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                <title>US Tariffs - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>US Tariffs RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारतीय कंपनियों को भी झटका: ईरान से लड़ाई के बीच ट्रंप ने किया टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव, मेटल और फार्मा सेक्टर पर लगाया 50% टैरिफ</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील और एल्युमीनियम पर 50% टैरिफ बरकरार रखते हुए नए आयात नियम लागू किए हैं। 15% से अधिक धातु वाले उत्पादों पर 25% टैक्स लगेगा। 2027 तक प्रभावी इन नियमों का उद्देश्य अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना है, जिससे भारत से होने वाला निर्यात महंगा होना तय है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indian-companies-also-got-a-shock-amid-the-fight-with/article-148928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय कंपनियों को झटका देते हुए बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने स्टील, एल्युमीनियम और कॉपर के आयात से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए कहा है कि कच्चे स्टील और एल्युमीनियम पर 50% टैरिफ पहले की तरह ही लागू रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ये कदम अमेरिकी इंडस्ट्री को मजबूत बनाने और टैक्स सिस्टम को आसान करने के लिए उठाया गया है। इसके एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने ईरान युद्व को समाप्त करने की बात कही थी। </p>
<p>हाल ही में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप को झटका देते हुए पहले लगाए गए टैरिफ को पूरी तरह से रद्द कर दिया था, लेकिन अब नए नियमों के तहत जो प्रोडक्ट सीधे मेटल नहीं हैं, बल्कि उनसे बने हुए है यानि किसी प्रोडक्ट में स्टील, एल्युमीनियम या कॉपर की मात्रा 15% से कम है, तो उस पर अब से टैरिफ नही लगेगा। अगर किसी भी प्रोटक्ट को बनाने में इन सभी धातुओं की मात्रा 15 प्रतिशत से अधिक है तो उस पर करीब 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। नए ​नियमों के अनुसार, कुछ खास इंडस्ट्रियल मशीनों और इलेक्ट्रिकल उपकरणों पर टैरिफ को घटाकर 15% किया गया है। </p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि नए नियम साल 2027 तक लागू रहेंगे। इसका मकसद केवल और केवल अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है और कुछ नहीं। इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि यदि को प्रोडक्ट विदेश में बना हुआ है और उसमें इन सभी धातुओं की मात्रा मिली हुई है तो उस पर 10 प्रतिशत टैरिक लगेगा। अमेरिका के इस नए नियम का असर अब भारत पर भी दिखाई देगा। नए नियमों के अनुसार, भारत जैसे देशों के लिए अमेरिकी बाजार में भी निर्यात महंगा हो सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 11:33:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट, सेंसेक्स 2700 अंक टूटा, इन कपंनियों पर रखें नजर</title>
                                    <description><![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप के भारी टैरिफ से बचने के लिए चीनी कंपनियों ने $112 अरब का ट्रेड गैप पैदा कर दिया है। शेल कंपनियों और नकली इंपोर्टर्स के जरिए नियमों को दरकिनार कर सस्ता माल अमेरिका भेजा जा रहा है। इस 'डीडीपी' धोखाधड़ी और टैक्स चोरी से ईमानदारी से काम करने वाली अमेरिकी फर्में भारी घाटे और कॉम्पिटिटिव रिस्क का सामना कर रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/heavy-fall-in-stock-markets-due-to-west-asia-crisis/article-145102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/share-market02.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। पश्चिम एशिया में बीते शनिवार को शुरू हुए संकट के कारण घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को चौतरफा बिकवाली देखी गयी और बीएससी का सेंसेक्स 2,700 अंक से अधिक की गिरावट में खुला। अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया भी फिलहाल 15 पैसे की गिरावट में 91.23  रुपये प्रति डॉलर पर है।</p>
<p>अमेरिका और इजराइल के एक संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक हालत बिगड़ गये हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले कई देशों पर हमले किये हैं। इसका असर सोमवार को बाजार खुलते ही देखा गया। </p>
<p>वैश्विक स्तर पर जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट में है। हालांकि, चीन का शंघाई कंपोजिट लगभग स्थिर है। घरेलू बाजारों में सेंसेक्स 2,743.46 अंक टूटकर 78,543.73 अंक पर खुला। हालांकि बाद में इसकी गिरावट कुछ कम हुई और खबर लिखे जाते समय यह 926.18 अंक यानी 1.14 प्रतिशत नीचे 80,361.01 अंक पर था। पिछले कारोबारी दिवस पर सेंसेक्स 81,287.19 अंक पर बंद हुआ था। </p>
<p>इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 519.40 अंक गिरकर 24,659.25 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह भी 300.90 अंक यानी 1.20 प्रतिशत नीचे 24,877.75 अंक पर रहा। सभी क्षेत्रों में बिकवाली देखी गई। एनएसई में ऑटो, आईटी, मीडिया, सार्वजनिक बैंक, रियलटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, तेल एवं गैस और रसायन क्षेत्रों के सूचकांक एक प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क गये।</p>
<p>बाजार में उतार-चढ़ाव बताने वाला निफ्टी वीआईएक्स 16 से ऊपर पहुंच गया। सेंसेक्स की कंपनियों में एक बीईएल को छोड़कर सभी के शेयर नीचे चल रहे थे। सूचकांक की गिरावट में एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल, भारतीय स्टेट बैंक और इंडिगो के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट रही। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 10:36:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीन का टैरिफ फ्रॉड: अमेरिकी कंपनियां को नुकसान, 10.2 लाख करोड़ की चपत</title>
                                    <description><![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप के भारी टैरिफ से बचने के लिए चीनी कंपनियों ने $112 अरब का ट्रेड गैप पैदा कर दिया है। शेल कंपनियों और नकली इंपोर्टर्स के जरिए नियमों को दरकिनार कर सस्ता माल अमेरिका भेजा जा रहा है। इस 'डीडीपी' धोखाधड़ी और टैक्स चोरी से ईमानदारी से काम करने वाली अमेरिकी फर्में भारी घाटे और कॉम्पिटिटिव रिस्क का सामना कर रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinas-tariff-fraud-causes-loss-to-american-companies-of-rs/article-145100"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/china.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिकी टैरिफ के हल्ले के बीच चीन की कंपनियों ने जुगाड़ निकाल लिया है। नकली इंपोटर्स की बाढ़ आ गई है। ये सस्ती शिपिंग का वादा करते हैं। इसने ईमानदारी से काम करने वाली अमेरिकी कंपनियों को नुकसान में खड़ा कर दिया है। एक्सपर्ट्स ने इसे ट्रेड फ्रॉड करार दिया है। ये तेजी से बढ़ा है। इससे नियम मानने वाली अमेरिकी कंपनियां लगातार नुकसान में हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी बिजनेस को वॉट्सऐप मैसेज और ईमेल मिल रहे हैं। इनमें चीन से बहुत सस्ती शिपिंग का वादा किया जा रहा है। इसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय लागू टैरिफ को बायपास करने के तरीके भी शामिल हैं। ये ऑफर्स अक्सर इतने अच्छे लगते हैं कि यकीन करना मुश्किल होता है।</p>
<p>अमेरिकन लॉन मोवर कंपनी के प्रेसिडेंट माइकल केर्सी के लिए यह मुद्दा गंभीर कॉम्पिटिटिव रिस्क है। उनकी फर्म पुश-रील मोवर और गार्डनिंग टूल्स के लिए जानी जाती है। वह नियमों का पालन करती है। पिछले साल चीनी इंपोर्ट पर 45% तक ड्यूटी चुकाई है। लेकिन, उनका मानना है कि कुछ कॉम्पिटिटर उन खर्चों से बच रहे हैं। ट्रेड डेटा बताता है कि अमेरिका को चीन के बताए गए एक्सपोर्ट और पिछले साल यूएस कस्टम ने जो इंपोर्ट के तौर पर रिकॉर्ड किया था, उसके बीच रिकॉर्ड 112 अरब डॉलर (करीब 10.2 लाख करोड़ रुपए) का अंतर है। एनालिस्ट का कहना है कि इससे पता चलता है कि देश में सामान का एक बड़ा हिस्सा बिना पूरे टैरिफ पेमेंट के आया होगा।</p>
<p><strong>क्यों यह अंतर आंखों में आया?</strong></p>
<p>वैसे तो ऐसे अंतर सालों से हैं। लेकिन, मौजूदा अंतर ट्रंप के पहले ट्रेड वॉर के दौरान देखे गए फर्क से कहीं ज्यादा है। फेडरल रिजर्व रिसर्च ने अनुमान लगाया था कि टैरिफ चोरी इसी तरह के अंतरों का एक बड़ा हिस्सा है। हालांकि, चीन की टैक्स छूट पॉलिसी जैसे फैक्टर भी रिपोर्टिंग में अंतर का कारण हैं। कुछ विज्ञापन चीन से अमेरिकी शिपिंग रेट को $0.70 प्रति किलो तक कम बताते हैं। इसमें टैक्स भी शामिल हैं, यह एक बड़ा रेड फ्लैग है। कारण है कि टैरिफ प्रोडक्ट की वैल्यू के आधार पर कैलकुलेट किए जाते हैं, वजन के आधार पर नहीं।</p>
<p><strong>धोखाधड़ी कैसे की जाती है?:</strong></p>
<p>एक आम तौर पर बताया जाने वाला तरीका डिलीवर्ड ड्यूटी पेड शिपिंग है। इसमें विदेशी सेलर कस्टम क्लियरेंस और टैरिफ पेमेंट को मैनेज करता है। जबकि डीडीपी लीगल है। धोखाधड़ी तब होती है जब सामान को कम आंका जाता है, गलत क्लासिफाई किया जाता है या ड्यूटी कम करने के लिए शेल कंपनियों के जरिए भेजा जाता है। खरीदारों को शायद पता न हो कि नियम तोड़े गए हैं। </p>
<p>फ्रॉड स्कीम अक्सर नॉन-रेसिडेंट इंपोर्टर्स या शेल फर्मों पर निर्भर करती हैं। ये रिकॉर्ड के इंपोर्टर के तौर पर काम करती हैं। जब अधिकारी जांच करते हैं तो उन्हें अक्सर नकली पते या ऐसी कंपनियां मिलती हैं जो पहले ही बंद हो चुकी हैं। इससे कानून लागू करना मुश्किल हो जाता है। जब विदेशी एक्टर या शेल कंपनियों से डील करते हैं जो जल्दी गायब हो जाती हैं तो एनफोर्समेंट एजेंसियों को अधिकार क्षेत्र की सीमाओं का सामना करना पड़ता है। इस वजह से जांच अक्सर अमेरिकी कंपनियों पर आ जाती है। इसका मतलब है कि कम्प्लायंस चेक और पेनल्टी उन फर्मों पर बहुत ज्यादा असर डाल सकती हैं जो नियमों का पालन करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 10:20:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ने कनाडा को दी 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी, चीन के साथ व्यापार समझौते पर दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से व्यापार समझौते पर कनाडा को चेतावनी दी, कहा ऐसा करने पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाएंगे, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हो सकती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-threatens-canada-with-100-percent-tariff-warns-on-trade/article-140776"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कनाडा को चीन के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर धमकी देते हुए कहा कि अगर कनाडा ने ऐसा किया तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति कनाडा और चीन के बीच हुए इस व्यापार समझौते को चीन द्वारा अपने निर्यात को कनाडा के रास्ते अमेरिका भेजने का एक जरिया मानते हैं।</p>
<p>ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, चीन कनाडा को पूरी तरह से निगल जाएगा, उसे पूरी तरह से नष्ट कर देगा, जिसमें उसके कारोबार, सामाजिक ताना-बाना और जीवन शैली का विनाश भी शामिल है।</p>
<p>कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में, बीजिंग का दौरा किया था और एक प्रारंभिक व्यापार समझौते पर सहमति जताई थी जिसके तहत कनाडा को बेची जाने वाली चीनी इलेक्ट्रिक कारों पर टैरिफ कम किया जाएगा, जिसके बदले में चीन ने कनाडाई कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने पर सहमति जताई थी।</p>
<p>कनाडाई उत्पादों पर इतने ऊंचे टैरिफ लगाने से अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखलाएं, जिनमें रक्षा उत्पादन श्रृंखलाएं भी शामिल हैं, बाधित हो सकती हैं क्योंकि परंपरागत रूप से दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों के लिए पुर्जे और सहायक उपकरण बनाकर एक-दूसरे की आपूर्ति प्रणालियों में योगदान करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 13:24:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्राजील की अर्थव्यवस्था में सुधार: राष्ट्रपति लूला ने अमेरिकी टैरिफ को बताया बेअसर</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि 2025 का अंत ब्राजील के लिए आर्थिक रूप से सुखद है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी आयात शुल्क में बढ़ोतरी के बावजूद ब्राजील की अर्थव्यवस्था लचीली बनी रही। खाद्य कीमतों में गिरावट और आम जनता की क्रय शक्ति में सुधार को उन्होंने वर्ष की बड़ी उपलब्धि बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/impact-of-us-import-tariffs-on-brazilian-economy-negligible-lula/article-137091"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/brazil-lula.png" alt=""></a><br /><p>रियो द जेनरो। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज का इनासियो लूला दा सिल्वा ने मंगलवार को कहा कि 2025 का अंत ब्राजील के लिये अच्छा साबित हो रहा है, क्योंकि ब्राजीलियाई वस्तुओं पर अमेरिकी आयात शुल्क में बढ़ोतरी अप्रासंगिक साबित हुई है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि इस साल का अंत अच्छा हो रहा है। खाद्य पदार्थों की कीमतें गिर रही हैं और लोग एक बार फिर उन चीजों को खरीदने में सक्षम हो रहे हैं जो पहले महंगी हो गयी थीं।</p>
<p>राष्ट्रपति लूला ने घरेलू स्थिति और अमरिका के साथ ब्राजील के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, ब्राजील पर लगाये गये अमेरिकी आयात शुल्क भी अंतत: बेअसर साबित हुए। लूला ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका की नयी व्यापार नीतियों और उनसे उत्पन्न भू-राजनीतिक और व्यापारिक तनावों के बावजूद ब्राजील की अर्थव्यवस्था ने अनुकूलनशीलता और लचीलापन दिखाया है। घरेलू मोर्चे पर राष्ट्रपति लूला ने आम जनता की क्रय शक्ति में क्रमिक सुधार का उल्लेख किया ,विशेष रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट  निम्न आय वाले परिवारों के लिए बेहतर साबित हुई है।</p>
<p>राष्ट्रपति लूला के अनुसार, यह प्रक्रिया वर्ष के अंत तक ब्राजील की आर्थिक और सामाजिक स्थिति के प्रति अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने में योगदान दे रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:31:40 +0530</pubDate>
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