<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/anthony-albanese/tag-63961" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Anthony Albanese - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/63961/rss</link>
                <description>Anthony Albanese RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान युद्ध तनाव : ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीस ने ट्रंप से पूछा–अब और क्या हासिल करना बाकी है? युद्ध जितने लंबे समय तक चलेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उतना ही पड़ेगा गहरा प्रभाव</title>
                                    <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने ईरान पर बढ़ते हमलों पर चिंता जताते हुए युद्ध विराम की अपील की है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य उद्देश्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि युद्ध लंबा खिंचने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ईंधन आपूर्ति ठप हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया ने ईंधन संकट से निपटने के लिए करों में कटौती और रणनीतिक चर्चा शुरू कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-war-tension-australian-prime-minister-albanese-asked-trump-%E2%80%93/article-148842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/aust.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने गुरुवार को ईरान युद्ध में तनाव कम करने की अपील करते हुए चेतावनी दी है और यह सवाल उठाया है कि ईरान की नौसेना और वायु सेना को कमजोर करने सहित प्रमुख सैन्य उद्देश्य हासिल कर लिए गए हैं, लेकिन अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि अब और क्या हासिल किया जाना बाकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए  ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीस ने यहां एक एक भाषण के दौरान कहा, "अब जब वे उद्देश्य प्राप्त कर लिए गए हैं, तो यह स्पष्ट नहीं है कि और क्या हासिल करने की आवश्यकता है।" उन्होंने आगे कहा कि युद्ध जितने लंबे समय तक चलेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उतना ही गहरा प्रभाव पड़ेगा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीस ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका-इजरायल के हमलों ने पहले ही ईरान की वायु सेना, नौसेना और सैन्य औद्योगिक आधार को 'क्षतिग्रस्त' कर दिया है।</p>
<p>ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ट्रंप के उस 19 मिनट के टेलीविजन संबोधन के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ "दो से तीन सप्ताह और" तक "अत्यधिक कठोर" हमले जारी रखने का संकल्प लिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि वाशिंगटन का उद्देश्य ईरान की सेना को कुचलना, क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को इस्लामी गणराज्य का समर्थन समाप्त करना और उसे परमाणु बम प्राप्त करने से रोकना है। ट्रंप ने कहा, "मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि ये मुख्य रणनीतिक उद्देश्य पूर्ण होने के करीब हैं।"</p>
<p>इस बीच, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल आपूर्ति बाधित होने से दुनिया भर में चिंताएं बढ़ गई हैं। ऑस्ट्रेलिया, खुद आयातित ईंधन पर बहुत अधिक निर्भर है और उसके पास पेट्रोल का लगभग 37 दिनों का भंडार है। उसने ईंधन करों में कटौती करके और व्यवसायों को 680 मिलियन डॉलर के ऋण का वादा करके आर्थिक झटके को कम करने के कदम उठाए हैं। रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने कहा कि कैनबरा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक मार्ग को फिर से खोलने के संभावित प्रयासों पर ब्रिटेन और फ्रांस सहित सहयोगियों के साथ चर्चा कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-war-tension-australian-prime-minister-albanese-asked-trump-%E2%80%93/article-148842</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-war-tension-australian-prime-minister-albanese-asked-trump-%E2%80%93/article-148842</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:05:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/aust.png"                         length="621311"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एएफसी महिला एशियाई कप 2026: राष्ट्रगान गाने से मना करने वाली पांचों ईरानी महिला फटबॉलरों को ऑस्ट्रेलिया ने दी शरण, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी किया समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की पाँच महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दिया है। एएफसी एशियाई कप 2026 के दौरान राष्ट्रगान न गाकर विरोध जताने वाली इन खिलाड़ियों को ईरान ने 'गद्दार' घोषित किया था। प्रधानमंत्री अंथोनी अल्बनीस ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की है, जिसका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पुरजोर समर्थन किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/afc-womens-asian-cup-2026-australia-grants-asylum-to-five/article-145937"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/irnai-women-footballer.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया ने ईरानी महिला फुटबॉल टीम की उन पांच सदस्यों को मानवीय वीजा प्रदान किया है, जिन्होंने एक मैच से पहले राष्ट्रगान गाने से इनकार करने के बाद यहां शरण मांगी थी। ईरान ने इन महिला खिलाड़यिों को युद्धकालीन गद्दार करार दे दिया था। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने कैनबरा में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिक इन बहादुर महिलाओं की स्थिति से बहुत मायूस हैं। उन्होंने कहा कि वे यहाँ सुरक्षित हैं और उन्हें यहाँ अपने घर जैसा महसूस करना चाहिए।</p>
<p>ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्रालय ने इन पांच टीम सदस्यों के नाम कप्तान जहरा घंबारी, मिडफील्डर फातेमेह पसंदीदेह, जहरा सरबाली अलीशाह, मोना हमौदी और डिफेंडर अतेफेह रमजानी जादेह बताए हैं। ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि ईरानी टीम की शेष खिलाड़ी, गोल्ड कोस्ट के एक होटल में हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम की अन्य सदस्यों को भी ऑस्ट्रेलिया में रुकने का अवसर दिया है।</p>
<p>ईरान की महिला फुटबॉल टीम क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एएफसी महिला एशियाई कप 2026 में भाग लेने आई थी। टूर्नामेंट के पहले मैच में दक्षिण कोरिया के खिलाफ टीम की खिलाड़ियों ने ईरान का राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया और मौन खड़ी रहीं। इस कदम को ईरान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के रूप में देखा गया। </p>
<p>इसके बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने खिलाड़यिों को युद्धकालीन गद्दार करार दिया और उनके इस कृत्य को अपमान की पराकाष्ठा बताया। रविवार को टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद खिलाड़ियों को वापस ईरान लौटना था, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं जताई जाने लगीं।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया के इनको मानवीय वीजा देने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक सही कदम बताया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जानकारी दी कि उन्होंने इस बारे में अल्बनीस से सीधी बात की है और वे इस संवेदनशील स्थिति को बेहतर ढंग से संभाल रहे हैं। </p>
<p>इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर इन खिलाड़ियों को वापस ईरान भेजा गया तो उनके साथ बुरा बर्ताव हो सकता है या उन्हें मारा भी जा सकता है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को आगाह किया था कि खिलाड़ियों को वापस भेजना एक भयानक मानवीय भूल होगी। ट्रंप ने यहाँ तक कहा था कि अगर ऑस्ट्रेलिया इन महिला खिलाड़यिों को शरण नहीं देता है, तो अमेरिका उन्हें अपने यहाँ पनाह देने के लिए तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/afc-womens-asian-cup-2026-australia-grants-asylum-to-five/article-145937</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/afc-womens-asian-cup-2026-australia-grants-asylum-to-five/article-145937</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 13:04:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/irnai-women-footballer.png"                         length="1093931"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज का दावा: पश्चिम एशिया में सैन्य संसाधनों की तैनाती, ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की मदद करने के लिए आकस्मिक योजना का हिस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथोनी अल्बानीज़ ने पश्चिम एशिया में फंसे 1.15 लाख नागरिकों की सुरक्षा के लिए सैन्य संसाधन तैनात किए हैं। परिवहन और ईंधन भरने वाले विमानों के साथ छह आपातकालीन टीमें भी भेजी गई हैं। यह कदम संघर्ष के बीच फंसे ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की सुरक्षित और व्यवस्थित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए 'आकस्मिक योजना' का हिस्सा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/australian-prime-minister-anthony-albanese-claims-the-deployment-of-military/article-145371"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ ने पुष्टि की है कि ऑस्ट्रेलिया ने नागरिकों की स्वदेश वापसी में सहायता प्रदान करने के लिए पश्चिम एशिया में सैन्य संसाधनों की तैनाती की है।</p>
<p>पीएम अल्बानीज़ ने संसद में कहा कि सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में पश्चिम एशिया में सैन्य संसाधन तैनात किये थे जो चल रहे संघर्ष के कारण व्यापक यात्रा व्यवधानों के बीच क्षेत्र में फंसे ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की मदद करने के लिए आकस्मिक योजना का हिस्सा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तैनात सैन्य संसाधनों में एक परिवहन विमान और एक ईंधन भरने वाला विमान शामिल है।</p>
<p>सरकार ने बुधवार को कहा कि वह नागरिकों को अतिरिक्त कांसुलर सहायता प्रदान करने के लिए विदेश मामलों और व्यापार विभाग से छह आपात प्रतिक्रिया टीमों को पश्चिम एशिया में तैनात कर रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के पश्चिम एशिया क्षेत्र में 1,15,000 नागरिक हैं जिनमें से लगभग 24,000 संयुक्त अरब अमीरात में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/australian-prime-minister-anthony-albanese-claims-the-deployment-of-military/article-145371</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/australian-prime-minister-anthony-albanese-claims-the-deployment-of-military/article-145371</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 15:56:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/pm.png"                         length="686510"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुक्त व्यापार समझौते के करीब ऑस्ट्रेलिया-ईयू: विवादास्पद मुद्दों को हल करने के बाद समझौते पर कर सकते हैं हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर जल्द हस्ताक्षर हो सकते हैं। प्रधानमंत्री अल्बानीज और उर्सला वॉन डेर लेयन लाल मांस निर्यात से जुड़े शेष विवादों को सुलझाने के करीब हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/australia-eu-close-to-free-trade-agreement-can-sign-agreement-after/article-143376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(14)1.png" alt=""></a><br /><p>कैनबेरा। ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच संभावित मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत अपने अंतिम दौर में है और आने वाले हफ्तों में इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया के समाचार चैनल एबीसी न्यूज ने ईयू और ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन के हवाले से यह जानकारी दी <br />है। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयन बचे हुए विवादास्पद मुद्दों को हल करने के बाद समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, ये विवादास्पद मुद्दे लाल गोश्त के निर्यात से संबंधित हैं। वॉन डेर लेयन ऑस्ट्रेलिया का दौरा भी कर सकती हैं, जहां वह न सिर्फ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगी, बल्कि एक सुरक्षा साझेदारी पर भी मुहर लगाएंगी। उनके दौरे की अंतिम तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि इससे पहले ऑस्ट्रेलिया और ईयू के बीच बातचीत कई सालों तक चलने के बाद 2023 में रुक गयी थी। ऑस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्री डॉन फरेल ने इससे पहले कहा था कि वह तब तक समझौता नहीं करेंगे, जब तक ईयू लाल गोश्त सहित ऑस्ट्रेलिया के अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए टैरिफ कम नहीं कर देता। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/australia-eu-close-to-free-trade-agreement-can-sign-agreement-after/article-143376</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/australia-eu-close-to-free-trade-agreement-can-sign-agreement-after/article-143376</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 14:59:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/1200-x-600-px%29-%2814%291.png"                         length="469646"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग की यात्रा के विरोध में सिडनी में झड़प, पुलिस ने कार्रवाई का किया बचाव</title>
                                    <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग की यात्रा के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/clashes-in-sydney-during-protest-against-israeli-president-isaac-herzogs/article-142674"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(17)3.png" alt=""></a><br /><p>सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग की यात्रा के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गयी। सिडनी में सोमवार रात हुये इस विरोध प्रदर्शन में पुलिस द्वारा बल प्रयोग किये जाने के वीडियो सामने आने के बाद विवाद गहराता जा रहा है।</p>
<p>न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) पुलिस के अनुसार, इस प्रदर्शन में 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से नौ पर आरोप तय किए गए हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि झड़प के दौरान 10 पुलिसकर्मी घायल हुए। एनएसडब्ल्यू पुलिस आयुक्त माल लेनन ने कहा कि अधिकारियों ने असाधारण संयम बरता और जो आवश्यक था, वही किया।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन सिडनी टाउन हॉल के बाहर आयोजित किया गया था। पुलिस के अनुसार करीब 6,000 लोग मौजूद थे, जबकि आयोजकों ने संख्या 50,000 बताई। वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों को धक्का देते, मुक्के मारते और कुछ मुस्लिम प्रदर्शनकारियों को नमाज के दौरान खींचकर ले जाते देखा गया, जिससे विवाद और बढ़ गया।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि यदि सरकार ने उन्हें टाउन हॉल से संसद भवन या हाइड पार्क तक मार्च की अनुमति दी होती तो स्थिति टाली जा सकती थी। अदालत ने प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस द्वारा लागू मेजर इवेंट शक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी। इन शक्तियों के तहत लोगों को एकत्र होने की अनुमति थी, लेकिन मार्च निकालने पर रोक थी।</p>
<p>एनएसडब्ल्यू  प्रशासन ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि अधिकारियों को असंभव स्थिति का सामना करना पड़ा। वहीं सहायक आयुक्त पीटर मैकेना ने दावा किया कि पुलिस को धमकाया गया और उन पर हमला किया गया तथा हालात कई बार हाथापाई में बदल गये। इस बीच,ऑस्ट्रेलियाई नेशनल इमाम्स काउंसिल ने नमाज पढ़ रहे मुस्लिम पुरुषों को खींचे जाने के दृश्य को चौंकाने वाला और अस्वीकार्य बताया है। ग्रीन्स पार्टी की सांसद एबिगेल बॉयड ने भी आरोप लगाया कि उन्हें सांसद होने की जानकारी देने के बावजूद पुलिस ने धक्का दिया, जिससे उन्हें चोट लगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इन घटनाओं को दुखद बताया, लेकिन राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग को आमंत्रित करने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने अपने ही उद्देश्य को कमजोर किया है। गौरतलब है कि दिसंबर में बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार हनुक्का के दौरान हुए हमले में 15 लोगों की मौत के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इसहाक हर्ज़ोग को आमंत्रित किया था। सरकार का कहना है कि इससे यहूदी समुदाय को सांत्वना मिलेगी, जबकि फिलिस्तीन समर्थक समूहों ने इस आमंत्रण का विरोध किया है।</p>
<p>इसहाक हर्ज़ोग पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में उन पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ उकसाने का आरोप लगाया गया था, जिसे उन्होंने खारिज किया है। इजराइल सरकार ने भी रिपोर्ट को भ्रामक और गलत बताया है। इस बीच, पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार शाम एक और प्रदर्शन की घोषणा की गयी है, जिसमें गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आरोप वापस लेने और पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की जायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/clashes-in-sydney-during-protest-against-israeli-president-isaac-herzogs/article-142674</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/clashes-in-sydney-during-protest-against-israeli-president-isaac-herzogs/article-142674</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 18:46:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2817%293.png"                         length="1711844"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑस्ट्रेलियाई पीएम की बड़ी घोषणा, बॉन्डी बीच हमले की जांच के लिये न्यायिक आयोग का होगा गठन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने बॉन्डी बीच आतंकी हमले के बाद यहूदी-विरोधी भावनाओं की जांच के लिए न्यायिक आयोग की घोषणा की है। यह आयोग सामाजिक एकता और सुरक्षा विफलताओं पर अपनी रिपोर्ट देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/australian-pms-big-announcement-judicial-commission-will-be-formed-to/article-138909"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/australian-pm.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोधी भावनाओं की तह तक जाने और सामाजिक एकता पर एक न्यायिक आयोग के गठन की घोषणा की है। अल्बानीज ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि उनकी सरकार एक न्यायिक आयोग गठित करेगी, जो ऑस्ट्रेलिया में जांच का सबसे बड़ा रूप है। इसका नेतृत्व पूर्व हाई कोर्ट न्यायाधीश वर्जीनिया बेल करेंगी। वह दिसंबर के मध्य तक एक रिपोर्ट पेश करेंगी। </p>
<p>उन्होंने कहा, मैंने यहूदी समुदाय के नेताओं से मिलने के लिए समय लिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैं उस भयानक हमले के पीड़तिों और बचे हुए लोगों के कई परिवारों से मिला हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आयोग ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोध की प्रकृति और प्रसार की जांच करेगा, यहूदी-विरोध से निपटने के लिए विधि संबंधी सिफारिशें देगा, बॉन्डी बीच हमले से जुड़े हालात की जांच करेगा और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर सिफारिशें देगा। </p>
<p>उन्होंने कहा, मैंने बार-बार कहा है कि हमारी सरकार की प्राथमिकता एकता और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है, और ऑस्ट्रेलिया को ठीक होने, सीखने, राष्ट्रीय एकता की भावना से एक साथ आने के लिए इसकी जरूरत है। कथित तौर पर अकेले बचे आतंकवादी नावेद अकरम पर हमले के सिलसिले में 59 आरोप दर्ज किये गये हैं। इसमें 15 हत्या के मामले शामिल हैं। अधिकारियों का आरोप है कि हमलावर इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/australian-pms-big-announcement-judicial-commission-will-be-formed-to/article-138909</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/australian-pms-big-announcement-judicial-commission-will-be-formed-to/article-138909</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 18:15:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/australian-pm.png"                         length="571150"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री को हटाने की मांग, तीन लाख लोगों ने किए याचिका पर हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[सिडनी के बॉन्डी बीच आतंकी हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के इस्तीफे और आप्रवासन नीति में बदलाव की मांग तेज हो गई है। चेंजडॉटऑर्ग पर 3.10 लाख से अधिक लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान अल्बानीज़ के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/three-lakh-people-signed-petition-demanding-removal-of-prime-minister/article-136866"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>सिडनी। आस्ट्रेलिया में सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए जानलेवा आतंकवादी हमले के बाद तीन लाख से ज्यादा लोगों ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के इस्तीफे और आप्रवासन नीति में बदलाव की मांग की है। याचिका से जुड़ी वेबसाइट चेंजडॉटऑर्ग के अनुसार, अब तक तीन लाख 10 हज़ार लोग इस याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। सिडनी बीच आतंकवादी हमले के पीड़तिों को 21 दिसंबर को श्रद्धांजलि देने पहुंचे अल्बानीज के खिलाफ भीड़ ने नारेबाजी की थी, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी को एक सुरक्षित जगह पर ले जाना पड़ा। मीडिया रिपोटर्स के अनुसार लोगों ने उन्हें कमजोर कहा और चिल्लाकर कहा कि उनके हाथ खून से सने हैं। </p>
<p>याचिका में लिखा था- बॉन्डी बीच पर हाल की दुखद घटनाओं और राष्ट्रीय चिंताओं को देखते हुए, अब  देश के नेतृत्व पर ध्यान देने का समय आ गया है। कई निर्दोष लोगों की जान लेने वाली बॉन्डी बीच पर हुई गोलीबारी हमारे समाज को सुरक्षित रखने के लिये ज़रूरी कार्रवाई की एक और याद दिलाती है। इस इस्ताक्षर याचिका पर बड़े पैमाने पर आप्रवासन पर चिंता जताई है, जिसका ऑस्ट्रेलिया में विरोध हो रहा है। याचिका में कहा गया कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की नीति जनता की राय से मेल नहीं खाती एवं सरकार और लोगों के बीच खाई बढ़ाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/three-lakh-people-signed-petition-demanding-removal-of-prime-minister/article-136866</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/three-lakh-people-signed-petition-demanding-removal-of-prime-minister/article-136866</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 11:11:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/1200-x-600-px-%284%2912.png"                         length="671475"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने बॉन्डी बीच आतंकी हमले को लेकर यहूदी समुदाय से माफ़ी मांगी, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[कैनबरा में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने बॉन्डी बीच गोलीबारी के बाद यहूदी समुदाय से माफी मांगते हुए नफरती भाषण के खिलाफ नए सख्त कानून लाने का वादा किया। सरकार 2026 में विधेयक पेश करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/australian-prime-minister-apologizes-to-the-jewish-community-regarding-the/article-136834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/australian-prime-minister-anthony-albanese.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने नफरती भाषण से निपटने के लिए नया कानून बनाने का वादा करते हुए बॉन्डी बीच पर यहूदियों पर की गयी सामूहिक गोलीबारी के बाद देश के यहूदी समुदाय से माफी मांगी है। पीएम अल्बानीज ने कैनबरा में सोमवार दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार हनुक्का के आयोजन में 15 लोगों की गोलीबारी से मौत के लिए जिम्मेदारी का बोझ महसूस करते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, मैं यहूदी समुदाय और पूरे देश ने जो अनुभव किया है, उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यहूदी ऑस्ट्रेलियाई लोगों की रक्षा के लिए हर दिन काम करेगी और हमले के लिए जिम्मेदार इस्लामिक स्टेट से प्रेरित आतंकवादियों को ऑस्ट्रेलियाई समाज को बांटने के मंसूबों में कामयाब नहींं होने देगी।</p>
<p>पीएम अल्बानीज ने कहा कि हमले के बाद कैबिनेट ने सोमवार को दूसरी बार बैठक की और नफरतपूर्ण भाषण और उसके परिणामों से निपटने के लिए बनाये विधायी पैकेज को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। नफरती भाषण प्रतिबंध वाले नये कानून जो 2026 में संसद में पेश किए जाएंगे, वे मौजूदा आपराधिक दंड को बढ़ाएंगे, अपराधों की सजा निर्धारित करने में नफरत की प्रेरणा को एक कारक मानेंगे और गृह मंत्रालय को हिंसा को बढ़ावा देने वाले नफरती भाषणों से जुड़े व्यक्ति या नफरत के प्रतीकों को प्रदर्शित करने वाले व्यक्ति का वीजा रद्द करने की शक्ति प्रदान करेंगे।</p>
<p>इसके अलावा ऐसे वयस्कों के लिए एक नया गंभीर आपराधिक मामला शुरू किया जाएगा, जो बच्चों को प्रभावित करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की कोशिश करते हैं। एटॉर्नी-जनरल मिशेल रोलैंड ने कहा कि 2001 के बाद से ऑस्ट्रेलिया में आतंकवाद के अपराधों के लिए दोषी ठहराये गये 120 लोगों में से 10 बच्चे थे, लेकिन वर्तमान में अदालतों के सामने आतंकवाद के आरोपों का सामना कर रहे 33 लोगों में से 17 नाबालिग हैं। उन्होंने कहा, हमारे युवाओं का यह अभूतपूर्व कट्टरपंथीकरण रुकना चाहिए। हम चरमपंथियों को हमारे बच्चों को नफरत या आतंकवाद में ब्रेनवॉश करने की अनुमति नहीं देंगे। पीएम अल्बानीज ने कहा, सरकार नए कानूनों पर संघीय संसद में परामर्श करेगी ताकि  उनकी तात्कालता और एकता सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/australian-prime-minister-apologizes-to-the-jewish-community-regarding-the/article-136834</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/australian-prime-minister-apologizes-to-the-jewish-community-regarding-the/article-136834</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 17:10:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/australian-prime-minister-anthony-albanese.png"                         length="962842"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        