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                <title>Fuel Prices - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Fuel Prices RSS Feed</description>
                
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                <title>रिपोर्ट्स : होर्मुज़ पर लगे संभावित शुल्क से नाराज़ तेल कंपनियां, ईरान द्वारा संभावित शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं पर जताई चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों पर $1 प्रति बैरल शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है। वैश्विक तेल कंपनियों ने व्हाइट हाउस से संपर्क कर इस 'टैक्स' का विरोध किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले हफ्तों में इस पर चर्चा करेंगे, क्योंकि यह रणनीतिक जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/reports-oil-companies-angry-over-possible-duty-on-hormuz-expressed/article-149738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने व्हाइट हाउस से संपर्क कर होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान द्वारा संभावित शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं पर चिंता जतायी है। यह जानकारी अखबार ने मामले से परिचित एक स्रोत के हवाले से दी है। रिपोर्टाें के अनुसार, तेल कंपनियों के अधिकारियों ने व्हाइट हाउस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अपील की है कि वे शांति वार्ता की शर्त के रूप में ईरान को इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए शुल्क लेने की अनुमति देने का विरोध करें।</p>
<p>स्रोत के मुताबिक, तेल उद्योग के प्रतिनिधियों ने बुधवार सुबह अमेरिकी विदेश विभाग में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया। इस बीच, बुधवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लीविट ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर आने वाले हफ्तों में चर्चा करेंगे।। इस बीच, फाइनेंशियल टाइम्स ने ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पाद निर्यातकों के संघ के आधिकारिक प्रवक्ता हामिद होसैनी के हवाले से बताया कि ईरान तेल टैंकरों को प्रति बैरल एक डॉलर के शुल्क पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने के लिए तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 17:57:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया संघर्ष: पीएम मोदी मंत्रिमंड़ल की सुरक्षा संबंधी समिति की अहम बैठक, LPG और PNG की सप्लाई पर पूरा फोकस, जरूरी कदम उठाने का दिया निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीसीएस बैठक की अध्यक्षता कर पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईंधन और उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकार ने जमाखोरी रोकने और एलपीजी-एलएनजी के स्रोतों में विविधता लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। पीएम ने कोयले के पर्याप्त भंडार और आवश्यक वस्तुओं की स्थिर कीमतों का आश्वासन देते हुए अफवाहों से बचने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-asia-conflict-important-meeting-of-the-security-committee-of/article-148801"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/csc.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार शाम मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी मामलों की समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कृषि, उर्वरक, जहाजरानी, विमानन, रसद एवं लघु एवं मध्यम उद्यमों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, मोदी ने सीसीएस के सदस्यों के साथ आवश्यक आपूर्ति की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी एवं एलएनजी की आपूर्ति में विविधता लाने, ईंधन शुल्क में कमी लाने और विद्युत क्षेत्र से जुड़े उपायों की समीक्षा की।</p>
<p>बैठक में बताया गया कि आवश्यक वस्तुओं की स्थिर कीमतों को सुनिश्चित करने और जमाखोरी एवं कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। कीमतों की निरंतर निगरानी और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रवर्तन पर बातचीत के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने गलत सूचना एवं अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक प्रामाणिक जानकारी का समय पर एवं सुचारू पहुंच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त कोयले के भंडार मौजूद है जो आने वाले महीनों में बिजली की आवश्यकता पर्याप्त रूप से पूरी होगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक निवास सात लोक कल्याण मार्ग पर सीसीएस की इस विशेष बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में आगे की जाने वाली पहलों पर भी चर्चा की गई। इस मुद्दे पर सीसीएस की यह दूसरी विशेष बैठक थी। विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी तथा एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। विभिन्न देशों से नए स्रोतों के आने से एलपीजी की खरीद के लिए स्रोतों का विविधीकरण किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि इसी प्रकार, एलएनजी भी विभिन्न देशों से प्राप्त की जा रही है।</p>
<p>कैबिनेट सचिव ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और एलपीजी की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नियमित रूप से अवैध बिक्री विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। प्राकृतिक गैस पाइपलाइन कनेक्शनों के विस्तार के लिए भी पहल की गई है। गर्मी के चरम महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 7-8 गीगावाट क्षमता वाले गैस आधारित बिजली संयंत्रों को गैस पूलिंग तंत्र से छूट देना और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयले की आपूर्ति के लिए रेक बढ़ाना जैसे उपाय भी किए गए हैं। इसके अलावा, कृषि, नागरिक उड्डयन, जहाजरानी और रसद जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों के लिए प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा की गई।</p>
<p>उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यूरिया उत्पादन को आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने, डीएपी, एनपीकेएस आपूर्तिकर्ताओं के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने जैसे विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे दैनिक निगरानी, छापेमारी और सख्त कार्रवाई के माध्यम से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और हेराफेरी पर अंकुश लगाएं। विज्ञप्ति के अनुसार, देश में पिछले एक महीने से खाद्य पदार्थों के खुदरा दाम स्थिर बने हुए हैं। कीमतों की निरंतर निगरानी और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रवर्तन पर बातचीत के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कृषि उत्पादों, सब्जियों और फलों के दामों पर भी नजर रखी जा रही है।</p>
<p>ऊर्जा, उर्वरक और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए वैश्विक स्तर पर हमारे स्रोतों में विविधता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल और चल रहे राजनयिक प्रयास भी किए जा रहे हैं। मौजूदा संकट के बीच प्रभावी सूचना प्रसार और जन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय, वास्तविक समय संचार सहित सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने आम जनता की आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ एवं रबी ऋतुओं में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने गलत सूचना एवं अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही जानकारी के सुचारू प्रवाह पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हरसंभव उपाय करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 13:24:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप के बयान के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट: 100 डॉलर के नीचे आया ब्रेंट क्रूड, रूपए में भी गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[कच्चे तेल की कीमतों में राहत की खबर है! ब्रेंट क्रूड गिरकर 99.21 डॉलर पर आ गया है। यह नरमी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ तनाव घटाने के संकेतों के बाद आई है। हालांकि, भारतीय रुपया अब भी 95 प्रति डॉलर पर दबाव में है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संघर्ष बढ़ने पर तेल 150 डॉलर पार कर सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/big-fall-in-crude-oil-prices-after-trumps-statement-brent/article-148703"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/crude-oil2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार, 1 अप्रैल को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड घटकर 99.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि कच्चे तेल का भाव 97.495 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया। यह गिरावट अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के साथ तनाव कम करने के संकेतों के बाद आई है।</p>
<p>हालांकि, इससे पहले मार्च महीने में तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था और ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था। इस तेजी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है, जहां रुपया कमजोर होकर 95 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच चुका है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्यपूर्व में तनाव लंबा खिंचता है तो रुपया 100 प्रति डॉलर तक गिर सकता है और तेल की कीमतें 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह स्थिति महंगाई और आर्थिक दबाव को बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 15:26:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट: यूरोपीय संघ का ईंधन आयात बिल 14.9 अरब डॉलर बढ़ा; ऊर्जा मंत्रियों की मंगलवार को अहम बैठक, इन मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण यूरोपीय संघ का ऊर्जा आयात बिल मात्र 28 दिनों में 13 अरब यूरो बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति ठप होने से जीवाश्म ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। रूसी गैस पर निर्भरता कम करने की कोशिशों के बीच यह संकट यूरोपीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-crisis-eus-fuel-import-bill-increased-by-149/article-148567"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-power-crisis.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। यूरैक्टिव ने एक गोपनीय राजनयिक दस्तावेज के हवाले से कहा है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण यूरोपीय संघ को ऊर्जा आयात के बिल में 13 अरब यूरो (14.9 अरब डॉलर) की अतिरिक्त लागत चुकानी पड़ी है। ऊर्जा मंत्रियों की मंगलवार को होने वाली ऑनलाइन बैठक से पहले ब्रुसेल्स ने यूरोपीय संघ के देशों को भेजे दस्तावेज में कहा, "28 दिनों के संघर्ष ने संघ के जीवाश्म ईंधन आयात बिल में पहले ही 13 अरब यूरो जोड़ दिए हैं।"</p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए थे। ईरान इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है। इस बीच, फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों में तेल और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग - होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाला नौपरिवहन प्रभावी रूप से ठप हो गया है। इस वजह से अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। इस संघर्ष ने यूरोपीय संघ के देशों में ऊर्जा की कीमतों में भारी वृद्धि कर दी है, जो इसके साथ ही रूसी गैस और तेल का आयात बंद करने की तैयारी भी कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 16:34:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य अगले एक महीने तक बंद : आसमान छू सकती है तेल की कीमतें; 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना, अर्थशास्त्री ब्रूस कासमैन ने जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[जेपी मॉर्गन के मुख्य अर्थशास्त्री ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य एक महीने और बंद रहा, तो तेल $150 प्रति बैरल तक पहुंच जाएगा। ईरान-इजरायल युद्ध के चलते वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला ठप है। इससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और औद्योगिक उत्पादन पर गहरा संकट मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/strait-of-hormuz-closed-for-the-next-one-month-oil/article-148506"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन के मुख्य अर्थशास्त्री ब्रूस कासमैन का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य एक और महीने के लिए बंद रहता है, तो तेल की कीमतें आसमान छूने के साथ 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अर्थशास्त्री कासमैन के बयान के हवाले से कहा, "ऐसी स्थिति में, यदि होर्मुज जलडमरूमध्य एक और महीने तक बंद रहता है, तो तेल की कीमतें लगभग 150 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं और ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर औद्योगिक उपभोक्ताओं को कमी का सामना करना पड़ सकता है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान की राजधानी तेहरान सहित देश के विभिन्न ठिकानों पर हमले शुरू किए थे, जिससे भारी क्षति हुई और नागरिक हताहत हुए थे। ईरान पे इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है।</p>
<p>इस बीच, फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों में तेल और तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग - होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाला नौपरिवहन प्रभावी रूप से ठप हो गया है। इसके परिणामस्वरूप, दुनिया के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 11:34:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संसद में बजट संग्राम: राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष ने लगाया बजट में जरूरतमंदों का ध्यान न रखने का आरोप, सत्तापक्ष ने कहा-आम लोगों की चिंता कर रही सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में वित्त विधेयक 2026 पर तीखी बहस हुई। विपक्ष ने कॉरपोरेट टैक्स में कमी और आम जनता पर बढ़ते बोझ का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। वहीं, भाजपा ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती को जनहितैषी बताया। तृणमूल और द्रमुक ने आर्थिक असमानता और चुनावी राजनीति पर सवाल उठाते हुए सब्सिडी में कटौती की आलोचना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/during-the-discussion-in-rajya-sabha-the-opposition-accused-the/article-148130"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/delhi-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को वित्त विधेयक, 2026 ओर विनियोग (संख्या-2) विधेयक, 2026 पर एक साथ चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर बजट में जरूरतमंदों की अनदेखी करने का आरोप लगाया जबकि सत्तापक्ष ने कहा कि सरकार आम लोगों की चिंता कर रही है। गुजरात से कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि वित्त विधेयक में सरकार ने जरूरतमंदों, किसानों और महिलाओं का ध्यान नहीं रखा है। वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के हवाले से उन्होंने कहा कि जहां आयकर के प्राप्त राजस्व 26 प्रतिशत बढ़ा था वहीं सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में कॉरपोरेशन कर में कमी आयी है। इसका मतलब है कि कर का बोझ आम लोगों पर डाला जा रहा है और उद्योगों को राहत दी जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक में साल 2047 तक गुजरात के गांधीनगर स्थित गिफ्टी सिटी को कर में छूट दी गयी है, जहां बड़े-बड़े लोग रहते हैं, लेकिन आम लोगों की, किसानों और महिलाओं को कोई राहत नहीं दी गयी है। कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए श्री गोहिल ने आरोप लगाया कि सरकार उपकर और अधिभार लगाकर घोषित उद्देश्य से इतर उसका इस्तेमाल कर रही है। भाजपा के संजय सेठ ने कहा कि भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है। आज पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिये गये हैं जबकि भारत में उत्पाद शुल्क कम करके इनके दाम नहीं बढ़ने दिये गये हैं। यह दिखाता है कि सरकार आम लोगों की चिंता कर रही है। उन्होंने कहा कि आयकर देने वालों की संख्या बढ़ रही है जो सरकार में लोगों के विश्वास को दिखाता है। सरकार ने "कर आतंकवाद" को समाप्त कर व्यवसायियों को कर मुक्त किया है।</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले ने आरोप लगाया कि उत्पाद शुल्क में कटौती इसलिए की गयी है कि क्योंकि चार राज्यों में चुनाव हैं। यदि सरकार आम लोगों के बारे में सोचती तो पिछले चार साल से रूस से कम कीमत पर कच्चा तेल की खरीद का लाभ उन्हें देती जो नहीं किया गया। उन्होंने वित्त मंत्री से इस बात का आश्वासन मांगा कि चुनाव समाप्त होने के बाद भी पेट्रोल-डीजल की कीमत नहीं बढ़ायी जायेगी। उन्होंने संसद का सत्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री के बयान जारी करने के बाद संसद में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा न करने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को इतनी ही चिंता होती तो रसोई गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये नहीं बढ़ाये जाते।</p>
<p>तमिलनाडु से द्रमुक के पी. विल्सन ने कहा कि बजट में आर्थिक असमानता कम करने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। एक तरफ धनाढ्य लोगों की संपत्ति बढ़ रही है और दूसरी तरफ भुखमरी की रैंकिंग में भारत लगातार नीचे गिर रहा है। खाद्य सब्सिडी, ईंधन पर सब्सिडी और उर्वरक सब्सिडी कम की जा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण पर खर्च कम करके और आम लोगों पर बोझ डालकर राजकोषीय घाटा कम करना गलत है। उन्होंंने कहा कि देश की आम गृहणी राजकोषीय घाटे का आंकड़ा नहीं देखती, वह चावल की कीमत  खती है।</p>
<p>उन्होंने केंद्र पर संसाधनों के आवंटन में तमिलनाडु के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि कई फंड सिर्फ कागज पर हैं, लेकिन राज्य सरकार को कोई पैसा नहीं मिला है। पिछले पांच साल में राज्य को कुछ भी नहीं दिया गया है जिसका जवाब विधानसभा चुनाव में जनता देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:16:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>टेक्सास रिफाइनरी में भीषण विस्फोट: लोगों को करीबी ठिकाने में शरण लेने की सलाह, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के पोर्ट आर्थर स्थित वैलेरो रिफाइनरी में भीषण विस्फोट के बाद आग और काले धुएं का तांडव देखा गया। प्रशासन ने निवासियों के लिए 'शेल्टर-इन-प्लेस' अलर्ट जारी किया है। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। वायु गुणवत्ता की निगरानी जारी है, जबकि वैश्विक तेल आपूर्ति पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/massive-explosion-in-texas-refinery-administration-issued-alert-advising-people/article-147695"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/texox.png" alt=""></a><br /><p>ह्यूस्टन। अमेरिका के टेक्सास राज्य के पोर्ट आर्थर में वैलेरो एनर्जी की रिफाइनरी में सोमवार को जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद इलाके में आग की लपटें और घना धुआं उठता दिखाई दिया। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के निवासियों को एहतियातन घरों में रहने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट का संभावित कारण एक औद्योगिक हीटर बताया जा रहा है, हालांकि मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने 'शेल्टर-इन-प्लेस' अलर्ट जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे घरों के भीतर रहें, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें और बाहरी गतिविधियों से बचें।</p>
<p>शहर प्रशासन ने बयान में कहा, "आपकी सुरक्षा के लिए कृपया तब तक अपने स्थान पर बने रहें जब तक आपातकालीन कर्मियों द्वारा 'ऑल क्लियर' की घोषणा नहीं की जाती।" टेक्सास के राज्य प्रतिनिधि क्रिश्चियन मैनुअल ने बताया कि टेक्सास कमीशन ऑन एनवायरनमेंटल क्वालिटी ने स्थल पर वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए उपकरण तैनात किए हैं और स्थानीय तथा राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।</p>
<p>पोर्ट आर्थर फायर डिपार्टमेंट ने विशेष रूप से शहर के पश्चिमी हिस्से में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और घरों में रहने की सलाह दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में रिफाइनरी परिसर से उठती आग की लपटें और काला धुआं देखा जा सकता है। जेफरसन काउंटी की शेरिफ जेना स्टीफेंस ने बताया कि आपातकालीन दल तुरंत मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र को सुरक्षित करने तथा स्थिति का आकलन करने में जुटे हैं।</p>
<p>पोर्ट आर्थर की मेयर शार्लोट एम. मोसेस ने कहा कि विस्फोट के बावजूद किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और रिफाइनरी के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, "विस्फोट हुआ है, लेकिन सभी लोग सुरक्षित हैं और आग पर जल्द काबू पाने की कोशिश की जा रही है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, वैलेरो की यह रिफाइनरी प्रतिदिन लगभग 4.35 लाख बैरल कच्चे तेल के प्रसंस्करण करने की क्षमता रखती है और पेट्रोल, डीजल तथा जेट ईंधन का उत्पादन करती है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं पहले से बढ़ी हुई हैं और ईंधन कीमतों पर दबाव बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:54:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खाडी युद्ध के प्रभाव को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा, मनीष तिवारी ने कहा-ईंधन, खाद्यान और दवाईयों की कीमतों में आने वाले समय में होने वाली वृद्धि पर सरकार को बतानी चाहिए योजना</title>
                                    <description><![CDATA[संसद में विपक्ष ने खाड़ी युद्ध के कारण ईंधन, राशन और दवाओं की बढ़ती कीमतों पर सरकार को घेरा। मनीष तिवारी ने बढ़ते कर्ज और महंगाई पर सवाल उठाए, जबकि पुष्पेंद्र सरोज ने कूटनीतिक विफलता का आरोप लगाया। दूसरी ओर, नवीन जिंदल ने बजट को आर्थिक समृद्धि और 'सबका साथ-सबका विकास' का आधार बताते हुए बचाव किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/opposition-cornered-the-central-government-on-the-impact-of-gulf/article-147688"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/manish-tiwari.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विपक्ष ने लोकसभा में मंगलवार को कहा कि खाड़ी युद्ध के प्रभाव से देश में ईंधन, खाद्यान और दवाईयों की कीमतों में आने वाले समय में होने वाली वृद्धि पर सरकार को अपनी योजना बतानी चाहिए। कांग्रेस के मनीष तिवारी ने वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा की दूसरे दिन शुरुआत करते हुए कहा कि जिन अनुमानों के ऊपर यह बजट और वित्त विधेयक बनाया गया है वह मान्य नहीं प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर अपने भाषण में जो नहीं कहा वो ये कि वह मुल्क को आने वाले संकट के लिए तैयार कर रहे थे कि आने वाले दिन संकट भरे होंगे। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बताना चाहिए कि खाड़ी युद्ध का तेल, खाद्यान और दवाईयों की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद कीमतों में बढोतरी हो सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, सरकार को बताना चाहिए कि वह बाजार से जो कर्ज ले रही है क्या वह ब्याज की रकम चुकाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का पिछले बारह साल में कर्ज और देनदारी तीन गुणा बढ गया है इसलिए यह बजट भविष्य के भारत का नहीं है। नवीन जिंदल ने कहा कि जनता ने उनकी पार्टी को लगातार जीत दिलाकर बता दिया कि सबका साथ सबका विकास हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का ध्यान सिर्फ आलोचना करने पर ही था लेकिन आलोचना में तथ्य होना चाहिए तभी इसका कोई मतलब होता है। जब हम विकास और वृद्धि की बात करते हैं तो विपक्ष विरोध प्रदर्शन की बात करते हैं। यह विधेयक देश में आर्थिक समृद्धि लाने का काम करेगा और युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं नौकरी देने वाला बनेगा। </p>
<p>जनता दल यूनाइटेड के रामप्रीत मंडल ने कहा कि बिहार एक गरीब राज्य है और वहां मनरेगा के श्रमिकों को काम नहीं मिलने के कारण उनका जीवन संकट में आ गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में बारह मार्च से हो रही बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान हो गया है। आम और लीची की फसल भी खराब हो गयी इसलिए सरकार को अविलंब मुआवजा देना चाहिए।</p>
<p>समाजवादी पार्टी के पुष्पेन्द्र सरोज ने कहा कि आज देश की अर्थव्यवस्था की हालत ऐसी हो गयी है कि लोगों को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए कर्ज लेने पड़ रहे है। सिर्फ वादों से देश आगे नहीं बढेगा बल्कि वास्तविकता भी दिखनी चाहिए। सरकार ने जिस आत्मनिर्भर भारत का सपना दिखाया गया वह जमीन पर कहीं नहीं दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उज्ज्वला योजना के नाम पर ढ़िढोरा पीटने का काम किया लेकिन आज चौदह किलो का सिलेंडर में दस किलो का गैस मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के व्यापार समझौता से इस देश के किसान की हालत दयनीय होने वाली है। सरकार की नीतियां दिल्ली से नहीं बल्कि कहीं और से चल रही है। सरकार अमृत काल का सपना दिखाती है लेकिन वास्तविकता में यह अंधकार काल है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि आज देश की विदेश नीति कहां है। आज देश के पड़ोसियों के साथ भी संबंध मधुर नहीं है जो हमारी कूटनीतिक विफलता है। इससे हमारी विदेश नीति विफल होती जा रही है और हमारी सरकार अमेरिका पर निर्भर हो गयी है। कांग्रेस के वामिस कृष्ण गद्दाम ने अपने संसदीय क्षेत्र पेड्डापल्ले में कृषि विश्वविद्यालय खोलने की मांग करते हुए कहा कि उनके राज्य तेलंगाना के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने गरीबों को वंचित रखकर अमीरों को लाखों करोड़ की छूट दी है। इस देश में अमीर लोगों के लिए बहुत पैसा है लेकिन गरीबों के लिए कुछ नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:37:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान: फिर कच्चा तेल धड़ाम, कीमत 101 डॉलर के पार</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले को 5 दिनों के लिए टालने की घोषणा से वैश्विक तेल बाजार को बड़ी राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 10% से अधिक गिरकर $100 प्रति बैरल के नीचे आ गया। होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव कम होने से आपूर्ति की चिंताएं घटी हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/an-announcement-by-us-president-trump-then-crude-oil-suddenly/article-147619"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/crude-oil5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिका के ईरानी ऊर्जा संयंत्रों पर हमले टालने की घोषणा से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोमवार को कच्चे तेल में नरमी रही। इसी बीच सबसे बड़ा असर क्रूड ऑयल की कीमत पर देखने का मिला। अंतराष्ट्रीय बाजार में ये 10 फीसदी से ज्यादा फिसलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान को दी गयी समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले ईरान के परमाणु संयंत्रों पर और पांच दिन हमला न करने की घोषणा की। इससे कच्चा तेल आज आठ प्रतिशत टूट गया। पश्चिम एशिया संकट के कारण इस महीने कच्चे तेल में बड़ी तेजी देखी गयी है। गत 27 फरवरी को बाजार बंद होते समय ब्रेंट क्रूड वायदा 72 डॉलर प्रति बैरल पर था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 10:42:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी: पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, गाड़ी के टेंक फुल करवाने से पहले जानें क्या है आज आपके शहर में भाव</title>
                                    <description><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 110 डॉलर के पार पहुंचने और रुपये की गिरावट के बावजूद घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतें सोमवार को स्थिर रहीं। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये पर बरकरार है। हालांकि, तेल कंपनियों पर बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच प्रीमियम ईंधनों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे भविष्य में बदलाव की संभावना बनी हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/crude-oil-prices-rise-in-the-international-market-petrol-and/article-147468"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/crude-oil4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच पेट्रोल और डीजल के दाम सोमवार को स्थिर बने रहे। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में आज पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये और डीजल की 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रही। पेट्रोल-डीजल के दाम में 30 अक्टूबर 2024 के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है।</p>
<p>इंडियन ऑयल के प्रीमियम पेट्रोल एक्सपी95 का मूल्य 20 मार्च को दो रुपये बढ़ाया गया था। दिल्ली में इसकी कीमत अब 101.89 रुपये प्रति लीटर हो गयी है। इंडियन ऑयल के प्रीमियम डीजल एक्सजी का मूल्य 91.49 रुपये प्रति डॉलर पर स्थिर है।</p>
<p>मुंबई में पेट्रोल की कीमत 103.54 रुपये, चेन्नई में 100.84 रुपये और कोलकाता में 105.45 रुपये प्रति लीटर है। डीजल मुंबई में 90.03 रुपये, चेन्नई में 92.39 रुपये और कोलकाता में 92.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के अलावा रुपये में लगातार जारी गिरावट से भी तेल विपणन कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव है। हालांकि फिलहाल वे ग्राहकों पर ज्यादा भार नहीं देना चाह रही हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 10:35:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी, गाड़ी का टेंक फुल करवाने से पहले यहां जानें क्या है आज आपके शहर में भाव</title>
                                    <description><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $100 के पार पहुँचने और रुपये की गिरावट के बावजूद घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतें रविवार को स्थिर रहीं। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 पर बरकरार है। हालांकि, प्रीमियम पेट्रोल 'XP95' की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद तेल कंपनियां वैश्विक दबाव के बीच कीमतों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/amidst-the-rise-in-crude-oil-prices-in-the-international/article-147415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/petorl.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच पेट्रोल और डीजल के दाम रविवार को स्थिर बने रहे। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में आज पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये और डीजल की 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रही।</p>
<p>पेट्रोल-डीजल के दाम में 30 अक्टूबर 2024 के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है। इंडियन ऑयल के प्रीमियम पेट्रोल एक्सपी95 का मूल्य 20 मार्च को दो रुपये बढ़ाया गया था। दिल्ली में इसकी कीमत अब 101.89 रुपये प्रति लीटर हो गयी है। इंडियन ऑयल के प्रीमियम डीजल एक्सजी का मूल्य 91.49 रुपये प्रति डॉलर पर स्थिर है।</p>
<p>मुंबई में पेट्रोल की कीमत 103.54 रुपये, चेन्नई में 100.84 रुपये और कोलकाता में 105.45 रुपये प्रति लीटर है। डीजल मुंबई में 90.03 रुपये, चेन्नई में 92.39 रुपये और कोलकाता में 92.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के अलावा रुपये में लगातार जारी गिरावट से भी तेल विपणन कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव है। हालांकि फिलहाल वे ग्राहकों पर ज्यादा भार नहीं देना चाह रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:32:20 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ युद्धविराम की संभावना को नकारा, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से गहराया ईंधन संकट</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि ईरान किसी अस्थायी समझौते के बजाय "युद्ध की पूर्ण और स्थायी समाप्ति" चाहता है। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी से वैश्विक ईंधन कीमतों में भारी उछाल आया है। इस कड़े रुख ने तनाव कम करने और तेल बाजार को स्थिर करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को बड़ा झटका दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-rejects-possibility-of-ceasefire-with-america-and-israel-fuel/article-147324"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/maztab.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि उनका देश अमेरिका और इजरायल के साथ किसी अस्थायी युद्धविराम के लिए सहमत नहीं होगा। जापान की समाचार एजेंसी 'क्योडो' को दिए एक साक्षात्कार में श्री अराघची ने कहा कि ईरान केवल युद्धविराम नहीं, बल्कि "युद्ध की पूर्ण, व्यापक और स्थायी समाप्ति" चाहता है।</p>
<p>विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला चरमरा गई है। ईरानी नाकाबंदी के कारण फारस की खाड़ी से वैश्विक बाजारों तक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने वाला सबसे महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य, प्रभावी रूप से बंद हो गया है। इस मार्ग से शिपिंग रुकने के सीधे परिणाम के रूप में दुनिया भर के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।</p>
<p>अब्बास अराघची के कड़े रुख ने उन कूटनीतिक प्रयासों को झटका दिया है जो तनाव कम करने और वैश्विक तेल बाजार को स्थिर करने की कोशिश कर रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 14:03:16 +0530</pubDate>
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