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                <title>West Bengal elections - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>West Bengal elections RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव : सीएम ममता ने भवानीपुर से दाखिल किया नामांकन, मतदाता सूची से नाम हटाये जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग पर बोला हमला</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर से नामांकन दाखिल करते हुए मतदाता सूची से 27 लाख नाम हटाए जाने पर कड़ा विरोध जताया। अलीपुर में भारी शक्ति प्रदर्शन और 'जय बांग्ला' के नारों के बीच उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। ममता ने स्पष्ट संकेत दिए कि वे मतदाताओं को न्याय दिलाने हेतु पुनः अदालत का रुख करेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-assembly-elections-cm-mamata-filed-nomination-from-bhawanipur/article-149549"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mamta.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भवानीपुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और मतदाता सूची से नाम हटाये जाने के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताते हुए फिर से अदालत का रुख करने के संकेत दिये। उन्होंने सर्वे बिल्डिंग के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि 27 लाख से अधिक ऐसे मतदाताओं को मतदान से वंचित नहीं किया जाना चाहिए, जिनके नाम सूची से हटा दिये गये हैं। उनका कहना था कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत आने वाले लोगों को भी वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने ऐसे मतदाताओं को वास्तविक माना है और उन्हें ट्रिब्यूनल में अपील का अधिकार दिया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर उन्हें अभी वोट देने की अनुमति नहीं है, तो फिर ट्रिब्यूनल बनाने का क्या मतलब?” मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ‘भारी मन’ से नामांकन दाखिल कर रही हैं। उनके अनुसार, करीब 1.2 करोड़ मतदाताओं में से केवल 32 लाख को ही पात्र घोषित किया गया है, जो चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि यह स्थिति केवल अदालत में जाने के बाद ही स्पष्ट हो सकी।</p>
<p>इससे पहले, नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शक्ति प्रदर्शन में बदल गयी। पूर्वाह्न करीब 10:30 बजे ममता बनर्जी अपने आवास से निकलीं और अलीपुर सर्वे बिल्डिंग तक पैदल मार्च किया। उनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। इस दौरान कोलकाता के मेयर और राज्य मंत्री फरहाद हकीम, उनके भाई स्वपन बनर्जी, कार्तिक बनर्जी और भाभी कजरी बनर्जी तथा पार्टी नेता संदीप बक्शी मौजूद रहे।</p>
<p>मार्ग के दोनों ओर सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाये। मुख्यमंत्री के आगे बढ़ने के दौरान समर्थक दोनों ओर खड़े होकर ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाते रहे, जबकि वह हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार करती रहीं। कोलकाता के मेयर फऱहाद हकीम समेत कई वरिष्ठ नेता इस दौरान उनके साथ रहे। रास्ते में ‘जय बांग्ला’ के नारों से माहौल गूंज उठा, जबकि महिला कार्यकर्ताओं ने शंखनाद और पारंपरिक उलूलध्वनि से उनका स्वागत किया। भवानीपुर की बहुसांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हुए उनके प्रस्तावकों में विभिन्न समुदायों के लोग शामिल थे। इसे तृणमूल कांग्रेस की समावेशी राजनीति के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। नामांकन पत्र फिलहाल जांच प्रक्रियाधीन हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 14:57:31 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: पीएम मोदी की विजय संकल्प सभा आज, कूच बिहार में जनसभा को करेंगे संबोधित, अमित शाह ने पेश किया था जनता का आरोप पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज कूचबिहार के ऐतिहासिक रास मेला मैदान से पश्चिम बंगाल चुनाव अभियान का औपचारिक आगाज़ करेंगे। 'विकसित बंगाल' के विजन के साथ पीएम भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों पर तृणमूल कांग्रेस को घेरेंगे। अमित शाह के 'आरोप पत्र' के बाद मोदी की यह रैली उत्तर बंगाल में भाजपा के लिए चुनावी माहौल तैयार करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-assembly-elections-pm-modis-vijay-sankalp-sabha-will/article-149163"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल में एक जनसभा को संबोधित करने के साथ विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री आज उत्तरी बंगाल के कूच बिहार के ऐतिहासिक रास मेला मैदान में एक "विजय संकल्प सभा" को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही, चुनावों की घोषणा के बाद पार्टी राज्य के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत होगी।</p>
<p>यह जनसभा केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पार्टी का "जनता का आरोप पत्र" पेश किए जाने के कुछ दिनों बाद हो रही है। श्री शाह ने इस आरोप पत्र में राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएससी) के भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को उजागर किया था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि श्री मोदी इसी मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे और कूच बिहार रैली से "विकसित पश्चिम बंगाल" के लिए पार्टी के दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।</p>
<p>प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के अनुसार, प्रधानमंत्री का संबोधन विकास, रोजगार और राज्य की समृद्धि को बहाल करने पर केंद्रित होगा। पीएम मोदी ने 2021 के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी इसी स्थान पर रैलियों को संबोधित किया था।हालांकि, पिछले आम चुनावों में भाजपा ने पूरे उत्तरी बंगाल में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन वह कूच बिहार सीट हार गई थी। इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने भाजपा के निशीथ प्रमाणिक को हराया था।</p>
<p>पीएम मोदी के कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और केंद्रीय बल, स्थानीय पुलिस तथा विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग दो बजे हेलीकॉप्टर से कूच बिहार हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और वहां से सड़क मार्ग से रैली स्थल जायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 13:34:55 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव : AIMIM ने जारी की 12 उम्मीदवारों की पहली सूची, टीएमसी की बढ़ी मुश्किलें; चुनावी रण में ओवैसी की एंट्री से मुकाबला दिलचस्प</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अपने 12 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। पार्टी ने असम और दक्षिण भारत में चुनाव न लड़कर DMK और AIUDF को समर्थन देने का फैसला किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-elections-aimim-releases-first-list-of-12/article-148974"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/owesi.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद/कोलकाता। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 12 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और असम में उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। यहां जारी सूची के अनुसार, रघुनाथगंज से इमरान सोलंकी, आसनसोल उत्तर से दानिश अजीज और कंडी से मिसबाहुल इस्लाम खान को मैदान में उतारा गया है।</p>
<p>रेजाउल करीम सुजापुर से चुनाव लड़ेंगे, जबकि वकील मोहम्मद मुस्तहिद हक को मोथाबारी से नामांकित किया गया है। हाजी अंसार एसके साहब नलहाटी से और तासीर एसके साहब मुरारई से चुनाव लड़ेंगे। अन्य उम्मीदवारों में, बरसात से मोनेम सरदार, करनदिघी से महबूब आलम और सुती से असदुल एसके को मैदान में उतारा गया है। शबाना परवीन बसीरहाट दक्षिण से चुनाव लड़ेंगी, जबकि हावड़ा से आशिक राज मंडल को नामांकित किया गया है।</p>
<p>यह घोषणा विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के एआईएमआईएम के शुरुआती प्रयास का हिस्सा है। इस बीच, पार्टी ने तमिलनाडु और पुडुचेरी में एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) गठबंधन को अपना समर्थन दिया है। असम में एआईएमआईएम बदरुद्दीन अजमल की ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) का समर्थन कर रही है। पिछले चुनावों में पार्टी ने तमिलनाडु की तीन विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था। पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में होगा, जबकि असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव एक ही चरण में संपन्न होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:24:38 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव : अमित शाह की मौजूदगी में भवानीपुर से शुवेंदु अधिकारी ने किया नामांकन, टीएमसी पर लगाया भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज और बढ़ती घुसपैठ का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भवानीपुर में रोड शो कर ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे राज्य की सत्ता बदलने की 'चाबी' बताते हुए शुवेंदु अधिकारी की जीत का आह्वान किया। शाह ने भ्रष्टाचार और घुसपैठ को मुद्दा बनाते हुए 'सोनार बांग्ला' के विजन के साथ टीएमसी को उखाड़ फेंकने का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-assembly-elections-shuvendu-adhikari-filed-nomination-from-bhawanipur/article-148859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/west-bengal.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में सियासी बदलाव के लिए भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र को निर्णायक रणभूमि बताया और कहा कि पूरे राज्य को बदलने की चाबी भवानीपुर के मतदाताओं के हाथों में है। रोड शो से पहले दक्षिण कोलकाता के हाजरा में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर हमला बोला।  उन्होंने व्यापक भ्रष्टाचार, 'सिंडिकेट राज' और बढ़ती घुसपैठ का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे राज्य की पहचान खतरे में पड़ गयी है। उन्होंने मतदाताओं से भवानीपुर में भाजपा उम्मीदवार शुवेंदु अधिकारी की निर्णायक जीत पक्की करने की अपील की। यह चुनाव क्षेत्र एक बड़ी लड़ाई के लिए तैयार हो रहा है, क्योंकि मौजूदा विधायक और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी भी इस बार यहीं से चुनाव लड़ रही हैं। इससे पहले दिन में श्री अधिकारी ने इस चुनाव क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ श्री शाह भी मौजूद थे, जो भाजपा के चुनाव अभियान को मज़बूत करने के लिए नयी दिल्ली से आये हैं।</p>
<p>पार्टी ने पड़ोसी निर्वाचन क्षेत्रों में भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें रासबिहारी से स्वपन दासगुप्ता, बालीगंज से सतरूपा बोस और चौरंगी से संतोष पाठक शामिल हैं। इन नेताओं ने बाद में संयुक्त रोड शो में हिस्सा लिया, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। रोड शो के दौरान कुछ तनावपूर्ण पल भी देखे गये, जब भाजपा और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान चुनाव क्षेत्र के कई हिस्सों में 'जय श्री राम' और 'जय बांग्ला' के नारे गूंजते रहे।</p>
<p>अपने संबोधन में शाह ने कहा कि 2014 के बाद से भाजपा शासित राज्यों में उल्लेखनीय विकास हुआ है और 'अब बंगाल की बारी है'। उन्होंने मतदाताओं से गुजारिश की कि वे न केवल भवानीपुर में, बल्कि पूरे राज्य में 'परिवर्तन' लायें, ताकि स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान हस्तियों के विजन को साकार किया जा सके। अमित शाह ने कहा कि पूरे बंगाल के लोग 'जबरन वसूली, राजनीतिक हिंसा, महिलाओं की असुरक्षा और बेरोजगारी' से तंग आ चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया और उनकी हत्या की गयी है। उन्होंने वादा किया कि यदि पार्टी सत्ता में आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी।</p>
<p>मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोपों पर उठाये गये पत्रकारों के सवालों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने जोर दिया कि किसी को भी नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोकने की इजाजत नहीं दी जायेगी। उन्होंने कहा कि इस बार लोगों को निडर होकर मतदान करना चाहिए। भाजपा का मकसद केवल तृणमूल कांग्रेस को हराना नहीं, बल्कि उसे 'पूरी तरह उखाड़ फेंकना' है। एक रणनीतिक दांव चलते हुए श्री शाह ने कहा कि श्री अधिकारी ने पहले नंदीग्राम से चुनाव लड़ने पर विचार किया था, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें उनके गढ़ में ही ममता बनर्जी को चुनौती देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने के बावजूद सुश्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम में श्री अधिकारी के हाथों व्यक्तिगत हार का सामना करना पड़ा था।</p>
<p>अमित शाह ने आगे तर्क दिया कि केवल भवानीपुर में भाजपा की जीत राज्य में व्यापक राजनीतिक बदलाव की शुरुआत कर सकती है। उन्होंने कहा, "इस एक सीट को जीत लीजिए, और पूरे बंगाल में बदलाव आ जायेगा।" इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के लिए विधानसभा की 170 सीटें जीतने का कुल लक्ष्य रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनाने का आह्वान करते हुए अमित शाह ने राज्य की सीमाओं को सील करने और अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने मतदाताओं से वर्तमान मुख्यमंत्री को विदाई देने और 'सोनार बांग्ला' के भाजपा के विजन का समर्थन करने की गुजारिश करते हुए अपनी बात खत्म की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह पार्टी के अभियान की निगरानी के लिए अगले पखवाड़े तक पश्चिम बंगाल में ही रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:16:52 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: लिएंडर पेस ने थामा भाजपा का दामन, छोड़ा TMC का दामन, राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज</title>
                                    <description><![CDATA[दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण करते हुए पेस ने इसे जीवन का बड़ा दिन बताया। पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले उनका टीएमसी छोड़ भाजपा में आना बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है, जिससे युवाओं और खेल जगत में पार्टी की पकड़ मजबूत होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-assembly-elections-leander-paes-joins-bjp-leaves-tmc/article-148612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/tennis-legend-leander-paes-joins-bjp.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। टेनिस के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। पेस ने केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। रिजिजू ने भाजपा की सदस्यता वाली पर्ची के साथ फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले श्री पेस का भाजपा में शामिल होना के कई बड़े राजनीतिक मायने हैं। बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले उनका भाजपा में शमिल होना बेहद अहम माना जा रहा है। लोग कयास लगा रहे हैं कि राज्य विधानसभा चुनाव में उनकी अहम भूमिका हो सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री पेस की पिछले दिनों भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से पश्चिम बंगाल दौरे पर मुलाकात हुयी थी। इस दौरान उनके साथ सौमिक भट्टाचार्य भी मौजूद थे।</p>
<p>भाजपा में शामिल होने के बाद श्री पेस ने कहा, "यह मेरे जीवन का बड़ा दिन है। मैं प्रधानमंत्री मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को धन्यवाद देना चाहता हूं। भाजपा ने मुझे इस देश के लोगों और युवाओं की सेवा करने का जो मौका दिया है, उसके लिए मैं उनका आभारी हूं। भाजपा की सदस्यता पर्ची मेरे ऊपर एक जिम्मेदारी है।" पूर्व टेनिस खिलाड़ी पेस के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को बंगाल विधानसभा चुनाव में फायदा हो सकता है। ज्ञात रहे कि श्री पेस ने वर्ष 2021 में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सदस्यता ली थी लेकिन अब उन्होंने पार्टी से दूरी बनाते हुए भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। हाल ही में उनकी भाजपा अध्यक्ष नवीन से मुलाकात के बाद इस कदम की अटकलें तेज हो गई थीं।</p>
<p>पेस भारत के सबसे सफल टेनिस खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा उनके नाम आठ पुरुष युगल और 10 मिक्स्ड डबल्स ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं। पेस की जोड़ी महेश भूपति और मार्टिना नवरातिलोवा जैसे खिलाड़ियों के साथ काफी सफल रही है। डेविस कप इतिहास में सबसे ज्यादा डबल्स मैच जीतने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। पेस को राजीव गांधी खेल रत्न, पद्म श्री और पद्म भूषण से नवाज गया है। अब उनका राजनीति में सक्रिय होना पश्चिम बंगाल चुनाव में नया समीकरण बना सकता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:29:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: अमित शाह शनिवार को जारी करेंगे ममता सरकार के खिलाफ 14-सूत्रीय आरोप-पत्र, तृणमूल के भीतर कुशासन और भ्रष्टाचार का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ 14-सूत्रीय आरोप पत्र जारी करेंगे। 40 पन्नों के इस दस्तावेज़ में पिछले 15 वर्षों के भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और प्रशासनिक विफलताओं को उजागर किया गया है। भाजपा इसके जरिए ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को घेरते हुए बंगाल में सत्ता परिवर्तन का शंखनाद करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-assembly-elections-amit-shah-to-issue-14-point-chargesheet/article-148094"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/amit-shah2.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी अभियान के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार दोपहर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ एक व्यापक आरोप पत्र की घोषणा कर सकते हैं। अमित शाह के शुक्रवार देर रात कोलकाता पहुंचने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया कि आरोप पत्र की घोषणा पश्चिम बंगाल में चुनावी लड़ाई से पहले एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम को चिह्नित करता है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी घोषणा पत्र के जारी होने की उम्मीद है।</p>
<p>एक वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी ने कहा, "यदि आरोप पत्र तृणमूल के भीतर कुशासन और भ्रष्टाचार को उजागर करता है, तो घोषणा पत्र उसके जवाब में व्यापक समाधान प्रस्तुत करेगा। साथ मिलकर, ये दो पहल सत्ताधारी पार्टी की आलोचना को और तेज कर देंगी।" पार्टी सूत्रों के अनुसार, अमित शाह का विमान शुक्रवार देर रात करीब 11:40 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेगा, जहां से वह न्यू टाउन के एक होटल में जाएंगे।</p>
<p>अमित शाह शनिवार दोपहर 12 बजे एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने वाले हैं, जहां उनके द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ औपचारिक रूप से 14-सूत्रीय व्यापक आरोप पत्र जारी करने की उम्मीद है। प्रारंभ में, भाजपा ने अमित शाह के इस दौरे के दौरान पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र 'संकल्प पत्र' जारी करने की योजना बनाई थी। हालांकि, रणनीति में संशोधन किया गया है और अब पहले आरोप पत्र पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया गया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया कि घोषणा पत्र कुछ दिनों बाद जारी होने की संभावना है, हालांकि कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है।</p>
<p>आगामी आरोप पत्र को एक प्रमुख राजनीतिक दस्तावेज के रूप में पेश किया जा रहा है, जिसमें भाजपा द्वारा पिछले 15 वर्षों में ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल की 'गिरावट' पर मुख्य रूप से प्रकाश डाला गया है। 35 से 40 पृष्ठों के इस दस्तावेज में तृणमूल कांग्रेस के लगातार तीन कार्यकाल के प्रमुख पहलुओं की जांच की उम्मीद है। विशेष रूप से, इसमें मुख्यमंत्री के साथ-साथ तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी निशाना बनाने की संभावना है। भाजपा सूत्रों ने खुलासा किया कि आरोप पत्र के कवर पर प्रतीकात्मक रूप से ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में अशांति की पृष्ठभूमि में अपनी पीठ फेर कर खड़े दिखाया जाएगा, जिसे कुछ पार्टी नेता उनके 'प्रस्थान' के संकेत के रूप में वर्णित करते हैं।</p>
<p>प्रारंभिक एवं परिचय वाले अनुभाग में राजनीतिक हिंसा, भ्रष्टाचार और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों जैसे मुद्दों को प्रमुख रूप से रेखांकित किये जाने की संभावना है। दस्तावेज का मुख्य भाग 14 प्रमुख क्षेत्रों का विवरण देगा जहां भाजपा ने शासन की विफलताओं का आरोप लगाया है। इनमें भ्रष्टाचार और घोटाले, प्रशासनिक विफलता और राजनीतिक कुशासन, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और लोकतांत्रिक संस्थानों पर कथित हमले शामिल हैं।</p>
<p>दस्तावेज के आगे के बिंदुओं में शिक्षा क्षेत्र के मुद्दों, सांस्कृतिक पहचान के कथित क्षरण, चाय बागान श्रमिकों के अधिकारों के हनन और उत्तर बंगाल की कथित उपेक्षा को संबोधित करने की उम्मीद है। अमित शाह की यात्रा और आरोप पत्र के अपेक्षित विमोचन के साथ, आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गतिविधियों के और तेज होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 16:44:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कोलकाता के कालीघाट मंदिर पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार: प्रदर्शनकारियों ने दिखाए काले झंड़े, लगाए &quot;वोटर नहीं, तो वोट नहीं&quot; के नारे</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कोलकाता के कालीघाट मंदिर में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप लगाते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए। विरोध के बावजूद, उन्होंने पूजा की और बंगाल में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का संकल्प दोहराया। चुनाव आयोग की टीम राजनीतिक दलों के साथ समीक्षा बैठकें करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/chief-election-commissioner-gyanesh-kumar-reached-kolkatas-kalighat-temple-protestors/article-145777"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/gyanesh-kumar.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सोमवार सुबह कोलकाता के कालीघाट काली मंदिर के अपने दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा। जब ज्ञानेश कुमार मंदिर में पूजा करने पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों का एक समूह मंदिर के बाहर जमा हो गया और वापिस जाओ के नारे लगाते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए। यह विरोध प्रदर्शन कालीघाट इलाके में हुआ, जो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़ा इलाका है।</p>
<p>ज्ञानेश कुमार, राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त मनोज कुमार अग्रवाल के साथ विरोध प्रदर्शनों के बीच मंदिर में चले गये। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान अनेक मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से मतदाता सूची से हटा दिए गए थे और उन्होंने इसे लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ रोष व्यक्त किया। </p>
<p>नारेबाजी के बावजूद ज्ञानेश कुमार ने मंदिर का दौरा जारी रखा और बाद में उन्होंने पत्रकारों से थोड़ी देर बात की, लेकिन इन विरोध प्रदर्शनों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की। वहां से निकलने से पहले उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल के सभी भाइयों और बहनों को मेरा नमस्कार। माँ काली सभी पर कृपा करें।</p>
<p>चुनाव आयोग सूत्रों के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल के लोगों की भलाई के लिए मंदिर में प्रार्थना की और राज्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चत करने के लिए आयोग के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव बिना किसी डर के माहौल में कराए जाएंगे। गौरतलब है कि, चुनाव आयोग की पूरी पीठ रविवार रात तीन दिन के दौरे पर कोलकाता पहुंची। ज्ञानेश कुमार के अलावा, इस दल में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी शामिल हैं।</p>
<p>आयोग का अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का कार्यक्रम है। इसके बाद आयोग चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए चीफ सेक्रेटरी और पुलिस महानिदेशक तथा राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिलेगा। ज्ञानेश कुमार अपने दौरे के दौरान बेलूर मठ भी जा सकते हैं। रविवार रात जब ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम शहर पहुंची तो विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुके थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से न्यू टाउन में उनके होटल तक के रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए और वापस जाओ के नारे लगाए।</p>
<p>सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और वाम पार्टियों के समर्थकों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किए, जिसमें वाम कार्यकर्ताओं ने वोटर नहीं, तो वोट नहीं जैसे नारे लगाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 13:17:23 +0530</pubDate>
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                <title>मतदाता सूची विवाद: पश्चिम बंगाल में SIR के लिए 9 मार्च को 200 न्यायाधीश संभालेंगे कार्यभार, मतदाता सूची की विसंगतियों से जुड़े मामलों का करेंगे निपटारा</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में सुधार हेतु ओडिशा और झारखंड से 200 न्यायाधीश 7 मार्च को कोलकाता पहुंचेंगे। ये न्यायिक अधिकारी 60 लाख लंबित प्रविष्टियों और तथ्यात्मक विसंगतियों की जांच करेंगे। विधानसभा चुनाव से पूर्व पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कुल 732 जज इस विशेष अभियान की कमान संभालेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/200-judges-will-take-charge-for-sir-in-west-bengal/article-145482"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/benbal-sir.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में विसंगतियों को दूर करने में सहायता के लिये ओडिशा और झारखंड के लगभग 200 न्यायाधीश इस सप्ताह यहां पहुंचेंगे। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि ओडिशा और झारखंड से 100-100 न्यायाधीशों के सात मार्च को पश्चिम बंगाल पहुंचने की उम्मीद है। ये न्यायिक अधिकारी एसआईआर के तहत तैयार की गयी मतदाता सूची में तथ्यात्मक विसंगतियों से संबंधित मामलों की जांच और उनका निपटारा करेंगे।</p>
<p>राज्य में पहुंचने के बाद न्यायाधीश दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे और फिर नौ मार्च से अपना कार्यभार संभालेंगे। उनके काम शुरू करने के बाद, पूरे पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की विसंगतियों से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए कुल 732 न्यायाधीश तैनात होंगे।</p>
<p>आयोग के सूत्रों के अनुसार, बाहर से आने वाले न्यायाधीशों के ठहरने की व्यवस्था कोलकाता के प्रमुख स्थानों जैसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, सियालदह रेलवे स्टेशन और हावड़ा रेलवे स्टेशन के पास की गई है। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कुछ न्यायाधीशों को वर्धमान, आसनसोल, खडग़पुर और सिलीगुड़ी जैसे महत्वपूर्ण जिलों में तैनात किया जाएगा।</p>
<p>मतदाता सूची की विसंगतियों को सुलझाने के मुद्दे पर राज्य प्रशासन और चुनाव आयोग के बीच चल रहे विवाद पर उच्चतम न्यायालय द्वारा असंतोष जताए जाने के बाद न्यायिक अधिकारियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। न्यायालय ने निर्देश दिया था कि इस मामले को न्यायिक हस्तक्षेप के माध्यम से सुलझाया जाए।</p>
<p>न्यायालय के निर्देशानुसार, विसंगतियों के निपटारे का कार्य कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। न्यायालय ने इस कार्य के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की भी अनुमति दी है। इसी क्रम में, कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल ने न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति से पहले राज्य प्रशासन और चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने यह भी संकेत दिया था कि यदि आवश्यकता हुई तो अन्य राज्यों से भी अतिरिक्त न्यायाधीश बुलाए जा सकते हैं। इसके बाद ही ओडिशा और झारखंड से न्यायिक अधिकारियों की मांग की गई। सूत्रों का कहना है कि काम का बोझ बढऩे पर इन राज्यों से और भी न्यायाधीश बुलाए जा सकते हैं। एसआईआर के तहत संशोधित मतदाता सूची का पहला चरण 28 फरवरी को प्रकाशित किया गया था। हालांकि, यह सूची अभी भी अधूरी है क्योंकि लगभग 60 लाख मतदाताओं की प्रविष्टियों को विचाराधीन रखा गया है।</p>
<p>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण अब यह अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या इन मामलों का समय पर समाधान हो पाएगा और क्या वे मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे। इस बीच, चुनाव की तैयारियों के हिस्से के रूप में केंद्रीय सशस्त्र बल पहले ही राज्य में पहुंच चुके हैं और कई जिलों में रूट मार्च कर रहे हैं। इसी क्रम में राजनीतिक हलचल को बढ़ाते हुए चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ चुनावी तैयारियों और मतदाता सूची संशोधन की प्रगति की समीक्षा करने के लिए आठ मार्च को पश्चिम बंगाल पहुंचने वाली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 17:37:31 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: अंतिम मतदाता सूची सामने आने से पहले हो सकती है चुनावी तारीखों की घोषणा, मतदाता सूची से 58 लाख से अधिक नाम कटे</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा अंतिम मतदाता सूची से पहले भी संभव। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, 28 फरवरी के बाद चरणों में प्रकाशित सूचियां भी मान्य होंगी। बूथ पुनर्गठन की संभावना कम। राज्य में पुराने 80,681 मतदान केंद्रों के साथ ही चुनाव कराए जा सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-assembly-elections-election-dates-may-be-announced-before/article-144520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/west-bengal-election.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। चुनाव आयोग ने संकेत दिया है कि यदि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जाए तो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा अंतिम और पूर्ण मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले भी की जा सकती है। आयोग के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तक प्रकाशित सभी मतदाता सूचियों को चुनाव संचालन के लिए मान्य माना जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि भले ही अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन चरणबद्ध तरीके से जारी रहे, चुनाव इन्हीं सूचियों के आधार पर कराए जा सकते हैं। </p>
<p>राज्य में अब तक मसौदा मतदाता सूची से 58 लाख से अधिक नाम हटाए जा चुके हैं। अंतिम सूची शुक्रवार को प्रकाशित होनी है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि हटाए गए नामों की तत्काल समेकित गणना संभव नहीं होगी। शीर्ष न्यायालय के आदेश के अनुसार आयोग को 28 फरवरी के बाद भी चरणों में मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति होगी और इन सभी सूचियों को अंतिम माना जाएगा। सभी सूचियों को मिलाकर ही कुल विलोपनों का आकलन किया जाएगा। </p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप हमें चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के लिए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। मतदाता सूची चरणों में प्रकाशित होगी और उसे अंतिम सूची में शामिल किया जाएगा। दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चल सकती हैं।</p>
<p>मतदाता सूची के प्रकाशन में देरी के कारण नए मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की योजना प्रभावित हुई है और इस चुनाव में नए बूथ स्थापित किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है। इससे पहले आयोग ने घोषणा की थी कि जहां मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक होगी, वहां नए बूथ बनाए जाएंगे। ऊंची इमारतों और अपार्टमेंट परिसरों के भीतर भी मतदान केंद्र स्थापित करने पर विचार किया गया था। आयोग ने पांच जिलों में कई अपार्टमेंट परिसरों की पहचान भी की थी, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा गतिशील मतदाता सूची की स्थिति में बूथ पुनर्गठन संभव नहीं है।  </p>
<p>विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया शुरू होने से पहले मतदाता संख्या के आधार पर लगभग 14,000 अतिरिक्त बूथों की आवश्यकता जतायी गयी थी। मसौदा सूची से 58 लाख से अधिक नाम हटाए जाने के बाद आयोग ने संकेत दिया था कि बूथ पुनर्गठन पर पुनर्विचार किया जा सकता है। एसआईआर प्रक्रिया अभी पूरी न होने के कारण फिलहाल पुराने बूथ विन्यास को ही बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। </p>
<p>अधिकारी ने कहा, हम बहुमंजिला आवास परिसरों में 60-70 अतिरिक्त बूथ स्थापित करने का अंतिम प्रयास कर रहे हैं। सब कुछ राज्य में एसआईआर प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 80,681 ही रहेगी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने मंगलवार को कहा कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी होगी। पीठ ने यह भी अनुमति दी कि यदि तार्किक विसंगतियां या अनमैप्ड श्रेणी के मामलों का सत्यापन उस तिथि तक पूरा नहीं होता है, तो आयोग चरणों में सूची प्रकाशित करता रह सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 13:24:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सुप्रीम कोर्ट का आर्टिकल 142 का उपयोग: बंगाल चुनाव से पहले 'पूर्ण न्याय' का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को संविधान के आर्टिकल 142 के तहत अपनी खास शक्तियों का इस्तेमाल किया ताकि यह पक्का किया जा सके कि प्रोसेस की टाइमलाइन की वजह से पश्चिम बंगाल में कोई भी योग्य वोटर वोटर रोल से छूट न जाए, और राज्य विधानसभा चुनावों से पहले यह एक बहुत बड़ा दखल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-courts-use-of-article-142-to-order-complete-justice/article-144398"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/supreme-court-of-india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह सुनिश्चित किया कि समय सीमा की बाधाओं के कारण कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे।</p>
<p><strong>सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट और ज्यूडिशियल मैनपावर</strong></p>
<p>अदालत ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) को निर्देश दिया है कि 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भी सप्लीमेंट्री (पूरक) लिस्ट जारी रखी जाए। यह आदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में 'लॉजिकल डिसकम्पेन्सी' जैसे तकनीकी कारणों से लगभग 80 लाख मामलों का निपटारा होना अभी बाकी है। कोर्ट ने माना कि मौजूदा गति से इन दावों को निपटाने में 80 दिन लग सकते हैं, जो चुनाव की संभावित तारीखों के हिसाब से बहुत अधिक है।</p>
<p>काम में तेजी लाने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को झारखंड और ओडिशा के मौजूदा व सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों की मदद लेने का अधिकार दिया गया है। कोर्ट ने इसे "युद्ध स्तर पर" पूरा करने का निर्देश दिया है।</p>
<p><strong>चुनावी शुद्धता और समावेशिता</strong></p>
<p>बेंच ने स्पष्ट किया कि पहचान के सबूत के तौर पर आधार, एडमिट कार्ड और सर्टिफिकेट मान्य रहेंगे। इस हस्तक्षेप का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच "भरोसे की कमी" को पाटते हुए मतदाता सूची की पवित्रता बनाए रखना है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अनुच्छेद 142 के तहत दिए गए इन निर्देशों को भविष्य के लिए 'मिसाल' (Precedent) नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह केवल बंगाल की "असाधारण स्थिति" के लिए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 14:11:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भाजपा ने तृणमूल सरकार के कुशासन पर साधा निशाना, कहा आगामी चुनाव में पश्चिम बंगाल से दीदी की विदाई तय</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा नेता मंगल पाण्डेय ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी की विदाई तय है। उन्होंने तृणमूल पर भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और अवैध वोटरों के सहारे सत्ता बचाने का आरोप लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mamata-banerjees-departure-from-west-bengal-fixed-in-the-upcoming/article-136730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/west-bengal.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के स्वास्थ्य और विधि मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पश्चिम बंगाल प्रभारी मंगल पाण्डेय ने रविवार को कहा है कि आगामी विधान सभा चुनाव में पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी की विदाई तय है। पाण्डेय ने आज बयान जारी कर कहा कि अगले साल होने वाले चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के 'कुशासन' को भाजपा खत्म करेगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल की भ्रष्ट शासन, भाई-भतीजावाद और तुष्टिकरण की राजनीति ने पश्चिम बंगाल के विकास को रोक रखा है। जनता ने इस सरकार को बदलने का मन बना लिया है।</p>
<p>पाण्डेय ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)को लेकर जनता को भ्रमित करने वाली ममता बनर्जी पहले इसे गलत बताती रहीं और पश्चिम बंगाल में लागू नही होने का देने का दावा करती रहीं, लेकिन अंतिम दिन उन्होंने स्वयं फॉर्म भर दिया। उन्होंने सवाल किया कि अगर एसआईआर की प्रक्रिया गलत थी, तो फॉर्म क्यों भरा गया। दरअसल, अवैध वोटरों के सहारे सत्ता प्राप्ति का उनका एजेंडा अब असफल हो चुका है। उनकी दोहरी नीति और भ्रम फैलाने की राजनीति की पोल खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच तृणमूल कांग्रेस की विश्वसनीयता पहले से काफी कम हो गई है।</p>
<p>पांडेय ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि गंगा बिहार से होकर बंगाल में बहती है। बिहार की जीत बंगाल में भी बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि बंगाल के 'भद्रजन' बदलाव चाह रहे हैं, इसलिए ममता दीदी के कुशासन का अंत निकट है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 18:43:40 +0530</pubDate>
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