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                <title>पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी पहल: 'जन कल्याण शिविर' की शुरूआत, इन योजनाओं का मिलेगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल सरकार ने 'जन कल्याण शिविर' कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित इन विशेष शिविरों में आयुष्मान भारत, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, भूमि सुधार और किसान निधि जैसी कई केंद्रीय व राज्य कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन एक ही छत के नीचे सीधे स्वीकार किए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-initiative-of-west-bengal-government-launch-of-jan-kalyan/article-157011"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/suvendu-adhikari.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने के उद्देश्य से सोमवार से राज्यव्यापी 'जन कल्याण शिविर' कार्यक्रम शुरू कर रही है। यह पहल पिछली सरकार के 'द्वारे सरकार' जनसंपर्क कार्यक्रम से मिलती-जुलती है। इसका उद्देश्य कई कल्याणकारी योजनाओं, जागरूकता अभियानों और आवेदन की सुविधाओं को एक ही छत के नीचे लाना है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, आज से बुधवार तक राज्य भर में जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर उन लोगों को सीधे आवेदन करने की सुविधा देंगे, जो अब तक विभिन्न सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कृषि से जुड़ी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाए हैं। आवेदन जमा करने और शुरुआती जांच को आसान बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, ताकि काम में देरी न हो और लोग जानकारी के अभाव के कारण सरकारी लाभों से वंचित न रहें।</p>
<p>शिविरों में कई केंद्रीय और राज्य योजनाओं के आवेदन स्वीकार किये जायंगे। इनमें आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा, उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, पहचान पत्र (आधार) नामांकन व लिंक करना और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत आवेदन शामिल हैं। इसके अलावा जमीन से जुड़ी सेवाएं जैसे दाखिल-खारिज, भूमि रिकॉर्ड में छोटे-मोटे सुधार और पट्टा के आवेदन भी उपलब्ध होंगे। इन शिविरों में ई-श्रम, पीएम श्रम योगी मानधन, मुफ्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और पश्चिम बंगाल प्रवासी श्रमिक कल्याण योजना के आवेदनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। लाभार्थी अन्नपूर्णा योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, सुकन्या समृद्धि योजना, कन्याश्री और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p>किसानों के लिए पीएम-किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कृषि अवसंरचना कोष के आवेदन लिए जाएंगे। पिछड़े वर्गों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं, जिनमें प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, शिक्षाश्री, मेधाश्री और तपशिल बंधु शामिल हैं, उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके अलावा बैंकिंग और वित्तीय समावेशन योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री जन धन योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना भी उपलब्ध होंगी।</p>
<p>मछुआरों के लिए पीएम मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, राज्य खाद्य सुरक्षा योजना-प्रथम, पीएम उज्ज्वला योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन और पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग औपचारिक रूप देने की योजना के लिए भी आवेदन जमा किए जा सकते हैं। इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों में विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें बुनियादी ढांचे, जागरूकता अभियानों, आवेदन प्रणाली और अंतर-विभागीय समन्वय सहित सभी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए रविवार को ही अपने-अपने जिलों में पहुंचने के निर्देश दिए गए थे।</p>
<p>प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के तहत, अधिकारियों को आज और कल (मंगलवार) को अधिक से अधिक शिविरों का दौरा करने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर बुधवार को भी निरीक्षण जारी रहेगा। वे शिविरों में आने वाले नागरिकों के अनुभव, आवेदन प्रसंस्करण की गति और दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करेंगे। राज्य सरकार को उम्मीद है कि जन कल्याण शिविर कार्यक्रम न केवल सरकारी सेवाओं को जनता के करीब लाएगा, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच के जुड़ाव को भी मजबूत करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:32:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बड़े खुलासे के संकेत! फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी पर सीआईडी का शिकंजा, तीसरी बार तलब करने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी से सीआईडी ने आठ घंटे तक कड़ी पूछताछ की। कुणाल घोष के सामने बैठाकर किए गए सवाल-जवाब में बनर्जी के बयानों में कई बड़े विरोधाभास मिले हैं। जांच से असंतुष्ट सीआईडी अब उन्हें तीसरा समन भेजने की तैयारी कर रही है, जबकि आज उन्हें ईडी के सामने भी पेश होना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/indications-of-big-revelations-preparation-to-summon-cid-for-the/article-157012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ईडी.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच कर रही अपराध जांच विभाग (सीआईडी) पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी को तीसरी बार तलब कर सकती है। रविवार को हुई पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को उनके बयानों में कई विरोधाभास मिले हैं। अभिषेक बनर्जी इस मामले में दूसरे दौर की पूछताछ के लिए रविवार को सीआईडी के सामने पेश हुए थे, जहां करीब आठ घंटे तक उनसे पूछताछ चली। उनसे अकेले में भी पूछताछ की गयी और फिर तृणमूल नेता कुणाल घोष के सामने बैठाकर भी घंटों सवाल-जवाब किये गये। जांच एजेंसी के सूत्रों का आरोप है कि जब घोष की मौजूदगी में पूछताछ की गयी, तो अभिषेक बनर्जी कई अहम बातों पर अपने बयान से पलट गये। बताया जा रहा है कि आमने-सामने बैठाने से पहले सीआईडी अधिकारियों ने दोनों नेताओं से अलग-अलग पूछताछ की थी।</p>
<p>सीआईडी सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं को अभिषेक बनर्जी के अकेले के बयानों और दोनों नेताओं की मौजूदगी में दिये गये जवाबों में काफी अंतर मिला। जब बनर्जी से बयानों में इस बदलाव की वजह पूछी गयी, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये। माना जा रहा है कि रविवार की पूछताछ से जांच एजेंसी संतुष्ट नहीं है। ऐसे में जांच को आगे बढ़ाने के लिए तृणमूल सांसद को एक और समन भेजने पर विचार किया जा रहा है। उनकी पेशी की तारीख पर अभी हालांकि फैसला नहीं हुआ है।</p>
<p>कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी पिछले कई हफ्तों से सीआईडी की रडार पर हैं। इससे पहले उन्होंने अलग-अलग वजहें बताकर कई समन टाल दिये थे, जिसके बाद अदालत के दखल देने पर ही वह जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए। सूत्रों का कहना है कि पहले दौर की पूछताछ में उन्होंने कई सवालों के जवाब में सिर्फ यही कहा था कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। यह नया घटनाक्रम ऐसे समय में आया है, जब अभिषेक बनर्जी पहले से ही कई मामलों में घिरे हुए हैं। कथित भर्ती घोटाले के सिलसिले में सोमवार को उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होना है। मंगलवार को, डीजे विवाद से जुड़ी अपनी कथित टिप्पणी के एक अलग मामले में भी उनके सीआईडी के सामने पेश होने की संभावना है।</p>
<p>इन मामलों के अलावा भी अभिषेक बनर्जी कई अन्य जांच और शिकायतों का सामना कर रहे हैं। कोयला तस्करी के मामले में भी उनका नाम लंबे समय से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, अम्फान राहत कोष के वितरण में गड़बड़ी को लेकर शनिवार को उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के मामले में सिलीगुड़ी में भी एक शिकायत दर्ज है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 13:26:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी सीआईडी के सामने पेश: भवानी भवन में कड़ी सुरक्षा, ईडी समन और अन्य जांचों के बीच बढ़ीं टीएमसी नेता की मुश्किलें</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन पहुंच गए हैं। कोर्ट के निर्देशानुसार जांच में सहयोग कर रहे बनर्जी से पूछताछ के लिए रविवार को भी अधिकारी तैनात रहे। उनके आवास पर हुई हालिया पुलिस छापेमारी के बाद इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/abhishek-banerjee-presented-before-cid-in-fake-signature-case-tight/article-156964"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/abhishek-banerjee.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी रविवार को राज्य पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के सामने पेश होने के लिए विभाग के मुख्यालय पहुंच गये हैं। इसके मद्देनजर कोलकाता के भवानी भवन स्थित मुख्यालय पर सुरक्षा व्यवस्था का कड़ी व्यवस्था की गयी है। इससे पहले डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी से सीआईडी ने गुरुवार रात को लगभग साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की थी। उस पूछताछ के बाद उन्हें दोबारा समन जारी कर रविवार सुबह पेश होने के लिए कहा गया था। अभिषेक बनर्जी ने पहले ही कहा था कि वह जांच में सहयोग करेंगे और निर्देशानुसार एजेंसी के सामने पेश होंगे।</p>
<p>अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें इन दिनों कई मामलों को लेकर बढ़ी हुई हैं। शुक्रवार को सीआईडी अधिकारियों ने उनके आवास पर जाकर साल्ट लेक में दर्ज एक शिकायत के मामले में एक और नोटिस चिपकाया है। यह मामला उनके एक बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्हें 16 जून को पेश होने के लिए कहा गया है। इसके अतिरिक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी प्राथमिक स्कूल भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में उन्हें 15 जून को तलब किया है। इन दोनों ही मामलों में उनके पास कोई कानूनी राहत या सुरक्षा नहीं है।</p>
<p>कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले की सुनवाई करते हुए बनर्जी को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। हालांकि, अदालत ने सीआईडी को उनके खिलाफ दो सप्ताह तक कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करने का आदेश दिया है। अदालत से मिली इसी अंतरिम राहत के बीच बनर्जी रविवार को सीआईडी के सामने पेश हो रहे हैं। आज छुट्टी का दिन होने के बावजूद सुबह से ही सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी भवानी भवन पहुंचने लगे थे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।</p>
<p>यह बढ़ी हुई सुरक्षा शनिवार तड़के अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई पुलिस की एक नाटकीय कार्रवाई के बाद देखने को मिली है। साल्बोनी थाने की पुलिस उनके करीबी सहयोगी सुमित रॉय की तलाश में वहां पहुंची थी, क्योंकि रॉय के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन इसी आवास की मिली थी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने तड़के लगभग तीन बजे दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सुबह करीब पांच बजे ताला तोड़ने के लिए आपदा प्रबंधन कर्मियों को बुलाया गया, जिसके बाद पुलिस ने अंदर घुसकर तलाशी ली। इस कार्रवाई की खबर मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी वहां पहुंच गयी थीं। पुलिस सुबह करीब आठ बजे वहां से लौट गई, हालांकि उन्हें वहां न तो रॉय मिले और न ही कोई संदिग्ध सामग्री।</p>
<p>हस्ताक्षर जालसाजी का यह पूरा विवाद तृणमूल कांग्रेस विधायक दल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए एक पत्र से जुड़ा है। यह पत्र शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त करने के संबंध में था। बाद में आरोप लगे कि पत्र पर किए गए कई हस्ताक्षर मेल नहीं खा रहे थे। कुछ विधायकों ने दावा किया कि उन्होंने इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं, जबकि कुछ नाम बड़े अक्षरों में लिखे हुए थे। पार्टी के महासचिव होने के नाते इस विवादित पत्र पर अभिषेक बनर्जी के भी हस्ताक्षर थे। सीआईडी ने इससे पहले भी उन्हें कई समन जारी किए थे, लेकिन शुरुआत में वह पेश नहीं हुए और राहत के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय चले गए थे। अदालत के आदेश के बाद ही वह नयी दिल्ली से लौटे और गुरुवार को भवानी भवन में जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 17:42:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत: कलकत्ता हाई कोर्ट ने 'हस्ताक्षर जालसाजी' मामले में गिरफ्तारी पर 21 दिनों की लगाई रोक, दो सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[कलकत्ता उच्च न्यायालय ने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को 21 दिनों तक दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी है। कोर्ट ने सीआईडी जांच में पूर्ण सहयोग की शर्त पर यह राहत दी, जिसके बाद वे भवानी भवन मुख्यालय में पेश होने के लिए सहमत हुए। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/abhishek-banerjee-gets-conditional-relief-from-calcutta-high-court/article-156706"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/abhishek-banerjee.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को एक बड़ी राहत देते हुए कथित 'हस्ताक्षर जालसाजी' मामले में अगले 21 दिनों तक किसी भी दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान कर दी है। न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की एकल-न्यायाधीश अवकाशकालीन पीठ ने साथ में यह साफ कर दिया है कि यह राहत पूरी तरह से इस शर्त पर निर्भर करेगी कि वे राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की जांच में पूरी तरह सहयोग करें।</p>
<p>यह आदेश तब आया जब बनर्जी के वकील अयान भट्टाचार्य ने न्यायालय को आश्वस्त किया कि उनके मुवक्किल गुरुवार शाम 6 बजे ही कोलकाता के भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में जांचकर्ताओं के सामने पेश होंगे और भविष्य में भी जब भी जरूरत होगी, वे सुबह 10 बजे से रात 10 बजे के बीच एजेंसी के समन का जवाब देंगे। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि आज शाम की पूछताछ प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे वहां से जाने के लिए स्वतंत्र होंगे और अब इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी, जिसमें सीआईडी को अपनी प्रगति रिपोर्ट सौंपनी होगी।</p>
<p>गौरतलब है कि यह पूरा कानूनी विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नामित करने वाले एक प्रस्ताव पत्र से जुड़ा है, जिसे 20 मई को विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा गया था। इस पत्र पर बनर्जी के भी हस्ताक्षर थे, लेकिन टीएमसी के ही दो विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने शिकायत दर्ज कराई कि इस दस्तावेज़ पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। राज्य सरकार और अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि इस प्रस्ताव की तारीखों में भारी विसंगतियां हैं, क्योंकि रिकॉर्ड के अनुसार विधायकों ने 6 मई को हस्ताक्षर किए थे, जबकि बाद में कहा गया कि यह बैठक 19 मई को हुई थी। कई विधायकों ने जांचकर्ताओं को लिखित में दिया है कि 6 मई को ऐसी कोई बैठक ही नहीं हुई थी और न ही उन्होंने किसी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे।</p>
<p>अभिषेक बनर्जी ने सीआईडी द्वारा पहले भेजे गए तीन समन की अनदेखी की थी और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद बार-बार मिल रहे नोटिस और गिरफ्तारी की आशंका के खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:22:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टीएमसी को बड़ा झटका: अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, उच्च सदन में तृणमूल के बचे सिर्फ 9 सांसद</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच प्रसिद्ध अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सुखेंदु शेखर रॉय, सुस्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के बाद यह चौथा बड़ा इस्तीफा है। इस सियासी संकट से उच्च सदन में टीएमसी की संख्या घटकर महज 9 रह गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-tmc-actress-koel-mallik-resigns-from-rajya/article-156704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/koel-mullick.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक अनिश्चितता और उथल-पुथल के बीच मशहूर अभिनेत्री और नेता कोयल मल्लिक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। मल्लिक के इस कदम से पहले राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय और सुस्मिता देव भी उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं, आज ही सुबह एक और टीएमसी सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना औपचारिक इस्तीफा सौंपा था। बड़ाइक के इस्तीफे के बाद उच्च सदन में टीएमसी की सदस्य संख्या घटकर 10 रह गई थी, जो दोपहर बाद कोयल मल्लिक के इस्तीफे के साथ ही अब गिरकर महज 9 पर आ गई है।</p>
<p>बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक को टीएमसी नेतृत्व द्वारा विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। इसे पार्टी की एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा गया था। सांसद बनने के बाद कोयल अपने पिता व दिग्गज अभिनेता रंजित मल्लिक और परिवार के साथ नई दिल्ली में नए संसद भवन भी गई थीं और उन्होंने कई मौकों पर पार्टी के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोयल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब टीएमसी चौतरफा राजनीतिक चुनौतियों और लगातार लग रहे झटकों का सामना कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अभिनेत्री पिछले कुछ समय से चल रहे राजनीतिक विवादों से खुद को दूर रखना चाहती थीं और उन्होंने इस बढ़ती सियासी हलचल में उलझने के बजाय गरिमापूर्ण तरीके से पद छोड़ना बेहतर समझा। विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद से ही टीएमसी के भीतर असंतोष के सुर उभरने लगे थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्तीफों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकने वाला है और आने वाले दिनों में कुछ और सांसद भी इसी राह पर चल सकते हैं। </p>
<p>हालांकि, पार्टी ने अभी तक इन सामूहिक इस्तीफों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पद छोड़ने वाले अधिकांश नेताओं ने भी अभी तक अपने भविष्य के राजनीतिक पत्तों को नहीं खोला है। सांसद पद की शपथ लेते समय देश सेवा का संकल्प दोहराने वाली कोयल मल्लिक का महज कुछ महीनों के भीतर ही इस्तीफा दे देना, राष्ट्रीय राजनीति में टीएमसी के घटते प्रभाव और पार्टी के भीतर चल रहे गहरे आंतरिक संकट की ओर साफ इशारा कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:18:21 +0530</pubDate>
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                <title>टीएमसी का संकट गहराया : कल्याण बनर्जी ने ममता को दिया अल्टीमेटम, अभिषेक के कारण पार्टी छोड़ने की दी धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। वरिष्ठ सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को सीधा अल्टीमेटम दिया है। कोर्ट केस से हटाए जाने से नाराज कल्याण ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के रहते वे पार्टी में नहीं रहेंगे। उन्होंने अभिषेक पर अहंकार और पार्टी बर्बाद करने का आरोप लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tmcs-crisis-deepens-kalyan-banerjee-gives-ultimatum-to-mamata-threatens/article-156700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/kalyan.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। चौतरफा संकटों से घिरी तृणमूल कांग्रेस अब एक और परेशानी में घिर गयी जब पार्टी के वरिष्ठ सांसद और देश के जाने-माने वकील कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधा अल्टीमेटम दे दिया है। कल्याण बनर्जी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अब 'दीदी' को उनके और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच किसी एक को चुनना होगा। संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कल्याण बनर्जी ने बेहद तल्ख लहजे में कहा, "दीदी को मेरे और अभिषेक बनर्जी के बीच फैसला करना होगा।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वे पार्टी छोड़ने का संकेत दे रहे हैं, तो वरिष्ठ वकील ने स्पष्ट किया, "अगर अभिषेक बनर्जी उसी पद और उसी ताकत के साथ पार्टी में बने रहते हैं, तो मैं तृणमूल कांग्रेस में नहीं रहूंगा।"</p>
<p>इस बड़े राजनीतिक टकराव की मुख्य वजह पश्चिम बंगाल विधानसभा में कथित 'हस्ताक्षर जालसाजी' विवाद से जुड़े एक मामले में कानूनी पैरवी को लेकर पैदा हुआ विवाद है। कल्याण बनर्जी ने बताया कि वे बुधवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर एक याचिका पर कानूनी सुरक्षा की मांग करने के लिए पेश हुए थे। अदालत ने उस दिन मामला नहीं लिया और गुरुवार को सुनवाई होनी तय थी। लेकिन कल्याण बनर्जी का आरोप है कि बुधवार की देर रात करीब 12:30 बजे उनके बेटे के पास एक फोन आया, जिसमें सूचित किया गया कि अब इस मामले में उनकी जगह वकील अयान भट्टाचार्य अदालत में जिरह करेंगे।</p>
<p>अपने पेशे का हवाला देते हुए बनर्जी ने कहा, "मैं ऐसा अहंकार बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैं पिछले 45 सालों से वकालत के पेशे में हूँ और मैं इस तरह के रवैये को कतई स्वीकार नहीं करूँगा। जिनकी बात की जा रही है, वे मेरे बच्चों की उम्र के हैं। अगर उन्हें मुझ पर भरोसा नहीं था, तो उन्होंने पहले मुझसे इस मामले को संभालने के लिए क्यों कहा? मैं लंबे समय से जानता हूँ कि अभिषेक मुझ पर भरोसा नहीं करते, लेकिन वे इस तरह मुझ जैसे वरिष्ठ वकील का अपमान नहीं कर सकते। क्या मैं कोई कूड़ेदान हूँ?"</p>
<p>अनुभवी सांसद बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल के भीतर और कार्यकर्ताओं के बीच अभिषेक की लोकप्रियता लगातार खत्म हो रही है। उन्होंने कहा, "अभिषेक को अभी भी समझ नहीं आ रहा है कि जनता और पार्टी कार्यकर्ता उन्हें पसंद नहीं करते हैं। उन्होंने पार्टी को बर्बाद कर दिया है। उनकी वजह से मुझे भी 'चोर' ब्रांड किया जा रहा है। मैं कामाक स्ट्रीट का कोई अदना कार्यकर्ता नहीं हूँ जो इस अहंकार को सहन करूँगा।"</p>
<p>कल्याण बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पहले भी ममता बनर्जी को पार्टी के 'नंबर-2' (अभिषेक) के इस व्यवहार और आचरण के बारे में सचेत किया था, लेकिन उस पर कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। ममता बनर्जी के साथ अपने दशकों पुराने संबंधों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, " अभिषेक दीदी के खून के रिश्तेदार हो सकते हैं, लेकिन हम लोगों ने भी पिछले 40-45 वर्षों से पार्टी के वफादार सिपाहियों की तरह उनके भाइयों के रूप में काम किया है। मैं इसे स्वीकार नहीं करूँगा। इस बेहद कठिन समय में भी मैं ममता बनर्जी के साथ खड़ा रहा, और मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है? अगर यही स्थिति रही, तो मेरे लिए पार्टी में बने रहना असंभव होगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:52:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 18 आईएएस अधिकारियों के तबादले</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 18 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। खाद्य, परिवहन, खेल और महिला विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नए सचिव नियुक्त हुए हैं। अधिसूचना के अनुसार, रवि इंदर सिंह को परिवहन और जगदीश प्रसाद मीना को खाद्य विभाग की कमान सौंपी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/major-administrative-reshuffle-in-west-bengal-18-ias-officers-transferred/article-156568"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ias-transfer.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत पश्चिम बंगाल सरकार ने 18 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नये प्रभार सौंपे हैं। यह फेरबदल खाद्य एवं आपूर्ति, परिवहन, भूमि एवं भूमि सुधार, महिला एवं बाल विकास, सिंचाई, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में किया गया है। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिये गये हैं।</p>
<p>इन प्रमुख बदलावों में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य-सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे जगदीश प्रसाद मीना (पश्चिम बंगाल कैडर 2004) को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगार विभाग के प्रधान सचिव तथा उपभोक्ता मामलों का प्रभार संभाल रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रवि इंदर सिंह (पश्चिम बंगाल कैडर 1994) को सुरेंद्र गुप्ता के स्थान पर परिवहन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है।</p>
<p>वर्तमान में प्रेसीडेंसी डिवीजन के संभागीय आयुक्त तथा परिवहन विभाग का प्रभार संभाल रहे सुरेंद्र गुप्ता (पश्चिम बंगाल कैडर 1997) को भूमि एवं भूमि सुधार और शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। सौमित्र मोहन (पश्चिम बंगाल कैडर 2002) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के सचिव पद पर बने रहेंगे और उन्हें अतिरिक्त रूप से सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव का प्रभार सौंपा गया है।</p>
<p>इसी तरह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव रहे परवेज़ अहमद सिद्दीकी (पश्चिम बंगाल कैडर 1999) को राज्य गजेटियर का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। जलपाईगुड़ी डिवीजन के संभागीय आयुक्त अनूप कुमार अग्रवाल (पश्चिम बंगाल कैडर 1993) को कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और वस्त्र विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है।<br />पश्चिम बंगाल नेताजी सुभाष प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (एनएसएटीआई) के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार (पश्चिम बंगाल कैडर 1997) को तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। वहीं, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत रहीं मौमिता गोदारा बसु (पश्चिम बंगाल कैडर 2007) को महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।</p>
<p>वर्तमान में भूमि रिकॉर्ड और सर्वेक्षण के निदेशक रणधीर कुमार (पश्चिम बंगाल कैडर 2006) उनकी जगह लेंगे और उनके पास वित्त विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और वस्त्र विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार का प्रभार संभाल रहे राजेश पांडेय (पश्चिम बंगाल कैडर 1995) को युवा सेवा एवं खेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर स्थानांतरित किया गया है।</p>
<p>अन्य तबादलों में पश्चिम बंगाल लघु उद्योग विकास निगम (डब्ल्यूबीएसआईडीसी) की प्रबंध निदेशक आर विमला (पश्चिम बंगाल कैडर 2010) को उत्तर बंगाल विकास विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) की निदेशक रचना भगत (पश्चिम बंगाल कैडर 2009) को श्रम विभाग का सचिव बनाया गया है और उद्योग, वाणिज्य और उद्यम विभाग में सचिव रहीं मुक्ता आर्य (पश्चिम बंगाल कैडर 2008) को सुंदरवन मामलों के विभाग के सचिव पद पर तैनात किया गया है।</p>
<p>नयी दिल्ली में प्रधान स्थानीय आयुक्त दुष्यंत नारियाला (पश्चिम बंगाल कैडर : 1993) राष्ट्रीय राजधानी में ही बने रहेंगे और उन्हें एनएसएटीआई के महानिदेशक तथा एसएनटीसीएसएससी के अध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गयी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में विकास कार्यों की प्रधान समन्वयक नंदिनी चक्रवर्ती (पश्चिम बंगाल कैडर 1994) को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है, साथ ही उनके पास आवास विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। परिवहन विभाग में विशेष सचिव राजू मिश्रा (पश्चिम बंगाल कैडर 2015) को आबकारी आयुक्त नियुक्त किया गया है। आवास, युवा सेवा एवं खेल, आपदा प्रबंधन और पशु संसाधन विकास सहित कई विभागों का कार्यभार संभाल रहे राजेश कुमार सिन्हा (पश्चिम बंगाल कैडर 1997) को सिंचाई और जलमार्ग विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। नीलम मीना (पश्चिम बंगाल कैडर 1998) पश्चिम बंगाल की मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के पद पर बनी रहेंगी और उन्हें पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:54:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>TMC को एक और झटका : सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार, जबरन वसूली एवं आपराधिक धमकी के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता पुलिस ने टीएमसी नेता और पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता को गिरफ्तार कर लिया है। साल्ट लेक के एक व्यवसायी से लाखों रुपये की रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में यह कार्रवाई हुई। राजारहाट स्थित आवास पर घंटों पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamool-leader-sabyasachi-dutta-arrested-on-charges-of-extortion-and/article-156442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/021.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाली की पुलिस ने सोमवार रात को तृणमूल कांग्रेस के नेता और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष सब्यसाची दत्ता को कथित जबरन वसूली एवं आपराधिक धमकी के मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साल्ट लेक के एक व्यवसायी ने दत्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जो वर्तमान में बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 31 के पार्षद हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन पर कई लाख रुपये देने का दबाव डाला जा रहा था और मांग पूरी न करने पर उन्हें धमकी दी गई।</p>
<p>शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए बिधाननगर उत्तर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने सोमवार देर रात राजारहाट के रायगाछी इलाके में दत्ता के आवास पर छापा मारा। उन्हें उनके घर से हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, औपचारिक गिरफ्तारी से पहले दत्ता से कई घंटों तक पूछताछ की गई। मंगलवार सुबह उनकी चिकित्सा जांच होने की उम्मीद है और उसके बाद उन्हें बिधाननगर अदालत में पेश किया जाएगा।</p>
<p>दत्ता ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बारासात विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था लेकिन भाजपा उम्मीदवार से हार गए थे। उनकी गिरफ्तारी पूर्व राज्य सरकार के पदाधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच हुई है। इससे पहले सोमवार को पुलिस ने नेपाल सीमा के पास जहांगीर खान को गिरफ्तार किया, जिसे लोकप्रिय रूप से "पुष्पा" के नाम से जाना जाता है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, कथित तौर पर सीमा मार्ग से भागने की कोशिश करते समय उन्हें राज्य पुलिस विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार कर लिया। दत्ता की गिरफ्तारी पूर्व सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाइयों की श्रृंखला के बाद हुई है। पिछले महीने, पूर्व राज्य मंत्री सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद, बोस के करीबी माने जाने वाले कई पार्षदों को संबंधित जांच में पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने दत्ता के खिलाफ लगे आरोपों के संबंध में अभी तक कोई और जानकारी नहीं दी है और जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 15:40:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>TMC को बड़ा झटका : सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ा साथ, राज्यसभा से भी दिया इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। रॉय ने टीएमसी सरकार को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था में पूरी तरह नाकाम बताते हुए जनता के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sukhendu-shekhar-roy-left-tmc-and-also-resigned-from-rajya/article-156358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/33.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को पार्टी छोड़ने के साथ-साथ राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया। राय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ साथ राज्यसभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है। राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि राय ने सचिवालय में अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राय ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने 15 वर्ष से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ हिंसा , शिक्षा, स्वास्थ्य , उद्योग, रोजगार और कानून व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में बुरी तरह नाकाम रहने पर सत्ता से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी संख्या में सीटें जीतीं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस बीच नई चुनी हुई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार पश्चिम बंगाल के चहुमुखी विकास और पुनर्निमाण के लिए कई कार्यक्रम लागू करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है। रॉय ने कहा ,"मैं लोगों के इस ऐतिहासिक फैसले को विनम्रता से स्वीकार करता हूं और तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देता हूं।" उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद से बड़ी संख्या में नेताओं ने पार्टी से किनारा करना शुरू कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 17:19:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नेपाल भागने की फिराक में था टीएमसी का ‘पुष्पा’ प्रत्याशी: एसटीएफ ने बॉर्डर से दबोचा, हाई कोर्ट से राहत खत्म होते ही बड़ी कार्रवाई, बंगाल की राजनीति में फिर मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[फलता उपचुनाव के पूर्व टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान को एसटीएफ ने नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार कर लिया। मतदान से पहले मैदान छोड़ने वाले जहांगीर पर मतदाताओं को धमकाने के कई आरोप हैं। हाई कोर्ट से राहत खत्म होने के बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tmcs-pushpa-candidate-was-planning-to-flee-to-nepal-stf/article-156328"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jahangir-khan-.webp" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी रहे जहांगीर खान को राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार वह नेपाल के रास्ते फरार होने की फिराक में था। सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने उसे दबोचा और अब उसे कोलकाता लाया जा रहा है। बता दें कि जहांगीर खान उपचुनाव से पहले उस समय चर्चा में आया था, जब मतदान से 48 घंटे पहले उसने चुनाव मैदान छोड़ने की घोषणा कर दी थी। </p>
<p>हालांकि नाम वापसी की समयसीमा निकल जाने के कारण उसका नाम ईवीएम में बना रहा। 24 मई को आए नतीजों में भाजपा उम्मीदवार ने भारी मतों से जीत दर्ज की, जबकि जहांगीर चौथे स्थान पर रहा। जहांगीर खान पर मतदाताओं को धमकाने समेत कई आरोप हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा सुरक्षा संबंधी राहत वापस लेने के बाद उसकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 14:07:22 +0530</pubDate>
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                <title>बंगाल में “ऑपरेशन मदरसा” शुरू: वैध-अवैध मदरसों का सर्वे होगा ; फंडिंग, छात्रों और मौलवियों की जांच से मचा सियासी भूचाल</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने "ऑपरेशन मदरसा" अभियान की घोषणा की है। इसके तहत राज्यभर के मदरसों की वैधता, वित्तीय स्रोतों, पाठ्यक्रम और छात्रों की संख्या का विस्तृत सर्वे करने की मांग की गई है। भाजपा के अनुसार, इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/%E2%80%9Coperation-madrasa%E2%80%9D-started-in-bengal-survey-of-legal-and-illegal/article-156257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/bengal.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने “ऑपरेशन मदरसा” अभियान की घोषणा करते हुए राज्यभर के मदरसों के सर्वे की मांग उठाई है। इस अभियान के तहत मदरसों की वैधता, संचालन व्यवस्था और वित्तीय स्रोतों की विस्तृत जांच किए जाने की बात कही गई है। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि राज्य में संचालित सभी मदरसों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि कितने मदरसे सरकारी नियमों के तहत पंजीकृत और वैध हैं तथा कितने अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।</p>
<p>अभियान के तहत मदरसों में पढ़ाए जाने वाले कोर्स और पाठ्यक्रम की भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही यह जांच की जाएगी कि संबंधित संस्थानों में सरकारी नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। सर्वे में यह भी देखा जाएगा कि मदरसा आवासीय है या गैर-आवासीय तथा वहां रहने वाले छात्रों की संख्या कितनी है।</p>
<p>इसके अलावा मदरसों को मिलने वाले फंड और आर्थिक स्रोतों की भी जांच की जाएगी। अभियान में मौलवियों और छात्रों की संख्या का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस सर्वे का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:43:58 +0530</pubDate>
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                <title>कोलकाता में सियासी भूचाल: टीएमसी पार्षद मोहम्मद जसिमुद्दीन पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार, रंगदारी और जबरन वसूली के भी आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता नगर निगम के वार्ड 39 से तृणमूल पार्षद मोहम्मद जसिमुद्दीन को पॉक्सो कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। उन पर नाबालिग को डराने-धमकाने और आपराधिक साजिश का आरोप है। पिछले 24 घंटों में यह दूसरे टीएमसी पार्षद की गिरफ्तारी है, जिससे इलाके में भारी राजनीतिक तनाव फैल गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kolkata-municipal-corporation-councilor-mohammad-jasimuddin-arrested-under-pocso/article-156267"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/tmc-counsler.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। कोलकाता नगर निगम के जोड़ासांको के वार्ड नंबर 39 से पार्षद मोहम्मद जसिमुद्दीन को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। तृणमूल नेता पर हुई इस ताजा कार्रवाई के बाद पिछले 24 घंटों में गिरफ्तार होने वाले पार्षदों की संख्या बढ़कर दो हो गयी है। इससे पहले शनिवार देर रात वार्ड नंबर 101 के पार्षद बप्पाआदित्य दासगुप्ता को रंगदारी और जबरन वसूली के आरोप में पकड़ा गया था।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, जोड़ासांको थाने की टीम ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर रविवार सुबह करीब छह बजे श्री जसिमुद्दीन के घर पर छापा मारा। लगभग छह घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पार्षद ने पुलिस के बार-बार कहने पर भी दरवाजा नहीं खोला। काफी देर इंतजार करने के बाद पुलिस ने बाहर से ताला खोला, घर में दाखिल हुई और श्री जसिमुद्दीन को हिरासत में ले लिया। इस गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही इलाके में तनाव फैल गया। एक तरफ जहां पार्षद के समर्थकों ने घर के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के कार्यकर्ता भी वहां जुटकर नारेबाजी करने लगे। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए  जसिमुद्दीन को तुरंत गाड़ी में बिठाया और दोनों गुटों को आपस में भिड़ने से बचा लिया।</p>
<p>जसिमुद्दीन पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन साल पहले एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के मामले में पार्षद के कुछ साथियों के नाम आए थे। अब कॉलेज में पढ़ रही उस लड़की को शनिवार को फिर डराया-धमकाया गया और पुरानी शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। इसके बाद पीड़ित परिवार की नई शिकायत पर पुलिस ने श्री जसिमुद्दीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।</p>
<p>इस प्राथमिकी में आपराधिक साजिश रचने, डराने-धमकाने, महिला की अस्मत को ठेस पहुंचाने और पीड़िता की पहचान उजागर करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। श्री जसिमुद्दीन पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) में थे, लेकिन वर्ष 2015 के निकाय चुनाव से पहले वह तृणमूल कांग्रेस में आ गए और लगातार दो बार पार्षद चुने गए। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी के भीतर उनका दबदबा घटने लगा था और स्थानीय लोग भी उनसे नाराज चल रहे थे।</p>
<p>जसिमुद्दीन की यह गिरफ्तारी पटुली के वार्ड नंबर 101 के पार्षद बप्पाआदित्य दासगुप्ता की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद हुई है। श्री दासगुप्ता भी पहले भारतीय जनता पार्टी में थे, जो वर्ष 2010 में पाला बदलकर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे और निगम में पार्टी के मुख्य सचेतक भी रहे। नगर निगम के दो बड़े चेहरों की इस तरह हुई लगातार गिरफ्तारियों ने राज्य में नेताओं के भ्रष्टाचार और आपराधिक सांठगांठ पर एक नई सियासी बहस छेड़ दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 14:33:31 +0530</pubDate>
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