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                <title>bronze - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>Paris Paralympics: 10 मीटर एयर पिस्टल में जीता गोल्ड, कांस्य भी राजस्थान की मोना के नाम</title>
                                    <description><![CDATA[ दक्षिण कोरिया की ली युनरी और अवनी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अवनी ने आखिरी शॉट पर 10.5 का स्कोर किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/paris-paralympics-won-gold-bronze-in-10-meter-air-pistol/article-89163"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/z.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। जयपुर की बेटी और अंतरराष्ट्रीय महिला निशानेबाज अवनी लेखरा ने शुक्रवार को पेरिस पैरालंपिक खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच-1 कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीत देश को इन खेलों का पहला गोल्ड मेडल दिलाया। राजस्थान की ही एक और निशानेबाज मोना अग्रवाल ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता। टोक्यो पैरालंपिक खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अवनी लेखरा ने फाइनल मुकाबले में नया रिकार्ड बनाते हुए 249.7 का स्कोर हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। </p>
<p><strong>अवनी और युनरी में रही कड़ी टक्कर</strong><br />दक्षिण कोरिया की ली युनरी और अवनी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अवनी ने आखिरी शॉट पर 10.5 का स्कोर किया। वहीं कोरियाई निशानेबाज का आखिरी शॉट पर 6.8 का स्कोर रहा। इसी के साथ अवनी ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। युनरी को 246.8 के स्कोर के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं मोना अग्रवाल ने 228.7 का स्कोर करते हुए कांस्य पदक जीता।</p>
<p><strong>आसान नहीं रहा अवनी का सफर</strong><br />अवनी को यह जीत इतनी आसानी से नहीं मिली है। इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा है। वर्ष 2012 में महज 12 साल की उम्र में अवनी लेखरा की जिंदगी उस समय बदल गई जब एक दुर्घटना के चलते उन्हें पैरालिसिस का शिकार होना पड़ा और व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ गया। लेकिन अवनी ने हार नहीं मानी। दुर्घटना के महज तीन साल बाद ही अवनी ने शूटिंग को अपनी जिंदगी बनाया और महज पांच साल के भीतर ही देश की गोल्डन गर्ल का तमगा हासिल कर लिया। अब अपने लगातार दूसरे पैरालंपिक में उन्होंने स्वर्ण जीतकर इतिहास तो रचा ही, साथ ही भारत की सबसे कामयाब शूटर भी बन गईं। ओलंपिक हो या पैरालंपिक भारत की महिला एथलीट ने दो स्वर्ण नहीं जीते हैं।</p>
<p><strong>पैरालंपिक में दो स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला</strong><br />इसी के साथ अवनी लेखरा पैरालंपिक में दो स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई है। अवनी ने पिछले टोक्यो पैरालंपिक में भी एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता था। अवनी पेरिस में तीन स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही हैं। अबी उनकी दो स्पर्धाएं और बाकी हैं।</p>
<p><strong>कौन है मोना अग्रवाल</strong><br />पैरालिंपिक में भाग लेने वाले हर एथलीट की अपनी कहानी है। राजस्थान के सीकर की मोना का जीवन भी संघर्षों भरा रहा है। पोलियो की बीमारी के कारण वह बचपन से ही चलने में असमर्थ हो गई थीं। मोना अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। दादी ने खेलों के लिए प्रेरित किया और मोना ने तब जयपुर का रुख किया। व्हीलचेयर के जरिए चलने वाली मोना ने पहले शॉट पुट, डिस्कस, जेवलिन थ्रो और पावरलिफ्टिंग में हाथ आजमाया और राज्य स्तरीय टूर्नामेंटों में पहचान बनाई। लेकिन बाद में 2021 में मोना ने पैरा शूटिंग की ओर रुख किया। इस खेल में उन्हें खूब कामयाबी मिली। उन्होंने 2023 में क्रोएशिया में डब्ल्यूएसपीएस विश्व कप में कांस्य पदक जीता। </p>
<p>उसके बाद 2022 एशियाई पैरा खेलों और लीमा में 2023 डब्ल्यूएसपीएस वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। दिल्ली में हुए विश्व कप में मोना ने पेरिस पैरालंपिक के लिए क्वालिफाई किया। 37 वर्षीय मोना अग्रवाल पेरिस में तीन स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी। वह मिश्रित 50 मीटर राइफल प्रोन आर6 और महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन आर8 स्पर्धा में भी भाग लेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 12:09:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>Paris Olympics 2024: विनेश पर 100 ग्राम भारी पड़ा, अमन ने एक रात में घटाया 4.6 किलो वजन</title>
                                    <description><![CDATA[मुकाबले से पहले अमन को भी रातभर वजन कम करना पड़ा। विनेश फोगाट की तरह अमन का भी वजन बढ़ गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/aman-was-100-grams-heavier-than-vinesh-lost-46-kg/article-87442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(19)1.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने पेरिस ओलंपिक खेलों की 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में देश के लिए कांस्य पदक जीता। लेकिन इस उपलब्धि के लिए उन्हें सारी रात जाग कर कड़ी मेहनत करनी पड़ी। मुकाबले में उतरने से पहले अमन ने रातभर में 4.6 किलो वजन घटाया। </p>
<p><strong>विनेश की तरह बढ़ गया अमन का वजन</strong><br />मुकाबले से पहले अमन को भी रातभर वजन कम करना पड़ा। विनेश फोगाट की तरह अमन का भी वजन बढ़ गया था। विनेश को बढ़े वजन के कारण फाइनल मुकाबले से पहले अयोग्य करार दे दिया गया था। भारतीय कुश्ती दल के कोच विरेंद्र दहिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अमन का वजन 4.6 किलो बढ़ गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सेमी फाइनल मैच के बाद अमन का वजन 4.6 किलो बढ़ गया था। इसके बाद उन्होंने 10 घंटे कड़ी मेहनत की और मैच से पहले वजन घटाया। </p>
<p><strong>ऐसे घटाया वजन</strong><br />अमन पूरी रात नहीं सोए और अपने वजन को कम करने में लगे रहे। उन्होंने शुरुआत में डेढ़ घंटे का मैट सेशन किया और उसके बाद एक घंटे का हॉट बाथ सेशन हुआ। रात साढ़े बारह बजे वे जिम गए और ट्रेडमिल पर एक घंटे तक बिना रुके दौड़ लगाई। इससे वजन कम करने में मदद मिली। बाद पांच मिनट के सौना बाथ के पांच सेशन हुए। आखिर में उन्होंने रनिंग की और उनका वजन 56.9 किलो पर आ गया।</p>
<p><strong>विनेश फोगाट पर फैसला 13 को</strong><br />भारतीय रेसलर विनेश फोगाट के सिल्वर मेडल पर फैसला अब 13 अगस्त को आएगा। यह जानकारी कोर्ट आॅफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स ने दी है। पहले कहा जा रहा था कि वह भारतीय समयानुसार 9.30 बजे अपना फैसला सुनाएगा, लेकिन कोर्ट ने इसकी समय सीमा बढ़ा दी है। 9 अगस्त को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स ने 3 घंटे तक इस मामले की सुनवाई की थी। इस दौरान विनेश भी वर्चुअली मौजूद रहीं। भारतीय ओलिंपिक संघ की ओर से सीनियर वकील हरीश साल्वे ने विनेश का पक्ष रखा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Aug 2024 11:25:02 +0530</pubDate>
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                <title>दो स्वर्ण और तीन कांस्य के साथ भारत ने किया विश्व कप अभियान का समापन</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप 2023 स्टेज 4 में भारतीय पुरुष और महिला कंपाउंड की आर्चरी टीम ने पेरिस में स्वर्ण पदक जीता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/india-ends-world-cup-campaign-with-two-gold-and-three/article-54994"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/archary.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप 2023 स्टेज 4 में भारतीय पुरुष और महिला कंपाउंड की आर्चरी टीम ने पेरिस में स्वर्ण पदक जीता। भारत ने दो स्वर्ण और तीन कांस्य पदक समेत पांच पदकों के साथ अपने विश्व कप अभियान का समापन किया। भारत की पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम जिसमें ओजस प्रवीण देवताले, प्रथमेश जावकर और अभिषेक वर्मा शामिल थे, उन्होंने फाइनल मुक़ाबले में यूएसए को 236-232 से हराकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।</p>
<p>फ़्रांस के पेरिस में 15 से 20 अगस्त तक जारी इस प्रतियोगिता में ज्योति सुरेखा वेन्नम, अदिति गोपीचंद और स्वामी परनीत कौर की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने स्वर्ण पदक जीता और यह भारत का इस विश्व कप में पहला स्वर्ण पदक है। ज्योति सुरेखा वेन्नम, अदिति गोपीचंद स्वामी और परनीत कौर की भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने करीबी मुकाबले में मेक्सिको की एंड्रिया बेसेरा, एना सोफिया हर्नांडे•ा जीन और डैफऩ क्विंटरो की तिकड़ी को चार राउंड तक चले मैच में 234-233 से हराकर पोडियम के शीर्ष पर जगह बनाई।</p>
<p>दूसरी तरफ ओजस प्रवीण देवताले, प्रथमेश समाधान जावकर और अभिषेक वर्मा की पुरुष कंपाउंड आर्चरी टीम ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया।</p>
<p>गौरतलब है कि भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने क्वालीफाइंग राउंड में 2113 के स्कोर के साथ शुरुआत से ही प्रतियोगिता में अपना दबदबा बनाए रखा था। पहले राउंड में बाई प्राप्त करने के बाद, भारतीय तिकड़ी ने क्रमश: क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में एस्टोनिया और ग्रेट ब्रिटेन को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।</p>
<p>इस बीच ज्योति सुरेखा वेन्नम ने व्यक्तिगत कंपाउंड तीरंदाजी में कांस्य पदक अपने नाम किया। ज्योति ने कोलंबिया की सारा लोपेज को शूटऑफ में हराकर कांस्य पदक जीता। ज्योति सुरेखा वेन्नम, अदिति गोपीचंद स्वामी और परनीत कौर की तिकड़ी ने मिलकर इस महीने की शुरुआत में जर्मनी के बर्लिन में आयोजित तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में भारत की पहली महिला कंपाउंड टीम का स्वर्ण पदक जीता था।</p>
<p>इससे पहले टोक्यो ओलंपियन अतानु दास, धीरज बोम्मदेवरा और तुषार प्रभाकर शेलके की भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने स्पेन को 6-2 से हराकर कांस्य पदक जीता था जबकि भजन कौर, सिमरनजीत कौर और अंकिता भकत की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने भी कांस्य पदक जीता था।</p>
<p>पेरिस तीरंदाजी विश्व कप पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए अप्रत्यक्ष क्वालीफायर है। इसमें कोई प्रत्यक्ष कोटा स्थान नहीं है, लेकिन पेरिस मीट रिकर्व तीरंदाजों को रैंङ्क्षकग अंक प्रदान करेगी। इसकी मदद से पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए दो ओलंपिक खेलों का टीम कोटा निर्धारित किया जाएगा।</p>
<p>पेरिस में व्यक्तिगत स्पर्धा जीतने वाले तीरंदाज सितंबर में मेक्सिको के हर्मोसिलो में होने वाले तीरंदाजी विश्व कप फाइनल के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Aug 2023 10:51:17 +0530</pubDate>
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                <title>दिव्यांश-निशा की जोड़ी ने जीता रजत, देवांशी-दक्षवीर को कांस्य</title>
                                    <description><![CDATA[ओलंपियन दिव्यांश सिंह पवार और निशा कंवर की राजस्थान की जोड़ी ने गुरुवार को दिल्ली में चल रही कुमार सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप में 10 मीटर राइफल सीनियर मिश्रित टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीत लिया। देवांशी कटारा और दक्षवीर सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर राइफल यूथ मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/divyansh-nisha-pair-won-silver--devanshi-dakshveer-got-bronze/article-12429"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/divyansh-singh-panwar-&amp;-nisha-kanwar-----10m-air-rifle-mixed-team-silver-medalist.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> ओलंपियन दिव्यांश सिंह पवार और निशा कंवर की राजस्थान की जोड़ी ने गुरुवार को दिल्ली में चल रही कुमार सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप में 10 मीटर राइफल सीनियर मिश्रित टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीत लिया। देवांशी कटारा और दक्षवीर सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर राइफल यूथ मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया।</p>
<p>दिव्यांश और निशा की जोड़ी ने मिक्स्ड टीम स्पर्धा में 630 का स्कोर बनाते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। उन्होंने फाइनल में भी अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखते हुए रजत पदक पर कब्जा किया। वहीं दक्षवीर और देवांशी कटारा की राजस्थान की जोड़ी ने 10 मीटर राइफल यूथ मिक्स्ड स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 12:50:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>जापान को हरा भारत ने एशिया कप में जीता कांस्य</title>
                                    <description><![CDATA[जकार्ता। भारतीय हॉकी टीम ने हीरो एशिया कप के कांस्य पदक मुकाबले में जापान को बुधवार को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल कर लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/india-beat-japan-to-win-bronze-in-asia-cup/article-11080"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/india-vs-japan.jpg" alt=""></a><br /><p>जकार्ता। भारतीय हॉकी टीम ने हीरो एशिया कप के कांस्य पदक मुकाबले में जापान को बुधवार को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल कर लिया। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के जीबीके एरिना में हुए इस मुकाबले में भारत ने राजकुमार पाल के गोल की बदौलत जापान को शिकस्त दी। राजकुमार ने पहले ही क्वार्टर में मैच का इकलौता गोल कर भारत को बढ़त दिला दी थी। दक्षिण कोरिया ने फाइनल में मलेशिया को 2-1 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। हाफ टाइम तक दोनों टीमें 1-1 से बराबरी पर थीं।</p>
<p><br /><strong>2017 में जीता था स्वर्ण</strong><br />भारत को दूसरी बार एशिया कप में कांस्य पदक मिला है। इससे पहले उसने 1999 में मलेशिया को 4-2 से हराकर कांस्य जीता था। भारत सिर्फ 2009 में कोई पदक नहीं जीत पाया था। 1982, 1985, 1989 और 1994 में भारत ने रजत पदक जीता था, जबकि 1999 में कांस्य से संतोष करना पड़ा था। 2003 में पहली बार भारत को स्वर्ण मिला। उसके बाद 2007 में भी टीम ने इस प्रदर्शन को दोहराया। 2013 में रजत और 2017 में स्वर्ण मिला था। कुल मिलाकर भारत ने अब तक तीन बार स्वर्ण, पांच रजत और दो बार कांस्य अपने नाम किए हैं।<br /><br /><strong>इसके बाद नहीं हुआ कोई गोल</strong><br />दूसरे क्वार्टर में जापान को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह गोल नहीं कर सके। तीसरे क्वार्टर में भारत के लिए मनिंदर और सुनील ने अच्छे प्रयास किए लेकिन असफल रहे। चौथे क्वार्टर में जापान को फिर लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन वह इसका फायदा न उठा सकी। मैच 1-0 से जीतने के बाद मैन ऑफ द मैच से नवाजे गए भारतीय कप्तान बिरेंद्र लाकड़ा ने कहा कि यह काफी मुश्किल था। इस तरह के मैच के लिए खुद को प्रेरित करना मुश्किल है क्योंकि हम फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए थे।</p>
<p><br /><strong>जापान को 7 और भारत को मिले 2 पेनल्टी कॉर्नर</strong><br />मैच में जापान को सात पेनल्टी कॉर्नर और भारत को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन कोई भी टीम इन्हें गोल में तब्दील नहीं कर सकी। भारत ने 11 बार जबकि जापान ने 10 बार विरोधी टीम के सर्किल को भेदने में सफलता हासिल की। मैच के अंतिम मिनट में भारत ने सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए भी एशिया कप का अपना दूसरा कांस्य पदक जीत लिया।</p>
<p><br /><strong>नौवें मिनट में राजकुमार ने दिलाई बढ़त</strong><br />भारत और जापान के बीच ग्रुप स्टेज के मुकाबले में जापान ने 5-2 से जीत हासिल की थी, लेकिन बिरेंद्र लाकड़ा की टीम ने पिछले मैच को पीछे छोड़ते हुए पहले क्वार्टर की जोरदार शुरुआत की। भारत के लिये मंजीत ने बाएं फ्लैंक से हमला करते हुए पहला गोल करने की कोशिश की लेकिन जापान ने जैसे-तैसे अपना बचाव किया। लेकिन नौवें मिनट में राजकुमार पाल ने गोल करते हुए भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 14:57:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>हॉलैंड बना जूनियर विश्व कप महिला चैंपियन</title>
                                    <description><![CDATA[जर्मनी टूर्नामेंट की एकमात्र टीम रही जिसने हॉलैंड के खिलाफ गोल किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-news--holland-junior-world-cup-women-s-champion--india-lost-by-bronze-in-the-shootout/article-7840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/hoky.jpg" alt=""></a><br /><p>पोचेफ्सट्रूम। हॉलैंड ने कड़े मुकाबले में जर्मनी को मंगलवार को 3-1 से हराकर हॉकी जूनियर महिला विश्व कप का खिताब जीत लिया।  जर्मनी टूर्नामेंट की एकमात्र टीम रही जिसने हॉलैंड के खिलाफ गोल किया। इससे पहले इंग्लैंड ने भारत को शूट आउट में 3-0 से हराकर कांस्य पदक जीता। इंग्लैंड और भारत निर्धारित समय में 2-2 से बराबर रहे थे।  फाइनल से पहले हॉलैंड ने टूर्नामेंट में 46 गोल किये थे लेकिन एक भी गोल नहीं खाया था। जर्मनी ने फाइनल में हॉलैंड के डिफेंस में सेंध लगाई लेकिन हॉलैंड को खिताब जीतने से नहीं रोक सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Apr 2022 13:20:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>योरिन - रयू की 17 वी जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता</title>
                                    <description><![CDATA[33 स्वँण पदक 16 रजत पदक एवं 14 कास्य पदक विजेता खिलाड़ी स्म्मानित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A8---%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-17-%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE/article-1685"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/whatsapp-image-2021-10-14-at-14.06.39.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। श्योरिन -रयू की 17 वीं जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में 33 स्वँण पदक 16 रजत पदक एवं 14 कास्य पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रसिद्ध समाज सेवी सुधीर माथुर ने अपने निवास स्थान पर सम्मानित किया। इस अवसर पर बनी पार्क गुलाब उधान कराटे क्लब के तकनीकी कराटे कोच शिहान दिनेश डाबी ने बताया की 9 ओर 10 अक्टूबर को जयपुर में श्योरिन - रयू की 17 वी जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता आयोजित हुई इस कराटे प्रतियोगिता में जयपुर शहर से करीब 100 खिलाड़ियों ने अलग अलग आयु वगँ ओर भार वगँ मे भाग लिया। इस प्रतियोगिता में बनी पार्क गुलाब उधान कराटे क्लब के 23 खिलाड़ियों ने अलग अलग ईवेन्ट ऐकल काता- टिम काता - कूमिते मे भाग लेकर 33 स्वँण पदक 16 रजत पदक एवं 14 कास्य पदक जीत कर जयपुर शहर का नाम रोशन किया।  पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रसिद्ध समाज सेवी  सुधीर माथुर ने अपने निवास स्थान पर कराटे खिलाड़ियों को अपने हाथो से पदक पहनाकर प्रमाण पत्र प्रदान कर खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर क्लब के कराटे कोच शिहान दिनेश डाबी भी उपस्थित रहे ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Oct 2021 15:52:06 +0530</pubDate>
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