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                <title>MEA - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>विदेश मंत्रालय का दावा: यूएई से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए किसी समझौते पर न​हीं हुई बात, फुजैरा के रास्ते भारतीय नागरिकों को निकालने की खबरों का किया खंड़न</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्रालय ने संयुक्त अरब अमीरात से लाखों भारतीयों को निकालने की खबरों का खंडन किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 'फुजैरा मार्ग' वाले समझौते की रिपोर्ट पूरी तरह निराधार है और वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है। सरकार ने नागरिकों से भ्रामक सूचनाओं से बचने और आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-ministry-claims-no-agreement-has-been-reached-to-evacuate/article-153392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/india-vs-uae.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने मीडिया में आई इन खबरों का खंडन किया है जिनमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लाखों भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए एक समझौते पर विचार विमर्श का दावा किया गया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपने फैक्ट चैक हैंडल पर कहा है कि इस तरह की रिपोर्ट निराधार है और अभी भारतीय नागरिकों को यूएई से निकालने की कोई योजना नहीं है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि भारत और यूएई फुजैरा के रास्ते लाखों भारतीय नागरिकों को निकालने के समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूरोप की अपनी चार देशों की यात्रा से पहले यूएई जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने की काबुल में अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले की कड़ी निंदा, बताया-कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य, समर्थन का किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने काबुल के नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के हवाई हमले को "कायरतापूर्ण और अमानवीय" बताया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नागरिकों और मरीजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा करार देते हुए दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-strongly-condemned-pakistans-attack-on-the-hospital-in-kabul/article-146821"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/india-pakistan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले को कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारत सोमवार की रात काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के बर्बर हवाई हमले की कड़ी निंदा करता है। यह हिंसा का एक कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य है, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की जान चली गई। इस अस्पताल को किसी भी तरह से सैन्य लक्ष्य नहीं माना जा सकता है।        </p>
<p>उन्होंने कहा, पाकिस्तान अब इस नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने की कोशिश कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा किया गया यह घृणित आक्रमण अफगानिस्तान की संप्रभुता पर एक स्पष्ट हमला है और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। यह पाकिस्तान के लगातार लापरवाह व्यवहार और अपनी आंतरिक विफलताओं को सीमा पार हिंसा के बढ़ते हिंसक कृत्यों के माध्यम से छिपाने के बार-बार किए जाने वाले प्रयासों को दर्शाता है। </p>
<p>बयान में कहा गया है कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने के दौरान किया गया, जो दुनिया भर के मुस्लिम समुदायों के लिए शांति, चिंतन और दया का समय होता है, जो इसे और भी निंदनीय बनाता है। ऐसा कोई धर्म, कोई कानून या कोई नैतिकता नहीं है जो किसी अस्पताल और उसके मरीजों को जानबूझकर निशाना बनाने को उचित ठहरा सके।    </p>
<p>उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस आपराधिक कृत्य के दोषियों को जवाबदेह ठहराना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा नागरिकों को निशाना बनाने का यह अंधाधुंध हमला तत्काल बंद हो। जायसवाल ने कहा कि भारत शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है और इस दुखद घड़ी में अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने अटूट समर्थन को भी दोहराते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 14:37:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-वेनेजुएला संकट: ईरान यात्रा को लेकर भारत सरकार ने जारी की एडवायजरी, 'जरूरी न हो तो जाने से बचें..'</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने ईरान को लेकर नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, अगले आदेश तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-venezuela-crisis-indian-government-issues-advisory-regarding-travel-to-iran/article-138623"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/jaishankar_ticks_off_europe_at_raisina_dialogue_said_happenings_in_asia_should_worry_europe__1651035368.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली: ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने ईरान को लेकर नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, अगले आदेश तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यदि जरूरी नहीं है तो आप ईरान और वेनेजुएला की यात्रा से बचे। एडवाइजरी में आगे कहा गया है कि जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में रह रहे हैं, वे अत्यधिक सतर्कता बरतें व किसी भी प्रकार के प्रदर्शन-विरोध या अशांत क्षेत्रों से दूर रहें। विदेश मंत्रालय ने ईरान में रेजिडेंट वीज़ा पर रह रहे भारतीय नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण कराएँ।</p>
<p>बता दें कि ईरान में दिसंबर 2024 के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब कई प्रांतों में फैल गए हैं। आर्थिक तंगी और मुद्रास्फीति के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन अब राजनीतिक रूप ले चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 तक ईरान में भारतीय नागरिकों की संख्या बढ़कर करीब 10,765 हो गई है। </p>
<p>इसके अलावा विदेशी मंत्रालय ने कहा, वेनेजुएला में स्थिति और भी गंभीर है। हाल ही में, अमेरिकी बलों द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद वहां गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। हालांकि वहां भारतीय समुदाय की संख्या मात्र 80 के करीब है, लेकिन तेल और गैस क्षेत्र में कार्यरत इन भारतीयों की सुरक्षा के लिए सरकार चिंतित है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 17:41:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेनेजुएला विवाद पर भारत की पहली प्रतिक्रिया, कहा-घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय, शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों को सुलझाएं </title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और मादुरो की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण बातचीत और स्थिरता बनाए रखने का आग्रह किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indias-first-response-to-venezuela-developments-a-matter-of-deep/article-138328"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ven.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम पर गहरी चिंता करते हुए कहा है कि वह बदलते हालात पर करीब से नजर रखे हुए है और सभी पक्षों से शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों का समाधान करने की अपील करता है। विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के घटनाक्रम पर एक दिन बाद सधी हुई प्रतिक्रिया करते हुए रविवार को कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता का बना रहना जरूरी है।</p>
<p>मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है कि भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए समर्थन की पुष्टि करता है। भारत का कहना है, हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों को सुलझाएं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।</p>
<p>वक्तव्य में कहा गया है कि काराकस में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और सभी संभव सहायता देना जारी रखेगा। गौरतलब है कि, वेनेजुएला में शनिवार तड़के एक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को राजधानी काराकस से अमेरिका बलपूर्वक ले जाया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 15:39:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-पाकिस्तान ने एक दूसरे की जेलों में बंद कैदियों और मछुआरों की सूची का किया आदान-प्रदान</title>
                                    <description><![CDATA[भारत और पाकिस्तान ने 2008 समझौते के तहत जेलों में बंद असैनिक कैदियों और मछुआरों की सूची का कूटनीतिक माध्यमों से आदान-प्रदान किया। भारत ने शीघ्र रिहाई का आग्रह किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-pakistan-exchanged-lists-of-prisoners-and-fishermen-in-each-others/article-138037"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/india-paksitan-jail.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे की जेलों में बंद कैदियों और मछुआरों की सूची का गुरुवार को आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि कैदियों की सूची का आदान-प्रदान वर्ष 2008 के द्विपक्षीय वाणिज्य दूतावास संपर्क समझौते के अंतर्गत नई दिल्ली और इस्लामाबाद में कूटनीतिक माध्यमों से किया गया। भारत ने उसकी जेलों में बंद 391 असैनिक कैदियों और 33 मछुआरों की जानकारी साझा की है। ये सभी पाकिस्तानी नागरिक हैं या माने जाते हैं। इसी प्रकार पाकिस्तान ने उसकी जेलों में बंद 58 असैनिक कैदियों और 199 मछुआरों की जानकारी साझा की है जो भारतीय नागरिक हैं या भारतीय माने जाते हैं।</p>
<p>भारत ने पाकिस्तान से उसकी जेलों में बंद असैनिक कैदियों और मछुआरों को उनकी नौकाओं सहित तथा लापता भारतीय रक्षा कर्मियों की शीघ्र रिहाई और स्वदेश वापसी का आग्रह किया है। पाकिस्तान से यह भी अनुरोध किया गया है कि सजा पूरी कर चुके 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। इसके अतिरिक्त पाकिस्तान से यह भी कहा गया है कि उसकी हिरासत में मौजूद 35 ऐसे नागरिक कैदियों और मछुआरों को जो भारतीय या भारतीय माने जाते हैं और जिन्हें अब तक कांसुलर सुविधा नहीं दी गई है उन्हें तत्काल कांसुलर संपर्क प्रदान किया जाए। </p>
<p>भारत ने पाकिस्तान सरकार से यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है कि रिहाई और भारत वापसी तक सभी भारतीय और भारतीय माने जाने वाले नागरिक कैदियों और मछुआरों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जाए। भारत के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय असैनिक कैदियों को स्वदेश  लाया गया है। इसमें वर्ष 2023 से अब तक पाकिस्तान से स्वदेश लाए गये 500 भारतीय मछुआरे और 13 भारतीय असैनिक कैदी शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 17:46:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत और पाकिस्तान ने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया, जानें आखिर क्यों निभाई जाती हैं ये परंपरा ?</title>
                                    <description><![CDATA[भारत और पाकिस्तान ने परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के निषेध समझौते के तहत गुरुवार को कूटनीतिक माध्यमों से अपनी-अपनी परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का वार्षिक आदान-प्रदान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-and-pakistan-exchanged-the-list-of-nuclear-installations-know/article-138034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/indi-vs-pakistan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच सूचियों का आदान-प्रदान नई दिल्ली और इस्लामाबाद में कूटनीतिक माध्यमों से किया गया। इस सूची में भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के निषेध संबंधी समझौते के अंतर्गत शामिल प्रतिष्ठानों को शामिल किया जाता है। </p>
<p>पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों ने पहली बार परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची साझा की है। दोनों देशों ने 31 दिसंबर 1988 को इस समझौते पर हस्ताक्षर किये थे और यह 27 जनवरी 1991 से लागू है। इसके अंतर्गत यह प्रावधान है कि भारत और पाकिस्तान प्रत्येक कैलेंडर वर्ष की पहली जनवरी को एक-दूसरे को उन परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की जानकारी देंगे जो इस समझौते के अंतर्गत आती हैं। यह दोनों देशों के बीच इस तरह की सूचियों का 35वां लगातार आदान-प्रदान है। दोनों देशों ने पहली बार 1 जनवरी 1992 को ये सूची साझा की थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 16:07:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>केंद्र सरकार का दावा: भारतीय नागरिकता छोड़ने वालों में आई 5% की कमी, विदेशों से हो रहा भारतीयों का मोहभंग</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि विदेशों में नौकरी के बढ़ते अवसरों के बावजूद धोखाधड़ी मामलों में बढ़ोतरी से भारतीय अब अधिक सतर्क हो गए हैं। इसका परिणाम है कि 2024 में नागरिकता छोड़ने वालों की संख्या घटकर 2,06,378 रह गई, जो 2023 के 2,16,219 और 2022 के 2,25,620 से कम है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/central-government-claims-that-5-percent-less-people-have-given/article-135725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/during-five-years-8-lakh-people-left-the-citizenship-of-india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने दावा करते हुए कहा कि अब धीरे धीरे भारतीयों का विदेशों से मोहभंग होता जा रहा है। हालांकि, भारतीयों में विदेशों में नौकरी करने की रूची में दिनों दिन बढ़ोतरी तो हुई है लेकिन लगातार हो रही धोेखाधड़ी के कारण भारतीय अब ज्यादा जागरूक हो गए हैं और इसका नतीजा है कि भारतीयों के भारत छोड़ने की संख्या में करीब 5 प्रतिशत की कमी हुई है। केंद्र सरकार ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि साल 2024 में करीब 2,06,378 लोगों ने भारतीय नागरिकता को छोड़ा था, जबकि साल 2023 में 2,16,219 और साल 2022 में 2,25,620 लोगों ने। </p>
<p>इसके आगे राज्यसभा में लिखित सवाल के जवाब में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि पिछले 5 सालों में करीब 9 लाख भारतीयों ने भारत की नागरिकता को छोड़ा है। कीर्ति वर्धन सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार ने ऐसी कई कंपनियों को नोटिस जारी किया है जिन्होंने नौकरी के झूठे दावे किए थे। इसके आगे कीर्ति वधर्न ने कहा कि करीब 6700 भारतीयों को ऐसे धोखाधड़ी के मामलों से बचाया भी गया है। कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि साल 2024 से 2025 के बीच विदेश मंत्रालय को कुल 16,127 शिकायतें मिली हैं, जिनमें से करीब 11,195 शिकायतें मदद पोर्टल और 4,932 शिकायतें सीपीग्राम्स के माध्यम से दर्ज की गई थी। इससे पहले साल 2011 से 2019 के बीच 11,89,194 लोगों ने, 2011 में 1,22,819 लोगों ने 2012 में 1,20,923 लोगों ने, 2013 में 1,31,405 लोगों ने, 2014 में 1,29,328 लोगों ने, 2015 में 1,31,489 लोगों ने, 2016 में 1,41,603 लोगों ने, 2017 में 1,33,049 लोगों ने, 2018 में 1,34,561 और 2019 में 1,44,017 लोगों ने भारतीय नागरिकता को छोड़ा।</p>
<p><strong>कब कितने भारतीयों ने छोड़ी नागरिकता?</strong><br />2022- 2,25,620<br />20230- 2,16,219<br />2024- 2,06,378</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/central-government-claims-that-5-percent-less-people-have-given/article-135725</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 13:17:00 +0530</pubDate>
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