship-calls-india-and-china/article-151453"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर चल रही बहस के बीच भारत और चीन सहित कुछ देशों को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है, जिससे नयी राजनीतिक चर्चा छिड़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पत्र साझा करते हुए इन देशों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया और जन्मसिद्ध नागरिकता सहित कई अमेरिकी नागरिकता कानूनों की आलोचना की।</p>
<p>पत्र में कैलिफ़ोर्निया के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नियुक्तियों को लेकर दावा किया गया है कि वहां भारत और चीन से आए लोगों का वर्चस्व है, हालांकि इसके समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। पत्र का मुख्य विषय जन्मसिद्ध नागरिकता की नीति है, जिसके तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता मिलती है। इसमें आरोप लगाया गया है कि इस प्रावधान का उपयोग कर प्रवासी अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी देश में लाते हैं।</p>
<p>पत्र में कहा गया, "यहां पैदा होने वाला बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे चीन, भारत या दुनिया के किसी अन्य 'नरक' से अपने पूरे परिवार को यहां ले आते हैं।" इस पत्र की भाषा ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस मुद्दे पर निर्णय न्यायालयों या वकीलों के बजाय जनमत से होना चाहिए। इसमें एक सामाजिक माध्यम सर्वेक्षण का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि बहुमत इस नीति में बदलाव के पक्ष में है, साथ ही न्यायिक प्रक्रिया पर अविश्वास भी व्यक्त किया गया है। पत्र में अमेरिकी नागरिक स्वतंत्रता संघ (एसीएलयू) की भी आलोचना की गई है और उस पर ऐसी नीतियों का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है, जो कथित रूप से अवैध प्रवासियों को लाभ पहुंचाती हैं।</p>
<p>इसके अलावा पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रवासी स्वास्थ्य सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का दुरुपयोग करते हैं, जिससे करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसमें कैलिफ़ोर्निया जैसे प्रांतो में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। पत्र में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही का भी संदर्भ दिया गया है और संवैधानिक व्याख्या को वर्तमान परिस्थितियों से असंगत बताया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-targets-birthright-citizenship-calls-india-and-china/article-151453</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-targets-birthright-citizenship-calls-india-and-china/article-151453</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 17:40:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/trumpp.png"                         length="1153283"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी सरकार का भारतीयाों के खिलाफ बड़ा एकशन, जनवरी से अब तक रद्द किए 85,000 वीजा, जानें क्यों ?</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, जनवरी से अब तक 85,000 वीजा रद्द किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक हैं। ट्रम्प प्रशासन इसे सीमा सुरक्षा और आव्रजन नियंत्रण को सख्त करने की प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-governments-big-action-against-indians-85000-visas-canceled-since/article-135484"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/donald-trump-h-1b-visa.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की है कि जनवरी से अब तक 85,000 वीजा रद्द किए गए हैं, जो आव्रजन और सीमा सुरक्षा पर ट्रम्प प्रशासन के रुख एवं रवैये को रेखांकित करता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, जनवरी से अब तक 85,000 वीजा रद्द किए गए हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रूबियो एक साधारण जनादेश का पालन कर रहे हैं और वे इस प्रक्रिया को जल्द रोकने वाले नहीं हैं। इस पोस्ट के साथ ही 'मेक अमेरिका सेफ़ अगेन' नारे वाले पोस्टर लगाये गये।</p>
<p>विदेश विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, रद्द किए गए 85,000 वीजा सभी श्रेणियों के हैं। ये पिछले साल रद्द किये गए वीजा की संख्या से दोगुने से भी अधिक हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस आँकड़े में 8,000 से अधिक छात्र वीजा शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाना, हमला और चोरी जैसे अपराध पिछले साल वीजा रद्द होने के मामलों में 'लगभग आधे के लिए जिम्मेदार थे।'</p>
<p>वीजा रद्द होने की इस वृद्धि ने 'प्रथम संशोधन' को लेकर भी चिंताएं बढ़ाई हैं। माना जा रहा है कि गाजा युद्ध के विरोध में प्रदर्शनों में शामिल अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर यह संशोधन किया गया है। प्रशासन ने कुछ प्रदर्शनकारियों पर यहूदी विरोधी होने और आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश विभाग ने अक्टूबर में उन व्यक्तियों के वीजा रद्द करने की बात कही थी जिन्होंने कथित तौर पर 'चार्ली किर्क की हत्या का जश्न मनाया' था।</p>
<p>ट्रम्प प्रशासन ने वैध अमेरिकी वीजा रखने वाले 'सभी 5.5 करोड़ से अधिक विदेशियों' पर निरंतर जाँच लागू की है। एक अधिकारी ने कहा था, विदेश विभाग किसी भी समय वीजा रद्द कर देता है जब संभावित अयोग्यता के संकेत मिलते हैं। इसमें अधिक समय तक ठहरना, आपराधिक गतिविधि, सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा, आतंकवाद में शामिल होना, या आतंकवादी संगठन को समर्थन प्रदान करना जैसे अयोग्यताएं शामिल हो सकती हैं।</p>
<p>विदेश विभाग ने जून में अपने दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को छात्र वीजा आवेदन करने वालों की अमेरिका की संस्कृति, संस्थाओं, सरकारों के प्रति रवैये की जांच करने का निर्देश दिया था। उल्लेखनीय है कि मार्क रूबियो ने छात्र वीजा पर लागू किये इन सख्त प्रतिबंधों का पुरजोर बचाव किया है। इस साल की शुरुआत में, प्रशासन ने 19 देशों से संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-governments-big-action-against-indians-85000-visas-canceled-since/article-135484</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-governments-big-action-against-indians-85000-visas-canceled-since/article-135484</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 15:54:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/donald-trump-h-1b-visa.png"                         length="618974"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        