<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/rising/tag-6462" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>rising - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6462/rss</link>
                <description>rising RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राइजिंग राजस्थान समाप्त, डीएलबी का तैयार नहीं हो सका लैंड बैंक</title>
                                    <description><![CDATA[विभिन्न शहरों में निवेशकों को निवेश के प्रति आकर्षित करने के लिए जमीन की उपलब्धता बताई जा सके, लेकिन स्थानीय निकायों की ओर से डीएलबी के आदेशों को दरकिनार करते हुए कोई लैंड बैंक तैयार नहीं हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rising-ended-land-bank-of-dlb-%E2%80%8B%E2%80%8Bcould-not-be/article-97332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/swayat-shasan-vibhag-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के विभिन्न शहरों में निवेशकों को मनचाही जमीन मुहैया करवाने के लिए स्वायत शासन विभाग की ओर से तैयार किया जाने वाला लैंड बैंक अभी तक नहीं बन सका है, भले ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट समाप्त हो गया हो। डीएलबी निदेशक की ओर से सभी निकायों को 5  बार रिमाइंडर देकर निर्देशित किया कि था कि राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट से पहले सभी निकाय अपने क्षेत्र में सरकारी, गोचर, सवाईचक जमीनों को चिन्हित करते हुए लैंड बैंक तैयार करेंगे, ताकि विभिन्न शहरों में निवेशकों को निवेश के प्रति आकर्षित करने के लिए जमीन की उपलब्धता बताई जा सके, लेकिन स्थानीय निकायों की ओर से डीएलबी के आदेशों को दरकिनार करते हुए कोई लैंड बैंक तैयार नहीं हुआ।</p>
<p>हालांकि इस मामले में डीएलबी निदेशक कुमार पाल गौतम के अनुसार लैंड बैंक तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर सभी निकायों को निर्देशित किया जा चुका है, कुछ निकायों ने रिपोर्ट भी भेजी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rising-ended-land-bank-of-dlb-%E2%80%8B%E2%80%8Bcould-not-be/article-97332</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rising-ended-land-bank-of-dlb-%E2%80%8B%E2%80%8Bcould-not-be/article-97332</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 15:24:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/swayat-shasan-vibhag-copy1.jpg"                         length="108369"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़ती गर्मी से निजात का तरीका</title>
                                    <description><![CDATA[ एक अध्ययन से पता चला है कि अत्यधिक गर्मी के कारण दुनियाभर में हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग मारे जाते हैं। भारत में भीषण गर्मी के कारण हर साल 83,700 लोगों की जान जाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/way-to-get-rid-of-rising-heat/article-43402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(630-×-400-px)-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>बढ़ती गर्मी और ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। वैज्ञानिकों को आशंका है कि वैश्विक तापमान में 2035 तक 0.3 से 0.7 डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि हो सकती है। एक अध्ययन से पता चला है कि अत्यधिक गर्मी के कारण दुनियाभर में हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग मारे जाते हैं। भारत में भीषण गर्मी के कारण हर साल 83,700 लोगों की जान जाती है। हाल ही में बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए तेलंगाना सरकार ने राज्य में 1 अप्रैल से ‘कूल रूफ’ नीति लागू की है। ऐसा करने वाला तेलंगाना देश का पहला राज्य बन गया है। इस नीति के तहत जो छत ‘कूल रूफ’ है उसे एक प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। साथ ही कूल रूफ बनाने पर जोर दिया जाएगा, जो पारंपरिक छतों की तुलना में कमरे को ठंडा रख सकें। फिलहाल यह नीति पांच साल के लिए लागू की गई है। इसके जरिए पांच साल में 60 करोड़ यूनिट बिजली बचाने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p>इसे लागू करने का उद्देश्य भवनों को तापीय रूप से आरामदायक बनाना, ऊर्जा की खपत और लागत कम करना एवं कार्बन डाइआॅक्साइड उत्सर्जन को नियंत्रित करना है। कूल रूफ पॉलिसी के तहत तेलंगाना ने 2023-24 में हैदराबाद शहरी समूह के लिए 5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और शेष राज्य के लिए 2.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का लक्ष्य रखा है। 2028-29 तक हैदराबाद में 200 वर्ग किलोमीटर और शेष राज्य में 100 वर्ग किलोमीटर तक पहुंचने के लिए इसे हर साल दोगुना किया जाएगा। पूरे राज्य में कुल 300 वर्ग किलोमीटर ठंडी छत से प्रति वर्ष 600 मिलियन यूनिट ऊर्जा बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साइट क्षेत्र या निर्मित क्षेत्र के बावजूद सभी सरकारी, सरकारी स्वामित्व वाली, गैर-आवासीय और व्यावसायिक इमारतों के लिए कूल रूफ अब अनिवार्य है। 600 वर्ग गज और उससे अधिक के प्लॉट क्षेत्र वाले आवासीय भवनों के लिए  कूल रूफ एप्लिकेशन अनिवार्य है। हालांकि, 600 वर्ग गज से कम के प्लॉट क्षेत्र वाले भवनों के लिए यह वैकल्पिक या स्वैच्छिक है।</p>
<p>असल में तेलंगाना में बढ़ते शहरीकरण और उच्च विकास प्रक्षेपवक्र के कारण यह निर्णय लेने के लिए सरकार को बाध्य होना पड़ा है। तेलंगाना देश का तीसरा सबसे अधिक शहरीकृत राज्य है। यहां की 47 प्रतिशत आबादी पहले से ही शहरीकृत है और जल्द ही इसके 50 प्रतिशत से अधिक होने के आसार हैं। भले ही भारत में कूल रूफ शब्द नया हो, लेकिन इसे दुनिया के कई देशों में काफी पहले ही लागू किया जा चुका है। टोरंटो और लॉस एंजिल्स में इस नीति ने जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान का मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके तहत गर्मी से बचने के लिए छतों को ऐसे तैयार किया जाता है कि इन पर सूरज की रोशनी पड़ने पर वह परावर्तित हो जाएं। इससे गर्मी का असर कम होता है और मकान काफी हद तक ठंडा रहता है। ये छतें इमारत के तापमान को उसी तरह कम कर देती हैं, जिस तरह गर्मी में हल्के या सूती कपड़े हमारे शरीर को ठंडक देते हैं। गर्मियों की दोपहर में पारंपरिक छतों का तापमान 150 डिग्री फारेनहाइट या उससे अधिक तक पहुंच जाता है। इसकी तुलना में एक परावर्तक छत 50 डिग्री फारेनहाइट के कम तापमान के साथ ठंडी रहती है। यह तकनीक ऊर्जा और धन की बचत करती है।  </p>
<p>वर्तमान में लगभग 13 प्रतिशत भारतीय घरों में एयर कंडीशनिंग है, जो 2040 तक बढ़कर 69 प्रतिशत हो जाएगी। एयर कंडीशनर हानिकारक रेफ्रिजरेंट का रिसाव करते हैं, जो ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाते हैं। साथ ही दुनियाभर की इमारतों में उपयोग की जाने वाली कुल बिजली का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा एसी और पंखे चलाने में खर्च होता है। इनमें से अधिकांश बिजली का उत्पादन अभी भी जीवाश्म ईंधन से होता है। अंतरराष्टÑीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार भारत और चीन जैसे देशों में तेजी से गर्म हो रही धरती, बढ़ती जनसंख्या और लोगों की आय में वृद्धि के कारण एसी का उपयोग बढ़ रहा है। फिलहाल दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाले एसी की कुल संख्या लगभग 200 करोड़ है, जो 2050 तक बढ़कर 560 करोड़ हो सकती है।</p>
<p>विश्व बैंक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साल 2037 तक हर 15 सेकेंड में एक नए एयर कंडीशनर की मांग होगी और ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान देश में तापमान इतना बढ़ जाएगा कि गर्मी से निपटने में पंखे और कूलर जवाब देने लगेंगे। बढ़ते तापमान की वजह से कई तरह की नौकरियों के खत्म होने और अर्थव्यवस्था पर कई अन्य तरह के दबाव बढ़ जाएंगे। 16 से 20 करोड़ लोग हर साल खतरनाक लू का सामना करेंगे और कार्य क्षमता पर बुरा असर होगा। वहीं बढ़ती गर्मी के बीच खाद्य पदार्थों का नुकसान भी बढ़ेगा। लिहाजा आने वाले भयावह संकट से बचने के लिए कूल रूफ जैसे ऊर्जा और धन के अपव्यय को रोकने वाले विकल्पों को अपनाना आवश्यक है। ऐसी नीतियों को तेलंगाना की तरह पूरे भारत में लागू करना अवसरवादी साधनों के कारण प्रकृति के साथ खिलवाड़ को रोकने में कारगर साबित हो सकता है। <br />         </p>
<p><strong>देवेन्द्रराज सुथार</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/way-to-get-rid-of-rising-heat/article-43402</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/way-to-get-rid-of-rising-heat/article-43402</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Apr 2023 10:45:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-04/manoj-%28630-%C3%97-400-px%29-%28630-%C3%97-400-px%29-%283%29.jpg"                         length="73620"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़ता कोरोना ग्राफ: चार दिन में 18 हजार से अधिक मामले</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है और पिछले चार दिन से 18 हजार से अधिक दैनिक मामले सामने आ रहे हैं वहीं पिछले 24 घंटे में 42 लोगों की इस बीमारी से मौत हो गईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rising-corona-graph-more-than-18-thousand-cases-in-four/article-14017"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/coronaaa.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है और पिछले चार दिन से 18 हजार से अधिक दैनिक मामले सामने आ रहे हैं वहीं पिछले 24 घंटे में 42 लोगों की इस बीमारी से मौत हो गईं। इस बीच देश में रविवार सुबह आठ बजे तक 198 करोड़ 76 लाख 59 हजार 299 टीके दिये जा चुके हैं।  पिछले 24 घंटे में 10 लाख 21 हजार 164 टीके लगाए गए हैं।<br /><br />केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के 18,257 नये मामलों के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर चार करोड़ 36 लाख 22 हजार 651 हो गयी है। इससे पहले गुरुवार को दैनिक मामलों की संख्या 18,930 और शुक्रवार को 18,815 तथा शनिवार को 18,840 रही। वहीं इसके संक्रमण से अब तक पांच लाख 25 हजार 428 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसी अवधि में 14,553 मरीज स्वस्थ हुए हैं जिसके साथ ही कोरोनामुक्त होने वालों की संख्या चार करोड़ 29 लाख 68 हजार 533 हो गयी है। देश में सक्रिय मामले 3662 बढ़कर 1,28,690 हो गये हैं , हालांकि इनकी दर अभी 0.30 प्रतिशत है। वहीं रिकवरी दर 98.50 और मृत्युदर 1.20 फीसदी है। सक्रिय मामलों के हिसाब से केरल देश में पहले स्थान पर है। यहां अभी 28,571 सक्रिय मामले हैं। पिछले 24 घंटों में केरल में ही सबसे अधिक 24 मरीजों की मौत हुई जिसके साथ इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 70,132 हो गयी है। राज्य में 3482 मरीज स्वस्थ हुए हैं तथा अब तक 65,71,442 लोग कोरोनामुक्त हो चुके हैं।<br /><br />तमिलनाडु में सक्रिय मामले 155 बढ़कर 18,842 हो गये हैं और यह प्रदेश केरल के बाद दूसरे स्थान पर है। राज्य में 2516 कोरोना मरीज स्वस्थ हुए हैं और यहां अब तक 34,42,122 लोग इस महामारी को मात दे चुके हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या में 15 का इजाफा होने से इनकी संख्या बढ़कर 2,265 तक पहुंच गई है। राज्य में इस जानलेवा वायरस को मात देने वालों की संख्या में 367 का इजाफा होने के बाद कुल संख्या बढ़कर 20,67,880 हो गयी है, इसी दौरान मृतकों की संख्या 23,547 दर्ज की गई है।<br />हरियाणा में सक्रिय मामले 22 बढ़कर 1,940 हो गये हैं। इस दौरान 319 लोगों के स्वस्थ होने से महामारी से उबरने वाले मरीजों की कुल संख्या 10,06,868 हो गयी है, जबकि मृतकों का आंकड़ा 10,628 है। पूर्वोत्तर राज्य के असम में कोरोना संक्रमण के 171 सक्रिय मामले सामने के बाद कुल सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 1,541 हो गयी है। जबकि अभी तक राज्य में 7,16,923 मरीज इस जानलेवा वायरस के संक्रमण से उबर चुके हैं। राज्य में एक और मरीज की मौत होने के साथ मृतकों का कुल आंकड़ा बढ़कर 7,991 हो गया है। बिहार में कोरोना संक्रमण के 216 सक्रिय मामले सामने के बाद कुल सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 1,958 हो गयी है। जबकि अभी तक राज्य में 8,21,152 मरीज इस जानलेवा वायरस के संक्रमण से उबर चुके हैं। राज्य में मृतकों का आंकड़ा 12,262 पर बरकरार है।<br /><br />तेलंगाना में सक्रिय मामले 43 बढ़कर 5,189 हो गये हैं। कोविड को मात देकर स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 485 बढऩे से इनकी कुल संख्या बढ़कर 7,96,365 हो गयी है। मृतकों का आंकड़ा 4,111 पर स्थिर है। गुजरात में सक्रिय मामले 153 बढ़कर 4,046 हो गये हैं। कोरोना से निजात पाने वालों की कुल संख्या 12,22,381 हो गयी है। राज्य में कोविड-19 से अब तक 10,948 लोग जान गंवा चुके हैं। पश्चिम बंगाल में इस दौरान सबसे अधिक 2,303 सक्रिय मामले सामने आये हैं और इसी के साथ इनकी कुल संख्या बढ़कर 21,159 तक पहुंच गयी है। राज्य में संक्रमणमुक्त लोगों की संख्या 662 बढ़कर 20,06,351 हो गयी है। इस दौरान कोरोना मृतकों का आंकड़ा तीन बढ़कर 21,239 हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rising-corona-graph-more-than-18-thousand-cases-in-four/article-14017</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rising-corona-graph-more-than-18-thousand-cases-in-four/article-14017</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Jul 2022 13:17:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/coronaaa.jpg"                         length="55300"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में बढ़ता कोरोना ग्राफ: 24 घंटे में 4245 मामले आए सामने </title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली।  देश में कोरोना वायरस संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या 119457  तक पहुंच गई है, जिनमें पिछले 24 घंटे में 4245 मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को यहां बताया कि गुरूवार सुबह सात बजे तक  11,44,489 टीके दिये जा चुके हैं। इनमें बीते 24 घंटे में दिए टीकों का आंकड़ा भी शामिल है, जो 198.33 करोड़ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/corona-graph-rising-in-the-country-4245-cases-were-reported/article-13806"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/corona10.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  देश में कोरोना वायरस संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या 119457  तक पहुंच गई है, जिनमें पिछले 24 घंटे में 4245 मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को यहां बताया कि गुरूवार सुबह सात बजे तक  11,44,489 टीके दिये जा चुके हैं। इनमें बीते 24 घंटे में दिए टीकों का आंकड़ा भी शामिल है, जो 198.33 करोड़ है।<br /><br /> मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान कोविड से ग्रसित 14650 मरीज ठीक हुये हैं। इसी के साथ अभी तक कुल 42921977  मरीज कोविड मुक्त हो चुके हैं।देश में बीते 24 घंटे में कोरोना से हुई मौतों का सिलसिला भी जारी रहा। इस दौरान महामारी की चपेट में आकर 35 मरीजों की मौत हुई है। जिसके साथ ही मृतकों की कुल संख्या पांच लाख 525305 तक पहुंच गई है। इन नये आंकड़ों के साथ देश में दैनिक संक्रमण दर 4.32 प्रतिशत, स्वस्थ होने वालों की दर 98.52 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.21 प्रतिशत है। देश में पिछले 24 घंटे में 4,38,005 कोविड परीक्षण किये गये हैं। अब तक कुल  86.53 करोड़ कोविड परीक्षण किये जा चुके हैं। <br /><br />केरल में कोरोना वायरस के 1014  सक्रिय मामले बढ़कर 30169  हो गये हैं। इससे निजात पाने वाले लोगों की संख्या 3080 बढ़कर 6559746 हो गयी है, जबकि मृतकों की संख्या 70073 है। महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों की संख्या 839 घटकर 19981 हो गयी  है जबकि 3974 और लोगों के स्वस्थ होने के बाद इससे  निजात पाने वाले लोगों  का आंकड़ा 7825114 तक पहुंच गया है और मृतकों  का आंकड़ा 147956 पर स्थिर है। कर्नाटक में सक्रिय मामलों की संख्या 83 बढ़कर 6481 हो गयी है जबकि 1044 और लोगों के स्वस्थ होने के बाद इससे निजात पाने वाले लोगों का आंकड़ा 3928397 तक पहुंच गया है। मृतकों का आंकड़ा 40122 है।<br /><br /> दिल्ली में सक्रिय मामले 83 बढ़कर 2590 हो गये हैं। राज्य में इस जानलेवा वायरस को 516 और लोगों ने मात दी, जिसके बाद कोरोना से मुक्त होने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1909782 तक पहुंच गई। अभी तक इस महामारी से 26276 लोगों की मौत हो चुकी  है।<br /> तेलंगाना में सक्रिय मामले 129  बढ़कर 4882 हो गये हैं। कोविड को मात देकर स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 434  बढ़कर 794944 हो गयी हैं। मृतकों का आंकड़ा 4,111 पर बरकरार है। गुजरात में सक्रिय मामले 129  बढ़कर 3724 हो गये हैं। कोरोना से निजात पाने वालों की कुल संख्या 1220682 हो गयी है। राज्य में कोविड-19 से अब तक 10948  लोग जान गंवा चुके हैं।<br /><br />देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या 168 घटकर 2401 रह गयी है। राज्य में इस जानलेवा वायरस को मात देने वालों की संख्या में 510 का इजाफा होने के बाद कुल संख्या बढ़कर 2066672 हो गयी है, इसी दौरान मृतकों की संख्या 23543 पर स्थिर रही। हरियाणा में सक्रिय मामले 84  घटकर 1955  हो गये हैं। इस दौरान 498 लोगों के स्वस्थ होने से महामारी से उबरने वाले मरीजों की कुल संख्या 1005762 हो गयी हैं, जबकि मृतकों का आंकड़ा 10627 पर बरकरार है। पंजाब में सक्रिय मामले नौ घटकर 1031 हो गये हैं। इस दौरान 196 लोगों के स्वस्थ होने से महामारी से उबरने वाले मरीजों की कुल संख्या 745063  हो गयी हैं, जबकि मृतकों का आंकड़ा 17781 पहुंच गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/corona-graph-rising-in-the-country-4245-cases-were-reported/article-13806</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/corona-graph-rising-in-the-country-4245-cases-were-reported/article-13806</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Jul 2022 14:14:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/corona10.png"                         length="470011"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना के बढ़ते कदम: भारत में 17073 नए मामले दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 17,073 नये मामले सामने आये है। जिससे संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,34,07,046 हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/coronas-rising-steps-17073-new-cases-registered-in-india/article-13097"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/corona2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 17,073 नये मामले सामने आये है। जिससे संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,34,07,046 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकडों के अनुसार पिछले 24 घंटों में तीन लाख तीन  हजार 604 कोरोना टेस्ट किये गये जिससे अब कुल टेस्ट की संख्या 86.10 करोड़ हो गई है और दो लाख 49 हजार 646 टीके लगाये गये है जिससे इनकी संख्या बढ़कर 197.11करोड़ हो गई।<br /><br />देश में कोरोना के सक्रिय रोगियों की संख्या 94,420 है और सक्रिय मामलों की दर 0.22 प्रतिशत है। दैनिक संक्रमण दर 5.62 प्रतिशत दर्ज की गईं।  मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में इस महामारी से 21 और लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 5,25,029 हो गई है। देश में कोरोना मृत्यु दर 1.21 प्रतिशत है। इसी अवधि में 1508 मरीज कोरोना मुक्त हुए हैं। अब तक कुल 4,27,87,606 लोग इससे उबर चुके हैं। स्वस्थ होने की दर 98.57 प्रतिशत है।  महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों की संख्या 275 बढऩे से इनकी संख्या कुल बढ़कर 24608 हो गई है वहीं 6213 और लोगों के स्वस्थ होने के बाद इससे निजात पाने वाले लोगों का आंकड़ा बढ़कर 77,90,153 तक पहुंच गया है, जबकि पांच और लोगों की मौत के साथ मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 147905 हो गया है।  <br /><br /> केरल में पिछले 24 घंटे में 119 सक्रिय मामले घटने से इनकी संख्या घटकर 27,772  रह गयी है। वहीं 3491 लोगों के स्वस्थ होने के बाद इससे निजात पाने वाले लोगों की संख्या 65,26,341 हो गई है, जबकि मृतकों का आंकड़ा 69,951 हो गया है। दिल्ली में सक्रिय मामले 222 और बढऩे से कुल मामले बढ़कर 4939 हो गए हैं। राज्य में इस जानलेवा वायरस को 1,665 और लोगों ने मात दी, जिसके बाद कोरोना मुक्त होने वालों की कुल संख्या बढ़कर 19,00,206  हो गई है। अभी तक इस महामारी से 26,253 लोगों की मौत हो चुकी है।<br /><br />कर्नाटक में सक्रिय मामले 384 घटने से इनकी कुल संख्या घटकर 4438 रह गयी है। इस दौरान 517  मरीजों के ठीक होने से इस महामारी से निजात पाने वालों की कुल संख्या 39,20,283 हो गई है। मृतकों का आंकड़ा 40114 पर स्थिर है। राजस्थान में सक्रिय मामले 36 बढऩे से कुल संख्या बढ़कर 858 हो गयी है। इस दौरान 125 मरीजों के ठीक होने से स्वस्थ लोगों की संख्या बढ़कर 12,77,536 हो गयी है। मृतकों की संख्या 9563 पर स्थिर है। पश्चिम बंगाल में सक्रिय मामले 281 बढऩे से इनकी संख्या बढ़कर 3777 हो गयी है। इस दौरान 212 मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोना से मुक्त होने वालों की कुल संख्या बढ़कर 19,99,979 हो गई है। वहीं मृतकों की संख्या 21216 हो गई है।<br /><br />देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 46 कोरोना सक्रिय मामले बढऩे से इनकी कुल संख्या 3653 हो गयी और इस महामारी से मुक्त होने वालों की कुल संख्या 20,61,350 हो गयी है। जबकि अभी तक जानलेवा वायरस से 23533 लोगो की जान जा चुकी है। तमिलनाडु में सक्रिय मामले 781 बढऩे से इनकी संख्या बढ़कर 7458 हो गयी है। इस दौरान 691 मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोना से मुक्त होने वालों की कुल संख्या बढ़कर 34,22,860 हो गई है। वहीं मृतकों की संख्या 38026 पर स्थिर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/coronas-rising-steps-17073-new-cases-registered-in-india/article-13097</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/coronas-rising-steps-17073-new-cases-registered-in-india/article-13097</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 15:06:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/corona2.jpg"                         length="249751"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में बढ़ती महंगाई और महंगा ऋण</title>
                                    <description><![CDATA[यदि रेपो दर ओर बढ़ती है, लेकिन जमा पर ब्याज दर भी तो बढ़ती है, जो कि जमाकर्ताओं के लिए एक राहत की बात है। लेकिन व्यवहार में ऐसा हो नहीं रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/rising-inflation-in-india/article-12300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/4654654656.jpg" alt=""></a><br /><p>यदि रेपो दर ओर बढ़ती है, लेकिन जमा पर ब्याज दर भी तो बढ़ती है, जो कि जमाकर्ताओं के लिए एक राहत की बात है। लेकिन व्यवहार में ऐसा हो नहीं रहा है। ऋण दरें पहले बढ़ती है, लेकिन जमा ब्याज दरें बाद में बढ़ती है। वर्तमान में घरेलू जमाकर्ता भी अधिक उत्साहित नहीं है, क्योंकि स्थाई जमा पर ब्याज दरें घट रही है। केंद्र सरकार ने भविष्य निधि पर ब्याज दर घटाकर 8.1 प्रतिशत कर दी है, डाकघर बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम होने की संभावना रहती है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा घोषित मौद्रिक नीति में महंगाई को नियंत्रित करने को प्राथमिकता प्रदान की है तथा इसी दिशा में नीतिगत निर्णय लिए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के लिए महंगाई चिंता का विषय है। एक तरफ  की विकास दर के कम होने के संकेत हैं तो दूसरी तरफ मुद्रास्फीति दर के बढ़ने के संकेत है, जो कि भारत को अप-मुद्रास्फीति की तरफ ले जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि विकास दर 7.2 प्रतिशत अपरिवर्तित रहेगी, लेकिन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 6.7 प्रतिशत रहेगा, जो कि 6 प्रतिशत की सीमा से अधिक होगा । नई मौद्रिक नीति का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय रेपो दर में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि का है, जो कि महंगाई को रोकने का नीतिगत निर्णय है तथा देश में व्याप्त तरलता को कम करने में मददगार होगा, जो कि महंगाई का एक कारण माना जाता है। रेपो दर वह दर होती है, जो कि केंद्रीय बैंक व्यापारिक बैंकों से अल्पकालीन ऋण के बदले में वसूलता है जिसमें गत एक माह में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है तथा इसी अनुपात में रिवर्स रेपो दर वृद्धि हुई है, जो कि व्यापारिक बैंक अपने तरल कोषों को रिजर्व बैंक में रखने के बदले में प्राप्त करता है।</p>
<p>रेपो दर में वृद्धि का तत्काल प्रभाव यह होता है कि बैंकों से ऋण लेना महंगा हो जाता है तथा वर्तमान में लिए गए निर्णय अधिक ब्याज चुकाना होता है। बैंक ब्याज दरों को बढ़ाने में देरी नहीं करते हैं। सार्वजनिक एवं निजी बैंकों ने भी अपनी ऋण ब्याज दरों को 0.5 प्रतिशत से तत्काल बढ़ाने का निर्णय लिया है। बैंकों द्वारा दिए गए ऋणों की तीन प्रकार की दरें होती हैं। बैंकों द्वारा दिए गए ऋणों का लगभग 40 प्रतिशत ऋण ईबीएलआर पर आधारित है तथा 30 प्रतिशत सीमांत लागत तथा शेष 30 प्रतिशत स्थाई दर पर आधारित है। खुदरा एवं लघु तथा मध्यम उद्योगों को ऋण ईबीएलआर पर दिए जाते हैं। निगमों को सीमांत लागत पर दिए जाते हैं। सभी प्रकार के ऋणों में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है। ऋण ब्याज दरों में वृद्धि का असर यह हुआ है कि कार्यशील पूंजी, खुदरा, उपभोक्ता, ग्रह एवं ऑटो ऋण लेना तत्काल प्रभाव से महंगा हो गया है, जो कि उपभोक्ताओं की ऋण उठाव क्षमता को प्रभावित करेगा तथा उनकी मासिक ऋण पर ब्याज की किस्तों में वृद्धि हो जाएगी। आजकल अधिकांश ऋण परिवर्तित ब्याज दरों पर आधारित हो गया है, जो कि स्वत: है ईएमआई में वृद्धि कर देते हैं। उपभोक्ता के पास यह विकल्प होता है या तो वह पुन: भुगतान अवधि को बढ़ाए या अधिक ईएमआई दे।</p>
<p>खुदरा उपभोक्ता ऋण एवं गृह एवं आटो ऋण महंगे होने से इनसे संबंधित उत्पादों की मांग प्रभावित होगी तथा निवेश में भी गिरावट आएगी। इस समय जो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार में उथल-पुथल एवं अनिश्चितता तथा जोखिम का माहौल व वातावरण चल रहा है। पूंजी व मुद्रा बाजार भी उथल-पुथल का शिकार है। अंतरराष्ट्रीय व घरेलू निवेशक कोषों का आवागमन तेजी से करते हैं तथा स्थिरता एवं वृद्धि खतरे में रहती है। उत्पादक एवं ऋण प्रदान करने वाली कंपनियां एवं निवेश सभी के निर्णय पर रेपो दर में हुए परिवर्तन का प्रभाव पड़ता है। महंगाई एक महत्वपूर्ण कारण है, ऋण उठाव क्षमता में कमी करने का।  इन कंपनियों के पास मांग को बनाए रखने का एक विकल्प है, अधिक आकर्षित बट्टा दरें तथा ऑफर। यदि रेपो दर ओर बढ़ती है, लेकिन जमा पर ब्याज दर भी तो बढ़ती है, जो कि जमाकर्ताओं के लिए एक राहत की बात है। लेकिन व्यवहार में ऐसा हो नहीं रहा है। ऋण दरें पहले बढ़ती है, लेकिन जमा ब्याज दरें बाद में बढ़ती है। वर्तमान में घरेलू जमाकर्ता भी अधिक उत्साहित नहीं है, क्योंकि स्थाई जमा पर ब्याज दरें कम रही है। केंद्र सरकार ने भविष्य निधि पर ब्याज दर कम होकर 8.1 प्रतिशत कर दी है, डाकघर बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम करने की संभावना रहती है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान सीनियर सिटीजन एवं पेंशन धारकों को उठाना पड़ता है।</p>
<p>बैंकों द्वारा देय जमाओं पर ब्याज दरों एवं सरकारी बांड्स में निवेश पर ब्याज दरों में 0.9 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत तक का अंतर है, जो कि सर्वाधिक हैं, लेकिन बांड्स में निवेश का लॉक इन समय होता है, जो कि कम से कम 3 वर्ष का होता है, उससे पहले किसी भी कीमत पर पैसा नहीं निकाला जा सकता है, जबकि बैंकों की स्थाई जमा तरलता बनी रहती है। परिपक्वता पूर्व निकासी का प्रावधान रहता है पेनल्टी के कारण ब्याज दर कम हो जाती है। यह अंतर कम हो तो घरेलू बचत कर्ता के लिए राहत की बात होगी। ब्याज दरें निर्णायक आधार होती है चाहे निवेश किया जाए या बचत।             </p>
<p><strong>- डॉ. सुभाष गंगवाल</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/rising-inflation-in-india/article-12300</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/rising-inflation-in-india/article-12300</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 10:47:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/4654654656.jpg"                         length="185452"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़ती महंगाई के बीच जनता को राहत: पेट्रोल-डीजल सस्ता,  घरेलू गैस सिलेंडर पर 200 रुपए की सब्सिडी </title>
                                    <description><![CDATA[सालभर में 12 सिलेंडरों पर मिलेगी सब्सिडी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/relief-to-the-public-amid-rising-inflation--petrol-diesel-cheaper--subsidy-of-rs-200-on-domestic-gas-cylinder/article-10192"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/petrol.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को पेट्रोल-डीजल की कीमते घटाकर और घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी देकर राहत दी है। पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम की है। जिससे पेट्रोल 9.50 रुपए और डीजल 7 रुपए सस्ता होगा। </p>
<p>वहीं घरेलू गैस पर भी केंद्र सरकार ने जनता को बड़ी राहत देते हुए एलपीजी गैस सिलेंडर पर भी दाम घटाए हैं। घरेलू गैस सिलेंडर पर 200 रुपए की सब्सिडी दी है। यह सब्सिडी सालभर में 12 सिलेंडरों पर मिलेगी। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी मिलेगी। इससे 9 करोड़ लाभार्थियों को सीधा फायदा होगा। बढ़ती महंगाई के बीच इस चुनावी माहौल से पहले बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। हालांकि बात करें जनता कि तो जनता ने बढ़ती महंगाई के बीच इस राहत के लिए मोदी सरकार को धन्यवाद दिया है। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/relief-to-the-public-amid-rising-inflation--petrol-diesel-cheaper--subsidy-of-rs-200-on-domestic-gas-cylinder/article-10192</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/relief-to-the-public-amid-rising-inflation--petrol-diesel-cheaper--subsidy-of-rs-200-on-domestic-gas-cylinder/article-10192</guid>
                <pubDate>Sat, 21 May 2022 19:32:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/petrol.jpg"                         length="46916"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आग की भट्टी बनती जा रही धरती: भारत-पाकिस्तान की तरफ बढ़ रही झुलसाने वाली गर्मी</title>
                                    <description><![CDATA[स्कॉटलैंड के मौसम विज्ञानी स्कॉट डंकन ने इसकी चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/earth-becoming-a-furnace-of-fire--scorching-heat-rising-towards-india-pakistan/article-8657"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/garmi2.jpg" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। दक्षिण एशिया में गर्मी का मौसम अपने शुरूआती दिनों में ही लोगों को परेशान करने लगा है। अप्रैल के शुरूआती दिनों में ही भारत और पाकिस्तान में लोग 40-50 डिग्री सेल्सियस की गर्मी झेल रहे हैं। आने वाले दिनों में भी इससे राहत नहीं मिलेगी। स्कॉटलैंड के मौसम विज्ञानी स्कॉट डंकन ने इसकी चेतावनी दी है। ट्विटर पर शेयर एक थ्रेड में उन्होंने लिखा कि खतरनाक और झुलसाने वाली गर्मी भारत और पाकिस्तान की ओर बढ़ रही है। स्कॉट डंकन ने लिखा कि अप्रैल में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ेगा। उच्चतम तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह गर्मी काफी पहले शुरू हो गई थी, मार्च की शुरूआत से ही। स्कॉट ने मार्च 2022 का एक ग्राफिक्स शेयर किया और कहा कि आप देख सकते हैं कि मार्च के महीने में दुनिया के इस हिस्से में कितनी बेरहमी से गर्मी पड़ रही है।<br /><br /><strong>200 साल में कितना बढ़ा</strong><br />उन्होंने ब्रेकली पार्थ के डेटा के हवाले से बताया कि कैसे 19वीं शताब्दी के बाद से भारत और पाकिस्तान के तापमान में बदलाव आया है। उन्होंने लिखा कि जैसे-जैसे हमारा ग्रह गर्म होता है, हीटवेव और ज्यादा ताकतवर हो जाती हैं। गर्मी के खतरनाक स्तर साल के ज्यादातर समय में देखे जा सकते हैं। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने जनवरी में घोषणा की थी कि साल 2021 तापमान का रिकार्ड रखे जाने के बाद से ग्रह के सात सबसे गर्म वर्षों में से एक था।<br /><br /><strong>ग्लोबल वॉर्मिंग को रोकने का रास्ता लंबा</strong><br />औसत वैश्विक तापमान में हर साल लगभग 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हो रही है। 2020 में महामारी से थोड़ी गिरावट के बाद 2021 में वैश्विक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन लगभग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए हमें एक लंबा रास्ता तय करना होगा। ग्रह के और अधिक ताप को कम करने के लिए तेजी से डीकाबोर्नाइजेशन की आवश्यकता है। सबसे खतरनाक जलवायु परिवर्तन प्रभावों से बचने के लिए अभी देर नहीं हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/earth-becoming-a-furnace-of-fire--scorching-heat-rising-towards-india-pakistan/article-8657</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/earth-becoming-a-furnace-of-fire--scorching-heat-rising-towards-india-pakistan/article-8657</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Apr 2022 14:25:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/garmi2.jpg"                         length="34858"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण कोरिया में कोरोना का बढ़ता ग्राफ,  एक लाख से ज्यादा नए मामले दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण कोरिया में  संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 16,583,220 ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/corona-s-rising-graph-in-south-korea--more-than-one-lakh-new-cases-registered/article-8208"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/corona21.jpg" alt=""></a><br /><p>सियोल। दक्षिण कोरिया में मंगलवार मध्यरात्रि तक कोरोना के 1,11,319 नए मामले दर्ज किये गए, जिससे संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 16,583,220 हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।कोरिया रोग नियंत्रण और रोकथाम एजेंसी (केडीसीए) ने कहा कि दैनिक मामले पिछले दिन दर्ज किए गए 1,18,504 मामलों से थोड़ा कम और एक सप्ताह पहले दर्ज किये गए 1,95,393 मामलों से बहुत कम थे। <br /><br />स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि वायरस के अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन वेरिएंट और इसके उपप्रकार बीए.2 के प्रसार से प्रेरित नयी लहर मार्च के मध्य में अपने चरम पर थी और अब इसमें गिरावट आई है। नए मामलों में, 17 बाहर से आए लोगों में दर्ज किए गए, जिससे विदेशी मामलों की कुल  संख्या 31,635 हो गई। अधिकारियों के अनुसार 808 संक्रमितों की स्थिति गंभीर है। <br /><br />पिछले 24 घंटों में कुल 166 और लोगों की मृत्यु हुई, जिसके बाद वायरस से मरने वालों की संख्या 21,520 हो गई। अब तक दक्षिण कोरिया में 44,529,088 लोग (86.8 प्रतिशत) कोविड-19 वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं जबकि 33,024,450 लोग (64.4 प्रतिशत) बूस्टर डोज लगवा चुके हैं। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/corona-s-rising-graph-in-south-korea--more-than-one-lakh-new-cases-registered/article-8208</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/corona-s-rising-graph-in-south-korea--more-than-one-lakh-new-cases-registered/article-8208</guid>
                <pubDate>Wed, 20 Apr 2022 13:28:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/corona21.jpg"                         length="249751"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धरती पर खतरे की घंटी! अंतरिक्ष में खड़ा हो रहा ‘कूड़े का पहाड़’</title>
                                    <description><![CDATA[कुछ नहीं किया तो मलबे से ‘बेकार’ हो जाएगा स्पेस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/washington--slarm-bells-on-earth--a--mountain-of-garbage--rising-in-space/article-7400"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/space.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। बात है 1978 की नासा के वैज्ञानिक डोनाल्ड केसलर ने अंतरिक्ष के ‘कबाड़खाने’ में तब्दील होने की चेतावनी दी। उनकी इस थ्योरी को ‘केसलर सिन्ड्रोम’ के नाम से जाना गया जिसके मुताबिक पृथ्वी की कक्षा में मौजूद कचरा एक ऐसे बिंदु पर पहुंच जाएगा जहां यह और अधिक मात्रा में खगोलीय मलबा पैदा करेगा जो सक्रिय सैटेलाइट्स, ऐस्ट्रोनॉट्स और मिशन प्लानर्स के लिए एक बड़ी मुसीबत बन सकता है। इंसान को अंतरिक्ष में पहला कदम रखे 50 साल से अधिक समय हो गया है। अब वैज्ञानिकों की नजर मंगल जैसे ग्रह पर है जो कभी एक सपना हुआ करता था।  कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में लोगों को कई उल्कापिंड की आतिशबाजी दिखाई पड़ी थी। इस रहस्यमय रोशनी को लेकर खगोलविद जोनाथन मैकडॉवेल ने कहा कि यह दरअसल चीनी रॉकेट का मलबा था जो पृथ्वी के वातावरण में दोबारा प्रवेश कर रहा था। इसी तरह का मलबा बड़ी मात्रा में हमारी पृथ्वी की कक्षा में मौजूद है। अक्सर इसी मलबे के टुकडेÞ धरती पर जलते हुए गिरते हैं जो कई बार रिहायशी इलाकों में गिरने पर भारी नुकसान पहुंचाते हैं। <br /><br /><strong>कुछ नहीं किया तो मलबे से ‘बेकार’ हो जाएगा स्पेस</strong><br /><strong>हर सैटेलाइट एक दिन बन सकती है मलबा</strong><br />यह मलबा इसलिए खतरनाक है कि क्योंकि यह 25,265 किमी/घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की निचली कक्षा में चक्कर लगाता है। यह रफ्तार किसी भी बड़े धमाके को अंजाम देने के लिए काफी है। एक्सपर्ट कहते हैं हर सैटेलाइट जो आॅर्बिट में प्रवेश करती है उसके खगोलीय मलबा बनने की संभावना होती है। एलन मस्क के स्टारलिंक जैसे प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के मलबे को कई गुना बढ़ा सकते हैं। अमेरिकी सरकार के मुताबिक सॉफ्टबॉल से बड़े मलबे के लगभग 23,000 टुकड़े पृथ्वी के चक्कर लगा रहे हैं। 1 सेमी से बड़े मलबे के 5 लाख टुकड़े हैं और करीब 1 मिमी या उससे बड़े मलबे के 100 मिलियन टुकड़े ऑर्बिट में मौजूद हैं।<br /><br /><strong>9,600 टन से अधिक कचरा अंतरिक्ष में मौजूद</strong><br />आईएसएस के पास मौजूद मलबे के टुकड़े दिन में 15-16 बार धरती का चक्कर लगाते हैं जिससे टकराव का खतरा बढ़ जाता है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) का अनुमान है कि पृथ्वी की कक्षा में सभी अंतरिक्ष पिंडों का कुल द्रव्यमान 9,600 टन से अधिक है। नासा का कहना है कि कक्षा में 600 किमी से कम ऊंचाई पर मौजूद मलबा कुछ साल में धरती पर वापस गिरेगा। लेकिन 1000 किमी से ज्यादा की ऊंचाई पर मौजूद कचरा करीब एक शताब्दी या उससे अधिक समय पर पृथ्वी के चक्कर लगाता रहेगा। देवेसॉफ्ट की 1 सितंबर 2021 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार पृथ्वी की कक्षा में कुल 4550 सैटेलाइट्स मौजूद हैं। इसमें 3790 सैटेलाइट्स निचली कक्षा में मौजूद हैं।<br /><br />किस देश की कितनी सैटेलाइट्स<br />देशों की 50 अलग-अलग ऑपरेटर्स या स्पेस एजेंसियां संचालित करती हैं। अंतरिक्ष में सबसे अधिक सैटेलाइट्स एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की हैं (1655)। इसके अलावा चीन के रक्षा मंत्रालय की 129, रूसी रक्षा मंत्रालय की 125, नासा की 60, इसरो की 47 और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की 45 सैटेलाइट ऑर्बिट में मौजूद हैं। देशवार देखें तो अमेरिका की सबसे अधिक 2804, चीन की 467, ब्रिटेन की 349, रूस की 168, जापान की 93 और भारत की 61 सैटेलाइट अंतरिक्ष ऑर्बिट में चक्कर लगा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/washington--slarm-bells-on-earth--a--mountain-of-garbage--rising-in-space/article-7400</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/washington--slarm-bells-on-earth--a--mountain-of-garbage--rising-in-space/article-7400</guid>
                <pubDate>Tue, 05 Apr 2022 14:22:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/space.jpg"                         length="58358"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंका में बढ़ती महंगाई के खिलाफ राष्ट्रपति आवास तक लोगों का हिंसक प्रदर्शन, कोलंबो में कर्फ्यू</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदर्शनकारियों ने  पुलिस बस और जीप के साथ-साथ दो मोटरसाइकिलों और एक ट्रक को आग लगा दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/-violent-demonstration-of-people-till-president-s-residence-against-rising-inflation-in-sri-lanka--curfew-in-colombo/article-7165"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/sri-lanka.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलंबो। श्रीलंका में भारी आर्थिक संकट के बीच बढ़ती मंहगाई से परेशान लोग गुरुवार देर रात राजधानी कोलंबो में सड़कों पर उतर आये और सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए उनका गुस्सा हिंसक प्रदर्शनों में बदल गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद 45 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने  पुलिस बस और जीप के साथ-साथ दो मोटरसाइकिलों और एक ट्रक को आग लगा दी। इसके बाद पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई और अंतत: राजधानी कोलंबो में   कर्फ्यू  लगा दिया गया।<br /><br />प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और दूसरे वाहनों को किया आग के हवाले<br />पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की कि गुस्साये प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और दूसरे वाहनों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर  करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और तेज पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।<br />श्रीलंका में पिछले कई सप्ताह से खाने-पीने के सामान की किल्लत तथा गैस और तेल की बढ़ती कीमतों से तो लोग परेशान थे ही, इसी बीच बिजली की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई, जिसने आग में घी का काम किया । इसके बाद लोग सरकार विरोधी नारे लगाते हुए राजधानी में सड़कों पर उतर आये।  लोगों का यह गुस्सा कल रात ङ्क्षहसक प्रदर्शनों के रूप में सड़कों पर नजर आया।<br /><br />पांच हजार लोग सड़कों पर<br />राजधानी में करीब पांच हजार लोग सड़कों पर उतरे। हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां लिये लोग राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। राष्ट्रपति भवन के पास एकत्र प्रदर्शनकारी '' गोटाबाया वापस जाओ'' के नारे लगा रहे थे और मांग कर रहे थे कि देश की अर्थव्यवस्था को संभालने में नाकामयाब रही इस सरकार को सत्ता से बाहर हो जाना चाहिए  । हिंसक प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई, इस प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए अद्र्धसैन्य पुलिस बल और विशेष कार्यबल को लगाया गया।<br /><br />राष्ट्रपति आवास के बाहर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी<br />श्रीलंका में गहराते आर्थिक संकट और काफी लंबे समय तक बिजली उपलब्ध न रहने के चलते लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। गुरुवार देर रात को राजधानी में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के निजी आवास के बाहर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए। आक्रोशित लोगों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस छोडऩे पड़े और पानी की तेज बहाव का छिड़काव करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान हाथों में तख्तियां लेकर 'गोटा घर वापस जाओ' सहित सरकार विरोधी कई नारे लगाए और सरकार से इस्तीफे की मांग की क्योंकि उनके द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को सही से नहीं संभाला जा सका है।<br /><br />कर्ज चुकाने के लिए श्रीलंका के पास पर्याप्त मात्रा में डॉलर भी नहीं<br />उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ हफ्तों से श्रीलंका में आर्थिक सकंट इतना गहरा गया है कि यहां खाद्य पदार्थों, ईंधन और रसोई गैस की भारी किल्लत हो गई है। आसमान छूती महंगाई से लोगों का गुस्सा फुट पड़ा है। श्रीलंका के पास विदेशी मुद्रा की कमी हो गई है, जिस कारण यह पुराने कर्जों को नहीं चुका पा रहा है। कर्ज चुकाने के लिए श्रीलंका के पास पर्याप्त मात्रा में डॉलर भी नहीं है। श्रीलंका में यह आर्थिक संकट इस साल की शुरुआत से गहराया है, जिससे यहां के लोग काफी प्रभावित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/-violent-demonstration-of-people-till-president-s-residence-against-rising-inflation-in-sri-lanka--curfew-in-colombo/article-7165</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/-violent-demonstration-of-people-till-president-s-residence-against-rising-inflation-in-sri-lanka--curfew-in-colombo/article-7165</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Apr 2022 15:13:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/sri-lanka.jpg"                         length="53539"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीट पेपर सियासी घमासान : बढ़ने लगा विवाद, सांसद किरोड़ी ने फिर जारी किया चीटिंग का काला चिठ्ठा, किए कई खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[किरोड़ी मीणा के आरोपों से राजनीतिक हलचल : इस मामले में मंत्री, बड़ा प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल : सीबीआई से मामले की जांच करवाकर रीट  परीक्षा दोबारा करवाई जाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6--%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A0%E0%A5%8D%E0%A4%A0%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%88-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BE/article-4207"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/29.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रीट-2021 पेपर आउट होने का विवाद नहीं थम रहा है। 26 सितंबर को हुई परीक्षा के बाद से ही प्रदेश के बेरोजगार युवा, राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और भाजपा विरोध कर रही है। ये सभी मामले की जांच सीबीआई और परीक्षा दोबारा से करवाने की मांग कर रहे हैं। सांसद किरोड़ी ने गुरुवार को प्रेसवार्ता करते हुए एक बार फिर कई खुलासे किए। उन्होनें इस मामले में मंत्रियों, बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल होने के आरोप लगाए है। </p>
<p><strong><br />तीन माह पहले दिए तथ्य</strong><br />मीणा ने कहा कि एसओजी ने भजनलाल विश्नोई और राम कृपाल मीणा को गिरफ्तार किया और शिक्षा संकुल से पेपर लीक होना स्वीकार किया है। यह तथ्य मैंने सरकार और एसओजी को करीब तीन महीने पहले ही दे दिए थे कि रामकृपाल मीणा के ब्लैक लिस्टेट कॉलेज को रीट परीक्षा का सेंटर बनाया गया था। शिक्षा संकुल से पेपर लीक का मामला पहले ही उजागर कर चुका हूं। प्रकरण में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारोली और जिला कॉर्डिनेटर प्रदीप पाराशर की अहम भूमिका है। परीक्षा से पहले 24 सितंबर को जारोली शिक्षा संकुल में आए थे और पाराशर के साथ पार्टी भी की। <br /><br /><strong>बोर्ड अध्यक्ष को सत्ता का संरक्षण</strong><br />मीणा ने कहा कि बोर्ड अध्यक्ष को सत्ता का संरक्षण मिला है तभी वे तथ्यों का जबाव देने के बजाय मेरा इस्तीफा मांग रहे थे। परीक्षा से पहले पेपर कई लोगों के पास गए है और जोधपुर में तो करीब पांच हजार लोगों के पास पेपर पहुंचा। मंत्री की जान-पहचान वाले एक व्यक्ति की कोलकाता की प्रिंटिंग प्रेस को पेपर छपवाने का टेंडर दिया। यह व्यक्ति खुद अहमदाबाद का निवासी है। वहीं, राजस्थान विवि में एबीवीपी ने तो शिक्षा संकुल में बेरोजगारों ने विरोध किया और राज्य बोर्ड अध्यक्ष से इस्तीफा मांगा है।</p>
<p><strong>रीट पेपर में एसओजी का खुलासा : जयपुर के शिक्षा संकुल में बने स्ट्रांग रूम से पेपर हुआ था लीक : अब तक कुल 35 आरोपितों को कर चुकी है गिरफ्तार</strong><br /><br />जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने खुलासा किया है कि रीट पेपर जयपुर में शिक्षा संकुल में बने संग्रहण केन्द्र से लीक हुआ था। यह 26 सितम्बर को आयोजित रीट की परीक्षा से एक दिन पहले ही 25 सितम्बर को लीक कर दिया गया था। एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि टीम ने रीट परीक्षा पेपर आउट प्रकरण में मुख्य आरोपी भजनलाल को पूर्व में गिरफ्तार किया था। जब उससे पूछताछ की गई तो सामने आया कि रीट का पेपर उसे उदाराम विश्नोई पुत्र जगराम निवासी रणोदर चितलवाना जालौर ने दिया था। </p>
<p><br />टीम ने उदाराम को गिरफ्तार कर लिया। जब टीम ने उदाराम से पूछताछ शुरू की तो उसने खुलासा कि उसे यह पेपर रामकृपाल मीणा पुत्र नोनदाराम निवासी जगन्नाथपुरी शिव शक्ति पब्लिक स्कूल, कॉलेज त्रिवेणी नगर गोपालपुरा बाईपास ने शिक्षा संकुल जयपुर में स्थित पेपर संग्रहण केन्द्र से परीक्षा से पूर्व 25 सितम्बर को ही निकालकर दिया था। एसओजी की टीम उदाराम और रामकृपाल मीणा से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा इस प्रकरण से जुड़े अन्य गिरोह के सदस्यों एवं लाभार्थियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि पेपर लीक करने का सौदा सवा करोड़ रुपए में तय हुआ था। एसओजी की टीम गुरुवार को अजमेर में आरपीएससी बोर्ड पहुंची और जांच कर रिकॉर्ड के बारे में जानकारी जुटाई।<br /><br /><strong>एसओजी ने बोर्ड अध्यक्ष जारोली से की पूछताछ</strong><br />अजमेर।  एसओजी की टीम गुरुवार को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सिविल लाइन्स स्थित रीट कार्यालय पहुंची। इससे हड़कंप मच गया। बोर्ड अध्यक्ष डी.पी. जालोरी से पूछताछ की और परीक्षा से जुड़े दस्तावेज साथ ले गई। इस बीच, जारोली ने कहा कि पेपर लीक में कोई बोर्ड कर्मचारी लिप्त मिला, तो वे खुद इस्तीफा दे देंगे। टीम ने बोर्ड अध्यक्ष से रीट के प्रश्न-पत्र की बुकलेट कहां-कहां कितनी-कितनी भेजी गई और कितनी अतिरिक्त थी, जैसे मुद्दों पर जानकारी ली। </p>
<p><br />कुछ दस्तावेजों को जब्त किया। इस बारे में बोर्ड प्रशासन ने भी एसओजी को पत्र दिया। जालोरी ने बताया कि बोर्ड की जिम्मेदारी प्रश्न-पत्र जिलों की ट्रेजरी तक पहुंचाने की थी। उसके बाद परीक्षा आयोजन अध्यक्ष ही प्रश्न-पत्र केन्द्र तक पहुंचाते हैं। अध्यक्ष कलक्टर होते हैं। इसमें पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारीगण भी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं।  बोर्ड स्तर पर रीट को लेकर पूरी तरह गोपनीयता रखी गई थी। इसलिए बोर्ड के स्तर पर चूक होने की संभावना नहीं है।  उन्होंने कहा कि अगर प्रश्न-पत्र लीक मामले में बोर्ड के किसी कर्मचारी की लिप्तता मिलती है, तो वह खुद अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि एसओजी की अब तक की जांच में बोर्ड के किसी भी कर्मचारी की मिलीभगत सामने नहीं आई है। </p>
<p><strong><br />पहले भी आ चुकी है एसओजी </strong><br />बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि पहले भी एसओजी की टीम रीट कार्यालय में जांच करने आई थी। उस दौरान भी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद उनसे संबंधित दस्तावेज की जांच कर उन्हें ले गई थी। एसओजी की टीम ने मामले में मीडिया से बातचीत नहीं की। उन्होंने जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया था कि रीट प्रश्न-पत्र जयपुर में लीक हुआ है। परीक्षार्थी को जो प्रश्न-पत्र दिया गया था। वो एक शिक्षण संस्था के संचालक द्वारा दिया गया था।<br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6--%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A0%E0%A5%8D%E0%A4%A0%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%88-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BE/article-4207</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6--%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A0%E0%A5%8D%E0%A4%A0%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%88-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BE/article-4207</guid>
                <pubDate>Fri, 28 Jan 2022 12:19:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-01/29.jpg"                         length="502514"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        