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                <title>Food Inflation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Food Inflation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कांग्रेस ने ई-20 नीति को बताया जनविरोधी और अदूरदर्शी, जयराम ने कहा- जनता को सड़क और रसोई, दोनों जगह चुकानी पड़ रही कीमत</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने केंद्र सरकार की ई-20 नीति को जनविरोधी और अदूरदर्शी करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि पेट्रोल में 20% एथनॉल मिलाने से चीनी, खाद्यान्न और पशु आहार महंगे हो गए हैं। इसके साथ ही वाहन मालिकों को कम माइलेज और गाड़ियों में खराबी की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-termed-e-20-policy-as-anti-people-and-short-sighted-jairam-said/article-163469"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने सरकार की ई-20 नीति को जनविरोधी और अदूरदर्शी करार देते हुए कहा है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने के कारण चीनी और खाद्यान्न महंगे हो रहे हैं तथा वाहन मालिकों को कम माइलेज और वाहनों की अनुकूलता से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि केंद्र सरकार की ई-20 नीति के कारण जनता को सड़क और रसोई, दोनों जगह इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। गन्ने और अनाज से एथनॉल बनाने के कारण खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित हो रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 25 लाख टन चीनी-लायक गन्ना एथनॉल बनाने में चला गया, जिससे पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत 48 रुपये से बढ़कर 67 रुपये प्रति किलो और गुड़ की कीमत 50 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो हो गई। चावल और मक्के का आटा भी क्रमशः 16 और 11 प्रतिशत महंगा हुआ है, जबकि पशु आहार की कीमत 10.34 प्रतिशत बढ़ी है। रमेश ने कहा कि ई-20 के लिए तैयार नहीं किए गए वाहनों में कम माइलेज और खराबी का खतरा बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि एथनॉल उत्पादकों को लाभ पहुंचाने के लिए वाहन मालिकों के पास पेट्रोल के विकल्प सीमित कर दिए गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में कमी और 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने से लागत घटने के बावजूद पेट्रोल की कीमतों में कोई कमी नहीं की गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार ई-20 के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार और इससे जुड़े उपभोक्ता हितों के सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस कार्यसमिति ने भी 19 अगस्त को ई-20 के कारण कम माइलेज, वाहनों की अनुकूलता, उपभोक्ताओं के सीमित विकल्प और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर गहरी चिंता जाहिर की थी। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार ई-20 नीति की तत्काल समीक्षा करे और जनता को बिना एथनॉल वाले पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 10:20:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चावल-दालों में साप्ताहिक तेजी: गेहूं, चीनी नरम, खाद्य तेलों में घटबढ़</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू थोक बाजार में चावल और दालों के भाव बढ़े, जबकि गेहूं, आटा और चीनी में नरमी रही। खाद्य तेलों में सप्ताहभर उतार-चढ़ाव देखा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/weekly-rise-in-rice-and-pulses-decline-in-wheat-sugar/article-140781"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। घरेलू थोक जिंस बाजारों में बीते सप्ताह चावल के औसत भाव बढ़ गये। चावल के विपरीत गेहूं और चीनी में नरमी रही। दालों के भाव बढ़ गये जबकि खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव का रुख रहा।</p>
<p>सप्ताह के दौरान चावल की औसत कीमत 23 रुपये बढ़कर सप्ताहांत पर 3,818 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गयी। गेहूं 28 रुपये सस्ता हुआ और सप्ताहांत पर 2,839 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिका। आटा 12 रुपये सस्ता हुआ और 3,299 रुपये प्रति क्विंटल बोला गया।</p>
<p>बीते सप्ताह खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव रहा। सरसों तेल की औसत कीमत 33 रुपये प्रति क्विंटल घट गयी। वनस्पति भी 12 रुपये सस्ता हुआ। सूरजमुखी तेल  का भाव 98 रुपये और पाम ऑयल का 85 रुपये बढ़ गया। मूंगफली तेल 77 रुपये और सोया तेल 17 रुपये प्रति क्विंटल महंगा हुआ।</p>
<p>सप्ताह के दौरान तुअर दाल औसतन 83 रुपये प्रति क्विंटल चढ़ी। उड़द दाल 42 रुपये और मसूर दाल 32 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हुई। मूंग दाल की कीमत 29 रुपये और चना दाल की 19 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गयी। मीठे के बाजार में सप्ताह के दौरान गुड़ के औसत भाव छह रुपये प्रति क्विंटल बढ़े। वहीं, चीनी सात रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 14:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महंगाई की मार! चावल, गेहूं में साप्ताहिक तेजी: चीनी नरम-दालों, खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव का रूख</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू थोक बाजार में बीते सप्ताह चावल और गेहूं के औसत भावों में तेजी दर्ज की गई, जबकि चीनी और दालों की कीमतों में गिरावट से उपभोक्ताओं को राहत मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/inflation-hit-weekly-rise-in-rice-and-wheat-sugar-soft/article-139975"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/rice.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। घरेलू थोक जिंस बाजारों में बीते सप्ताह चावल के औसत भाव बढ़ गये। चावल के साथ गेहूं में भी तेजी रही। चीनी की कीमतों में गिरावट रही जबकि दालों और खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव का रुख रहा। सप्ताह के दौरान चावल की औसत कीमत 39 रुपये बढ़कर सप्ताहांत पर 3,795 रुपये प्रति क्विंटल रह गयी। गेहूं 13 रुपये मजबूत हुआ और सप्ताहांत पर 2,867 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिका। आटा आठ रुपये सस्ता हुआ और 3,311 रुपये प्रति क्विंटल रह गया।</p>
<p>बीते सप्ताह खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव रहा। मूंगफली तेल की औसत कीमत 186 रुपये और सरसों तेल की 103 रुपये प्रति क्विंटल घट गयी। पाम ऑयल 34 रुपये और वनस्पति 14 रुपये प्रति क्विंटल सस्ता हुआ। सूरजमुखी तेल की कीमत 67 रुपये और सोया तेल की 46 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी।</p>
<p>सप्ताह के दौरान तुअर दाल औसतन 50 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई। मसूर दाल 35 रुपये और उड़द दाल 34 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई। चना दाल की कीमत चार रुपये प्रति क्विंटल घट गयी। मूंग दाल में 17 रुपये प्रति क्विंटल की मजबूती देखी गयी। मीठे के बाजार में सप्ताह के दौरान गुड़ के औसत भाव आठ रुपये प्रति क्विंटल घट गये। चीनी भी 30 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 14:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ब्राजील की अर्थव्यवस्था में सुधार: राष्ट्रपति लूला ने अमेरिकी टैरिफ को बताया बेअसर</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि 2025 का अंत ब्राजील के लिए आर्थिक रूप से सुखद है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी आयात शुल्क में बढ़ोतरी के बावजूद ब्राजील की अर्थव्यवस्था लचीली बनी रही। खाद्य कीमतों में गिरावट और आम जनता की क्रय शक्ति में सुधार को उन्होंने वर्ष की बड़ी उपलब्धि बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/impact-of-us-import-tariffs-on-brazilian-economy-negligible-lula/article-137091"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/brazil-lula.png" alt=""></a><br /><p>रियो द जेनरो। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज का इनासियो लूला दा सिल्वा ने मंगलवार को कहा कि 2025 का अंत ब्राजील के लिये अच्छा साबित हो रहा है, क्योंकि ब्राजीलियाई वस्तुओं पर अमेरिकी आयात शुल्क में बढ़ोतरी अप्रासंगिक साबित हुई है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि इस साल का अंत अच्छा हो रहा है। खाद्य पदार्थों की कीमतें गिर रही हैं और लोग एक बार फिर उन चीजों को खरीदने में सक्षम हो रहे हैं जो पहले महंगी हो गयी थीं।</p>
<p>राष्ट्रपति लूला ने घरेलू स्थिति और अमरिका के साथ ब्राजील के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, ब्राजील पर लगाये गये अमेरिकी आयात शुल्क भी अंतत: बेअसर साबित हुए। लूला ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका की नयी व्यापार नीतियों और उनसे उत्पन्न भू-राजनीतिक और व्यापारिक तनावों के बावजूद ब्राजील की अर्थव्यवस्था ने अनुकूलनशीलता और लचीलापन दिखाया है। घरेलू मोर्चे पर राष्ट्रपति लूला ने आम जनता की क्रय शक्ति में क्रमिक सुधार का उल्लेख किया ,विशेष रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट  निम्न आय वाले परिवारों के लिए बेहतर साबित हुई है।</p>
<p>राष्ट्रपति लूला के अनुसार, यह प्रक्रिया वर्ष के अंत तक ब्राजील की आर्थिक और सामाजिक स्थिति के प्रति अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने में योगदान दे रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/impact-of-us-import-tariffs-on-brazilian-economy-negligible-lula/article-137091</link>
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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:31:40 +0530</pubDate>
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