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                <title>US Military - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>US Military RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ट्रंप ने की पुष्टि : अंतिम समझौता होने तक ईरान के आसपास तैनात रहेंगे अमेरिकी जहाज़ और विमान, परमाणु हथियार विकसित करने पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ पूर्ण समझौता लागू होने तक अमेरिकी युद्धपोत और सैन्य बल वहां तैनात रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि समझौते का उल्लंघन होने पर "बड़ा और घातक" पलटवार किया जाएगा। ट्रंप ने परमाणु हथियारों पर रोक और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/american-ships-and-aircraft-will-be-deployed-nearby-until-the/article-149716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अंतिम समझौते के पूरी तरह लागू होने तक उनके युद्धपोत, विमान और सैन्य बल ईरान के आसपास तैनात रहेंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर कहा, "अमेरिका के सभी जहाज, विमान और सैन्य कर्मी, अतिरिक्त गोला-बारूद, हथियार और अन्य सभी चीजें ईरान में और उसके आसपास तब तक तैनात रहेंगे, जब तक कि वास्तविक समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं हो जाता।"</p>
<p>उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता लागू नहीं हुआ, तो संघर्ष पहले से कहीं अधिक "बड़ा, बेहतर और अधिक ताकतवर" रूप ले सकता है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका लंबे समय से इस बात पर कायम है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला तथा सुरक्षित रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सेना हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और आगे की कार्रवाई के लिए पूरी तरह से सतर्क है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:30:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-इज़रायल युद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशें 'निर्णयात्मक' चरण में : ईरानी राजूदत मोगादम ने की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राजदूत ने अमेरिका-इजरायल युद्ध रोकने की कूटनीति को 'नाजुक' बताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि 10 दिन की समय-सीमा कल समाप्त हो रही है। यदि समझौता नहीं हुआ, तो नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमला हो सकता है, जिसे कई देश 'युद्ध अपराध' मान रहे हैं। पाकिस्तान और अन्य खाड़ी देश मध्यस्थता में जुटे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/diplomatic-efforts-to-end-us-israel-war-in-decisive-phase-confirms/article-149451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pakistan.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेज़ा अमीरी मोगादम ने कहा है कि उनके देश के साथ अमेरिका-इज़रायल युद्ध को रोकने की चल रही कूटनीतिक कोशिशें ‘निर्णयात्मक, नाजुक’ चरण में है, हालांकि उन्होंने और जानकारी नहीं दी। ईरान के अमेरिकी सम्पतियों और इलाके के दूसरे लक्ष्यों पर जवाबी हमलों के बाद खाड़ी के कई पारंपरिक मध्यस्थों के इस लड़ाई में शामिल होने के बाद पाकिस्तान एक मध्यस्थ के तौर पर सामने आया है।</p>
<p>एक्सियोस ने एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से कहा कि अगर कोई कूटनीतिक समाधान जल्द ही होता दिखता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ आगे की कार्रवाई में देरी कर सकते हैं। अधिकारी ने एक्सियोस से कहा, “ अगर राष्ट्रपति को लगता है कि कोई समझौता हो रहा है, तो वह शायद इसे रोक देंगे। लेकिन यह फैसला सिर्फ वही और सिर्फ वही लेंगे। ” एक रक्षा अधिकारी ने भी इस बार किसी भी समय सीमा के विस्तार की संभावना पर शक जाहिर किया।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इस बात पर ज़ोर दिया कि यह बहुत ज़रूरी है, इसे ‘बहुत महत्वपूर्ण समय’ कहा और इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिका ने ईरान को समाधान पर बातचीत करने के लिए पहले ही ज़रूरी समय दे दिया है। उन्होंने कहा, “ यह बहुत ज़रूरी समय है... उन्होंने सात दिन का विस्तार मांगा, मैंने उन्हें 10 दिन दिये... उनके पास कल तक का समय है। अब देखते हैं क्या होता है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि जिनेवा सम्मेलन के अनुसार, ज़रूरी नागरिक बुनियादी ढांचों को लक्ष्य बनाना युद्ध अपराध माना जा सकता है। जिनेवा सम्मेलन के तहत लोगों के जीवन के लिए जरुरी जल शोधन संयंत्र, बिजली संयंत्र जैसे बुनियादी ढांचे को सैन्य लक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल करने की मनाही है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार नागरिक बुनियादी ढांचों पर कोई भी बमबारी युद्ध अपराध है और कई देशों ने ऐसे हमलों के खिलाफ चेतावनी देने के लिए ट्रंप प्रशासन से संपर्क किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 18:23:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच ट्रंप का बड़ा बयान : ईरानी लोग 'अपनी आज़ादी के लिए तकलीफ़ उठाने को तैयार', 10 दिन की अवधि आज हो रही खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की अपनी चेतावनी दोहराई है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण और टोल वसूलने की योजना पेश की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मंगलवार रात 8 बजे के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने ईरानी जनता से सत्ता परिवर्तन के लिए खड़े होने का आह्वान करते हुए जीत का दावा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-big-statement-amid-west-asia-crisis-iranian-people-are/article-149376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कई ऐसे संदेश मिले हैं जो बताते हैं कि वहां की जनता अपनी ही सरकार के खिलाफ और ज्यादा हमलों की मांग कर रही है। वह यहां संवाददाताओं के प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि इन हमलों का आम ईरानी नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने दावा किया कि ईरानी लोग अपनी आजादी पाने के लिए तकलीफ उठाने को तैयार होंगे। ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की अपनी योजना का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हर फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है। ईरान में शासन परिवर्तन के सवाल पर ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वहां के लोगों को अपनी सरकार के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और इसके नतीजे "बहुत अच्छे" होंगे।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी उस पिछली धमकी की भी पुष्टि की जिसमें उन्होंने ईरान को 'पाषाण युग में वापस भेजने' की बात कही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के पास कोई पुल या पावर प्लांट नहीं बचेगा और वह पूरी तरह तबाह हो जाएगा। अपनी सख्त समय-सीमा के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि हालांकि 10 दिन की अवधि आज खत्म हो रही थी, लेकिन उन्होंने इसे कल तक के लिए बढ़ा दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 1 बजे) की नई समय-सीमा खत्म होने के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने शर्त रखी कि उन्हें ऐसा समझौता मंजूर होगा जिसमें तेल की बिना रोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित हो। होर्मुज जलडमरूमध्य के विवाद पर ट्रंप ने एक नया और चौंकाने वाला विचार पेश किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान को वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की अनुमति दी जा सकती है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा, "जीत हमारी है, वे सैन्य रूप से हार चुके हैं।" उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि जहाजों से टोल अमेरिका वसूले और उनके पास इसे लागू करने के लिए एक ठोस योजना है। राष्ट्रपति ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दोहराया कि अमेरिका इस जंग को जीत चुका है और अब शर्तें उनके हिसाब से तय होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 14:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रंप की ईरान को बड़ी चेतावनी : होर्मुज जलड़मरूमध्य नहीं खोला, तो कल की रात आखिरी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता नहीं खुला, तो ईरान को एक रात में जमींदोज कर दिया जाएगा। ट्रंप ने ईरान को "दुष्ट" करार देते हुए ऊर्जा और सैन्य बुनियादी ढांचे पर निर्णायक हमले के संकेत दिए हैं। तनाव चरम पर है और युद्ध की आहट तेज हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-warning-to-iran-if-the-strait-of-hormuz/article-149366"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए सोमवार को कहा कि अगर वह देश 'होर्मुज जलडमरूमध्य' का रास्ता नहीं खोलता है तो उसे एक रात में ही तबाह किया जा सकता है। उन्होंने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ईरान को "दुष्ट" करार देते हुए अपनी उस चेतावनी को फिर दोहराया जो उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर दी थी। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर ईरान 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को नहीं खोलता है, तो उसके ऊर्जा और परिवहन बुनियादी ढांचे को जमींदोज कर दिया जाएगा। राष्ट्रपति ने डरावने लहजे में कहा, "पूरे देश को एक ही रात में तबाह किया जा सकता है, और वह रात शायद कल रात हो सकती है।"</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे मौजूदा संघर्ष पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "हम अविश्वसनीय रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।" उल्लेखनीय है कि ट्रम्प पहले ही ईरान को कल रात की समय सीमा दे चुके हैं और इस संबोधन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब ईरान के नागरिक और सैन्य ढांचे पर निर्णायक हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:25:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ट्रंप की धमकी के बीच आईआरजीसी का दावा : अमेरिका ने बेइज्जती से बचने के लिए अपने ही विमानों पर की बमबारी, सी-130 सैन्य परिवहन विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर हुए थे नष्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के 'खातम अल-अंबिया' मुख्यालय ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने अपनी 'प्रतिष्ठा' बचाने के लिए अपने ही क्षतिग्रस्त विमानों और सैनिकों पर बमबारी की। इस्फहान के पास आपातकालीन लैंडिंग को मजबूर हुए दो C-130 और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को IRGC ने निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका के इस बचाव अभियान को 'पूर्ण विफलता' करार दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irgc-claims-america-bombed-its-own-planes-to-avoid-humiliation/article-149272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/irgc1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के वायु रक्षा कमान ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने बचाव अभियान के दौरान अपने ही विमानों पर बमबारी कर दी। ईरान के एकीकृत वायु रक्षा कमान 'खातम अल-अंबिया मुख्यालय' के प्रवक्ता ने कहा, "जब ईरान के लड़ाकू विमानों ने घेराबंदी पूरी कर ली, तो ट्रंप की बेइज्जती से बचने और अपनी सेना की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए अपने ही गिराए गए विमानों, साजो-सामान, कमांडरों और सैनिकों पर भारी बमबारी करने को मजबूर होना पड़ा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अमेरिका के कई विमानों को निशाना बनाया गया और उन्हें इस्फहान के दक्षिण में आपातकालीन लैंडिंग करने पर मजबूर होना पड़ा। इनमें दो सी-130 सैन्य परिवहन विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर शामिल थे। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान में अमेरिका के इस अभियान को 'विफल' बताया गया और कहा गया कि इसके परिणाम को 'सिर्फ बयानबाजी, मीडिया युद्ध या मनोवैज्ञानिक अभियानों से ठीक नहीं किया जा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 18:38:07 +0530</pubDate>
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                <title>भारी गोलीबारी के बीच अमेरिका ने F-15E पायलट को ढूंढ निकाला: ट्रंप ने बताया किस हालत में है ईरान से रेस्क्यू किया गया पायलट </title>
                                    <description><![CDATA[मध्य-पूर्व युद्ध के 36वें दिन अमेरिका ने पुष्टि की है कि ईरान द्वारा मार गिराए गए F-15E जेट के दूसरे लापता पायलट को सुरक्षित खोज लिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर इस खबर की पुष्टि की। ईरानी सेना ने पायलट पर 60,000 डॉलर का इनाम घोषित किया था, लेकिन अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने भारी गोलाबारी के बीच उसे बचा लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-heavy-firing-america-found-the-f-15e-pilot-trump-told/article-149159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। मीडिल ईस्ट जंग को आज 36 दिन हो गए है और इस बीच शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका के F-15E जेट को मार गिराया था और इस हमले में एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि दूसरे को कोई पता नहीं था। लेकिन आज अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से जानकारी देते हुए कहा किया लो पायलट लापता हो गया था उसे खोज निकाला गया है। अमेरिकी अघिकारियों ने पुष्टि की कि भारी गोलीबारी के बीच हमने F-15E विमान के दूसरे पायलट को भी सुरक्षित बचा लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस बात का दावा करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर इस बात की पुष्टि की।</p>
<p>अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि अ​भी भी लापता पायलट को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना बाकी इसलिए बचाव अभियान जारी है। इधर, ईरानी सेना भी लापता पायलट को खोजने में लगी हुई है। ईरानी सेना ने एलान किया था कि जो कोई भी उस पायलट को ढूंढ निकालेगा उसे 60,000 डॉलर का इनाम दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 12:32:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष जारी: तेहरान में अब तक 600 लोगों की मौत, जान-माल का भारी नुकसान  </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में जारी अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान के कारण तेहरान में अब तक 636 लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हैं। सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद देश में 40 दिनों का शोक घोषित है। संघर्ष में अब तक कुल 1,348 नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि ईरान ने जवाबी हमलों की चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/conflict-with-america-israel-continues-600-people-have-died-so-far/article-147637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/war.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। इजरायल और अमेरिका के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान की राजधानी तेहरान में अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को तेहरान की आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख मोहम्मद इस्माइल तवक्कोली के हवाले से बताया, इस दौरान (संघर्ष शुरू होने के बाद से) राजधानी में 636 लोग मारे गए हैं और अब तक 6,848 लोग घायल हुए हैं। तेहरान में लगभग 430 जगहों पर हमले हुए हैं। </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने 12 मार्च को कहा था कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल के सैन्य अभियान के परिणामस्वरूप ईरान में 1,348 नागरिक मारे गए और 17,000 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह अभियान 28 फरवरी को ईरान के कई शहरों में शुरू किया गया था, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ। </p>
<p>ईरान ने इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका और इजरायल ने शुरू में दावा किया था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से होने वाले कथित खतरे का मुकाबला करने के लिए उनका पूर्ववर्ती हमला जरूरी था, लेकिन जल्द ही उन्होंने यह साफ कर दिया कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन देखना चाहते हैं। </p>
<p>सैन्य अभियान के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई मारे गये। इस्लामिक गणराज्य ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:05:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की ब्रिटेन को चेतावनी, बोले ब्रिटिश ठिकानों को ईरान के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत देकर ब्रिटेन खतरे में डाल रहा अपने देशवासियों की जान</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका को ब्रिटिश ठिकानों से हमले की अनुमति देकर ब्रिटेन अपने नागरिकों की जान खतरे में डाल रहा है। अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी आत्मरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी हस्तक्षेप का कड़ा जवाब देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-foreign-minister-abbas-araghchi-warned-britain-that-britain-is/article-147308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/irani.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, ब्रिटिश ठिकानों को ईरान के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत देकर अपने देशवासियों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। अराघची ने कहा ब्रिटेन सरकार ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमले के लिए अमेरिका को ब्रिटेन के ठिकानों का इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी।</p>
<p>अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ज्यादातर ब्रिटिश लोग, ईरान पर इजराइल-अमेरिका की अपनी मर्जी की जंग में कोई हिस्सा नहीं लेना चाहते। अपने ही लोगों की अनदेखी करते हुए, मिस्टर स्टारमर ब्रिटेन के ठिकानों को ईरान के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत देकर ब्रिटिश लोगों की जान खतरे में डाल रहे हैं। ईरान अपनी आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 12:54:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका का दावा: ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान ईरान में 6,000 ठिकानों पर किया हमला, 60 जहाज और 30 बारूदी सुरंगों को किया नेस्तनाबूद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान के 6,000 सैन्य ठिकानों, मिसाइल केंद्रों और फैक्ट्रियों को ध्वस्त किया गया है। इस हमले में 60 ईरानी जहाजों और 30 माइनलेयर्स को भारी नुकसान पहुँचा। हालांकि, एक स्कूल पर गलती से हमले की खबरों की जांच अभी जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-claims-during-operation-epic-fury-6000-targets-were-attacked/article-146335"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/operation-epic-fury.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान ईरान में 6,000 ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिका के केंद्रीय कमान की ओर से जारी किए गये नये आंकड़ों के अनुसार अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान ईरान में 6,000 ठिकानों पर हमला किया है। इस अभियान के लगभग 60 जहाज और 30 बारूदी सुरंगें बिछाने वाले ईरान जहाजों नुकसान पहुंचाया है या उन्हें नष्ट कर दिया है।</p>
<p>अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, ईरान में अन्य ठिकानों में सैन्य ठिकानों, हथियार बनाने की फैक्ट्रियां, बैलिस्टिक मिसाइल के केंद्रों, पनडुब्बियों और हवाई सुरक्षा प्रणालियों पर अमेरिका की ओर से हमले किये गये हैं। </p>
<p>अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना के जांचकर्ताओं का मानना है कि अमेरिका-इजरायल के संयुक्त अभियान की शुरुआत में हवाई हमलों के दौरान ईरान में एक विद्यालय पर गलती से हमला करने के लिए संभवत: अमेरिकी सेना ही जिम्मेदार है, लेकिन वे अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 16:40:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘फ्लाइंग फ्यूल स्टेशन’ खतरे में...अमेरिकी सेना का केसी-135 पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त, राहत और बचाव कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी इराक में ईंधन भरने वाला अमेरिकी KC-135 विमान क्रैश हो गया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, यह हादसा दुश्मन की गोलीबारी नहीं, बल्कि संभवतः हवा में टक्कर के कारण हुआ। रात के समय जटिल रीफ्यूलिंग ऑपरेशन के दौरान हुई इस घटना के बाद बचाव कार्य जारी है। विमान में चालक दल के तीन सदस्य सवार थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/flying-fuel-station-in-danger-us-armys-kc-135-crashes-in/article-146337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/america.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। पश्चिमी इराक में अमेरिकी सेना का ईंधन भरने वाला सैन्य विमान केसी-135 दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि इराक में अमेरिकी सेना का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार यह विमान दुश्मन की गोलीबारी या अपनी ही सेना की गोलीबारी के कारण दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ है। अमेरिका के केंद्रीय कमान ने बताया कि पश्चिमी इराक में बचाव कार्य जारी हैं। अमेरिकी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस अभियान में एक और विमान शामिल था, जो सुरक्षित रूप से उतर गया। अमेरिकी सेना ने कहा, हमें नहीं पता कि केसी-135 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की क्या वजह है, लेकिन एक संभावना यह है कि यह हवा में हुई टक्कर के कारण गिर गया।</p>
<p>गौरतलब है कि, ईंधन भरने वाले केसी-135 विमान युद्ध के दौरान जब लड़ाकू विमानों और बमवर्षकों को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, तो उन्हें युद्ध के लिए पूरी तरह से ईंधन से भरते हैं। यह एक बहुत बड़ा लॉजिस्टिकल ऑपरेशन है, जिसमें एक ही समय में कई जेट हवा में होते हैं और हर किसी को ईंधन की जरूरत होती है। रीफ्यूलिंग में टैंकर के बहुत करीब उड़ना शामिल होता है, जिसके बाद टैंकर से एक प्रोब बाहर निकाला जाता है और नीचे किया जाता है।</p>
<p>ईंधन लेने वाला विमान का पायलट प्रोब तक उड़कर जाता है और टैंकर के नीचे लगी लाइटों की एक प्रणाली का उपयोग करके खुद को इस तरह से री-पोजशिन करता है कि प्रोब सचमुच जेट में प्लग इन हो सके। एक बार संपर्क स्थापित हो जाने पर ईंधन स्थानांतरित किया जाता है। इस दौरान विमान बड़े टैंकर से कुछ ही फीट की दूरी पर होता है और ये अभियान अक्सर रात में होते हैं।</p>
<p>पायलट के लिए प्रोब या कुछ मामलों में शटलकॉक के आकार के ड्रोग के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए काफी कौशल की आवश्यकता होती है, खासकर ऐसे माहौल में जहाँ आस-पास कई अन्य विमान भी हो सकते हैं। इसके साथ ही रीफ्यूलिंग मिशन के दौरान दुश्मन की नजर से बचने के लिए विमानों की लाइटें पूरी तरह से बंद हो सकती हैं।</p>
<p>अमेरिका के केंद्रीय कमान ने कहा कि यह घटना इराक में घटित हुई है, लेकिन यह नहीं पता कि यह पड़ोसी देश ईरान से कितनी दूरी पर हुई है। केसी -135 में आमतौर पर तीन लोगों का चालक दल होता है, जिसमें एक पायलट, एक सह पायलट और एक बूम ऑपरेटर शामिल होते हैं। अमेरिका की वायु सेना के अनुसार एयर मोबिलिटी कमान के बेड़े में लगभग 400 टैंकर विमान शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 12:29:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को दिया धोखा, ट्रंप ने छीना थॉड एयर डिफेंस सिस्टम, किम जोंग के लिए बड़ा मौका?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी मिसाइलों से निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण कोरिया से 'थाड' (THAAD) सिस्टम हटाकर मिडिल ईस्ट में तैनात करना शुरू कर दिया है। इस फैसले से सियोल में सुरक्षा को लेकर खलबली मच गई है। उत्तर कोरिया के खतरे के बीच दक्षिण कोरिया अब अपनी रक्षा रणनीति और अमेरिकी भरोसे पर पुनर्विचार करने को मजबूर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-betrayed-south-korea-trump-snatched-thod-air-defense-system/article-146181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से थाड एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे धीरे बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इनकी तैनाती मिडिल ईस्ट में की जा रही है। सिर्फ थाड एयर डिफेंस सिस्टम ही नहीं बल्कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से कई और मिलिट्री हार्डवेयर भी ले जाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी मीडिया ने मामले से परिचित दो अधिकारियों के हवाले से बताया है कि पेंटागन थाड सिस्टम के कुछ हिस्सों को मिडिल ईस्ट ले जा रहा है।</p>
<p>अमेरिका के इस फैसले से दक्षिण कोरिया में खलबली मच गई है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने बताया है कि दक्षिण कोरिया को डोनाल्ड ट्रंप के इरादों पर गहरा शक पैदा हो गया है। उसने चेतावनी दी है कि परमाणु हथियारों वाला उत्तर कोरिया इस मौके का फायदा उठा सकता है। वहीं दक्षिण कोरिया में राजनीतिक बहस शुरू हो गई है कि आखिर उसने उत्तर कोरिया के इतने गंभीर खतरे के सामने अमेरिका के ऊपर भरोसा ही क्यों किया था? जबकि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल में तबाही मचा रही हैं।</p>
<p>हालांकि, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि बगैर अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम के भी दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया की तरफ से आने वाले खतरों को रोकने की क्षमता रखता है। राष्ट्रपति ली ने कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा कि अगर पूछा जाए कि क्या इससे उत्तर कोरिया के खिलाफ हमारी रोकथाम की रणनीति में कोई बड़ी रुकावट आएगी तो मैं पक्के तौर पर कह सकता हूं कि ऐसा नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण कोरिया दुनिया में सबसे ज्यादा डिफेंस बजट पर खर्च करने वाले देशों की लिस्ट में आता है और देश का रक्षा बजट उत्तर कोरिया के जीडीपी का 1.4 गुना ज्यादा है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने शुक्रवार को कहा कि यूएस और साउथ कोरिया की सेनाएं मिडिल ईस्ट में कुछ अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम को फिर से तैनात करने पर भी चर्चा कर रही हैं। </p>
<p>वहीं दक्षिण कोरिया के कई अखबारों ने दावा किया है कि कुछ मिसाइल बैटरी को सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात में अमेरिकी बेस पर तैनात किए जाने की संभावना है।</p>
<p>दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति या विदेश मंत्री कुछ भी दावा करें लेकिन हकीकत यही है कि उत्तर कोरिया की घातक मिसाइलें देश पर भारी पड़ सकती हैं। अमेरिकी डिफेंस सिस्टम के दक्षिण कोरिया से बाहर निकलने के बाद देश की सुरक्षा कमजोर हो गई है। उत्तर कोरिया ने भी ईरान की तरह की हथियारों के निर्माण में ही भारी भरकम खर्च किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 11:39:04 +0530</pubDate>
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                <title>ईरानी हमलों से बचाव के लिए जार्डन में तैनाती; ईरान को भी मिला इनपुट, चीनी सैटेलाइट्स ने दिखाई अमेरिकी थाड की तैनाती</title>
                                    <description><![CDATA[चीनी सैटेलाइट तस्वीरों ने जॉर्डन के एयरबेस पर अमेरिकी थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम की गुप्त तैनाती उजागर की है। ईरान से बढ़ते तनाव के बीच यह कदम क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा को अभेद्य बनाने की रणनीति है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/deployed-in-jordan-to-protect-against-iranian-attacks-iran-also/article-143311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)14.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच चीनी कॉमर्शियल सैटेलाइट कंपनी मिजारविजन की तस्वीरों ने बड़ा खुलासा किया है। इनमें जॉर्डन के मुवाफक साल्टी एयर बेस पर अमेरिकी आर्मी की थाड (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती साफ दिख रही है। यह बेस अमेरिकी फौजों का मिडिल ईस्ट में सबसे महत्वपूर्ण फॉरवर्ड लोकेशन बनता जा रहा है। ईरान के खिलाफ किसी कार्रवाई से पहले अमेरिका अपनी रक्षा मजबूत करनी करना चाहाता है। </p>
<p><strong>थाड सिस्टम क्या है और क्यों तैनात किया गया?</strong></p>
<p>थाड एक एडवांस एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम है जो ऊंचाई पर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराता है। यह वायुमंडल के अंदर और बाहर दोनों जगह काम करता है। अमेरिकी आर्मी के पास सिर्फ 8 थाड बैटरी हैं। इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक बहुत सीमित है।</p>
<p><strong>जॉर्डन में तैनाती का मतलब...</strong></p>
<ul>
<li>अमेरिकी फौजों की बड़ी संख्या को ईरान के संभावित हमलों से बचाना।</li>
<li>अक्टूबर 2024 से इजरायल में भी कम से कम एक बैटरी तैनात है।</li>
<li>जॉर्डन का बेस ईरान के करीब है, इसलिए यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।</li>
</ul>
<p><strong>चीनी सैटेलाइट्स का रोल और संभावित संकेत</strong></p>
<p>ये तस्वीरें सार्वजनिक होने से पहले यह तैनाती गुप्त थी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या चीन जानबूझकर यह जानकारी ईरान तक पहुंचा रहा है? कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चीनी युद्धपोत पर्सियन गल्फ के पास तैनात हैं, जो अपने सेंसर से अमेरिकी गतिविधियों पर नजर रखकर ईरान को इंटेलिजेंस दे सकते हैं। इससे चीन अमेरिका को संदेश दे रहा हो सकता है कि वह ईरान की मदद करेगा, जिससे अमेरिकी हमले की संभावना कम हो। सैटेलाइट टेक्नोलॉजी की वजह से अब जमीनी तैनाती छिपाना मुश्किल हो गया है। इजरायल ने भी ईरान के हमलों के बाद सैटेलाइट जैमिंग की थी ताकि नुकसान का आकलन न हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 11:04:19 +0530</pubDate>
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