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                <title>Indian aviation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Indian aviation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>टर्बुलेंस हादसे के बाद Air India की सख्ती: पायलटों की ड्रग स्क्रीनिंग तेज, दो रिपोर्ट नॉन-नेगेटिव आने से बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[एयर इंडिया ग्रुप ने फुकेट-दिल्ली उड़ान में टर्बुलेंस के बाद अपने पायलटों की साइकोएक्टिव सब्सटेंस जांच तेज कर दी है। अब तक करीब 400 पायलटों की प्राथमिक जांच की गई है, जिनमें से दो की रिपोर्ट 'नॉन-नेगेटिव' आई है। अंतिम रिपोर्ट आने तक दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/air-indias-strictness-after-turbulence-accident-drug-screening-of-pilots/article-163170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/air-india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एयर इंडिया ग्रुप ने अपने पायलटों की साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब 300 से 400 पायलटों की शुरुआती जांच हो चुकी है, जिनमें दो की रिपोर्ट ‘नॉन-नेगेटिव’ आई है। हालांकि, इन्हें फिलहाल ड्रग टेस्ट में फेल नहीं माना गया है। दोनों पायलटों के कन्फर्मेटरी टेस्ट के नतीजे आने बाकी हैं। अंतिम रिपोर्ट आने तक उन्हें उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है।</p>
<p>एयर इंडिया ने 13 अगस्त से सभी पायलटों की स्क्रीनिंग शुरू की है। यह कदम 4 अगस्त को फुकेट-दिल्ली उड़ान AI 2379 में हुई गंभीर टर्बुलेंस की घटना के बाद उठाया गया। विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था और 24 यात्री घायल हुए थे। घटना की जांच में पायलट के शुरुआती ड्रग टेस्ट में गांजा सेवन की पुष्टि की बात सामने आई थी। हादसे की जांच एएआईबी कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 17:01:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>अनस्टेबल अप्रोच के चलते पहली कोशिश में नहीं उतर सकी फ्लाइट, दूसरे प्रयास में सुरक्षित लैंडिंग</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ से जयपुर आ रही इंडिगो फ्लाइट अनस्टेबल अप्रोच के कारण पहली बार लैंड नहीं हो सकी, पायलट ने गो-राउंड किया, 17 मिनट बाद विमान सुरक्षित उतरा जयपुर एयरपोर्ट पर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-flight-could-not-land-in-the-first-attempt-due/article-141827"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/indigo.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चंडीगढ़ से जयपुर आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट मंगलवार को पहली कोशिश में रनवे पर लैंड नहीं कर सकी। दोपहर 1:58 बजे पायलट ने लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन अनस्टेबल अप्रोच के कारण फ्लाइट रनवे को टच डाउन करने के बाद दोबारा उड़ान भर गई। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पायलट ने गो-राउंड प्रक्रिया अपनाई और विमान को दोबारा लैंडिंग के लिए तैयार किया।</p>
<p>करीब 17 मिनट बाद पायलट ने दूसरा प्रयास किया और दोपहर 2:15 बजे फ्लाइट को सुरक्षित रूप से जयपुर एयरपोर्ट पर उतार लिया गया। इस दौरान यात्रियों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल रहा, लेकिन एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन की सतर्कता से कोई बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं हुई।</p>
<p>एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, मौसम या तकनीकी कारणों से कभी-कभी ऐसी स्थिति बन सकती है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 17:29:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Year Ender 2025: अहमदाबाद हादसे से इंडिगो संकट तक...आखिर क्यों भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए चुनौतियों भरा रहा साल 2025?</title>
                                    <description><![CDATA[साल 2025 भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। एयर इंडिया के भीषण विमान हादसे और साल के अंत में इंडिगो संकट ने यात्रियों का भरोसा कमजोर किया। उड़ान रद्दीकरण, देरी और सुरक्षा चिंताओं ने पूरे वर्ष उद्योग को प्रभावित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/draft-add-your-title-from-ahmedabad-accident-to-indigo-crisis/article-136696"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/year-ender-2025.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए साल 2025 बेहद चुनातीपूर्ण रहा-साल के पूर्वाद्र्ध में जहां एयर इंडिया विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया, वहीं अंतिम महीने में 'इंडिगो संकट' लाखों यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना और विमान सेवा कंपनियों के प्रति उनके विश्वास को कमजोर किया। विमानन क्षेत्र के लिए मार्च तक सब कुछ काफी अच्छा चल रहा था। साल के पहले तीन महीने में यात्रियों की संख्या भी 10.35 प्रतिशत बढ़कर 4.32 करोड़ पर पहुंच गयी थी और उम्मीद की जा रही थी कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान पहली बार यात्रियों की मासिक संख्या डेढ़ करोड़ के पार पहुंच जायेगी।</p>
<p>इसके बाद 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ और लोगों ने जम्मू-कश्मीर की टिकट रद्द करनी शुरू कर दी। फिर मई की शुरुआत में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमले किये। इसके बाद सीमा पर संघर्ष शुरू हो गया। पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए और भारत ने पाकिस्तानी विमान सेवा कंपनियों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिये जो अब तक जारी हैं।</p>
<p>इसका असर भारतीय विमानन क्षेत्र पर पडऩा शुरू हो गया। कई मार्गों पर उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और कई अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर घूमकर जाने से यात्रा का समय और एयरलाइंस की लागत बढ़ गयी। ऊपर से विमान ईंधन की कीमतों में इजाफे के कारण मुनाफा कमाने के लिए पहले से संघर्ष कर रही विमान सेवा कंपनियों की वित्तीय स्थिति और खराब हो गयी। मई में हवाई यात्रियों की संख्या में सालाना आधार पर महज 1.89 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि माह-दर-माह लगातार दूसरी गिरावट दर्ज की गयी। </p>
<p>देश ने जून महीने में अपने विमानन इतिहास से सबसे बुरे हादसों में से एक का समाना किया। एयर इंडिया की उड़ान संख्या 171 ने गुजरात के अहमदाबाद हवाई अड्डे से 230 यात्रियों और चालक दल के 12 सदस्यों के साथ लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी थी। टेकऑफ के तुरंत बाद विमान ऊंचाई हासिल करने में असफल रहा और बी.जे. मेडिकल कॉलेज के होस्टल से टकरा गया और उसमें आग लग गयी। देखते ही देखते विमान आग के गोले में तबदील हो गया।</p>
<p>चमत्कार के रूप में विश्वासकुमार रमेश नामक एक यात्री मामूली जख्मों के साथ खुद चलता हुआ मलबे से बाहर निकलने में कामयाब रहा। विमान में सवार अन्य सभी 241 लोगों की मौत हो गयी। जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गयी जबकि 67 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एयर इंडिया हादसे की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में पायलट की गलती को इसकी मुख्य वजह बताया गया है। आगे की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। </p>
<p>इसके बाद, हवाई यात्रियों की संख्या भी लगातार घटती गयी। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा अक्टूबर तक के प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, साल के पहले 10 महीने में हवाई यात्रियों की संख्या 3.97 प्रतिशत की दर से बढ़कर 13.74 करोड़ रही है। यह कोरोना-काल के बाद सबसे सुस्त वृद्धि दर है। </p>
<p>इस बीच नये हवाई अड्डे, नये टर्मिनल और नयी उड़ानें जुड़ती रहीं। नवी मुंबई में एक बड़े एयरपोर्ट का और मध्य प्रदेश के सतना तथा दतिया में छोटे हवाई अड्डों का उद्घाटन हुआ। पटना और गुवाहाटी हवाई अड्डों को नये टर्मिनल भवन मिले। बिहार के पूर्णिया से उड़ान शुरू हुई। नवी मुंबई एयरपोर्ट से 25 दिसंबर से व्यावसायिक उड़ानें शुरू होंगी। </p>
<p>डीजीसीए ने 01 नवंबर से फ्लाइट ड्यूटी के नियमों में बदलाव का दूसरा चरण लागू किया। इसके तहत पायलटों के लिए हर सप्ताह अवकाश के अलावा 48 घंटे का आराम जरूरी कर दिया गया। नाइट ड्यूटी की परिभाषा बदलकर रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक की गयी और एक नाइट ड्यूटी में अधिकतम दो लैंडिंग की सीमा तय की गयी। इन शर्तों को पूरा करने के लिए पहले से अधिक पायलट की जरूरत थी। </p>
<p>इस कारण घरेलू यात्रियों के मामले में 60 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो ने नवंबर में 1,200 के अधिक उड़ानें रद्द कीं और उसकी उड़ानों में देरी के मामले भी बढ़ते गये। दिसंबर आते-आते उड़ानों में देरी बहुत अधिक बढ़ गयी और 03 दिसंबर से बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुईं। </p>
<p>सबसे बुरा हाल 05 दिसंबर को रहा जब एयरलाइंस ने 1,500 से अधिक उड़ानें रद्द कीं। दिसंबर के पूरे पहले सप्ताह में इंडिगो ने हजारों की संख्या में उड़ानें रद्द कीं जिससे लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग अपने जरूरी काम के लिए नहीं पहुंच सके। विभिन्न हवाई अड्डों पर फंसे यात्रियों का गुस्सा भी फूटा। </p>
<p>इंडिगो ने इस पूरे संकट के लिए तकनीकी कारणों के साथ नये नियमों को प्रमुख रूप से जिम्मेदार ठहराया है। सरकार ने मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। साथ ही संसद की एक स्थायी समिति ने भी इंडिगो, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और डीजीसीए के अधिकारियों से पूछताछ की है। कुल मिलाकर यह साल भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए भुला देने लायक रहा। कुछ उपलब्धियां भी रहीं, लेकिन बड़े संकट अधिक हावी रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 14:48:03 +0530</pubDate>
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