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                <title>ताइक्वांडो विवादों के घेरे में, खिलाड़ियों का भविष्य अधर में !</title>
                                    <description><![CDATA[पैरेलल ताइक्वांडो बॉडियों की भरमार, वैध-अवैध फेर के पेच में फसा फेडरेशन विवाद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/taekwondo-embroiled-in-controversies--players--future-hangs-in-the-balance/article-136124"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राष्ट्रीय स्तर पर ताइक्वांडो के भविष्य पर अब अनिश्चितता के बादल छा हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 'इंडिया ताइक्वांडो' (विश्व ताइक्वांडो से मान्यता प्राप्त) और 'ताइक्वांडो फेडरेशन आॅफ इंडिया (टीएफआइ) के बीच चल रही खींचतान ने अब राजस्थान ताइक्वांडो एसोसिएशन को अपनी चपेट में ले लिया है। इस आंतरिक कलह के कारण स्थानीय स्तर पर खेल का माहौल बुरी तरह प्रभावित हुआ है, तीन से चार समानांतर गुट आमने-सामने खड़े हैं। विवाद की जड़ वर्तमान में किसी के पास भी मान्यता नहीं होना है। चूंकि यह तय नहीं हो पा रहा है कि कौन सी राष्ट्रीय इकाई वैध या अवैध है। समानन्तर में खूब सारी बॉडिया खड़ी है। अभी तक किसी को भी  खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) या वर्ल्ड ताइक्वांडो (डब्ल्यूटी) की मान्यता प्राप्त नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा नुकसान खिलाड़ियों, खासकर बच्चों के भविष्य को हो रहा है।</p>
<p>राष्ट्रीय महासंघ स्तर पर अदालती मुकदमों के तहत विवादों के संबंध में जल्द ही अदालत द्वारा दिए गए निर्देश के आधार पर राष्ट्रीय ताइक्वांडो महासंघ के एकीकरण का निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद, केवल वही राज्य स्तरीय ताइक्वांडो एसोसिएशन, जिन्हें 2019 और 2022 के पिछले चुनाव में मतदान का अधिकार प्राप्त था, 2026 के चुनाव में अपने मतदान के अधिकार का उपयोग करने के हकदार होंगे। बता दें कि कोटा में ताइक्वांडो एसोसिएशन 2017 से खेल अधिनियम 2005 के तहत पंजीकृत है। केवल खेल परिषद और जिला ओलंपिक संघ द्वारा मान्यता प्राप्त ताइक्वांडो संघ है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार पहले आंतरिक विवादों के चलते अलग-अलग गुट बनते चले गए और पैरेलल बॉडियां खड़ी होती चली गईं। इसी कारण न तो यह स्पष्ट है कि देश में कुल कितने क्लब हैं और न ही यह तय हो पा रहा है कि कौन सी संस्था वैध है। राजस्थान की स्थिति और भी उलझी हुई है। यहां अब तक कोई भी ताइक्वांडो स्टेट बॉडी विधिवत रूप से रजिस्टर्ड नहीं है। इसी कारण हर कोई अपना झंडा उठाकर दावा कर रहा है। इंडिया ताइक्वांडो के तहत डब्ल्यूटीए को कुछ वर्ष पूर्व शर्तों के कारण मान्यता दी गई थी, जो 2026 तक वैध बताई जा रही है, लेकिन यह भी अंतिम नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब तक एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय फेडरेशन अस्तित्व में नहीं आती, तब तक किसी भी राज्य या जिला संघ को ओलंपिक या आधिकारिक प्रतियोगिताओं के लिए एफिलिएशन नहीं दिया जा सकता। </p>
<p>वर्तमान में जो भी टूनार्मेंट कराए जा रहे हैं और जो प्रमाणपत्र बांटे जा रहे हैं, वे एक तरह से कानूनी रूप से शून्य हैं। वहीं कोटा के खिलाड़ियों को भी यह बड़ी समस्या सामनो आ रही है कि वे किस एसोसिएशन के तहत प्रशिक्षण लें और किस टूनार्मेंट में भाग लें ताकि उनकी जीत राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर मान्य हो और खेल कोटे से नौकरी मिल सके। इस मान्यता संकट ने स्थानीय प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने के दरवाजे बंद कर दिए हैं।</p>
<p>सभी गुट एकजुट हों, चुनाव कराए जाएं और एक मजबूत, मान्यता प्राप्त नेशनल बॉडी बने। तभी राज्य संघों का पंजीकरण, क्लबों की वैधता और खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित हो पाएगा। फिलहाल ताइक्वांडो प्रशासन में पसरा यह असमंजस बच्चों के सपनों पर भारी पड़ता दिख रहा है। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता है तब तक वो स्कूल स्तर के टूनार्मेंट और स्कूल गेम्स फेडरेशन आॅफ इंडिया के टूनार्मेंटों में खिलाकर अपने स्तर सुधार सकते है।<br /><strong>- दशरथसिंह शेखावत, अध्यक्ष, ताइक्वांडो एसोसिएशन आॅफ कोटा</strong></p>
<p>फैडरेशन विवाद जब तक नहीं सुलझेगा तब तक सामानांतर चल रही कोटा ताइक्वांडो में प्रशिक्षण प्राप्त कर खिलाड़ियों का भविष्य में अधर में लटका हुआ है। दूसरी ओर इनसे मिलने वाले सर्टिफिकेट की कोई मान्यता नहीं है, ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वैध ताइक्वांडो एसोसिएशन में ही खिलाए ताकि बच्चों को आगे इनसे लाभ मिल सके।<br /><strong>- अशोक गौतम, कोच, कोटा</strong></p>
<p>फैडरेशन को लेकर अभी कोई विवाद नहीं है। कोर्ट से आए निर्णय के अनुसार टीएफआई मान्य है। 2026 में चुनाव करवाएं जाएंगे, तभी स्थिति साफ हो सकेगी। 2022 में चुनाव हुए थे।<br /><strong>- लक्ष्मण सिंह हाड़ा, जनरल सेक्रेटरी राजस्थान ताइक्वांडो एसोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 15:16:06 +0530</pubDate>
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                <title>चंबल का जल स्तर घटने से पानी के शुद्धीकरण का कार्य धीमा</title>
                                    <description><![CDATA[साथ ही शहर और शहर के बाहर पानी की डिमांड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में भी पानी को अधिक मात्रा में उठाया जा रहा है। जिससे शुद्धिकरण का काम धीमा हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/due-to-the-decrease-in-the-water-level-of-chambal--the-work-of-water-purification-is-slow/article-79518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/chambal-ka-jal-star-ghatane-se-pani-k-shuddhikaran-ka-kary-dhema...kota-news-27.05.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में हर दिन किसी ना किसी इलाके से पानी समस्या सामने आती है। कभी इलाकों में पानी का दबाव ठीक नहीं रहता तो कभी जलापूर्ति ही पूर्ण रूप से नहीं हो पाती है। इस समस्या में चंबल नदी का जल स्तर भी अपनी एक भूमिका निभाता है। वर्तमान में कोटा बैराज पर चंबल नदी का जल स्तर औसत की तुलना में 1.5 से 2 मीटर नीचे चल रहा है। जिससे पानी उठाने के लिए पंप अतिरिक्त रूप से चल रहे हैं। वहीं पानी में काई और गंदगी होने के चलते भी पानी के साफ करने के लिए भी अधिक समय लग रहा है।</p>
<p><strong>गर्मी के कारण जल स्तर हुआ कम</strong><br />कोटा बैराज पर चंबल नदी का जल स्तर औसतन 854 मीटर से 855 मीटर के बीच रहता है। लेकिन भीषण गर्मी में वाष्पीकरण और अधिक आपूर्ति के चलते इसका स्तर घट गया है। वर्तमान में नदी की अप स्ट्रीम का जल स्तर 852 से 853 मीटर के बीच मौजूद है। जिससे अकेलगढ़ स्थित पंप कम दबाव में पानी उठा रहे हैं। ऐसे में पर्याप्त जलापूर्ति के लिए पंपों को अतिरिक्त रूप से छ: की जगह आठ घंटे तक चलाया जा रहा है। ताकि शुद्धिकरण के लिए पर्याप्त पानी लिया जा सके। साथ ही शहर और शहर के बाहर पानी की डिमांड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में भी पानी को अधिक मात्रा में उठाया जा रहा है। जिससे शुद्धिकरण का काम धीमा हो रहा है।</p>
<p><strong>नहरें बंद होने और गर्मी बढ़ने से काई भी बढ़ी</strong><br />सिंचाई विभाग की ओर से मार्च माह में चंबल नदी से निकलने वाली दोनों नहरों में जलप्रवाह को बंद कर दिया था। जिसके बाद नहरों के बंद होने और गर्मी के बढ़ने से नदी की अप स्ट्रीम में काई और मलबा जमने लगा है। जिससे पानी के शुद्धिकरण का कार्य भी धीरे हो पा रहा है। जलदाय विभाग के अनुसार पानी को शुद्ध करने के लिए वर्तमान में रोज 5 टन क्लोरीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं काई और मलबे के चलते तीनों प्लांटों को मिलाकर प्रतिदिन 15 से 18 एमएलडी पानी का शुद्धिकरण प्रभावित हो रहा है। जिसे लेकर विभागकी ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ दिन पहने नए कोटा के इलाकों में पानी में मलबा और काई की आने की शिकायत आई थी जिसके बाद से ही पानी के शुद्धिकरण में औसत से अधिक समय लिया जा रहा है।</p>
<p><strong>पूरी क्षमता पर चले रहे प्लांट</strong><br />जलदाय विभाग के अनुसार वर्तमान में शहर के सारे प्लांट पूरी क्षमता पर चल रहे हैं। अधीशाषी अभियंता श्याम माहेश्वरी ने बताया कि अकेलगढ़ स्थित 270 एमएलडी, श्रीनाथपुरम स्थित 50 एमएलडी, सकतपुरा मिनी अकेलगढ़ स्थित 130 और 70 एमएलडी के दोनों प्लांटों को लगभग पूरी क्षमता पर चलाया जा रहा है। जहां सभी प्लांटों को मिलाकर कुल 500 एमएलडी तक पानी का शोधन किया जा रहा है। शहर में जलापूर्ति की मांग को देखते हुए ही प्लांटों को पूरी क्षमता पर चलाया जा रहा है ताकि डिमांड को पूरा किया जा सके।</p>
<p>चंबल नदी के अप स्ट्रीम में काई और मलबे के बढ़ने से पानी के शोधन में थोड़ी समस्या आ रही है लेकिन उसे दूर करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही जल स्तर घटने से शुरूआत में समस्या आई थी लेकिन पंपों के माध्यम से उसे भी दूर कर लिया गया है। शहर में पर्याप्त जलापूर्ति के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।<br /><strong>- पी के बागला, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 May 2024 15:40:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हाड़ौती के खिलाड़ियों का राज्य में औसत प्रदर्शन, बच्चों का खेलों में नहीं रूझान</title>
                                    <description><![CDATA[ कुछ खेलों में खिलाड़ी काफी अच्छा कर रहे हैं  लेकिन औसत प्रदर्शन काफी निम्न है। इसका एक सबसे महत्वपूर्ण कारण बच्चों का खेलों के प्रति कम रूझान होना और आगे बढ़ने के लिए शोर्टकट का प्रयोग करना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/average-performance-of-hadoti-players-in-the-state--children-are-not-interested-in-sports/article-44337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/hadoti-k-khiladiyo-ka-rajya-mei-ausat-pradarshan,-bachcho-ka-khelo-mei-nahi-rujhaan...kota-news..1.5.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती के कई खिलाड़ियों ने कई खेलों में राष्टÑीय और अन्तरराष्टÑीय स्तर पर अपनी पहचान बनाकर शहर और स्वयं का नाम भले ही रोशन किया है, अपना एक अलग मुकाम हासिल किया है लेकिन अभी क्षेत्र के बच्चों और उनके परिजनों का रूझान खेलों की ओर कम ही है। उसका कारण ये है कि आज हर माता-पिता अपने बच्चे को डॉक्टर और इंजीनियर बनाना चाहता है ना कि कोई बड़ा खिलाड़ी और दूसरा खिलाड़ियों को कोई सरकारी प्रोत्साहन और संसाधन नहीं मिलता है।  शायद यहीं कारण है कि हाड़ौती को कई खलों में पदक मिलने के बाद भी क्षेत्र के खिलाड़ियों का राज्य में औसत प्रदर्शन ही है। इसी को लेकर यहां के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वालों ने चिंता जताई है।  इन प्रशिक्षकों का कहना है कि प्रदेश में हाड़ौती संभाग के खिलाड़ियों का औसत प्रदर्शन काफी चिंता का विषय है। कुछ खेलों में खिलाड़ी काफी अच्छा कर रहे हैं  लेकिन औसत प्रदर्शन काफी निम्न है। इसका एक सबसे महत्वपूर्ण कारण बच्चों का खेलों के प्रति कम रूझान होना और आगे बढ़ने के लिए शोर्टकट का प्रयोग करना है। इनका कहना है कि ये बात सही है कि सुविधाओं का भी अभाव है लेकिन इसी आधार पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन निर्भर नहीं करता है।  प्रशिक्षक बताते हैं कि यदि सकारात्मक सोच के साथ नियमानुसार बच्चों को खेलो में उतारा जाए तो हाड़ौती भी अपने प्रदर्शन को उच्च स्तर तक कर सकता है। अच्छे प्रदर्शन के लिए बच्चों की आधारभूत गतिविधि और नेचुरल ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। छोटे बच्चों को स्किल सिखाने के लिए ज्यादा से ज्यादा उनकी फिजिकल फिटनेस व मोटर डवलपमेंट पर ध्यान दे। फिटनेस के लिए निचले स्तर से ही कार्यक्रम शुरू किए जाए।  उन्होंने बताया कि बच्चों की फिटनेस के लिए माता-पिता या अभिभावकों को बच्चों के लिए उचित एवं पोष्टिक आहार की जानकारी होनी चाहिए। सरकार की ओर से छोटे बच्चों के लिए मैदान विकसित जाए, जहां पर उनके लिए नेचुरल ग्रोथ के लिए भी गतिविधि हो। इसी प्रकार सरकार की ओर से खेलों में छोटे बच्चों की सहभागिता बढ़ाने के लिए भी कार्यकम शुरू किए जाने चाहिए।  प्रशिक्षकों का कहना हैं कि 7 से 12 साल तक के बच्चों के लिए शिविर आयोजित किए जाए तथा उन शिविर में बच्चों के फिटनेस के सभी घटकों को बढ़ाने लिए एक्टिवीटी कराई जाएं। इसके अलावा क्लासिफाइड कोच व शारीरिक शिक्षक से ही ट्रेनिंग दिलवाई जाए। जिससे बच्चों के निचले स्तर के प्रदर्शन को सुधारा जा सकें। </p>
<p><strong>इनका कहना हैं</strong><br />कम आयु वर्ग के बच्चों को ज्यादा से ज्यादा ग्राउंड पर लाना चाहिए और उनको उनकी रूचि से जुड़ी गतिविधियां करवाई जाए। मैदान में भी इस तरह के संसाधन उपलब्ध करवाए जाए। <br /><strong>- राकेश शर्मा, राष्टÑीय पदक विजेता एवं सचिव जिला एथेलेटिक संघ, कोटा। </strong></p>
<p>हाड़ौती में छोटे बच्चों के लिए कोई खेल नीति नहीं है। इससे यहां कम उम्र में बच्चे तैयार नहीं हो पाते हैं। बच्चों पर पढ़ाई का इतना बोझ होता है कि वे खेल पर ध्यान ही नहीें दे पाते और ना ही उनके माता-पिता उनका ध्यान पढ़ाई से हटाकर खेल की ओर दिलवाते हैं। बच्चा अगर कम उम्र में गाउंड पर आए तो परिणाम बड़े आ सकते हैं लेकिन बड़ी उम्र में कोई अभ्यास के लिए आएगा तो बड़े परिणाम निकलना मुश्किल है। <br /><strong>- अशोक गौतम, सचिव, जिला वुशू संघ।</strong></p>
<p>माता-पिता 8 से 10 साल की उम्र में बच्चों को पूरा सहयोग करें। उनको ग्राउंड तक लाने का प्रास करें। उनकी डाइट का पूरा प्रबन्ध करे। क्योंकि नो फाइट विदाउट डाइट। मैंने स्वंय ने 8 साल की उम्र से खेलना प्रारम्भ किया था। नेशनल में 12 गोल्ड मैडल, एशिया लेवल पर 1 गोल्ड तथा 1 कांस्य तथा आॅल इंडिया रेल्वे के लिए 8 गोल्ड मैडल जीते है। <br /><strong>- रविन्द्र कुमार, अन्तरराष्टÑीय खिलाड़ी, कुश्ती। </strong></p>
<p>किसी भी खेल की पाठशाला कम उम्र से ही प्रारम्भ करवाई जानी चाहिए। छोटे बच्चों के लिए शिविर लगाए जाने चाहिए। उनको सिखाया जाना चाहिए। उनको से बताया जाना चाहिए कि किसने खेल में किस तरह से नाम कमाया है ताकि वो मोटिवेट हो सकें। जहां-जहां एसोसिएशन है वहां उनकी ओर से कैंप लगाया जाना चाहिए। <br /><strong>- देवी सिंह,सचिव जिला बॉक्सिंग संघ। </strong></p>
<p>कुछ खेलों में मैडल मिले है लेकिन अभी भी हम काफी पिछे हैं। व्यक् ितगत प्रतिस्पर्द्धा में बहुत कम मैडल आए है। जबकि खिलाड़ी की पहचान ही उसी से बनती है। स्कूलों के बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। जितने खिलाड़ी होंगे उतनी ही प्रतिसपर्द्धा बढ़ेगी और बच्चे निकलकर सामने आएंगे। हाड़ौती के बच्चों को टूर्नामेंट और कोच की जरुरत हैं।<br /><strong>- गौरव सैन झाला, सचिव, जिला तीरंदाजी संघ। </strong></p>
<p>पहले बच्चों को सुविधाएं नहीं मिलती थी लेकिन अब कुछ सुविधाएं मिलने लगी है लेकिन अभी भी कई चीजों की दरकार है। बच्चों को मोटिवेशन करने की जरुरत है। उनको स्कूली स्तर पर खेलों के बारे में बताया, समझाया जाना चाहिए। <br /><strong>- चचंल कुंथल, खिलाड़ी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 May 2023 14:34:59 +0530</pubDate>
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                <title>हम नहीं किसी से कम कुश्ती में दिखा रहे दम</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में भी कुश्ती का स्तर बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैंै।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/we-are-showing-no-less-than-anyone-in-wrestling/article-21732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/hum-nahi-kisi-se-kum...kota-news-5.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अन्तरराष्टÑीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में भारत के कई खिलाड़ियों ने पदक दिलाकर नाम रोशन किया है। अब तक कोटा के भी कई खिलाड़ी राष्टÑीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने दम पर धाक कायम कर चुके हैं। इसके चलते इस खेल के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ने लगा है। कुश्ती का खेल पुरातन काल से चला आ रहा है। समय बदलने के साथ खेल का स्तर भी बदलता चला गया। किसी जमाने में मिट्टी के मैदान में होने वाला यह खेल अब मेट पर पहुंच गया है। गांवों में इस खेल का अभी भी काफी क्रेज हैं। वहां पर मिट्टी के मैदानों में ही इस खेल का आयोजन होता है। शहरों में इसका स्तर बदल गया है। अब यहां मेट पर कुश्ती का आयोजन करवाया जाता है। राष्टÑीय व अन्तरराष्टÑीय प्रतियोगिताएं भी मेट पर ही होती हैं। इस कारण अब जिला स्तर पर भी कुश्ती की तैयारियां मेट पर ही करवाई जाती है। कोटा में भी कुश्ती का स्तर बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैंै।</p>
<p><strong>मेहनत के बल पर पाया मुकाम</strong><br />पिछले कुछ सालों में वैसे तो कई खिलाड़ियों में अपनी मेहनत के बल पर कुश्ती में ऊंचा मुकाम हासिल किया है और स्टेट व नेशनल स्तर पर पदक भी कोटा की झोली में डाले हैं। कोटा के खिलाड़ी यादवेन्द्र ने 92 किग्रा में नेशनल प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल हासिल कर रखा है। उन्होेंने दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को कड़ी स्पर्धा में टक्कर देते हुए यह सफलता हासिल की है। वर्तमान में वह नियमित अभ्यास कर गोल्ड की तैयारी में जुटा हुआ है।  पहलवान रविन्द्र कुमार भी नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लाकर अपनी ताकत का लोहा मनवा चुके हैं।</p>
<p><strong>सुविधाओं की खल रही कमी</strong><br />कुश्ती का खेल अब मिट्टी से निकलकर मेट यानि गद्दे पर पहुंच गया है। कोटा में मैदान तो है, लेकिन बेहतरीन मेट की कमी खल रही है। शहर में कई अखाड़े बने हुए हैं, जहां पर नियमित रूप से खिलाड़ियों को कुश्ती का अभ्यास करवाया जाता है। उनमें प्रमुख मंगलेश्वर महादेव व्यायामशाला, देवभूमि अखाड़ा व महावीर व्यायामशाला शामिल है। इन अखाड़ों में रोजाना करीब सौ से डेढ़ खिलाड़ी अलग-अलग वर्गो में कुश्ती का नियमित अभ्यास कर रहे हैं। यहां पर मेट की सुविधा तो है, लेकिन वह स्टेट व नेशनल स्तर प्रतियोगिताओं के अनुरूप नहीं है। इससे खिलाड़ियों को परेशानी होती है। यदि बेहतर मेट की व्यवस्था हो जाए तो कोटा के खाते में पदकों की संख्या और जुड़ जाएगी।</p>
<p> कुश्ती में कोटा के खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल से अच्छा मुकाम हासिल कर रखा है। अब तक कई खिलाड़ी अलग-अलग भार वर्गों में कोटा को पदक दिला चुके हैं। अब तो स्कूली स्तर पर भी खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। यदि भामाशाह और सरकार की ओर से पर्याप्त सुविधाएं मिल जाए तो कोटा कुश्ती में हरियाणा की तरह सिरमौर हो सकता है।<br /><strong>- इन्द्र कुमार दत्ता, अध्यक्ष जिला कुश्ती संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Sep 2022 13:14:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जिला स्तरीय समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल </title>
                                    <description><![CDATA[स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित अमृत महोत्सव के तहत जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह सोमवार को नयापुरा स्थित महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा । इससे पहले शनिवार को स्टेडियम में फुल ड्रेस रिहर्सल की गई । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/full-dress-rehearsal-of-district-level-function/article-18948"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/dfasf.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित अमृत महोत्सव के तहत जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह सोमवार को नयापुरा स्थित महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को स्टेडियम में फुल ड्रेस रिहर्सल की गई । स्टेडियम में सुबह से ही कई विद्यालयों के सैकड़ों विद्यार्थी फुल ड्रेस में पहुंचे और संगीत की धुनों पर देशभक्ति गीतों के बीच कई प्रस्तुतियां दी गई । सामूहिक पीटी का प्रदर्शन किया गया । राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय श्रीपुरा की छात्राओं ने तंबाकू मुक्त अभियान का संदेश देते हुए राजस्थानी लोक गीतों की प्रस्तुति दी । इससे पहले अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर बृजमोहन बैरवा ने परेड का निरीक्षण किया । पुलिस निरीक्षक कलावती चौधरी ने परेड का नेतृत्व किया । परेड में राजस्थान पुलिस ,होमगार्ड ,आरएसी, स्काउट - गाइड ,बधिर विद्यालय के स्वयंसेवक शामिल हुए । पुलिस बैंड की धुन के बीच पूरा स्टेडियम भक्ति के माहौल में रंगा हुआ था । रिहर्सल करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के हाथों में तिरंगा झंडा लहरा रहा था। वही शहीद स्मारक पर लगा बड़ा तिरंगा और आकाश में छाए बादलों से देशभक्ति के बीच मौसम की जुगलबंदी समारोह को और अधिक आकर्षक व मनोरम बना रही थी । एडीएम सिटी बृजमोहन बैरवा ने बताया कि जिला स्तरीय समारोह सोमवार को सुबह 9:05 पर शुरू होगा। मुख्य अतिथि स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ध्वजारोहण करेंगे । उसके बाद विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इधर जिला स्तरीय समारोह की तैयारियों के तहत स्टेडियम सुरक्षा घेरे में लिया गया है ।बिना जांच के किसी भी व्यक्ति को स्टेडियम में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Aug 2022 15:19:45 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रेलवे अजमेरी गेट समपार फाटक  पर आरओबी बनाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ रेलवे अजमेरी फाटक ट्रेनों की आवाजाही के चलते करीब 15-16 घंटे बंद रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में सांभर सड़क पर ओवरब्रिज का निर्माण चलने पर मुख्य मार्ग को बंद करने से सभी लोगों को अजमेरी गेट पर स्थित इसी रेलवे फाटक से आवागमन करना पड़ रहा है। इस स्थिति में अजमेरी गेट समपार फाटक पर जन हित में शीघ्र ही आरओबी का निर्माण करवाया जाना जरूरी ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/demand-for-making-rob-at-railway-ajmeri-gate-level-crossing-gate/article-12920"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/aas-pass.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>फुलेरा।</strong> रेलवे अजमेरी फाटक ट्रेनों की आवाजाही के चलते करीब 15-16 घंटे बंद रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में सांभर सड़क पर ओवरब्रिज का निर्माण चलने पर मुख्य मार्ग को बंद करने से सभी लोगों को अजमेरी गेट पर स्थित इसी रेलवे फाटक से आवागमन करना पड़ रहा है। इस स्थिति में अजमेरी गेट समपार फाटक पर जन हित में शीघ्र ही आरओबी का निर्माण करवाया जाना जरूरी है। फुलेरा जंक्शन से अजमेर जा रही रेल लाइनों पर स्थित रेलवे समपार फाटक नं एलसी-1(टी) के अधिक समय तक बंद रहने से शहर की आधी जनता ठगा सा महसूस करने लगी है नगर पालिका के 25 वार्डो मे 9 वार्ड इसी क्षेत्र में आते हैं व करीब 17 हजार की आबादी भी इसी एरिया में निवास करती है।</p>
<p>फुलेरा की भौगोलिक स्थित ऐसी है जिसमें बीचों बीच रेल पटरियों का जाल बिछा रहने के साथ रेल के समपार फाटक बने हैं। मिली जानकारी अनुसार फुलेरा से अजमेर व अजमेर से फुलेरा के बीच प्रतिदिन करीब 32 ट्रेन सवारी व 20-20 माल गाड़ियों का आवागमन होता है, इस स्थिति में एक ट्रेन के निकलने में करीब 15-20 मिनट तक फाटक बंद रहने से लोगों को परेशानी होती है मृत लोगों की शव यात्रा को भी कई बार फाटक पर ठहरना पड़ता है। श्रीराम नगर व आसपास के हजारों लोगों को रोजी रोटी कमाने के लिए प्रतिदिन ट्रेनों में जयपुर अजमेर अप डाउन के लिए वाहनों से रेलवे स्टेशन तक आने जाने वाले मजदूर वर्ग के लोगों को परेशानी होती है कई बार फाटक के ज्यादा देर तक बंद रहने से मजदूरों की ट्रेन छूट जाती है व रोजी रोटी का संकट बनता है।</p>
<p>परीक्षा के समय स्कूल भवनो मे आने जाने के लिए विद्यार्थियों व्यापारी आमजन के लिए फाटक परेशानी का सबब बना हुआ है उस पार बने सभी सरकारी कार्यालय, पुलिस थाना सरकारी अस्पताल, केन्द्रीय विद्यालय, रेलवे स्टेशन, सरकारी स्कूलें, गार्डन, खेल मैदान, मोक्षधाम बने रहने से लोगों को इसी एक मात्र फाटक से आना जाना पड़ता है व फाटक के अधिकांशत बंद रहने से लोग परेशान हैं। फाटक पर आरओबी बनने के बाद ही रेलवे लाइन के दूसरे छोर पर रहने वाले हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है। लोग काफी समय इस समस्या के समाधान हेतु जन प्रतिनिधि व रेल प्रशासन से जन हित में फाटक पर आरओबी निर्माण करवाने की मांग कर रहे हैं पर आमजन की सुनवाई कब होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 15:52:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रैगिंग से परेशान नेशनल लेवल खिलाड़ी बालिका अमृतसर से कोटा पहुंची </title>
                                    <description><![CDATA[सीनियर छात्राओं द्वारा रैगिंग से परेशान एक नेशनल लेवल खिलाड़ी बालिका अमृतसर से कोटा पहुंच गई।  बालिका को आरपीएफ रामगंजमंडी ने मंगलवार को देर रात दस्तयाब किया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/national-level-player-girl-troubled-by-ragging-reached-kota-from-amritsar/article-10983"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ragging-se-pareshan-balika-kota-pahuchi..kota.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सीनियर छात्राओं द्वारा रैगिंग से परेशान एक नेशनल लेवल खिलाड़ी बालिका अमृतसर से कोटा पहुंच गई।  बालिका को आरपीएफ रामगंजमंडी ने मंगलवार को देर रात दस्तयाब किया। उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया ,वहां से  बालिका गृह में अस्थाई आश्रय दिया गया है। <br /><br />बाल कल्याण समिति के सदस्य अरुण भार्गव ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान बालिका ने बताया कि वह गांव कोटली ,कामाख्या जिला जालंधर ,पंजाब की रहने वाली है। बालिका  हैंडबॉल की नेशनल खिलाड़ी है और अमृतसर वुमन खालसा कॉलेज के हॉस्टल में रहती है। हॉस्टल में उसे बड़ी छात्राओं द्वारा रैगिंग कर परेशान किया जा रहा था। साथ ही उसके खिलाफ हॉस्टल वार्डन और प्रिंसिपल को झूठी शिकायत देने की धमकी दी जा रही थी। इससे उसे हॉस्टल ने निकाल देने का भय हो गया था।  इस भय से वह हॉस्टल में  बिना बताए 30 मई को निकल गई । इसके बाद  अमृतसर से  मुंबई वाली ट्रेन में बैठ गई। रामगंजमंडी में वह ट्रेन से उतरी थी। वहां एक सरदार पानी पिला रहे थे, उन्होंने उसे आरपीएफ को सौंप दिया था। आरपीएफ जवान उसे  कोटा लेकर आए और फिर चाइल्ड लाइन की शहर समन्यवय रेखा शाक्य को सौंपा। बालिका ने ही  रास्ते में किसी अन्य के मोबाइल से परिजनों को भी सूचित किया। काउसलिंग में बालिका ने बताया कि हॉस्टल वार्डन ने उसको  अपने पास रख लिया था। बालिका के पिता व कोच  कोटा के लिए रवाना हो गए हैं। भार्गव ने बताया कि बच्ची को संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए राजकीय बालिका गृह नांता में फिलहाल अस्थाई आश्रय दिया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 15:49:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>35 सालों में सबसे निचले स्तर पर अमेरिका के पेट्रोलियम भंडार की मात्रा </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका में आपातकालीन उपयोग के लिए संग्रहीत कच्चे तेल की मात्रा 35 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है, क्योंकि देश में ईंधन की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) से कच्चा तेल जारी करने का फैसला किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-petroleum-reserves-at-lowest-level/article-9947"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/46546546546513.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका में आपातकालीन उपयोग के लिए संग्रहीत कच्चे तेल की मात्रा 35 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है, क्योंकि देश में ईंधन की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) से कच्चा तेल जारी करने का फैसला किया था। अमेरिकी ऊर्जा विभाग से प्राप्त आंकड़ों से इस तथ्य का खुलासा हुआ। ऊर्जा विभाग की ओर से संग्रहीत तेल पर जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार एसपीआर में कच्चे तेल की मात्रा में इस सप्ताह के दौरान 13 मई तक 50 लाख बैरल की कमी आई है। इससे अब यह गिरकर 53.8 करोड़ बैरल तक पहुंच गई है।</p>
<p>यह दर्शाता है कि अमेरिका में आपातकालीन इस्तेमाल के लिए कच्चे तेल का भंडार वर्ष 1987 के बाद से सबसे निचले स्तर पर है। इस सप्ताह के दौरान 13 मई तक भंडार से निकाले गए 50 लाख  बैरल में से कुछ 39 लाख बैरल कच्चे तेल था, जबकि शेष 11 लाख बैरल उच्च स्तर का कच्चा तेल था। निम्न स्तर का कच्चा तेल मध्यम किस्म का तेल होता है जिसमें सल्फर की मात्रा अधिक होती है और यह उच्च स्तर के कच्चे तेल की तुलना में अधिक चिपचिपा होता है। आमतौर पर ट्रक, बस और ट्रेन के साथ-साथ जेट के संचालन के लिए निम्न स्तर के कच्चे तेल की आवश्यकता होती है। दूसरी ओर, उच्च स्तर के कच्चे तेल में सल्फर की मात्रा बहुत कम होती है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से गैसोलीन बनाने के लिए किया जाता है, जिसे अमेरिका के बाहर पेट्रोल के रूप में भी जाना जाता है। यूक्रेन में रूस के विशेष सैन्य अभियान के कारण मॉस्को पर अधिकांश पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध से कच्चे तेल के निर्यात में भारी कमी आई है। इसके अलावा, कोरोना वायरस महामारी के दौरान कई रिफाइनरियों के बंद होने से भी अमेरिका की तेल शोधन क्षमता में कमी आई है, जिससे समस्या बढ़ गई है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 16:40:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>रिचार्ज से अधिक दोहन, पाताल में पहुंचा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा जिले  में लगातार गिरते जलस्तर के चलते भविष्य में पीने के लिए जल नहीं होगा। भू जल विभाग की रिपोर्ट में लगातार कोटा जिले का जलस्तर गिर रहा है। सबसे खराब स्थिति सांगोद ब्लॉक की है। वर्ष 2021 की रिपोर्ट में मानसून पूर्व का जल स्तर 16.6 मीटर है। यानि ब्लॉक का औसत 50 से 55 फीट है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/more-exploitation-than--recharge--water-level-reached-in-depth/article-6530"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/55-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । पानी बचाने के लिए एक नारा है ‘जल है तो कल है’। लेकिन, कोटा जिले में इस नारे के विपरीत स्थिति होती जा रही है। लगातार गिरते जलस्तर के चलते भविष्य में पीने के लिए जल नहीं होगा। भू जल विभाग की रिपोर्ट में लगातार कोटा जिले का जलस्तर गिर रहा है। सबसे खराब स्थिति सांगोद ब्लॉक की है। वर्ष 2021 की रिपोर्ट में मानसून पूर्व का जल स्तर 16.6 मीटर है। यानिकि, ब्लॉक का औसत 50 से 55 फीट है। जबकि, 2020 में ये 13.6 मीटर पर था। हालांकि, कुछ जगहों पर और असमानता है। वहां 150 से 200 मीटर तक जमीन में पानी नही है। फिर भी ओवर आॅल ये ग्राफ भी अच्छा नहीं है। इसके साथ ही लाड़पुरा ब्लॉक की भी स्थिति अच्छी नहीं है। यहां भी प्री मानसून के दौरान वर्ष 2020 के मुकाबले 2021 में 12.4 मीटर से बढ़कर 15.3 मीटर पहुंच गया है। सबसे अच्छी सुल्तानपुर की है। यहां प्री मानसून में जल स्तर 11.4 मीटर रहता है। मानसून के उपरांत तो से 7.2 मीटर पर पहुंच जाता है। यहां अच्छा जलस्तर होने की वजह कमांड एरिया अधिक होना बताया जा रहा है। जिसके चलते पानी का स्तर अच्छा है। इटावा में कमांड एरिया होने के बावजूद विकट स्थिति है। पानी के जलस्तर की खराब स्थिति को देखकर सभी चिंतित है।<br /><br /><strong>जल स्तर गिरने के तीन कारण</strong><br />1. बारिश की प्रवृत्ति: कोटा जिले में बारिश की प्रवृत्ति बदल रही है। कभी तो तेज बारिश हो जाती है तो कभी बारिश नहीं होती है। इस बार अच्छी बारिश हुई थी। इससे पूर्व नाम मात्र बारिश थी।<br />2.  फसलों की अधिक बुवाई: यहां की चावल और धान प्रमुख फसल है। कमांड एरिया में तो फिर भी पूर्ति हो जाती है, लेकिन जहां नहरे नहीं है। वहां जमीन से पानी निकालकर सिंचित करना होता है।<br />3. प्रदूषण: पिछले कुछ सालों में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते जल स्त्रोत रिचार्ज नहीं हो रहे हैं। अधिकांश तो बारिश में भी रिचार्ज नहीं होते हैं। ऐसे में भू गर्भ रिचार्ज नहीं हो पा रहा है।<br /><br /><strong>196 कुंए पर सर्वे</strong><br />भू गर्भ जल विभाग ने कोटा जिले के 196 कुएं पर सर्वे किया था। इसमें सर्वाधिक कुएं सांगोद में 70 थे। जबकि, सुल्तानपुर में 30 कुंओं पर सर्वे किया था। विभाग के कार्मिकों ने बारिश के पूर्व और बाद में इसकी मॉनिटरिंग की थी। इसके बाद रिपोर्ट दी है। विभाग के अनुसार कोटा में कुल 67 हजार 650 मिलियन क्यूबेक मीटर(एमसीक्यूएम) पानी का उपभोग होता है। इसमें सर्वाधिक उपभोग सिंचाई में 60 हजार मिलियन होता है। इसके बाद पीने और घरेलू कार्यों में 7650 मिलियन क्यूबिक मीटर का होता है।<br /><br /><strong>कहां कितने कुओं पर सर्वे</strong><br />कुल-   196<br />इटावा-  31<br />लाडपुरा- 38<br />खैराबाद- 37<br />सांगोद  - 70<br />सुल्तानपुर- 30<br /><br /><strong>पानी के उपभोग की स्थिति (एमसीक्यूएम में)</strong><br />67 हजार 650  कुल उपभोग<br />61 हजार  बारिश में हो रहा रिचार्ज<br />6 हजार की हो रही कमी<br />60 हजार सिंचाई में खपत<br />7650 पीने और घरेलू उपयोग में<br /><br /><strong>पिछले दो सालों की स्थिति</strong><br /><strong> वर्ष 2020</strong><br />ब्लॉक     प्री मानसून               पोस्ट मानसून<br />इटावा      13.2                     12.6<br />खैराबाद    11.5                     13.4<br />लाडपुरा    12.4                      9.3  <br />सांगोद      10.9                     13.6<br />सुलतानपुर  6.3                       6.6<br />                     <br /><strong> वर्ष 2021</strong><br />ब्लॉक     प्री मानसून               पोस्ट मानसून<br />इटावा      13.8                    10.3<br />खैराबाद    12.4                     3.4<br />लाडपुरा    15.3                      4.0 <br />सांगोद      16.6                     7.6<br />सुल्तानपुर  11.4                     7.2<br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />भूगर्भ जल विभाग ने कोटा जिले में 196 कुओं पर सर्वे किया था, जिसमें सांगोद की खराब स्थिति है। इसके बाद खैराबाद है। ओवरआॅल कोटा में रिचार्ज से अधिक पानी का उपभोग हो रहा है। इस पर विभाग कार्य कर रहा है। जल्द अच्छे परिणाम आएंगे।<br /><strong>- डॉ. प्रवाल अथइयां, वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक, भूजल विभाग, कोटा</strong><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Mar 2022 15:46:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>58 मिनट 52 सैकण्ड का होगा राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह, न पुलिस पदक वितरित होंगे और न ही योग्यता प्रमाण पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[गणतंत्र दिवस पर होने वाले राज्य स्तरीय समारोह पर भी कोरोना का साया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/58-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%9F-52-%E0%A4%B8%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%97%E0%A4%A3%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9--%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%AA%E0%A4%A6%E0%A4%95-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0/article-4148"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/vidhan-sabha.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। गणतंत्र दिवस पर बुधवार को होने वाले राज्य स्तरीय समारोह पर भी कोरोना का साया नजर आएगा। समारोह में न तो पुलिस पदक वितरित किए जाएंगे और न ही योग्यता प्रमाण पत्र। समारोह भी 58 मिनट 52 सैकण्ड का होगा। सवाई मानसिंह स्टेडियम में समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र झण्डारोहण करेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहेंगे। समारोह में कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। इसके चलते कार्यक्रम के समय में कटौती की है।  सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दिए जाने वाले पुलिस पदक और सराहनीय कार्यों के लिए दिए जाने वाले योग्यता प्रमाण पत्र संबंधित विभागों को भेजे जाएंगे, जो सामान्य समारोह में कर्मचारियों और अधिकारियों को दिए जाएंगे। राजधानी से बाहर के कर्मचारी और अधिकारी को संबंधित प्रभारी मंत्री के हाथों सम्मानित कराया जाएगा। <br /> <br /> <strong>अब यह रहेगा कार्यक्रम</strong><br /> राज्यपाल मिश्र सुबह साढ़े नौ बजे स्टेडियम पहुंचेंगे और झण्डारोहण, राष्ट्रीय अभिवादन, राष्ट्रगान और परेड का निरीक्षण करेंगे। 9.40 बजे परेड का विसर्जन करेंगे। इसके बाद लोक कलाकार 25 मिनट का सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। दस बजकर आठ मिनट पर 13 मिनट का डॉग शो और घुड़सवार शो शुरू होगा। इसके बाद 10.21 बजे पुलिस और सेना बैण्ड का वादन होगा। अंत में 10.28 बजे राष्टÑगान शुरू होगा और 52 सैकण्ड बाद राज्यपाल कार्यक्रम से रवाना होंगे। <br /> <br /> <strong>रिहर्सल संपन्न</strong><br /> समारोह के लिए सोमवार को अंतिम रिहर्सल हुई। अब स्टेडियम बुधवार सुबह खोला जाएगा, जो सुरक्षा अधिकारियों के हवाले कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jan 2022 13:27:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>पोलो के जन्मदाता देश में ही गिर रहा है पोलो का स्तर, पूरे भारत में 5 हैंडीकैप का अकेला खिलाड़ी है सिमरन शेरगिल</title>
                                    <description><![CDATA[देश में नौ और दस हैंडीकैप के खिलाड़ी हुए हैं, वहीं आज की तारीख में पांच गोल का भी सिर्फ एक ही खिलाड़ी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0--%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-5-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%AA-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A5%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B2/article-4071"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/simran-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत को मॉडर्न पोलो का जन्मदाता कहा जाता हो या जयपुर को पोलो का मक्का लेकिन हकीकत यह है कि आज देश में इस खेल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। जिस देश में नौ और दस हैंडीकैप के खिलाड़ी हुए हैं, वहीं आज की तारीख में पांच गोल का भी सिर्फ एक ही खिलाड़ी है। इंडियन पोलो एसोसिएशन (आईपीए) की हैंडीकैप कमेटी की मिडटर्म मीटिंग के बाद अब भारत में सिर्फ सिमरन शेरगिल ही पांच गोल के एकमात्र खिलाड़ी हैं। उनका हैंडीकैप भी छह से घटाकर पांच किया गया है। सिमरन ने 2017 में छह हैंडीकैप हासिल किया और इसे पांच साल तक बरकरार भी रखा। सिमरन से पहले पूर्व भारतीय कप्तान समीर सुहाग, शमशीर अली और ध्रुवपाल गोदारा भी छह गोल पर खेल चुके हैं लेकिन ये तीनों भी अब चार हैंडीकैप के खिलाड़ी हैं।<br /> <br /> मिडटर्म कमेटी ने घटाए 8 खिलाड़ियों के हैंडीकैप<br /> आईपीए की कमेटी ने मिडटर्म मीटिंग में करीब आधा दर्जन से ज्यादा खिलाड़ियों के हैंडीकैप में कटौती की है, जो मुम्बई में चल रहे पोलो सत्र से ही प्रभावी हुए हैं। कमेटी ने सिमरन शेरगिल का हैंडीकैप 6 से घटाकर 5 किया है वहीं लेफ्टिनेंट कर्नल विशाल चौहान का 4 से 3, सलीम आजमी का 3 से 2, उदय कलान, रणशेर सिंह और अखिल सिरोही का 2 से 1 तथा अधिराज सिंह और अक्षय मलिक का हैंडीकैप एक से घटाकर शून्य किया है।<br /> <br /> इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी और महंगे घोड़े हैं कारण<br /> पूर्व पोलो खिलाड़ी और भारत में फेडरेशन इंटरनेशनल पोलो के एम्बेसेडर रहे नरेन्द्र सिंह का कहना है कि बेशक खेल का स्तर नीचे आया है लेकिन इसके कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण देश में पोलो के इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी और घोड़ों का महंगा होना है। लेकिन नई जेनरेशन में अच्छे कुछ अच्छे खिलाड़ी आ रहे हैं, जो अभी चार गोल पर खेल रहे हैं और जल्दी ही हाई हैंडीकैपर हो सकते हैं।<br /> <br /> क्या है हैंडीकैप<br /> पोलो के खेल में हैंडीकैप एक खिलाड़ी के खेल कौशल की तुलनात्मक रेटिंग है। एक नौसिखिया खिलाड़ी के हैंडीकैप की शुरुआत -2 से होती है और जैसे-जैसे उसके खेल में निखार आता है उसका हैंडीकैप भी बढ़ता जाता है। हैंडीकैप का निर्धारण खिलाड़ी के गोल या टूर्नामेंट जीतने से ही निर्धारित नहीं किया जाता इसके लिए उसकी खेल भावना, टीम गेम, हॉर्समैनशिप, खेल की रणनीति और खेल की जानकारी को भी देखा जाता है।<br /> <br /> दस हैंडीकैप के थे चंदा<br /> सिंह और जसवंत सिंह<br /> भांवरी (जोधपुर) के पूर्व पोलो खिलाड़ी ऋषिराज सिंह के अनुसार पूर्व में जोधपुर, अलवर, पटियाला और हैदराबाद में पोलो की मजबूत टीमें थीं और इन टीमों में नौ और दस गोल के खिलाड़ी थे। पटियाला के जसवंत सिंह और चंदा सिंह दस-दस गोल के खिलाड़ी थे, वहीं जयपुर के पूर्व महाराजा मानसिंह, जोधपुर को रावराजा हनूत सिंह और हरि सिंह ने नौ हैंडीकैप हासिल किया। जबर सिंह आठ और विजय सिंह, प्रेम सिंह, किशन सिंह और सबसे आखिरी में अस्सी के दशक में ब्रिगेडियर वीपी सिंह सात गोल के खिलाड़ी रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jan 2022 16:16:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला शुरू : जिला स्तरीय 20 सूत्रीय कार्यक्रम समिति के दस उपाध्यक्ष नियुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[आयोजना विभाग ने आदेश जारी कर दिए। इसमें कांग्रेस के जिलाध्यक्षों को प्राथमिकता दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%82---%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF-20-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%B8-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4/article-3708"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/ashok-gehlot.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला शुरू कर दिया है। इस कड़ी में शुक्रवार को जिला स्तरीय 20 सूत्रीय कार्यक्रम समिति के दस उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिए। इस संबंध में आयोजना विभाग ने आदेश जारी कर दिए। इसमें कांग्रेस के जिलाध्यक्षों को प्राथमिकता दी गई है। इनमें योगेश मिश्रा को अलवर, रामचरण मीणा को बारां, फतेहखान को बाड़मेर, रामजीलाल ओढ़ को दौसा, उमेश सिंह तंवर को जैसलमेर, वीरेन्द्र सिंह गुर्जर को झालावाड़, सलीम खान को जोधपुर, जाकिर गैसावत को नागौर, हरी सिंह राठौड़ को राजसमंद और सुनीता गठाला को सीकर जिले की बीस सूत्रीय कार्यक्रम समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jan 2022 12:28:05 +0530</pubDate>
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