<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/independence/tag-6296" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>independence - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6296/rss</link>
                <description>independence RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पराक्रम दिवस: पीएम मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रीय भावना को किया याद</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पराक्रम दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि देते हुए उनके निडर नेतृत्व, अदम्य साहस और देशभक्ति को याद किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/on-valor-day-pm-modi-paid-tribute-to-netaji-subhash/article-140569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पराक्रम दिवस पर शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और उनके अदम्य साहस और भारत की राष्ट्रीय भावना पर उनके स्थायी प्रभाव को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने आज एक्स पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि नेताजी निडर नेतृत्व और अटूट देशभक्ति के प्रतीक थे और उनके आदर्श पीढिय़ों को प्रेरित करते रहेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, हम उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और देश के लिए उनके बेमिसाल योगदान को याद करते हैं। उन्होंने कहा, नेताजी निडर नेतृत्व और अटूट देशभक्ति के प्रतीक थे। उनके आदर्श पीढिय़ों को एक मजबूत भारत बनाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।</p>
<p>पीएम मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन पर नेताजी बोस के व्यक्तिगत प्रभाव पर भी बात की और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के एक महत्वपूर्ण क्षण को याद किया। उन्होंने कहा कि नेताजी ने उन्हें बहुत प्रेरित किया था और 23 जनवरी, 2009 को ई-ग्राम विश्वग्राम योजना के लॉन्च का जिक्र किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, यह कार्यक्रम हरिपुरा से लॉन्च किया गया था, जो नेताजी बोस के जीवन में ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। उन्होंने कहा, ई-ग्राम विश्वग्राम योजना गुजरात के आईटी परिदृश्य को बदलने के उद्देश्य से एक अग्रणी योजना थी। उन्होंने कहा कि हरिपुरा से उनका एक विशेष भावनात्मक जुड़ाव था। उन्होंने कहा, मैं कभी नहीं भूलूंगा कि हरिपुरा के लोगों ने मेरा कैसे स्वागत किया और उसी सड़क पर जुलूस निकला जिस पर नेताजी बोस चले थे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पराक्रम दिवस हर साल 23 जनवरी को भारत के सबसे प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक और भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/on-valor-day-pm-modi-paid-tribute-to-netaji-subhash/article-140569</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/on-valor-day-pm-modi-paid-tribute-to-netaji-subhash/article-140569</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 11:56:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%293.png"                         length="892818"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बलूचिस्तान ने भारत को लिखा पत्र...कहा-पाकिस्तान को उखाड़ फेंको, हम आपके साथ हैं</title>
                                    <description><![CDATA[नापाक पाकिस्तान की हरकतों के बारे में पूरा विश्व अच्छी तरह जानता है इसी बीच नए साल 2026 के मौके पर बलूचिस्तान के प्रमुख नेता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखा है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल आ गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/balochistan-wrote-a-letter-to-india-saying-uproot-pakistan/article-138148"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/pakistan-and-balukistan.png" alt=""></a><br /><p>बलूचिस्तान। नापाक पाकिस्तान की हरकतों के बारे में पूरा विश्व अच्छी तरह जानता है इसी बीच नए साल 2026 के मौके पर बलूचिस्तान के प्रमुख नेता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखा है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल आ गया। इस पत्र में बलूच नेता ने न केवल भारत के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दिया है, बल्कि पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ रहे "खतरनाक" सैन्य गठबंधन का भी सनसनीखेज खुलासा किया है और कहा है कि आप पाकिस्तान को उखाड़ फेंको हम आपके साथ है।</p>
<p><strong>चीन की सैन्य तैनाती का दावा</strong></p>
<p>इस पत्र के बारे में मीर यार बलूच ने दावा किया कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) अब अपने अंतिम चरण में है और इसके बहाने चीन अगले कुछ महीनों में बलूचिस्तान में अपनी सेना तैनात कर सकता है। उन्होंने दुश्मन देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि, 60 मिलियन बलूच लोगों की सहमति के बिना चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत और बलूचिस्तान दोनों के भविष्य के लिए एक "अकल्पनीय खतरा" पैदा करेगी। उन्होंने भारत से अपील की है कि वह बलूच रक्षा बलों को मजबूत करने में सहयोग करे।</p>
<p>इसके आगे पत्र में नेता मीर यार बलूच ने कहा कि उनका राष्ट्र पिछले 79 वर्षों से पाकिस्तान के "राज्य-प्रायोजित आतंकवाद" और मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन को झेल रहा है। इसके आगे बलूच नेता ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए पिछले साल पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई 'ऑपरेशन सिंदूर' की कार्रवाई की सराहना करते हुए लिखा कि अब समय आ गया है कि इस गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाए ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति और संप्रभुता सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/balochistan-wrote-a-letter-to-india-saying-uproot-pakistan/article-138148</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/balochistan-wrote-a-letter-to-india-saying-uproot-pakistan/article-138148</guid>
                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 16:46:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/pakistan-and-balukistan.png"                         length="721488"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में अव्यवस्थाओं से आमजन परेशान : गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में सड़क दुर्घटना में एक बालक की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/common-people-upset-due-to-chaos-in-state-level-independence/article-123773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/ashok-gehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में सड़क दुर्घटना में एक बालक की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अत्यंत दुखद और पीड़ादायक हैं। स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह के दौरान प्रशासनिक अव्यवस्थाओं ने आमजन को भारी परेशानी में डाल दिया। मिली जानकारी के अनुसार धूप और भीड़ के कारण 15 से अधिक बच्चों को डिहाइड्रेशन की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वहीं कई लोगों को प्रवेश पास होने के बावजूद कार्यक्रम स्थल में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे असंतोष का माहौल रहा।</p>
<p>लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने समारोह की पर्याप्त तैयारी नहीं की थी। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि सड़क दुर्घटना में मासूम की मौत के बावजूद कार्यक्रम में संवेदनशीलता का अभाव दिखाई दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/common-people-upset-due-to-chaos-in-state-level-independence/article-123773</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/common-people-upset-due-to-chaos-in-state-level-independence/article-123773</guid>
                <pubDate>Sat, 16 Aug 2025 16:50:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/ashok-gehlot.png"                         length="402933"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ही नहीं 15 अगस्त को ये देश भी मनाते हैं आजादी का जश्न</title>
                                    <description><![CDATA[ भारत की तरह दक्षिण कोरिया भी 15 अगस्त के दिन ही आजाद हुआ था। 15 अगस्त 1945 को इसे जापान से आजादी मिली थी। ऐसे में, दक्षिण कोरिया में इस दिन को नेशनल हॉलीडे के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/not-only-india-these-5-countries-also-celebrate-independence-day-on-15/article-87801"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/6622-copy50.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त के दिन आजादी का जश्न मनाने वाला भारत इकलौता देश नहीं है? जी हां, कम ही लोग जानते हैं कि इस दिन दुनिया के 5 अन्य देश भी स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। जहां भारत की ही तरह बड़ी धूमधाम से आजादी का जश्न मनाया जाता है।</p>
<p><strong>दक्षिण कोरिया </strong><br />भारत की तरह दक्षिण कोरिया भी 15 अगस्त के दिन ही आजाद हुआ था। 15 अगस्त 1945 को इसे जापान से आजादी मिली थी। ऐसे में, दक्षिण कोरिया में इस दिन को नेशनल हॉलीडे के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है। अमेरिका और सोवियत फोर्सेज ने कोरिया को जापान के कब्जे से आजाद कराया था।</p>
<p><strong>उत्तर कोरिया </strong><br />दक्षिण कोरिया की तरह उत्तर कोरिया भी 15 अगस्त के दिन ही आजाद हुआ था। साल 1945 के दिन ही इसे भी जापान के कब्जे से आजादी मिली थी। उत्तर कोरिया में भी 15 अगस्त को छुट्टी रहती है। दरअसल, दोनों देशों को एक साथ ही जापानी कब्जे से छुटकारा मिला था, लेकिन आजादी के तीन साल बाद इन दोनों का विभाजन हो गया और दोनों अलग-अलग देश बन गए।</p>
<p><strong>बहरीन </strong><br />बहरीन भी 15 अगस्त के ही दिन ब्रिटेन से मुक्त हुआ था। 15 अगस्त 1971 को इसे आजादी मिली थी। हालांकि 1960 के दशक से ही ब्रिटेन की फोर्सेज ने बहरीन छोड़ना शुरू कर दिया था। 15 अगस्त के दिन दोनों देशों के बीच एक संधि हुई, जिसके बाद बहरीन ने आजाद देश के रूप में ब्रिटेन के साथ संबंध कायम रखे।</p>
<p><strong>लिकटेंस्टीन </strong><br />15 अगस्त 1866 को लिकटेंस्टीन जर्मनी के कब्जे से मुक्त हुआ था। साल 1940 से दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक लिकटेंस्टीन भी भारत की तरह इस दिन अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है।</p>
<p><strong>कॉन्गो </strong><br />15 अगस्त 1960 को अफ्रीकी देश कॉन्गो फ्रांस से आजाद हुआ था। इसके बाद यह डेमोक्रेटिक रिपब्लिक आॅफ कॉन्गो बना। बता दें, जब यह फ्रांस के कब्जे में था, तो फ्रेंच कॉन्गो के नाम से जाना जाता था।  साल 1880 से फ्रांस ने कॉन्गो पर कब्जा कर रखा था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/not-only-india-these-5-countries-also-celebrate-independence-day-on-15/article-87801</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/not-only-india-these-5-countries-also-celebrate-independence-day-on-15/article-87801</guid>
                <pubDate>Thu, 15 Aug 2024 10:55:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/6622-copy50.jpg"                         length="369008"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला स्तरीय समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल </title>
                                    <description><![CDATA[स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित अमृत महोत्सव के तहत जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह सोमवार को नयापुरा स्थित महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा । इससे पहले शनिवार को स्टेडियम में फुल ड्रेस रिहर्सल की गई । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/full-dress-rehearsal-of-district-level-function/article-18948"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/dfasf.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित अमृत महोत्सव के तहत जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह सोमवार को नयापुरा स्थित महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को स्टेडियम में फुल ड्रेस रिहर्सल की गई । स्टेडियम में सुबह से ही कई विद्यालयों के सैकड़ों विद्यार्थी फुल ड्रेस में पहुंचे और संगीत की धुनों पर देशभक्ति गीतों के बीच कई प्रस्तुतियां दी गई । सामूहिक पीटी का प्रदर्शन किया गया । राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय श्रीपुरा की छात्राओं ने तंबाकू मुक्त अभियान का संदेश देते हुए राजस्थानी लोक गीतों की प्रस्तुति दी । इससे पहले अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर बृजमोहन बैरवा ने परेड का निरीक्षण किया । पुलिस निरीक्षक कलावती चौधरी ने परेड का नेतृत्व किया । परेड में राजस्थान पुलिस ,होमगार्ड ,आरएसी, स्काउट - गाइड ,बधिर विद्यालय के स्वयंसेवक शामिल हुए । पुलिस बैंड की धुन के बीच पूरा स्टेडियम भक्ति के माहौल में रंगा हुआ था । रिहर्सल करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के हाथों में तिरंगा झंडा लहरा रहा था। वही शहीद स्मारक पर लगा बड़ा तिरंगा और आकाश में छाए बादलों से देशभक्ति के बीच मौसम की जुगलबंदी समारोह को और अधिक आकर्षक व मनोरम बना रही थी । एडीएम सिटी बृजमोहन बैरवा ने बताया कि जिला स्तरीय समारोह सोमवार को सुबह 9:05 पर शुरू होगा। मुख्य अतिथि स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ध्वजारोहण करेंगे । उसके बाद विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इधर जिला स्तरीय समारोह की तैयारियों के तहत स्टेडियम सुरक्षा घेरे में लिया गया है ।बिना जांच के किसी भी व्यक्ति को स्टेडियम में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/full-dress-rehearsal-of-district-level-function/article-18948</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/full-dress-rehearsal-of-district-level-function/article-18948</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Aug 2022 15:19:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-08/dfasf.jpg"                         length="36880"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तात्या टोपे ने अंग्रेजों के खिलाफ 5 हजार सैनिकों के साथ बनास नदी पर डाला डेरा </title>
                                    <description><![CDATA[आजादी के दीवानों ने अपने बदन की मिट्टी को अपने लहू में भिगोकर मातृभूमि के आंगन को लीपने की ठान रखी थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tatya-tope-camped-on-the-river-banas-with-5000-soldiers/article-18009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/654654651.jpg" alt=""></a><br /><p>वह आजादी की रुत के अनूठे दिन थे और देश के साथ राजस्थान में भी क्रांति की बरखा अलग ही महकार दे रही थी। आजादी के दीवानों ने अपने बदन की मिट्टी को अपने लहू में भिगोकर मातृभूमि के आंगन को लीपने की ठान रखी थी। कम लोगों को मालूम है कि बेमिसाल क्रांतिकारी तात्या टोपे मध्य प्रदेश में अंग्रेजों के बाद राजस्थान आए थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ 5000 सैनिकों के साथ बनास नदी पर डेरा डाला, लेकिन मेवाड़ की सेना ने अंग्रेजों का साथ दिया। यह फरवरी 1858 की बात है। तात्या इससे भी नहीं हारे और उन्होंने विद्रोह की ज्वाला ऐसी जलाई कि टोंक पर नवाब का शासन खत्म कर बागियों ने नागरिकों की विजय का डंका बजा दिया।</p>
<p>1857 के विद्रोह को अंग्रेजों ने कुचल दिया था, फिर भी तात्या जंगलों में गुरिल्ला सेनानी के रूप में प्रतिरोध की ज्वाला जलाए रहे। वह मेवाड़, मारवाड़, झालावाड़, कोटा, जयपुर सहित विभिन्न राजस्थानी रियासतों की सेनाओं को विद्रोह करने के लिए प्रेरित करते रहे। वह जब बनास नदी पर अपनी तोपों को तैनात कर रहे थे तो मेवाड़ ने अंग्रेजी सेना के प्रमुख जॉन मिशेल का साथ दिया और तात्या को भागना पड़ा, लेकिन विद्रोह को दबा देने के बाद अंग्रेजों का असली रंग सामने आया और मेवाड़ के महाराणा उस समय स्तब्ध रह गए, जब उन्हें पुरस्कार में मिला निंबाहेड़ा टोंक के नवाब को सौंप दिया।</p>
<p>इतिहासकार बताते हैं कि तात्या 1859 तक जयपुर पहुंचे, लेकिन यहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इससे पहले तात्या ने अपने सैनिकों के साथ 11 दिसंबर 1857 को बांसवाड़ा को जा घेरा था और उस पर अधिकार कर लिया था। महारावल राजधानी छोड़कर जंगलों में भाग गया। प्रदेश के सरदारों ने तो विद्रोहियों का साथ दिया, लेकिन अंग्रेज इन क्रांतिकारियों को ज्वार को थामने में सफल रहे। विद्रोहियों ने अपने बलिदान के उद्दश्यों और अपने रक्त की बूंदों की बौछार के साथ स्वतंत्रता के सावन को करीब ला दिया।</p>
<p>राजस्थान की धरती आजादी के दीवानों की गाथा गा रहा है। स्वतंत्रता की लहर का आंचल थामकर अपनी एक-एक सांस होम देने वाले इन रणबांकुरों की कहानियां इतनी अनूठी हैं कि इनके बिना आजादी का हर इतिहास बेमानी है।</p>
<p>तात्या टोपे (तांतिया टोपे भी लिखा जाता है।) अंग्रेजों ने उन्हें एमपी के शिवपुरी में फांसी का तख्ता बना कर सार्वजनिक मृत्यु दण्ड दिया था। उनका मूल नाम रामचन्द्र पाण्डुरंग यवलकार था। वे नासिक के येवला में उत्पन्न हुए थे। वह झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के सिपहसालार थे।</p>
<p><strong>टोंक के नवाब की सेना में बगावत नवाब किले में छुप गया</strong><br />यह जानना दिलचस्प है कि टोंक का नवाब खां अंग्रेजों के साथ था, लेकिन उसकी सेना के विद्रोही बड़ी तादाद में तात्या से जा मिले थे। यहां तक मीर आलम खां ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भांजे नवाब के हिमायती सैनिकों ने मीर आलम खां को घर में ही घेर का मार डाला। उसकी जागीर जब्त कर ली, लेकिन 600 विद्रोही सैनिक दिल्ली पहुंचने में सफल रहे। जयपुर से निराश तात्या को टोंक में कुछ कामयाबी तब मिली जब वे बंदा के नवाब के साथ टोंक पहुंचे और एक जागीरदार नासिर खां ने टोपे का साथ दिया। नवाब के विद्रोहियों ने तात्या के साथ मिलकर नवाब की सेना से मुठभेड़ की। भयभीत नवाब किले में छुपा रहा। उन्होंने तोपखाने पर अधिकार कर लिया और जेल से कैदियों को मुक्त कर दिया। विद्रोहियों ने टोंक पर अधिकार कर लिया और नवाब के खजानों को लूट लिया। इससे दिल्ली थर्रा उठी और मेजर ईडन बड़ी सेना लेकर टोंक के लिए रवाना हुआ। विद्रोही अब नाथद्वारा की ओर कूच कर गए। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tatya-tope-camped-on-the-river-banas-with-5000-soldiers/article-18009</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tatya-tope-camped-on-the-river-banas-with-5000-soldiers/article-18009</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Aug 2022 11:51:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-08/654654651.jpg"                         length="181020"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आजादी के 75वें साल का जश्न इंग्लैंड में मनाएंगे भारतीय खिलाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय खिलाड़ी आजादी के 75वें साल का जश्न इंग्लैंड के बर्मिंघम में 28 जुलाई से आठ अगस्त तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में मनाएंगे। केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, खेल राज्य मंत्री निशिथ प्रमाणिक, भारतीय ओलम्पिक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष अनिल खन्ना, महासचिव राजीव मेहता और कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पाण्डेय ने गुरूवार को यहां आयोजित विदाई समारोह में खिलाड़ियों को विदाई देते हुए यह विचार व्यक्त किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/indian-players-to-celebrate-75th-year-of-independence-in-england/article-13858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/for.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय खिलाड़ी आजादी के 75वें साल का जश्न इंग्लैंड के बर्मिंघम में 28 जुलाई से आठ अगस्त तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में मनाएंगे। केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, खेल राज्य मंत्री निशिथ प्रमाणिक, भारतीय ओलम्पिक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष अनिल खन्ना, महासचिव राजीव मेहता और कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पाण्डेय ने गुरूवार को यहां आयोजित विदाई समारोह में खिलाड़ियों को विदाई देते हुए यह विचार व्यक्त किया।</p>
<p>इन खेलों में भारत के 215 खिलाड़ी 16 खेलों में हिस्सा लेंगे। इनके साथ 81 अधिकारी भी उतरेंगे। इस अवसर पर खिलाड़ियों की आधिकारिक पोशाक का भी अनावरण किया गया। खेल मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इन खेलों में भारत का 215 सदस्यीय दल उतरेगा जिसमें पुरुष और महिला खिलाड़ियों की संख्या एक बराबर होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में 108 पुरुष और 107 महिला खिलाड़ी उतरेंगे। जो यह कहता है कि टोक्यो ओलम्पिक की कामयाबी का सफर जारी है। उन्होंने कहा कि 100 से ज्यादा खिलाड़ी इस समय विदेशों में ट्रेनिंग ले रहे हैं।खिलाड़ियों की ट्रेनिंग में हम कोई कमी नहीं आने देंगे और आगे भी उन्हें मदद देते रहेंगे।</p>
<p><strong>स्वर्ण विजेता को 20 लाख देगा आईओए</strong><br />भारतीय ओलम्पिक संघ ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की है। भारतीय ओलम्पिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने गुरूवार को यहां विदाई समारोह में यह घोषणा की। मेहता ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर की मौजूदगी में कहा कि इन खेलों में स्वर्ण जीतने वाले खिलाड़ी को 20 लाख रुपए, रजत विजेता को 10 लाख रुपए और कांस्य पदक विजेता को साढ़े सात लाख रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद  करते हैं कि हमारे खिलाड़ी इन खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।<br /><br /><strong>खिलाड़ियों को सौंपी किट</strong><br />खेल मंत्री ने इस अवसर पर रवि दहिया, बजरंग पुनिया, दीपक पुनिया, साक्षी मलिक,अंशु मलिक, लवलीना बोर्गोहैन, शिवा थापा, आशीष चौधरी, मनप्रीत सिंह, पी आर श्रीजेश, हरमनप्रीत सिंह, हिमा दास, दुती चंद, धनलक्ष्मी  शेखर,ज्योति, ऐश्वर्या, डेविड बेकहम और शशिकला अगाशे जैसे खिलाड़ियों को आधिकारिक किट देकर सम्मानित किया।<br /><br /><strong>एडिडास फुटवियर पार्टनर</strong><br />राष्ट्रमंडल खेलों (सीडब्ल्यूजी)  में एडिडास भारतीय दल के आधिकारिक स्पोर्ट्स फुटवियर पार्टनर बना है। एडिडास ने एथलीटों के विदाई समारोह के दौरान आधिकारिक सीडब्ल्यूजी किटिंग के हिस्से के रूप में एथलीटों के लिए एक अनुकूलित बैकपैक और डफल बैग के साथ अपने नवीनतम जूते सुपरनोवा का अनावरण किया।</p>
<p>सर्वश्रेष्ठ-इन-क्लास प्रदर्शन बढ़ाने वाले गियर के साथ एथलीटों को समर्थन और सशक्त बनाने में ब्रांड हमेशा सबसे आगे रहा है। इस साल के राष्ट्रमंडल खेलों में एडिडास के कुछ प्रमुख एथलीट जैसे मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, हिमा दास, निकहत जरीन, मनप्रीत सिंह, जेरेमी लालरिनुंगा और मनिका बत्रा शामिल हैं, जो अपने-अपने खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के दावेदार हैं।</p>
<p>आईओए के साथ साझेदारी पर ब्रांड एडिडास के वरिष्ठ निदेशक सुनील गुप्ता ने कहा कि हमें राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय ओलंपिक संघ के साथ इस साझेदारी पर गर्व है। हमारा प्रयास अपने एथलीटों को उनके खेल के अनुभव को बढ़ाने और उन्हें सफलता के लिए स्थापित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन गियर के साथ समर्थन करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/indian-players-to-celebrate-75th-year-of-independence-in-england/article-13858</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/indian-players-to-celebrate-75th-year-of-independence-in-england/article-13858</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 11:39:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/for.jpg"                         length="53230"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंदी को लेकर शाह का बड़ा बयान : कहा, मूल भाषा में शिक्षा दी जाती तो देश पिछड़ता नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[''हमारा देश पिछड़ गया, उसका मूल कारण है कि हमने अपनी पढ़ाई अपनी मूल भाषा नहीं की।''-अमित शाह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%9B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82/article-2349"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/amit-shah-sambodhan.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आजादी के बाद देश पर पिछड़े होने का धब्बा लगने के पीछे अपनी मूल भाषा में शिक्षा दीक्षा नहीं होने को मुख्य वजह बताते हुये कहा है कि ''हमारा देश पिछड़ गया, उसका मूल कारण है कि हमने अपनी पढ़ाई अपनी मूल भाषा नहीं की।'' शाह ने शनिवार को यहां राजभाषा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के बाद देश को स्वराज तो मिल गया अब इसे 'सुराज' में बदलना है, मगर, स्वदेशी और स्वभाषा, पीछे छूट गये हैं। उन्होंने आह्वान किया कि आजादी के अमृत महोत्सव में हम पीछे छूटे इन लक्ष्यों को पूरा करें। <br />  </p>
<p> शाह ने देश को आजादी मिलने के बाद भी मातृ भाषा सहित अन्य स्थानीय भाषाओं के साथ सौतेला व्यवहार किये जाने को ऐतिहासिक भूल बताते हुये कहा कि अब वह समय चला गया है जब अपनी मूल भाषा जानने वालों को शर्म का अहसास करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि जो देश अपनी भाषाओं को भुला देता है वह देश अपना मौलिक ङ्क्षचतन भी खो देता है। इसीलिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंचों पर अपनी बात अपनी राजभाषा में ही रखी। <br />  </p>
<p>दो दिन के वाराणसी प्रवास पर आये शाह ने यहां स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित करते हुये यह बात कही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बनने के बाद राजभाषा सम्मेलन को दिल्ली से बाहर ले जाने का जब फैसला किया तो यह सौभाग्य की बात है कि यह सम्मेलन अपने पहले पड़ाव के रूप में भाषाओं के गोमुख कहे जाने वाले शहर वाराणसी में पहुंचा।  <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%9B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82/article-2349</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%9B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82/article-2349</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Nov 2021 16:06:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/amit-shah-sambodhan.jpg"                         length="123234"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदर्शनी के जरिए बताया न्याय प्रशासन की विकास यात्रा को</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी ने प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ कर उसका अवलोकन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AC%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B/article-2267"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/22.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आजादी के 75 साल पूर्ण होने पर आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हाईकोर्ट स्थित म्यूजियम में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का शुभारंभ प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी ने किया। दो दिन चलने वाली इस प्रदर्शनी के शुभारंभ समारोह में हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों सहित प्राधिकरण के पदाधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><br /> मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी ने प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ कर उसका अवलोकन किया। प्रदर्शनी में चित्रों के जरिए न्याय व्यवस्था की अब तक की यात्रा को बताया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों की चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ ही नवीन योजनाओं की भी जानकारी दर्शायी गई है। इसके अलावा ऑडियो-वीडियो के जरिए भी प्राधिकरण की स्थापना से लेकर अब तक की विकास यात्रा को बताया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AC%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B/article-2267</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AC%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B/article-2267</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Nov 2021 13:31:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/22.jpg"                         length="51036"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आजादी का अमृत महोत्सव : स्वतंत्रता सेनानी दुर्गा प्रसाद चौधरी को श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[चौधरी ने 1930 से 1947 बीच स्वतंत्रता आंदोलन में निभाई थी अहम भूमिका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%86%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5---%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%BF/article-1762"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/durga-sir-ji.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर।</strong> आजादी के अमृत महोत्सव की शृंखला में सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी और दैनिक नवज्योति के संस्थापक संपादक कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी को श्रद्धांजलि दी गई। महोत्सव में कप्तान साहब को श्रद्धांजलि देते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में जानकारी दी गई। जिसमें बताया कि स्वतंत्रता सेनानी दुर्गा प्रसाद चौधरी ने गांधीजी के आह्वान पर असहयोग आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने 1930 से 1947 के मध्य स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए जुलूस, गोष्ठियों और अन्य कई माध्यमों से ब्रिटिश शासन का विरोध किया। राजस्थान सेवा संघ के तत्वावधान में इन्होंने पिछड़े क्षेत्र में लोगों को खेती और चरखा कातने की शिक्षा देकर स्वावलम्बी बनाया। ये निर्भीक पत्रकार भी थे। इन्होंने नवज्योति समाचार पत्र के माध्यम से परतंत्रता, अन्याय व अत्याचार का विरोध किया। स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। याद रहे कि 12 मार्च, 1930 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने नमक सत्याग्रह की शुरुआत की थी। 2020 में नमक सत्याग्रह के 91 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने साबरमती आश्रम से अमृत महोत्सव की शुरुआत पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर की थी। इस महोत्सव की रूपरेखा तय करने के लिए गृहमंत्री की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय क्रियान्वयन समिति बनाई गई है। 15 अगस्त, 2022 को देश की आजादी के 75 साल पूरे होने जा रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए 75वीं वर्षगांठ से एक साल पहले यानी 15 अगस्त 2021 से इन कार्यक्रमों को शुरुआत की थी। इन कार्यक्रमों में देश की अदम्य भावना के उत्सव दिखाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। इनमें संगीत, नृत्य, प्रवचन, प्रस्तावना पठन शामिल हैं। इस आयोजन के माध्यम से वोकल फॉर लोकल अभियान को बढ़ावा भी दिया जा रहा है।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>महोत्सव स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणा का अमृत</strong></span></span></span><br /> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा है कि आजादी का अमृत महोत्सव यानी आजादी की ऊर्जा का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणाओं का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी नए विचारों का अमृत। नए संकल्पों का अमृत। आजादी का अमृत महोत्सव यानी आत्मनिर्भरता का अमृत।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%86%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5---%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%BF/article-1762</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%86%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B5---%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%BF/article-1762</guid>
                <pubDate>Tue, 19 Oct 2021 10:49:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/durga-sir-ji.jpg"                         length="101950"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वतंत्रता सेनानी अर्जुन लाल सेठी पर डाक विभाग राजस्थान परिमंडल की ओर से स्पेशल कवर जारी</title>
                                    <description><![CDATA[आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जयपुर के सेठी काॅलोनी स्थित अर्जुन लाल सेठी पार्क में कार्यक्रम हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6166b53088f11/article-1648"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/whatsapp-image-2021-10-13-at-15.10.01.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर | आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जयपुर के सेठी काॅलोनी स्थित अर्जुन लाल सेठी पार्क में बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी जयपुर के अर्जुन लाल सेठी पर डाक विभाग राजस्थान परिमंडल की ओर से स्पेशल कवर जारी हुआ | कवर उनकी पौत्रवधु कोकिला सेठी ने डाक विभाग में जयपुर सिटी की सीनियर सुपरिटेंडेंट प्रियंका गुप्ता की मौजूदगी में जारी किया | कोकिला सेठी ने इस अवसर पर कहा कि यह सम्मान समारोह स्वतंत्रता सेनानियों के लिए पर्व के समान है | इस पर्व में शामिल होकर मुझे भी गर्व है और खुशी इस बात की हो रही है कि कवर जारी करने का सौभाग्य मुझे दिया गया | ये कवर अर्जुन लाल सेठी नगर में ही स्थित पार्क में रिलीज़ हुआ है | सेठीजी ने अपना सम्पूर्ण जीवन देश की आन बान और शान को बनाए रखने में लगाया है | बंगाल के स्वदेशी आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही | एसएसपी जयपुर सिटी पोस्ट प्रियंका गुप्ता ने बताया कि इसी तरह अलग अलग डिविजन से कुल छह कवर सेननियों पर जारी किए हैं जिनमें कालीबाई, केसरीसिंह बारहठ, बालमुकुंद बिस्सा, मोतीलाल तेजावत, गणेशलाल व्यास है |</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6166b53088f11/article-1648</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6166b53088f11/article-1648</guid>
                <pubDate>Wed, 13 Oct 2021 17:52:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/whatsapp-image-2021-10-13-at-15.10.01.jpeg"                         length="77852"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        