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                <title>reduction - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, सरकार ने आयात शुल्क में की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट के बीच सरकार ने सोने और चांदी के आयात शुल्क मूल्य (Import Tariff Value) में बड़ी कटौती की है। सोने का मूल्य $80 घटाकर $1,343 प्रति 10 ग्राम और चांदी का मूल्य $276 घटाकर $2,092 प्रति किलोग्राम कर दिया गया है, जिससे घरेलू बाजार में राहत मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/governments-decision-to-give-relief-on-gold-and-silver-imports/article-156738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/gold-silver2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के मद्देनजर सरकार ने दोनों कीमती धातुओं के आयात शुल्क मूल्य में कमी कर दी है। आयात शुल्क मूल्य वह कीमत है जिसके आधार पर ऐसी चुनिंदा वस्तुओं पर आयात शुल्क लगाया जाता है जिनकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बदलती रहती है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा गुरुवार रात जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सोने का आयात शुल्क मूल्य अब 1,343 डॉलर प्रति 10 ग्राम होगा। इससे पहले 29 मई को सोने का आयात शुल्क मूल्य 1,423 डॉलर प्रति 10 ग्राम निर्धारित किया गया था। इस प्रकार इसमें 80 डॉलर की कटौती की गयी है।</p>
<p>चांदी का आयात शुल्क मूल्य 276 डॉलर घटाकर 2,092 डॉलर प्रति किलोग्राम किया गया है। इससे पहले 29 मई को यह 2,368 डॉलर प्रति किलोग्राम तय किया गया था। सोने के आयात शुल्क मूल्य में यह लगातार दूसरी तथा चांदी में लगातार तीसरी कटौती है। इससे पहले 29 मई को भी दोनों कीमती धातुओं के आयात शुल्क मूल्य घटाये गये थे। चांदी में 19 मई को भी कटौती की गयी थी। उससे पहले 15 मई को दोनों के आयात शुल्क मूल्य बढ़े थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के आधार पर आयात शुल्क मूल्य में हर पखवाड़े बदलाव किया जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय में कीमतों में भारी उथल-पुथल के कारण एक पखवाड़े से कम समय में ही समीक्षा की आवश्यकता पड़ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 16:21:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जापान में निचले सदन की सीटों में 10 फीसदी कटौती पर सहमति : कम हो जाएंगे सांसद, सियासी दलों के गठबंधन के समझौते की प्रमुख शर्त थी</title>
                                    <description><![CDATA[निचले सदन में संसदीय सीटों की संख्या कम करने के लिए एक विधेयक लाना और पारित कराना जापान इनोवेशन पार्टी (जेआईपी) की एक मुख्य मांग थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/mps-will-reduce-their-consent-to-10-percent-reduction-in/article-134376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/japan-sansad.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान में निचले सदन की सीटों की संख्या में 10 प्रतिशत कटौती को लेकर सत्तारूढ़ दलों में सहमति बन गयी। यह मांग सरकार में शामिल सियासी दलों के गठबंधन के समझौते की प्रमुख शर्त थी। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची और जापान इनोवेशन पार्टी के नेता हिरोफ़ुमी योशिमुरा ने मौजूदा संसदीय सत्र के दौरान इस बावत एक विधेयक पेश करने पर सहमति जताई। निचले सदन में संसदीय सीटों की संख्या कम करने के लिए एक विधेयक लाना और पारित कराना जापान इनोवेशन पार्टी (जेआईपी) की एक मुख्य मांग थी। इसके बदले में उसने ताकाइची और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के साथ गठबंधन सरकार बनाने पर सहमति व्यक्त की थी। योशिमुरा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ताकाइची और मैंने वर्तमान संसदीय सत्र के दौरान सीट-कटौती विधेयक पेश करने पर सहमति व्यक्त की है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने और विपक्षी दलों के विचारों को ध्यान में रखते हुए हमने एक ऐसी योजना पर सहमति जताई है, जो केवल आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली में सीटों को कम करने के बजाय, एकल-सीट निर्वाचन क्षेत्रों और आनुपातिक प्रतिनिधित्व दोनों सीटों में 10 प्रतिशत की कटौती करेगी। दोनों दल एक सप्ताह के भीतर एक विधेयक प्रस्तुत करेंगे, जिसमें सांसदों की संख्या में 10 प्रतिशत कटौती पर चर्चा के लिए सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच अलग से बातचीत का उल्लेख होगा। विदित हो कि जापान के निचले सदन में कुल 465 सीटों हैं। इस कटौती समझौते का आशय यह होगा कि कि निचले सदन में लगभग 45 सीटें कम हो जाएंगी। वर्तमान में 289 जिला सीटें और 176 आनुपातिक प्रतिनिधित्व सीटें हैं। जिला सीटों और आनुपातिक सीटों दोनों में कटौती लागू होगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 13:20:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगाई पर अंकुश </title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र सरकार ने बढ़ती रिकार्ड महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए पेट्रोल पर प्रति लीटर 8 रुपए और डीजल पर 6 रुपए उत्पाद शुल्क कम करने की घोषणा की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/government-announce-reduction-of-excise-duty/article-10250"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/4-copy3.jpg" alt=""></a><br /><p>केन्द्र सरकार ने बढ़ती रिकार्ड महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए पेट्रोल पर प्रति लीटर 8 रुपए और डीजल पर 6 रुपए उत्पाद शुल्क कम करने की घोषणा की है। इससे पेट्रोल 9.50 रुपए प्रति लीटर और डीजल 7 रुपए प्रति लीटर सस्ता हो गया है। केन्द्र की इस पहल के बाद कुछ राज्यों ने भी वैट में कटौती कर जनता को राहत देने का कदम उठाया है और कुछ जल्दी ही वैट कम करने की घोषणा करेंगे। केन्द्र पर उत्पाद शुल्क में कटौती का दबाव बन गया था। मई में खुदरा महंगाई 7.79 प्रतिशत दर्ज हुई, जो भी पिछले महीनों की रिकार्ड बढ़ोतरी है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ महंगाई की दर में बढ़ोतरी शुरू हो गई और यह रिकार्ड तोड़ रूप से दर्ज होने लगी। महंगाई से पूरे देश में हाहाकार की स्थिति थी। आम लोगों के धैर्य की भी आखिर कोई सीमा होती है, तो केन्द्र भी बढ़ती महंगाई से चिंतित था। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करने के साथ ही सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत साल में 12 गैस सिलेंडरों पर दो सौ रुपए की सब्सिटी देने की भी घोषणा की है। इससे सिलेंडर की कीमत आठ सौ रुपए तक हो जाएगी और नौ करोड़ महिलाएं लाभान्वित होंगी।</p>
<p>इसके अलावा सरकार ने विनाइल क्लोराइड (पीवीसी) के पॉलिमर पर आयात शुल्क 10 फीसद से कम कर 7.5 फीसद कर दिया है, इससे कुछ प्लास्टिक के उत्पाद सस्ते होने की उम्मीद है। सरकार ने स्टील के कुछ कच्चे माल पर भी आयात शुल्क कम करने की भी घोषणा की है। सीमेंट की उपलब्धता बढ़ाने व लागत को कम करने के प्रयास भी किए जाने का भरोसा दिलाया है। महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार ने पिछले दिनों गेहूं की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार के इन फैसलों से महंगाई दर में कुछ कमी आने की उम्मीद की जा सकती है। इसका सकारात्मक असर अगले महीनों में देखने को मिल सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस कटौती के बाद भी यदि माल की ढुलाई की दरें कम नहीं होती है, तो महंगाई में कमी की उम्मीद नहीं की जा सकती। सरकारों को इस पर भी नजर रखनी होगी। देश के बड़े इलाके में भीषण गर्मी व पानी की कमी से फसलों पर भी विपरीत असर पड़ा है इससे खाद्य महंगाई बढ़ सकती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 11:24:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली संकट : राहत की खबर : ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली कटौती में आएगी कमी</title>
                                    <description><![CDATA[मिलने लगा 20 रेक कोयला, उत्पादन में इजाफा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0---%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%9F%E0%A5%8C%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%8F%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A5%80/article-1659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/coal_koyla.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। कोयले की कमी के कारण प्रदेश में बढ़े बिजली संकट के बीच थोड़ी राहत भरी खबर आई है। केन्द्र और राज्य के अफसरों की बातचीत के बाद कोल इंडिया के माध्यम से मंगलवार देर रात तक राजस्थान को 20 रैक (80 हजार टन) कोयला रोजाना डिस्पेच होने लगा है, इससे बिजली उत्पादन में इजाफा होगा। अब जल्दी ही शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती के समय में भी कमी आएगी।</p>
<p><br /> प्रदेश में बिजली उत्पादन के लिए 21 रैक कोयला रोजाना सप्लाई की जरूरत है। संकट के बीच राजस्थान को एक पखवाड़े पहले तक सात से आठ रैक कोयला मिल रहा था। उसके बाद प्रदेश सरकार के दबाव में पिछले दिनों कोयला सप्लाई 14-15 रैक तक पहुंच गई। ऊर्जा एसीएस सुबोध अग्रवाल मंगलवार को दिल्ली पहुंचे और केन्द्र पर दबाव बढ़ाया तो मंगलवार देर रात तक सप्लाई में इजाफा होते हुए 20 रैक तक पहुंच गया। कोयले की ये खेप बढ़ने से 1570 मेगावाट तक बिजली पैदा की जा सकेगी। ऊर्जा विभाग के अनुसार राज्य में अभी 9,317 मेगावाट बिजली उपलब्धता है और औसत मांग 10683 मेगावाट तथा 12,200 मेगावाट अधिकतम औसत मांग रही है। डिमांड और सप्लाई के बीच अंतर को देखें तो कोयला सप्लाई बढ़ने के बाद 1570 मेगावाट बिजली उत्पादन के बावजूद 1313 मेगावाट बिजली की कमी रहेगी। <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> भेजे गए अफसर सप्लाई डिस्पेच पर रखेंगे नजर</strong></span></span><br /> एसीएस अग्रवाल की दिल्ली में केन्द्रीय कोयला सचिव अनिल जैन और केन्द्रीय पर्यावरण सचिव आरपी गुप्ता से कोयला आपूर्ति बढ़ाने और संयुक्त उपक्रम में फेज दो की पर्यावरण स्वीकृति जारी करने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद अग्रवाल ने बताया कि कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई एनसीएल से चार रैक डिस्पेच हुई हैं, वहीं एसईसीएल से भी एक से बढ़कर अब चार रैक डिस्पेच हुई हैं। विद्युत उत्पादन निगम और अडानी के संयुक्त उपक्रम से कोयले की 12 रैक डिस्पेच कराई गई हैं। प्रदेश के लिए 20 रैक डिस्पेच हुई हैं,जबकि इससे पहले वाले दिन 16 और उससे पहले एक बार तो दस से 11 तथा इससे कम रैक के हालात बन गए थे। प्रदेश को यह कोयला सप्लाई बरकरार रखने के लिए डिस्पैच पर प्रेशर रखने के लिए कोयला खदानों पर भेजे गए अफसरों को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पर्यावरण सचिव आरपी गुप्ता से हुई बातचीत में राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम और अडानी के संयुक्त उपक्रम परसा ईस्ट और कांता बासन की सैकंड फेज की वनभूमि 1136 हैक्टेयर के हंस्तातरण और परसा कोल ब्लॉक की सैकंड फेज की लम्बित वन स्वीकृति पर सकारात्मक बातचीत हुई। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>660 मेगावाट बिजली बनेगी : सूरतगढ़ सुपर क्रि. यूनिट चालू</strong></span></span><br /> कोयला संकट में राहत मिलने के बाद बुधवार को सूरतगढ़ में सात नम्बर की सुपर क्रिटिकल यूनिट चालू कर दी गई। इसके सिन्क्रोनाइज होने के बाद अब 660 मेगावाट बिजली पैदा होगी। राजस्थान में अब 5,193 मेगावाट बिजली सरकारी उपक्रमों के पावर प्लांट्स से बनने लगेगी।</p>
<p><br /> सूरतगढ़ थर्मल में सात और आठ नम्बर यूनिट शुरू होने के बाद अब 660-660 मेगावाट बिजली बनेगी, इसके साथ ही 250 मेगावाट की एक यूनिट भी चालू है। सूरतगढ़ से कुल 1570 मेगावाट बिजली पैदा होगी। इससे पहले सूरतगढ़ थर्मल में 910 मेगावाट बिजली बन रही थी। छबड़ा में 660 और 250 मेगावाट की यूनिट्स चालू हैं। कालीसिंध में 1200 मेगावाट और कोटा थर्मल पावर स्टेशन से 1240 मेगावाट बिजली मिल रही है। रामगढ़ गैस थर्मल पावर लंट से भी 273 मेगावाट बिजली बनती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 14 Oct 2021 10:25:14 +0530</pubDate>
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