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                <title>US Military - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>US Military RSS Feed</description>
                
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                <title>ईरान में शादी समारोह पर अमेरिकी हमला, बच्चे समेत पांच की मौत; उपराष्ट्रपति वेंस बोले- नागरिकों को निशाना नहीं बनाते</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के कुहेस्तक में एक विवाह समारोह पर हुए हवाई हमले को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहरा गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिकी सेना का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका कभी नागरिकों को निशाना नहीं बनाता। वहीं, ईरान ने इस घटना में हुई नागरिकों की मौतों को युद्ध अपराध करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र में औपचारिक विरोध दर्ज कराया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/american-attack-on-wedding-ceremony-in-iran-five-including-a/article-164688"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/jd-vance1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान के कुहेस्तक में एक विवाह समारोह पर हुए हमले की जांच के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिकी सेना का बचाव किया है। वेंस ने ह्वाइट हाउस में कहा, "अमेरिका युद्ध में कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाता है। हम ऐसा कभी नहीं करेंगे और न ही हमने कभी ऐसा किया है।" उन्होंने नागरिक मौतों को महज एक हादसे का रूप देते हुए कहा, "कभी-कभी ऐसी चीजें हो जाती हैं।"</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला एक आवासीय घर पर किया गया था, जहां शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इस हमले में चार वर्ष के एक बच्चे सहित पांच लोगों की मौत हो गयी थी और बच्चों समेत 68 अन्य लोग घायल हो गये थे। अमेरिका ने यह हवाई हमला एक सितंबर को ईरानी समयानुसार रात करीब 9:30 बजे (भारतीय समयानुसार रात करीब 11:30 बजे) किया था। ईरान ने इस हमले पर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में औपचारिक विरोध दर्ज कराया है और इसे युद्ध अपराध करार दिया है।</p>
<p>ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली आक्रामकता के दौरान नागरिकों पर हुए अमेरिकी हमलों की एक व्यापक कड़ी का हिस्सा बताया। बघाई ने कहा, "ईरान के खिलाफ अमेरिकी  अत्याचारों का सूचीपत्र अब पूरा हो चुका है।" उपराष्ट्रपति वेंस का यह दावा 28 फरवरी को मीनाब के शजरेह तय्येबेह विद्यालय पर हुए अमेरिकी हमले के कुछ महीनों बाद आया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, उस विद्यालय पर हमले में 120 छात्रों और 26 शिक्षकों सहित 168 लोगों की जान चली गयी थी। बार-बार होती ऐसी 'गलतियां' एक दर्दनाक शृंखला को उजागर करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 18:26:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आईआरजीसी का दावा: ईरान ने किया जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला, 10 बैलिस्टिक मिसाइल नष्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी हमलों के जवाब में जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे 'कैंप टिटिन' पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। हालांकि, जॉर्डन के सशस्त्र बलों के अनुसार उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 10 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/irgc-claims-iran-attacks-us-military-base-in-jordan-large/article-164433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/russia-drone-attack.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने जॉर्डन में बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के हमलों के जवाब में बैलिस्टिक मिसाइलों से जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया गया है। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, "इन अपराधों के जवाब में, आईआरजीसी वायु सेना के बहादुर सैनिकों ने जॉर्डन में मरीन के गैरीसन, 'कैंप टिटिन' पर भारी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया।"</p>
<p>आईआरजीसी का दावा है कि इस हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक हताहत हुए और साथ ही बुनियादी ढांचे और सैन्य हेलीकॉप्टरों को भी नुकसान पहुंचा। इस बीच, जॉर्डन के सशस्त्र बलों ने बुधवार को कहा कि जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका, जिनमें से तीन देश की सीमा के भीतर गिरीं। सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा, "जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं 13 बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले को रोका: इनमें से 10 को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया गया, जबकि तीन रिहायशी इलाकों से दूर गिरीं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 09:26:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान: दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यासों में होगी बड़ी कटौती, किम जोंग उन से रिश्तों का दिया हवाला</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ उल्ची फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास में 'बड़ी कटौती' का निर्देश दिया है। उन्होंने इसे खर्चीला बताते हुए उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे संबंधों और ईरान मुद्दे पर दक्षिण कोरिया के रुख को इसकी मुख्य वजह बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trumps-big-announcement-there-will-be-a-big-reduction/article-163100"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में "बड़ी कटौती" करने की घोषणा की है। उन्होंने इसके लिए उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने "बहुत अच्छे संबंध" और दक्षिण कोरिया के अमेरिका के ईरान को "परमाणु निरस्त्रीकरण" करने के प्रयासों में शामिल होने से इनकार को वजह बताया। यह घोषणा वार्षिक अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास शुरू होने से कुछ घंटे पहले की गई। हालांकि, दक्षिण कोरिया ने कहा कि अभ्यास निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगे। उल्ची फ्रीडम शील्ड अभ्यास 17 से 27 अगस्त तक होने हैं और इनमें करीब 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि वह दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये अभ्यास महंगे हैं और अमेरिका इनकी लागत का बड़ा हिस्सा वहन करता है। उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को अभ्यासों में "बड़ी कटौती" करने का निर्देश दिया है। उन्होंने दक्षिण कोरिया के ईरान संबंधी अमेरिकी प्रयासों में शामिल होने से इनकार की भी आलोचना की। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयास में शामिल होने को कहा था, लेकिन सियोल ने इससे इनकार कर दिया। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सैन्य अभ्यास पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगे। इन अभ्यासों का उद्देश्य संभावित उत्तर कोरियाई आक्रामकता से निपटने के लिए दोनों देशों की सैन्य तैयारियों को मजबूत करना है। उत्तर कोरिया ने इन अभ्यासों की निंदा करते हुए इन्हें "आक्रामक युद्ध की तैयारी" बताया है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। प्योंगयांग ने हाल में बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण भी किए हैं।</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति की घोषणा किम जोंग उन के साथ उनकी कूटनीतिक नजदीकी के बीच हुई है। ट्रंप और किम ने उनके पहले कार्यकाल में कई उच्चस्तरीय बैठकें की थीं लेकिन उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर वार्ता 2019 में टूट गई थी। जून 2019 में ट्रंप सैन्य सीमांकन रेखा पार कर उत्तर कोरिया में प्रवेश करने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने थे। दक्षिण कोरिया और अमेरिका सात दशक से अधिक समय से सैन्य सहयोगी हैं। दक्षिण कोरिया में करीब 28,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि उत्तर कोरिया द्वारा रूस के यूक्रेन युद्ध में समर्थन के कारण उसके सैनिकों को आधुनिक युद्ध का महत्वपूर्ण अनुभव मिला है। ट्रंप पहले भी दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यासों की लागत और अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर सवाल उठाते रहे हैं। वर्ष 2018 में उन्होंने किम जोन उन के साथ कूटनीतिक प्रयासों के दौरान बड़े अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यासों को निलंबित कर दिया था और उन्हें "उकसावे वाला" बताया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 11:55:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>यमन में अमेरिकी एयरस्ट्राइक पर पेंटागन की रिपोर्ट: 3 हमलों में 153 नागरिकों की मौत, 243 घायल होने का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ किए गए तीन अमेरिकी हवाई हमलों में 153 आम नागरिकों की मौत हुई और 243 घायल हुए। रिपोर्ट के अनुसार, रास ईसा बंदरगाह पर किया गया हमला सबसे अधिक घातक था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pentagon-report-on-us-airstrike-in-yemen-reveals-153-civilians/article-162860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/yaman.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) की एक समीक्षा में पाया गया है कि पिछले वर्ष यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ किये गये तीन अमेरिकी हवाई हमलों में 153 नागरिक मारे गये और 243 घायल हुए। अमेरिकी कांग्रेस को बुधवार को भेजी गयी वार्षिक नागरिक हताहत रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी। समीक्षा अप्रैल 2025 में किये गये तीन हवाई हमलों पर केंद्रित थी। ये हमले यमन की राजधानी सना और उसके आसपास तथा हूती नियंत्रण वाले रास ईसा बंदरगाह को निशाना बनाकर किये गये थे। उस समय अमेरिकी सेना लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों और इजरायल पर हमले कर रहे हूती विद्रोहियों के खिलाफ अभियान चला रही थी।</p>
<p>पेंटागन की समीक्षा के अनुसार, इन तीन हमलों में कुल 153 नागरिकों की मौत हुई और 243 लोग घायल हुए। इनमें रास ईसा बंदरगाह पर किया गया हमला सबसे घातक था, जिसमें 80 लोग मारे गए और 171 घायल हुए। हमले के बाद घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर आग लग गयी थी और कई टैंकर ट्रक जलकर नष्ट हो गये थे। हूती समर्थक अल-मसीरा टेलीविजन चैनल ने हमले के बाद के दृश्य प्रसारित किये थे। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने उस समय कहा था कि हमले का उद्देश्य यमन के लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं था। कमांड के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के लिए ईंधन के स्रोत को नष्ट करने और उनकी आय के अवैध स्रोतों को रोकने के लिए कार्रवाई की थी। समीक्षा में इन हमलों के पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा या सांत्वना राशि देने की सिफारिश नहीं की गयी। रिपोर्ट में इसका कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।</p>
<p>पेंटागन के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अभियानों में नागरिकों के मारे जाने या घायल होने की स्थिति में ऐसी सांत्वना राशि दी जा सकती है। कानून के तहत इसे देना अनिवार्य नहीं है और इसका भुगतान किसी गलती को स्वीकार करना भी नहीं माना जाता। अमेरिकी सेना ने इससे पहले भी ऐसे मामलों में सांत्वना राशि देने की पेशकश की है। वर्ष 2021 में अफगानिस्तान में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में 10 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें सात बच्चे थे। उस घटना के बाद पेंटागन ने पीड़ित परिवारों को ऐसी राशि देने की प्रतिबद्धता जतायी थी।</p>
<p>पेंटागन की यह समीक्षा ऐसे समय सामने आयी है जब ट्रंप प्रशासन के सैन्य अभियानों में नागरिकों की मौत को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में चिंता बढ़ रही है। इस वर्ष ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिकी मिसाइल हमले में एक प्राथमिक विद्यालय को निशाना बनाए जाने से कथित तौर पर 168 लोगों की मौत हुई थी। अमेरिकी सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ पहली बार 2023 में हमले शुरू किए थे। यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई थी जब हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाना शुरू किया था। लाल सागर वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो स्वेज नहर के रास्ते भूमध्य सागर से जुड़ता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 18:15:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ट्रंप की बड़ी घोषणा : युद्धविराम टूटा तो होर्मुज जलडमरूमध्य में होंगे लगातार हमले, नौकाओं, बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों और अन्य समुद्री संसाधनों को बनाएंगे निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने ईरान के विरुद्ध नई रणनीति तैयार की है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री संसाधनों को निशाना बनाया जाएगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव के बीच, अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी और विशिष्ट सैन्य ठिकानों पर हमलों पर विचार कर रहा है। क्षेत्र में तनाव चरम पर है क्योंकि ईरान की मिसाइल क्षमता अब भी सक्रिय है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-if-the-ceasefire-is-broken-there-will/article-151582"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/होर्मुज-जलडमरू.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के सैन्य अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि मौजूदा संघर्षविराम समाप्त होता है तो ईरान की उपस्थिति को लक्ष्य बनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों की नयी योजनाएं तैयार की जा रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित योजनाएं पहले की रणनीति से अलग हैं, जिसमें हमले मुख्य रूप से ईरान के अंदरूनी क्षेत्रों तक सीमित थे। नई रणनीति में जलमार्गों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, विशेष रूप से तेज गति वाली नौकाओं, बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों और अन्य समुद्री संसाधनों को निशाना बनाने पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को बंद किए जाने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है और इससे अमेरिका की आर्थिक नीतियों पर भी दबाव बढ़ा है। सात अप्रैल से लागू युद्धविराम अभी औपचारिक रूप से कायम है। सूत्रों के अनुसार, केवल हवाई हमलों के जरिए जलमार्ग को शीघ्र खोल पाना कठिन हो सकता है, क्योंकि ईरान की तटीय रक्षा प्रणाली का बड़ा हिस्सा अब भी सक्रिय है और उसके पास पर्याप्त संख्या में छोटी नौकाएं मौजूद हैं।</p>
<p>इसके साथ ही अमेरिकी योजनाकार ईरान के ऊर्जा ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमलों की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं, जिसे संभावित रूप से स्थिति को और गंभीर बना देने वाला कदम माना जा रहा है। एक अन्य विकल्प के तहत कुछ विशिष्ट सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, जिनमें अहमद वाहिदी का नाम शामिल बताया गया है।</p>
<p>अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हाल ही में स्वीकार किया था कि युद्धविराम के दौरान ईरान ने अपनी कुछ सैन्य क्षमताओं को पुनर्स्थापित किया है, जिन्हें समझौता विफल होने की स्थिति में निशाना बनाया जा सकता है। अमेरिकी आकलनों के अनुसार, ईरान की लगभग आधी मिसाइल प्रक्षेपण क्षमता और बड़ी संख्या में हमलावर ड्रोन अभी भी सुरक्षित हैं। वर्तमान में क्षेत्र में अमेरिका के 19 नौसैनिक पोत तैनात हैं, जिनमें दो विमानवाहक पोत शामिल हैं, जबकि हिंद महासागर में सात अन्य पोत मौजूद हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 13 अप्रैल से अमेरिकी बल ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रहे हैं और कई जहाजों को रोका या उनकी जांच की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के ईरान के कदम का आकलन पहले कम किया गया था, जबकि यह स्थिति क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप ने की पुष्टि : अंतिम समझौता होने तक ईरान के आसपास तैनात रहेंगे अमेरिकी जहाज़ और विमान, परमाणु हथियार विकसित करने पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ पूर्ण समझौता लागू होने तक अमेरिकी युद्धपोत और सैन्य बल वहां तैनात रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि समझौते का उल्लंघन होने पर "बड़ा और घातक" पलटवार किया जाएगा। ट्रंप ने परमाणु हथियारों पर रोक और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/american-ships-and-aircraft-will-be-deployed-nearby-until-the/article-149716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अंतिम समझौते के पूरी तरह लागू होने तक उनके युद्धपोत, विमान और सैन्य बल ईरान के आसपास तैनात रहेंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर कहा, "अमेरिका के सभी जहाज, विमान और सैन्य कर्मी, अतिरिक्त गोला-बारूद, हथियार और अन्य सभी चीजें ईरान में और उसके आसपास तब तक तैनात रहेंगे, जब तक कि वास्तविक समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं हो जाता।"</p>
<p>उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता लागू नहीं हुआ, तो संघर्ष पहले से कहीं अधिक "बड़ा, बेहतर और अधिक ताकतवर" रूप ले सकता है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका लंबे समय से इस बात पर कायम है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला तथा सुरक्षित रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सेना हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और आगे की कार्रवाई के लिए पूरी तरह से सतर्क है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:30:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-इज़रायल युद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशें 'निर्णयात्मक' चरण में : ईरानी राजूदत मोगादम ने की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राजदूत ने अमेरिका-इजरायल युद्ध रोकने की कूटनीति को 'नाजुक' बताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि 10 दिन की समय-सीमा कल समाप्त हो रही है। यदि समझौता नहीं हुआ, तो नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमला हो सकता है, जिसे कई देश 'युद्ध अपराध' मान रहे हैं। पाकिस्तान और अन्य खाड़ी देश मध्यस्थता में जुटे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/diplomatic-efforts-to-end-us-israel-war-in-decisive-phase-confirms/article-149451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pakistan.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेज़ा अमीरी मोगादम ने कहा है कि उनके देश के साथ अमेरिका-इज़रायल युद्ध को रोकने की चल रही कूटनीतिक कोशिशें ‘निर्णयात्मक, नाजुक’ चरण में है, हालांकि उन्होंने और जानकारी नहीं दी। ईरान के अमेरिकी सम्पतियों और इलाके के दूसरे लक्ष्यों पर जवाबी हमलों के बाद खाड़ी के कई पारंपरिक मध्यस्थों के इस लड़ाई में शामिल होने के बाद पाकिस्तान एक मध्यस्थ के तौर पर सामने आया है।</p>
<p>एक्सियोस ने एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से कहा कि अगर कोई कूटनीतिक समाधान जल्द ही होता दिखता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ आगे की कार्रवाई में देरी कर सकते हैं। अधिकारी ने एक्सियोस से कहा, “ अगर राष्ट्रपति को लगता है कि कोई समझौता हो रहा है, तो वह शायद इसे रोक देंगे। लेकिन यह फैसला सिर्फ वही और सिर्फ वही लेंगे। ” एक रक्षा अधिकारी ने भी इस बार किसी भी समय सीमा के विस्तार की संभावना पर शक जाहिर किया।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इस बात पर ज़ोर दिया कि यह बहुत ज़रूरी है, इसे ‘बहुत महत्वपूर्ण समय’ कहा और इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिका ने ईरान को समाधान पर बातचीत करने के लिए पहले ही ज़रूरी समय दे दिया है। उन्होंने कहा, “ यह बहुत ज़रूरी समय है... उन्होंने सात दिन का विस्तार मांगा, मैंने उन्हें 10 दिन दिये... उनके पास कल तक का समय है। अब देखते हैं क्या होता है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि जिनेवा सम्मेलन के अनुसार, ज़रूरी नागरिक बुनियादी ढांचों को लक्ष्य बनाना युद्ध अपराध माना जा सकता है। जिनेवा सम्मेलन के तहत लोगों के जीवन के लिए जरुरी जल शोधन संयंत्र, बिजली संयंत्र जैसे बुनियादी ढांचे को सैन्य लक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल करने की मनाही है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार नागरिक बुनियादी ढांचों पर कोई भी बमबारी युद्ध अपराध है और कई देशों ने ऐसे हमलों के खिलाफ चेतावनी देने के लिए ट्रंप प्रशासन से संपर्क किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 18:23:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच ट्रंप का बड़ा बयान : ईरानी लोग 'अपनी आज़ादी के लिए तकलीफ़ उठाने को तैयार', 10 दिन की अवधि आज हो रही खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की अपनी चेतावनी दोहराई है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण और टोल वसूलने की योजना पेश की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मंगलवार रात 8 बजे के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने ईरानी जनता से सत्ता परिवर्तन के लिए खड़े होने का आह्वान करते हुए जीत का दावा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-big-statement-amid-west-asia-crisis-iranian-people-are/article-149376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कई ऐसे संदेश मिले हैं जो बताते हैं कि वहां की जनता अपनी ही सरकार के खिलाफ और ज्यादा हमलों की मांग कर रही है। वह यहां संवाददाताओं के प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि इन हमलों का आम ईरानी नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने दावा किया कि ईरानी लोग अपनी आजादी पाने के लिए तकलीफ उठाने को तैयार होंगे। ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की अपनी योजना का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हर फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है। ईरान में शासन परिवर्तन के सवाल पर ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वहां के लोगों को अपनी सरकार के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और इसके नतीजे "बहुत अच्छे" होंगे।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी उस पिछली धमकी की भी पुष्टि की जिसमें उन्होंने ईरान को 'पाषाण युग में वापस भेजने' की बात कही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के पास कोई पुल या पावर प्लांट नहीं बचेगा और वह पूरी तरह तबाह हो जाएगा। अपनी सख्त समय-सीमा के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि हालांकि 10 दिन की अवधि आज खत्म हो रही थी, लेकिन उन्होंने इसे कल तक के लिए बढ़ा दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 1 बजे) की नई समय-सीमा खत्म होने के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने शर्त रखी कि उन्हें ऐसा समझौता मंजूर होगा जिसमें तेल की बिना रोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित हो। होर्मुज जलडमरूमध्य के विवाद पर ट्रंप ने एक नया और चौंकाने वाला विचार पेश किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान को वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की अनुमति दी जा सकती है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा, "जीत हमारी है, वे सैन्य रूप से हार चुके हैं।" उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि जहाजों से टोल अमेरिका वसूले और उनके पास इसे लागू करने के लिए एक ठोस योजना है। राष्ट्रपति ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दोहराया कि अमेरिका इस जंग को जीत चुका है और अब शर्तें उनके हिसाब से तय होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 14:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रंप की ईरान को बड़ी चेतावनी : होर्मुज जलड़मरूमध्य नहीं खोला, तो कल की रात आखिरी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता नहीं खुला, तो ईरान को एक रात में जमींदोज कर दिया जाएगा। ट्रंप ने ईरान को "दुष्ट" करार देते हुए ऊर्जा और सैन्य बुनियादी ढांचे पर निर्णायक हमले के संकेत दिए हैं। तनाव चरम पर है और युद्ध की आहट तेज हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-warning-to-iran-if-the-strait-of-hormuz/article-149366"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए सोमवार को कहा कि अगर वह देश 'होर्मुज जलडमरूमध्य' का रास्ता नहीं खोलता है तो उसे एक रात में ही तबाह किया जा सकता है। उन्होंने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ईरान को "दुष्ट" करार देते हुए अपनी उस चेतावनी को फिर दोहराया जो उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर दी थी। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर ईरान 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को नहीं खोलता है, तो उसके ऊर्जा और परिवहन बुनियादी ढांचे को जमींदोज कर दिया जाएगा। राष्ट्रपति ने डरावने लहजे में कहा, "पूरे देश को एक ही रात में तबाह किया जा सकता है, और वह रात शायद कल रात हो सकती है।"</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे मौजूदा संघर्ष पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "हम अविश्वसनीय रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।" उल्लेखनीय है कि ट्रम्प पहले ही ईरान को कल रात की समय सीमा दे चुके हैं और इस संबोधन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब ईरान के नागरिक और सैन्य ढांचे पर निर्णायक हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:25:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप की धमकी के बीच आईआरजीसी का दावा : अमेरिका ने बेइज्जती से बचने के लिए अपने ही विमानों पर की बमबारी, सी-130 सैन्य परिवहन विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर हुए थे नष्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के 'खातम अल-अंबिया' मुख्यालय ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने अपनी 'प्रतिष्ठा' बचाने के लिए अपने ही क्षतिग्रस्त विमानों और सैनिकों पर बमबारी की। इस्फहान के पास आपातकालीन लैंडिंग को मजबूर हुए दो C-130 और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को IRGC ने निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका के इस बचाव अभियान को 'पूर्ण विफलता' करार दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irgc-claims-america-bombed-its-own-planes-to-avoid-humiliation/article-149272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/irgc1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के वायु रक्षा कमान ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने बचाव अभियान के दौरान अपने ही विमानों पर बमबारी कर दी। ईरान के एकीकृत वायु रक्षा कमान 'खातम अल-अंबिया मुख्यालय' के प्रवक्ता ने कहा, "जब ईरान के लड़ाकू विमानों ने घेराबंदी पूरी कर ली, तो ट्रंप की बेइज्जती से बचने और अपनी सेना की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए अपने ही गिराए गए विमानों, साजो-सामान, कमांडरों और सैनिकों पर भारी बमबारी करने को मजबूर होना पड़ा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अमेरिका के कई विमानों को निशाना बनाया गया और उन्हें इस्फहान के दक्षिण में आपातकालीन लैंडिंग करने पर मजबूर होना पड़ा। इनमें दो सी-130 सैन्य परिवहन विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर शामिल थे। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान में अमेरिका के इस अभियान को 'विफल' बताया गया और कहा गया कि इसके परिणाम को 'सिर्फ बयानबाजी, मीडिया युद्ध या मनोवैज्ञानिक अभियानों से ठीक नहीं किया जा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 18:38:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारी गोलीबारी के बीच अमेरिका ने F-15E पायलट को ढूंढ निकाला: ट्रंप ने बताया किस हालत में है ईरान से रेस्क्यू किया गया पायलट </title>
                                    <description><![CDATA[मध्य-पूर्व युद्ध के 36वें दिन अमेरिका ने पुष्टि की है कि ईरान द्वारा मार गिराए गए F-15E जेट के दूसरे लापता पायलट को सुरक्षित खोज लिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर इस खबर की पुष्टि की। ईरानी सेना ने पायलट पर 60,000 डॉलर का इनाम घोषित किया था, लेकिन अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने भारी गोलाबारी के बीच उसे बचा लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-heavy-firing-america-found-the-f-15e-pilot-trump-told/article-149159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। मीडिल ईस्ट जंग को आज 36 दिन हो गए है और इस बीच शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका के F-15E जेट को मार गिराया था और इस हमले में एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि दूसरे को कोई पता नहीं था। लेकिन आज अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से जानकारी देते हुए कहा किया लो पायलट लापता हो गया था उसे खोज निकाला गया है। अमेरिकी अघिकारियों ने पुष्टि की कि भारी गोलीबारी के बीच हमने F-15E विमान के दूसरे पायलट को भी सुरक्षित बचा लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस बात का दावा करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर इस बात की पुष्टि की।</p>
<p>अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि अ​भी भी लापता पायलट को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना बाकी इसलिए बचाव अभियान जारी है। इधर, ईरानी सेना भी लापता पायलट को खोजने में लगी हुई है। ईरानी सेना ने एलान किया था कि जो कोई भी उस पायलट को ढूंढ निकालेगा उसे 60,000 डॉलर का इनाम दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 12:32:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष जारी: तेहरान में अब तक 600 लोगों की मौत, जान-माल का भारी नुकसान  </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में जारी अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान के कारण तेहरान में अब तक 636 लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हैं। सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद देश में 40 दिनों का शोक घोषित है। संघर्ष में अब तक कुल 1,348 नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि ईरान ने जवाबी हमलों की चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/conflict-with-america-israel-continues-600-people-have-died-so-far/article-147637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/war.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। इजरायल और अमेरिका के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान की राजधानी तेहरान में अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को तेहरान की आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख मोहम्मद इस्माइल तवक्कोली के हवाले से बताया, इस दौरान (संघर्ष शुरू होने के बाद से) राजधानी में 636 लोग मारे गए हैं और अब तक 6,848 लोग घायल हुए हैं। तेहरान में लगभग 430 जगहों पर हमले हुए हैं। </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने 12 मार्च को कहा था कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल के सैन्य अभियान के परिणामस्वरूप ईरान में 1,348 नागरिक मारे गए और 17,000 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह अभियान 28 फरवरी को ईरान के कई शहरों में शुरू किया गया था, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ। </p>
<p>ईरान ने इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका और इजरायल ने शुरू में दावा किया था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से होने वाले कथित खतरे का मुकाबला करने के लिए उनका पूर्ववर्ती हमला जरूरी था, लेकिन जल्द ही उन्होंने यह साफ कर दिया कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन देखना चाहते हैं। </p>
<p>सैन्य अभियान के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई मारे गये। इस्लामिक गणराज्य ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:05:16 +0530</pubDate>
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