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                <title>Indian Diaspora - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Indian Diaspora RSS Feed</description>
                
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                <title>कोरोना काल की तरह धैर्य के साथ करना होगा पश्चिम एशिया संकट का मुकाबला: बिजली-पेट्रोलियम समेत कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा, साढ़े तीन घंटे चली पीएम मोदी की हाईलेवल मीटिंग</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट को गंभीर बताते हुए भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है, इसलिए भारत कूटनीति और संवाद के जरिए शांति का पक्षधर है। पीएम ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता हेतु सौर ऊर्जा और एथेनॉल मिश्रण जैसे घरेलू विकल्पों पर भी जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/like-the-corona-period-the-west-asia-crisis-will-have/article-147560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट को गम्भीर चिंता का विषय बताते हुए सोमवार को कहा कि कच्चे तेल एवं गैस की जरुरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है इसलिए भारत पर इसका असर स्वभाविक है लेकिन इस चुनौती का मिलकर और एकजुटता के साथ मुक़ाबला करने की जरूरत है।</p>
<p>पीएम मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर वक्तव्य देते हुए कहा कि इस संकट के कारण भारत की चिंताएं स्वाभाविक है लेकिन भारत को एकजुट रहकर चुनौतियों का मुकाबला करना आता है। कोरोना संकट के समय की इसी तरह की चुनौती का हमने एकजुट रहकर सामना किया था और अब इस चुनौती का मुकाबला भी उसी तरह एकजुटता से करना होगा।</p>
<p>पश्चिमी एशिया के देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा, "इन देशों में हमारे मिशन भारतीयों की मदद में जुटे हैं। प्रभावित देशों में हमारे मिशन लगातार भारतीयों की मदद में लगे हुए हैं। चाहे वहां काम करने वाले भारतीय हों या वहां गए पर्यटक, सभी को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। भारतीय मिशन नियमित रूप से इसको लेकर सलाह जारी कर रहे हैं। भारत और अन्य प्रभावित देशों में 24/7 सहायता कक्ष और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। इनके माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को नवीनतम जानकारी दी जा रही है।"</p>
<p>उन्होंने कहा "संकट के समय में भारत और विदेश में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस युद्ध की शुरुआत से ही प्रभावित देशों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय को सहायता प्रदान की गई है। मैंने पश्चिम एशियाई देशों के अधिकांश राष्ट्राध्यक्षों से दो बार फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। यह दुखद स्थिति है कि संघर्ष के दौरान कुछ लोगों ने अपनी जान गंवाई है और कुछ घायल हुए हैं।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने युद्धग्रस्त और संघर्ष से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध का ज़िक्र करते हुए कहा, "जिस क्षेत्र में संघर्ष चल रहा है, वह विश्व के अन्य देशों के साथ हमारे व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग भी है। यह क्षेत्र विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की जरुरतों के लिए हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह क्षेत्र हमारे लिए इस कारण से भी महत्वपूर्ण है कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय काम करते हैं। वहां वाणिज्यिक जहाज चलते हैं। भारतीय चालक दल के सदस्यों की संख्या भी बहुत अधिक है। इन विभिन्न कारणों से, भारत की चिंताएं स्वाभाविक रूप से अधिक हैं। इन सब स्थितियों को देखते हुए आवश्यक है कि संसद से इस संकट को लेकर हमारी एक आवाज और आम सहमति दुनिया तक पहुंचे।"</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया की चिंताजनक स्थिति को लेकर लगातार संसद को अवगत करा रही है। उनका कहना था कि पिछले दो-तीन हफ्तों में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने सदन को स्थिति का विस्तृत विवरण दिया है। यह संघर्ष तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहा है। इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और इसीलिए दुनिया इस संघर्ष के शीघ्र समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है।</p>
<p>संकट की स्थिति में भारतीय कूटनीति पर उन्होंने कहा "वर्तमान वैश्विक माहौल में भारत की भूमिका स्पष्ट है। शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने पश्चिम एशिया के सभी संबंधित नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बात की है। मैंने सभी से तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने का आग्रह किया है। भारत ने नागरिकों, ऊर्जा और परिवहन अवसंरचना पर हमलों की निंदा की है। वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को अवरुद्ध करना अस्वीकार्य है। भारत इस युद्ध जैसे माहौल में भी भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीति के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रहा है। </p>
<p>भारत ने हमेशा मानवता के कल्याण और शांति का समर्थन किया है। मैं दोहराता हूं कि इस समस्या का एकमात्र समाधान संवाद और कूटनीति है। हमारे सभी प्रयास तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में हैं। इस युद्ध में किसी के भी जीवन को खतरे में डालना मानवता के हित में नहीं है इसलिए हमारा प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना है। जब ऐसे संकट उत्पन्न होते हैं, तो कुछ तत्व उनका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, इसलिए, सभी कानून और व्यवस्था एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा हो, साइबर सुरक्षा हो या रणनीतिक प्रतिष्ठान हों, सबकी सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने वैकल्पिक ऊर्जा बढाने के लिए भारत के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में, देश ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को लगभग 03 गीगावाट से बढ़ाकर 140 गीगावाट कर दिया है। पिछले एक वर्ष में, देश भर में लगभग 40 लाख रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री सूर्यगढ़ मुफ्त बिजली योजना ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गोवर्धन योजना के तहत, देश में 200 संपीड़ित बायोगैस संयंत्र भी चालू हो गए हैं। ये सभी प्रयास देश के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं। सरकार ने शांति अधिनियम के माध्यम से देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करके भविष्य की तैयारियों को और मजबूत किया है। हाल ही में, लघु जलविद्युत विकास योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अगले पांच वर्षों में 1500 मेगावाट की नई जलविद्युत क्षमता जुड़ेगी।</p>
<p>पीएम मोदी ने एथेनॉल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत कर दी है जिसका लाभ देश को बड़े स्तर पर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के बावजूद सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर गंभीर असर न पड़े, इसके लिए प्रयास किए हैं। देश अपनी एलपीजी की 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात करता है। आपूर्ति में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही एलपीजी का घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है। देश भर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे, इसके लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:02:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिया पश्चिम एशिया संकट पर दिया बयान: तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाने पर दिया जोर, कांग्रेस के बहिर्गमन पर नड्डा का पलटवार</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में बताया कि सरकार युद्ध क्षेत्र से भारतीयों को लाने के लिए प्रतिबद्ध है। 9 मार्च तक 110 से अधिक उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवीय आधार पर ईरानी युद्धपोत को कोच्चि में रुकने की अनुमति दी गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/external-affairs-minister-s-jaishankar-gave-a-statement-on-the/article-145831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jai-shankar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया की स्थिति पर जब डॉ. जयशंकर ने बयान देना शुरू किया तो कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने नारेबाजी और शोर शराबा शुरू कर दिया तथा बाद में सदन से बहिर्गमन किया। उन्होंने कहा कि स्थिति के निरंतर बिगड़ने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने एक मार्च को बैठक में वहां की स्थिति की समीक्षा की। समिति ने वहां की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा तथा इच्छुक लोगों की सकुशल वापसी के लिए सभी संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिये गये। </p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा कि इन सभी देशों में भारतीय दूतावास निरंतर लोगों से संपर्क बनाये हुए है और जरूरत के अनुसार समय समय पर परामर्श जारी किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय में इसके लिए विशेष नियंत्रण कक्ष बनाये गये और दूतावासों ने आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किये। इसके आगे विदेश मंत्री ने कहा, भारत ने ईरान के अनुरोध पर उसके एक युद्धपोत को कोच्चि बंदरगाह में रूकने की अनुमति दी है और यह कदम विशुद्ध मानवीय मूल्यों के आधार पर उठाया गया है। </p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रभावित क्षेत्र के सभी देशोंं के नेताओं के साथ बात की है और सभी ने वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। अमेरिका और इजरायल के साथ भी भारत निरंतर संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं ईरान के विदेश मंत्री से भी बात की है। </p>
<p>भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के साथ साथ स्वदेश आने के इच्छुक लोगों की सकुशल वापसी के लिए सभी संभव कदम उठा रहा है। इन देशों से सात मार्च को 15, 8 को 49 उडानें भारत आई हैं और आज यानी 9 मार्च को 50 उडानों के आने की संभावना है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि भारत अपने ऊर्जा हितों सहित सभी राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। </p>
<p>इसके आगे जे.पी. नड्डा ने कांग्रेस के बहिर्गमन पर उसकी आलोचना करते हुए कहा कि इस पार्टी का रवैया हमेशा गैर जिम्मेदाराना रहा है और उसकी रूचि राष्ट्रीय हित में नहीं है। यह पार्टी बहस में विश्वास नहीं करती बल्कि हुड़दंग मचाने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर, एसआईआर और बजट को लेकर हंगामा किया, लेकिन जब इन मुद्दों पर चर्चा हुई और सरकार की ओर से जवाब दिया गया तो यह हमेशा की तरह बहिर्गमन कर गयी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 17:32:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केंद्र सरकार ने कहा-भारत के ऊर्जा हितों की रक्षा उसकी प्राथमिकता: विपक्ष का राज्ययसभा से बहिर्गमन</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारतीयों की सुरक्षा और ऊर्जा हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विपक्ष ने ऊर्जा सुरक्षा और गैस की बढ़ती कीमतों पर नियम 176 के तहत चर्चा की मांग करते हुए वॉकआउट किया। सरकार स्थिति का निरंतर आकलन कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/central-government-said-protecting-indias-energy-interests-is-its/article-145805"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/s-jaishankar1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में स्पष्ट किया कि वह पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति का निरंतर आकलन कर रही है और इस क्षेत्र के देशों में भारतीयों की सुरक्षा, उनकी सकुशल वापसी तथा देश के ऊर्जा हितों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है जबकि विपक्ष ने इस स्थिति के कारण देश के समक्ष ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों पर नियम 176 के तहत चर्चा कराने की मांग को लेकर सदन से बहिर्गमन किया। विदेश मंत्री डा एस जयशंकर के पश्चिम एशिया तथा खाड़ी देशों की स्थिति के भारत पर प्रभाव के बारे में स्वत: दिये जाने वाले वक्तव्य से पहले विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस स्थिति के कारण देश में ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों के मुद्दे पर नियम 176 के तहत सदन में चर्चा कराये जाने की मांग की। नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने कांग्रेस के रवैये को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इनकी रूचि ने देश हित में है और न ही चर्चा में, बस इनकी रूचि केवल हुड़दंग मचाने में है। </p>
<p>नेता विपक्ष की मांग के तुरंत बाद डॉ. जयशंकर ने विपक्ष के भारी शोर शराबे के बीच अपने वक्तव्य में पश्चिम एशिया की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि सरकार अमरीका और इजरायल की ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद से स्थिति का निरंतर आकलन कर रही है और सभी संबंधित पक्षों के निरंतर संपर्क में है। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण इस मामले में मुख्य रूप से तीन बिन्दुओं पर आधारित है पहला सभी मुद्दों का समाधान बातचीत से हो, क्षेत्र में तनाव कम करने के कदम उठाये जायें, आम लोगों पर हमले न किये जायें। दूसरा क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और सकुशल वापसी सरकार की प्राथमिकता है और तीसरा देश के राष्ट्रीय और ऊर्जा हितों की रक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जायेगा। </p>
<p>इससे पहले खरगे ने ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए इस पर नियम 176 के तहत सदन में चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिति निरंतर बदल रही है और भारत भी इससे प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरत का 55 प्रतिशत इस क्षेत्र से पूरा होता है और यदि स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर भारत की आर्थिक स्थिरता पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर पहले ही 60 रुपये महंगा हो गया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भारत के करीब एक करोड़ लोग हैं और उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के कुछ लोगों के मारे जाने तथा कुछ के लापता होने की घटनाएं सामने आयी हैं। नेता विपक्ष ने कहा कि सरकार को सदन में इन सभी मुद्दों पर चर्चा करानी चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/central-government-said-protecting-indias-energy-interests-is-its/article-145805</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 13:57:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा कराने की मांग, भाकपा सांसद संदोष कुमार ने दिया नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[सांसद संदोष कुमार पी ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच वहां रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर राज्यसभा में चर्चा हेतु नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। उन्होंने सरकार से आपातकालीन निकासी योजना और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। खाड़ी देशों में भारतीयों की आजीविका और वैश्विक अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को देखते हुए यह मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cpi-mp-sandosh-kumar-gave-notice-demanding-discussion-in-rajya/article-145773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/mp.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद संदोष कुमार पी ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा कराने का नोटिस दिया है। उन्होंने सोमवार को सदन में सामान्य कामकाज स्थगित कर इस गंभीर विषय पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की है। </p>
<p>संदोष कुमार ने नोटिस में उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और मानवीय स्थिति गंभीर होती जा रही है। इससे वहां काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा, आजीविका और आवागमन को लेकर चिंता बढ़ गई है। सांसद ने कहा कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार, पेशेवर और उनके परिवार रहते हैं, जो भारत की अर्थव्यवस्था और मेजबान देशों दोनों के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार को स्थिति पर लगातार निगरानी रखनी चाहिए और भारतीय समुदाय के लिए प्रभावी सहायता तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने सरकार से यह भी मांग की, कि संसद में इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान दिया जाए और जरूरत पडऩे पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा संभावित निकासी की तैयारी की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 11:34:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खामेनेई की मौत पर चुप्पी को लेकर राहुल गांधी ने उठाए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल, बोलें- ईरान संकट और &quot;लक्षित हत्या&quot; पर चुप्पी तोड़ें</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ईरानी नेता खामेनेई की हत्या को 'लक्षित हत्या' बताते हुए केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि खाड़ी में फंसे एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा दांव पर है। राहुल ने हिंसा की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता की रक्षा हेतु भारत को बोलने का साहस दिखाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-raised-questions-on-the-foreign-policy-of-the/article-145205"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/rahul-gandhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि ईरान में लगातार गंभीर हो रहे हालात और उसके सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई की मौत लक्ष्य कर की गई हत्या है और हालात को देखते हुए केंद्र सरकार को इस पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त करनी चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि युद्ध के कारण जो हालात ईरान तथा अन्य खाड़ी देशों में बन रहे हैं उसे देखते हुए भारत को स्पष्ट नीति का पालन करना चाहिए। उनका कहना था कि ईरान और अमेरिका तथा इजरायल के बीच लगातार बढ़ रहे संघर्ष के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के सामने भी अनिश्चितता का संकट पैदा हो गया है।</p>
<p>राहुल गांधी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव एक नाजुक क्षेत्र को व्यापक संघर्ष की तरफ धकेल रहा है। इस वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीयों के साथ ही असंख्य लागों को अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को स्वाभाविक बताया लेकिन कहा कि संप्रभुता का उल्लंघन करने वाले हमले संकट को और भी गंभीर बना देंगे। ईरान पर एकतरफा हमलों के साथ ही ईरान द्वारा पश्चिम एशिया के कई देशों पर किए जा रहे हमले, दोनों की निंदा की जानी चाहिए। उनका कहना था कि हिंसा ही हिंसा को जन्म देती है इसलिए संवाद और संयम ही शांति का एकमात्र मार्ग है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा, "भारत को नैतिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए। हमें अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव जीवन की रक्षा में खुलकर बोलने का साहस होना चाहिए। हमारी विदेश नीति संप्रभुता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित है और इसे सुसंगत रहना चाहिए। केंद्र सरकार को बोलना चाहिए। क्या वे विश्व व्यवस्था को परिभाषित करने के तरीके के रूप में किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या का समर्थन करते हैं। अब चुप्पी भारत की विश्व में प्रतिष्ठा को कम करती है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 18:10:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>टेक्सस में अंधाधुंध फायरिंग में भारतीय मूल की छात्रा सहित 4 लोगों की दर्दनाक मौत; संदिग्ध की मौत, पुलिस जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के ऑस्टिन में हुई अंधाधुंध गोलीबारी में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस की भारतीय मूल की छात्रा सविता शान सहित चार लोगों की जान चली गई। पुलिस ने हमलावर को मार गिराया, जिसके पास से ईरानी झंडा मिला है। एफबीआई अब इस हमले के अंतरराष्ट्रीय और वैचारिक संबंधों की गहन जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/4-people-including-indian-origin-student-tragically-killed-in-indiscriminate/article-145200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/indian-student-death-in-america.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका। अमेरिका के टेक्सस स्थित ऑस्टिन में हुई गोलीबारी ने भारतीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। वेस्ट सिक्स्थ स्ट्रीट के व्यस्त नाइटलाइफ इलाके में रविवार देर रात एक हमलावर ने बार के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें चार लोगों की जान चली गई। अब मृतकों में 21 वर्षीय भारतीय मूल की छात्रा सविता शान की पहचान हुई है।</p>
<p>सविता यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस एट ऑस्टिन में डुअल-डिग्री प्रोग्राम की अंतिम वर्ष की छात्रा थीं और मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम तथा इकोनॉमिक्स की पढ़ाई कर रही थीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें मेधावी और प्रतिभाशाली छात्रा बताया।</p>
<p>हमले के पीछे संभावित अंतरराष्ट्रीय या वैचारिक संबंधों की जांच एफबीआई की ज्वाइंट टेररिज्म टास्क फोर्स कर रही है। पुलिस के अनुसार, 53 वर्षीय संदिग्ध नडियागा डायग्ने को मौके पर ही मार गिराया गया। उसके घर से बरामद सामग्री में एक ईरानी झंडा भी मिला है, जिसके आधार पर जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 14:35:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने सुरक्षा मामलों की समिति में पश्चिम एशिया में स्थिति की समीक्षा की, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में CCS की बैठक में ईरान-इजराइल युद्ध से उत्पन्न स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई। समिति ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीय प्रवासियों और छात्रों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कूटनीति की वापसी पर जोर दिया। सभी विभागों को प्रभावित नागरिकों की तत्काल सहायता और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-reviewed-the-situation-in-west-asia-in-the/article-145107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई से पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार देर रात हुई बैठक में पश्चिम एशिया में निरंतर बदलते हालात की विस्तार से समीक्षा की गई। समिति ने टकराव को जल्द खत्म करने और बातचीत और कूटनीति पर लौटने की अहमियत पर जोर दिया।</p>
<p>समिति को 28 फरवरी को ईरान पर हवाई हमले और उसके बाद बढ़ी हिंसा, जिसमें कई गल्फ देशों में हुए हमले भी शामिल हैं, के बारे में जानकारी दी गई। इसने इस इलाके में रहने वाले बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई। समिति ने इस इलाके में आने-जाने वाले भारतीय यात्रियों और तय परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को होने वाली मुश्किलों के साथ-साथ इलाके की सुरक्षा और आर्थिक तथा  वाणिज्य गतिविधियों पर इसके बड़े असर की भी समीक्षा की।</p>
<p>समिति ने सभी संबंधित विभागों को इन घटनाओं से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए जरूरी और मुमकिन कदम उठाने का निर्देश दिया। उसने टकराव को जल्द खत्म करने और बातचीत और कूटनीति पर लौटने की अहमियत पर जोर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 11:17:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान-अमेरिका जंग भारतीय डिप्लोमैसी के लिए चुनौती: इजरायल बेहद करीबी मित्र तो ईरान से भी ऐतिहासिक रिश्ते</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने भारत के लिए रणनीतिक चुनौती। दोनों पक्षों से गहरे रिश्तों के कारण भारत सतर्क। सरकार ने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर तेहरान में फंसे भारतीयों को घरों में रहने की दी सलाह। वैश्विक भू-राजनीति में रूस और चीन की भूमिका पर भी सबकी नजरें टिकी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-america-war-is-a-challenge-for-indian-diplomacy-israel-is/article-145012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/khamnoi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका की ओर से युद्ध शुरू होने के बाद भारत के सामने बहुत ही कठिन राजनयिक चुनौती खड़ी हो चुकी है। भारत और इजरायल बेहद करीबी मित्र हैं, तो ईरान के साथ भी भारत के पुराने ऐतिहासिक रिश्ते हैं और वह भारत के लिए सामरिक और आर्थिक रूप से भी बहुत ज्यादा अहमियत रखता है। इस लड़ाई में अमेरिका का इजरायल का साथ देने की वजह से भारत के सामने और भी अग्निपरीक्षा की स्थिति पैदा हो चुकी है। ईरान पर शनिवार को जिस तरह से अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला बोला है, उसकी आशंका बीते कई महीनों से थी। पिछले कुछ सप्ताह से तो अमेरिका ने इसके लिए अपना पूरा सैन्य बंदोबस्त भी कर लिया था। लेकिन, अब जंग की शुरूआत हो चुकी है और जिस तरह से कुछ देश ईरान के समर्थन में भी खुलकर सामने आने शुरू हुए हैं, इससे आने वाले अगले कुछ दिन जियोपॉलिटिक्स के लिए बहुत अहम होने वाले हैं।</p>
<p><strong>रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर उंगली भी उठा दी </strong></p>
<p>रूस ने तो खुलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर उंगली भी उठा दी है। हालांकि, वह सीधे इस जंग में ईरान की ओर से कूदेगा, फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं हैं। लेकिन, पहले से ही आफत में अवसर की तलाश में बैठा चीन इसका किस तरह से फायदा उठाना चाहेगा, यह देखने वाली बात है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध पर भारत ने शुरूआती प्रतिक्रिया में दोनों देशों में रह रहे अपने नागरिकों को पूर्ण एहतियात बरतने की एडवाइजरी जारी की है। तेहरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को सलाह दी है, पैदा हो रहे हालातों को देखते हुए, ईरान में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि पूरी सावधानी बरतें, गैर-जरूरी मूवमेंट से बचें और जितना संभव हो घरों के अंदर ही रहें। भारतीय समाचार पर नजर रख सकते हैं, जागरूकता बनाए रखें और भारतीय दूतावास से अगले दिशा-निदेर्शों का इंतजार करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 11:37:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने की केरल के केयरगिवर्स के थिरुवथिरा की शानदार प्रस्तुति की तारीफ, संस्कृति को बचाने के लिए की प्रवासियों की प्रशंसा </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के केयरगिवर्स समुदाय द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक थिरुवथिरा नृत्य की सराहना की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को देश की समृद्ध कलात्मक विरासत का वैश्विक राजदूत बताया। 'एक्स' पर साझा संदेश में पीएम ने कहा कि यह समर्पण भारतीय संस्कृति को सात समंदर पार जीवित रखने और सामुदायिक बंधन को मजबूत करने का बेहतरीन उदाहरण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-praised-the-brilliant-presentation-of-thiruvathira-by-kerala/article-144712"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pm-modi-israel-visit.png" alt=""></a><br /><p>यरुशलम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को केरल के केयरगिवर्स समुदाय के सदस्यों की थिरुवथिरा की शानदार प्रस्तुति की तारीफ की और विदेशों में देश की कलात्मक विरासत को बचाए रखने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर प्रशंसा की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, केरल के केयरगिवर्स समुदाय के सदस्यों द्वारा दी गयी थिरुवथिरा की एक शानदार प्रस्तुति देखी। इस प्रस्तुति में केरल की सांस्कृतिक परंपराओं की महानता और इसके प्रति जुनून रखने वालों का समर्पण दिखा। यह देखकर गर्वांवित हूं कि हमारे प्रवासी जहाँ भी जाते हैं, भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत को बचाए रखते हैं। </p>
<p>गौैरतलब है कि, थिरुवथिरा केरल का एक पारंपरिक, महिलाओं द्वारा किया जाने वाला समूह नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से ओणम और मलयालम महीने धनु (दिसंबर-जनवरी) में किया जाता है। इसे कैकोट्टिकली के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें पारंपरिक कसवू साड़ी पहनी महिलाएं एक दीपक के चारों ओर ताली बजाते हुए शिव-पार्वती को समर्पित गीत गाती हैं। केरल के मंदिर और त्योहारों की परंपराओं से बहुत करीब से जुड़ा हुआ है। इसे अक्सर नारीत्व, भक्ति और सामुदायिक बंधन के उत्सव के रूप में देखा जाता है। </p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियाँ विदेशों में बसे भारतीय समुदायों के प्रति सरकार की निरंतर पहुँच और सांस्कृतिक कूटनीति पर उसके जोर को रेखांकित करती हैं। वर्षों से मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने में प्रवासी भारतीयों के योगदान को अक्सर सराहा है। केयरगिवर्स समुदाय के सदस्यों (जिनमें से कई विदेशों में हेल्थकेयर और सहायक सेवाओं में काम करते हैं) ने अक्सर अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपने मेजबान समाज में योगदान देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये हैं।</p>
<p>एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ऐसी प्रस्तुति न केवल परंपराओं को जिंदा रखती हैं, बल्कि दुनिया को भारत के अलग-अलग सांस्कृतिक अभिव्यक्ति से भी परिचित कराती हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासियों के नेतृत्व वाली सांस्कृतिक पहल भारत और दूसरे देशों के बीच एक जरूरी पुल का काम करती हैं। प्रधानमंत्री का यह वैश्विक मंच पर क्षेत्रीय कला को बढ़ावा देने और प्रवासी भारतीयों की युवा पीढिय़ों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करने की कोशिशों के बीच आया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 18:43:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी दो दिवसीय यात्रा पर इजरायल रवाना:  बोलें-दोनों देशों के संबंध और होंगे मजबूत, साझा विजन से भविष्य होगा खुशहाल </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री इजरायल के साथ रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार। यात्रा के दौरान वह नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम बनेंगे। विज्ञान, रक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर, दोनों देश एक साझा भविष्य और खुशहाल विजन की नींव रखेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-leaves-on-two-day-visit-to-israel-says-relations/article-144516"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pm-modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनकी इजरायल यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे तथा साझा विजन से दोनों देशों का भविष्य खुशहाल होगा। पीएम मोदी ने बुधवार को इजरायल की दो दिन की यात्रा पर रवाना होने से पहले एक वक्तव्य में कहा कि वह अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत के लिए उत्सुक हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, वह इजरायल के राष्ट्रपति से भी मिलेंगे, इजरायल की संसद को संबोधित करेंगे और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों के साथ भी संवाद करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच एक मजबूत और कई तरह की रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें हाल के सालों में जबरदस्त बढ़ोतरी और तेजी देखी गई है। उन्होंने कहा, मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ अपनी बातचीत का इंतजार कर रहा हूँ, जिसका मकसद विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, कृषि , जल प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार तथा निवेश के साथ ही लोगों के बीच संबंधों सहित अलग-अलग क्षेत्रों में हमारे सहयोग को और मजबूत करना है। हम आपसी फ़ायदे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार शेयर करेंगे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस दौरान इजरायल के राष्ट्रपति आइजौक हर्जोगा से भी मिलेंगे। उन्होंने कहा, मुझे इजरायली संसद, नेसेट को संबोधित करने वाले पहले प्रधानमंत्री का भी सम्मान मिलेगा, यह एक ऐसा मौका होगा जो हमारे दोनों देशों को जोडऩे वाले मजबूत संसदीय और लोकतांत्रिक संबंधों को श्रद्धांजलि होगी।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि वह भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करने का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जो लंबे समय से भारत और इजरायल की खास दोस्ती को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनकी यात्रा से दोनों देशों के बीच के पक्के रिश्तों को और मजबूती मिलेगी, रणनीतिक साझेदारी के नए लक्ष्य तय होंगे और मजबूत तथा नवाचार पर आधारित खुशहाल भविष्य के लिए हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 12:18:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान-वेनेजुएला संकट: ईरान यात्रा को लेकर भारत सरकार ने जारी की एडवायजरी, 'जरूरी न हो तो जाने से बचें..'</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने ईरान को लेकर नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, अगले आदेश तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-venezuela-crisis-indian-government-issues-advisory-regarding-travel-to-iran/article-138623"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/jaishankar_ticks_off_europe_at_raisina_dialogue_said_happenings_in_asia_should_worry_europe__1651035368.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली: ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने ईरान को लेकर नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, अगले आदेश तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यदि जरूरी नहीं है तो आप ईरान और वेनेजुएला की यात्रा से बचे। एडवाइजरी में आगे कहा गया है कि जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में रह रहे हैं, वे अत्यधिक सतर्कता बरतें व किसी भी प्रकार के प्रदर्शन-विरोध या अशांत क्षेत्रों से दूर रहें। विदेश मंत्रालय ने ईरान में रेजिडेंट वीज़ा पर रह रहे भारतीय नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण कराएँ।</p>
<p>बता दें कि ईरान में दिसंबर 2024 के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब कई प्रांतों में फैल गए हैं। आर्थिक तंगी और मुद्रास्फीति के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन अब राजनीतिक रूप ले चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 तक ईरान में भारतीय नागरिकों की संख्या बढ़कर करीब 10,765 हो गई है। </p>
<p>इसके अलावा विदेशी मंत्रालय ने कहा, वेनेजुएला में स्थिति और भी गंभीर है। हाल ही में, अमेरिकी बलों द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद वहां गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। हालांकि वहां भारतीय समुदाय की संख्या मात्र 80 के करीब है, लेकिन तेल और गैस क्षेत्र में कार्यरत इन भारतीयों की सुरक्षा के लिए सरकार चिंतित है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 17:41:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की चार दिवसीय की यात्रा पर रवाना, इन मुद्दों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार दिवसीय यात्रा पर जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान वे द्विपक्षीय संबंधों, रणनीतिक साझेदारी और प्रवासी भारतीयों से संवाद करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-leaves-for-four-day-visit-to-jordan-ethiopia-and/article-136007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-visit-japan,-ithopia.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन देशों जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की चार दिन की यात्रा पर सोमवार को जॉर्डन के लिए रवाना <br />हो चुके हैं। पीएम मोदी ने यात्रा के पहले पड़ाव के लिए रवाना होने से पहले अपने वक्तव्य में कहा कि तीनों देशों के साथ भारत के पुराने सभ्यतागत और व्यापक समकालीन द्विपक्षीय संबंध भी हैं। इस यात्रा को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सबसे पहले वह शाह अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर जॉर्डन जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 साल पूरे होने का प्रतीक होगी। </p>
<p>पीएम मोदी, शाह अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन और जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन के साथ विस्तार से बातचीत करेंगे और उनकी क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय के साथ भी मुलाकात की उम्मीद है। पीएम मोदी जॉर्डन में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे। उन्होंने कहा, मैं जीवंत भारतीय समुदाय से भी मिलूंगा, जिन्होंने भारत-जॉर्डन संबंधों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके आगे पीएम मोदी जॉर्डन से इथियोपिया की अपनी पहली यात्रा पर रवाना होंगे। बताया जा रहा है कि वह इथोपिया के प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। </p>
<p>इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा अफ्रीकी संघ का मुख्यालय भी है। वर्ष 2023 में, भारत की जी 20 अध्यक्षता के दौरान, अफ्रीकी संघ को जी 20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। अदीस अबाबा में वह प्रधानमंत्री मोदी डॉ. अबी अहमद अली के साथ विस्तार से बातचीत करेंगे और वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों से मिलेंगे। इसके बाद पीएम मोदी इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा, मुझे इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करने का सौभाग्य मिलेगा, जहां मैं 'लोकतंत्र की जननी' के रूप में भारत की यात्रा और भारत-इथियोपिया साझेदारी ग्लोबल साउथ के लिए क्या मूल्य ला सकती है, इस पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हूं।</p>
<p>यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी ओमान जाएंगे। उनकी यह यात्रा दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने का प्रतीक होगी। वह ओमान के सुल्तान के साथ रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, मस्कट में मैं ओमान के सुल्तान के साथ अपनी बातचीत और हमारी रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ हमारे मजबूत वाणिज्यिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद करता हूं।</p>
<p>वह ओमान में एक सभा में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करेंगे। पीएम मोदी ने कहा, मैं ओमान में भारतीय प्रवासियों की एक सभा को भी संबोधित करूंगा, जिन्होंने देश के विकास और हमारी साझेदारी को बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 14:40:23 +0530</pubDate>
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