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                <title> आंखों से फेफड़ों तक चोट पहुंचा रहे धूल के कण</title>
                                    <description><![CDATA[ शहर में जगह-जगह हो रहे निर्माण कार्य व सीवरेज पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों के कारण धूल के गुबार उड़ रहे हैं। धूल-धुएं से जहां वायु प्रदूषण बढ़ता है। वहीं, इसका सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है। लेकिन, अब ये धूल लोगों की आंखों पर भारी पड़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dust-particles-are-causing-damage-from-eyes-to-lungs/article-9867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/eyes-to-lungs-dust-particals-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में जगह-जगह हो रहे निर्माण कार्य व सीवरेज पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों के कारण धूल के गुबार उड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा बुरे हाल डामर की सड़कों के हैं। बारीक गिटटी लोगों को ज्यादा परेशान करती है। धूल-धुएं से जहां वायु प्रदूषण बढ़ता है। वहीं, इसका सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है। लेकिन, अब ये धूल लोगों की आंखों पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ महीनों में आंखों से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।<br /><br />एमबीएस अस्पताल की ओपीडी में ही सामान्य दिनों के मुकाबले इन दिनों ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें आंखों में इंफेक्शन और एलर्जी के साथ ड्राय आइज के मामलों में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है। चिकित्सकों के मुताबिक ऐसे लोग जो ज्यादा बाहर रहते हैं, उनमें यह समस्या अधिक है। एमबीएस में इन दिनों आंखों की समस्या से जुड़े करीब 200 मामले आ रहे हैं। <br /><br /><strong>धूल के कणों से खतरा</strong><br />नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉक्टर युनूस खान ने बताया कि धूल के पार्टिकल आंखों की कार्निया पर जाकर चिपक जाते हैं, जिससे आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, आंखों में घाव होने से इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। वैसे आंखें लाल होने के और भी कई कारण हैं। लेकिन, इन दिनों धूल-मिटटी से लाल आंखें होने के 4 और कंकर जाने के 5 केस प्रतिदिन आ रहे हैं। जबकि, पहले इन समस्याओं के मरीजों की संख्या इक्की-दुक्की ही रहती थी। इसके अलावा समान्य आंखों की समस्याओं के 50 से 60 मामले प्रतिदिन आ रहे हैं। यह आंकड़ा एक क्लिनिक का है। ऐसे शहरभर में कई हॉस्पिटल व क्लिनिक है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है नुकसान किस हद तक बढ़ रहा है। एलर्जी व ड्राय आईज जैसी समस्याओं से बचने के लिए आंखों पर चश्मा पहने ताकि आंखों में धूल-मिटटी न जा सके। <br /><br /><strong>आंखों में सूजन और अंदरूनी समस्याएं भी</strong> <br />एमबीएस अस्पताल के नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉक्टर अशोक मीणा बताते हैं कि इन दिनों मौसम बदल रहा है। सड़कों पर धूल है और हवा में भी नमी नहीं है। ऐसे में आंखों में समस्याएं बढ़ रही है। इन दिनों आंखों में खुजली, सूजन, पलक के अंदर वाली लेयर यानी कंजंक्टाइवा में भी इंफेक्शन आ रहा है। बार-बार आंखों को हाथ लगाने से कंजक्टिवाइटिस और पानी सूखना यानी ड्रायआईज के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। <br /><br /><strong>इन बातों का रखें ख्याल</strong><br />- दो पहिया वाहन चालक चश्मे का उपयोग करें और हो सके तो हेलमेट जरूर पहनें। <br />-  हाथों को साफ करते रहें और बार-बार आंखें न छुएं।<br />-  आंखों को ठंडे पानी से धोते रहें।<br />- आंखें लाल होने, पानी आने या चुभन महसूस होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।<br />- धूल और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। <br /><br /><strong>फेफड़ों की झिल्लियों को नष्ट कर सकते हैं धूल के बारीक कण</strong><br />सड़कों की खुदाई व क्षतिग्रस्त मार्ग से वाहनों के गुजरने के दौरान उड़ने वाली धूल फेफड़ों के लिए घातक होती है। क्योंकि यह महीन कण होते हैं जो सांस के साथ सीधे फेफड़ों की झिल्लियों पर चिपक जाते हैं। इनसे झिल्लयां नष्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। यह उन लोगों के लिए घातक होता है, जो पहले से ही एलर्जी व अस्थमा से पीड़ित होते हैं। हालांकि गर्मियों में अस्थमा कंट्रोल रहता है लेकिन धूल-मिटटी के सम्पर्क में आने के बाद समस्या और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में जहां निर्माण कार्य चल रहे हों वहां से गुजरने के दौरान मास्क लगाा चाहिए।<br /><strong>- राजेंद्र ताखर, श्वांस रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 May 2022 15:42:06 +0530</pubDate>
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                <title>विधानसभा चुनाव से पहले आधी आबादी पर कांग्रेस की नजर</title>
                                    <description><![CDATA[सत्तारूढ़ पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं पर फोकस कर रही है। पार्टी महिलाओं के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए जल्दी ही कई कार्यक्रम शुरू करेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/congress-eyes-on-half-the-population-before-the-assembly-elections--the-focus-will-be-on-priyanka-s-formula/article-5258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/congress.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। सत्तारूढ़ पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं पर फोकस कर रही है। पार्टी महिलाओं के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए जल्दी ही कई कार्यक्रम शुरू करेगी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के महिलाओं को आगे बढ़ाने के फॉर्मूले पर भी राजस्थान में मंथन किया जाएगा। समाज का बड़ा हिस्सा होने के कारण प्रदेश कांग्रेस के रणनीतिकारों ने महिला आबादी पर फोकस करने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस के सत्ता और संगठन दोनों ही आगामी दिनों में कई कदम उठाएंगे। बजट घोषणा में महिलाओं को स्मार्टफोन देने की घोषणा भी इसी दिशा में उठाया कदम है। संगठन भी महिला दिवस से महिलाओं को जोड़ने के लिए एप लांच और सेल्फ डिफेंस से जुड़े काम शुरू करने जा रहा है।'<br /><br /><strong>सेल्फ डिफेंस के लिए बांटेंगे मिर्च स्प्रे</strong><br />कांग्रेस एससी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने अपने जयपुर दौरे में बताया था कि अंतर्राष्टÑीय महिला दिवस पर कांग्रेस जयपुर से इंदिरा शक्ति मोबाइल एप लांच करेगी। इस एप से महिला चार सेकंड तक बटन दबाएगी तो उसका मैसेज और लोकेशन फोन में फीड चार नम्बरों पर पहुंचेगा और उसको मदद मिल जाएगी। वहीं युवतियों को मिर्च स्प्रे दिया जाएगा, ताकि वह छेड़खानी करने वालों को सबक सीखा सके। <br /><br /><strong>सरकार देगी स्मार्टफोन</strong><br />राज्य सरकार ने बजट में 1.33 करोड़ चिरंजीवी परिवारों की महिला मुखियाओं को इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ स्मार्टफोन देने, बालिकाओं के लिए हॉस्टल संख्या बढ़ाने, इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना को प्रदेशभर में लागू करने, महिला स्वयं सहायता समूहों को एक हजार डेयरी बूथ आवंटित करने जैसी कई घोषणाएं कर महिलाओं को भावनात्मक रूप से जोड़ने पर काम शुरू कर दिया है।<br /><br /><strong>विधानसभा-लोकसभा चुनाव में महिलाओं को ज्यादा सीटें</strong> <br />कांग्रेस राजस्थान में आधी आबादी को जोड़ने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के यूपी में महिलाओं के लिए लाए फॉर्मूल पर भी यहां के हालातों के हिसाब से लागू करने पर फोकस करेगी। महिलाओं को सरकारी योजनाओं और संगठन गतिविधियों के माध्यम से जोड़ने के लिए पंचायत से लेकर विधानसभा-लोकसभा चुनाव तक महिलाओं को अधिक सीटें देने की कवायद भी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Mar 2022 15:49:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> मां की आंखें नम, दिल में गर्व : बेटा शहीद हुआ  है, अब बहू को भी सेना में भेजूंगी</title>
                                    <description><![CDATA[कुन्नूर हेलिकॉप्टर हादसे में झुंझुनूं जिले के ग्राम घरड़ाना खुर्द निवासी कुलदीप राव भी हुए शहीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%82%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%AE--%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5---%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%A6-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%86--%E0%A4%B9%E0%A5%88--%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80/article-3046"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/5.jpg" alt=""></a><br /><p>झुंझुनू/चिड़ावा। तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टर क्रैश में सीडीएस बिपिन रावत की पत्नी सहित 11 अन्य सेना अफसर और जवान शहीद हो गए। इनमें झुंझुनूं जिले के ग्राम घरड़ाना खुर्द निवासी को-पायलट स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह राव भी हैं। शहीद के पिता रणधीर सिंह, माता कमला देवी, ताऊ और चाचा पैतृक गांव पहुंच गए हैं। अन्य परिजन भी दिल्ली तथा अन्य स्थानों से शहीद कुलदीप के पैतृक गांव घरडाना खुर्द पहुंच रहे हैं। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ी हुई है। शहीद की मां कमला देवी की आंखें नम हैं, लेकिन उनकी आंखों में बेटे के लिए गर्व भी है। उन्होंने जमकर वंदेमातरम के नारे लगाए। कुलदीप की मां का कहना है कि उनका बेटा शहीद हो गया, लेकिन उसके बेटे की यही कमाई है। देश की सेवा करते हुए बेटा शहीद हुआ है। अब बहू को भी सेना में भेजूंगी। <br /><br /><strong>पूरे गांव में दौड़ी शोक की लहर, नहीं जले चूल्हे :</strong><br />गांव के पूर्व सरपंच हरपाल सिंह ने बताया कि पूरे गांव को कुलदीप पर गर्व है। गांव के लाडले को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। देर शाम ही शहीद होने की सूचना मिल गई थी। पूरे गांव में शोक का माहौल हो गया। रात को पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले। पूरा गांव इस घड़ी में शहीद के परिवार के साथ है। शहीद का शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। चौधरी हरपाल सिंह राव ने बताया कि शहीद कुलदीप सिंह का घरड़ाना खुर्द गांव के स्कूल के सामने चौक में अंतिम संस्कार किया जाएगा। यहां सफाई भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि शहीद को क्रिकेट भी खेलने का शौक था। <br /><br /><br />शहीद कुलदीप राव के चाचा के बेटे एक्स नेवी पर्सन राजेंद्र राव ने बताया कि बचपन से ही कुलदीप पायलट बनना चाहता था। कुलदीप खिलौने का हवाई जहाज हाथ में लेकर घूमता था और कहता था कि वह एक दिन पायलट जरूर बनेगा। राजेन्द्र ने बताया कि 7 महीने पहले कुलदीप परिवार में चाचा के लड़के की शादी में कुलदीप घरडाना खुर्द में आए थे। अपने स्कूल भी गए थे, वहां बच्चों से मिलकर उन्हें सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। <br /><strong><br />पिता भी नेवी में रहे हैं अफसर</strong><br />शहीद कुलदीप सिंह राव माता कमला देवी और पिता रणधीर सिंह के अकेले पुत्र थे। इनका विवाह करीब दो वर्ष पूर्व मेरठ की रहने वाली यशवनी के साथ हुआ था। उनकी एक बहिन अनिता इंडियन कोस्ट गार्ड में अधिकारी है। शहीद की माता गृहणी है। पिता रणधीर सिंह भी नेवी में अफसर रहे हैं जो अब रिटायर्ड है। कुलदीप मुम्बई से बीएससी व आईआईटी कर वर्ष 2013 में वायु सेना में भर्ती हुए थे। स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह का परिवार वर्तमान में जयपुर रहता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Dec 2021 12:48:55 +0530</pubDate>
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                <title>राजकाज</title>
                                    <description><![CDATA[ठीकरा हार का : जीत के बाद भी नींद उड़ी : अब नजरें बड़े साहब की कुर्सी पर : पहले घर संभालो : एक जुमला यह भी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%9C/article-2178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/rajkaj.jpg-13091.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठीकरा हार का</strong><br /> सूबे में भगवा वाले भाई लोगों ने दोनों सीटें बुरी तरह क्या हारी, कि एक-दूसरे के सिर पर ठीकरा फोड़ने पर कोई कसर नहीं छोड़ रहे। सरदार पटेल मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 51 में बने अपने ठिकाने पर आने वाला हर कोई वर्कर जोड़-बाकी और गुणा-भाग लगाए बिना नहीं रहते। अब इन लोगों को कौन समझाए कि जब टिकट ही गांधीजी को सतौल कर दिल्ली में बैठे मेष राशि वाले भाई साहब ने थोपे हैं, तो हार की पगड़ी बेचारे सूबे के नेताओं के सिर बांधने से कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आ रहा। अब तो दिल्ली वालों को सीख लेनी है कि मैडम को दूर रख कर राज की कुर्सी के सपने देखना, अमावस्या की रात में चांदनी ढूंढने के सिवाय कुछ नहीं है।</p>
<p><br /> <strong>जीत के बाद भी नींद उड़ी</strong><br /> हाथ वाले भाई लोगों का भी कोई जवाब नहीं। अब देखो ना धरियावद और वल्लभनगर में जीत के बाद भी एक खेमे के भाई लोग कुछ नहीं है। उनके चेहरों पर चिन्ता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। सोलह महीनों से तीन आए और तीन गए के खेल में फंसे भाई लोगों की नींद तो पहले ही डबल गेम खेलने वालों ने उड़ा रखी है, ऊपर से चुनावी नतीजों ने जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। इंदिरा गांधी भवन में बने पीसीसी के ठिकाने पर चर्चा है कि उप चुनावों में दोनों सीटें जीतने से जोधपुर वाले अशोक जी भाई साहब की मजबूती तो बढ़ी है लेकिन राज की कुर्सी के सपने देखने वाले भी, उस दिन को कोस रहे हैं, जब बिना आगा-पीछा सोचे मानेसर जाने में कोई देरी नहीं की थी। राज का काज करने वाले सही तो कहते हैं कि राजनीति में जो होता है वह दिखता नहीं है और जो दिखता है, वह होता नहीं है।</p>
<p><br /> <strong>अब नजरें बड़े साहब की कुर्सी पर</strong><br /> सूबे के बड़े साहब की कुर्सी खाली होने में अभी तीन महीने बाकी है, परन्तु ब्यूरोक्रेसी वाले अभी से हिसाब-किताब लगाने में बिजी हैं। दिवाली की रामा-श्यामा में हाल-चाल जानना तो महज खानापूर्ति में ही निपट गया, लेकिन कुर्सी को लेकर घण्टों तक बातें किए बिना नहीं रहे। कुछ साहब लोगों की गणित भी तगड़ी है, बिना पूछे ही ज्ञान बांटने में कोई कंजूसी नहीं करते। अब देखो ना, उनकी गणित के हिसाब से जोधपुर वाले अशोकजी भाई साहब सूबे वाले साहब को ही कुर्सी देना पसंद करेंगे, तो वर्ष 1988 बैच के सीकर वाले पीकेजी फिट हैं, वरना तीन मैडमों के फेर में सलेक्शन करने में पूरा जोर आए बिना नहीं रहेगा। तीनों ही मैडमें पड़ोसी सूबे यूपी से ताल्लुकात रखती हैं और साल 2023 में षष्ठीपूर्ति करने वाली हैं। एक वर्ष 85 बैच तो दो 87 बैच की हैं। चर्चा है कि राज का कोमल मन भी महिला उत्थान के पक्ष में दिखता नजर आ रहा है।</p>
<p><br /> <strong>पहले घर संभालो</strong><br /> भगवा वालों को जेपी भाई साहब की दी जा रही नसीहत को खुद के लोग ही पचा पाए। भ्रष्टाचार के संक्रमण को लेकर भाई साहब की ओर से पेला गया भाषण से खुसर फुसर हो रही है। पार्टी कार्यालय में भाई साहब के मुंह से जब निकला कि भ्रष्टाचार का संक्रमण सभी दलों में आ गया, तो लोगों ने मुंह खोला कि पहले खुद के घर को संभालो।</p>
<p><br /> <strong>एक जुमला यह भी</strong><br /> इन दिनों एक जुमला जोरों पर है। जुमला भी छोटा-मोटा नहीं, बल्कि जुमलेबाजों को लेकर है। जुमलेबाज सत्ता में ही नहीं, बल्कि में विपक्ष में भी कम नहीं है। हाथ वालों के साथ भगवा वालों के ठिकाने पर खुसरफुसर है कि इन दिनों पूरी कंट्री ही जुमलेबाजी में फंस चुकी है। दोनों तरफ के जुमलेबाजों के फेर में मेरा भारत महान खतरनाक मोड़ पर है। बड़ी चौपड़ से स्टेच्यू सर्किल तक चर्चा है कि जुमलाबाजी के चक्कर में देश धार्मिक युद्ध की कगार पर है।</p>
<p>      <strong>    एल. एल. शर्मा<br /> (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 08 Nov 2021 12:38:12 +0530</pubDate>
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                <title>गहलोत के दिल्ली दौरे के बाद सुलझ सकता है पायलट से विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के शनिवार को संभावित दिल्ली दौरे की तरफ सभी की निगाहें टिकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%9D-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B2%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6/article-1664"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ashok-gehlot4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के शनिवार को संभावित दिल्ली दौरे की तरफ सभी की निगाहें टिकी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस दौरे के बाद गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच पिछले 15 महीनों से चल रहा विवाद सुलझ सकता है। कांग्रेस आलाकमान भी अब इस प्रकरण को सुलझाने के मूड में हैं। राजस्थान के मसले पर कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री के बीच अभी तक कोई बैठक नहीं हुई। अब 16 अक्टूबर को उनके बीच इस मसले पर भी बैठक होने की संभावना है। गहलोत का कांगे्रस कार्यसमिति की बैठक में भाग लेने का कार्यक्रम है। राजस्थान को लेकर कोई भी फैसला करने से पहले आलाकमान प्रदेश के मुख्यमंत्री से एक-एक बिन्दु पर उनका पक्ष विस्तार से जानना चाहती है। लंबे समय से अटके मंत्रिमंडल फेरबदल, राजनीतिक  नियुक्तियों और संगठन विस्तार पर हाईकमान से चर्चा हो सकती है। राजनीतिक प्रेक्षकों के अनुसार अगर आलाकमान प्रदेश के मुख्यमंत्री के पक्ष से संतुष्ट हो जाती है, तो फैसला वो ही होगा, जो गहलोत चाहेंगे। आलाकमान जल्दबाजी में ऐसा कोई फैसला नहीं लेगी, जिसकी वजह से राजस्थान में कांग्रेस को बड़ा नुकसान उठाना पड़े। गहलोत के इस दिल्ली दौरे को सरकार और संगठन में होने वाले बदलावों से जोड़ देखा जा रहा है। गहलोत की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात होने पर इन लंबित मुद्दों को हरी झंडी मिलने के पूरे आसार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Oct 2021 11:47:08 +0530</pubDate>
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