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                <title>affidavit - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>affidavit RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नीट-यूजी पेपर लीक: एनटीए ने दी सुप्रीम कोर्ट को कड़े सुरक्षा उपायों की जानकारी, बहु-चरण परीक्षाओं को शुरू करने का दिया सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया है कि नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा अब कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। पेपर लीक जांच सीबीआई को सौंपने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर यह ऐतिहासिक बदलाव किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-ug-paper-leaked-nta-informs-supreme-court-about-stringent-security/article-155418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nta-logo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को उच्चतन न्यायालय को बताया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 को रद्द करने और कथित पेपर लीक की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) को सौंपने का उसका फ़ैसला इस बात का प्रमाण है कि एजेंसी और केंद्र सरकार परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को कितनी गंभीरता से ले रही हैं। एनटीए ने कहा कि पिछले दो सालों में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए विवादों के बाद नीट परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए कई बड़े सुधार लागू किए गए हैं। उच्चतम न्यायालय में जमा किए गए एक हलफ़नामे में एनटीए ने शीर्ष न्यायालय के निर्देशों के पालन में बनाई गयी उच्च-स्तरीय समिति के गठन और कामकाज से जुड़ी समय-सीमा की जानकारी दी।</p>
<p>एजेंसी ने न्यायालय को बताया कि उसके द्वारा आयोजित सभी बड़ी परीक्षाओं में से नीट यूजी 2026 ही एकमात्र ऐसी परीक्षा है जो अभी भी पेन और पेपर टेस्ट (पीपीटी) मोड में आयोजित की जा रही थी। यह मुख्य रूप से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा तय की गयी योजना के अनुसार की जा रही थी। हलफ़नामे में कहा गया है, "एनटीए की अन्य सभी बड़ी परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाती हैं।" एनटीए ने न्यायालय को बताया कि उच्च-स्तरीय समिति ने विशेष रूप से नीट यूजी को पीपीटी से सीबीटी मोड में बदलने की सिफ़ारिश की थी। साथ ही बहु-सत्र और बहु-चरण परीक्षाओं को शुरू करने का भी सुझाव दिया था।</p>
<p>एजेंसी के अनुसार, यह बदलाव संबंधित मंत्रालय के परामर्श से अगले परीक्षा चक्र से लागू किया जाएगा। यह हलफ़नामा नीट परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और व्यापक परीक्षा सुधारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के संबंध में दायर किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 18:52:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीजी बॉन्ड की नई शर्तों से भविष्य के सुपरस्पेशलिस्ट संकट में, जार्ड ने जताया कड़ा विरोध, जानें क्या है पूरा मामला ?</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में राजस्थान के PG डॉक्टरों के सामने संकट, नए आदेश के अनुसार सुपरस्पेशलिटी प्रवेश के लिए 25 लाख से 1.5 करोड़ की बैंक गारंटी अनिवार्य। JARD ने विरोध जताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jard-expressed-strong-opposition-to-the-future-superspecialist-crisis-due/article-141780"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) कर चुके उन मेधावी डॉक्टरों के सामने करियर का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जिन्होंने अपनी मेहनत से नीट एसएस (सुपरस्पेशलिटी) की कठिन परीक्षा पास की है। 28 जनवरी 2025 को सचिवालय से संयुक्त शासन सचिव द्वारा जारी नए आदेशों ने प्रदेश के रेजिडेंट्स की चिंता बढ़ा दी है। नए नियमों के अनुसार, अब सुपरस्पेशलिटी कोर्स में प्रवेश पाने के लिए रिलीव होने से पहले रेजिडेंट्स को बॉन्ड राशि के बराबर की बैंक गारंटी सरकार के पास जमा करानी होगी।</p>
<p><strong>क्या है विवाद की मुख्य जड़?</strong></p>
<p>पूर्व में नियम यह था कि यदि किसी रेजिडेंट का चयन पीजी के दौरान या बाद में सुपरस्पेशलिटी के लिए होता था, तो सरकार उनसे 25 लाख रुपये का एफिडेविट (शपथ पत्र) लेकर उन्हें रिलीव कर देती थी। छात्र अपना कोर्स पूरा करने के बाद वापस राज्य में आकर बॉन्ड की सेवा शर्तें पूरी करते थे।<br />लेकिन नए आदेशों ने इस प्रक्रिया को अत्यंत जटिल बना दिया है:</p>
<p>बैंक गारंटी की अनिवार्यता: अब एफिडेविट के स्थान पर बैंक गारंटी मांगी जा रही है।</p>
<p>भारी भरकम राशि: पीजी बैच 2023 और 2024 के लिए यह राशि 25 लाख रुपये है, जबकि बैच 2025 के लिए बॉन्ड राशि को बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।</p>
<p>वित्तीय बोझ: किसी भी मध्यमवर्गीय या मेधावी छात्र के लिए 25 लाख से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक की बैंक गारंटी देना व्यावहारिक रूप से असंभव है।<br />जार्ड का विरोध और डॉक्टरों की मांग</p>
<p>जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (JARD) ने इस आदेश को प्रतिभा विरोधी करार दिया है। जार्ड अध्यक्ष डॉ. राजपाल सिंह मीना का कहना है कि सरकार का यह कदम प्रदेश के सबसे होनहार डॉक्टरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पीजी के बाद बॉन्ड की अनिवार्यता और इतनी बड़ी राशि की बैंक गारंटी के कारण मेधावी डॉक्टर सुपरस्पेशलिटी कोर्स करने से वंचित रह जाएंगे। हम सेवा करने से मना नहीं कर रहे, लेकिन बैंक गारंटी की शर्त हटाकर पुरानी एफिडेविट व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 18:37:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सचिन पायलट का हुआ सारा से तलाक, शपथ पत्र में दी इसकी जानकारी; पिछले 5 सालों में बढ़ा 6 गुना कैश</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस पार्टी के महासचिव और टोंक विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी  सचिन पायलट का उनकी पत्नी सारा से तलाक हो गया है। सचिन पायलट ने अपने शपथ पत्र में तलाकशुदा लिखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sachin-pilot-got-divorced-from-sara-this-information-was-given/article-60992"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sachin-pilot1.jpg" alt=""></a><br /><p>टोंक। कांग्रेस पार्टी के महासचिव और टोंक विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी  सचिन पायलट का उनकी पत्नी सारा से तलाक हो गया है। सचिन पायलट ने अपने शपथ पत्र में तलाकशुदा लिखा है।</p>
<p>सचिन पायलट ने आज टोंक विधानसभा से अपना नामांकन दाखिल किया था। जिसमें इस बात का खुलासा हुआ है। सचिन पायलट के 2 बच्चे है जिनकों डिपेंडेंट के तौर पर दिखाया गया है।</p>
<p><strong>2004 में हुई थी शादी</strong></p>
<p>सचिन पायलट की सारा से शादी 2004 में हुई थी। 19 साल के बाद इनका तलाक हुआ है। हालांकि तलाक कब हुआ इसकी जानकारी शपथ पत्र में नहीं दी गई है।</p>
<p><strong>फारूख अब्दुला की बेटी है सारा</strong></p>
<p>सारा पायलट, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुला की बेटी है।  शादी  करने के निर्णय के समय से ही अब्दुला परिवार इस शादी से खुश नहीं था।</p>
<p><strong>पिछले 5 सालों में बढ़ा 6 गुना कैश</strong></p>
<p>सचिन पायलट की संपति में पिछले 5 सालों में 6  गुना कैश में वृद्धि हुई है। 2018 के जमा करवाए शपथ पत्र और 2023 के शपथ पत्र के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री की संपति में कैश राशि में 6 गुना कैश की बढ़त हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Oct 2023 16:49:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को धर्म संसद मामले में नया हलफनामा दायर करने का दिया आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने कथित धर्म संसद मामले में दिल्ली पुलिस को नया हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि हलफनामा दाखिल करने वाले संबंधित अधिकारी ने इस मामले में संबंधित अन्य पहलुओं पर विचार किया या फिर बिना सोचे विचारे जांच रिपोर्ट पेश कर दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-give-order-to-file-affidavit-of-police/article-8365"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/6546464645.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कथित धर्म संसद मामले में दिल्ली पुलिस को नया हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि हलफनामा दाखिल करने वाले संबंधित अधिकारी ने इस मामले में संबंधित अन्य पहलुओं पर विचार किया या फिर बिना सोचे विचारे जांच रिपोर्ट पेश कर दी। शीर्ष अदालत द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या आप इस पर फिर से विचार करना चाहते है। पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर केएम नटराज ने जवाब दिया। हमें फिर से देखना होगा और एक नया हलफनामा दायर करना होगा। इस पर न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को सोच विचार कर एक नया हलफनामा 4 मई तक दायर करने का आदेश पारित  किया।दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस उपायुक्त ईशा पांडे ने अदालत में एक हलफनामा दायर कर के दिल्ली पुलिस का पक्ष रखा था। हलफनामे में कहा गया था कि शिकायत के आधार पर संबंधित सामग्रियों की जांच की गई।</p>
<p>पुलिस ने दावा किया कि जांच में आरोप के मुताबिक कोई भी तथ्य ऐसा नहीं मिला, जिसके आधार पर यह अर्थ निकाला जा सके कि किसी विशेष समुदाय के प्रति नफरत फैलाने की कोशिश की गई। हलफनामे में कहा गया कि कार्यक्रम में किसी धर्म विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने वाले शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया था। पुलिस के हलफनामे में कहा गया कि कार्यक्रम में किसी भी समूह, समुदाय, धर्म या विश्वास के खिलाफ नफरत वाले वक्तव्य नहीं दिए गए थे। हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने कहा था कि भाषण में उन शब्दों के इस्तेमाल नहीं किए गए, जिससे माना जाए कि किसी भी धर्म, जाति या पंथ के बीच माहौल बिगाड़ने कि कोई कोशिश की गई।  <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 14:54:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टा लेने के लिए आवेदक को देना होगा शपथ-पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान अब लीज होल्ड पट्टे से फ्री होल्ड पट्टा लेने के लिए आवेदक को 50 रुपए के स्टांप पेपर पर शपथ-पत्र देना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/affidavit-will-have-to-be-given-of-applicant-for-taking-lease/article-8293"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/4656546465.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान अब लीज होल्ड पट्टे से फ्री होल्ड पट्टा लेने के लिए आवेदक को 50 रुपए के स्टांप पेपर पर शपथ-पत्र देना होगा। यूडीएच ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए है। प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान नगरीय निकायों की ओर से पूर्व में जारी लीज होल्ड पट्टों को फ्री होल्ड करने के लिए मूल पट्टे की आवश्यकता के मध्यनजर बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों में जमा मूल पट्टों के संबंध में बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है।</p>
<p>- लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टा प्राप्त करने के लिए आवेदक द्वारा संबंधित निकाय आवेदन पत्र 50/- रूपये के नॉन ज्युडिशियल स्टाम्प पेपर पत्र शपथ पत्र देना होगा।<br />- आवेदन प्राप्त होने के बाद मांग पत्र जारी किया जाएगा, साथ ही निकाय की ओर से संबंधित बैंक/वित्तीय संस्थान को भी सूचित किया जाएगा।<br />- राशि जमा होने के पश्चात नाम परिवर्तन, उप विभाजन/पुनर्गठन भू-उपयोग परिवर्तन, खांचा भूमि आवंटन आदि हुआ है तो उनका एवं पुराने लीज होल्ड पट्टे एवं अन्य समस्त लिंक दस्तावेजों का उल्लेख करते हुए नया फ्री होल्ड पट्टा तैयार किया जायेगा।<br />- नया फ्री होल्ड पट्टा तैयार होने पर संबंधित निकाय द्वारा आवेदक एवं संबंधित बैंक/वित्तीय संस्थान को पुराना लीज होल्ड पट्टा एवं समस्त चैन ऑफ डॉक्यूमेंट की मूल प्रतियां जमा कराने के संबंध में निर्धारित स्थान/शिविर दिनांक एवं समय पर उपस्थित होने के लिए सूचित किया जाएगा।<br />- कैम्प की निर्धारित दिनांक को संबंधित बैंक/वित्तीय संस्थान के अधिकृत प्रतिनिधि की ओर से मूल लीज होल्ड पट्टा एवं समस्त मूल दस्तावेज  संबंधित निकाय में जमा कराये जायेंगे उसी समय संबंधित आवेदक द्वारा शिविर में नये फ्री-होल्ड पट्टे का पंजीयन करवाया जायेगा पंजीयन पश्चात नया जारी फ्री होल्ड पट्टा संबंधित बैंक/वित्तीय संस्थान के प्रतिनिधि द्वारा प्राप्त किया जायेगा, जिसकी फोटो प्रति संबंधित आवेदक द्वारा स्थानीय निकाय में रिकॉर्ड हेतु जमा करवानी आवश्यक होगी।<br />-निकाय में वापिस जमा करवाये गये पुराने लीज होल्ड पट्टे पर नये जारी फ्री होल्ड पट्टे को नोट अंकित कर पत्रावली में नत्थी किया जायेगा।<br />- वित्त (कर) विभाग से प्राप्त राय के अनुसार बैंक/वित्तीय संस्थाओं को सूचित किया गया है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Apr 2022 15:25:38 +0530</pubDate>
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                <title>रिटायरमेंट से पहले देना होगा शपथ पत्र आयोग का नहीं कोई जुर्माना बकाया</title>
                                    <description><![CDATA[15 नवंबर तक वेतन या पेंशन से कटौती कर जुर्माना राशि वसूलने के निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A4%AA%E0%A4%A5-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%88-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE/article-1670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/21.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। विभिन्न विभागों के राज्य सूचना अधिकारियों पर सूचना आयोग से लगाई गई जुर्माना राशि वसूली नहीं होने के बाद अब राज्य सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। अर्थात अब रिटायरमेंट से पहले अधिकारी व कर्मचारी को एक शपथ पत्र देना होगा, जिसमें बताना होगा कि सूचना आयोग का जुर्माना बकाया नहीं है। साथ ही 15 नवंबर तक सभी विभागों को वेतन व पेंशन से बकाया  जुर्माना राशि वसूलने के निर्देश दिए है।</p>
<p><br /> दैनिक नवज्योति ने नौ अक्टूबर के अंक में  ‘11 साल से 1723 अफसरों से नहीं हो सकी 2.15 करोड़ की वसूली’ शीर्षक से खबर प्रकाशित करते हुए इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। अब मुख्य सचिव निरंजन आर्य की ओर से इस संबंध में सभी विभागों के एचओडी व उनके अधीनस्थ पोस्टेड सभी अधिकारियों को परिपत्र जारी कर निर्देश प्रदान किए गए है। इसमें तय किया गया है कि सरकार के विभिन्न विभागों से रिटायरर होने वाले कर्मचारियों को अब पेंशन लाभ पाने से पहले यह शपथ पत्र देना होगा कि उस पर सूचना आयोग की ओर से लगाए गए किसी जुर्माने का भुगतान बकाया नहीं है। सभी विभागों और निगम-बोर्डों को बकाया जुर्माना राशि दो करोड़ 15 लाख का 15 नवंबर तक आयोग में जमा कराना होगा।<br /> <br /> <strong>मृतक कार्मिकों के बकाया की रिपोर्ट मांगी</strong><br /> सरकार ने सभी विभागों से उन मृतक कार्मिकों की भी सूची मांगी है, जिन पर जुर्माना लगाया गया था, लेकिन वे जमा नहीं करा पाए। सभी विभाग एक सप्ताह में इसकी जानकारी देंगे, तब सरकार इस राशि को लेकर निर्णय लेगी। अर्थात इसे माफ भी कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Oct 2021 12:26:38 +0530</pubDate>
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