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                <title> Farmers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> Farmers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कलेक्टरों को अतिवृष्टि से नुकसान की गिरदावरी के आदेश, किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न अंचलों में हुई अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान के समुचित आकलन के लिए सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य तेजी से पूरा कर यथाशीघ्र रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द राहत उपलब्ध।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/collectors-ordered-to-assess-losses-due-to-excessive-rainfall-farmers/article-147309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajan-lal-sharma043.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रदेश के विभिन्न अंचलों में हुई अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान के समुचित आकलन के लिए सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य तेजी से पूरा कर यथाशीघ्र रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द राहत उपलब्ध कराई जा सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की समृद्धि का आधार अन्नदाता हैं और राज्य सरकार उनके हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन समय में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और प्रत्येक प्रभावित किसान को शीघ्र एवं समुचित सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे कार्य में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का सही आकलन हो सके और किसानों को समय पर राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 16:15:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किसानों के लिए राहत की खबर : बेमौसम बारिश से फसल खराब होने पर मिलेगा बीमा क्लेम, 72 घंटे में सूचना देना अनिवार्य </title>
                                    <description><![CDATA[राज्य में बेमौसम वर्षा, ओलावृष्टि और चक्रवाती प्रभाव से प्रभावित किसानों के लिए राहत: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कटाई के बाद 14 दिन तक खेत में रखी फसल खराब होने पर बीमा क्लेम का लाभ। बीमित किसानों को 72 घंटे में सूचना दर्ज करानी होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/it-is-mandatory-to-give-information-within-72-hours-to/article-147243"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)44.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में हो रही बेमौसम वर्षा, ओलावृष्टि एवं चक्रवाती प्रभाव से प्रभावित किसानों के लिए राहत भरी खबर है। कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी रबी फसलों के खराब होने पर अब किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम का लाभ मिल सकेगा। कृषि विभाग के अनुसार, कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों की अवधि तक खेत में रखी फसल यदि असामयिक वर्षा या प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब होती है, तो उसे बीमा कवरेज में शामिल किया गया है। इससे प्रभावित किसानों को व्यक्तिगत आधार पर नुकसान की भरपाई का प्रावधान है।</p>
<p>इस सुविधा का लाभ लेने के लिए बीमित किसानों को फसल खराबे की सूचना 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य होगा। सूचना कृषि रक्षक पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 14447 पर दर्ज करवाई जा सकती है। इसके अतिरिक्त किसान संबंधित बीमा कंपनी, नजदीकी कृषि कार्यालय या बैंक में भी निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से जानकारी दे सकते हैं।</p>
<p>कृषि विभाग ने सभी बीमा कंपनियों को निर्देशित किया है कि प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करते हुए फील्ड सर्वे शुरू किया जाए, ताकि नुकसान का सही आकलन कर शीघ्र बीमा क्लेम का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p>विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर पहुंचकर फसल खराबे का निरीक्षण करें और प्रभावित किसानों को त्वरित राहत दिलाने में सहयोग करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 18:22:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>परवन वृहद परियोजना : अनियमितताओं, देरी और राजनीतिक आरोपों के बीच अटकी हाड़ौती की जीवनदायिनी</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा, झालावाड़ और बारां के लिए महत्वपूर्ण परवन वृहद सिंचाई परियोजना वर्षों से तकनीकी, प्रशासनिक और न्यायिक बाधाओं के कारण धीमी। 2013 में शिलान्यास के बाद डिजाइन बदलाव, भूमि अवाप्ति, पाइप विवाद और कोविड-19 ने कार्य रोका। 2021 में अनियमितताओं की जांच। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/parvan-mega-project-lifeline-of-hadoti-stuck-amid-irregularities-delays/article-145932"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोटा, झालावाड़ और बारां जिलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली परवन वृहद सिंचाई परियोजना पिछले कई वर्षों से अनियमितताओं, प्रशासनिक देरी और तकनीकी बाधाओं के कारण विवादों में रही है। हाड़ौती अंचल के लिए जीवनदायिनी मानी जा रही इस परियोजना की रफ्तार लगातार बाधित होती रही, जिससे क्षेत्र के किसानों को अपेक्षित लाभ समय पर नहीं मिल पाया।</p>
<p>परियोजना को पहली बार 30 अगस्त 2013 को 2360.43 करोड़ की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई थी। उसी वर्ष 17 सितंबर को इसका शिलान्यास किया गया, लेकिन इसके बाद से ही परियोजना कई तरह की समस्याओं में उलझती चली गई। दिसंबर 2017 में बांध और टनल निर्माण का कार्य शुरू हुआ, मगर बांध की नींव में फॉल्ट लाइन मिलने के कारण डिजाइन में सुधार और केंद्रीय जल आयोग से अनुमोदन लेने में करीब 27 महीने की देरी हो गई। इसके अलावा बांध स्थल पर नदी डायवर्जन के लिए उपयुक्त जगह नहीं होने, शेरगढ़ पिकअप वीयर के बैक वाटर के प्रभाव, भूमि अवाप्ति और राजस्व रिकॉर्ड सुधार में भी वर्षों लग गए। कई मामलों में न्यायिक विवाद और कोविड-19 प्रतिबंधों ने भी कार्य को प्रभावित किया।</p>
<p>परियोजना में अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए। वर्ष 2021 में तत्कालीन विधायक की शिकायत पर मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशाषी अभियंता को निलंबित किया गया था। आरोप था कि राइजिंग मेन में डीआई पाइप के स्थान पर एचडीपीई पाइप का उपयोग और डिजाइन में गड़बड़ी की गई। जांच के लिए वित्त विभाग ने विशेष जांच दल भी गठित किया, जिसमें अनियमितताओं की पुष्टि हुई।</p>
<p>कार्य में धीमी प्रगति के कारण तीन संवेदकों के 12.68 करोड़ रुपए भी रोक दिए गए। इनमें बांध व टनल कार्य से जुड़ी कंपनी के 5.76 करोड़, नहर निर्माण के प्रथम चरण के 5.29 करोड़ और द्वितीय चरण के 1.63 करोड़ रुपए शामिल हैं।</p>
<p>लगातार देरी, तकनीकी खामियों और प्रशासनिक निर्णयों के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब तक पूरी गति नहीं पकड़ पाई है। हालांकि जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत का दावा है कि अब परियोजना के कार्यों में तेजी लाई जा रही है और शेष कार्यों को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि हाड़ौती क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 13:01:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में भव्य किसान मेले का 27-28 फरवरी को होगा आगाज, मेले की तैयारियां तेज</title>
                                    <description><![CDATA[श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में 27-28 फरवरी को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से “रंगीलो 2026” राष्ट्रीय किसान मेला आयोजित होगा। लगभग 20 हजार किसानों की भागीदारी संभावित है। मेले में पशु प्रदर्शनी, दुग्ध प्रतियोगिता, तकनीकी नवाचार और किसान-वैज्ञानिक संवाद होंगे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-kisan-fair-will-begin-at-shri-karna-narendra-agricultural/article-144271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (डेयरी सर्विसेज़) के सहयोग से 27–28 फरवरी को आयोजित होने जा रहे राष्ट्रीय किसान मेले “रंगीलो 2026: किसानों के संग, ग्रामीण समृद्धि के रंग” को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस भव्य आयोजन में लगभग 20,000 किसानों की सहभागिता की संभावना व्यक्त की जा रही है।</p>
<p>विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह राष्ट्रीय किसान मेला व्यापक स्तर पर आयोजित करने का प्रयास किया जा रहा है इसमें राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से किसान, पशुपालक, कृषि उद्यमी एवं वैज्ञानिक भाग लेंगे। साथ ही मेले में कृषि, पशुपालन एवं बागवानी क्षेत्रों का समग्र समावेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि  “रंगीलो 2026” ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, उन्नत कृषि एवं पशुपालन तकनीकों के प्रसार तथा किसानों को विपणन के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।</p>
<p>डॉ. मीनेश शाह, अध्यक्ष, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) एवं NDS ने कहा कि राजस्थान का डेयरी क्षेत्र ग्रामीण समृद्धि के एक सशक्त इंजन के रूप में उभर रहा है, जो देश के कुल दूध उत्पादन में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान देता है। ऐसे आयोजन डेयरी इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने तथा उसे और अधिक सुदृढ़ बनाने का प्रभावी मंच प्रदान करते हैं।</p>
<p>निदेशक प्रसार व मेला आयोजक सचिव डॉ. आर. एन. शर्मा के अनुसार, विशाल पशु मेला, दुग्ध दुहन प्रतियोगिताएँ, नवाचार एवं तकनीकी प्रदर्शनी, किसान–वैज्ञानिक संवाद, सांस्कृतिक संध्या तथा पारंपरिक व्यंजनों का उत्सव जैसी गतिविधियाँ आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगी। उत्कृष्ट नस्लों के पशुओं का प्रदर्शन एवं आधुनिक कृषि–पशुपालन तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन मेले की विशिष्ट पहचान होगा।</p>
<p>दो दिवसीय भव्य किसान मेले में स्वदेशी एवं विदेशी नस्ल के पशुओं की प्रदर्शनी, दुग्ध उत्पादन आधारित प्रतियोगिताएं तथा आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में गिर, साहिवाल, थारपारकर, राठी, मुर्रा, होल्सटीन फ्रिज़ियन (एचएफ), जर्सी एवं क्रॉसब्रीड गायों को शामिल किया गया है, जिनके लिए न्यूनतम दैनिक दूध उत्पादन के आधार पर प्रथम पुरस्कार 2.51 लाख रुपए, द्वितीय 1.51 लाख रुपए तथा तृतीय 1.11 लाख रुपए निर्धारित है। इसके साथ ही ऊँट, भेड़, बकरी एवं अन्य पशुओं की विशेष प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 18:49:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>किसान सारथी 2.0 संवेदीकरण एवं जागरूकता कार्यशाला : डिजिटल कृषि को मिलेगा बढ़ावा, किसानों को घर बैठे उपलब्ध होगी उन्नत तकनीकी जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के अधीन दुर्गापुरा स्थित संस्थान में “किसान सारथी 2.0” कार्यशाला आयोजित हुई। कुलगुरु प्रो. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पोर्टल से किसानों को 13 भाषाओं में उन्नत कृषि जानकारी मिलेगी। विशेषज्ञों ने डिजिटल तकनीक और एआई के सावधानीपूर्वक उपयोग पर जोर दिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/kisan-sarathi-20-sensitization-and-awareness-workshops-will-be-organized/article-143065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(1)16.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के अधीन राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा में “किसान सारथी 2.0” संवेदीकरण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि बाजरा प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखता है तथा बरानी क्षेत्रों में किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने बताया कि बाजरे की उत्पादकता बढ़ाने में कृषि विज्ञान केंद्र सराहनीय कार्य कर रहे हैं और अब “किसान सारथी 2.0” पोर्टल के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीकी जानकारी घर बैठे उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे समय पर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराना कृषि वैज्ञानिकों की बड़ी जिम्मेदारी होगी। तभी इस डिजिटल पहल की सार्थकता सिद्ध होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की अनेक योजनाओं की जानकारी के अभाव में किसान लाभ नहीं ले पाते हैं, ऐसे में यह पोर्टल उस अंतर को भरने में सहायक सिद्ध होगा। कृषि में एआई एप्लीकेशन के उपयोग पर उन्होंने सावधानी बरतने और वैज्ञानिक कसौटी पर परखकर अपनाने की आवश्यकता बताई, ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिले और वे पूरी तरह तकनीक पर निर्भर भी न हों।</p>
<p>कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. के.के. चतुर्वेदी, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली ने कहा कि यह पोर्टल 13 भाषाओं में कृषि संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएगा। वर्तमान में यह पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में संचालित है। डॉ. जे.पी. मिश्रा, निदेशक, कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-II, जोधपुर ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों से किसानों तक अधिकतम जानकारी पहुंचाने के लिए नवीन डिजिटल तकनीकों का उपयोग आवश्यक है। डिजिटल माध्यमों से किसानों को त्वरित एवं प्रभावी सलाह प्रदान की जा सकती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 17:56:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मधुमक्खी पालन से किसानों की आय होगी दोगुनी : राजस्थान बनेगा शहद उत्पादन का हब, किरोड़ी ने कहा- कृषि क्षेत्रों में नवीन तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं  किसान</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के सशक्तिकरण के लिए नई तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने मधुमक्खी पालन को आय का प्रभावी साधन बताया। राजस्थान देश के शीर्ष शहद उत्पादक राज्यों में शामिल है और 2025-26 में 50 हजार मधुमक्खी कॉलोनियों पर 8 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-income-will-double-from-beekeeping-rajasthan-will-become-the/article-140741"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)69.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के आर्थिक विकास एवं सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में नवीन तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं, जिससे आय में वृद्धि हो और किसान आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।</p>
<p>दुर्गापुरा स्थित कृषि प्रबंध संस्थान में आयोजित “हाई वैल्यू मधुमक्खी उत्पादन: तकनीकी, वर्तमान परिदृश्य, भविष्य एवं संभावनाएं” विषयक दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार के समापन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ किरोड़ी ने कहा कि प्रदेश का किसान मेहनती और ईमानदार है तथा कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में नवाचार के जरिए राजस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से किसान तेजी से प्रगतिशील बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि आईसीएआर के अनुसार मधुमक्खी पालन से संबंधित क्षेत्रों में फसलों की पैदावार में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि होती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राजस्थान विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाला प्रदेश है, जहां जंगली और कृषि दोनों प्रकार की वनस्पतियों की व्यापक श्रृंखला उपलब्ध है। यहां मकरंद और पराग की प्रचुरता मधुमक्खी पालन के लिए प्रदेश को अत्यंत अनुकूल बनाती है। मधुमक्खी पालन अब किसानों के लिए आय का सशक्त स्रोत बन चुका है और किसान खेती के साथ शहद उत्पादन कर आय में वृद्धि कर रहे हैं।</p>
<p>डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि देश के कुल शहद उत्पादन में राजस्थान की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत है और प्रदेश देश के पांच अग्रणी शहद उत्पादक राज्यों में शामिल है। वर्तमान में प्रदेश में 3 हजार 350 मधुमक्खी पालकों के पास 2 लाख 76 हजार मधुमक्खी कॉलोनियां हैं, जिनसे लगभग 8 हजार 500 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हो रहा है। शहद उत्पादन में अलवर, भरतपुर और हनुमानगढ़ अग्रणी जिले हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार द्वारा मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार मधुमक्खी कॉलोनियां एवं 50 हजार मधुमक्खी बॉक्स वितरित किए जा रहे हैं, जिन पर 40 प्रतिशत अनुदान के रूप में कुल 8 करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 18:24:13 +0530</pubDate>
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                <title>मेड़ता सिटी में उन्नत खेती-समृद्ध किसान सम्मेलन, 25 हजार से अधिक किसान होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[नागौर की मेड़ता सिटी में राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर उन्नत खेती–समृद्ध किसान सम्मेलन आयोजित होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अध्यक्ष होंगे। सम्मेलन में 25 हजार से अधिक किसान भाग लेंगे। कृषि अनुदान, पशुपालक सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना और नई नीति का विमोचन भी किया जाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/more-than-25-thousand-farmers-will-participate-in-the-advanced/article-136780"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px32.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नागौर जिले की मेड़ता सिटी में उन्नत खेती–समृद्ध किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 25 हजार से अधिक किसान भाग लेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे।</p>
<p>सम्मेलन में नागौर जिले से लगभग 12 हजार किसानों की भागीदारी रहेगी। इसके अलावा जोधपुर, अजमेर और ब्यावर से तीन-तीन हजार तथा डीडवाना जिले से करीब चार हजार किसान सम्मेलन में उपस्थित होंगे। कार्यक्रम के दौरान कृषि, आपदा प्रबंधन एवं राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF) से जुड़े किसानों को अनुदान राशि का वितरण किया जाएगा।</p>
<p>सरकार द्वारा कृषि आदान के अंतर्गत 5 लाख किसानों को 700 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा, वहीं 5 लाख पशुपालकों को मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 150 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 हजार 500 लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा।</p>
<p>इस अवसर पर कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति का विमोचन भी किया जाएगा। साथ ही नागौर जिले में विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 13:00:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>किसानों को खरीद सुविधा में बड़ी राहत : बायोमेट्रिक बाधा खत्म, स्टांप पेपर के माध्यम से सत्यापन कराकर पूरी कर सकेेंगे खरीद प्रक्रिया </title>
                                    <description><![CDATA[राजफेड ने किसानों के समर्थन मूल्य पर उपज बिक्री की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए स्टांप पेपर आधारित सत्यापन व्यवस्था लागू की है। अब बायोमेट्रिक फिंगर स्कैन में तकनीकी दिक्कत आने पर किसान अपने नॉमिनेट सदस्य के माध्यम से खरीद प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। यह सुविधा बुजुर्ग किसानों के लिए विशेष लाभकारी है और केंद्रों पर लंबी कतारें कम करेगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-relief-to-farmers-in-purchasing-facility-biometric-hurdle-removed/article-135857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(1200-x-600-px)-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से राजफेड ने बड़ी पहल की है। अब खरीद केंद्रों पर बायोमेट्रिक फिंगर स्कैन में आ रही दिक्कत किसानों के लिए बाधा नहीं बनेगी। राजफेड ने 100 रुपए के स्टांप पेपर के आधार पर सत्यापन की नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।</p>
<p>नई व्यवस्था के तहत किसान अपने परिवार के किसी एक सदस्य को नॉमिनेट कर सकते हैं, जो स्टांप पेपर के माध्यम से सत्यापन कराकर खरीद प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। यह सुविधा विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी, जिन्हें फिंगर स्कैन में अक्सर तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>राजफेड की गाइडलाइन के अनुसार यह स्टांप आधारित सत्यापन व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी। इससे खरीद केंद्रों पर किसानों की अनावश्यक भागदौड़ कम होगी और लंबी कतारों से राहत मिलेगी। साथ ही, खरीद प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी।</p>
<p>राजफेड का मानना है कि इस व्यवस्था से किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने में आ रही तकनीकी अड़चनें दूर होंगी। किसानों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे तथा खरीद केंद्रों पर कार्यप्रणाली अधिक सुचारु होगी। यह कदम किसान हित में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 17:58:38 +0530</pubDate>
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