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                <title>Bilateral Talks - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Bilateral Talks RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों में नई उम्मीद : भारत परस्पर सम्बन्धों को 'भविष्योन्मुखी साझेदारी' में बदलने पर सहमत, हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर भी दोनों देशों का दृष्टिकोण समान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने द्विपक्षीय संबंधों को 'भविष्योन्मुखी साझेदारी' में बदलने का संकल्प लिया। डिजिटल सेतु की घोषणा के साथ, दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार को $50 अरब तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। यह सहयोग सेमीकंडक्टर, एआई और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता को मजबूत करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/new-hope-in-india-south-korea-relations-india-agrees-to-transform/article-151121"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने सोमवार को यहां द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक वार्ता कर दोनों देशों के संबंधों को 'भविष्योन्मुखी साझेदारी' में बदलने का संकल्प लिया और कहा कि भारत तथा दक्षिण कोरिया के बीच ये संबंध प्रौद्योगिकी, व्यापार और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों पर आधारित होंगे। बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आठ वर्ष बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा, अत्यंत महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के बीच के गहरे तालमेल को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून के शासन के प्रति सम्मान दोनों देशों की मूल पहचान का हिस्सा है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर भी दोनों देशों का दृष्टिकोण समान है। भविष्य की रूपरेखा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश 'विश्वसनीय साझेदारी' को 'भविष्योन्मुखी साझेदारी' में बदलने को तैयार हैं। इन सबके आधार पर, पिछले एक दशक में हमारे संबंध अधिक गतिशील और व्यापक हुए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “ चिप्स से जहाज निर्माण, प्रतिभा से प्रौद्योगिकी और मनोरंजन से ऊर्जा तक हम सभी क्षेत्रों में सहयोग के नये अवसरों को साकार करेंगे। आज हम अगले दशक की सफलता की कहानियों की नींव रख रहे हैं।” बैठक की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें 'भारत-कोरिया डिजिटल सेतु' की घोषणा महत्वपूर्ण है, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमी कंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है। दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को उन्नत कर 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया, जो पिछले वर्ष 25.7 अरब डॉलर था।</p>
<p>आधिकारिक सूचना के अनुसार यह बैठक श्री मोदी और श्री ली के बीच तीसरी आमने-सामने की मुलाकात थी, जो द्विपक्षीय संबंधों में तेजी को दर्शाती है। इस दौरान जहाज निर्माण, उभरती प्रौद्योगिकियों और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गये। वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में श्री मोदी ने कहा कि यह साझेदारी व्यापक महत्व रखती है और दोनों देश मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश देते हैं। उन्होंने दक्षिण कोरिया के अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने के निर्णय का स्वागत किया।</p>
<p>इससे पहले 19 से 21 अप्रैल तक की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे राष्ट्रपति ली का राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और पीएम मोदी ने औपचारिक स्वागत किया। उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। यह यात्रा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बहुआयामी साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक पूरकता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक सहयोग पर आधारित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:40:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप कोलंबिया बैठक: डोनाल्ड ट्रंप से बैठक के बाद कोलंबिया के रूख में आई नरमी, संबंधो में सुधार के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[व्हाइट हाउस में ट्रंप और पेट्रो की पहली बैठक सौहार्दपूर्ण रही। महीनों के तनाव के बाद ऊर्जा, ड्रग्स और व्यापार पर सकारात्मक बातचीत से द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेत मिले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-colombia-meeting-colombias-stance-softened-after-meeting-with-donald/article-141896"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने व्हाइट हाउस में लगभग दो घंटे तक चली अपनी पहली आमने-सामने की बैठक को मैत्रीपूर्ण और सकारात्मक बताया है। महीनों से चले आ रहे तीखे बयानों और राजनयिक गतिरोध के बाद इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच संबंधों के सुधरने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>बैठक के बाद ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, हमारी मुलाकात बहुत अच्छी रही। पेट्रो शानदार व्यक्ति हैं। उनका यह बयान चौंकाने वाला है क्योंकि कुछ ही हफ्ते पहले ट्रंप ने पेट्रो को बीमार और नशीली दवाओं का नेतृत्व करने वाला व्यक्ति बताया था। </p>
<p>पेट्रो ने भी सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हाथ मिलाते हुए फोटो साझा की और अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनकी द आर्ट ऑफ द डील पुस्तक पर यू आर ग्रेट लिखकर उन्हें समर्पित की। कोलंबियाई दूतावास में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पेट्रो ने बताया कि में मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इनमें वेनेजुएला और ऊर्जा, नशीली दवाओं के खिलाफ जंग और इक्वाडोर के साथ व्यापार विवाद की बातें शामिल हैं। </p>
<p>दोनों नेताओं ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हालिया गिरफ्तारी और वहां अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के बीच, दोनों नेताओं ने वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने पर चर्चा की। पेट्रो ने कोलंबिया के रास्ते वेनेजुएला की गैस निर्यात करने और ला गुआजीरा क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्रीय ऊर्जा संकट को हल करने का प्रस्ताव रखा।</p>
<p>पेट्रो ने नशीली दवाओं के अंतरराष्ट्रीय सरगनाओं को पकडऩे के लिए एक ट्रिपल एलायंस (अमेरिका, कोलंबिया और इक्वाडोर) का सुझाव दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किसानों पर कार्रवाई प्रभावी समाधान नहीं है। कोलंबिया प्रमुख पेट्रो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ के साथ जारी ट्रेड वार (व्यापार युद्ध) को सुलझाने के लिए अमेरिका से मध्यस्थता का अनुरोध किया। गौरतलब है कि इक्वाडोर ने हाल ही में कोलंबियाई कच्चे तेल के परिवहन शुल्क में 900 की भारी वृद्धि की है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, यह मुलाकात एक ऐसे समय में हुई है जब पिछले साल सितंबर में पेट्रो के न्यूयॉर्क में फलस्तीन समर्थक रैली में भाग लेने और अमेरिकी सैनिकों को आदेश न मानने के लिए उकसाने के बाद उनका अमेरिकी वीजा रद्द कर दिया गया था। साथ ही, ट्रंप प्रशासन ने पेट्रो और उनके परिवार पर वित्तीय प्रतिबंध भी लगाए थे। यद्यपि इस बैठक के लिए पेट्रो को अस्थायी वीजा दिया गया था, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि उनके व्यक्तिगत प्रतिबंधों पर कोई चर्चा नहीं हुई।</p>
<p>विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक व्यक्तिगत संबंधों में जमी बर्फ पिघलाने वाली तो है, लेकिन सुरक्षा, सैन्य कार्रवाई और ड्रग पॉलिसी जैसे गंभीर मुद्दों पर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद अब भी बरकरार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 13:15:44 +0530</pubDate>
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                <title>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इथियोपिया के आधिकारिक दौरे पर, इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जॉर्डन यात्रा के बाद इथियोपिया पहुंचेंगे, जहां वे प्रधानमंत्री अबी अहमद के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। कृषि, निवेश, विकास सहयोग और स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी। पीएम मोदी इथियोपियाई संसद को भी संबोधित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/these-important-issues-will-be-discussed-during-prime-minister-narendra/article-136183"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-ithopia-visit.png" alt=""></a><br /><p>अम्मान। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जॉर्डन की यात्रा के बाद मंगलवार को इथियोपिया के लिए रवाना हो गए हैं। यह तीन देशों के महत्वपूर्ण राजनयिक दौरे का दूसरा चरण है। अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान, प्रधानमंत्री  मोदी नोबेल शांति पुरस्कार विजेता इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय (एजेंसी) करेंगे, जिसका उद्देश्य कृषि, निवेश और विकास सहयोग सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। दोनों नेताओं ने 2023 में जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी।</p>
<p>पीएम मोदी इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे, जहाँ वह भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, साझा सभ्यतागत मूल्यों और भारत-इथियोपिया साझेदारी की अपार क्षमता पर प्रकाश डाल सकते हैं। इस यात्रा के दौरान चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में विस्तारित सहयोग की भी मजबूत उम्मीदें हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली से रवाना होने से पहले इथियोपिया के रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए अफ्रीका के सामूहिक भविष्य को आकार देने में इसकी केंद्रीय भूमिका का उल्लेख किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 19:25:15 +0530</pubDate>
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