<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/global-trade/tag-64284" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Global Trade - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/64284/rss</link>
                <description>Global Trade RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का किया स्वागत : पश्चिम एशिया में स्थाई शांति की जताई उम्मीद, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने का आग्रह</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का पुरजोर समर्थन किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, संवाद और कूटनीति ही स्थायी शांति का एकमात्र मार्ग है। भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक सुगमता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की बहाली पर विशेष बल दिया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-welcomed-the-ceasefire-between-america-and-iran-expressed-hope/article-149542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुये युद्धविराम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थाई शांति स्थापित होगी। विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम पर बुधवार को एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि भारत पहले से ही इस विवाद के संवाद और कूटनीति से समाधान पर जोर देता रहा है। मंत्रालय ने कहा है, "हम संघर्ष विराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं, तनाव में कमी, संवाद और कूटनीति ही संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के लिए आवश्यक हैं। इस संघर्ष ने पहले ही लोगों को अत्यधिक कष्ट पहुँचाया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापारिक नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन की निर्वाध स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह बना रहेगा।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान ने बुधवार तड़के दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिका और इजरायल ने गत 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ हमलों की शुरुआत की थी। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में पश्चिम एशियाई देशों में अमेरिकी ठिकानों और इजरायल पर हमले किए थे। इन हमलों में जान और माल का व्यापक नुकसान हुआ है। ईरान ने इन हमलों के विरोध में और होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले तेल और गैस टैंकरों के संचालन को बाधित कर दिया था जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल एवं गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/india-welcomed-the-ceasefire-between-america-and-iran-expressed-hope/article-149542</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/india-welcomed-the-ceasefire-between-america-and-iran-expressed-hope/article-149542</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 16:39:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/india.png"                         length="422576"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युद्धविराम विश्व शांति के लिए बड़ा दिन : ट्रंप ने कहा-अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में करेगा मदद</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम को विश्व शांति के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार बहाल करने और ईरान के पुनर्निर्माण में मदद का वादा किया। ट्रंप के अनुसार, यह समझौता मध्य पूर्व के लिए 'स्वर्ण युग' की शुरुआत साबित होगा, जिससे क्षेत्र में समृद्धि और आर्थिक मजबूती आएगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/armistice-is-a-big-day-for-world-peace-trump-said/article-149512"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम को विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन बताया और कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान ऐसा चाहता है क्योंकि वे तंग आ चुके हैं। इसी तरह बाकी सभी भी तंग आ चुके हैं।' उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात बढ़ाने में मदद करेगा और कई सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि खूब पैसा बनाया जाएगा और ईरान पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि हम हर तरह की आपूर्ति लेकर आएंगे और यहीं आसपास मंडराते रहेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सब कुछ ठीक चल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सब कुछ ठीक चलेगा। ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका की तरह पश्चिम एशिया का स्वर्ण युग हो सकता है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/armistice-is-a-big-day-for-world-peace-trump-said/article-149512</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/armistice-is-a-big-day-for-world-peace-trump-said/article-149512</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:21:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/trump-big-disi.png"                         length="505194"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डब्लूटीओ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन बेनतीजा: अमेरिका समर्थित डिजिटल सीमा शुल्क छूट पर ब्राजील और तुर्की ने लगाई रोक, विदेश मंत्री मौरो विएरा ने एकपक्षीय उपायों और व्यापार समझौतों की आलोचना की </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[विश्व व्यापार संगठन (WTO) का 14वां सम्मेलन बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गया। ब्राजील और तुर्की ने इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क छूट को 2030 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को रोक दिया। ब्राजील ने 1994 के पुराने नियमों में ढांचागत सुधारों की मांग की है, जबकि अमेरिका ने बहुपक्षीय समझौते की विफलता पर गहरी निराशा व्यक्त की है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/wto-ministerial-conference-inconclusive-brazil-and-turkey-block-us-backed-digital/article-148572"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/wto.png" alt=""></a><br /><p>याओउंडे। विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन सोमवार को गतिरोध के साथ समाप्त हो गया। ब्राजील और तुर्की ने इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क से मिलने वाली छूट को 2030 के अंत तक बढ़ाने के अमेरिका समर्थित समझौते को रोक दिया। पिछले 28 वर्षों से मिली यह छूट देशों को डिजिटल वस्तुओं पर टैरिफ लगाने से रोकती है, जो वैश्विक ई-कॉमर्स का प्रमुख आधार है। ब्राजील ने डब्ल्यूटीओ में व्यापक सुधारों का आह्वान किया और चेतावनी दी कि नियमों पर आधारित व्यापार प्रणाली अभूतपूर्व दबाव में है। विदेश मंत्री मौरो विएरा ने उन एकपक्षीय उपायों और व्यापार समझौतों की आलोचना की, जो ब्राजील के विचार में डब्ल्यूटीओ की कानूनी सुसंगतता को कमजोर करते हैं और निर्यातकों व विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए पूर्वानुमान की स्थिति को खतरे में डालते हैं।</p>
<p>विएरा ने कहा, "वर्तमान में महसूस की जा रही विखंडन की शक्तियों को दशकों के वार्ता गतिरोध ने और बढ़ा दिया है।" उन्होंने कृषि और डिजिटल व्यापार तथा स्थिरता जैसे उभरते मुद्दों पर रुकी हुई चर्चाओं का हवाला दिया। उन्होंने डब्ल्यूटीओ की अपीलीय संस्था के पंगु होने का भी उल्लेख किया, जिससे सदस्यों के पास या तो अनसुलझे विवाद बचते हैं या उपायों और जवाबी उपायों का एक खतरनाक चक्र' शुरू हो जाता है।</p>
<p>विएरा ने आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रतिबिंबित करने के लिए संरचनात्मक और व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, न कि 1994 के उस ढांचे की जिसके तहत डब्ल्यूटीओ बनाया गया था। उन्होंने कहा, "ब्राजील जबरदस्ती के बजाय बातचीत को, शक्ति के बजाय नियमों को और विखंडन के बजाय बहुपक्षवाद को चुनता है।" अमेरिका ने इस मोहलत को आगे बढ़ाने में विफलता पर निराशा व्यक्त की। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि और डब्ल्यूटीओ में राजदूत जेमीसन ग्रीर ने कहा, "महीनों की तैयारी और जुड़ाव के बावजूद भविष्य के वैश्विक व्यापार नीति प्रयासों में डब्ल्यूटीओ केवल सीमित भूमिका ही निभा पायेगा।"</p>
<p>उन्होंने उल्लेख किया कि अमेरिका ने अधिकतर प्रमुख व्यापारिक भागीदारों से अमेरिकी डिजिटल वस्तुओं पर टैरिफ न लगाने की प्रतिबद्धता हासिल कर ली है। यदि आम सहमति नहीं बन पाती है, तो अमेरिका डब्ल्यूटीओ के बाहर एक बहुपक्षीय ई-कॉमर्स समझौता करने की योजना बना रहा है। उप अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जोसेफ बारलून ने कहा कि हालांकि कई सदस्यों ने रचनात्मक रूप से भाग लिया, लेकिन समझौता सुरक्षित करने में असमर्थता "उन वास्तविक सीमाओं को उजागर करती है जो डब्ल्यूटीओ में हासिल की जा सकती हैं।" इस मंत्रिस्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता कैमरून के व्यापार मंत्री ल्यूक मैग्लौयर म्बार्गा अतांगाना ने की। यह डब्ल्यूटीओ की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। यह गतिरोध डिजिटल व्यापार, व्यापक संस्थागत सुधारों और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की प्रभावशीलता पर सदस्य देशों के बीच निरंतर मतभेदों को दर्शाता है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/wto-ministerial-conference-inconclusive-brazil-and-turkey-block-us-backed-digital/article-148572</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/wto-ministerial-conference-inconclusive-brazil-and-turkey-block-us-backed-digital/article-148572</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:09:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/wto.png"                         length="1346303"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा यूटर्न: होर्मुज जलडमरूमध्य खोले बिना ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने को तैयार, ट्रंप के संकेतों से अमेरिकी बाजार में तेजी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुले बिना भी ईरान के साथ युद्ध समाप्त कर सकते हैं। 4-6 सप्ताह की समय-सीमा के भीतर संघर्ष रोकने के लिए अमेरिका अब सैन्य कार्रवाई के बजाय तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाएगा। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक ईंधन कीमतों और तेल आपूर्ति में स्थिरता लाना है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-donald-trumps-big-u-turn-us-markets-rise-due/article-148597"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य खोले बिना ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने को तैयार हैं। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' अखबार ने अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और उनके सहयोगियों ने हाल के दिनों में आकलन किया कि इस अहम जलमार्ग को खोलने का कोई भी अभियान संघर्ष को उनकी तय समय-सीमा (चार से छह सप्ताह) से आगे बढ़ा देगा। उन्होंने फैसला किया कि अमेरिका को अपने मुख्य लक्ष्य हासिल करने चाहिए और मौजूदा शत्रुता को खत्म करना चाहिए, जबकि साथ ही तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बनाना चाहिए ताकि व्यापार का मुक्त प्रवाह फिर से शुरू हो सके।</p>
<p>अधिकारियों ने अखबार को बताया कि अगर यह तरीका नाकाम रहता है, तो अमेरिका यूरोप और खाड़ी देशों में अपने सहयोगियों पर दबाव डालेगा कि वे जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की पहल करें। गौरतलब है कि, 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिनमें तेहरान भी शामिल था; इन हमलों से काफी जान माल का नुकसान हुआ। ईरान ने इसके जवाब में इज़रायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।</p>
<p>ईरान के आसपास बढ़े इस तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की प्रभावी रूप से नाकेबंदी हो गई है। यह मार्ग फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाज़ार तक तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। इस नाकेबंदी ने इस क्षेत्र में तेल के निर्यात और उत्पादन के स्तर को भी प्रभावित किया है। इसके परिणामस्वरूप, दुनिया भर के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-donald-trumps-big-u-turn-us-markets-rise-due/article-148597</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-donald-trumps-big-u-turn-us-markets-rise-due/article-148597</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/trump3.png"                         length="653905"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुपये में ऐतिहासिक गिरावट जारी, 95.20 प्रति डॉलर के करीब पहुंचा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मजबूत डॉलर इंडेक्स के कारण भारतीय रुपया सोमवार को ₹96.36 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला। ब्रेंट क्रूड $111 प्रति बैरल के पार पहुंचने से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है। पिछले सत्र के मुकाबले रुपये में 20 पैसे की भारी गिरावट दर्ज की गई।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/historical-decline-in-rupee-continues-close-to-9636-per-dollar/article-148373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/dollar-vs-ruppee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई।आरबीआई के दखल के बावजूद सोमवार को रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 95 से नीचे आ गया, जो कि अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। वैश्विक कारणों और लगातार विदेशी बिकवाली के कारण दबाव बढ़ने से दिन में करेंसी 0.3% गिरकर 95.20 प्रति डॉलर पर आ गई।  पिछले कारोबारी दिवस पर यह 20 पैसे गिरकर 93.96 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में तेजी से भारतीय मुद्रा दबाव में रही।</p>
<p>लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा फिलहाल ढाई फीसदी से अधिक चढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल पर है। साथ ही दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में रही तेजी का असर भी रुपये पर दिखा।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/historical-decline-in-rupee-continues-close-to-9636-per-dollar/article-148373</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/historical-decline-in-rupee-continues-close-to-9636-per-dollar/article-148373</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 11:18:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/dollar-vs-ruppee.png"                         length="607576"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज़ जलडमरूमध्य से भारत को बड़ी राहत: ईरान ने दी जहाजों को आवाजाही की अनुमति, जानिए और किन देशों के लिए खोला गया रास्ता</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ईरान ने भारत, चीन और रूस जैसे मित्र देशों के लिए सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य मार्ग खोल दिया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की कि गैर-आक्रामक देशों के जहाजों को समन्वय के साथ अनुमति मिलेगी। संयुक्त राष्ट्र की अपील के बाद लिया गया यह फैसला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल संकट को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-relief-to-india-from-the-strait-of-hormuz-iran/article-147917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/strait-of-hormuz.png" alt=""></a><br /><p>ईरान। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने भारत समेत कई मित्र देशों के जहाजों को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दे दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को कहा कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए मार्ग खोला गया है। मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह फैसला उन देशों के लिए है जो ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक गतिविधियों में शामिल नहीं हैं। हालांकि, जहाजों को इस रास्ते से गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना अनिवार्य होगा।</p>
<p>इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि इस मार्ग के लंबे समय तक बंद रहने से तेल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों पर दबाव बढ़ रहा है।गुटेरेस ने अमेरिका और  इज़राइल से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने की भी अपील की, वहीं ईरान से पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का आग्रह किया।</p>
<p>गौरतलब है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है। ऐसे में भारत के लिए इस रास्ते का खुलना ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बड़ी राहत माना जा रहा है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-relief-to-india-from-the-strait-of-hormuz-iran/article-147917</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-relief-to-india-from-the-strait-of-hormuz-iran/article-147917</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 09:53:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/strait-of-hormuz.png"                         length="688601"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का ऐलान: अमेरिका-इजरायल के अलावा अन्य देशों के जहाजों को निकलने का दिया जाएगा रास्ता, पाकिस्तान से क्या हुई बात ?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इजरायल को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल का 20% व्यापार होता है, जिसे तनाव के कारण बंद किया गया था। अब सुरक्षा पुख्ता कर मित्र देशों के तेल एवं एलएनजी निर्यात में सहयोग का आश्वासन दिया गया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-masood-pezeshkian-announced-that-ships-from-countries-other/article-147659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/irani-p.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने अमेरिका और इजरायल को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने के लिए कई कदम उठाए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के कार्यालय ने यह जानकारी दी है। </p>
<p>राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ के साथ हुई फोन (एजेंसी) में कहा, किसी भी सूरत में, ईरान ने इस जलमार्ग से ज़हाज़ों के पार होने के लिए सुरक्षा एवं रक्षा के इंतजाम किये गये हैं। शत्रु देशों को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को  इस रास्ते से गुजरने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई सहित कई लोगों की मौत हुई। इसके जवाब में, ईरान ने इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। </p>
<p>अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष के कारण ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जहां से पूरी दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल एवं तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) होकर गुजरती है। इससे पूरी दुनिया में कच्चे तेल का निर्यात प्रभावित हुआ है। </p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-masood-pezeshkian-announced-that-ships-from-countries-other/article-147659</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-masood-pezeshkian-announced-that-ships-from-countries-other/article-147659</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:47:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/irani-p.png"                         length="749272"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना काल की तरह धैर्य के साथ करना होगा पश्चिम एशिया संकट का मुकाबला: बिजली-पेट्रोलियम समेत कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा, साढ़े तीन घंटे चली पीएम मोदी की हाईलेवल मीटिंग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट को गंभीर बताते हुए भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है, इसलिए भारत कूटनीति और संवाद के जरिए शांति का पक्षधर है। पीएम ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता हेतु सौर ऊर्जा और एथेनॉल मिश्रण जैसे घरेलू विकल्पों पर भी जोर दिया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/like-the-corona-period-the-west-asia-crisis-will-have/article-147560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट को गम्भीर चिंता का विषय बताते हुए सोमवार को कहा कि कच्चे तेल एवं गैस की जरुरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है इसलिए भारत पर इसका असर स्वभाविक है लेकिन इस चुनौती का मिलकर और एकजुटता के साथ मुक़ाबला करने की जरूरत है।</p>
<p>पीएम मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर वक्तव्य देते हुए कहा कि इस संकट के कारण भारत की चिंताएं स्वाभाविक है लेकिन भारत को एकजुट रहकर चुनौतियों का मुकाबला करना आता है। कोरोना संकट के समय की इसी तरह की चुनौती का हमने एकजुट रहकर सामना किया था और अब इस चुनौती का मुकाबला भी उसी तरह एकजुटता से करना होगा।</p>
<p>पश्चिमी एशिया के देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा, "इन देशों में हमारे मिशन भारतीयों की मदद में जुटे हैं। प्रभावित देशों में हमारे मिशन लगातार भारतीयों की मदद में लगे हुए हैं। चाहे वहां काम करने वाले भारतीय हों या वहां गए पर्यटक, सभी को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। भारतीय मिशन नियमित रूप से इसको लेकर सलाह जारी कर रहे हैं। भारत और अन्य प्रभावित देशों में 24/7 सहायता कक्ष और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। इनके माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को नवीनतम जानकारी दी जा रही है।"</p>
<p>उन्होंने कहा "संकट के समय में भारत और विदेश में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस युद्ध की शुरुआत से ही प्रभावित देशों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय को सहायता प्रदान की गई है। मैंने पश्चिम एशियाई देशों के अधिकांश राष्ट्राध्यक्षों से दो बार फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। यह दुखद स्थिति है कि संघर्ष के दौरान कुछ लोगों ने अपनी जान गंवाई है और कुछ घायल हुए हैं।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने युद्धग्रस्त और संघर्ष से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध का ज़िक्र करते हुए कहा, "जिस क्षेत्र में संघर्ष चल रहा है, वह विश्व के अन्य देशों के साथ हमारे व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग भी है। यह क्षेत्र विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की जरुरतों के लिए हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह क्षेत्र हमारे लिए इस कारण से भी महत्वपूर्ण है कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय काम करते हैं। वहां वाणिज्यिक जहाज चलते हैं। भारतीय चालक दल के सदस्यों की संख्या भी बहुत अधिक है। इन विभिन्न कारणों से, भारत की चिंताएं स्वाभाविक रूप से अधिक हैं। इन सब स्थितियों को देखते हुए आवश्यक है कि संसद से इस संकट को लेकर हमारी एक आवाज और आम सहमति दुनिया तक पहुंचे।"</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया की चिंताजनक स्थिति को लेकर लगातार संसद को अवगत करा रही है। उनका कहना था कि पिछले दो-तीन हफ्तों में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने सदन को स्थिति का विस्तृत विवरण दिया है। यह संघर्ष तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहा है। इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और इसीलिए दुनिया इस संघर्ष के शीघ्र समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है।</p>
<p>संकट की स्थिति में भारतीय कूटनीति पर उन्होंने कहा "वर्तमान वैश्विक माहौल में भारत की भूमिका स्पष्ट है। शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने पश्चिम एशिया के सभी संबंधित नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बात की है। मैंने सभी से तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने का आग्रह किया है। भारत ने नागरिकों, ऊर्जा और परिवहन अवसंरचना पर हमलों की निंदा की है। वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को अवरुद्ध करना अस्वीकार्य है। भारत इस युद्ध जैसे माहौल में भी भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीति के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रहा है। </p>
<p>भारत ने हमेशा मानवता के कल्याण और शांति का समर्थन किया है। मैं दोहराता हूं कि इस समस्या का एकमात्र समाधान संवाद और कूटनीति है। हमारे सभी प्रयास तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में हैं। इस युद्ध में किसी के भी जीवन को खतरे में डालना मानवता के हित में नहीं है इसलिए हमारा प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना है। जब ऐसे संकट उत्पन्न होते हैं, तो कुछ तत्व उनका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, इसलिए, सभी कानून और व्यवस्था एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा हो, साइबर सुरक्षा हो या रणनीतिक प्रतिष्ठान हों, सबकी सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने वैकल्पिक ऊर्जा बढाने के लिए भारत के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में, देश ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को लगभग 03 गीगावाट से बढ़ाकर 140 गीगावाट कर दिया है। पिछले एक वर्ष में, देश भर में लगभग 40 लाख रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री सूर्यगढ़ मुफ्त बिजली योजना ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गोवर्धन योजना के तहत, देश में 200 संपीड़ित बायोगैस संयंत्र भी चालू हो गए हैं। ये सभी प्रयास देश के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं। सरकार ने शांति अधिनियम के माध्यम से देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करके भविष्य की तैयारियों को और मजबूत किया है। हाल ही में, लघु जलविद्युत विकास योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अगले पांच वर्षों में 1500 मेगावाट की नई जलविद्युत क्षमता जुड़ेगी।</p>
<p>पीएम मोदी ने एथेनॉल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत कर दी है जिसका लाभ देश को बड़े स्तर पर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के बावजूद सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर गंभीर असर न पड़े, इसके लिए प्रयास किए हैं। देश अपनी एलपीजी की 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात करता है। आपूर्ति में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही एलपीजी का घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है। देश भर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे, इसके लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/like-the-corona-period-the-west-asia-crisis-will-have/article-147560</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/like-the-corona-period-the-west-asia-crisis-will-have/article-147560</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:02:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/pm-modi4.png"                         length="1121529"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी, गाड़ी का टेंक फुल करवाने से पहले यहां जानें क्या है आज आपके शहर में भाव</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $100 के पार पहुँचने और रुपये की गिरावट के बावजूद घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतें रविवार को स्थिर रहीं। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 पर बरकरार है। हालांकि, प्रीमियम पेट्रोल 'XP95' की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद तेल कंपनियां वैश्विक दबाव के बीच कीमतों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/amidst-the-rise-in-crude-oil-prices-in-the-international/article-147415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/petorl.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच पेट्रोल और डीजल के दाम रविवार को स्थिर बने रहे। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में आज पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये और डीजल की 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रही।</p>
<p>पेट्रोल-डीजल के दाम में 30 अक्टूबर 2024 के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है। इंडियन ऑयल के प्रीमियम पेट्रोल एक्सपी95 का मूल्य 20 मार्च को दो रुपये बढ़ाया गया था। दिल्ली में इसकी कीमत अब 101.89 रुपये प्रति लीटर हो गयी है। इंडियन ऑयल के प्रीमियम डीजल एक्सजी का मूल्य 91.49 रुपये प्रति डॉलर पर स्थिर है।</p>
<p>मुंबई में पेट्रोल की कीमत 103.54 रुपये, चेन्नई में 100.84 रुपये और कोलकाता में 105.45 रुपये प्रति लीटर है। डीजल मुंबई में 90.03 रुपये, चेन्नई में 92.39 रुपये और कोलकाता में 92.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के अलावा रुपये में लगातार जारी गिरावट से भी तेल विपणन कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव है। हालांकि फिलहाल वे ग्राहकों पर ज्यादा भार नहीं देना चाह रही हैं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/amidst-the-rise-in-crude-oil-prices-in-the-international/article-147415</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/amidst-the-rise-in-crude-oil-prices-in-the-international/article-147415</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:32:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/petorl.png"                         length="653054"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जी-7 के छह सदस्यों सहित 7 देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने में दिखाई तत्परता, ईरानी हमलों की निंदा की</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जापान और ब्रिटेन सहित G7 के सात देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन किया। इन देशों ने ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने और संयुक्त राष्ट्र के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/seven-countries-including-six-g-7-members-showed-readiness-to-ensure/article-147215"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/harmoz.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जी7 के छह सदस्य देशों जापान, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी तथा इटली और नीदरलैंड ने वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों की निंदा की है और कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने में योगदान देने के लिए तैयार हैं। </p>
<p>सात देशों के नेताओं ने गुरुवार रात जारी एक संयुक्त बयान में कहा, हम खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों, तेल एवं गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक अवसंरचना पर हमलों और ईरानी बलों द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कड़ी निंदा करते हैं। इन देशों ने बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की और ईरान से जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए अवरुद्ध करने के प्रयासों, धमकियों, बारूदी सुरंगों को बिछाने, ड्रोन एवं मिसाइल हमलों को तुरंत रोकने का आह्वान किया। उन्होंने ईरान से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने का भी आग्रह किया।</p>
<p>उन्होंने तेल एवं गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक अवसंरचना पर हमलों पर तत्काल व्यापक रोक लगाने की मांग की। बयान में कहा गया कि नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मूलभूत सिद्धांत है जिसमें संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून समझौता भी शामिल है। इसमें कहा गया कि ईरान की कार्रवाइयों का असर दुनिया के सभी हिस्सों के लोगों पर पड़ेगा, खासकर सबसे कमजोर वर्गों पर। उन्होंने कहा कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयासों में योगदान देने के लिए तत्पर हैं और हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो तैयारी संबंधी योजना बना रहे हैं।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार की समन्वित निकासी को अधिकृत करने के निर्णय का स्वागत करते हुए उन्होंने ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए अन्य कदम उठाने का संकल्प लिया जिसमें कुछ तेल एवं गैस उत्पादक देशों के साथ मिलकर उत्पादन बढ़ाने पर काम करना शामिल है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के माध्यम से सबसे अधिक प्रभावित देशों को सहायता करने के लिए भी काम करेंगे।</p>
<p>बयान में कहा गया, समुद्री सुरक्षा एवं नौवहन की स्वतंत्रता सभी देशों के लिए लाभकारी है। हम सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और अंतरराष्ट्रीय समृद्धि एवं सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों का पालन करने का आह्वान करते हैं। इस संयुक्त बयान के लिए हालांकि किसी विशिष्ट भौतिक बैठक की जानकारी नहीं है लेकिन यह 11 मार्च को हुई, जी7 नेताओं की वर्चुआल बैठक में पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति पर चर्चा की गयी और नागरिक अवसंरचना पर हमलों की निंदा की।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/seven-countries-including-six-g-7-members-showed-readiness-to-ensure/article-147215</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/seven-countries-including-six-g-7-members-showed-readiness-to-ensure/article-147215</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 17:19:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/harmoz.png"                         length="185632"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहली बार भारतीय मुद्रा में ​बड़ी गिरावट, रुपया 93.37 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया पहली बार 93.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5% उछाल और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती से रुपये की गिरावट गहरा गई है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/big-fall-in-indian-currency-for-the-first-time-rupee/article-147009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rupee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया गुरूवार को 93.37 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा। भारतीय मुद्रा पहली बार 93.37 रुपये प्रति डॉलर से नीचे लुढ़की है। रुपये की शुरुआत आज दो पैसे की गिरावट के साथ 93.37 रुपये प्रति डॉलर पर हुई थी। </p>
<p>महाराष्ट्र में गुड़ीपड़वा के मौके पर गुरुवार को मुद्रा बाजार में अवकाश रहा। कारोबारियों ने बताया कि मुद्रा बाजार में आज कोई कामकाज नहीं हुआ। साथ ही शेयर बाजारों में भी करेंसी डेरिवेटिव खंड में कामकाज बंद रहा। बाजार में शुक्रवार को सामान्य कामकाज होगा।</p>
<p>पिछले कारोबारी दिवस पर बुधवार को रुपया 49 पैसे टूटकर नये रिकॉर्ड स्तर 92.89 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। यह पहली बार है जब भारतीय मुद्रा 92.50 रुपये प्रति डॉलर से ज्यादा कमजोर हुई है।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में करीब पांच प्रतिशत के उछाल से रुपया कमजोर हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारतीय पूंजी बाजार में बिकवाल रहने और दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर सूचकांक में तेजी से भी रुपये पर दबाव बढ़ा।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/big-fall-in-indian-currency-for-the-first-time-rupee/article-147009</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/big-fall-in-indian-currency-for-the-first-time-rupee/article-147009</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 11:44:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/rupee.png"                         length="474120"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट में तनाव बीच सईद इरावानी का बड़ा बयान: होर्मुज में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना ईरान का निहित अधिकार</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा बनाए रखना अपना अधिकार बताया है। उन्होंने मौजूदा तनाव के लिए अमेरिकी कार्रवाइयों को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस रणनीतिक मार्ग को अवरुद्ध करने के हथियार को जारी रखने का आह्वान कर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/saeed-iravanis-big-statement-amid-tension-in-the-middle-east/article-146400"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/said.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखना उनके देश का निहित अधिकार है। इरावानी ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय समुद्र कानून के तहत नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांत का पूरी तरह से सम्मान करता है और इसके प्रति प्रतिबद्ध है।</p>
<p>प्रतिनिधि ने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य सहित क्षेत्र की वर्तमान स्थिति ईरान की आत्मरक्षा का परिणाम नहीं है, बल्कि यह ईरान पर हमला करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करने की अमेरिका की कार्रवाइयों का प्रत्यक्ष परिणाम है।</p>
<p>ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने का आह्वान करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करने के हथियार का उपयोग निश्चित रूप से जारी रहना चाहिए।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/saeed-iravanis-big-statement-amid-tension-in-the-middle-east/article-146400</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/saeed-iravanis-big-statement-amid-tension-in-the-middle-east/article-146400</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 18:42:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/said.png"                         length="635538"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        