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                <title>Global South - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>भारत ने यूएनएचआरसी में दोहराया आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरा, एकीकृत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[जेनेवा में राजदूत सिबी जॉर्ज ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए गंभीर खतरा है और इसके खिलाफ वैश्विक एकजुटता अनिवार्य है। भारत ने डिजिटल तकनीक और AI के माध्यम से 1.4 अरब लोगों के सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए न्याय और समानता पर जोर दिया। परिषद से केवल प्रस्तावों के बजाय ठोस कार्रवाई की मांग की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-reiterates-in-unhrc-that-terrorism-is-the-gravest-threat/article-146253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/unhrc.png" alt=""></a><br /><p>जेनेवा। भारत ने बुधवार को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में इस बात को दोहराया कि आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है और इसके खिलाफ एक एकीकृत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। भारत की ओर से राजदूत सिबी जॉर्ज ने परिषद के 61वें सामान्य सत्र में आह्वान किया कि परिषद सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए दृढ़ रहे।</p>
<p>राजदूत ने कहा, जैसा कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कुछ दिन पहले इस सम्मानित परिषद को संबोधित करते हुए रेखांकित किया था कि हमारे विचार-विमर्श केवल बयानों और प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि सबसे कमजोर लोगों के दैनिक जीवन में मूर्त सुधार लाने वाले होने चाहिए। जॉर्ज ने जोर देकर कहा, आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है। हमें इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने में अडिग रहना चाहिए। इस मुद्दे पर परिषद को एक स्वर में बोलना जारी रखना चाहिए।</p>
<p>राजदूत ने भारत में डिजिटल उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग का उल्लेख करते हुए बताया है कि कैसे इन तकनीकों ने 1.4 अरब भारतीयों को सशक्त बनाया है, जिससे न्याय तक पहुंच, नागरिक और राजनीतिक अधिकार, लोकतांत्रिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण का विस्तार हुआ है। जॉर्ज ने नई दिल्ली में हाल ही में संपन्न एआई इम्पैक्ट समिट का भी हवाला दिया और इस बात पर जोर दिया कि एआई की शक्ति का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब इसके फायदे समान रूप से साझा किए जाएं, जिसमें ग्लोबल साउथ भी शामिल हों।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 16:16:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>हम दुश्मन नहीं, दोस्त हैं, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच चीन ने भारत को बताया दोस्त</title>
                                    <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट तनाव के बीच चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए उसे 'अवसर' बताया है। उन्होंने ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता में आपसी सहयोग और सीमा पर शांति की वकालत की। वांग यी के अनुसार, एशिया के पुनरुत्थान के लिए भारत-चीन का साझा विकास अनिवार्य है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते अब सामान्य हो रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/we-are-not-enemies-we-are-friends-amidst-middle-east/article-145764"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/china1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण वैश्विक समीकरणों में आ रहे बदलाव के बीच चीन ने भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। दरअसल, बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत और चीन के बीच सुधरते संबंधों पर बड़ा बयान दिया है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि भारत-चीन को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार और खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखना चाहिए। चीन और भारत महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं और दोनों ग्लोबल साउथ के सदस्य होने के नाते गहरे सांस्कृतिक संबंध तथा व्यापक साझा हित रखते हैं।</p>
<p><strong>भारत महत्वपूर्ण पड़ोसी...</strong></p>
<p>शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, वांग यी ने राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए चीन की विदेश नीति और बाहरी संबंधों पर विस्तार से बात की। इसी दौरान जब भारतीय पत्रकार के एक सवाल का जवाब में कहा, चीन और भारत महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं और दोनों ही वैश्विक दक्षिण के हिस्से हैं, जिनके बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध और व्यापक साझा हित हैं।</p>
<p><strong>भारत चीन संबंधों के सुधार को लेकर वांग यी ने चार प्वाइंट साझा किए</strong></p>
<p>दोनों देशों को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार और खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखना चाहिए। वांग यी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ अच्छे पड़ोसी के धर्म को निभाने पर जोर दिया। वांग यी ने कहा वांग यी ने भारत और चीन को इस साल और अगले साल ब्रिक्स की बारी-बारी से अध्यक्षता करने में एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए। दोनों देशों को एक-दूसरे की ओर कदम बढ़ाते हुए बाधाओं को दूर करना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिम्मेदारी का प्रदर्शन किया जा सके।</p>
<p><strong>आपसी सहयोग बहुत फायदेमंद</strong></p>
<p>चीन और भारत के बीच आपसी विश्वास और सहयोग साझा विकास के लिए बहुत फायदेमंद है, जबकि विभाजन और टकराव एशिया के पुनरुत्थान में सही नहीं हैं। भारत को दुश्मन नहीं दोस्त बनाना चाहिए। चीनी विदेश मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच रिश्ते अब सामान्य हो गए हैं। इसलिए अब भारत-चीन आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पत्रकारों का सवाल देने के दौरान वांग यी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनपिंग की तियानजिन में हुई मुलाकात का भी जिक्र किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 11:17:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एआई इम्पैक्ट समिट 2026: दिल्ली पहुंचे गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, 20 फरवरी को समिट में होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[गूगल सीईओ सुंदर पिचाई 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। वह 20 फरवरी को भारत मंडपम में एआई के भविष्य और वैश्विक सहयोग पर मुख्य भाषण देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/trending-today/ai-impact-summit-2026-google-ceo-sundar-pichai-reaches-delhi/article-143637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/google-ceo-sundar-pichai.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। वह 20 फरवरी को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में मुख्य भाषण देंगे। सुंदर पिचाई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर अच्छा लग रहा है। उन्होंने आयोजकों को गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। यह शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि भारत वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पीएम मोदी ने इस सम्मेलन के साथ ही इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का भी शुभारंभ किया और प्रदर्शनी परिसर का दौरा कर स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा अत्याधुनिक एआई नवाचारों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल देखे। सुंदर पिचाई का कीनोट संबोधन 20 फरवरी को सुबह 9:30 बजे निर्धारित है, जिसे सम्मेलन के सबसे प्रतीक्षित सत्रों में से एक माना जा रहा है। </p>
<p>इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और लगभग 20 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख भाग ले रहे हैं। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा, यूनान के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जाएद अल नहयान शामिल हैं। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 एक वैश्विक मंच के रूप में उभरा है, जिसमें सरकारें, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उद्योग जगत, शोधकर्ता और नागरिक समाज के प्रतिनिधि समावेशी एवं नैतिक एआई विकास पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। </p>
<p>भारत सरकार यह आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और इंडिया एआई मिशन के माध्यम से कर रही है। सम्मेलन में पूर्ण सत्र, पैनल चर्चा, कार्यशालाएं, हैकाथॉन और एआई एक्सपो शामिल हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 14:08:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी का दावा, बोलें-एआई समिट के नतीजे प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से भरपूर भविष्य का करेंगे निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में पांच दिवसीय 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया। उन्होंने 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' थीम के साथ मानवता के कल्याण हेतु सुरक्षित तकनीक पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-claim-the-results-of-the-ai-summit-will/article-143330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार से यहां शुरू हो रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन 'ए आइ इम्पैक्ट समिट' में हिस्सा लेने वाले दुनिया भर के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उम्मीद जतायी है कि इस सम्मेलन के नतीजे के प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से भरपूर भविष्य के निर्माण में सहायक होंगे ।</p>
<p>बीस फरवरी तक चलने वाले इस पांच दिन के सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने सिलसिलेववार पोस्ट में कहा कि इस सम्मेलन की विषय वस्तु 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय', यानी सभी का कल्याण, सभी के लिए खुशी, मानव केन्द्रीत प्रगति के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, आज से भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट होस्ट कर रहा है। मैं इस समिट के लिए दुनिया भर के लीडर्स, इंडस्ट्री के कैप्टन्स, इनोवेटर्स, पॉलिसीमेकर्स, रिसर्चर्स और टेक के शौकीनों का दिल से स्वागत करता हूं। समिट की थीम है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, यानी सभी का कल्याण, सभी के लिए खुशी, जो ह्यूमन-सेंट्रिक प्रोग्रेस के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने के हमारे साझा कमिटमेंट को दिखाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, आज एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित कई क्षेत्रों को बदल रहा है। एआई इम्पैक्ट समिट एआई के अलग-अलग पहलुओं, जैसे नवाचार, सहयोग, जिम्मेदारी से इस्तेमाल और भी बहुत कुछ पर वैश्चिक बातचीत को बेहतर बनाएगा। मुझे विश्वास है कि समिट के नतीजे एक ऐसे भविष्य को बनाने में मदद करेंगे जो प्रोग्रेसिव, इनोवेटिव और मौकों पर आधारित हो।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, भारत के 1.4 अरब लोगों की बदौलत, हमारा देश एआई बदलाव में सबसे आगे है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर एक वाइब्रेंट स्टार्टअप इकोसिस्टम और कटिंग-एज रिसर्च तक, एआई में हमारी तरक्की एम्बिशन और जिम्मेदारी दोनों को दिखाती है।</p>
<p>इससे पहले उन्होंने एक और पोस्ट में कहा, यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 18:41:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिना भेदभाव के जन कल्याण की योजनाएं चलाना भारत के मजबूत लोकतंत्र का आधार : पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC सम्मेलन में भारत को 'लोकतंत्र की जननी' बताया। उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव की कल्याणकारी योजनाओं से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/running-public-welfare-schemes-without-discrimination-is-the-basis-of/article-139671"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और विभिन्न क्षेत्रों में देश आगे बढ़ रहा है तो इसकी बुनियाद में मजबूत लोकतंत्र का आधार और हमारी संसद द्वारा बिना भेदभाव के हर व्यक्ति के विकास की कल्याणकारी योजनाएं हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों तथा पीठासीन अधिकारियों (सीएसपीओसी) के 28वें सम्मेलन को संबोधित करते हुए सदस्यों को बताया कि जिस कक्ष में यह सम्मेलन हो रहा है वह ऐतिहासिक कक्ष है और यहीं से भारतीय संविधान के निर्माण की यात्रा शुरू हुई और सात दशक तक इसी कक्ष ने भारत में लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कि भारत का लोकतंत्र दुनिया में महान ही नहीं है बल्कि एक्स्ट्राऑर्डिनरी भी है। देश में करीब एक अरब लोग मतदाता सूची में शामिल हैं और 700 से ज्यादा राजनीतिक दल चुनाव आयोग में पंजीकृत हैं। हमारे लोकतंत्र में महिलाओं को विशेष महत्व दिया जा रहा है और उसी का परिणाम है कि आज भारत की राष्ट्रपति भी एक महिला ही है। उनका कहना था कि देश में 900 से ज्यादा टेलीविजन चैनल है और हजारों पत्र पत्रिकाएं हैं जो जनता की आवाज बनकर समस्याओं को सामने रखते हैं और लोकतंत्र के इस मंदिर में सामूहिक विचार विमर्श के बाद उन सबका समाधान किया जाता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में विकास कर रहा है और जो चुनौतियां हमारे सामने आती हैं उन सब का समाधान भारतीय संसद में गहन विचार विमर्श और मिलजुल कर किया जाता है। </p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रही है और ऐसे में विकासशील देशों के लिए भी यह नए रास्ते बनाने का समय है। उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने और विकासशील देशों को विकास की यात्रा में साथ लेकर चल रहा है। उन्होंने कहा, राष्ट्रमंडल देशों की कुल जनसंख्या का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा भारत में बसता है। हमारा प्रयास रहा है कि भारत सभी देशों के विकास में ज्यादा से ज्यादा योगदान दें। </p>
<p>सतत विकास के लक्ष्यों सहित भारत स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास, और नवाचार के क्षेत्र में, हम पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत प्रत्येक वैश्विक मंच पर विकासशील देशों के हितों को पूरी मजबूती से उठा रहा है। उन्होंने कहा, अपनी जी 20 अध्यक्षता के दौरान भी भारत ने ग्लोबल साउथ की ​चिंताओं को वैश्विक एजेंडे के केंद्र में रखा है। </p>
<p>भारत का ये लगातार प्रयास है कि हम जो भी नवाचार करें, उससे पूरे ग्लोबल साउथ को लाभ हो, कॉमनवेल्थ देशों को फायदा हो। हम ओपन सोर्स टेक प्लेटफॉर्म भी बना रहे हैं, ताकि ग्लोबल साउथ के हमारे साथी देश भी अपने यहां भारत जैसी व्यवस्थाएं विकसित कर सकें। पीएम मोदी ने कहा कि इस सम्मेलन का एक प्रमुख लक्ष्य यह भी है कि कैसे हम अलग-अलग तरीकों से संसदीय लोकतंत्र के ज्ञान और समझ को बढावा दें।</p>
<p>इसमें संसदीय अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों दोनों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। ये काम लोगों को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बड़ी भूमिका से जोडऩे का काम है। उन्होंने कहा, भारत की संसद पहले से ही, ऐसे काम को कर रही है। अध्ययन यात्रा, निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम और और इंटर्नशिप के माध्यम से जनता को, संसद को और करीब से जानने का मौका मिला है। हमने अपनी संसद में एआई की मदद से बहस और कार्यवाही को उसी समय क्षेत्रीय भाषा में अनुदित करने का काम शुरू किया है। इससे युवा पीढी को भी संसद को समझने का बेहतर अवसर मिल रहा है। </p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को 78वें सेना दिवस के मौके पर भारतीय सेना को शुभकामनाएं दीं और देश के प्रति उनके साहस और अटूट प्रतिबद्धता को सलाम किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, सेना दिवस पर हम भारतीय सेना के साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं। हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं, जो सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ देश की रक्षा करते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, हम उन लोगों को गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की कर्तव्यनिष्ठा पूरे देश में विश्वास और कृतज्ञता की भावना पैदा करती है। </p>
<p>गौरतलब है कि, 1949 में फील्ड मार्शल के एम करिअप्पा भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बनने के उपल्क्ष में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारतीय सेना की बहादुरी और बलिदानों का सम्मान करने के लिए पूरे देश में परेड, माल्यार्पण समारोह और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 15:53:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रूसी विद्वान ने कहा, ब्रिक्स, एससीओ वैश्विक शासन में वैश्विक दक्षिण की भागीदारी को सक्षम बनाते हैं </title>
                                    <description><![CDATA[रूसी विद्वान आंद्रेई मनोइलो ने कहा कि ब्रिक्स और एससीओ वैश्विक दक्षिण के देशों को वैश्विक शासन में समान भागीदार बना रहे हैं। उन्होंने शिन्हुआ को दिए साक्षात्कार में बताया कि ये संगठन आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मंच हैं, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर वैश्विक बदलाव के प्रेरक बन रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russian-scholar-says-brics-enables-global-souths-participation-in-sco/article-137531"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/bricks.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। एक रूसी विद्वान ने रविवार कहा कि ब्रिक्स एवं शंघाई सहयोग संगठन वैश्विक दक्षिण के देशों को वैश्विक शासन में सीमांत खिलाड़ी के बजाय समान भागीदार के रूप में सक्षम बनाते हैं। लोमोनोसोव मास्को स्टेट यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर आंद्रेई मनोइलो ने शिन्हुआ से एक साक्षात्कार में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ब्रिक्स और एससीओ के साथ जुडऩे वाले देशों की बढ़ती संख्या वैश्विक दक्षिण में उनकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।</p>
<p>प्रो. मनोइलो ने कहा कि आर्थिक विकास एवं राजनीतिक सुरक्षा को बढ़ावा देने में ब्रिक्स अब दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरक शक्ति बन चुका है। रूसी प्रोफेसर ने कहा कि ब्रिक्स वैश्विक दक्षिण के देशों को वैश्विक मामलों में अपनी उचित भागीदारी का दावा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स में भागीदारी इन देशों चीन, रूस एवं भारत सहित विश्व की सबसे बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ सहयोग करने का एक मूल्यवान अवसर भी प्रदान करती है।</p>
<p>प्रो. मनोइलो ने यह भी कहा कि कई देश एससीओ को विकास के लिए एक न्यायसंगत एवं व्यावहारिक मार्ग के रूप में देखते हैं। सुरक्षा उद्देश्यों के लिए 2001 में स्थापित एससीओ अपने कार्यों का विस्तार राजनीतिक, आर्थिक एवं अन्य क्षेत्रों में कर चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एससीओ वैश्विक दक्षिण के देशों को एक-दूसरे के विकास में सहयोग एवं वैश्विक शासन में अपनी जिम्मेदारी निभाने में सक्षम बनाता है। उन्होंने आगे कहा कि अपने विस्तारित कार्यों के साथ, एससीओ न केवल एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में विकसित हो रहा है बल्कि वैश्विक परिवर्तन का प्रेरक भी बन रहा है।</p>
<p>प्रो. मनोइलो ने अंत में कहा कि वर्ष 2025 बदलाव का प्रतीक है जिसमें वैश्विक दक्षिण के देश अपनी शक्ति के प्रति तेजी से जागरूक हो रहे हैं और आगे के विकास के लिए सहयोग कर रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 17:28:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की चार दिवसीय की यात्रा पर रवाना, इन मुद्दों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार दिवसीय यात्रा पर जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान वे द्विपक्षीय संबंधों, रणनीतिक साझेदारी और प्रवासी भारतीयों से संवाद करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-leaves-for-four-day-visit-to-jordan-ethiopia-and/article-136007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-visit-japan,-ithopia.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन देशों जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की चार दिन की यात्रा पर सोमवार को जॉर्डन के लिए रवाना <br />हो चुके हैं। पीएम मोदी ने यात्रा के पहले पड़ाव के लिए रवाना होने से पहले अपने वक्तव्य में कहा कि तीनों देशों के साथ भारत के पुराने सभ्यतागत और व्यापक समकालीन द्विपक्षीय संबंध भी हैं। इस यात्रा को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सबसे पहले वह शाह अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर जॉर्डन जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 साल पूरे होने का प्रतीक होगी। </p>
<p>पीएम मोदी, शाह अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन और जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन के साथ विस्तार से बातचीत करेंगे और उनकी क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय के साथ भी मुलाकात की उम्मीद है। पीएम मोदी जॉर्डन में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे। उन्होंने कहा, मैं जीवंत भारतीय समुदाय से भी मिलूंगा, जिन्होंने भारत-जॉर्डन संबंधों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके आगे पीएम मोदी जॉर्डन से इथियोपिया की अपनी पहली यात्रा पर रवाना होंगे। बताया जा रहा है कि वह इथोपिया के प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। </p>
<p>इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा अफ्रीकी संघ का मुख्यालय भी है। वर्ष 2023 में, भारत की जी 20 अध्यक्षता के दौरान, अफ्रीकी संघ को जी 20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। अदीस अबाबा में वह प्रधानमंत्री मोदी डॉ. अबी अहमद अली के साथ विस्तार से बातचीत करेंगे और वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों से मिलेंगे। इसके बाद पीएम मोदी इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा, मुझे इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करने का सौभाग्य मिलेगा, जहां मैं 'लोकतंत्र की जननी' के रूप में भारत की यात्रा और भारत-इथियोपिया साझेदारी ग्लोबल साउथ के लिए क्या मूल्य ला सकती है, इस पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हूं।</p>
<p>यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी ओमान जाएंगे। उनकी यह यात्रा दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने का प्रतीक होगी। वह ओमान के सुल्तान के साथ रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, मस्कट में मैं ओमान के सुल्तान के साथ अपनी बातचीत और हमारी रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ हमारे मजबूत वाणिज्यिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद करता हूं।</p>
<p>वह ओमान में एक सभा में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करेंगे। पीएम मोदी ने कहा, मैं ओमान में भारतीय प्रवासियों की एक सभा को भी संबोधित करूंगा, जिन्होंने देश के विकास और हमारी साझेदारी को बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 14:40:23 +0530</pubDate>
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