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                <title>Middle East Conflict - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Middle East Conflict RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान में मिशन अभी पूरा नहीं हुआ : मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया ने कहा-मिशन तभी समाप्त होगा जब ईरान में राजनीतिक शासन बदल जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया ने स्पष्ट किया है कि ईरान में उनका अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक वहां का कट्टरपंथी शासन नहीं बदल जाता। अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बीच, इजरायल ने तेहरान के खिलाफ अपनी गहन सैन्य और खुफिया योजनाएं जारी रखने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-mission-in-iran-has-not-been-completed-yet-mossad/article-150463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/david-barnea.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। इजरायली खुफिया सेवा (मोसाद) के निदेशक डेविड बार्निया ने कहा कि ईरान में एजेंसी का मिशन तभी समाप्त होगा जब ईरान में राजनीतिक शासन बदल जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को बार्निया के हवाले से कहा, "हमारा मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है। हमने यह नहीं सोचा था कि लड़ाई खत्म होते ही यह मिशन तुरंत पूरा हो जाएगा। हमने तेहरान में हुए हमलों के बाद भी अपने अभियान को जारी रखने और परिणाम हासिल करने के लिए गहन योजना बनाई थी। यह मिशन तभी पूरा होगा जब इस कट्टरपंथी शासन को हटा दिया जाएगा।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 11 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते की घोषणा करने के बाद, ईरान और अमेरिका ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में वार्ता शुरू की। 12 अप्रैल को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने घोषणा की कि ईरान और अमेरिका वार्ता के दौरान किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बिना किसी समझौते के वापस लौट गया।</p>
<p>इसके बाद 12 अप्रैल को ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने या बाहर निकलने का प्रयास करने वाले सभी जहाजों की नाकाबंदी शुरू करेगा। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को उन सभी जहाजों पर नज़र रखने और उन्हें रोकने का भी निर्देश दिया जिन्होंने जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को भुगतान किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 14:02:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी-इजरायली हमले में ईरान को लगभग 270 अरब डॉलर का नुकसान : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने खुलासा किया है कि हालिया हमलों से देश को लगभग 270 अरब डॉलर की क्षति हुई है। सरकार वर्तमान में बुनियादी ढांचे, बजट राजस्व और औद्योगिक केंद्रों के बंद होने से हुए नुकसान का आकलन कर रही है। ईरान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैन्य हर्जाने की मांग उठाने की तैयारी में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/report-of-loss-of-about-270-billion-dollars-to-iran/article-150331"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran3.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने कहा है कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार अमेरिकी-इजरायली हमलों से ईरान को लगभग 270 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। मोहाजेरानी ने कहा, "प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार आज तक 270 अरब डॉलर का नुकसान होने का संकेत मिला है।" उनके अनुसार, नुकसान के अधिक सटीक आंकड़े सरकार के आर्थिक ब्लॉक द्वारा निर्धारित किए जाएंगे, जो कई चरणों में इसका मूल्यांकन कर रहे हैं।</p>
<p>प्रवक्ता ने बताया कि पहले चरण में इमारतों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में बजट राजस्व के नुकसान और औद्योगिक केंद्रों के बंद होने से संबंधित नुकसान का आकलन किया जाएगा। मोहाजेरानी ने यह भी उल्लेख किया कि ईरान को दिए जाने वाले अमेरिकी सैन्य हर्जाने का मुद्दा ईरानी वार्ता टीम द्वारा उठाए जा रहे विषयों में से एक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 12:27:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महमूद कोमाती का दावा : हिज़्बुल्लाह को मध्य पूर्व संघर्ष के समाधान में रूस की भूमिका की उम्मीद, ट्रंप पर लगाया बाधाएँ और रुकावटें खड़ा करने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[हिज़्बुल्लाह नेता महमूद कोमाती ने मध्य पूर्व संकट में रूस की सक्रिय भूमिका की वकालत की है। उन्होंने कहा कि रूस के ईरान और अरब देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध शांति स्थापित कर सकते हैं, लेकिन अमेरिकी बाधाएं समाधान में रोड़ा अटका रही हैं। कोमाती के अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अमेरिका को अंततः रूस के प्रभाव की आवश्यकता होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/mahmoud-komati-claims-hezbollah-expects-russias-role-in-resolving-middle/article-150161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hizbullah1.png" alt=""></a><br /><p>बेरुत। हिज़्बुल्लाह के राजनीतिक परिषद के उप प्रमुख महमूद कोमाती ने बताया कि हिज़्बुल्लाह को उम्मीद है कि रूस, जिसके ईरान सहित मध्य पूर्वी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, इस क्षेत्र में संघर्ष के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कोमाती ने कहा, “आज, रूस, ईरान के साथ अपने संबंधों और क्षेत्रीय स्तर पर कई अरब देशों और लेबनान के साथ अपने निष्ठापूर्ण संबंधों के कारण, एक भूमिका निभा सकता है और हम इसकी उम्मीद करते हैं। लेकिन, दुर्भाग्य से, संयुक्त राज्य अमेरिका रूस की किसी भी भूमिका में बाधाएँ और रुकावटें पैदा कर रहा है।</p>
<p>इस बीच, आज अमेरिका और विशेष रूप से (राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रम्प, ईरान को प्रभावित करने और युद्धविराम हासिल करने के लिए रूस की ओर रुख कर रहे हैं। देर-सवेर, उन्हें रूस की आवश्यकता होगी।” राजनेता के अनुसार, हिज़्बुल्लाह रूस के रुख, क्षेत्र में उसकी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार मानव और राज्य अधिकारों की रक्षा को सकारात्मक रूप से देखता है। उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, दुर्भाग्य से, आज यह क्षेत्र अमेरिकी वर्चस्व, उसकी आक्रामकता, हत्या और विनाश से ग्रस्त है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:08:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राहत की खबर : मुंबई पहुंचा ‘ग्रीन आशा’ एलपीजी जहाज, होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सुरक्षित लाया 15,400 टन गैस</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई के जेएनपीए बंदरगाह पर भारतीय एलपीजी जहाज 'ग्रीन आशा' का शानदार स्वागत हुआ। रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर यह जहाज 15,400 टन एलपीजी लेकर सुरक्षित भारत पहुँचा। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच चालक दल और कार्गो की सुरक्षित वापसी भारत की सामरिक सफलता को दर्शाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/news-of-relief-green-asha-arrived-with-15400-tons-of/article-149808"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/green-asha.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। मुंबई के पास स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) ने गुरुवार को ‘ग्रीन आशा’ नाम का एक भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाज का स्वागत किया। इस जहाज़ ने रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया है। यह जहाज़ बीपीसीएल-आईओसीएल द्वारा संचालित लिक्विड बर्थ पर लंगर डाल चुका है। इस जहाज में 15,400 टन एलपीजी लदी हुई थी। जहाज, उसमें लदा माल और चालक दल का प्रत्येक सदस्य पूरी तरह सुरक्षित है।</p>
<p>ऑनलाइन सामने आए दृश्यों में जहाज को बंदरगाह पर लंगर डाले हुए दिखाया गया है, जहां चालक दल के सदस्य हाथ हिलाकर अभिवादन कर रहे हैं। यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में लागू एक नाजुक संघर्षविराम के दौरान सामने आया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:05:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप की धमकी के बीच आईआरजीसी का दावा : अमेरिका ने बेइज्जती से बचने के लिए अपने ही विमानों पर की बमबारी, सी-130 सैन्य परिवहन विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर हुए थे नष्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के 'खातम अल-अंबिया' मुख्यालय ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने अपनी 'प्रतिष्ठा' बचाने के लिए अपने ही क्षतिग्रस्त विमानों और सैनिकों पर बमबारी की। इस्फहान के पास आपातकालीन लैंडिंग को मजबूर हुए दो C-130 और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को IRGC ने निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका के इस बचाव अभियान को 'पूर्ण विफलता' करार दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irgc-claims-america-bombed-its-own-planes-to-avoid-humiliation/article-149272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/irgc1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के वायु रक्षा कमान ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने बचाव अभियान के दौरान अपने ही विमानों पर बमबारी कर दी। ईरान के एकीकृत वायु रक्षा कमान 'खातम अल-अंबिया मुख्यालय' के प्रवक्ता ने कहा, "जब ईरान के लड़ाकू विमानों ने घेराबंदी पूरी कर ली, तो ट्रंप की बेइज्जती से बचने और अपनी सेना की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए अपने ही गिराए गए विमानों, साजो-सामान, कमांडरों और सैनिकों पर भारी बमबारी करने को मजबूर होना पड़ा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अमेरिका के कई विमानों को निशाना बनाया गया और उन्हें इस्फहान के दक्षिण में आपातकालीन लैंडिंग करने पर मजबूर होना पड़ा। इनमें दो सी-130 सैन्य परिवहन विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर शामिल थे। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान में अमेरिका के इस अभियान को 'विफल' बताया गया और कहा गया कि इसके परिणाम को 'सिर्फ बयानबाजी, मीडिया युद्ध या मनोवैज्ञानिक अभियानों से ठीक नहीं किया जा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 18:38:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान ने इज़रायल पर बरपाया कहर : तेल अवीव में सुनी गई ज़ोरदार धमाकों की आवाज़ें, 15 मिनट के भीतर हुए तीन बार हवाई हमले</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी मिसाइल हमलों के बाद तेल अवीव में जोरदार धमाके सुने गए। 15 मिनट में तीन बार हवाई हमले के सायरन बजे, जिससे पूरे इजरायल में दहशत फैल गई। 28 फरवरी से जारी इस भीषण युद्ध में अब तक 1,300 मौतें हो चुकी हैं। जवाबी कार्रवाई में ईरान लगातार इजरायली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-wreaks-havoc-on-israel-loud-explosions-heard-in-tel/article-149271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran-attack1.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। ईरान के मिसाइल हमले के बाद इजरायल के तेल अवीव क्षेत्र में ज़ोरदार धमाके सुने गये हैं। इससे पहले ईरान की ओर से हुए मिसाइल हमले के कारण शहर और मध्य इज़रायल में 15 मिनट के भीतर तीन बार हवाई हमले के सायरन बजे। धमाकों की आवाज़ें भी सुनाई दीं, जो संभवतः हवाई रक्षा प्रणालियों से हुई थीं। अभी तक मिसाइल गिरने या किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।</p>
<p>अमेरिका और इज़रायल के हमलों की जवाबी कार्रवाई में ईरान पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़रायली क्षेत्र पर हमले कर रहा है। संघर्ष के पहले दिन, 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान में बालिकाओं के एक स्कूल पर हमला हुआ था। उसी दिन एक अन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गये थे। अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान में 1,300 लोगों की जानें जा चुकी हैं और 20,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 17:21:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका को बड़ा झटका : ईरान ने किया दूसरे F-35 फाइटर जेट गिराने का दावा, ट्रंप के दावे को बताया झूठा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान की IRGC ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को चुनौती देते हुए दो उन्नत अमेरिकी लड़ाकू विमानों, जिनमें एक F-35 स्टील्थ शामिल है, को मार गिराने की पुष्टि की है। तेहरान का दावा है कि उनकी स्वदेशी हवाई रक्षा प्रणाली अभी भी पूरी तरह सक्रिय है। इस कार्रवाई ने खाड़ी क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष को और अधिक विस्फोटक बना दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-blow-to-america-iran-claims-to-have-shot-down/article-148968"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/fighter-jet.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली के नष्ट करने के दावों के बावजूद, ईरानी सेना ने शुक्रवार को दो उन्नत अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने की बात कही है। जिनमें दूसरा एफ-35 विमान भी शामिल है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने इन हमलों की "पुष्टि" की है। एक बयान में, आईआरजीसी ने कहा कि उसकी नव विकसित हवाई रक्षा प्रणालियों ने मध्य ईरान में एक स्टील्थ एफ-35 लड़ाकू विमान को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर मार गिराया है।</p>
<p>आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी वायु सेना के लेकनहीथ स्क्वाड्रन से संबंधित यह विमान पूरी तरह से नष्ट हो गया और पायलट के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। आईआरजीसी ने ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली के पूर्ण विनाश के बारे में ट्रम्प के दावे को "झूठा दावा" बताया है। इस बयान में ईरान के एकीकृत हवाई रक्षा नेटवर्क की निरंतर प्रभावशीलता पर जोर देते हुए कहा गया, " अमेरिकी राष्ट्रपति के झूठे दावे के बाद, कुछ ही क्षण पहले क़ेशम द्वीप के दक्षिण में आईआरजीसी नौसेना की आधुनिक उन्नत हवाई रक्षा प्रणाली ने शत्रु के उन्नत लड़ाकू विमानों को मार गिराया है।"</p>
<p>ईरानी मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी सेना के लिए हाल ही में बड़ा झटका है। ईरानी मीडिया ने बताया है कि युद्ध की शुरुआत के बाद से, ईरान ने दो एफ-35, एक एफ-18, दो एफ-16 और चार एफ-15 सहित कई उन्नत अमेरिकी विमानों को मार गिराया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 14:27:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>हाइफ़ा में भीषण गोलीबारी के बाद हवाई हमले के बजे सायरन : IDF ने ईरान से मिसाइल प्रक्षेपण का लगाया पता, 1300 से ज़्यादा लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[इज़रायल के हाइफा शहर में हवाई हमले के सायरन गूंज रहे हैं। आईडीएफ ने ईरानी मिसाइल हमलों की पुष्टि की है, जिन्हें रोकने के लिए रक्षा प्रणालियां सक्रिय हैं। 28 फरवरी से जारी इस संघर्ष में अब तक 1,300 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। अमेरिका और इज़रायल ने अब ईरान में सत्ता परिवर्तन को अपना मुख्य लक्ष्य घोषित कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-fierce-firing-in-haifa-idf-detected-missile-launch-from/article-148811"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/haifa.png" alt=""></a><br /><p>हाइफ़ा। इजरायल की होम फ्रंट कमांड ने ईरान से उसकी तरफ मिसाइलें दागे जाने की प्रारंभिक चेतावनी भेजी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी इजरायली शहर हाइफ़ा में हवाई हमले के सायरन बज रहे हैं। इजरायल पर बुधवार को भारी गोलाबारी के बावजूद, पिछले दिन हाइफ़ा में हवाई हमले के कोई सायरन नहीं बजे थे। लेबनान की ओर से हालांकि हुई गोलाबारी के कारण मंगलवार शाम को तीन बार सायरन बजाए गये थे। इससे पहले, इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा कि इजरायल ने ईरान से मिसाइल प्रक्षेपण का पता लगाया है। आईडीएफ ने टेलीग्राम पर कहा, "कुछ समय पहले, आईडीएफ ने ईरान से इजरायल की तरफ दागी गई मिसाइलों का पता लगाया है। मिसाइलों को रोकने के लिए रक्षा प्रणालियां काम कर रही हैं।"</p>
<p>गौरतलब है कि, अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये। सैन्य कार्रवाई के पहले दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गये थे और दक्षिणी ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर बमबारी की गई थी। ईरान ने मरने वालों की संख्या 1,300 से अधिक बताई है। अमेरिका-इजरायल ने शुरू में दावा किया था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए उनकी पूर्व-निवारक कार्रवाई आवश्यक थी लेकिन जल्द ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन देखना चाहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 14:02:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>स्पेन संसद का बड़ा ऐलान: ईरान संघर्ष के परिणामों को कम करने के लिए संकट-रोधी पैकेज को दी मंजूरी; दस्तावेज में ईंधन, गैस और बिजली पर कर में कटौती सहित कई प्रावधान शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया युद्ध के आर्थिक झटकों से निपटने के लिए स्पेन ने 5.8 अरब डॉलर के संकट-रोधी पैकेज को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत बिजली और गैस पर VAT 21% से घटाकर 10% किया गया है। वित्त मंत्री कार्लोस कूएर्पो के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से बढ़ी ऊर्जा कीमतों के बीच यह कदम दो करोड़ परिवारों को सीधी राहत देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-announcement-of-spain-parliament-approves-anti-crisis-package-to-reduce/article-148082"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/spain-parliament.png" alt=""></a><br /><p>मैड्रिड। स्पेन की संसद के निचले सदन, कांग्रेस ऑफ डेप्युटीज ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए पांच अरब यूरो (5.8 अरब डॉलर) के संकट-रोधी पैकेज को मंजूरी दे दी है। सदन की ओर से जारी बयान में कहा गया, "कांग्रेस ने ईरान में युद्ध से स्पेनिश परिवारों और व्यवसायों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए सरकार द्वारा लागू किए जा रहे उपायों से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।"</p>
<p>रॉयल डिक्री-लॉ के रूप में तैयार इस दस्तावेज में ईंधन, गैस और बिजली पर कर में कटौती सहित कई प्रावधान शामिल हैं। ऊर्जा संसाधनों पर वैट को 21 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा। इसके अलावा ऊर्जा उत्पादन और वितरण क्षेत्र में अतिरिक्त कर रियायतें भी दी जाएंगी। वित्त मंत्री कार्लोस कूएर्पो ने संसद में विधेयक पेश करते हुए कहा, "यह युद्ध के आर्थिक परिणामों के प्रति त्वरित प्रतिक्रिया है।" उन्होंने बताया कि इस कदम से करीब दो करोड़ परिवारों को बिजली बिल में राहत मिलेगी।</p>
<p>गत सप्ताह स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार देश की अर्थव्यवस्था को समर्थन देने और पश्चिम एशिया युद्ध के प्रभाव को कम करने के लिए 80 उपायों वाले पांच अरब यूरो (5.8 अरब डॉलर) के पैकेज को मंजूरी देगी। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इज़रायल ने तेहरान सहित ईरान के विभिन्न ठिकानों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इज़रायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इसके परिणामस्वरूप फारस की खाड़ी से वैश्विक बाजारों तक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:36:11 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका ने ईरान को भेजा युद्ध समाप्त करने के लिए 15 सूत्री प्रस्ताव: तेहरान ने बातचीत से किया इनकार, युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे महत्वपूर्ण राजनयिक पहल </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बाद उपजे तनाव को कम करने हेतु ईरान को 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने 'सकारात्मक बातचीत' का दावा किया, जिसमें परमाणु हथियारों पर रोक और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना शामिल है। हालांकि, ईरान ने इसे 'फर्जी खबर' बताकर खारिज कर दिया है, जिससे कूटनीतिक समाधान पर सस्पेंस बरकरार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-sent-15-point-proposal-to-iran-to-end-the-war/article-147869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/america-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से ईरान को 15 सूत्री प्रस्ताव दिया है जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे महत्वपूर्ण राजनयिक पहल हो सकती है। हालांकि ईरान ने किसी भी प्रकार की बातचीत होने से स्पष्ट इनकार किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह प्रस्ताव पाकिस्तान में मध्यस्थों के माध्यम से भेजा गया था। इस मामले से परिचित सूत्रों के हवाले से इस योजना की पुष्टि की है।</p>
<p>लगभग चार सप्ताह पहले "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" के अंतर्गत अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद बढ़ते संघर्ष के बीच यह राजनयिक प्रयास किया जा रहा है। इसके जवाब में, ईरान ने इज़रायली शहरों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से पश्चिमी देशों से जुड़े जहाजों के आवागमन को प्रभावी रूप से प्रतिबंधित किया है। इस बीच, ईरान और लेबनान पर इज़रायल के हमले जारी हैं और तेल अवीव के चैनल 12 ने प्रस्ताव के प्रमुख बिंदुओं की रिपोर्ट दी, जिसमें अमेरिकी मांगों और संभावित रियायतों दोनों की रूपरेखा दी गई है, हालांकि किसी भी सरकार ने आधिकारिक रूप से पूरा दस्तावेज़ जारी नहीं किया है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वाशिंगटन ईरान में सही लोगों से बातचीत कर रहा है और दावा किया कि तेहरान समझौते पर पहुंचने के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष 15 बिंदुओं पर सहमत हुए हैं जिनमें ईरान द्वारा परमाणु हथियार हासिल न करने की प्रतिबद्धता भी शामिल है। ट्रम्प ने यह भी सुझाव दिया कि अगर कोई समझौता हो जाता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य जल्द ही फिर से खुल सकता है और संकेत दिया कि इस तरह की व्यवस्था के तहत ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को अमेरिका द्वारा अपने कब्जे में लिया जा सकता है।</p>
<p>ईरानी अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि वाशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है, जबकि संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबाफ़ ने इन रिपोर्टों को वैश्विक वित्तीय और तेल बाजारों को प्रभावित करने के उद्देश्य से फैलाई गई फर्जी खबर करार दिया। उन्होंने आगे कहा कि ईरान में जनता की भावना आक्रमणकारियों के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया देने की है। दोनों पक्षों द्वारा बिल्कुल अलग-अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किए जाने के बाद, संघर्ष को कम करने के लिए बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद बातचीत के माध्यम से समाधान की संभावना अनिश्चित बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 17:07:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आईईए का दावा: अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट &quot;बेहद गंभीर&quot;, होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग बंद</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि ईरान-इजरायल युद्ध से उपजा ऊर्जा संकट 1970 के दशक से भी भयानक है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव और ट्रंप की 48 घंटे की सैन्य चेतावनी ने तेल आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है। आईईए कीमतों को स्थिर करने हेतु रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने को तैयार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iea-claims-that-the-global-energy-crisis-caused-by-america-israels/article-147517"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ie.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट "बेहद गंभीर" है और यह 1970 के दशक केनु तेल संकट से भी बदतर हो गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने सोमवार को यह चेतावनी दी, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े युद्ध के कारण पैदा हुआ वैश्विक ऊर्जा संकट 1970 के दशक के तेल संकटों से भी अधिक गंभीर हो सकता है।</p>
<p>बिरोल ने कैनबरा के नेशनल प्रेस क्लब में बोलते हुए कहा कि एजेंसी बाजार की स्थितियों पर कड़ी नजर रख रही है और यदि व्यवधान बढ़ता है, तो सदस्य देशों के साथ समन्वय में कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "यदि आवश्यक हुआ, तो निश्चित रूप से हम ऐसा करेंगे। हम बाजारों का विश्लेषण करेंगे और सदस्य देशों के साथ परामर्श करेंगे।" इस महीने की शुरुआत में, संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजारों में आई तेजी के बाद कीमतों को स्थिर करने के लिए एजेंसी के सदस्य रणनीतिक भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमत हुए थे।</p>
<p>यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भू-राजनीतिक तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि तेहरान वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोलता है, तो 48 घंटों के भीतर ईरानी बिजली संयंत्रों को "नष्ट और समाप्त" कर दिया जाएगा। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा कि जलमार्ग तक पहुंच बहाल करने में विफल रहने पर प्रमुख ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमले किए जाएंगे। यह चेतावनी तनाव में भारी वृद्धि का संकेत है, विशेष रूप से उनके हालिया बयानों के बाद जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस क्षेत्र में सैन्य अभियानों को "कम करने" पर विचार कर रहा है।</p>
<p>अमेरिका इसके बावजूद अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है और पश्चिम एशिया में अतिरिक्त नौसैनिक बलों को तैनात कर रहा है। इजरायल ने भी अपने अभियान को तेज करने का संकेत दिया है, जिसमें रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा है कि ईरान पर हमले काफी बढ़ जाएंगे। इजरायली सेना ने कहा कि उसने सप्ताहांत में ईरान और लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर समन्वित हमलों में 200 से अधिक स्थानों को निशाना बनाया है।</p>
<p>जमीनी स्तर पर शत्रुता जारी है और ईरानी मिसाइल हमलों ने दक्षिणी इजरायल को निशाना बनाया है। अराद में, कम से कम 74 लोग घायल हुए हैं। एक अन्य मिसाइल डिमोना में एक इमारत से टकराई, जहां इजरायल का परमाणु केन्द्र स्थित है। इस बीच, ईरान ने आंतरिक सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया है और विदेशी नेटवर्क के साथ हमलों के नुकसान के बारे में जानकारी साझा करने के कम से कम 25 आरोपियों को हिरासत में लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 14:32:18 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान का पलटवार: कतर में अमेरिकी अड्डे और इजरायल में रक्षा ढांचे पर हवाई हमला, आईआरजीसी ने की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान की आईआरजीसी ने कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे 'अल उदैद' और इजरायली सुरक्षा ढांचे पर बड़ी मिसाइल स्ट्राइक की है। तेहरान ने इसे जवाबी कार्रवाई बताते हुए 1,200 मौतों का दावा किया है। सर्वोच्च नेता खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुए इस भीषण संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध की आग में धकेल दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-counterattack-air-strikes-on-us-base-in-qatar-and/article-146791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-news.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि ईरान ने कतर में एक अमेरिकी अड्डे और इजरायल में मिसाइल रक्षा ढांचे पर हमला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को आईआरजीसी के हवाले से कहा, ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 का 57वां चरण कब्जे वाले क्षेत्रों के मध्य में स्थित लक्ष्यों के खिलाफ सफलतापूर्वक चलाया गया, जिसमें कमान एवं संचार ढांचे के साथ-साथ मिसाइल रक्षा ढांचा भी शामिल था।</p>
<p>बयान में आगे कहा गया कि आईआरजीसी ने कतर में स्थित अमेरिकी अल उदैद सैन्य अड्डे पर जोल्फ़ाघर एवं कियाम मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए हमला किया।</p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया जिसके जवाब में ईरान ने इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। सैन्य कार्रवाई के पहले दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई और दक्षिणी ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर बमबारी की गई। ईरान के अनुसार अब तक मरने वालों की संख्या 1,200 से अधिक हो चुकी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 12:25:54 +0530</pubDate>
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