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                <title>unemployed - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बेरोजगारों ने दंडवत कर मांगी नौकरी </title>
                                    <description><![CDATA[हनुमान किसान का कहना है कि एफएसओ भर्ती 2022 में डेपुटेशन पर लगे कार्मिकों के कारण भर्ती में न्यायिक बाधा उत्पन्न हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/unemployed--bowed-down-asked-for-jobs%C2%A0/article-97667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/6633-copy85.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) भर्ती-2022 में न्यायिक बाधा दूर करवाने की मांग को लेकर शनिवार को बेरोजगारों ने दंडवत नौकरी मांगी। इस दौरान बेरोजगारों ने बेरोजगार नेता हनुमान किसान के नेतृत्व में लक्ष्मीनारायण मंदिर द्वार से मोती डूंगरी गणेश मंदिर तक दंडवत लगाकर 18 दिसंबर को होने वाली कोर्ट सुनवाई में सरकार से न्यायालय में मजबूत पैरवी व डेपुटेशन कार्मिकों पर कार्रवाई करवाने की गणेश मंदिर में प्रार्थना की हैं। </p>
<p>हनुमान किसान का कहना है कि एफएसओ भर्ती 2022 में डेपुटेशन पर लगे कार्मिकों के कारण भर्ती में न्यायिक बाधा उत्पन्न हुई है, जिसको लेकर सरकार ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए विभाग को ऐसे कार्मिकों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Dec 2024 12:08:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>घरों से निकल रहा कचरा, कबाड़ियों की हो रही चांदी</title>
                                    <description><![CDATA[घरों की सफाई से अशिक्षित बेरोजगारों को मिल रहा रोजगार। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/waste-coming-out-of-houses--scrap-dealers-are-earning-money/article-94040"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee22.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में घरों में दीपावली का सफाई कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। लोग पुराना कबाड़ निकाल रहे है। जिससे इन दिनों स्क्रेप बाजार में खासी रौनक नजर आ रही है। प्रतिदिन करीब 8 से 10 टन कबाड़ घरों से कबाड़ियों तक पहुंच रहा है। दीपावली पर घरों में साफ सफाई कार्य इन दिनों अंतिम चरण में चल रहा है। घर के पुराने एवं कबाड़ की वस्तु, पुरानी किताबें, रद्दी की बिक्री की जाती है। इस कबाड़ खरीदी बिक्री के व्यवसाय से अनेकों को मौसमी रोजगार उपलब्ध हुआ है। अनेकों की नजर में कबाड़ी के व्यवसाय का विशेष महत्व नहीं है। किंतु इस व्यवसाय में प्रतिदिन लाखों रुपए का कारोबार हो रहा है। इससे गरीब, जरूरतमंद एवं अशिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध हो रहा  है। पूरे वर्ष गांव में घूमकर कबाड़ जमा किया जाता है। दीपावली की अवधि में घरेलु, दुकानें, गैराज से बड़े मात्रा में कबाड़ बाहर निकलता है।</p>
<p><strong>शहर में 100 से ज्यादा होलसेल विक्रेता</strong><br />कबाड़ व्यवसायी  आबीद कुरैशी ने बताया कि शहर में करीब 100 अधिक कबाड़ खरीदने वालों की बड़ी दुकानें इसके अलावा हर इलाके में एक-एक छोटे कबाड़ी की दुकान है। करीब 200 से अधिक छोटी दुकानें है। दीपावली पर सबसे ज्यादा कबाड़ निकलता है। पहले कबाड़ को छांटा जाता है शहर में 100 थोक में कबाड़ लेनेवाले दुकानदार है। उनके पास खुद के ठेले हैं, इन ठेलों को किराए से कबाड़ जमा करनेवाले छोटे व्यवसायिकों को दिया जाता है। शहर में घूमकर कबाड़ जमा करने के बाद थोक विक्रेताओं के पास बिक्री की जाती है। इस कबाड़ को छांटा की जाता है। जिसके अनुसार कबाड़ की सामग्री को प्रति किलो के अनुसार अलग अलग भाव मिलता है। दीपावली के दौरान बड़े मात्रा में कबाड़ निकलने से भाव भी कम रहते हैं। अधिक कबाड़ जमा होने पर कभी कभी 400 रुपए से 500 रुपए मिलते हैं।</p>
<p><strong>कबाड़ बन रहा लोगों के रोजगार का साधन</strong><br />इन दिनों शहर में दीपावली पर घर में सफाई का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। शहर में रोज करीब एक व्यापारी के पास 50 किलों से लेकर 1 टन तक कबाड़ पहुंच रहा है। शहर में प्रतिदिन करीब 8 से 10 टन कबाड, रद्दी और प्लास्टिक निकल रहा है। गली महोल्लों में कबाड़ी आवाज देकर सामान खरीदते उसको हम होलेसेल व्यापारियों को बेच देते उनका इसका कमिशन दिया जाता है।  शहर में कबाड़ जमा करनेवाले घूम रहे हैं। कबाड़ जमा करने के लिए सुबह ही यह कबाडी वाले शहर में घूमते हैं और थोक विक्रेता को कबाड़ की बिक्री करते हैं। दीपावली के कारण इस व्यवसाय में गति आ गई है। एक दिन में इस व्यवसाय से लाखों का कारोबारर हो रहा है। करीब 15 से 20 लाख रुपए का कारोबार हो रहा है।  ग्रामीण क्षेत्र में कबाड़ के बदले में बर्तन देकर भी यह व्यवसाय किया जाता है। एक कबाड़ी एक दिन में 50 से 100 किलो कबाड़ जमा करते हैं। <strong>-मोहम्मद शफीक, कबाड़ व्यवसायी</strong></p>
<p><strong>पुराना देकर नया लेना दीपावली पर ही संभव</strong><br />घर में सालभर में कई अनावश्यक सामान जमा हो जाता है। वो दीपावली की सफाई के दौरान ही निकलता है। अखबार की रद्दी, पुरानी किताबे काफी, प्लास्टिकी टूटे सामान लोहे स्टील, तांबा, पीपल की विभिन्न वस्तुए कबाड़ जमा हो जाती वो दीपावली पर ही निकलती है। दीपावली पर सफाई के साथ इन सामनों को बेचने से जो पैसे आते उससे नया आइटम खरीद लेते है घर पुराना कबाड़ हट जाता है।<br /><strong>- विमला बैरवा, निवासी पंचवटी नगर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Oct 2024 16:28:20 +0530</pubDate>
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                <title>क्यों ना आरओ और ईओ परीक्षा को कर दिया जाए रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[ याचिका में कहा गया कि भर्ती परीक्षा में आरपीएससी की ओर से प्रथम परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्नों को हूबहू दो घंटे बाद आयोजित दूसरी पारी में भी पूछ लिया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/why-not-cancel-the-ro-and-eo-exams/article-46857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/ro.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, आरपीएससी और प्रमुख यूडीएच सचिव को नोटिस जारी कर पूछा है कि परीक्षा में नकल होने और दूसरी पारी में कुछ प्रश्नों के रिपीट होने पर क्यों ना राजस्व अधिकारी व अधिशासी अधिकारी भर्ती, 2022 की परीक्षा को रद्द कर दिया जाए। जस्टिस सुदेश बंसल की एकलपीठ ने यह आदेश भारत सिंह मीणा की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता प्रेमचंद देवन्दा ने अदालत को बताया कि आरपीएससी ने राजस्व अधिकारी ग्रेड-द्वितीय और अधिशासी अधिकारी के पदों के लिए गत 14 मई को दो पारियों में लिखित परीक्षा आयोजित की थी। जिसमें करीब तीन लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। याचिका में कहा गया कि भर्ती परीक्षा में आरपीएससी की ओर से प्रथम परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्नों को हूबहू दो घंटे बाद आयोजित दूसरी पारी में भी पूछ लिया गया। जिसके चलते दूसरी पारी के अभ्यर्थियों को पहली पारी का प्रश्न पत्र का अध्ययन कर लेने से फायदा हो गया। ऐसे में दूसरी पारी के अभ्यर्थियों के पहली पारी के अभ्यर्थियों के मुकाबले अधिक अंक लाने की संभावना बढ गई है। आरपीएससी की ओर से बनाए गए इस दोषपूर्ण प्रश्न पत्र के चलते पहली पारी के अभ्यर्थियों को नुकसान होगा। याचिका में यह भी कहा गया कि परीक्षा के दौरान बीकानेर जिले में कई परीक्षा केन्द्रों पर गिरोह ने ब्लूटूथ डिवाइस से कई अभ्यर्थियों को नकल कराई गई। इसे लेकर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया है। ऐसे में परीक्षा संदेह के घेरे में आ गई है। याचिका में गुहार की गई है कि परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से नहीं होने के कारण इसे रद्द किया जाए और मामले की उचस्तरीय जांच कर पुन: परीक्षा आयोजित की जाए।  जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 May 2023 12:22:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेरोजगारों ने नियुक्ति आदेश जारी करने पर बीडी कल्ला का व्यक्त किया आभार </title>
                                    <description><![CDATA[बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति आदेश जारी करने पर चयनित अभ्यर्थियों ने आभार व्यक्त किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/unemployed-expressed-gratitude-of-bd-kalla-at-issue-appointment-order/article-42120"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/666-copy21.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के युवा बेरोजगारों ने शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला का उनके निवास पर आभार व्यक्त किया। बेरोजगारों ने अपनी अन्य मांगों को भी जल्द से जल्द पूरी करने की मांग मंत्री से की। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति आदेश जारी करने पर चयनित अभ्यर्थियों ने आभार व्यक्त किया। </p>
<p>शिक्षा मंत्री के सामने पीटीआई भर्ती परीक्षा का परिणाम जल्द जारी करवाने की भी मांग रखी, तब शिक्षा मंत्री ने कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा को फोन किया, तब बोर्ड अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि इसी महीने में पीटीआई भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Apr 2023 11:39:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हर साल बेरोजगारों की फौज खड़ी कर रही कोटा यूनिवर्सिटी</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा विश्वविद्यालय यूजीसी की गाइड लाइन की धज्जियां उड़ा रहा है। यहां पिछले 5 साल से प्लेसमेंट कैम्प नहीं लगाया गया। जबकि,विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट एंड काउंसलिंग सेल बनी हुई।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-university-is-creating-an-army-of-unemployed-every-year/article-37868"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/tt.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग की सबसे बड़ी कोटा यूनिवर्सिटी हर साल बेरोजगारों की फौज खड़ी कर रही है। यहां से पास आउट स्टूडेंट्स जॉब के लिए भटक रहे हैं। प्रोफेशनल डिग्री के बावजूद सैंकड़ों विद्यार्थी बेरोजगार हैं। यहां न तो विद्यार्थियों की काउंसलिंग की जाती है और न ही स्किल डवलपमेंट पर ध्यान दिया जा रहा। हालांकि, फीस लेकर डिग्री जरूर दी जा रही है। लेकिन, डिग्री के साथ उन्हें रोजगार के लायक नहीं बनाया जा रहा। दरअसल, कोटा विश्वविद्यालय यूजीसी की गाइड लाइन की धज्जियां उड़ा रहा है। यहां पिछले 5 साल से प्लेसमेंट कैम्प नहीं लगाया गया। जबकि,विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट एंड काउंसलिंग सेल बनी हुई, लेकिन इसके उद्देश्य सार्थक नहीं हो रहे।  </p>
<p><strong>5 साल से कैम्पस में नहीं लगा प्लेसमेंट कैम्प</strong><br />नाम न छापने की शर्त पर प्रोफेसर ने बताया कि वर्ष 2018 से कोटा यूनिवर्सिटी कैम्पस में प्लेसमेंट कैम्प नहीं लगाया गया और न ही किसी कम्पनी से समन्वय स्थापित किया। यहां हजारों बच्चे हर साल एकेडमिक से लेकर प्रोफेशनल  डिग्री के साथ पासआउट हो रहे हैं लेकिन उन्हें रोजगार दिलाने की दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। जबकि, विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट एंड काउंसलिंग बनी है। स्किल डवलपमेंट को लेकर भी कोई आयोजन नहीं करवाए  गए। हालांकि, साइंस व कॉमर्स से कुछ बच्चों को निजी कोचिंग में इंटरव्यू के लिए भेजा गया था। लेकिन वहां मूल विषय से हटकर कम्प्यूटर आॅपरेटर की जॉब थी। ऐसेमें विद्यार्थियों को मजबूरन जॉब छोड़नी पड़ी। </p>
<p><strong>रिसर्च आधारित एनवायरमेंट हो विकसित </strong><br />इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप छात्रों को तैयार करने के लिए पढ़ाई के समय ही उन्हें इंडस्ट्री की आवश्यकताओं से अवगत कराना बेहद आवश्यक है। जिसके लिए विश्वविद्यालय को अपने क्षेत्रों में संचालित विभिन्न कम्पनियों से समन्व्य स्थापित करने चाहिए। साथ ही क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस कर बच्चों को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। स्थानीय, राष्ट्रीय व वैश्विक मुद्दों के लिए यूनिवर्सिटी को रिसर्च आधारित एनवायरमेंट निर्मित करना चाहिए ताकि बच्चों को पढ़ाई के साथ रोजगार से जोड़ा जा सके। </p>
<p><strong>जेडीबी में मिला 95 छात्राओं को मिला रोजगार </strong><br />जेडीबी साइंस कॉलेज में गत 30 जनवरी को प्लेसमेंट कैम्प लगाया गया था। जिसमें प्रथम से तृतीय वर्ष की 607 छात्राओं ने पंजीयन करवाया था। जिसमें से 95 छात्राओं को जॉब के लिए कम्पनियों द्वारा आॅफर लेटर दिया गया। कॉलेज की प्लेसमेंट सेल के प्रयासों से बालिकाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार मिल सका। वहीं, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा में हाल ही में 3 फरवरी को रोजगार शिविर लगा, जिसमें 2 छात्रों को 3 से 4 लाख का पैकेज मिला।  सवाल यह है, जब कॉलेज बच्चों को रोजगार दिला सकते हैं तो विश्वविद्यालय क्यों दिला सकता। </p>
<p><strong>90 बच्चे हुए थे जॉब इंटरव्यू में फेल </strong><br />केमेस्ट्री से एमएससी कर रहीं ऊर्षा शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट कैम्प लगाना तो दूर, जॉब के लिए इंटरव्यू कैसे दिए जाएं, रिज्यूम कैसे तैयार किए जाते हैं, इंडस्ट्री की डिमांड क्या है इसकी जानकारी देने के लिए यहां कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र तो बना है लेकिन ट्रैनिंग नहीं  दी जा रही। वर्ष 2021 में एक निजी कोचिंग संस्थान में इंटरव्यू केलिए साइंस के 96 बच्चों को भेजा गया था, जिसमें से 90 बच्चे इंटरव्यू  में फेल  हो गए। हालांकि, 6 बच्चों का सलेक्शन हुआ लेकिन वह जॉब कम्प्यूटर आॅपरेटर की थी । जिसके चलते उनमें से कई विद्यार्थियों को नौकरी छोड़नी पड़ी। </p>
<p><strong>दो प्रोफेशनल डिग्री फिर भी बेरोजगार</strong><br />रेखा माहेश्वरी (परिवर्तित नाम) ने बताया कि वर्ष 2017 में कोटा यूनिवर्सिटी में बीएससी में एडमिशन लिया था। यूजी के बाद यहीं से हास्पिटल एडमिनेस्ट्रेशन में एमबीए किया। अब बिजनेस एंड एडमिनेस्ट्रेशन में एमबीए कर रही हूं। लगातार छह साल से यूनिवर्सिटी में रेगुलर स्टूडेंट हूं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस दरमियान एक बार भी प्लेसमेंट कैम्प नहीं लगवाया। वहीं, इंडस्ट्री विजिट भी नहीं करवाया। हमें खुद ही अपने स्तर पर रोजगार की तलाश करनी पड़ रही है। इधर, एमबीए स्टूडेंट पूर्वी खन्ना का कहना है, प्रोफेशनल डिग्री के बाद भी बेरोजगार घूम रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन भले ही कैम्प न लगाए लेकिन किन इंडस्ट्री में वैकेंसी है, इसकी तो सूचना देनी चाहिए। </p>
<p><strong>यूजीसी की गाइड लाइन की उड़ा रहे धज्जियां</strong><br />विश्वविद्यालय की स्थापना विद्यार्थियों के सर्वार्गिंण विकास के उद्देशय से की जाती है। स्कूल के बाद उच्च शिक्षण संस्थान ही वह स्थान है, जहां कॅरियर की दिशा तय होती है। क्वालिटी एजुकेशन देने के साथ छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करना भी विश्वविद्यालय का किरदार है। इसीलिए, विश्वविद्यालयों में छात्र कल्याण प्रकोष्ठ व प्लेसमेंट सेल गठित की जाती है। लेकिन, कोटा विश्वविद्यालय यूजीसी के नियमों का खुला उल्लंघन कर रहा है। यहां प्लेसमेंट सेल तो बनी है लेकिन लंबे समय से सक्रिय नहीं है। जबकि यूजीसी नियमों के अनुसार प्लेसमेंट सेल को सक्रिय रखना अनिवार्य है। पढ़ाई के साथ स्किल डवलपमेंट के लिए गेस्ट लेक्चचर करवाना होता है ताकि विद्यार्थी इंडस्ट्री की डिमांड के अनुरूप तैयार हो सके। लेकिन, विश्वविद्यालय में इस तरह के कोई प्रयास नहीं किए गए।</p>
<p><strong>यूनिवर्सिटी में संचालित हो रहे 30 कोर्स </strong><br />कोटा यूनिवर्सिटी में करीब 30 कोर्सज संचालित हो रहे हैं। इनमें 25 एकेडमिक, 3 डिप्लोमा तथा 1 सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं। हाड़ौती से हर साल बड़ी संख्या में एडमिशन लेते हैं। जिन्हें सिर्फ डिग्रीधारी बना रहे, नौकरी लायक बनाने पर विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। यूनिवर्सिटी द्वारा स्टूडेंट्स के बेहतर भविष्य के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। </p>
<p><strong>कुलपति ने न फोन अटैंड किया और न ही मैसेज का जवाब दिया</strong><br />खबर के सिलसिले में दैनिक नवज्योति ने कोटा विश्वविद्यालय की कुलपति निलिमा सिंह से उनके कार्यालय में मिलने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। इसके बाद  उन्हें फोन किया जो अटैंड नहीं किया। इसके बाद उन्हें मैसेज भी किया। उन्होंने मैसेज पड़ा लेकिन जवाब नहीं दिया। </p>
<p><strong>इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप हो कोर्सेज का संचालन</strong><br />एक तरफ जहां युवा आगे बढ़ने के सपने देख रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ अकेडमिक में दी जा रही शिक्षा और इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के बीच भारी अंतर के कारण उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सही दिशा में उठाया गया एक कदम युवाओं के जीवन में कई परिवर्तन ला सकता है । इसी को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय को डंडस्ट्री की मांग के अनुरूप एकेडामक मॉडल बनाकर कोर्सेज का संचालन करना चाहिए। यह प्रयास इंडस्ट्री की आवश्यकताओं व अकेडमिक शिक्षा के बीच अंतर कम कर सकता है। यूजीसी का प्रावधान है कि विश्वविद्यालय अपने क्षेत्रों में संचालित इंडस्ट्रीज से समनव्य स्थापित कर विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़े।  </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अक्टूबर 2019 में मैंने प्लेसमेंट एंड काउंसलिंग सेल के चेयरमैन का कार्यभार ग्रहण किया था। मार्च 2020 में कोरोना महामारी के कारण लोकडाउन लग गया था। इन दो सालों में कोई काम नहीं हुआ लेकिन वर्ष 2022 में हमने साइंस के 96 बच्चों को जॉब इंटरव्यू के लिए कुछ निजी कोचिंग संस्थाओं में भेजा था। जिसमें से 6 बच्चों का सलेक्शन हुआ था। हालांकि आर्ट्स के लिए कहीं से भी कोई रिक्वायरमेंट नहंी मिली, जिसकी वजह से उन्हें इंटरव्यू के लिए कहीं नहीं भेज पाए। वहीं, अक्टूबर 2022 में कार्यभार डॉ. नीलू चौहान को सौंप दिया। <br /><strong>- सौरभ दलेला, पूर्व प्लेसमेंट एंड काउंसलिंग सेल चेयरमैन, कोटा यूनिवर्सिटी</strong></p>
<p>यूजीसी गाइड लाइन के मुताबिक कॉलेज हो या विश्वविद्यालय, प्लेसमेंट सेल सभी जगह गठित की जाती है। जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन को स्थानीय कम्पनियों से समन्वय स्थापित कर उन्हें कैम्पस में स्टूडेंट्स के बीच आमंत्रित करना चाहिए। ताकि, कम्पनियों की एम्लोई से क्या अपेक्षाएं रहती हैं, इससे रुबरू हो सके। साथ ही कैम्पस में पर्सनलटी डवलपमेंट के प्रोग्राम आयोजित किए जाने चाहिए। जिससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास मजबूत होगा तो वह स्वयं के स्तर पर रोजगार के लिए एप्रोच कर सकेगा।<br /><strong>- डॉ. रघुराज सिंह परिहार, सहायक निदेशक कॉलेज आयुक्तालय</strong></p>
<p>वर्ष 2018 से कोटा यूनिवर्सिटी में प्लेसमेंट कैम्प नहीं लगाया गया। विवि प्रशासन डिग्रियां तो बांट रहा है लेकिन छात्रों को रोजगार से नहीं जोड़ रहा। विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ प्रैक्टिकल ट्रैनिंग भी दी जानी चाहिए। इंडस्ट्रीज की मांग के अनुरूप अपने व्यवसायी शिक्षा में बदलाव कर कम्पनियों से समन्वय स्थापित कर कैम्पस में प्लेसमेंट कैम्प लगाने चाहिए। हर साल हजारों छात्र डिग्री लेकर बेरोजगार घूमने को मजबूर हैं। जबकि, एमबीए, एमटेक, एमएसएसी, आर्ट्स के विद्यार्थी विवि प्रशासन से रोजगार दिलवाने की आस में एडमिशन लेते हैं लेकिन उन्हें रोजगार तो दूर उनकी स्किल ग्रूमिंग तक नहीं की जाती। <br /><strong>-अजय पारेता, छात्रसंघ अध्यक्ष कोटा विश्वविद्यालय</strong></p>
<p>हर कॉलेज व यूनिवर्सिटी में प्लेसमेंट सेल अनिवार्य है। छात्रों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में इस सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जॉब इंटरव्यू, बात करने का तरीका, रिज्यूम तैयार करना, बॉडी लेंग्वेज, ड्रेस कोर्ड व इंटरव्यू के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया जाता है। जिससे स्टूडेंट्स में आत्मविश्वास का लेवल बढ़ता है। हाल ही 3 फरवरी को हमने कॉलेज में कैम्प लगाया था। जिसमें 2 बच्चों को 3 से 4 लाख का पैकेज के साथ कम्पनी में चयन हुआ है। <br /><strong>-डॉ. सुमन शर्मा, प्लेसमेंट सेल संयोजक, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन करवाना प्लेसमेंट एवं काउंसलिंग सेल का काम है। यदि, यूनिवर्सिटी कैम्पस में प्लेसमेंट कैम्प नहीं लग रहे तो दिखवाया जाएगा। संबंधित डिपार्टमेंट से बात करेंगे। <br /><strong>- राजकुमार उपाध्याय, रजिस्ट्रार कोटा यूनिवर्सिटी</strong></p>
<p>किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान में बच्चों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्लेसमेंट सेल होना अनिवार्य है। यूजीसी की स्पष्ट गाइड लाइन है कि कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में प्लेसमेंट सेल होना और उसे सक्रिय रखना जरूरी है। वहीं, नेक की मान्यता के लिए भी संस्थान में प्लेसमेंट सेल के अलग से नम्बर काउंट होते हैं। कितने बच्चों को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराए, इसका भी रिकॉर्ड रखा जाता है। <br /><strong>- डॉ. संजय भार्गव, प्राचार्य जेडीबी साइंस कॉलेज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Feb 2023 14:45:13 +0530</pubDate>
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                <title>बेरोजगारों की बैठक में 18 मांगों पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[संस्कृत शिक्षा विभाग में भी नई कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती आएगी। संस्कृत शिक्षा विभाग के नए रूल्स को कार्मिक विभाग ने स्वीकृति दे दी है। पात्रता के बाद होने वाली शिक्षक भर्ती में 40 प्रतिशत की कोई बाध्यता नहीं होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/consensus-at-18-demands-in-the-meeting-of-the-unemployed/article-32486"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/q-12-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के बेरोजगारों का लंबा संघर्ष समाप्त होता नजर आ रहा है। बेरोजगारों के प्रतिनिधिमंडल की शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ शिक्षा संकुल में बैठक हुई, जिसम 18 मांगों पर सहमति बन गई, जबकि कुछ मांगों का निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाएगा। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन यादव ने बताया कि हमारी अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई है। कुछ मांगे लंबित हैं। सरकार सभी वादों को पूरा कर युवाओं को न्याय देगी।</p>
<p>संस्कृत शिक्षा विभाग में भी नई कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती आएगी। संस्कृत शिक्षा विभाग के नए रूल्स को कार्मिक विभाग ने स्वीकृति दे दी है। पात्रता के बाद होने वाली शिक्षक भर्ती में 40 प्रतिशत की कोई बाध्यता नहीं होगी। अगले बजट में शिक्षा विभाग में फर्स्ट ग्रेड, सेकंड ग्रेड, पीटीआई और लाइब्रेरियन सहित अन्य भर्तियों की घोषणा की जाएगी। इसके लिए जल्द ही सभी भर्तियों की सूचना प्राप्त कर के बजट घोषणा के लिए भर्तियों की सूचना सरकार को भेजी जाएगी। कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती का परिणाम जारी होते ही दस्तावेज सत्यापन के कार्य के साथ काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी प्राथमिकता के साथ जल्द करवाई जाएगी। इसके अलावा अन्य मांगों पर भी सहमति बनी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Dec 2022 11:44:11 +0530</pubDate>
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                <title>दो कामों तक सिमटी रोजगार गारंटी योजना </title>
                                    <description><![CDATA[योजना की शुरुआत में बड़ी संख्या में शहरी बेरोजगारों ने योजना में पंजीयन तो करवा लिया। उनके जॉब कार्ड भी बन गए। नगर निगम ने जब बेरोजगार श्रमिकों को काम बताए तो अधिकतर का यही कहना था कि वे न तो नाली साफ करेंगे और न ही मुक्तिधाम व कब्रिस्तानों में घास कटाई का।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/employment-guarantee-scheme-limited-to-two-works/article-30144"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/do-kaamo-tak-simti-rozgar-garantee-yojna..kota-news-19.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । राज्य सरकार ने शहरी बेरोजगारों व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने की योजना तो बना दी। लेकिन कोटा में नगर निगम द्वारा चिन्हित किए गए कामों में से अधिकतर काम तो योजना में आने वाले श्रमिक करना ही नहीं चाहते। जिससे यह योजना दो कामों तक ही सिमट कर रह गई। राज्य सरकार ने प्रदेश में 9 सितम्बर को इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योेजना शुरू की। लेकिन कोटा में इस दिन अनंत चतुर्दशी का जुलूस होने से इसे अगले दिन 10 सितम्बर को लॉच किया गया। योजना में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण ने 18 कामों की सूची तैयार की। जिनमें वार्डों में नालियां साफ करने, झाडू लगाने, शहर के मुक्तिधाम व कब्रिस्तानों में घास कटाई करना और सम्पति विरूपण के तहत सार्वजनिक स्थानों पर लगे पोस्टर व विज्ञापन सामम्री को हटाने समेत कई काम शामिल थे। </p>
<p><strong>शुरुआत से ही श्रमिकों की संख्या कम रही</strong><br />योजना की शुरुआत में बड़ी संख्या में शहरी बेरोजगारों ने योजना में पंजीयन तो करवा लिया। उनके जॉब कार्ड भी बन गए। लेकिन जब काम करने की जानकारी मिली तो अधिकतर काम पर ही नहीं आए। शुरूआत में गिनती के ही श्रमिक काम पर आए थे। </p>
<p><strong>पखवाड़े की बन रही मस्टररोल</strong><br />निगम द्वारा श्रमिकों से काम करवाने के लिए हर 15 दिन के पखवाड़े के हिसाब से मस्टररोल बनाई जा रही है। जिसमें हर परिवार के एक सदस्य को 100 दिन का रोजगार देना है। लेकिन सरकार की इस योजना में कई पेचीदगियां होने से योजना अभी तक भी पूरी तरह से लागू नहीं हो सकी है। </p>
<p><strong>श्रमिक नहीं करना चाह रहे कई काम</strong><br />नगर निगम ने जब बेरोजगार श्रमिकों को काम बताए तो अधिकतर का यही कहना था कि वे न तो नाली साफ करेंगे और न ही मुक्तिधाम व कब्रिस्तानों में घास कटाई का। इसका कारण यहां अनचाहा डर सता रहा है। विज्ञापन हटाने में  पहले लगे हुए पोस्टर का फोटो लेना व बाद में साफ का लेना और फिर उसे अपलोड करना समेत कई समस्याएं आने लगी। साथ ही अधिकतर श्रमिक अपने घर से दूर जाकर काम करने को तैयार नहीं हुए। जबकि निगम द्वारा जहां काम होगा वहीं श्रमिकों को लगाया जा रहा था। लेकिन आने-जाने में किराया अधिक लगने से लोगों ने जाने से ही इनकार कर दिया।</p>
<p><strong>मजदूरी आधी तो नहीं करना चाह रहे काम</strong><br />शहर में बेरोजगार अधिक होने के बाद भी लोग काम करने को तैयार नहीं है। योजना के तहत सरकार द्वारा दैनिक मजदूरी 259 रुपए तय की गई है। इस राशि में श्रमिक काम ही नहीं करना  चाह रहे। जानकारी के अनुसार श्रमिकों को खुली मजदूरी करने पर रोजाना 400 से 500 रुपए मिल रहे हैं। ऐसे में सरकार से आधी मजदूरी मिलने पर लोग बेरोजगार रहना पसंद कर रहे हैं लेकिन काम करना नहीं। </p>
<p><strong>ये पेचीदगियां बनी परेशानी</strong><br />योजना में बेरोजगार श्रमिकों का पंजीयन करते समय उनके आधार कार्ड के हिसाब से उनका नाम पता नोट किया। परिवार के एक सदस्य का मोबाइल नम्बर नोट कर लिया। जबकि अब यह समस्या आ रही है कि आधार कार्ड में पुराने वार्ड नम्बर हैं लेकिन परिसीमन के बाद नए वार्ड बनने से वार्ड ही बदल गए। साथ ही  पंजीयन में उस परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल नम्बर मांगे जा रही है। जिसमें निगम अधिकािरयों को दोबारा से मशक्कत करनी पड़ रही है। हालत यह है कि नगर निगम कोटा उत्तर के 70 व कोटा दक्षिण के 80 वार्डों में से गिनती के ही वार्डों में इस योजना के तहत काम हो रहे हैं। लेकिन वहां भी मात्र 50 फीसदी ही श्रमिक काम कर रहे हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> सरकार ने अच्छी सोच के साथ योजना लागू की है। बेरोजगारों को रोजगार देना चाहती है। लेकिन अधिकतर लोग शिक्षित होने से न तो नालियां साफ करना चाह रहे हैं और न ही मुक्तिधाम व कब्रिस्तानों में घास कटाई। घर से दूर जाने के लिए भी अधिकतर लोग तैयार नहीं हैं। ऐसे में निगम द्वारा वर्तमान में मात्र दो ही काम करवाए जा रहे हैं। जिनमें एक सड़क किनारे के गार्डनों की घास कटाई और दूसरा नहरों से कचरा साफ करने का काम कराया जा रहा है। गत दिनों समस्या समाधान के लिए शिविर का भी आयोजन किया गया था। <br /><strong>- प्रेम शंकर शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम कोटा उत्तर/दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Nov 2022 15:31:40 +0530</pubDate>
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                <title>आखिर क्यों और कैसे हो रहे हैं भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार की तमाम सुरक्षा के बावजूद भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होना बेरोजगार युवाओं के साथ अन्नाय है। पेपर लीक होने से जहां परीक्षा कराने वाली एजेंसी या बोर्ड को नुकसान होता है वहीं, अभ्यर्थियों का कॅरियर भी दांव पर लग जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/after-all--why-and-how-are-paper-leaks-of-recruitment-exams-happening/article-29808"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/aakhir-kyo-aur-kaise-ho-rahe-hai-bharti-parikshao-ke-paper-leak...kota-news-16.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाल ही वन रक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई।  राजस्थान में  पेपर लीक होने से भर्ती परीक्षाएं रदद होना आम हो गया है।  बड़ी बड़ी कई प्रतियोगी परीक्षाएं रदद हो चुकी है। नेटबंदी से लेकर जैमर तक लगवाए सुहाग की निशानियां उतरवाई, कपड़े जूते तक नहीं पहनने देते, मोबाइल घड़ी और अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण परीक्षा में नहीं ले जा सकते, परीक्षा से पूर्व भारी सख्ती दिखाई जाती है। इसके बावजूद नकल गिरोह पेपर आउट करवाने में कामयाब हो जाते हैं। इससे सरकार को तो लाखों करोड़ों का नुकसान उठाना ही पड़ता है। परीक्षार्थियों को भी भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ता है। आखिर इस समस्या  समस्या का समाधान क्या है। इस मुद्दे को लेकर नवज्योति ने विषय विशेषज्ञोंं से बातचीत की। तो निषकर्ष निकल कर आया कि सरकार को कम्प्यूटर बैस परीक्षा करवानी चाहिए। </p>
<p><strong>जिंदगी-मौत का सबब बन जाती है</strong><br />सरकार की तमाम सुरक्षा के बावजूद भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होना बेरोजगार युवाओं के साथ अन्नाय है। पेपर लीक होने से जहां परीक्षा कराने वाली एजेंसी या बोर्ड को नुकसान होता है वहीं, अभ्यर्थियों का कॅरियर भी दांव पर लग जाता है। एक तरफ फीस भरने से लेकर परीक्षा केंद्र पर पहुंचने तक उन पर आर्थिक भार पड़ता है, वहीं मानसिक तौर पर भी उन्हें परेशानी होती है। साथ ही समय और तैयारी का भी नुकसान झेलना पड़ता है। इतना ही नहीं, अभ्यर्थी की उम्र सीमा समाप्त हो रही हो, तो ऐसे उम्मीदवारों के लिए परीक्षा रदद होना जिंदगी-मौत का सबब बन जाती है। प्रदेश में कई युवा पेपर लीक होने के बाद सुसाइड तक कर चुके हैं। वहीं, कई जने अवसाद में चले गए। नकल गिरोह के कारण भर्ती परीक्षाओं का पूरा कैलेंडर ही गड़बड़ा जाता है। एग्जाम सेंटरों पर हाई सिक्योरिटी इंतजाम होने के बावजूद पर्चा आउट होने पर प्रशासन की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p><strong>माफियाओं के आगे बेअसर एंटी चीटिंग कानून </strong><br />26 सितंबर 2021 को रीट भर्ती की परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद राज्य सरकार ने 23 फरवरी 2022 को प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट होने से रोकने और माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए एंटी चीटिंग कानून बनाया था। जिसके तहत परीक्षा में नकल गिरोह के पकड़े जाने पर 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नकल गिरोह में शामिल आरोपियों की प्रोपर्टी भी सीज की जाएगी। चीटिंग करने या कराने वाले पर कम से कम 10 लाख से 10 करोड़ का जुमार्ना लगोगा का प्रावधान है। परीक्षा में नकल करते पाए जाने पर कम से कम 3 साल की सजा और अपराध की गंभीरता को देखते हुए सजा की अवधि 10 साल की जा सकती है। एक लाख रूपए का जुर्माना का प्रावधान है। वहीं, स्कूल-कॉलेज से लेकर हर परीक्षा  दो साल तक परीक्षा नहीं दे सकेगा। इसके अलावा नकल गिरोह की सम्पत्तियां भी सीज किया जाना भी शामिल है। </p>
<p><strong>कई परीक्षाएं हो चुकी रद्द</strong><br />प्रदेश में पिछले 4 साल में कई सरकारी भर्ती परीक्षा रदद की जा चुकी हैं। इनमें रीट, आरएएस, कांस्टेबल, पटवारी, लाइब्रेरियन, जेईएन जैसी कई परीक्षाएं शामिल हैं। एक बार फिर वनरक्षक भर्ती परीक्षा कैंसिल होने के बाद सरकारी सिस्टम सवालों के घेरे में है। ताज्जुब की बात यह है कि राज्य ने ऐसे मामले रोकने के लिए एक नया कानून भी बनाया फिर भी मामले नहीं थम रहे। लगातार हो रही घटनाओं से सरकारी सिस्टम में भ्रष्टाचार की जड़ें किस हद तक जम चुकी है, इसकी बानगी नजर आती है।  </p>
<p><strong>अब तक ये परीक्षाएं हो चुकी रद्द  </strong><br /><strong>वनरक्षक भर्ती :  </strong>वनरक्षक सीधी भर्ती परीक्षा के द्वितीय पारी का पेपर 12 नवम्बर 2022 को लीक हो गया। इस पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने परीक्षा रद्द कर दी। लाखों अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा का दो साल से इंतजार किया था।<br /><strong>कांस्टेबल भर्ती :</strong> पुलिस कांस्टेबल भर्ती गत मई 2022 में हुई थी। इसका पेपर भी लीक हुआ था। पेपर 14 मई की दूसरी पारी का प्रश्न पत्र आखिरकार खुद पुलिस ने रद्द कर दिया। प्रदेश के ढाई लाख से अधिक अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। <br /><strong>रीट भर्ती:</strong> राजस्थान बोर्ड ने 26 सितंबर 2021 को परीक्षा आयोजित की थी। 16 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। 26 लाख ने आवेदन किया था। जांच में पता लगा था कि तीन दिन पहले ही सेंटर से ही पेपर आउट कर दिया गया। इंटरनेट बंद होने के बावजूद पेपर डेढ़ घंटे पहले ही लोगों के मोबाइल में पहुंच चुका था। 25 अधिकारी व कर्मचारी सस्पेंड किए गए। 80 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए थे। आखिरकार ये पेपर आरोपियों के हाथ कैसे और किसने पहुंचाया वह मुख्यसूत्रधार का पता नहीं चला। <br /><strong>पटवारी भर्ती: </strong>कर्मचारी चयन बोर्ड ने 5378 पदों के लिए 23 व 24 अक्टूबर 2021 को परीक्षा कराई थी। डमी अभ्यर्थी बैठकर नकल कराने के मामले सामने आए। भर्ती में 50 से ज्यादा गिरफ्तारी हुई। भर्ती को लेकर काफी विवाद हुए थे। इसमें 15 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।<br /><strong>जेईएन भर्ती: </strong>कर्मचारी चयन बोर्ड ने 533 पदों के लिए परीक्षा आयोजित कराई थी। 6 दिसम्बर 2020 को पेपर आउट होने पर रद्द कर दी गई। तब 12 सितम्बर को दोबारा से परीक्षा आयोजित कराई थी। भर्ती के लिए 58 हजार आवेदन हुए थे।<br /><strong>लाइब्रेरियन भर्ती:</strong> कर्मचारी चयन बोर्ड ने 700 पदों के लिए 29 दिसम्बर 2019 को परीक्षा कराई थी। दो घंटे पहले ही पेपर आउट हो गया था। बोर्ड ने पेपर को आउट माना। दोबारा से 19 सितम्बर 2020 को परीक्षा कराई गई थी।</p>
<p><strong>आखिरी शख्स तक पहुंचे जांच</strong><br />- परीक्षार्थियों को कड़ी मेहनत करने के बाद भी मानसिक, शैक्षणिक व आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।<br />-लीक पेपर के प्रत्येक मामले में कुछ दोषियों को गिरफ्तार किया जाता है लेकिन उनको पेपर उपलब्ध करवाने वाले आखिरी शख्स को पकड़कर बेनकाब किया जाना चाहिए।  <br />- आॅफलाइन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्रत्येक परीक्षा केंद्र के स्ट्रांग रूम में या पुलिस थानों में रखे जाते हैं, जहां पुलिस तैनात होती है। लीक होने पर तत्काल जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाए।  <br />- प्रत्येक परीक्षा के लिए जो शिक्षक पेपर तैयार करते हैं, प्रश्नपत्र लीक हो जाने पर उनकी भी जांच की जाए। <br />- जेईई-मेन, एडवांस्ड या नीट प्रवेश परीक्षाआें की तरह परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के साथ डिजिटल वस्तुओं को प्रतिबंधित किया जाए। </p>
<p><strong>पेपर बनाने से एग्जाम लेने तक के सिस्टम पर उठे सवाल</strong><br />प्रिटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्रों तक नकल माफिया बेरोजगार युवाओं को छलने का काम कर रहे हैं। रीट, पटवारी, जेईएन, लाइब्रेरी, कांस्टेबल, वनरक्षक भर्ती परीक्षा रदद हो गई। एक के बाद एक पेपर आउट होने से सरकार के पेपर बनाने से लेकर परीक्षा लेने तक के सिस्टम पर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो गए। वहीं, सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली भर्ती परीक्षाओं की गोपनीयता भंग हो गई। आंकड़ों की बात करें तो पिछले चार साल में करीब एक दर्जन से अधिक परीक्षाएं रदद हो चुकी है।  </p>
<p><strong>नेट बंदी से लेकर जैमर तक लगवाए फिर भी पेपर आउट</strong><br />वर्ष 2021 में रीट परीक्षा के दौरान सरकार ने नेटबंदी करने का फैसला लिया था, जो कारगर नहीं रहा। बल्कि आमजन को को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद गत मई माह में 4438 पदों के लिए हुई कांस्ट ेबल परीक्षा  प्रदेश के सभी जिलों में 13 से 16 मई तक दो-दो पारियों में आयोजित हुई। इस दौरान परीक्षा में नकल रोकने के लिए नेटबंदी की बजाए जैमर लगाए गए। लेकिन इसके बावजूद जयपुर के झोटवाड़ा में गत 16 मई को परीक्षा की दूसरी पारी के दैरान एक स्कूल से पेपर लीक हो गया। जबकि, इस पारी में पौने तीन लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इस मामले में जयपुर, भतरपुर, झूंझुनूं सहित कई जिलों से 20 से आरोपियों को पुलिस ने गिरफतार किया था। लेकिन आज तक पुलिस सूत्रधार की गिरेबां पर हाथ नहीं डाल सके।</p>
<p><strong>एक स्टूडेंट का एक परीक्षा पर कम से कम 40 से 60 हजार का खर्चा  </strong><br />को्चिंग संस्थानों से जुड़े शिक्षकों ने बताया कि एक स्टूडेंट एक भर्ती परीक्षा की तैयारी में कम से कम 40 से 60 हजार रुपए खर्च करता है। जबकि, आईएएस, आरएएस, आरजेएस सहित बड़ी परीक्षाओं की तैयारी में डेढ़ से दो लाख तक खर्चा होता है। इन परीक्षाओं की बदौलत बोर्ड करोड़ों रुपए कमाता है। जिससे सरकार का खजाने में जमकर धन बरसता है। फिर भी पर्चा आउट होने के कारण भर्ती रदद के बाद अभ्यर्थियों के साथ छलावा ही हुआ है। उन बेरोजगार के साथ जो घर से दूर छोटे-छोटे कमरों में कई सालों से तैयारी कर रहे हैं। उनके किताबें, किराए के कमरे से लेकर खाने-पीने, परीक्षा फॉर्म से लेकर सैंकड़ों किमी दूर परीक्षा देने तक लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं। इतना त्याग के बावजूद विद्यार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है। </p>
<p><strong>सुहाग की निशानी उतरवा रहे फिर भी पेपर आउट</strong><br />परीक्षा के नाम पर महिलाओं के गहने, सुहाग की निशानी और साड़ियां तक उतरवाई जा रही हैं, तो वहीं लड़कों को बनियान में परीक्षाएं दिलवाई गईं। इतना ही नहीं मन्नती धागों पर भी कैचियां चलाई। इसके बावजूद पेपर आउट होने का सिलसिला और फर्जीवाड़ा  थमने का नाम नहीं रहा है। जबकि, नकल रोकने के लिए सरकार की तमाम मशीनरी एक साथ लगती है, फिर भी पेपर आउट होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। </p>
<p><strong>अभ्यर्थियों की जुबानी </strong></p>
<p><strong>मानसिक, शारीरिक व आर्थिक आघात से गुजरे</strong><br /> दो साल से वनरक्षक भर्ती की तैयारी कर रहा था। पेपर देने के बाद नौकरी लगने की उम्मीद थी। लेकिन जैसे ही पेपर लीक होने की सूचना मिली तो मानसिक आघात पहुंचा। वर्षों की मेहनत एक ही झटके में ही बर्बाद हो गई।  अब शारीरिक, मानसिक व आर्थिक <br />रूप से परीक्षा तैयारी करने की हिम्मत नहीं बची। <br /><strong>-शिवम नायक, वनरक्षक अभ्यर्थी</strong></p>
<p> तीन साल पेपर की खूब तैयारी की। कोचिंग से लेकर किताबें, मॉडल पेपर सहित अन्य मेटेरियल के लिए काफी पैसा खर्च किया। वर्ष 2021 में रीट का पेपर दिया लेकिन भर्ती परीक्षा रद्द हो गई। इससे शारीरिक, मानसिक व आर्थिक नुकसान हो गया। हालांकि अब फिर से पेपर की तैयारी कर रहा हूं लेकिन पेपर आउट होने का डर सताता है। <br /><strong>-अजय कुशवाह, रीट अभ्यर्थी</strong></p>
<p> गत वर्ष रीट भर्ती के लिए जी-जान से मेहनत की थी। आखिर में भर्ती परीक्षा रद्द हो गई। तैयारी में तीन साल लगाए थे, इससे तो अच्छा यह होता की कोई टेक्निकल कोर्स कर लेता। कम से कम एक साल बाद नौकरी तो कर कुछ पैसा कमा पाते। सरकार की लचर व्यवस्था से नकल गिरोह के हौसले बुलंद है। लगातार भर्ती परीक्षा रद्द होना बेरोजगारों के साथ भद्दा मजाक है। <br /><strong>-सुरेश नायक, रीट अभ्यर्थी </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> एग्जाम सेंटर पर पेपर को 20 से 25 मिनट पहले ही खोला जाना चाहिए। राजसमंद में डेढ़ घंटे पहले ही खुल गया था, जो गलत है। एग्जाम से जुड़े किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को मोबाइल साथ रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। <br /><strong>-ओम प्रकाश बुनकर, जिला कलक्टर</strong></p>
<p><strong>जांच का दायरा बढ़ाना चाहिए</strong><br /> प्रतिवर्ष प्रदेश में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में सरकार को एक मॉनिटरिंग टीम गठित करना चाहिए जो गहराई से निष्पक्ष जांच करें और एग्जाम से जुड़े हर आॅफिसर से लेकर कर्मचारी तक की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। क्योकि, एक परीक्षा में पेपर लीक हो जाने से लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो जाता है। वे परीक्षा शुल्क जमा करके पेपर देने जाते हैं, ऐसे में भर्ती रदद होना  उनके साथ अन्याय है। पेपर की सुरक्षा में सेंध कब और कैसे लगा दी जाती है, इस दिशा में जांच का दायरा बढ़ाना चाहिए।<br /><strong>-डॉ. रघुराज सिंह परिहार, सहायक निदेशक शिक्षा आयुक्तालय</strong></p>
<p><strong>आॅनलाइन मोड पर करवाएं परीक्षा</strong><br /> दुनिया के विकसित देशों की तर्ज पर सरकार को भर्ती परीक्षा आॅनलाइन मोड पर कई चरणों में करवाई जानी चाहिए। जिस तरह आईबीपीएस या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी भारत में अन्य राष्ट्रीय स्तर की  प्रतियोगिताएं आयोजत करवा रहे  है। साथ ही सरकार को संभाग व जिले स्तर पर आॅनलाइन एग्जामिनेशन सेंटर स्थापित करने चाहिए ताकि आॅनलाइन परीक्षा कम समय और कम मैन पावर में पूरी हो सके। वहीं, सरकार अन्य राज्य के परीक्षार्थियों का परीक्षाओं में कोटा भी फिक्स करना चाहिए जिससे पेपर लीक करने वाली गैंग की सक्रियता समाप्त हो सके।<br /><strong>-डॉ. अनुज विलियमस, एसोसिएट प्रोफेसर राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय </strong></p>
<p> राजस्थान में उच्च-स्तरीय एवं संवैधानिक नोडल एजेंसी का निर्माण हो, जिसका कार्य सिर्फ परीक्षाओं का आयोजन, प्रश्न पत्रों का निर्माण एवं परीक्षा परिणाम जारी करना हो। यह एजेंसी अधिकारियों-कर्मचारियों का चयन के लिए परीक्षा लेगी लेकिन यह जाहिर नहीं करें कि किस विभाग में नियुक्ति के लिए प्रवेश परीक्षा होगी और कितने पद रिक्त हैं। राज्य के विभिन्न विभाग अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों की संख्या से नोडल एजेंसी को अवगत कराएं। प्रारंभिक परीक्षा, फाइनल परीक्षा एवं इंटरव्यू,तीन स्तरों के आधार पर चयन होने के कारण अपराधी निरूत्साहित होंगे क्योंकि इतने स्थानों पर भ्रष्टाचार को मैनेज करना आसान नहीं होगा। अपराधियों के निरुत्साहित होते ही पेपर लीक की प्रक्रिया स्वत: ही समाप्त हो जाएगी।<br /><strong>-देव शर्मा, एजुकेशन एक्सपर्ट</strong></p>
<p><strong>जेईई-मेन पेटर्न पर हो परीक्षा</strong><br /> प्रतियोगी परीक्षाएं करवाने वाली विभिन्न एजेंसियां जेईई-मेन, एडवांस्ड व नीट-यूजी का एग्जाम करवाने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरह आॅनलाइन मोड पर परीक्षाएं करवाएं। इस व्यवस्था से जहां नकल गिरोह से मुक्ति मिलेगी वहीं, सरकारी मशीनरी की मशक्कत कम होने के साथ पैसा भी बचेगा। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आॅनलाइन एग्जाम के लिए इंफ्रास्ट्रेक्चर मौजूद है। स्कूल, कॉलेज, कॉचिंग व कई संस्थाएं कम्प्यूटर लैब है। <br /><strong>-नरेंद्र जैन, कम्प्यूटर विभागाध्यक्ष, राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज</strong></p>
<p>परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारी व कर्मचारियों में मोरल होना चाहिए। पेपर से जुड़ी एजेंसियों की जवाबदारी तय की जानी चाहिए। साथ ही पेपर लीक करने वाले गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि उनमें कानून का डर बना रहे। इसके अलावा एंटी चिटिंग कानून को प्रभावी ढंग से अमल में लाया जाना चाहिए। परीक्षाओं को आॅनलाइन मोड पर की जानी चाहिए। <br /><strong>-डॉ. जयंत विजयवर्गीय, प्राचार्य गवर्नमेंट साइंस कॉलेज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Nov 2022 13:08:15 +0530</pubDate>
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                <title>बेरोजगारों ने मांगों को लेकर बीडी कल्ला को दिया ज्ञापन </title>
                                    <description><![CDATA[महासंघ के अध्यक्ष के उपेन यादव ने कहा कि ज्ञापन में शामिल सभी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/unemployed-give-memorandum-of-bd-kalla-about-demands/article-29295"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/b.d-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के बैनर तले बेरोजगारों ने मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला को ज्ञापन दिया। महासंघ के अध्यक्ष के उपेन यादव ने कहा कि ज्ञापन में शामिल सभी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई है। यादव ने कहा कि अध्यापक भर्ती लेवल 2 में 6 हजार पद कम किए गए है। बेरोजगारों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग में हजारों पद अभी भी रिक्त है। इसलिए रीट लेवल एक में बिना पद कम किए अध्यापक भर्ती लेवल 2 में पद बढ़ाएं। इसके अलावा प्रयोगशाला सहायक, पुस्तकालयाध्यक्ष और पीटीआई भर्ती का दस्तावेज सत्यापन का शेड्यूल भी जल्द जारी करने की मांग की गई है।</p>
<p>बेरोजगारों ने कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती का परिणाम भी जारी कर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने और नियुक्ति के बाद सभी पदों को भरने की मांग की। संस्कृत विभाग में नई कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती की विज्ञप्ति जारी कर युवाओं को राहत प्रदान की जाए। रीट प्रमाण-पत्र जारी करवाने के साथ-साथ अध्यापक भर्ती परीक्षा की विज्ञप्ति जल्द जारी करने की भी मांग भी ज्ञापन में शामिल है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Nov 2022 15:18:06 +0530</pubDate>
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                <title>युवा बेरोजगारों का सत्याग्रह जारी, काली दीपावली मनाकर व्यक्त किया विरोध </title>
                                    <description><![CDATA[साबरमती आश्रम में गांधी की प्रतिमा के सामने 5 काले दीपक जलाएं। काली दीपावली मनाकर विरोध व्यक्त किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/satyagraha-of-youth-unemployed-expressed-opposed/article-27709"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/untitled-1-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। युवा बेरोजगारों की विभिन्न मांगों को लेकर गुजरात में अहमदाबाद में 23 दिन से युवा बेरोजगारों का सत्याग्रह जारी है। साबरमती आश्रम में गांधी की प्रतिमा के सामने 5 काले दीपक जलाएं। काली दीपावली मनाकर विरोध व्यक्त किया। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा कि सैकड़ो युवा बेरोजगार अहमदाबाद में बिना खाए काली दिवाली मना रहे है, जब तक मुख्यमंत्री से युवा बेरोजगारों के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत होकर समस्याओं का निस्तारण नहीं हो जाता , तब तक गुजरात से राजस्थान नहीं आएंगे और लड़ाई लड़ेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Oct 2022 15:31:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने स्वायत्त शासन विभाग का किया घेराव</title>
                                    <description><![CDATA[बेरोजगार मांग कर रहे है कि फायरमैन भर्ती के प्रैक्टिकल फिजिकल की तिथि जारी करने के साथ ही डीएलबी में नई भर्तियां निकाली जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/unemployed-unified-federation-besieged-the-department-of-autonomous-government/article-20332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/q-3-copy4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने स्वायत्त शासन भवन का घेराव किया। प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में बेरोजगारों ने नारे लगाए और भवन का घेराव किया। बेरोजगार मांग कर रहे है कि फायरमैन भर्ती के प्रैक्टिकल फिजिकल की तिथि जारी करने के साथ ही डीएलबी में नई भर्तियां निकाली जाए। </p>
<p>इसके बाद यादव के नेतृत्व में 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की भर्ती प्रभारी कविता चौधरी से बातचीत हुई। उन्होंने इसी माह प्रैक्टिकल की तिथि का शेड्यूल जारी करने का आश्वासन दिया। यादव ने बताया कि 4 सितम्बर तक तिथि जारी नहीं हुई, तो 5 को स्वायत शासन विभाग के के बाहर महापड़ाव डालेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Aug 2022 10:35:27 +0530</pubDate>
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                <title>भाजपा ने बिहार को बनाया सबसे अधिक बेरोजगारों वाला प्रदेश : तेजस्वी</title>
                                    <description><![CDATA[यादव ने कहा कि भाजपा गठबंधन की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद सतत विकास के हर सूचकांक में बिहार फिसड्डी साबित हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjp-has-made-bihar-the--unemployed-state--says-tejashwi/article-17090"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/465465465187.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने देश के सबसे युवा प्रदेश बिहार को सबसे अधिक बेरोजगारों वाला राज्य बना दिया है। यादव ने कहा कि भाजपा गठबंधन की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद सतत विकास के हर सूचकांक में बिहार फिसड्डी साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि तथाकथित केंद्र की डबल इंजन सरकार का इंजन बिना ईंधन गैराज में खड़ा कबाड़ हो चुका है तथा प्रदेश के विकास को बेपटरी कर दिया है।</p>
<p>राजद नेता ने कहा कि यह विडंबना ही है कि 15 लाख रुपए हर भारतीय के खाते में, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा एवं प्रतिवर्ष दो करोड़ नौकरियां देने का वादा करके वर्ष 2014 में सत्ता में आई भाजपा सरकार ने देश के सबसे युवा प्रदेश बिहार को सबसे अधिक बेरोजगारों वाला राज्य बना दिया। 2 करोड़ नौकरियों की वादाखिलाफ़ी के बावजूद भी इन्होंने वर्ष 2020 में बिहार के युवाओं को 19 लाख नौकरियों का वादा किया और फिर विश्वासघात किया। उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद भी इन्होंने सेना की भर्तियों में ठेके पर अग्निपथ योजना लागू कर युवाओं को धोखा दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 Jul 2022 16:16:10 +0530</pubDate>
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