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                <title>Environment Policy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Environment Policy RSS Feed</description>
                
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                <title>दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने किया नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र और वायु रक्षक वाहनों का शुभारंभ, कहा-राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण सर्वोच्चा प्राथमिकता</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र और 35 वायु रक्षक वाहन लॉन्च किए, प्रदूषण नियंत्रण को राजधानी की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। सरकार प्रतिबद्ध है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-cm-rekha-gupta-inaugurated-new-air-quality-monitoring-center/article-142469"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(16)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों और 35 वायु रक्षक वाहनों का लोकार्पण किया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने एक साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है और उनकी राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है।</p>
<p>उन्होंने दिल्ली सचिवालय में कहा कि पर्यावरण विभाग द्वारा स्थापित किए गए छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र मौजूदा कमियों को दूर करने और पूरे शहर में वायु गुणवत्ता की बेहतर निगरानी करने में मदद करेंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या 40 से बढ़ाकर 46 हो गई है और आने वाले दिनों में 14 और केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार राजधानी में प्रदूषण को कम करने एवं वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए चौबीसों घंटे और 365 दिन काम कर रही है।</p>
<p>इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और पर्यावरण मंत्री ने 35 वायु रक्षक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के 100 इंजीनियरों की एक टीम संचालित करेगी।</p>
<p>अधिकारियों ने कहा कि वायु रक्षक वाहन दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में संचालित होंगे और प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 15:50:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस का हल्ला-बोल, नई परिभाषा में अरावली का संरक्षण संभव नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[जयराम रमेश ने अरावली की नई परिभाषा को "खनन माफिया के अनुकूल" बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 100 मीटर की ऊंचाई वाली शर्त से 90% पर्वत श्रृंखला असुरक्षित हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congresss-uproar-conservation-of-aravalli-is-not-possible-in-the/article-137159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/congress-on-aravalli-hills.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने अरावली पर्वत श्रृंखलाओं के संरक्षण के लिए नयी परिभाषा को सरकार की इस क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित रणनीति करार दिया और कहा कि इससे जर्जर हो चुके इस क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत नहीं किया जा सकता है।</p>
<p>कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि अरावली को लेकर सरकार जो कदम उठा रही है वह अरावली को बचाने के लिए लाभकारी नहीं, बल्कि वह खनन माफिया के अनुकूल है और इससे ज्यादा सक्रिय होकर वे अरावली में खनन कर पारस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाएंगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, केंद्र सरकार अब केवल उन्हीं अरावली पर्वतमालाओं की रक्षा करने जा रही है जिनकी ऊंचाई 100 मीटर से अधिक है। भारतीय वन सर्वेक्षण के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अरावली पर्वतमाला का केवल 8.7 प्रतिशत भाग ही 100 मीटर से अधिक ऊंचा है। इसका अर्थ है कि अरावली पर्वतमाला का 90 प्रतिशत से अधिक भाग नई पुनर्परिभाषा के अंतर्गत संरक्षित नहीं होगा और खनन, रियल एस्टेट और अन्य गतिविधियों के लिए खोला जा सकता है, जिससे पहले से ही जर्जर हो चुके पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक नुकसान पहुंचेगा।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार के इस कदम से स्पष्ट और सरल सत्य सामने आया है और इसे छिपाया नहीं जा सकता। यह पारिस्थितिकीय संतुलन पर केंद्र सरकार के सुनियोजित हमले का एक और उदाहरण है, जिसका मकसद प्रदूषण मानकों में ढील, पर्यावरण और वन कानूनों को कमजोर करना, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण और पर्यावरण प्रशासन की अन्य संस्थाओं को कमजोर करना है। इसके आगे उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पर्यावरण संबंधी चिंताओं के मामले में सत्तारूढ़ पार्टी वैश्विक कथनों और उनके जमीनी कार्यों में कोई समानता नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 13:14:52 +0530</pubDate>
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