<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/stay/tag-6294" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>stay - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6294/rss</link>
                <description>stay RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को बड़ी राहत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सजा पर लगाई रोक, सार्वजनिक शांति भंग से जुड़ा है मामला</title>
                                    <description><![CDATA[बॉम्बे उच्च न्यायालय की कोल्हापुर खंडपीठ ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे की एक महीने की जेल की सजा पर रोक लगा दी है। 2019 के हाईवे विरोध प्रदर्शन मामले में जिला अदालत ने उन्हें शांति भंग करने का दोषी माना था। राणे की अपील पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने अंतिम फैसले तक सजा स्थगित रखने का आदेश दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-relief-to-maharashtra-minister-nitish-rane-bombay-high-court/article-152819"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/नितेश-राणे.png" alt=""></a><br /><p>कोल्हापुर। बॉम्बे उच्च न्यायालय की कोल्हापुर खंडपीठ ने महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग ज़िले के पालक मंत्री नितेश राणे की एक महीने की जेल की सज़ा पर रोक लगा दी है। वकील संग्राम देसाई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार चार जुलाई 2019 को कंकावली में मुंबई-गोवा हाईवे पर हुए मिट्टी फेंकने के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में तत्कालीन विधायक नितेश राणे के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था।</p>
<p>अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया है। हालाँकि, उन्हें सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में भादंस की धारा 504 के तहत दोषी ठहराया गया और एक महीने की जेल तथा एक लाख रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई। ज़िला अदालत के इस फैसले को मंत्री राणे की ओर से कोल्हापुर न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उन्होंने अपील के नतीजे आने तक सज़ा के अमल पर रोक लगाने के लिए भी अर्ज़ी दी थी। सोमवार को दोनों पक्षों ने इस मामले पर बहस की। न्यायाधीश ने राणे द्वारा पेश की गई दलीलों और कानूनी प्रावधानों पर विचार करते हुए उन पर लगाई गई जेल की सज़ा पर रोक लगाने का फैसला किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-relief-to-maharashtra-minister-nitish-rane-bombay-high-court/article-152819</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-relief-to-maharashtra-minister-nitish-rane-bombay-high-court/article-152819</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:07:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A5%87.png"                         length="1256916"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोर्ट स्टे हटने के बाद नई नगरपालिका प्रस्तावों पर होगा विचार : जूली के सवाल पर मंत्री ने दिया जवाब, कहा- मामला अभी पेंडिंग है</title>
                                    <description><![CDATA[नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि क्या सरकार की मंशा है कि स्थगन आदेश हटाने के बाद ये 4 नगर पालिकाएं बनाई जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-the-removal-of-the-court-stay-the-new-municipal/article-107308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy110.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में जनजाति क्षेत्र में नगर पालिका की स्थापना को लेकर प्रश्न उठा। विधायक दयाराम परमार के प्रश्न पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जवाब दिया कि चार नगर पालिका को छोड़कर अन्य नगरपालिका लिए राज्यपाल से सहमति नहीं ली गई। हाईकोर्ट में जाने के बाद 4 नगर पालिका का मामला अभी पेंडिंग है।</p>
<p>नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि क्या सरकार की मंशा है कि स्थगन आदेश हटाने के बाद ये 4 नगर पालिकाएं बनाई जाएंगे। इस पर मंत्री ने कहा कि अभी हाईकोर्ट का स्थगन का आदेश है। अगर यह स्थगन आदेश समाप्त होता है, तो वहां के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बात करके और उनकी मंशा के अनुसार कलेक्टर के माध्यम से प्रस्ताव भिजवाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-the-removal-of-the-court-stay-the-new-municipal/article-107308</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-the-removal-of-the-court-stay-the-new-municipal/article-107308</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 14:20:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/6622-copy110.jpg"                         length="150073"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> 'मैं रहूं या न रहूं ये देश रहना चाहिए- अटल' बड़े पर्दे पर आएगी नजर, पंकज त्रिपाठी निभायेंगे अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी सिल्वर स्क्रीन पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभते नजर आ सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/whether-i-stay-or-not--this-country-should-remain--atal-will-be-seen-on-the-big-screen--pankaj-tripathi-will-play-the-character-of-atal-bihari-vajpayee/article-13916"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/att.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी सिल्वर स्क्रीन पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभते नजर आ सकते हैं।<br /><br />पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर एक फिल्म बनायी जा रही है,जिसका टाइटल 'मैं रहूं या न रहूं ये देश रहना चाहिए- अटल' है। अटल बिहारी वाजपेयी के ऊपर बन रही फिल्म के लिए मेकर्स ऐसे चेहरे को तलाश रहे थे कि जो बिल्कुल उनके रोल में फिट बैठ सके। चर्चा है कि पंकज त्रिपाठी , इस फिल्म में अटल बिहारी वाजपेयी का रोल करेंगे। अटल बिहारी वाजपेयी की इस फिल्म को विनोद भानुशाली, संदीप सिंह, सैम खान, कमलेश भानुशाली और विशाल गुरनानी को प्रोड्यूस करेंगे। यह फिल्म अटल बिहारी वाजपेयी पर लिखी गई किताब 'द अनटोल्ड वाजपेयी' पर आधारित होगी। यह एक पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म है, जिसकी शूटिंग अगले साल की शुरुआत में शुरू की जाएगी।इस फिल्म को अगले साल अटल बिहारी वाजपेयी की 99वीं जयंती 25 दिसंबर के मौके पर रिलीज किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/whether-i-stay-or-not--this-country-should-remain--atal-will-be-seen-on-the-big-screen--pankaj-tripathi-will-play-the-character-of-atal-bihari-vajpayee/article-13916</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/whether-i-stay-or-not--this-country-should-remain--atal-will-be-seen-on-the-big-screen--pankaj-tripathi-will-play-the-character-of-atal-bihari-vajpayee/article-13916</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 17:07:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/att.jpg"                         length="30121"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेस्ट इंडीज टी-20 सीरीज से भी बाहर हो सकते हैं विराट</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय क्रिकेट टीम के शीर्ष बल्लेबाज विराट कोहली को वेस्ट इंडीज दौरे की वनडे सीरीज के बाद टी-20 सीरीज के दौरान भी आराम दिया जा सकता है। क्रिकबज ने गुरुवार को कहा कि कोहली ने चयनकर्ताओं, टीम प्रबंधन और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से अनुरोध किया है कि उन्हें वेस्ट इंडीज दौरे के लिए टीम में शामिल न किया जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/virat-may-stay-out-of-west-indies-t20-series-too/article-13854"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/virat.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> भारतीय क्रिकेट टीम के शीर्ष बल्लेबाज विराट कोहली को वेस्ट इंडीज दौरे की वनडे सीरीज के बाद टी-20 सीरीज के दौरान भी आराम दिया जा सकता है। क्रिकबज ने गुरुवार को कहा कि कोहली ने चयनकर्ताओं, टीम प्रबंधन और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से अनुरोध किया है कि उन्हें वेस्ट इंडीज दौरे के लिए टीम में शामिल न किया जाए। क्रिकबज ने कहा कि कोहली के अलावा अन्य वरिष्ठ खिलाड़ी तीन मैच की टी-20 सीरीज के लिए टीम में वापसी करेंगे।</p>
<p>इस दौरे पर रविचंद्रन अश्विन को टीम में शामिल किया जा सकता है। अश्विन टी-20 विश्व कप 2021 में टीम का हिस्सा रहे थे लेकिन पिछले सात महीनों से उन्होंने एक भी अंतरराष्ट्रीय  सीमित ओवर मुकाबला नहीं खेला है, हालांकि राहुल द्रविड़ के कोच बनने के बाद अश्विन को सूचित किया गया था कि टीम को उनके अनुभव और कौशल की जरूरत है। वेस्ट इंडीज टी-20 सीरीज के लिए टीम का ऐलान 10 जुलाई को इंग्लैंड के विरुद्ध होने वाले तीसरे और अंतिम टी-20 के बाद हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/virat-may-stay-out-of-west-indies-t20-series-too/article-13854</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/virat-may-stay-out-of-west-indies-t20-series-too/article-13854</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 11:34:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/virat.jpg"                         length="35951"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आवारा कुत्तों को खिलाने के अधिकार पर हाई कोर्ट के फैसले पर 'सुप्रीम' रोक</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय उस आदेश के अमल पर रोक लगा दिया है जिसमें सामुदायिक कुत्तों को खाने का अधिकार है और नागरिकों को उन्हें खिलाने का अधिकार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-stay-on-high-court-s-decision-on-right-to-feed-stray-dogs/article-5555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय उस आदेश के अमल पर रोक लगा दिया है जिसमें सामुदायिक कुत्तों को खाने का अधिकार है और नागरिकों को उन्हें खिलाने का अधिकार है। न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की शीर्ष अदालत की पीठ ने शुक्रवार को स्वयंसेवी संस्था'ह्यूमन फाउंडेशन फॉर पीपल एंड एनिमल' की विशेष अनुमति याचिका पर दिल्ली सरकार और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया तथा अन्य को को नोटिस जारी जवाब तलब किया है।<br /><br />दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जे आर मिधा की एकल पीठ ने पिछले वर्ष जून के अपने फैसले में कहा था कि आवारा कुत्ते एक समुदाय के जीव हैं। उन्हें भोजन का अधिकार है। आम लोगों को उन्हें एक तय स्थान पर खिलाने का अधिकार है। आवारा कुत्तों को खाने का स्थान नगर निगम या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के विचार विमर्श के आधार पर  तय किए जाएंगे।<br /><br />'ह्यूमन फाउंडेशन फॉर पीपल एंड एनिमल्स' ने उच्च न्यायालय के ऐसे फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता में कहा गया है कि दिल्ली उच्च न्यायालय का यह फैसला उच्चतम न्यायालय के 2015 के एक फैसले  के उलट है। फैसले के खिलाफ अपील दायरकर्ता के वकील निर्निमेश दुबे ने दलील देते हुए कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के कारण लोगों की जान के लिए खतरनाक साबित हो रहे आवारा कुत्तों को भी नहीं पकड़ा जा सकता। याचिका में कहा गया है कि उच्च न्यायालय के फैसले से आवारा कुत्तों की संख्या में तेज वृद्धि होगी जिससे लोगों की जान को खतरा बढ़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-stay-on-high-court-s-decision-on-right-to-feed-stray-dogs/article-5555</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-stay-on-high-court-s-decision-on-right-to-feed-stray-dogs/article-5555</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Mar 2022 19:03:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/supreme-court.jpg"                         length="315844"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच अदालत की सुनवाई से पहले हिरासत में, ऑस्ट्रेलिया में बिना टीकाकरण के रहने या उन्हें देश से निकालने पह होगा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[नोवाक जोकोविच को निर्वासन अपील से पहले हिरासत में लिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/61e160e0325f8/article-3993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/novak.jpg" alt=""></a><br /><p>केनबरा। ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन अधिकारियों ने टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच को रविवार को अदालत की सुनवाई से पहले हिरासत में लिया ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वह देश में बिना टीकाकरण के रह सकते हैं या उन्हें देश से निकाला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस फैसले का मतलब है कि नंबर एक टेनिस खिलाड़ी को अब निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है, वह हालांकि अभी भी ऑस्ट्रेलिया में रहने के लिए एक और कानूनी चुनौती दे सकते हैं।</p>
<p>दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी 34 वर्षीय सर्बियाई जोकोविच का शुक्रवार को दूसरी बार वीजा रद्द करने के बाद निर्वासन का सामना करना पड़ा, जब ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने उन्हें कोरोना टीका नहीं लगाने पर जनता के लिए खतरा करार दिया। लहाल जोकोविच का अभी सोमवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलना तय है। उनके वकीलों ने एक 'तर्कहीन' फैसले के खिलाफ अपील दायर करने का फैसला किया है।<br /> <br /> जोकोविच पर अगली सुनवाई रविवार को स्थानीय समय साढ़े नौ बजे होगी। अगर वह वह अपील हार जाते हैं, तो उनको निर्वासन और तीन साल के वीजा रद्द करने का सामना करना पड़ेगा। अगर जोकोविच को देश में रहने दिया जाता है और वह दसवीं बार टूर्नामेंट जीतते हैं, तो वह खेल के इतिहास में सबसे सफल पुरुष टेनिस खिलाड़ी बन जाऐंगे।</p>
<p> </p>
<p>आस्ट्रेलिया ओपन के ड्रॉ में जोकोविच का नाम<br /> गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया ओपन के आयोजकों ने जोकोविच को उनके ऑस्ट्रेलिया में रहने को लेकर अनिश्चितताओं के बावजूद टूर्नामेंट के ड्रॉ में नामित किया और उन्हें पुरुष वर्ग में शीर्ष वरीयता दी गई। <br /> <br /> पूर्व क्रिकेट लीजेंड शेन वार्न ने कहा: ऑस्ट्रेलिया केपास जोकोविच को वापस भेजने का अधिकार<br /> पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वार्न ने शुक्रवार को कहा कि अगर दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच कोरोना वैक्सीन न लगवाने के लिए मजबूर हैं, तो ऑस्ट्रेलिया के पास भी उन्हें वापस भेजने का अधिकार है। शेन ने ट्वीट में कहा कि जोकोविच एक महान टेनिस खिलाड़ी हैं और सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक हैं। इसमें कोई शक नहीं, लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश संबंधी फॉर्म में झूठ बोला था। खुद के कोरोना संक्रमित होने के बारे में पता होने के बावजूद वह सार्वजनिक रूप से बाहर घूमे और अब कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं।<br /> <br />  पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज स्पिनर ने इससे पहले मंगलवार को एक ट्वीट में कहा था कि क्या नोवाक को चिकित्सीय छूट प्राप्त थी। यदि हां तो क्या उन्हें यह छूट देने वाले की पहचान कर ली गई है। वह छूट क्या थी। बस तथ्यों को प्राप्त करने की कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि मैं इस स्थिति में एक विक्टोरियन के रूप में शर्मिंदा हूं। विक्टोरिया सरकार चुप है। क्या कोई हमें सरल शब्दों में समझा सकता है।<br />  </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/61e160e0325f8/article-3993</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/61e160e0325f8/article-3993</guid>
                <pubDate>Sat, 15 Jan 2022 11:39:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-01/novak.jpg"                         length="361295"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेतन नहीं देने पर प्रमुख शिक्षा सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सहित अन्य से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[प्रिंसिपल को बीते दस माह से वेतन नहीं देने का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6166adc690e5b/article-1647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/sesion-court.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण ने ट्रांसफर आदेश पर रोक के बाद कार्य कर रहे प्रिंसिपल को बीते दस माह से वेतन नहीं देने पर प्रमुख शिक्षा सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सहित अन्य से जवाब मांगा है। अधिकरण ने यह आदेश महेन्द्र शर्मा की अपील पर दिए। अपील में अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया की जिले के रामनगर स्थित स्कूल में तैनात अपीलार्थी का तबादला गत 4 जनवरी को महात्मा गांधी स्कूल, नागौर किया गया था। जिस पर अधिकरण ने अंतरिम रोक लगाते हुए विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देने को कहा था। वहीं विभाग ने 4 मार्च को अपीलार्थी का अभ्यावेदन खारिज कर वापस नागौर तबादला कर दिया और वहाँ उसे एपीओ कर दिया गया। दूसरी ओर इस आदेश पर भी अधिकरण ने रोक लगा दी। जिसके चलते अपीलार्थी पूर्ववर्ती स्कूल में ही तैनात रहा। अपील में कहा गया की गत जनवरी माह से उसे अब तक वेतन नहीं मिला है। जिसके चलते उसे परेशानी हो रही है। जिस पर सुनवाई करते हुए अधिकरण ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6166adc690e5b/article-1647</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6166adc690e5b/article-1647</guid>
                <pubDate>Wed, 13 Oct 2021 17:34:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/sesion-court.jpg"                         length="48528"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        