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राजस्थान जयपुर

फिर लगेगा फ्यूल सरचार्ज का करंट : उपभोक्ताओं से होगी 550 करोड़ रुपए की रिकवरी

फिर लगेगा फ्यूल सरचार्ज का करंट :  उपभोक्ताओं से होगी 550 करोड़ रुपए की रिकवरी जयपुर। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को दीपावली के बाद एक बार फिर बिलों में फ्यूल सरचार्ज का करंट लगेगा। प्रदेश में बिजली संकट के दौरान महंगी बिजली और कोयला खरीदने से पडेÞ आर्थिक भार को अब उपभोक्ताओं से वसूलने की तैयारी की गई है। बिजली कम्पनियों ने जनवरी से मार्च के तीन बिलों में 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज वसूलने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह सरचार्ज अगले साल जनवरी से मार्च 2022 के तीन महीने के बिजली बिलों में जुड़कर आएगा। राजस्थान डिस्कॉम ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए करीब 550 करोड़ रुपए की रिकवरी निकाली है। यह रिकवरी इस वित्तीय वर्ष में 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से वसूली जाएगी। जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम ने इस फ्यूल सरचार्ज को वसूल करने के लिए रिकवरी आदेश जारी कर दिए हैं। यह रिकवरी घरेलू, वाणिज्यिक सहित सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं से वसूली की जाएगी। राज्य सरकार ने जिन कृषि उपभोक्ताओं और सब्सिडी वाले श्रेणी उपभोक्ताओं को राहत दे रखी है, उनसे यह वसूली नहीं होगी। महंगे कोयला और बिजली खरीद से निकली रिकवरी प्रदेश में बिजली संकट के दौरान बिजली कम्पनियों ने महंगा कोयला खरीदा। निजी सेक्टर से महंगी दर पर बिजली भी खरीदी गई। इसलिए इस महंगी खरीद में खर्च हुई राशि का भार उपभोक्ताओं पर डालते हुए फ्यूल सरचार्ज के नाम पर वसूलने की तैयारी है। 1.52 करोड़ उपभोक्ताओं से होगी वसूली, अकेले जयपुर में 250 करोड़ की रिकवरी फ्यूल सरचार्ज लगने से तीन महीने में प्रदेश के 1.52 करोड़ उपभोक्ताओं से 550 करोड़ रुपए की राशि वसूली की जाएगी। अकेले जयपुर डिस्कॉम में ही करीब 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिकवरी होगी। इससे पहले जयपुर डिस्कॉम ने अपने उपभोक्ताओं से 30 पैसे, 55 पैसे, 29 पैसे और 39 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज वसूला था। कई सालों से जारी है वसूली प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज के नाम पर वसूली पिछले दस सालों से जारी है। महंगी बिजली और कोयला खरीद का भार उपभोक्ताओं पर डाल दिया जाता है। अडानी ग्रुप से केस हारने के बाद भी सरकार को चुकाने वाली राशि को उपभोक्ताओं से पांच पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से जोड़कर वसूला जा रहा है। यह वसूली सितम्बर 2022 तक जारी रहेगी। अब उपभोक्ताओं को इस बात का इंतजार है कि रिकवरी के नाम पर फ्यूल सरचार्ज का करंट कितने महीने तक और लगेगा। यह होता है फ्यूल सरचार्ज विद्युत विनियामक आयोग हर साल बिजली खरीद सहित दूसरे खर्चों का विश्लेषण करने के बाद बिजली की दरें तय करता है। आयोग इसमें ट्रांसपोर्टेशन चार्ज, कोयला, डीजल आदि का खर्च निकालकर लागत निकालता है, जिसकी वसूली उपभोक्ताओं से होती है। राजस्थान में फ्यूल सरचार्ज की वसूली वर्ष 2009 से शुरू हुई थी। फिलहाल जो फ्यूल सरचार्ज लगाया गया है, वो अप्रैल से जून 2021 तक के लिए है। जनवरी, फरवरी और मार्च 2022 के बिलों में 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से सरचार्ज वसूल किया जाएगा। फ्यूल सरचार्ज की वसूली सब्सिडी वाले कृषि श्रेणी उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं से वसूल की जाएगी। सब्सिडी वाले कृषि व अन्य उपभोक्ताओं को तय यूनिट दर ही बिजली देनी होगी। उनके हिस्से के फ्यूल सरचार्ज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। -पीके गुप्ता, एसई, कॉमर्शियल, जयपुर डिस्कॉम जनता पहले ही पेट्रोल-डीजल पर वैट से आहत है। अब बिजली की कीमतें बढ़ाकर और करंट लगा दिया है। वायदा बिजली दरें नहीं बढ़ाने का किया था, लगातार बढ़ोतरी कर रहे हैं। बिजली की बढ़ी दरें वापस लेनी चाहिए।- सतीश पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा पेट्रोल-डीजल पर वैट कम नहीं किया। अब बिजली फ्यूल सरचॉर्ज लगाकर जनता को महंगाई का बूस्टर डोज दे दिया। इसे उपभोक्ताओं को 550 करोड़ जेब से ज्यादा चुकाने पड़ेंगे। जनता को लड़खड़ाई अर्थव्यवस्था से निकालने की जगह कमजोर करने का जनविरोधी फैसला है।- राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष, विस
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