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                <title>Wildlife Conflict - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Wildlife Conflict RSS Feed</description>
                
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                <title>झारखंड के कोड़रमा में हाथियों का कहर : दो की मौत, तीन घायल, ग्रामीणों में दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड के कोडरमा में हाथियों के झुंड ने ईंट भट्ठा मजदूरों पर हमला कर 12 वर्षीय बच्चे और एक युवक को कुचलकर मार डाला। घटना में तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। क्षेत्र में बढ़ती हाथियों की दहशत और वन विभाग की निष्क्रियता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पिछले एक माह में जिले में 7 मौतें हो चुकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/elephants-wreak-havoc-in-jharkhands-koderma-two-dead-three-injured/article-151277"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/jharkhand.png" alt=""></a><br /><p>कोडरमा। झारखंड के कोडरमा जिले में जयनगर थाना क्षेत्र के कंझियाडीह गांव में बीती रात हाथियों के हमले में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान बिहार के फतेहपुर गांव निवासी 32 वर्षीय राजकुमार मांझी और 12 वर्षीय लवकुश के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कंझियाडीह स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाथियों का झुंड अचानक पहुंच गया। हाथियों ने झोपड़ियों को तोड़ना शुरू कर दिया, जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान एक छोटा बच्चा झोपड़ी में फंस गया। उसे बचाने के प्रयास में परिवार के लोग वापस वहां पहुंचे, लेकिन अफरा-तफरी के बीच बच्चा हाथियों के झुंड के पास पहुंच गया, जहां उसे कुचलकर मार डाला गया।</p>
<p>घटना इतनी भयावह थी कि शव के टुकड़े हो गए। हमले में राजकुमार मांझी की पत्नी गौरी देवी, लवकुश की मां कारी देवी और एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। वहीं, सतगावां थाना क्षेत्र के मीरगंज पंचायत स्थित कानीकेंद्र गांव में भी हाथियों ने एक मिट्टी का मकान ध्वस्त कर दिया और उसमें रखे अनाज को नष्ट कर दिया। हालांकि, उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लगातार बढ़ रही घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है। पिछले एक महीने में जिले में हाथियों के हमले से करीब सात लोगों की मौत हो चुकी है। जयनगर, मरकच्चो और सतगावां समेत कई प्रखंड इससे प्रभावित हैं। वहीं घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यशैली के प्रति भारी आक्रोश है और लोगों ने जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:57:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कोडरमा में जंगली हाथी का कहर: महुआ चुनने गई महिला की मौत, 4 दिनों में 3 लोगों की खा गए जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड के कोडरमा में जंगली हाथी के हमले में 55 वर्षीय सीता देवी की मौत हो गई। महुआ चुनने गई महिला को हाथी ने पटक-पटक कर मार डाला। वन विभाग ने ₹25,000 की तत्काल सहायता और ₹4 लाख के मुआवजे का आश्वासन दिया है। क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और भय व्याप्त है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/wild-elephant-wreaks-havoc-in-koderma-woman-who-went-to/article-148333"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/elephant-attack.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड के कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र अंतर्गत जामू स्थित हरलाडीह गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना में जंगली हाथी के हमले से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान 55 वर्षीय सीता देवी के रूप में हुई है, जो रामचंद्र साहू की पत्नी थीं। परिजनों के अनुसार, सीता देवी सुबह करीब 5:30 बजे गांव की अन्य महिलाओं के साथ जंगल में महुआ चुनने गई थीं। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया। हाथी को देखते ही अन्य महिलाएं अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहीं, लेकिन सीता देवी समय पर नहीं निकल सकीं।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी ने सीता देवी को अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर दो से तीन बार पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद साथ गई महिलाओं ने शोर मचाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह हाथी को वहां से खदेड़ा। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं लगातार बढ़ रही हाथियों की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों को भगाने के लिए विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार, कोडरमा जिले में बीते एक वर्ष के दौरान हाथियों के हमलों में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं पिछले एक सप्ताह में ही दो महिलाओं और एक पुरुष की मौत हो चुकी है, जिससे लोगों में भय का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।</p>
<p>डीएफओ सौमित्र शुक्ला ने बताया कि मृतका के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये दाह-संस्कार के लिए दिए जाएंगे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद वन अधिनियम के तहत चार लाख रुपये तक मुआवजा प्रदान किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में हाथियों को खदेड़ने के लिए चार टीमें तैनात की गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 16:32:47 +0530</pubDate>
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                <title>वन विभाग की कार्रवाई से लोगों को राहत: केरल के वायनाड में पकड़ा आदमखोर बाघ, आदिवासी व्यक्ति की ली थी जान</title>
                                    <description><![CDATA[केरल वन विभाग ने पुलपल्ली में 14 वर्षीय आदमखोर बाघ को पिंजरे में पकड़ लिया है। इस बाघ ने हाल ही में एक व्यक्ति की जान ली थी। बीमार बाघ को अब इलाज हेतु संरक्षण केंद्र भेजा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/relief-to-people-due-to-forest-departments-action-man-eater-tiger/article-137316"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/tiger-cought.png" alt=""></a><br /><p>कोझिकोड। केरल के वन विभाग ने वायनाड जिले में शुक्रवार तड़के एक नरभक्षी बाघ को पकडऩे में सफलता हासिल की। वन विभाग की इस कार्रवाई से जिले के पुलपल्ली में वंडिकाडवु के निवासियों को बहुत राहत मिली है। यह बाघ शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे वंडिकाडवु वन क्षेत्र के हाजियार काडवु में लगाए गए पिंजरे में फंस गया। वन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पकड़ा गया 14 वर्षीय यह नर बाघ वही आदमखोर है जिसने पिछले शनिवार को चेतीमट्टम इलाके में 65 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति मारन पर हमला कर उनकी जान ले ली थी। मारन तब जलाऊ लकड़ी इक्ट्टा कर रहे थे। </p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, इस बाघ ने क्षेत्र में मवेशियों पर लगातार हमले किये थे। अभी यह बाघ बीमार है और इसे इलाज के लिए कुप्पाडी संरक्षण केंद्र में भेजा गया है। स्वास्थ्य खराब होने के कारण इसे वापस जंगल में छोड़े जाने की संभावना कम है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 15:07:56 +0530</pubDate>
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