<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/jk-loan/tag-6412" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>jk loan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6412/rss</link>
                <description>jk loan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नगर निगम कार्रवाई को ठेंगा दिखा रहे अतिक्रमी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[नगर निगम कोटा उत्तर का अतिक्रमण दस्ता यहां से कई बार अतिक्रमण हटा चुका है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachers-pointing-to-municipal-action/article-98929"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554410.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । संभाग के दो सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमबीएस व जेके लोन के मुख्य द्वार पर बैठे अतिक्रमी नगर निगम की कार्रवाई को ठेंगा दिखा रहे है। नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते द्वारा गत दिनों कई बार कार्रवाई करते हुए एमबीएस अस्पताल व जे.के. लोन अस्पताल के मेन गेट के पास से अतिक्रमी दुकानदारों को हटाया जा चुका है। दोनों अस्पतालों के मुख्य द्वार पर चाय का ठेला लगाने वालों से लेकर अन्य सामान बेचने वाले और फुटकर दुकानदारों ने सामान रखे हुए हैं। वे  पूरे दिन यहां बैठकर अपना रोजगार कर रहे है। हालत यह है कि मेन गेट के बिल्कुल नजदीक ठेले लगने व अन्य वाहन खड़े होने से वहां से इमरजेंसी में मरीजों को लेकर आने वाली एम्बूलेंस को मुड़ने व निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा काफी समय से हो रहा है। जिसे देखते हुए पहले केडीए का और अब नगर निगम कोटा उत्तर का अतिक्रमण दस्ता यहां से कई बार अतिक्रमण हटा चुका है।  नगर निगम कोटा उत्तर के अतिक्रमण दस्ता प्रभारी पुलिस उप  अधीक्षक तरूण कांत सोमानीका कहना है कि इस क्षेत्र को नो वेंडिंग जोन घोषित किया गया  है। इन दोनों जगह पर किसी भी ठेले वाले को या अन्य सामान बेचने वालों को नहीं रहने  दिया जाएगा। निगम की बार-बार कार्रवाई के बाद भी शुक्रवार को दोनों अस्पतालों के  मेन गेट पर फुटकर सामान बेचने वालों का जमघट लगा हुआ था। </p>
<p><strong>जेके लोन से भी नहीं हटे अतिक्रमी</strong><br />इतना ही नहीं जे.के. लोन अस्पताल रोड पर मेन गेट के सामने की तरफ कई लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। अपनी दुकानों का सामान सड़क पर काफी आगे तक फेला कर रखा हुआ है। फिर चाहे वह कबाड़े का काम करने वाला हो या अन्य दुकानदार। जिससे यह सड़क काफी चौड़ी होने के बाद भी संकरी हो रही है। यहां से कई बार तो दिन के समय वाहनों को निकलने कीजगह तक नहीं मिल पाती। जिससे आए दिन एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ है। नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते द्वारा दुकानदारों को कई बार सामान जब्त करने की चेतावनी के साथ ही जुर्माना तक वसूल किया जा  चुका है। उसके बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।   कार्रवाई कर निगम बार बार मशीनरी व मेन पावर का दुरुपयोग कर रहा है और अतिक्रमियों पर उसका कोईअसर ही नहीं हो रहा है। </p>
<p><strong>कार्रवाई लगातार जारी रहेगी</strong><br />जेके लोन व एमबीएस अस्पताल इमरजेंसीसेवाएं है। यहां के मुख्य द्वार साफ रहने चाहिए। जिससे यहांसे एम्बूलेंस आसानीसे निकल सके। यहांदोनोंजगह अतिक्रमण होने पर पूर्व में कई बार अतिक्रमण हटाए गए हैं। उसके बाद भी कई दुकानदार नहीं मान रहे है।ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। दुकानदारों का सामान जब्त करने व उनसे जुर्माना भी वसूल करने समेत सख्ती की जाएगी। <br /><strong>- तरूण कांत सोमानी, पुलिसउप अधीक्षक नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachers-pointing-to-municipal-action/article-98929</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachers-pointing-to-municipal-action/article-98929</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Dec 2024 15:29:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/5554410.png"                         length="648985"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अस्पताल के बाहर बैठे ठेकाकर्मी, अंदर बैठे मिले जानवर </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सफाई कि अव्यवस्था तो अस्पतालों में बनी हुई है ही लेकिन अस्पताल प्रशासन आवारा जानवरों तक को रोक नहीं पा रहा ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/contract-workers-sitting-outside-the-hospital--animals-found-sitting-inside/article-58267"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/aspatal-k-bhr-bethe-thekakarmi,-andr-bethe-mile-janwar...kota-news-28-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश में कई दिनों से लगातार चल रही ठेका कर्मियों कि हड़ताल के चलते चिकित्सा व्यवस्थाएं ठप पड़ी हैं और इस हड़ताल का कोटा के दोनों बड़े अस्पतालों एमबीएस व जेके लॉन के काम काज व व्यवस्थाओं पर भी खासा असर पड़ रहा है। जहां एक ओर बहिरंग विभाग में मरीज इलाज के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर है तो दूसरी ओर जो मरीज भर्ती हैं वो वार्डों के अन्दर और बाहर फैली गंदगी के कारण परेशान हैं। अस्पतालों का ऐसा कोई वार्ड या कोना नहीं बचा जहां गंदगी न हो जगह जगह कचरे के ढेर दवाइयों कि खाली शीशियां, उपयोग की हुई सुईयां पड़ी हुई हैं। अव्यवस्थाएं इतनी है कि वार्डों के बाहर जानवर तक देखे जा सकते हैं, मरीज यहां अपनी एक बीमार के ईलाज के लिए आएंगें पर साथ में दो बीमारी लेकर जाएंगें।  एमबीएस अस्पताल के जनरल मेडिसिन वार्ड में भर्ती महेन्द्र ने बताया कि वो एक दिन पहले ही यहां भर्ती हुए हैं और व्यवस्थाओं का हाल देखकर उन्हें इलाज कराने में भी डर लग रहा है। महेन्द्र के मुताबिक जब से वो भर्ती हुए हैं तब से वार्ड कि एक बार भी सफाई नहीं हुई है और गंदगी के पास ही उन्हें एडमिट कर दिया है। वार्ड में तो सफाई है ही नहीं साथ ही वार्ड के साथ लगे शौचालय भी जैसे महीनं से साफ नहीं हुए हैं उसके लिए भी उन्हें बाहर बने सुलभ कॉम्प्लेक्स में जाना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>काउन्टरों पर लगी लम्बी कतारें</strong><br />बात करें पर्ची काउन्टरों कि तो यहां भी लम्बी लाइनें देखने को मिली जाँचों कि पर्ची बनानें वाले काउन्टर पर तीमारदार अपनी बारी का इन्तजार करते रहे। जेके लॉन के चिरंजिवी योजना के काउन्टर के बाहर दिनभर लम्बी लाइनें देखने को मिली लोंगों का कहना है कि स्टाफ ना होने के कारण हम रजिश्ट्रेशन तक नहीं करवा पा रहे हैं और ईलाज में बहुत समस्या आ रही है।  इन सब के बीच अधीक्षक कक्ष के बाहर सफाई कि व्यवस्था चाक चोबंद मिली जहां एक ओर मरीज और तीमारदार कचरे व बदबू के बीच बैठने को मजबूर हैं वहीं अस्पतालों के अधिकारीयों ने अपने कमरों और बाहर कि सफाई पूरे तरीके से करवाई हुई है।</p>
<p><strong>हर जगह सिर्फ कचरा और बदबू</strong><br />वहीं जेके लॉन के गायनिक वार्ड में भर्ती पुष्पलता ने बताया कि वो दो दिन से भर्ती हैं और वार्ड कि हालत बिल्कुल खराब हो रही है सफाई तो बिल्कुल भी नहीं हो पा रही और हमें पेशाब के लिए भी बाहर जाना पड़ रहा है जाँचों के लिए भी घण्टों लाइनों में लगना पड़ रहा है क्योंकि स्टाफ नहीं है तो पर्चीयां भी समय से नहीं बन पा रहीं। एमबीएस के मेडिकल ए इकाई वार्ड के बाहर इतना कचरा और चिकित्सा उपकरणों के पडेÞ अवशेषों के कारण इतनी बदबू हो रही है कि आम इंसान तक ठीक से सांस तक नहीं ले पा रहा मरीजों के लिए ये हालात तो और गम्भीर हैं। सफाई कि अव्यवस्था तो अस्पतालों में बनी हुई है ही लेकिन अस्पताल प्रशासन आवारा जानवरों तक को रोक नहीं पा रहा बुधवार को आॅर्थोपेडिक वार्ड के बाहर एक कुत्ता बैठा मिला जिसे किसी ने भगाने कि जरूरत नहीं समझी। वहीं हाल ही में बनकर तैयार हुई एमबीएस अस्पताल कि नई बिल्डिंग के जनरल व कॉटेज वार्ड के बाहर कचरे के ढेर पड़े मिले, वहीं बाथरूम के बाहर इतना पानी भरा हुआ था कि ना मरीज ना तीमारदार कोई भी उसमें नहीं जा सकता है। कुन्हाड़ी निवासी गोपाल ने अपने बेटे शुभम को 5 दिन पहले डेंगू होने पर भर्ती एमबीएस के जनरल वार्ड मं भर्ती किया था पर अभी वो निजी अस्पताल में जा रहे हैं क्योंकि अस्पताल ना सफाई हो रही ना जाँचें उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी बाहर जाना पड़ रहा है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/contract-workers-sitting-outside-the-hospital--animals-found-sitting-inside/article-58267</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/contract-workers-sitting-outside-the-hospital--animals-found-sitting-inside/article-58267</guid>
                <pubDate>Thu, 28 Sep 2023 16:43:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/aspatal-k-bhr-bethe-thekakarmi%2C-andr-bethe-mile-janwar...kota-news-28-09-2023.jpg"                         length="458873"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेके लोन में नहीं कॉटेज की पर्याप्त सुविधा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पूरे अस्पताल में मात्र 8 कॉटेज वार्ड हैं। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-enough-facility-of-cottage-in-jk-loan/article-55439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/jk-loan-me-nhi-cottage-ki-paryapt-suvidha...kota-news-25-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु चिकित्सालय जे.के. लोन अस्पताल में जहां शहर ही नहीं दूरदराज से गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए आ रही हैं। वहां कॉटेज वार्ड की पर्याप्त सुविधा तक नहीं है। पूरे अस्पताल में मात्र 8 कॉटेज वार्ड हैं।  शहर में हजारों करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में भी करीब 70 करोड़ से एमबीएस व जे.के. लोन के नए ओपीडी ब्लॉक बनाए गए हैं। हैरीटेज लुक में बने दोनों अस्पतालों में चिकित्सा की सुविधाओं में भी विस्तार किया गया है। हाल ही में जे.के. लोन अस्पताल के लेबर रूम व इमरजेंसी आॅपरेशन थियेटर का भी रिनोवेशन किया गया है। जिसका एक दिन पहले ही उद्घाटन हुआ है। लेबर रूम में तो गर्भवती महिलाओं व प्रसूताओं को बेहतर सुविधा मिल जाएगी। जबकि आॅपरशेन के बाद कई दिन तक अस्पताल में रहने वाली जच्चा-बच्चा के लिए अलग से कॉटेज की पर्याप्त सुविधा नहीं है। पूरे अस्पताल में मात्र 8 कॉटेज वार्ड हैं। </p>
<p><strong>400 रुपए किराया फिर भी सुविधा नहीं</strong><br />कॉटेज में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि यहां पुराने समय के पंखे लगे हुए हैं। जिनकी हवा तक सही ढंग से नहीं आती है। कमरे भी पुराने बने हुए हैं। हवा के लिए किराए पर पंखे लाने पड़ रहे हैं। जिनका करीब 100 रुपए रोज का किराया देना पड़ रहा है। काटेज के बाहर के गलियारे को कांच और जालियों से कवर किया गया है लेकिन इससे उमस के समय में प्रसूताओं को कापी परेशानी उठानी पड़ती है। </p>
<p><strong>एमबीएस में डीलक्स समेत 30 कॉटेज</strong><br />वहीं संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में डीलक्स समेत 30 वार्ड हैं। जिनमें से सामान्य कॉटेज कमरे 12 हैं। डीलक्स के 10 और न्यू प्राइवेट के 8 कमरे हैं। इतने अधिक कमरे होने से ज्यादातर मरीजों को कॉटेज मिलने में परेशानी नहीं होती। वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों द्वारा कॉटेज के लिए फार्म भरकर संबंधित डॉक्टर से हस्ताक्षर कर जमा करवाना होता है। उसके बाद कॉटेज कमरा खाली होने पर उपलब्ध करवा दिया जाता है।  जानकारी के अनुसार एमबीएस में भी सामान्य कॉटेज का किराया तो 400 रुपए रोज  ही है। जबकि न्यू प्राइवेट  कॉटेज व डीलक्स कॉटेज का  किराया 800 रुपए प्रतिदिन है। डीलक्स व न्यू प्राइवेट में एसी की सुविधा है। साथ ही ये नए बने हुए हैं। </p>
<p><strong>आवेदन के बाद भी कई दिन तक कॉटेज नहीं</strong><br />हालत यह है कि अस्पताल में कॉटेज की संख्या कम होने और भर्ती महिला मरीजों के आवेदन अधिक होने से मरीजों को कॉटेज के लिए  इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि वार्ड में परेशानी होने से कॉटेज लेना चाहते हैं। लेकिन यहां कॉटेज कम होने से इंतजार करना पड़ता है। तब तक तो मरीज को छुट्टी ही मिल जाती है। परिजनों का कहना है कि इतने बड़े अस्पताल में कॉटेज वार्ड की संख्या बढ़नी चाहिए। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अस्पताल में अभी लेबर रूम व इमरजेंसी आॅपरेशन थियेटर का रिनोवेशन कराया है। जिनका एक दिन पहले ही उद्घाटन हुआ है। अस्पताल में कॉटेज के 8 ही कमरे हैं। वह भी काफी पुराने हैं। समय व जरूरत के हिसाब से इनकी संख्या बढ़नी चाहिए। लेकिन जगह की उपलब्धता नहीं होने से नए कॉटेज नहीं बनाए जा सके हैं। महिला मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आगामी बैठक में इस विषय को रखा जाएगा। जिससे नए कॉटेज भी बनाए जाएं। काटेज में एसी लगाए जा सकते हैं लेकिन प्रसूता व बच्चे के स्वास्थ्य को देखते हुए एसी लगाना उचित नहीं है।  <br /><strong>- डॉ. आशुतोष शर्मा, अधीक्षक, जे.के. लोन अस्पताल </strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-enough-facility-of-cottage-in-jk-loan/article-55439</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-enough-facility-of-cottage-in-jk-loan/article-55439</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 15:46:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-08/jk-loan-me-nhi-cottage-ki-paryapt-suvidha...kota-news-25-08-2023.jpg"                         length="309953"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेकेलोन के लेबर रूम के पास बिल्ली ने दिए बच्चे</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अस्पताल प्रशासन का दावा है कि जहां बिल्ली डेरा जमा रखा वो स्थान लेबर रूम व वार्ड से काफी दूर है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cat-delivered-babies-near-jk-loan-labor-room/article-51679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/jk-loan-me-labour-room-k-pas-billi-ne-diya-janam...kota-news-13-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के बड़े अस्पताल जेकेलोन में अब तक तो महिलाएं ही प्रसव के लिए आ रही है। जेकेलोन की अव्यवस्थाओं के चलते जेकेलोन में  एक बिल्ली ने भी बच्चे दिए है। हालांकि ये प्रसव अस्पताल प्रशासन नहीं कराया। लेबर रूम परिस में बिल्ली व उसके बच्चों के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि पिछले दो तीन दिन से पुराने लेबर रूम पास बने एक स्टोर रूम में एक बिल्ली और उसके तीन बच्चों ने डेरा जमा लिया है। शाम के समय बिल्ली और इनके बच्चों की धमाचौकड़ी से वार्ड में भर्ती महिलाएं और उनके परिजन दहशत में है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि जहां बिल्ली डेरा जमा रखा वो स्थान लेबर रूम व वार्ड से काफी दूर है। वहां गार्ड तैनात कर रखा जो बिल्ली को लेबर रूम परिसर की ओर नहीं आने देता है। लेकिन बिल्ली व उसके बच्चे नजर चुराकर आखिर परिसर में बेखौफ घूम ही आते हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />लेबर रूम के पिछले भाग में गेट के पास डस्टबीन व दवाईयों के कार्टन रखे हुए है। परिजनों के आवगमन के लिए पिछला गेट खोलकर रखना पड़ता है। उसी गेट से बिल्ली व उसके बच्चे आए है। गार्ड को पाबंद किया हुआ है। लेकिन खाली समय ये बिल्ली और इसके बच्चे परिसर में आ गए है। जहां मरीज भर्ती है वहां बिल्ली नहीं पहुंच सकती है। जहां बिल्ली घूम रही वो स्थान वार्ड से काफी दूर है इससे मरीजों कोई खतरा नहीं फिर भी गार्ड को पाबंद किया हुआ है। इसको पकड़ने के लिए नगर निगम से भी संपर्क किया लेकिन वहां से इसको पकड़ने के लिए मना करने के बाद अस्पताल की ओर से बडे पिजरें मंगवाकर रखे है। <br /><strong>- डॉ. आशुतोष शर्मा, अधीक्षक जेकेलोन अस्पताल </strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cat-delivered-babies-near-jk-loan-labor-room/article-51679</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cat-delivered-babies-near-jk-loan-labor-room/article-51679</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Jul 2023 16:03:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-07/jk-loan-me-labour-room-k-pas-billi-ne-diya-janam...kota-news-13-07-2023.jpg"                         length="279716"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - एमबीएस व जेकेलोन में शुरू हुआ नाली निर्माण कार्य</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[नवज्योति ने 24 जनवरी के अंक में प्रसूताओं पर भारी पड़ रही अव्यवस्थाओं की मार शीर्षक से खबर प्रकाशित करने के बाद प्रशासन आनन फानन में हरकत में आया और सड़क निर्माण कार्य कराया। लेकिन नालियां नहीं बनाई । 15 मार्च के अंक खबर प्रकाशित होने के बाद अब काम शुरू हुआ। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-asar-khabar-ka---drain-construction-work-started-in-mbs-and-jkloan/article-40022"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/asar-khabar-ka--mbs-va-jk-lon-mei-shuru-hua-naali-nirman-karya...kota-news..16.3.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े एमबीएस व जेकेलोन अस्पताल में आखिरकार टूटी नालियों की सूध ले ही ली। पिछले  छह माह से टूटी नालियों का गंदा पानी रोड पर जमा हो रहा था जिससे मरीजों को परेशानी हो रही थी। सबसे ज्यादा परेशानी सेंटर लेब के सामने टूटी नाली से हो रही थी। मरीजों को गंदे पानी से होकर लेब में जांच के लिए  जाना पड़ रहा था। इस परेशानी को दैनिक नवज्योति 15 मार्च के अंक में अस्पताल की गंदगी बीमारियों का दे रही ढेर शीषर्क खबर प्रकाशित करने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और ठेकेदार को तुरंत टूटी नालियों के निर्माण शुरू करने के लिए कहा। बुधवार को सेंटर लेब के बाहर टूटे नाले की खुदाई करकें उससे फैल रहे पानी को रोकने के लिए सिवरेज लाइन डालने का कार्य शुरू किया। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व टूटी सड़को की परेशानी को भी नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था उसके बाद सड़को का निर्माण तो कर दिया लेकिन नालिया और सीवरेज का कार्य शुरू नहीं किया जिससे टूटी नालियों का गंदा पानी परिसर में जमा हो रहा था। इंदिरा रसोई के पास में नालियां नहीं होने गंदा पानी जमा हो रहा जिसमें मच्छर पनप रहे है। बुधवार को जेकेलोन व एमबीएस अस्पताल में नालों की मरम्मत का कार्य शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली।  संभाग का बड़ा अस्पताल होने से कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां से रेफर होकर मरीज यहां इलाज के लिए आते लेकिन यहां की अव्यवस्थाओं को देखकर मरीज अपने को ठगा-ठगा सा महसूस करता है।  छह माह पहले सड़के और नालियों के बनाने के आदेश की पालना नवंबर में तो तामिल हुई वो भी आधी अधूरी। पीडब्ल्यूडी ने परिसर की खुदाई कर उसमें बड़ी गिट्टी डालकर रोलर घुमाकर छोड़ दिया। नवज्योति ने 24 जनवरी के अंक में प्रसूताओं पर भारी पड़ रही अव्यवस्थाओं की मार शीर्षक से खबर प्रकाशित करने के बाद प्रशासन आनन फानन में हरकत में आया और सड़क निर्माण कार्य कराया। लेकिन नालियां नहीं बनाई । 15 मार्च के अंक खबर प्रकाशित होने के बाद अब काम शुरू हुआ। </p>
<p><strong>लैब के बाहर जमा पानी की समस्या से मिलेगी निजात</strong><br />पिछले एक साल से सेंटर लैब के बाहर टूटी नालियों से जमा हो रहे पानी को रोकने की कवायद बुधवार को शुरू हुई। ठेकेदार ने सबसे पहले नालियों की खुदाई कर टूटे पाइप लाइन को निकाला अब यहां नई सिवरेज लाइन के पाइप डाले जाएंगे जिससे सेंटर लेब के बाहर गंदा पानी जमा नहीं होगा। पास ही बने प्याऊ और टायलेट का कनेक्शन भी सीवरेज से किया जाएगा। जिससे लोगों बदबू से दोचार नहीं होना पड़ेगा। </p>
<p><strong>नालियों के पानी से अब भी  नहीं मिली निजात</strong><br />सड़क निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन संभाग के दोनों बडेÞ अस्पातालों की गंदी नालियों और किचड़ अव्यवस्थाओं की पोल रहा है चहुंओर कीचड़ फैलने से मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  एमबीएस के सेंटर लेब के बाहर हर समय पानी जमा रहता है। जिससे मरीजों को गंदे पानी में होकर लेब में जांच के लिए जाना पड़ता है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-asar-khabar-ka---drain-construction-work-started-in-mbs-and-jkloan/article-40022</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-asar-khabar-ka---drain-construction-work-started-in-mbs-and-jkloan/article-40022</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Mar 2023 15:03:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-03/asar-khabar-ka--mbs-va-jk-lon-mei-shuru-hua-naali-nirman-karya...kota-news..16.3.2023.jpg"                         length="635040"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौमसी बीमारियों के कारण जेकेलोन में बढ़ाए जाएंगे बैड्स : कोरिडोर में भी लगेंगे एक्स्ट्रा बैड्स</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अस्पताल प्रशासन का निर्णय, डे-केयर के मरीजों भेजा जाएगा सेठी कॉलोनी]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%AE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B8---%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B8/article-1674"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/hospital-bhid.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मौसमी बीमारियों की वजह से इन दिनों बच्चों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते शहर के बच्चों के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जेकेलोन में बैड्स तो फुल हैं हीं साथ ही आईसीयू में भी जगह नहीं है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने बुधवार को बैठक कर कई निर्णय लिए। इनमें अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैड्स की संख्या बढ़ाने पर सहमति बनी है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि अस्पताल में 80 बैड्स और बढ़ाए जाएंगे। इन बैड्स को अस्पताल में खाली पड़ी जगह जैसे कोरिडोर और अन्य जगहों पर लगाया जाएगा। जिससे आने वाले बच्चों को बैड्स की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। इसके साथ ही थैलेसीमिया, हिमोफीलिया जैसी बीमारी के लिए अस्पताल के डे केयर में इलाज के लिए आने वाले कम गंभीर मरीजों को सेठी कॉलोनी स्थित सैटेलाइट अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही आरयूएचएस में भी 200 बैड्स रिजर्व होने के कारण बच्चों को आरयूएचएस भी भेजा जाएगा। <br /> <br /> <strong>सभी आईसीयू और बैड्स फुल</strong><br /> अस्पताल में इन दिनों बीमार बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में अस्पताल के सभी 250 आईसीयू बैड्स फुल हो चुके हैं। साथ ही करीब 770 बैड्स भी लगभग फुल हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने बैठक कर आने वाले दिनों में मरीजों की और बढ़ती संख्या को देखते हुए बैड्स और व्यवस्थाओं को बढ़ाने का निर्णय लिया है। <br /> <br /> <strong>इधर...एसएमएस अस्पताल के सैंपल कलेक्शन सेंटर पर भीड़</strong><br /> इन दिनों मौसम में बदलाव के कारण अस्पतालों में मौमसी बीमारियों जैसे डेंगू-मलेरिया, वायरल बुखार आदि के मरीजों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। एसएमएस अस्पताल के ब्लड कलेक्शन सेंटर पर भी इन दिनों आम दिनों के मुकाबले दोगुने मरीज सैंपल देने पहुंच रहे हैं। अस्पताल में ओपीडी में इस समय 8 से 10 हजार मरीज आ रहे हैं तो इनमें से करीब दो से तीन हजार मरीज मौसमी बीमारियों के आ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर मरीजों को डेंगू-मलेरिया सहित वायरल बुखार की जांचें लिख रहे हैं और जांच केन्द्रों पर भीड़ बढ़ रही है। इस दौरान मरीजों को सैंपल जमा कराने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।   </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%AE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B8---%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B8/article-1674</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%AE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B8---%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B8/article-1674</guid>
                <pubDate>Thu, 14 Oct 2021 13:28:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/hospital-bhid.jpg"                         length="177845"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Administrator]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        