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                <title>kolkata - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सनसनी खबर: चाय की चुस्की बनी युवक की मौत का कारण, जानें 12वीं के छात्र की चाय ने कैसे ली जान ?</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता। रामकृष्ण मिशन आश्रम में 12वीं के छात्र की गर्म चाय पीने के बाद मौत हो गई। छात्र ने पिता को बताया कि उसने फर्श गंदा होने से बचाने के लिए चाय पी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारण का खुलासा होगा। स्कूल के तीन कर्मचारी निलंबित किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-student-died-after-drinking-hot-tea-in-kolkata-doctor/article-158655"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/tea.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। क्या आपने कभी सुना है कि किसी बच्चे, जवान या बुजुर्ग की चाय पीने से मौत हो गई हो, नहीं नां, लेकिन एक ऐसी ही बुरी खबर कोलकाता से सामने आ रही है। यहां एक बच्चे की गर्म चाय पीने से मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, ​जिसकी मौत हुई है वो 12 कक्षा में पढ़ता है और उसकी पहचान दिप्तांशु महतो के रूप में हुई है। अपनी मौत से पहले उसने अपने पिता को बताया था कि आखिर उसने गर्म चाय क्यों पी? इस पूरे मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि चाय पीने से बच्चे की मौत का मामला कोलकाता के नरेंद्रपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम का है, जहां पर गर्म चाय पीने से एक 12वीं के छात्र की मौत हो गई। बच्चे की पिता ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और मामला दर्ज करवाया है।</p>
<p>छात्र की मौत के मामले में झारखंड की राजधानी रांची के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रविकांत चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए कहा कि केवल चाय पीने से किसी की मौत होना बेहद दुर्लभ है। लेकिन मौत होने का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम या ऑटोप्सी रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा। उनके अनुसार, अत्यधिक गर्म चाय से भोजन नली या श्वास नली को नुकसान हुआ, गंभीर तंत्रिका क्षतिग्रस्त हुई, पहले से मौजूद हृदय संबंधी समस्या या गंदे थर्मस के कारण फूड पॉइजनिंग आदि जैसी संभावनाओं की जांच होनी चाहिए। वहीं, मृत छात्र दिप्तांशु के पिता ने बताया कि मरने से पहले उनके बेटे ने बताया था कि उसने चाय इसलिए पी ली ताकि फर्श गंदा न हो। इस पूरी घटना के बाद स्कूल के तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। जबकि मामले की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 13:27:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>&quot;पीएम‑किसान&quot; के तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पहुंचेंगे लगभग 18,880 करोड़ : शिवराज</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को पश्चिम बंगाल से पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत 9.44 करोड़ किसानों के खातों में राशि भेजी जाएगी। साथ ही, वे डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, ग्रामीण सड़कों और मत्स्य बंदरगाह सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/under-pm-kisan-approximately-rs-18880-crore-will-reach-the-accounts/article-157383"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/shivraj-singh-chouhan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 20 जून को पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले से कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और रेलवे सहित विभिन्न क्षेत्रों की अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, राष्ट्र को समर्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम‑किसान) की 23वीं किस्त जारी करने के साथ‑साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीटेक, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन तथा प्रधानमंत्री धन‑धान्य कृषि योजना जैसी महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करेंगे।</p>
<p>केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में पश्चिम बंगाल में होने वाला यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम किसानों, ग्रामीण समुदाय और युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार का संकल्प है कि पूर्वी भारत को कृषि, बुनियादी संरचना और औद्योगिक विकास का मजबूत केंद्र बनाया जाए और 20 जून का कार्यक्रम इसी विज़न को ज़मीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है।</p>
<p>चौहान ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी हुगली ज़िले के तारकेश्वर से "पीएम‑किसान" की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इसके अंतर्गत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18,880 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों की आय सुरक्षा और मज़बूत होगी। उन्होंने बताया कि केवल पश्चिम बंगाल में ही 45.35 लाख से अधिक लाभार्थी किसानों को लगभग 907 करोड़ रु. की किश्त प्राप्त होगी। इसके साथ ही राज्य में पीएम‑किसान योजना के अंतर्गत अब तक वितरित कुल राशि 15,055 करोड़ रु. से अधिक हो जाएगी, जबकि 2019 में योजना की शुरुआत से लेकर पूरे देश में कुल वितरण 4.46 लाख करोड़ रु. से ऊपर पहुंच जाएगा।</p>
<p>कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का भी शुभारंभ करेंगे, जिनकी संयुक्त लागत लगभग 12,200 करोड़ रु. है। वित्त वर्ष 2026‑27 के दौरान इन योजनाओं के माध्यम से लगभग 1.10 करोड़ किसानों को 30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसल बीमा सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत लगभग 28,140 करोड़ रु. मूल्य की फसलें बीमा संरक्षण के दायरे में आएंगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी एग्रीटेक प्लेटफॉर्म की शुरुआत करेंगे, जो उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और न्यूनतम समर्थन मूल्य आधारित सरकारी खरीद जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगा। इससे किसानों को समय पर सूचनाएं, पारदर्शी सेवाएं और बेहतर बाज़ार अवसर मिलेंगे। चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन का भी शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार वित्त वर्ष 2026‑27 में राज्य के 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। इन क्लस्टरों से 43,250 किसानों को जैव‑आधारित इनपुट, प्रशिक्षण और बाजार तक बेहतर पहुंच का लाभ मिलेगा, साथ ही जैव‑आधारित संसाधन केंद्रों और कृषि सखियों के माध्यम से प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़े पैमाने पर परिवर्तन को प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p>इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी धन‑धान्य कृषि योजना की भी शुरुआत करेंगे, जो पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झारग्राम ज़िलों में लागू होगी। इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने, भंडारण एवं प्रसंस्करण जैसी फसलोत्तर अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोज़गार और उद्यमिता के अवसर पैदा होंगे।</p>
<p>ग्रामीण विकास से संबंधित पहलों की जानकारी देते हुए चौहान ने कहा कि मोदी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (तीन) के अंतर्गत 213 करोड़ रु. से अधिक लागत वाली 49 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। 315 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली ये सड़कें राज्य के विभिन्न ग्रामीण इलाकों को कस्बों और शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी, जिससे किसानों के कृषि उत्पाद समय पर बाजार तक पहुंच सकेंगे और ग्रामीण छात्रों तथा मरीजों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच भी आसान होगी।</p>
<p>मत्स्य पालन क्षेत्र में विकास को पर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री दक्षिण 24 परगना ज़िले के फ्रेजरगंज में आधुनिकीकरण एवं विस्तार के बाद तैयार मत्स्य बंदरगाह और बीरभूम ज़िले में निर्मित आधुनिक मत्स्य बाज़ार का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं से मत्स्य अवसंरचना मजबूत होगी, मछुआरों को बेहतर भंडारण एवं विपणन सुविधाएं मिलेंगी और निर्यात क्षमता में वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर तैयार होंगे।</p>
<p>पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्रधानमंत्री नादिया ज़िले के हरिणघाटा में 6 करोड़ रु. से अधिक लागत से स्थापित रीजनल सीमन प्रोडक्शन लैबोरेटरी एवं बकरी सीमन बैंक का उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत स्थापित यह पूर्वी भारत की अपनी तरह की पहली सुविधा है, जो वैज्ञानिक पशु प्रजनन, आनुवंशिक सुधार और पशुधन उत्पादकता वृद्धि में निर्णायक भूमिका निभाएगी तथा बकरी पालन से जुड़े किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायक होगी।</p>
<p>चौहान ने कहा कि मत्स्य, पशुपालन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी ये सभी योजनाएं मिलकर पश्चिम बंगाल में समावेशी और टिकाऊ ग्रामीण विकास का मज़बूत आधार तैयार करेंगी। इनके माध्यम से आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बेहतर आजीविका अवसर और 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को ठोस बल मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल में लगभग 591 करोड़ रु. की लागत वाली महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। ये परियोजनाएं रेल ढांचा को सुदृढ़ करने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, सुरक्षा बढ़ाने और राज्य व पूर्वी भारत के संपर्क को और मज़बूत बनाने की दिशा में अहम योगदान देंगी। प्रधानमंत्री हावड़ा में 99 करोड़ रु. की लागत से बनने वाले 300 बिस्तरों वाले नए मंडलीय रेलवे अस्पताल का शिलान्यास करेंगे, जो आधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना, उन्नत जांच सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और आपातकालीन उपचार से सुसज्जित होगा। यह अस्पताल न केवल रेलवे कर्मचारियों और उनके परिजनों, बल्कि आसपास के नागरिकों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।</p>
<p>इसी तरह, पूर्व मेदिनीपुर ज़िले में हाउर और राधामोहनपुर के बीच 71 करोड़ रु. की लागत से बनने वाले रोड ओवर ब्रिज का शिलान्यास किया जाएगा, जो रेल और सड़क दोनों उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाने के साथ‑साथ निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, हावड़ा ज़िले में 421 करोड़ रु. की लागत से विकसित सांकराइल‑सांतरागाछी थर्ड लाइन प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जिससे देश के सबसे व्यस्त रेल सेक्शनों में से एक पर रैकिंग में कमी, परिचालन क्षमता में वृद्धि और यात्री तथा मालगाड़ियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी। ये सभी रेल परियोजनाएं माल एवं यात्री परिवहन को तेज और सुरक्षित बनाने के साथ‑साथ औद्योगिक निवेश, पर्यटन और लॉजिस्टिक क्षेत्र के विकास को नयी गति देंगी। इससे पूर्वी भारत, विशेषकर पश्चिम बंगाल के लिए 'गति‑शक्ति' की भावना और मज़बूत होगी तथा रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसरों में वृद्धि होगी।त्र</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 18:10:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी पहल: 'जन कल्याण शिविर' की शुरूआत, इन योजनाओं का मिलेगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल सरकार ने 'जन कल्याण शिविर' कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित इन विशेष शिविरों में आयुष्मान भारत, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, भूमि सुधार और किसान निधि जैसी कई केंद्रीय व राज्य कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन एक ही छत के नीचे सीधे स्वीकार किए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-initiative-of-west-bengal-government-launch-of-jan-kalyan/article-157011"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/suvendu-adhikari.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने के उद्देश्य से सोमवार से राज्यव्यापी 'जन कल्याण शिविर' कार्यक्रम शुरू कर रही है। यह पहल पिछली सरकार के 'द्वारे सरकार' जनसंपर्क कार्यक्रम से मिलती-जुलती है। इसका उद्देश्य कई कल्याणकारी योजनाओं, जागरूकता अभियानों और आवेदन की सुविधाओं को एक ही छत के नीचे लाना है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, आज से बुधवार तक राज्य भर में जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर उन लोगों को सीधे आवेदन करने की सुविधा देंगे, जो अब तक विभिन्न सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कृषि से जुड़ी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाए हैं। आवेदन जमा करने और शुरुआती जांच को आसान बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, ताकि काम में देरी न हो और लोग जानकारी के अभाव के कारण सरकारी लाभों से वंचित न रहें।</p>
<p>शिविरों में कई केंद्रीय और राज्य योजनाओं के आवेदन स्वीकार किये जायंगे। इनमें आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा, उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, पहचान पत्र (आधार) नामांकन व लिंक करना और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत आवेदन शामिल हैं। इसके अलावा जमीन से जुड़ी सेवाएं जैसे दाखिल-खारिज, भूमि रिकॉर्ड में छोटे-मोटे सुधार और पट्टा के आवेदन भी उपलब्ध होंगे। इन शिविरों में ई-श्रम, पीएम श्रम योगी मानधन, मुफ्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और पश्चिम बंगाल प्रवासी श्रमिक कल्याण योजना के आवेदनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। लाभार्थी अन्नपूर्णा योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, सुकन्या समृद्धि योजना, कन्याश्री और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p>किसानों के लिए पीएम-किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कृषि अवसंरचना कोष के आवेदन लिए जाएंगे। पिछड़े वर्गों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं, जिनमें प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, शिक्षाश्री, मेधाश्री और तपशिल बंधु शामिल हैं, उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके अलावा बैंकिंग और वित्तीय समावेशन योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री जन धन योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना भी उपलब्ध होंगी।</p>
<p>मछुआरों के लिए पीएम मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, राज्य खाद्य सुरक्षा योजना-प्रथम, पीएम उज्ज्वला योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन और पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग औपचारिक रूप देने की योजना के लिए भी आवेदन जमा किए जा सकते हैं। इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों में विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें बुनियादी ढांचे, जागरूकता अभियानों, आवेदन प्रणाली और अंतर-विभागीय समन्वय सहित सभी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए रविवार को ही अपने-अपने जिलों में पहुंचने के निर्देश दिए गए थे।</p>
<p>प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के तहत, अधिकारियों को आज और कल (मंगलवार) को अधिक से अधिक शिविरों का दौरा करने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर बुधवार को भी निरीक्षण जारी रहेगा। वे शिविरों में आने वाले नागरिकों के अनुभव, आवेदन प्रसंस्करण की गति और दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करेंगे। राज्य सरकार को उम्मीद है कि जन कल्याण शिविर कार्यक्रम न केवल सरकारी सेवाओं को जनता के करीब लाएगा, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच के जुड़ाव को भी मजबूत करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:32:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बड़े खुलासे के संकेत! फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी पर सीआईडी का शिकंजा, तीसरी बार तलब करने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी से सीआईडी ने आठ घंटे तक कड़ी पूछताछ की। कुणाल घोष के सामने बैठाकर किए गए सवाल-जवाब में बनर्जी के बयानों में कई बड़े विरोधाभास मिले हैं। जांच से असंतुष्ट सीआईडी अब उन्हें तीसरा समन भेजने की तैयारी कर रही है, जबकि आज उन्हें ईडी के सामने भी पेश होना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/indications-of-big-revelations-preparation-to-summon-cid-for-the/article-157012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ईडी.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच कर रही अपराध जांच विभाग (सीआईडी) पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी को तीसरी बार तलब कर सकती है। रविवार को हुई पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को उनके बयानों में कई विरोधाभास मिले हैं। अभिषेक बनर्जी इस मामले में दूसरे दौर की पूछताछ के लिए रविवार को सीआईडी के सामने पेश हुए थे, जहां करीब आठ घंटे तक उनसे पूछताछ चली। उनसे अकेले में भी पूछताछ की गयी और फिर तृणमूल नेता कुणाल घोष के सामने बैठाकर भी घंटों सवाल-जवाब किये गये। जांच एजेंसी के सूत्रों का आरोप है कि जब घोष की मौजूदगी में पूछताछ की गयी, तो अभिषेक बनर्जी कई अहम बातों पर अपने बयान से पलट गये। बताया जा रहा है कि आमने-सामने बैठाने से पहले सीआईडी अधिकारियों ने दोनों नेताओं से अलग-अलग पूछताछ की थी।</p>
<p>सीआईडी सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं को अभिषेक बनर्जी के अकेले के बयानों और दोनों नेताओं की मौजूदगी में दिये गये जवाबों में काफी अंतर मिला। जब बनर्जी से बयानों में इस बदलाव की वजह पूछी गयी, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये। माना जा रहा है कि रविवार की पूछताछ से जांच एजेंसी संतुष्ट नहीं है। ऐसे में जांच को आगे बढ़ाने के लिए तृणमूल सांसद को एक और समन भेजने पर विचार किया जा रहा है। उनकी पेशी की तारीख पर अभी हालांकि फैसला नहीं हुआ है।</p>
<p>कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी पिछले कई हफ्तों से सीआईडी की रडार पर हैं। इससे पहले उन्होंने अलग-अलग वजहें बताकर कई समन टाल दिये थे, जिसके बाद अदालत के दखल देने पर ही वह जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए। सूत्रों का कहना है कि पहले दौर की पूछताछ में उन्होंने कई सवालों के जवाब में सिर्फ यही कहा था कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। यह नया घटनाक्रम ऐसे समय में आया है, जब अभिषेक बनर्जी पहले से ही कई मामलों में घिरे हुए हैं। कथित भर्ती घोटाले के सिलसिले में सोमवार को उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होना है। मंगलवार को, डीजे विवाद से जुड़ी अपनी कथित टिप्पणी के एक अलग मामले में भी उनके सीआईडी के सामने पेश होने की संभावना है।</p>
<p>इन मामलों के अलावा भी अभिषेक बनर्जी कई अन्य जांच और शिकायतों का सामना कर रहे हैं। कोयला तस्करी के मामले में भी उनका नाम लंबे समय से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, अम्फान राहत कोष के वितरण में गड़बड़ी को लेकर शनिवार को उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के मामले में सिलीगुड़ी में भी एक शिकायत दर्ज है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 13:26:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी सीआईडी के सामने पेश: भवानी भवन में कड़ी सुरक्षा, ईडी समन और अन्य जांचों के बीच बढ़ीं टीएमसी नेता की मुश्किलें</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन पहुंच गए हैं। कोर्ट के निर्देशानुसार जांच में सहयोग कर रहे बनर्जी से पूछताछ के लिए रविवार को भी अधिकारी तैनात रहे। उनके आवास पर हुई हालिया पुलिस छापेमारी के बाद इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/abhishek-banerjee-presented-before-cid-in-fake-signature-case-tight/article-156964"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/abhishek-banerjee.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी रविवार को राज्य पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के सामने पेश होने के लिए विभाग के मुख्यालय पहुंच गये हैं। इसके मद्देनजर कोलकाता के भवानी भवन स्थित मुख्यालय पर सुरक्षा व्यवस्था का कड़ी व्यवस्था की गयी है। इससे पहले डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी से सीआईडी ने गुरुवार रात को लगभग साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की थी। उस पूछताछ के बाद उन्हें दोबारा समन जारी कर रविवार सुबह पेश होने के लिए कहा गया था। अभिषेक बनर्जी ने पहले ही कहा था कि वह जांच में सहयोग करेंगे और निर्देशानुसार एजेंसी के सामने पेश होंगे।</p>
<p>अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें इन दिनों कई मामलों को लेकर बढ़ी हुई हैं। शुक्रवार को सीआईडी अधिकारियों ने उनके आवास पर जाकर साल्ट लेक में दर्ज एक शिकायत के मामले में एक और नोटिस चिपकाया है। यह मामला उनके एक बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्हें 16 जून को पेश होने के लिए कहा गया है। इसके अतिरिक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी प्राथमिक स्कूल भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में उन्हें 15 जून को तलब किया है। इन दोनों ही मामलों में उनके पास कोई कानूनी राहत या सुरक्षा नहीं है।</p>
<p>कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले की सुनवाई करते हुए बनर्जी को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। हालांकि, अदालत ने सीआईडी को उनके खिलाफ दो सप्ताह तक कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करने का आदेश दिया है। अदालत से मिली इसी अंतरिम राहत के बीच बनर्जी रविवार को सीआईडी के सामने पेश हो रहे हैं। आज छुट्टी का दिन होने के बावजूद सुबह से ही सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी भवानी भवन पहुंचने लगे थे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।</p>
<p>यह बढ़ी हुई सुरक्षा शनिवार तड़के अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई पुलिस की एक नाटकीय कार्रवाई के बाद देखने को मिली है। साल्बोनी थाने की पुलिस उनके करीबी सहयोगी सुमित रॉय की तलाश में वहां पहुंची थी, क्योंकि रॉय के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन इसी आवास की मिली थी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने तड़के लगभग तीन बजे दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सुबह करीब पांच बजे ताला तोड़ने के लिए आपदा प्रबंधन कर्मियों को बुलाया गया, जिसके बाद पुलिस ने अंदर घुसकर तलाशी ली। इस कार्रवाई की खबर मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी वहां पहुंच गयी थीं। पुलिस सुबह करीब आठ बजे वहां से लौट गई, हालांकि उन्हें वहां न तो रॉय मिले और न ही कोई संदिग्ध सामग्री।</p>
<p>हस्ताक्षर जालसाजी का यह पूरा विवाद तृणमूल कांग्रेस विधायक दल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए एक पत्र से जुड़ा है। यह पत्र शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त करने के संबंध में था। बाद में आरोप लगे कि पत्र पर किए गए कई हस्ताक्षर मेल नहीं खा रहे थे। कुछ विधायकों ने दावा किया कि उन्होंने इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं, जबकि कुछ नाम बड़े अक्षरों में लिखे हुए थे। पार्टी के महासचिव होने के नाते इस विवादित पत्र पर अभिषेक बनर्जी के भी हस्ताक्षर थे। सीआईडी ने इससे पहले भी उन्हें कई समन जारी किए थे, लेकिन शुरुआत में वह पेश नहीं हुए और राहत के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय चले गए थे। अदालत के आदेश के बाद ही वह नयी दिल्ली से लौटे और गुरुवार को भवानी भवन में जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 17:42:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत: कलकत्ता हाई कोर्ट ने 'हस्ताक्षर जालसाजी' मामले में गिरफ्तारी पर 21 दिनों की लगाई रोक, दो सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[कलकत्ता उच्च न्यायालय ने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को 21 दिनों तक दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी है। कोर्ट ने सीआईडी जांच में पूर्ण सहयोग की शर्त पर यह राहत दी, जिसके बाद वे भवानी भवन मुख्यालय में पेश होने के लिए सहमत हुए। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/abhishek-banerjee-gets-conditional-relief-from-calcutta-high-court/article-156706"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/abhishek-banerjee.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को एक बड़ी राहत देते हुए कथित 'हस्ताक्षर जालसाजी' मामले में अगले 21 दिनों तक किसी भी दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान कर दी है। न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की एकल-न्यायाधीश अवकाशकालीन पीठ ने साथ में यह साफ कर दिया है कि यह राहत पूरी तरह से इस शर्त पर निर्भर करेगी कि वे राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की जांच में पूरी तरह सहयोग करें।</p>
<p>यह आदेश तब आया जब बनर्जी के वकील अयान भट्टाचार्य ने न्यायालय को आश्वस्त किया कि उनके मुवक्किल गुरुवार शाम 6 बजे ही कोलकाता के भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में जांचकर्ताओं के सामने पेश होंगे और भविष्य में भी जब भी जरूरत होगी, वे सुबह 10 बजे से रात 10 बजे के बीच एजेंसी के समन का जवाब देंगे। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि आज शाम की पूछताछ प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे वहां से जाने के लिए स्वतंत्र होंगे और अब इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी, जिसमें सीआईडी को अपनी प्रगति रिपोर्ट सौंपनी होगी।</p>
<p>गौरतलब है कि यह पूरा कानूनी विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नामित करने वाले एक प्रस्ताव पत्र से जुड़ा है, जिसे 20 मई को विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा गया था। इस पत्र पर बनर्जी के भी हस्ताक्षर थे, लेकिन टीएमसी के ही दो विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने शिकायत दर्ज कराई कि इस दस्तावेज़ पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। राज्य सरकार और अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि इस प्रस्ताव की तारीखों में भारी विसंगतियां हैं, क्योंकि रिकॉर्ड के अनुसार विधायकों ने 6 मई को हस्ताक्षर किए थे, जबकि बाद में कहा गया कि यह बैठक 19 मई को हुई थी। कई विधायकों ने जांचकर्ताओं को लिखित में दिया है कि 6 मई को ऐसी कोई बैठक ही नहीं हुई थी और न ही उन्होंने किसी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे।</p>
<p>अभिषेक बनर्जी ने सीआईडी द्वारा पहले भेजे गए तीन समन की अनदेखी की थी और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद बार-बार मिल रहे नोटिस और गिरफ्तारी की आशंका के खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:22:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टीएमसी को बड़ा झटका: अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, उच्च सदन में तृणमूल के बचे सिर्फ 9 सांसद</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच प्रसिद्ध अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सुखेंदु शेखर रॉय, सुस्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के बाद यह चौथा बड़ा इस्तीफा है। इस सियासी संकट से उच्च सदन में टीएमसी की संख्या घटकर महज 9 रह गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-tmc-actress-koel-mallik-resigns-from-rajya/article-156704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/koel-mullick.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक अनिश्चितता और उथल-पुथल के बीच मशहूर अभिनेत्री और नेता कोयल मल्लिक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। मल्लिक के इस कदम से पहले राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय और सुस्मिता देव भी उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं, आज ही सुबह एक और टीएमसी सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना औपचारिक इस्तीफा सौंपा था। बड़ाइक के इस्तीफे के बाद उच्च सदन में टीएमसी की सदस्य संख्या घटकर 10 रह गई थी, जो दोपहर बाद कोयल मल्लिक के इस्तीफे के साथ ही अब गिरकर महज 9 पर आ गई है।</p>
<p>बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक को टीएमसी नेतृत्व द्वारा विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। इसे पार्टी की एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा गया था। सांसद बनने के बाद कोयल अपने पिता व दिग्गज अभिनेता रंजित मल्लिक और परिवार के साथ नई दिल्ली में नए संसद भवन भी गई थीं और उन्होंने कई मौकों पर पार्टी के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोयल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब टीएमसी चौतरफा राजनीतिक चुनौतियों और लगातार लग रहे झटकों का सामना कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अभिनेत्री पिछले कुछ समय से चल रहे राजनीतिक विवादों से खुद को दूर रखना चाहती थीं और उन्होंने इस बढ़ती सियासी हलचल में उलझने के बजाय गरिमापूर्ण तरीके से पद छोड़ना बेहतर समझा। विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद से ही टीएमसी के भीतर असंतोष के सुर उभरने लगे थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्तीफों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकने वाला है और आने वाले दिनों में कुछ और सांसद भी इसी राह पर चल सकते हैं। </p>
<p>हालांकि, पार्टी ने अभी तक इन सामूहिक इस्तीफों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पद छोड़ने वाले अधिकांश नेताओं ने भी अभी तक अपने भविष्य के राजनीतिक पत्तों को नहीं खोला है। सांसद पद की शपथ लेते समय देश सेवा का संकल्प दोहराने वाली कोयल मल्लिक का महज कुछ महीनों के भीतर ही इस्तीफा दे देना, राष्ट्रीय राजनीति में टीएमसी के घटते प्रभाव और पार्टी के भीतर चल रहे गहरे आंतरिक संकट की ओर साफ इशारा कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:18:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टीएमसी का संकट गहराया : कल्याण बनर्जी ने ममता को दिया अल्टीमेटम, अभिषेक के कारण पार्टी छोड़ने की दी धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। वरिष्ठ सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को सीधा अल्टीमेटम दिया है। कोर्ट केस से हटाए जाने से नाराज कल्याण ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के रहते वे पार्टी में नहीं रहेंगे। उन्होंने अभिषेक पर अहंकार और पार्टी बर्बाद करने का आरोप लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tmcs-crisis-deepens-kalyan-banerjee-gives-ultimatum-to-mamata-threatens/article-156700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/kalyan.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। चौतरफा संकटों से घिरी तृणमूल कांग्रेस अब एक और परेशानी में घिर गयी जब पार्टी के वरिष्ठ सांसद और देश के जाने-माने वकील कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधा अल्टीमेटम दे दिया है। कल्याण बनर्जी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अब 'दीदी' को उनके और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच किसी एक को चुनना होगा। संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कल्याण बनर्जी ने बेहद तल्ख लहजे में कहा, "दीदी को मेरे और अभिषेक बनर्जी के बीच फैसला करना होगा।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वे पार्टी छोड़ने का संकेत दे रहे हैं, तो वरिष्ठ वकील ने स्पष्ट किया, "अगर अभिषेक बनर्जी उसी पद और उसी ताकत के साथ पार्टी में बने रहते हैं, तो मैं तृणमूल कांग्रेस में नहीं रहूंगा।"</p>
<p>इस बड़े राजनीतिक टकराव की मुख्य वजह पश्चिम बंगाल विधानसभा में कथित 'हस्ताक्षर जालसाजी' विवाद से जुड़े एक मामले में कानूनी पैरवी को लेकर पैदा हुआ विवाद है। कल्याण बनर्जी ने बताया कि वे बुधवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर एक याचिका पर कानूनी सुरक्षा की मांग करने के लिए पेश हुए थे। अदालत ने उस दिन मामला नहीं लिया और गुरुवार को सुनवाई होनी तय थी। लेकिन कल्याण बनर्जी का आरोप है कि बुधवार की देर रात करीब 12:30 बजे उनके बेटे के पास एक फोन आया, जिसमें सूचित किया गया कि अब इस मामले में उनकी जगह वकील अयान भट्टाचार्य अदालत में जिरह करेंगे।</p>
<p>अपने पेशे का हवाला देते हुए बनर्जी ने कहा, "मैं ऐसा अहंकार बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैं पिछले 45 सालों से वकालत के पेशे में हूँ और मैं इस तरह के रवैये को कतई स्वीकार नहीं करूँगा। जिनकी बात की जा रही है, वे मेरे बच्चों की उम्र के हैं। अगर उन्हें मुझ पर भरोसा नहीं था, तो उन्होंने पहले मुझसे इस मामले को संभालने के लिए क्यों कहा? मैं लंबे समय से जानता हूँ कि अभिषेक मुझ पर भरोसा नहीं करते, लेकिन वे इस तरह मुझ जैसे वरिष्ठ वकील का अपमान नहीं कर सकते। क्या मैं कोई कूड़ेदान हूँ?"</p>
<p>अनुभवी सांसद बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल के भीतर और कार्यकर्ताओं के बीच अभिषेक की लोकप्रियता लगातार खत्म हो रही है। उन्होंने कहा, "अभिषेक को अभी भी समझ नहीं आ रहा है कि जनता और पार्टी कार्यकर्ता उन्हें पसंद नहीं करते हैं। उन्होंने पार्टी को बर्बाद कर दिया है। उनकी वजह से मुझे भी 'चोर' ब्रांड किया जा रहा है। मैं कामाक स्ट्रीट का कोई अदना कार्यकर्ता नहीं हूँ जो इस अहंकार को सहन करूँगा।"</p>
<p>कल्याण बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पहले भी ममता बनर्जी को पार्टी के 'नंबर-2' (अभिषेक) के इस व्यवहार और आचरण के बारे में सचेत किया था, लेकिन उस पर कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। ममता बनर्जी के साथ अपने दशकों पुराने संबंधों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, " अभिषेक दीदी के खून के रिश्तेदार हो सकते हैं, लेकिन हम लोगों ने भी पिछले 40-45 वर्षों से पार्टी के वफादार सिपाहियों की तरह उनके भाइयों के रूप में काम किया है। मैं इसे स्वीकार नहीं करूँगा। इस बेहद कठिन समय में भी मैं ममता बनर्जी के साथ खड़ा रहा, और मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है? अगर यही स्थिति रही, तो मेरे लिए पार्टी में बने रहना असंभव होगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:52:12 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 18 आईएएस अधिकारियों के तबादले</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 18 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। खाद्य, परिवहन, खेल और महिला विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नए सचिव नियुक्त हुए हैं। अधिसूचना के अनुसार, रवि इंदर सिंह को परिवहन और जगदीश प्रसाद मीना को खाद्य विभाग की कमान सौंपी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/major-administrative-reshuffle-in-west-bengal-18-ias-officers-transferred/article-156568"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ias-transfer.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत पश्चिम बंगाल सरकार ने 18 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नये प्रभार सौंपे हैं। यह फेरबदल खाद्य एवं आपूर्ति, परिवहन, भूमि एवं भूमि सुधार, महिला एवं बाल विकास, सिंचाई, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में किया गया है। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिये गये हैं।</p>
<p>इन प्रमुख बदलावों में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य-सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे जगदीश प्रसाद मीना (पश्चिम बंगाल कैडर 2004) को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगार विभाग के प्रधान सचिव तथा उपभोक्ता मामलों का प्रभार संभाल रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रवि इंदर सिंह (पश्चिम बंगाल कैडर 1994) को सुरेंद्र गुप्ता के स्थान पर परिवहन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है।</p>
<p>वर्तमान में प्रेसीडेंसी डिवीजन के संभागीय आयुक्त तथा परिवहन विभाग का प्रभार संभाल रहे सुरेंद्र गुप्ता (पश्चिम बंगाल कैडर 1997) को भूमि एवं भूमि सुधार और शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। सौमित्र मोहन (पश्चिम बंगाल कैडर 2002) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के सचिव पद पर बने रहेंगे और उन्हें अतिरिक्त रूप से सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव का प्रभार सौंपा गया है।</p>
<p>इसी तरह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव रहे परवेज़ अहमद सिद्दीकी (पश्चिम बंगाल कैडर 1999) को राज्य गजेटियर का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। जलपाईगुड़ी डिवीजन के संभागीय आयुक्त अनूप कुमार अग्रवाल (पश्चिम बंगाल कैडर 1993) को कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और वस्त्र विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है।<br />पश्चिम बंगाल नेताजी सुभाष प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (एनएसएटीआई) के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार (पश्चिम बंगाल कैडर 1997) को तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। वहीं, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत रहीं मौमिता गोदारा बसु (पश्चिम बंगाल कैडर 2007) को महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।</p>
<p>वर्तमान में भूमि रिकॉर्ड और सर्वेक्षण के निदेशक रणधीर कुमार (पश्चिम बंगाल कैडर 2006) उनकी जगह लेंगे और उनके पास वित्त विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और वस्त्र विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार का प्रभार संभाल रहे राजेश पांडेय (पश्चिम बंगाल कैडर 1995) को युवा सेवा एवं खेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर स्थानांतरित किया गया है।</p>
<p>अन्य तबादलों में पश्चिम बंगाल लघु उद्योग विकास निगम (डब्ल्यूबीएसआईडीसी) की प्रबंध निदेशक आर विमला (पश्चिम बंगाल कैडर 2010) को उत्तर बंगाल विकास विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) की निदेशक रचना भगत (पश्चिम बंगाल कैडर 2009) को श्रम विभाग का सचिव बनाया गया है और उद्योग, वाणिज्य और उद्यम विभाग में सचिव रहीं मुक्ता आर्य (पश्चिम बंगाल कैडर 2008) को सुंदरवन मामलों के विभाग के सचिव पद पर तैनात किया गया है।</p>
<p>नयी दिल्ली में प्रधान स्थानीय आयुक्त दुष्यंत नारियाला (पश्चिम बंगाल कैडर : 1993) राष्ट्रीय राजधानी में ही बने रहेंगे और उन्हें एनएसएटीआई के महानिदेशक तथा एसएनटीसीएसएससी के अध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गयी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में विकास कार्यों की प्रधान समन्वयक नंदिनी चक्रवर्ती (पश्चिम बंगाल कैडर 1994) को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है, साथ ही उनके पास आवास विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। परिवहन विभाग में विशेष सचिव राजू मिश्रा (पश्चिम बंगाल कैडर 2015) को आबकारी आयुक्त नियुक्त किया गया है। आवास, युवा सेवा एवं खेल, आपदा प्रबंधन और पशु संसाधन विकास सहित कई विभागों का कार्यभार संभाल रहे राजेश कुमार सिन्हा (पश्चिम बंगाल कैडर 1997) को सिंचाई और जलमार्ग विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। नीलम मीना (पश्चिम बंगाल कैडर 1998) पश्चिम बंगाल की मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के पद पर बनी रहेंगी और उन्हें पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:54:59 +0530</pubDate>
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                <title>TMC को एक और झटका : सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार, जबरन वसूली एवं आपराधिक धमकी के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता पुलिस ने टीएमसी नेता और पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता को गिरफ्तार कर लिया है। साल्ट लेक के एक व्यवसायी से लाखों रुपये की रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में यह कार्रवाई हुई। राजारहाट स्थित आवास पर घंटों पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamool-leader-sabyasachi-dutta-arrested-on-charges-of-extortion-and/article-156442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/021.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाली की पुलिस ने सोमवार रात को तृणमूल कांग्रेस के नेता और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष सब्यसाची दत्ता को कथित जबरन वसूली एवं आपराधिक धमकी के मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साल्ट लेक के एक व्यवसायी ने दत्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जो वर्तमान में बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 31 के पार्षद हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन पर कई लाख रुपये देने का दबाव डाला जा रहा था और मांग पूरी न करने पर उन्हें धमकी दी गई।</p>
<p>शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए बिधाननगर उत्तर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने सोमवार देर रात राजारहाट के रायगाछी इलाके में दत्ता के आवास पर छापा मारा। उन्हें उनके घर से हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, औपचारिक गिरफ्तारी से पहले दत्ता से कई घंटों तक पूछताछ की गई। मंगलवार सुबह उनकी चिकित्सा जांच होने की उम्मीद है और उसके बाद उन्हें बिधाननगर अदालत में पेश किया जाएगा।</p>
<p>दत्ता ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बारासात विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था लेकिन भाजपा उम्मीदवार से हार गए थे। उनकी गिरफ्तारी पूर्व राज्य सरकार के पदाधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच हुई है। इससे पहले सोमवार को पुलिस ने नेपाल सीमा के पास जहांगीर खान को गिरफ्तार किया, जिसे लोकप्रिय रूप से "पुष्पा" के नाम से जाना जाता है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, कथित तौर पर सीमा मार्ग से भागने की कोशिश करते समय उन्हें राज्य पुलिस विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार कर लिया। दत्ता की गिरफ्तारी पूर्व सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाइयों की श्रृंखला के बाद हुई है। पिछले महीने, पूर्व राज्य मंत्री सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद, बोस के करीबी माने जाने वाले कई पार्षदों को संबंधित जांच में पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने दत्ता के खिलाफ लगे आरोपों के संबंध में अभी तक कोई और जानकारी नहीं दी है और जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamool-leader-sabyasachi-dutta-arrested-on-charges-of-extortion-and/article-156442</link>
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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 15:40:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>TMC को बड़ा झटका : सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ा साथ, राज्यसभा से भी दिया इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। रॉय ने टीएमसी सरकार को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था में पूरी तरह नाकाम बताते हुए जनता के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sukhendu-shekhar-roy-left-tmc-and-also-resigned-from-rajya/article-156358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/33.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को पार्टी छोड़ने के साथ-साथ राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया। राय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ साथ राज्यसभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है। राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि राय ने सचिवालय में अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राय ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने 15 वर्ष से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ हिंसा , शिक्षा, स्वास्थ्य , उद्योग, रोजगार और कानून व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में बुरी तरह नाकाम रहने पर सत्ता से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी संख्या में सीटें जीतीं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस बीच नई चुनी हुई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार पश्चिम बंगाल के चहुमुखी विकास और पुनर्निमाण के लिए कई कार्यक्रम लागू करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है। रॉय ने कहा ,"मैं लोगों के इस ऐतिहासिक फैसले को विनम्रता से स्वीकार करता हूं और तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देता हूं।" उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद से बड़ी संख्या में नेताओं ने पार्टी से किनारा करना शुरू कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 17:19:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नेपाल भागने की फिराक में था टीएमसी का ‘पुष्पा’ प्रत्याशी: एसटीएफ ने बॉर्डर से दबोचा, हाई कोर्ट से राहत खत्म होते ही बड़ी कार्रवाई, बंगाल की राजनीति में फिर मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[फलता उपचुनाव के पूर्व टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान को एसटीएफ ने नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार कर लिया। मतदान से पहले मैदान छोड़ने वाले जहांगीर पर मतदाताओं को धमकाने के कई आरोप हैं। हाई कोर्ट से राहत खत्म होने के बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tmcs-pushpa-candidate-was-planning-to-flee-to-nepal-stf/article-156328"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jahangir-khan-.webp" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी रहे जहांगीर खान को राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार वह नेपाल के रास्ते फरार होने की फिराक में था। सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने उसे दबोचा और अब उसे कोलकाता लाया जा रहा है। बता दें कि जहांगीर खान उपचुनाव से पहले उस समय चर्चा में आया था, जब मतदान से 48 घंटे पहले उसने चुनाव मैदान छोड़ने की घोषणा कर दी थी। </p>
<p>हालांकि नाम वापसी की समयसीमा निकल जाने के कारण उसका नाम ईवीएम में बना रहा। 24 मई को आए नतीजों में भाजपा उम्मीदवार ने भारी मतों से जीत दर्ज की, जबकि जहांगीर चौथे स्थान पर रहा। जहांगीर खान पर मतदाताओं को धमकाने समेत कई आरोप हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा सुरक्षा संबंधी राहत वापस लेने के बाद उसकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/tmcs-pushpa-candidate-was-planning-to-flee-to-nepal-stf/article-156328</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 14:07:22 +0530</pubDate>
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