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                <title>Ashwini Vaishnaw - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Ashwini Vaishnaw RSS Feed</description>
                
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                <title>अश्विनी वैष्णव का लोकसभा में जवाब: रेलवे ने 2025-26 में 167 करोड़ टन माल का किया परिवहन, वित्त वर्ष में पिछले 50 वर्षों में सबसे कम रेल दुर्घटनाएं दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे ने 167 करोड़ टन माल ढुलाई का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। उर्वरक और स्टील परिवहन में 13% की वृद्धि के साथ सुरक्षा में भी सुधार हुआ है। पिछले 50 वर्षों में सबसे कम रेल दुर्घटनाओं के साथ, रेलवे अब प्रतिदिन 25,000 ट्रेनें संचालित कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashwini-vaishnavs-answer-in-lok-sabha-railways-transported-167-crore/article-148716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ashvini.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में माल परिवहन में एक नया रिकॉर्ड स्थापित करते हुए 167 करोड़ टन माल का परिवहन किया। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में 3.25 प्रतिशत अधिक माल लदान के साथ रेलवे ने रिकॉर्ड 167 करोड़ टन माल का परिवहन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने रेलवे क्षेत्र के लिए अभूतपूर्व वित्तीय आवंटन की हैं, जिससे व्यापक विकास हुआ है। रेलवे में हुए सुधारों ने सभी सामाजिक-आर्थिक समूहों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है, विशेष रूप से गरीबों और मध्यम वर्ग पर। उन्होंने बताया कि उर्वरक, पिग आयरन और तैयार स्टील के परिवहन में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी, जिसने रेलवे को यह रिकॉर्ड बनाने में मदद की।</p>
<p>रेल मंत्री ने बताया कि इस दौरान लौह अयस्क का परिवहन 6.73 प्रतिशत बढ़ा, जबकि सीमेंट के परिहवन में 3.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय रेलवे ने 76,352 विशेष ट्रेनें चलाईं। वर्तमान में रेलवे नेटवर्क पर प्रतिदिन लगभग 25,000 ट्रेनें चलती हैं। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस वित्त वर्ष में पिछले 50 वर्षों में सबसे कम गंभीर रेल दुर्घटनाएं हुईं। इस दौरान केवल 16 गंभीर दुर्घटनाएं हुईं, जो सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:13:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>टिकटों की दलाली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई: ट्रेनों में कितनी होती हैं जनरल और स्लीपर डिब्बों की संख्या? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रश्नकाल में बताया सबकुछ</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में घोषणा की कि ट्रेनों में अब 70% स्लीपर और सामान्य कोच हैं, जिससे आम यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। दलाली रोकने के लिए 3 करोड़ फर्जी अकाउंट हटाए गए हैं। सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि 'कवच' और आधुनिक सुरक्षा उपायों के कारण ट्रेन दुर्घटनाओं में भारी कमी आई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/strict-action-against-those-who-broker-tickets-how-many-general/article-147845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rail-minister1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोक सभा में बताया कि ट्रेनों में 70 प्रतिशत स्लीपर और सामान्य डिब्बे लगाये गये हैं। वैष्णव ने प्रश्नकाल में बताया कि कुल ट्रेनों में 78 प्रतिशत सीटें स्लीपर और सामान्य डिब्बों की हैं। उन्होंने बताया कि गर्मियों और त्योहारों के समय तथा भीड़ बढ़ने के दौरान बड़ी संख्या में विशेष ट्रेन चलायी गयी हैं, जिससे यात्रियों को बहुत सहूलियत हुई है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि आरक्षित टिकटों के लिए दलाली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी है। उन्होंने कहा कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट से तीन करोड़ फर्जी एकाउंट हटाये गये हैं। अब आम लोगों को कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होने लगी है।</p>
<p>रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि ट्रेन दुर्घटनायें रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किये गये हैं और इसके नतीजे भी बहुत अच्छे आये हैं। दुर्घटनाएं कम हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 18:01:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए RPF की सख्ती तेज: 3 साल में 4328 ड्रग्स तस्करी के मामले पकड़े</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, आरपीएफ ने पिछले तीन वर्षों में रिकॉर्ड 4328 एनडीपीएस मामले पकड़े हैं। सीसीटीवी, स्निफर डॉग्स और एक्स-रे स्कैनर्स के जरिए निगरानी सख्त की गई है। हालांकि आरपीएफ को केवल तलाशी और जब्ती का अधिकार है, वे एनसीबी और जीआरपी के साथ समन्वय कर ट्रेनों में नशीली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rpfs-strictness-intensified-to-curb-drug-smuggling-4328-drug-smuggling/article-147441"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/train_03.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रेलवे में नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने निगरानी और विशेष अभियानों को तेज किया है। बेहतर मॉनिटरिंग, सीसीटीवी कैमरों और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से पिछले तीन वर्षों में आरपीएफ ने कुल 4328 एनडीपीएस मामलों का पता लगाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023 में 1220, 2024 में 1392 और 2025 में 1716 मामले सामने आए।</p>
<p>आरपीएफ को 2019 की अधिसूचना के तहत तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के अधिकार हैं, लेकिन केस दर्ज करने और जांच का अधिकार नहीं है। इसलिए पकड़े गए आरोपी और जब्त सामग्री को जीआरपी या अन्य एजेंसियों को सौंप दिया जाता है। नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ लगातार समन्वय कर रही है।</p>
<p>प्रमुख स्टेशनों पर एक्स-रे बैगेज स्कैनर लगाए गए हैं और सीसीटीवी से निगरानी बढ़ाई गई है। संवेदनशील रूट्स पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं स्निफर डॉग्स की मदद से जांच को और मजबूत किया गया है। साथ ही यात्रियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 15:02:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अश्विनी वैष्णव का दावा: रेल पटरियों को उन्नत बनाने का 80 प्रतिशत काम पूरा, 50 प्रतिशत मार्ग सेमी हाईस्पीड के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 50% रेल नेटवर्क अब सेमी-हाई स्पीड (130 किमी/घंटा) के लिए तैयार है। जापान की तर्ज पर AI और IoT आधारित निगरानी से समयबद्धता में सुधार किया जा रहा है। चेन्नई-बेंगलुरु जैसे नए हाई-स्पीड कॉरिडोर से यात्रा का समय घटेगा और भारतीय रेल का प्रदर्शन अब यूरोपीय देशों के समकक्ष पहुँच गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashwini-vaishnav-claims-80-percent-work-of-upgrading-railway-tracks/article-146421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rail-minister.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय रेल नेटवर्क के 50 प्रतिशत रेल-मार्गों को उन्नत कर सेमी-हाई स्पीट रेलगाड़ी चलाने लायक कर दिया गया है जिस पर रेलगाड़यिां 130 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित दौड़ सकती है। राज्य सभा में प्रश्न काल के दौरान अपने मंत्रालय से संबधित पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पिछले एक दशक में रेल पटरियों के अपग्रेडेशन (उन्नयन) का काम बहुत गंभीरता से किया जा रहा है। 80 प्रतिशत रेल लाइनों को अपग्रेड कर 110 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए मजबूत और सुरक्षित किया गया है तथा 50 प्रतिशत मार्ग 130 किमी प्रति घंटे की ट्रेनों के लिए उपयुक्त बनाए जा चुके हैं जो सेमी हाई-स्पीड की श्रेणी में आता है।</p>
<p>उन्होंने यात्री ट्रेनों के समय पर परिचालन के रिकार्ड के बारे में एक अनुपूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि इस समय रेलवे की 24 डिवीजनों में गाड़ियों के समय पर चलने का रिकार्ड 90 प्रतिशत, 43 डिवीजनों में 80 प्रतिशत और आठ डिवीजनों में 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। मदुरै, रतलाम, हुबली, अजमेर जैसे कुछ डिवीजनों में समयानुसार परिचालन का स्तर 77 प्रतिशत है।</p>
<p>अश्विनी वैष्ण्व ने कहा, भारतीय रेल का यह प्रदर्शन जर्मनी, फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों के स्तर का है पर हमारी तुलना का आधार जापान होना चाहिए जहां समयबद्ध परिलाचन का एक अपना ही पैमाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वहां कुछ विशिष्ट कार्य प्रणालियां हैं जिनमें से कुछ को भारतीय रेल में भी अपनाया जा रहा है।</p>
<p>रेल मंत्री ने कहा कि जापान में मरम्मत और रख रखाव की योजना 26 सप्ताह पहले से लागू की जाती है। भारत में भी पिछले दो-ढाई साल से इसकी शुरुआत की गयी है जिसके परिणाम बहुत अच्छे आ रहे हैं। इसके और व्यापक इस्तेमाल और इसमें महारथ हासिल कर लिये जाने के बाद  स्थिति में निश्चित रूप से बड़ा सुधार दिखेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यात्री ट्रेनों के समय पर आने-जाने को सुनिश्चित करते के लिए भारतीय रेल का मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी वाले औजार और समाधान समावेश जिसमें एआई आधारित निगरानी के अलावा रख रखाव पर जोर है। रेल अवसंरचना की निरंतर निगरानी के लिए इंटरनेट ऑफ दी थिंग्स और एआई का भी प्रयाग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिंगल सेट ट्रेन ( जिसमें इंजन को ट्रेन से अलग नहीं करना पड़ता) से भी समयबद्धता सुधरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल हर रोज 25000 ट्रेनों का परिचालन करती है और इनकी समय सारिणी का प्रबंधन एक जटिल काम है। </p>
<p>ट्रेनों की समयबद्धता को लेकर यात्रियों को डैश-बोर्ड (इलेक्ट्रानिक सूचना पट्टिका) की सुविधा दिये जाने के विचार के संबंध में एक अन्य अनुपूरक प्रश्न के जवाब में वैष्णव ने कहा कि रेलवे के नेटवर्क के इष्टतम उपयोग के लिए रेलवे अपनी समय सारिणी पर आईआईटी बांबे और आईआईटी मद्रास के माध्यम से अनुसंधान करा रही है। आईआईटी मुंबई ने कुछ अच्छा काम किया है। रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) भी नेटवर्क के इष्टतम प्रयोग को सुनिश्चित करने में आईटी टूल के विकास में लगा रहता है।</p>
<p>रेल मंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया में यात्रियों के लिए रेल कॉरीडोर अलग कर दिए गये हैं और पुराने मार्गों को मालगाड़ी गलियारों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में सात हाईस्पीड रेल गलियारों की घोषणा उसी दिशा में शुरुआत है। उन्होंने उदाहरण दिया कि चेन्नई- बेंगलूरू हाईस्पीड गलियारे के चालू हो जाने पर दोनों महानगरों की दूरी घट कर 73 मिनट की रह जाएगी।</p>
<p>एक अन्य प्रश्न के जवाब में रेल मंत्री ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरीडॉर के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक दल ने हाल में कार्य का निरीक्षण करने के बाद प्रगति पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की पिछली उद्धव ठाकरे सरकार ने इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का काम नहीं किया जबकि गुजरात में समय से जमीन की व्यवस्था होने के चलते वहां के हिस्से में पहले से ही काम तेज चल रहा है। इस रेल-मार्ग पर देश में पहली बार समुद्र के अंदर रेल टनल बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 18:19:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यात्रिगण कृपाया ध्यान दें! रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान:  लॉन्च किया e-RCT पोर्टल, घर बैठे मिलेगा रेल यात्रियों को मुआवजा</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लॉन्च किया e-RCT सिस्टम। यात्री हादसे या सामान के नुकसान का घर बैठे 24x7 ऑनलाइन मिल सकेगा मुआवजा। रेल मंत्री ने डीपफेक और फेक न्यूज पर अपनाया सख्त रुख। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/passengers-please-pay-attention-to-the-big-announcement-of-railway/article-144677"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/indian-railway.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे यात्रियों और माल मालिकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। भारतीय रेलवे ने e-RCT (इलेक्ट्रॉनिक रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल) सिस्टम लॉन्च करके क्लेम प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। जानकारी के अनुसार, यह नया प्लेटफॉर्म उन लाखों लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जो रेल हादसों, अनहोनी घटनाओं, सामान के नुकसान या किराया विवादों में मुआवजा मांगते हैं।</p>
<p>बता दें कि इससे पहले RCT में क्लेम दाखिल करना एक लंबी और थकाऊ प्रक्रिया थी, क्योंकि कागजी फाइलिंग, अदालत में बार-बार पेशी, महीनों-कभी सालों की देरी, लेकिन अब e-RCT के साथ सब कुछ ऑनलाइन हो गया है, जिससे हर पीड़ित व्यक्ति को तुरंत सहायता मिलेगी और उसको मुआवजा भी। कोई भी यात्री या प्रभावित व्यक्ति घर बैठे, मोबाइल या कंप्यूटर से 24x7 क्लेम दर्ज कर सकता है। इसके लिए पीड़ित व्यक्ति को सिस्टम में चेकलिस्ट-बेस्ड स्क्रूटनी, आसान दस्तावेज अपलोड, ऑटोमैटिक केस असाइनमेंट और डिजिटल नोटिस जैसी आधुनिक सुविधाएं ​मिलेगी। सबसे खास बात ये है कि इस ई-हियरिंग की व्यवस्था से अब पक्षकारों को बार-बार अदालत जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्लेम की पूरी प्रोग्रेस एक ही डैशबोर्ड पर ट्रैक की जा सकेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पेंडेंसी में भारी कमी आएगी।</p>
<p>रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पर जानकारी देते हुए कहा, यह सुधार रेलवे को और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हम समय बचाने के साथ न्याय को तेज और भरोसेमंद बनाना चाहते हैं।" अधिकारियों का अनुमान है कि यह सिस्टम हजारों लंबित मामलों को जल्द निपटाने में मदद करेगा, जिससे पीड़ितों को समय पर मुआवजा मिल सकेगा।</p>
<p>इसी क्रम में रेले मंत्री अश्विनी वैष्णव ने डिजिटल दुनिया पर भी सख्त रुख अपनाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि फेक न्यूज, डीपफेक और बिना अनुमति के सिंथेटिक कंटेंट (AI से बने वीडियो/ऑडियो) से समाज का विश्वास टूट रहा है। प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट की जिम्मेदारी लेनी होगी, खासकर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। बिना सहमति के किसी की छवि या आवाज का दुरुपयोग अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। </p>
<p>इसके आगे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आग्रह करते हुए कहा, प्लेटफॉर्म्स समाज की इस बुनियादी जरूरत को समझें और सहयोग करें, वरना सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। यह दोहरी पहल—रेल क्लेम में डिजिटल क्रांति और डिजिटल स्पेस में जवाबदेही—दिखाती है कि सरकार आम आदमी की सुविधा और सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता दे रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 13:25:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तकनीक एवं आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी में भारत का बड़ा कदम, पैक्स सिलिका में हुआ शामिल, जानें कैसे और कहां होगा फायदा?</title>
                                    <description><![CDATA[भारत और अमेरिका ने 'पैक्स सिलिका' घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने इसे तकनीकी नेतृत्व और युवा पीढ़ी के सुनहरे भविष्य के लिए ऐतिहासिक निवेश बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-big-step-in-technology-and-economic-strategic-partnership-joining-pax/article-143892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pax-silica.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और अमेरिका ने तकनीक एवं आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए शुक्रवार को पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किये। इस समझौते पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिका के आर्थिक मामलों के उप मंत्री जैकब हेलबर्ग की मौजदूगी में हस्ताक्षर किये गये।</p>
<p>भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हस्ताक्षर समारोह में पैक्स सिलिका में भारत के औपचारिक प्रवेश की घोषणा की। उन्होंने इसे एक निर्णायक कदम करार दिया जो 21वीं सदी की आर्थिक और तकनीकी व्यवस्था को आकार देने में मदद करेगा। गोर ने हाल ही में संपन्न अंतरिम व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि यह समझौता केवल व्यापार प्रवाह और आयात शुल्क सूचियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दो महान लोकतंत्रों की एक साथ मिलकर निर्माण करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>यह घोषणा भारत और अमेरिका के बीच गहरे होते रणनीतिक तालमेल को रेखांकित करती है, जो भारत को अगली पीढ़ी के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगा। तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में, पैक्स सिलिका में भारत की भागीदारी को साझा समृद्धि, तकनीकी नेतृत्व और लोकतांत्रिक सहयोग में एक दीर्घकालिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस.जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल दृष्टिकोण के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने एआई इम्पैक्ट समिट और विकसित हो रही सिलिकॉन आपूर्ति शृखंला साझेदारी को संभव बनाने का श्रेय भी उनके नेतृत्व को दिया।</p>
<p>अश्विनी वैष्णव ने जोर देते हुए कि भारत 28 वर्ष की औसत आयु के साथ दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। उन्होंने कहा, हम यहां केवल एक शिखर सम्मेलन आयोजित नहीं कर रहे हैं, हम भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। हम युवा पीढ़ी के लिए नींव रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2047 में भी भारत की औसत आयु 37 वर्ष होगी, जो तकनीक और नवाचार के दम पर दशकों तक निरंतर विकास और अवसरों को सुनिश्चित करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 14:10:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के टेक फ्यूचर की झलक ‘2NM चिप’: भारत पहली बार टेक्नोलॉजी के डिजाइन मैप पर मजबूती से उभरा, अश्विनी वैष्णव की उंगलियों के बीच दिखी 2ल्ले चिप  </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2एनएम चिप दिखाई। क्वालकॉम द्वारा भारत में डिजाइन यह उपलब्धि देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/glimpse-of-indias-tech-future-2nm-chip-india-emerged-strongly/article-142394"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)7.png" alt=""></a><br /><div>नई दिल्ली। हाल ही में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की एक तस्वीर ने भारत के तकनीकी क्षेत्र में एक नई दिशा को चिह्नित किया है, जिसमें उनकी दो उंगलियों के बीच एक छोटी सी 2 नैनोमीटर चिप को देखा जा सकता है। यह चिप भारत के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी मील का पत्थर साबित हो सकती है, खासकर तब जब इसे दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर निमार्ता कंपनियों में से एक, क्वालकॉम द्वारा बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद स्थित अपने इंजीनियरिंग केंद्रों में डिजाइन किया गया है। इस चिप के डिजाइन का सफल टेप-आउट (अंतिम डिजाइन चरण) हाल ही में घोषित किया गया है, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।</div>
<div> </div>
<div><strong>2एनएम चिप क्या है और क्यों है खास?</strong></div>
<div> </div>
<div>2एनएम चिप को नेक्स्ट-जेनरेशन सेमीकंडक्टर तकनीकी के रूप में जाना जा रहा है। यह चिप ट्रांजिस्टर डेंसिटी (ट्रांजिस्टर की संख्या) के मामले में अत्यधिक प्रभावी हैं, जिससे अधिक डेटा प्रोसेसिंग और कम ऊर्जा खपत संभव होती है। विशेष रूप से, यह चिप्स मौजूदा 5एनएम और 3एनएम चिप की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करती हैं। आधिकारिक तौर पर दावा किया जा रहा है कि 2एनएम चिप का उपयोग होने के बाद ऊर्जा खपत में 45% तक की कमी आएगी। यह चिप न केवल स्मार्टफोन्स, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (अक), इंटरनेट ऑफ थिंग्स और अन्य स्मार्ट गैजेट्स में भी इस्तेमाल हो सकती हैं। </div>
<div> </div>
<div><strong>भारत के लिए यह सफलता क्यों महत्वपूर्ण है?</strong></div>
<div> </div>
<div>क्वालकॉम द्वारा 2एनएम चिप का विकास भारत में करना एक बहुत बड़ा कदम है। भारत, जो पहले से ही वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर अग्रसर है, अब सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग में भी खुद को स्थापित करने की ओर बढ़ रहा है। क्वालकॉम के अनुसार, भारत में स्थित बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई उनके लिए अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा इंजीनियरिंग टैलेंट पूल है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का मानना है कि यह भारत के डिजाइन इकोसिस्टम की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है।</div>
<div> </div>
<div><strong>इस चिप का प्रभाव</strong></div>
<div> </div>
<div>आने वाले समय में 2एनएम चिप का प्रभाव सिर्फ स्मार्टफोन्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इनका उपयोग कई अन्य क्षेत्रों में भी होगा:</div>
<div>स्मार्टफोन्स: आगामी प्रीमियम स्मार्टफोन्स में इन चिप का उपयोग किया जाएगा।</div>
<div>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (अक): एआई ऐप्लिकेशंस के लिए यह चिप बहुत कारगर साबित हो सकती हैं, क्योंकि वे बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग में मदद करती हैं।</div>
<div>इंटरनेट ऑफ थिंग्स : स्मार्ट होम डिवाइस, स्मार्ट वियरेबल्स और अन्य उपकरणों में भी इन चिप का प्रभावी उपयोग होगा।</div>
<div>ऑटोमोटिव इंडस्ट्री: स्वचालित वाहन और कनेक्टेड कारों में भी इन चिप का इस्तेमाल हो सकता है, जो इन तकनीकों को और अधिक सक्षम बनाएगा।</div>
<div>डेटा सेंटर: 2एनएम चिप की ऊर्जा दक्षता और प्रोसेसिंग स्पीड डेटा सेंटर   ऑपरेशंस को अधिक प्रभावी बनाएगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>भारत की तकनीकी क्रांति</strong></div>
<div> </div>
<div>भारत का सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग क्षेत्र एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। क्वालकॉम जैसी कंपनियों के बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में स्थापित इंजीनियरिंग केंद्रों में इस तकनीक का विकास भारत के बढ़ते तकनीकी सामर्थ्य का प्रतीक है। भारत के पास अब विश्व स्तरीय डिजाइनिंग टैलेंट, उच्च गुणवत्ता वाली इंजीनियरिंग टीम और विशाल मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर है, जो उसे वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में प्रमुख खिलाड़ी बना सकता है। अगर भारत इस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करता है, तो वह न केवल अमेरिका और चीन के समकक्ष खड़ा हो सकता है, बल्कि सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभर सकता है।</div>
<div> </div>
<div><strong>2एनएम चिप अब तक कहाँ बन रही हैं?</strong></div>
<div> </div>
<div>2 नैनोमीटर चिप एक नई तकनीक हैं, जो सेमीकंडक्टर उद्योग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं। अभी तक इस तकनीक पर काम कर रही कुछ प्रमुख कंपनियां और उनकी फैक्ट्रियां हैं, जहां यह चिप्स विकसित या निर्माण की प्रक्रिया में हैं।</div>
<div> </div>
<div>दुनिया की नंबर-1 चिप मैन्युफैक्चरर</div>
<div>लोकेशन: ताइवान</div>
<div>स्टेटस: सबसे आगे</div>
<div>उत्पादन: 2025 से</div>
<div>क्लाइंट्स लाइन में माना जा रहा है कि 18 के प्रोसेसर यहीं बनेंगे</div>
<div> </div>
<div><strong>दक्षिण कोरिया</strong></div>
<div> </div>
<div>टेक्नोलॉजी पर फोकस</div>
<div>लोकेशन: साउथ कोरिया</div>
<div>उत्पादन लक्ष्य: 2025</div>
<div> </div>
<div><strong>अमेरिका और यूरोप</strong></div>
<div> </div>
<div>अपनी 2एनएम तकनीक को 20ए / 18ए नाम से पेश कर रहा है</div>
<div> </div>
<div>लोकेशन: अमेरिका, जर्मनी, आयरलैंड</div>
<div>फोकस: हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, सर्वर और अक</div>
<div>स्टेटस: एडवांस टेस्टिंग स्टेज</div>
<div> </div>
<div><strong>अमेरिका - रिसर्च लेवल</strong></div>
<div> </div>
<div>कइट ने सबसे पहले 2ल्ले चिप का प्रोटोटाइप दिखाया</div>
<div>लोकेशन: न्यूयॉर्क रिसर्च लैब</div>
<div>उत्पादन नहीं, सिर्फ टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट</div>
<div>कइट की रिसर्च का फायदा ळरटउ और रें२४ल्लॅ को भी मिलता है</div>
<div>भारत में 2एनएम चिप कहां बन रही है?</div>
<div> </div>
<div>भारत में मैन्युफैक्चरिंग नहीं, लेकिन डिजाइन हो रहा है</div>
<div> </div>
<div>लोकेशन: बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई</div>
<div>काम: 2एनएम चिप का डिजाइन और टेप-आउट</div>
<div>मैन्युफैक्चरिंग: ताइवान या साउथ कोरिया में होगी</div>
<div>यह भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है</div>
<div>2एनएम चिप बनाना इतना मुश्किल क्यों है?</div>
<div> </div>
<div><strong>टेक्नोलॉजी चैलेंज</strong></div>
<div> </div>
<div>एक मशीन की कीमत: 1.5 लाख करोड़ से ज्यादा</div>
<div>एक फैब प्लांट की लागत: 20-25 लाख करोड़।</div>
<div> </div>
<div><strong>2एनएम चिप के निर्माण की चुनौतियां</strong></div>
<div> </div>
<div>2एनएम चिप्स का निर्माण अत्यधिक जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि इस तकनीक में बहुत छोटे ट्रांजिस्टर होते हैं जो मौजूदा तकनीकी प्रक्रियाओं की तुलना में बहुत अधिक सटीकता और अत्याधुनिक उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, जैसे कि हाई-प्रीसीजन मटेरियल और उन्नत पैटर्निंग तकनीक, चिप्स की निर्माण प्रक्रिया को और भी जटिल बनाती हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>भारत में 2एनएम चिप कब बनेगी?</strong></div>
<div> </div>
<div>भारत में अभी 2एनएम चिप नहीं बन रही, फिलहाल यह डिजाइन, टेस्टिंग में मजबूत हो रहा है</div>
<div>मैन्युफैक्चरिंग में आने में 5-7 साल लग सकते हैं।</div>
<div>अभी यह चिप केवल ताइवान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका में बन रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 11:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का दावा: यूरोप में वंदेभारत जैसी ट्रेन का किराया 20 गुना ज्यादा, हमारी ट्रेन में सुविधा 21 गुना ज्यादा</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यूरोप में वंदे भारत जैसी ट्रेन में सफर का किराया भारत से 20 गुना अधिक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/railway-minister-ashwini-vaishnav-claims-that-the-fare-of-a/article-142188"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(11)6.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रेल मंत्री को यूरोप में वंदे भारत जैसी ही ट्रेन में यात्रा के लिए 20 गुना किराये का भुगतान करना पड़ा। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्य सभा में रेल मंत्रालय से जुड़े अनुपूरक सवालों का जवाब देते हुए बताया कि उन्होंने हाल में यूरोप में दावोस से ज्यूरिख स्टेशन तक रेल से यात्रा की। उन्होंने कहा, जिस ट्रेन में हमने सफर किया वह हमारी वंदेभारत ट्रेनों जैसी ही थी, हमारी ट्रेन में सुविधा वहां से 21 ही होगी। पर उसका किराया हमारे यहां की तुलना में 20 गुना अधिक था। </p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत में रेल किराये पड़ोसी पाकिस्तान और बांग्लादेश की तुलना में तो और भी कम हैं जबकि हमारी सुविधा एवं पड़ोसी देशों की ट्रेनों की तुलना में काफी अच्छी है। वैष्ण्व पिछले माह दावोस में वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक में भाग लेने के लिए वहां गये हुए थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/railway-minister-ashwini-vaishnav-claims-that-the-fare-of-a/article-142188</link>
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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 17:21:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर में बनेगा डेटा सेंटर, एआई स्किल से 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिग : अश्विनी वैष्णव</title>
                                    <description><![CDATA[सीतापुरा स्थित जेइसीसी में 'राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026' का भव्य समापन हुआ। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि जयपुर में जल्द ही एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की नई एआई-एमएल पॉलिसी 2026 भी लॉन्च की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/data-center-will-be-built-in-jaipur-10-lakh-youth/article-138632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/digifest.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को जेइसीसी सीतापुरा में आयोजित राजस्थान डीजीफेस्ट कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़ते हुए कहा कि जयपुर में जल्दी ही बड़ा डेटा सेंटर बनेगा, जिसका भूमि पूजन भी जल्दी किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस स्किलिंग के जरिए 10 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देने का काम आज राजस्थान से शुरू हो गया है।</p>
<p>सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) में तीन दिवसीय राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 का आज भव्य समापन हुआ। यह आयोजन राज्य सरकार और टाई राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 4 से 6 जनवरी तक चला, जिसमें 10 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। समिट का मुख्य फोकस डिजिटल इनोवेशन, स्टार्टअप इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर रहा। समापन दिवस पर राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ, जो भारत की राष्ट्रीय एआई रणनीति से जुड़ा महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।समापन कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों में राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी 2026 का औपचारिक लॉन्च शामिल रहा। </p>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस पॉलिसी को जारी किया, जिसका उद्देश्य एआई को गवर्नेंस, उद्योग और इनोवेशन में एकीकृत करना है। पॉलिसी के तहत साइबर सिक्योरिटी मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा, सेक्टोरल सेशंस में फिनटेक, एग्रीटेक, हेल्थटेक, प्रॉपटेक और डीप टेक जैसे क्षेत्रों पर गहन चर्चाएं हुईं। स्टार्टअप पिचेस, हैकाथॉन और एक्सपो में 114 से अधिक राजस्थानी स्टार्टअप्स ने अपनी इनोवेशंस प्रदर्शित कीं, जिससे 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के अवसर पैदा हुए।कार्यक्रम में जयपुर कॉमिक कॉन और फिल्म फेस्टिवल जैसे कल्चरल इवेंट्स भी आयोजित हुए, जो युवाओं में क्रिएटिविटी को प्रोत्साहित करने के लिए थे। </p>
<p>हाई-वैल्यू नेटवर्किंग सेशंस और फायरसाइड चैट्स में वैश्विक विशेषज्ञों ने भाग लिया। समापन की शाम को ताज रामबाग पैलेस में टीजीएस अवॉर्ड्स सेरेमनी आयोजित की गई, जहां उत्कृष्ट स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह समिट राजस्थान को आईटी और स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। एआई पॉलिसी से हम डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को नई गति देंगे और युवा उद्यमियों को वैश्विक मंच प्रदान करेंगे। </p>
<p>उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन से डिजिटल टेक्नोलॉजी ई-गवर्नेंस, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रही है। डिजीफेस्ट स्टार्टअप्स, सरकार और इंडस्ट्री को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल है। उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने समिट के दौरान कहा कि राजस्थान में एग्रीटेक, मेडिटेक और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में अपार अवसर हैं, जो दुनिया के कई देशों से अधिक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 18:20:53 +0530</pubDate>
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                <title>रेलयात्री कृपया ध्यान दें...लोकसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा एलान, ज्यादा सामान ले जाने पर देना होगा इतना शुल्क, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि तय सीमा से अधिक सामान ले जाने पर यात्रियों को शुल्क देना होगा। सेकंड क्लास में 35 किलो, स्लीपर में 40 किलो तक सामान मुफ्त रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/railway-passengers-please-pay-attention-to-the-big-announcement-of/article-136312"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ashwini-vaishnav.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। 17 दिसंबर को लोकसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने, ट्रेन यात्रा से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए बड़ा ऐलान किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि अब ट्रेन में तय सीमा से अधिक सामान ले जाने पर यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा।ब बता दें कि यह जानकारी सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी के सवाल के लिखित जवाब में दी गई। इस मामले में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव   ने बताया कि वर्तमान में रेलवे द्वारा विभिन्न श्रेणियों के डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए लगेज की अधिकतम सीमा पहले से तय है। तय सीमा तक का सामान बिना किसी शुल्क के ले जाया जा सकता है, लेकिन उससे अधिक वजन होने पर शुल्क देना अनिवार्य होगा।</p>
<p>रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, अब से सेकंड क्लास में यात्रा करने वाले यात्री 35 किलोग्राम तक का सामान मुफ्त ले जा सकते हैं। अगर यात्री को उससे अधिक भार का सामान ले जाना है तो उसके लिए पैसे देने होंगे। इसके आगे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यात्रियों को अधिकतम 70 किलोग्राम तक सामान ले जाने की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। स्लीपर क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए मुफ्त सामान की सीमा 40 किलोग्राम तय की गई है। इस श्रेणी में अधिकतम 80 किलोग्राम तक सामान यात्रियों के द्वारा ले जाया जा सकता है अगर इससे अधिक किलोग्राम भार का सामान ले जाना है तो इसके लिए अतिरिक्त पैसे खर्च ​करने होंगे।</p>
<p>वहीं, एसी थ्री टियर और चेयर कार में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अधिकतम 40 किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति है और यही उनकी अंतिम सीमा मानी जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 19:16:07 +0530</pubDate>
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                <title>अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1300 स्टेशनों का हो रहा पुनर्निर्माण : रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव</title>
                                    <description><![CDATA[ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1300 से अधिक स्टेशनों का पुनर्निर्माण जारी है, जिनमें 160 स्टेशन पूरी तरह विकसित हो चुके हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/railway-minister-ashwani-vaishnav-is-reconstructing-1300-stations-under-amrit/article-135532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/railway-minister-as.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने लोकसभा में बुधवार को कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1300 से अधिक स्टेशनों का  पुनर्निर्माण चल रहा है जिसमें 160 स्टेशन का काम पूरा हो चुका है। रेल मंत्री वैष्णव ने प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के गोडम नागेश के सवाल पर कहा कि देश भर में करीब सात हजार स्टेशन है। स्टेशन का ग्रेड तय करने के लिए वहां सवारियों की आवाजाही पर निर्भर करता है। सरकार ने पुनर्निर्माण करने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना चलायी है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि1300 से अधिक स्टेशनों का पुनर्निर्माण चल रहा है। एक सौ साठ स्टेशन का काम हो चुका है। पहले स्टेशन की सिर्फ रंगाई पुताई होता था अब आगामी पचास साल जरूरतों के हिसाब से स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। यह एक नयी पहल की गयी है। स्टेशन की पार्किंग को भी विकसित करने का काम किया गया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि देश भर में हाइजीन पर 11 वर्षों में काफी परिवर्तन आया है। इससे पहले वहां किस तरह का वातावरण था उससे सभी अवगत है। सफाई का अब नया मानक तय किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि स्टेशन विकास बहुत ही कॉम्प्लेक्स काम है। स्टेशन की गतिविधियों को रोके बिना विकास का काम करना है। यातायात को प्रभावित किये बिना ही काम किया जा रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार इस प्रकार का काम स्टेशनों के विकास के लिए किया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 18:57:47 +0530</pubDate>
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