<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/oils/tag-6465" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>oils - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6465/rss</link>
                <description>oils RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खाद्य तेलों में उबाल जारी</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी बाजारों की तेजी और स्थानीय स्तर पर उठाव मजबूत रहने से बीते सप्ताह खाद्य तेलों में उबाल रहा ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/edible-oils-continue-to-boil/article-8517"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/cooking-oil.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेशी बाजारों की तेजी और स्थानीय स्तर पर उठाव मजबूत रहने से बीते सप्ताह खाद्य तेलों में उबाल रहा वहीं दाल-दलहन में मिलाजुला रुख जबकि अनाज के भाव चढ़ गए।<br /><br /><strong>तेल तिलहन</strong> : वैश्विक स्तर पर मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का मई वायदा समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 176 रिंगिट जबरदस्त तेजी लेकर 6869 रिंगिट प्रति टन पर पहुंच गया। साथ ही मई का अमेरिकी सोया तेल वायदा भी सप्ताहांत पर 7.86 सेंट की उबाल के साथ 82.34 सेंट प्रति पाउंड पर रहा। बीते सप्ताह वनस्पति तेल 589 रुपये, पाम ऑयल 585 रुपये, सोया रिफाइंड 367 रुपये, सूरजमुखी तेल 294 रुपये, सरसों तेल 293 रुपये और मूंगफली तेल 293 रुपये प्रति ङ्क्षक्वटल उबल गया।<br /><br />सप्ताहांत पर सरसों तेल 19047 रुपये प्रति क्विंटल, मूंगफली तेल 19413 रुपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी तेल 19341 रुपये प्रति क्विंटल, सोया रिफाइंड 17802 रुपये प्रति क्विंटल, पाम ऑयल 16336 रुपये प्रति क्विंटल और वनस्पति तेल 17435 रुपये प्रति क्विंटल पर रहा।<br /><br /><strong>दाल-दलहन</strong> : बीते सप्ताह दाल-दलहन के बाजार में मिलाजुला रुख रहा। सप्ताहांत पर मूंग दाल 100 रुपये, चना 50 रुपये और चना दाल 50 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हो गई। वहीं, मसूर दाल, उड़द दाल और अरहर दाल के भाव पिछले स्तर पर पड़े रहे। सप्ताहांत पर चना 4700-4800, दाल चना 5700-5800, मसूर  काली 8500-8600, मूंग दाल 9000-9100, उड़द दाल 9800-9900, अरहर दाल 8100-8200 रुपये प्रति क्विंटल रही।<br /><br /><strong>अनाज</strong> : बीते सप्ताह अनाज के बाजार में तेजी रही। सप्ताहांत पर गेहूं 50 रुपये और चावल 50 रुपये प्रति क्विंटल चढ़ गया।<br />सप्ताहांत पर अनाज (भाव प्रति क्विंटल) : गेहूं दड़ा 2250-2350 रुपये और चावल : 2550-2650 रुपये प्रति क्विंटल पर रहा।<br /><br /><strong>चीनी-गुड़</strong> : आलोच्य सप्ताह मीठे के बाजार में टिकाव रहा। सप्ताहांत पर चीनी और गुड़ के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ और वे पुराने स्तर पर टिके रहे। सप्ताहांत पर चीनी एस. 3360-3460, चीनी एम. 3700-3800, मिल डिलीवरी 3310-3410 और गुड़ 3200-3300 रुपये प्रति क्विंटल पर रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/edible-oils-continue-to-boil/article-8517</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/edible-oils-continue-to-boil/article-8517</guid>
                <pubDate>Sun, 24 Apr 2022 18:35:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/cooking-oil.jpg"                         length="78256"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगाई की मार: खाद्य तेलों में उबाल</title>
                                    <description><![CDATA[ सरसों तेल 293 रुपये, सोया रिफाइंड 367 रुपये, पाम ऑयल 293 रुपये और वनस्पति तेल 294 रुपये प्रति ङ्क्षक्वटल महंगा हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/inflation-hit--boil-in-edible-oils/article-8328"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/businest.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। महंगाई की डोज लगातार आम-आदमी की जेब पर दिन-प्रतिदिन डाका डाल रही है। ऐसे में आप खाद्य तेलों के बढ़े भाव के बारे में जानेंगे तो आपके होश उड़ जाएंगे। वैश्विक बाजार की तेजी और स्थानीय स्तर पर उठाव बढऩे से गुरूवार को दिल्ली थोक जिंस बाजार में खाद्य तेलों में उबाल आ गया वहीं अन्य जिंसों के भाव स्थिर रहे।<br /><br /><strong>तेल-तिलहन</strong> : वैश्विक स्तर पर मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का मई वायदा 29 रिंगिट बढ़कर 6810 रिंगिट प्रति टन पर पहुंच गया। इसी तरह अमेरिकी सोया तेल वायदा 0.15 सेंट की तेजी लेकर 80.96 सेंट प्रति पौंड बोला गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर सरसों तेल 293 रुपये, सोया रिफाइंड 367 रुपये, पाम ऑयल 293 रुपये और वनस्पति तेल 294 रुपये प्रति ङ्क्षक्वटल महंगा हो गया। वहीं, मूंगफली तेल और सूरजमुखी तेल के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ और वे पिछले कारोबारी दिवस के स्तर पर पड़े रहे।<br /><br /><strong>गुड़-चीनी</strong> : मीठे के बाजार में टिकाव रहा। इस दौरान चीनी और  गुड़ के भाव स्थिर रहे। <br /><br /><strong>दाल-दलहन</strong> : दाल-दलहन के बाजार में लगभग स्थिरता रही। इस दौरान केवल चना 50 रुपये और चना दाल 50 रुपये प्रति ङ्क्षक्वटल सस्ता हो गया। वहीं मसूर दाल, मूंग दाल, उड़द दाल और अरहर दाल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ।<br /><br /><strong>अनाज</strong> : अनाज मंडी में टिकाव रहा। इस दौरान चावल और गेहूं के भाव स्थिर रहा।<br /><br /><strong>सरकारी वेबसाइट पर जारी खाद्यान्नों के थोक दाम इस प्रकार रहे :-     </strong>         <br /><br /><strong>दाल-दलहन</strong> : चना 4700-4800,दाल चना 5700-5800, मसूर काली 8500-8600, मूंग दाल 9000-9100, उड़द दाल 9800-9900, अरहर दाल 8100-8200 रुपये प्रति क्विंटल रहे।<br /><br /><strong>अनाज</strong> : (भाव प्रति ङ्क्षक्वटल) गेहूं दड़ा 2250-2350 रुपये और चावल : 2550-2650 रुपये प्रति ङ्क्षक्वटल रहा।<br /><br /><strong>चीनी-गुड़</strong> : चीनी एस 3570-3670, चीनी एम. 3650-3750, मिल डिलीवरी 3450-3550 और गुड़ 3100-3200 रुपये प्रति ङ्क्षक्वटल बोले गये।<br /><br /><strong>खाद्य तेल</strong> : सरसों तेल 19047 रुपये, मूंगफली तेल 19267 रुपये, सूरजमुखी तेल 19047 रुपये, सोया रिफाइंड 17802 रुपये, पाम ऑयल 16044 रुपये और वनस्पति तेल 17143 रुपये प्रति क्विंटल पर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/inflation-hit--boil-in-edible-oils/article-8328</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/inflation-hit--boil-in-edible-oils/article-8328</guid>
                <pubDate>Thu, 21 Apr 2022 19:21:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/businest.jpg"                         length="60146"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खाद्य तेलों में उबाल</title>
                                    <description><![CDATA[ बीते सप्ताह खाद्य तेलों में 1538 रुपए प्रति क्विंटल की उबाल के साथ ही दाल-दलहन और मीठे के बाजार में भी तेजी रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/despite-the-firmness-in-the-global-market--there-was-a-rise-in-the-market-of-pulses--pulses-and-sweets--with-the-rise-in-edible-oils-by-rs-1538-per-quintal-last-week-due-to-off-take-at-the-local-level/article-6100"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/oil.jpg" alt=""></a><br /><p> नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में टिकाव के बावजूद स्थानीय स्तर पर उठाव होने से बीते सप्ताह खाद्य तेलों में 1538 रुपए प्रति क्विंटल की उबाल के साथ ही दाल-दलहन और मीठे के बाजार में भी तेजी रही। तेल तिलहन : वैश्विक स्तर पर मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का मार्च वायदा समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 7093 रिंगिट प्रति टन पर स्थिर रहा। इसी तरह मार्च का अमेरिकी सोया तेल वायदा भी सप्ताहांत पर 74.72 सेंट प्रति पाउंड पर टिका रहा। सप्ताहांत पर पाम ऑयल 1538 रुपए, वनस्पति तेल 1465 रुपए, सूरजमुखी तेल 1319 रुपए, मूंगफली तेल 1172 रुपए और सोया रिफाइंड 880 रुपए प्रति क्विंटल उबल गया। वहीं, सरसों तेल के भाव पिछले स्तर पर पड़े रहे। सप्ताहांत पर सरसों तेल 19341 रुपए प्रति क्विंटल, मूंगफली तेल 18974 रुपए प्रति क्विंटल, सूरजमुखी तेल 18754 रुपए प्रति क्विंटल, सोया रिफाइंड 17729 रुपए प्रति क्विंटल, पाम आॅयल 16116 रुपए प्रति क्विंटल और वनस्पति तेल 17435 रुपए प्रति क्विंटल पर रहा।</p>
<p><br /><strong>दाल-दलहन</strong> : बीते सप्ताह उठाव मजबूत रहने से दाल-दलहन के बाजार में तेजी रही। सप्ताहांत पर उड़द दाल 350 रुपए, मूंग दाल 150 रुपए, चना 100 रुपए और दाल चना 100 रुपए प्रति क्विंटल चढ़ गई। वहीं मसूर दाल और अरहर दाल में टिकाव रहा। सप्ताहांत पर चना 4700-4800, दाल चना 5800-5900, मसूर  काली 8700-8800, मूंग दाल 8750-8850, उड़द दाल 9250-9350, अरहर दाल 8000-8100 रुपए प्रति क्विंटल रही। अनाज : बीते सप्ताह अनाज के बाजार में मिश्रित रुझान रहा। सप्ताहांत पर गेहूं 90 रुपए प्रति क्विंटल महंगा हो गया जबकि चावल में स्थिरता रही।  सप्ताहांत पर अनाज (भाव प्रति क्विंटल) : गेहूं दड़ा 2350-2450 रुपए और चावल : 2500-2600 रुपए प्रति क्विंटल पर रहा। चीनी-गुड़ : आलोच्य सप्ताह मीठे के बाजार में तेजी रही। सप्ताहांत पर चीनी 20 रुपए और गुड़ 50 रुपए प्रति क्विंटल चढ़ गया। सप्ताहांत पर चीनी एस. 3360-3460, चीनी एम. 3720-3820, मिल डिलीवरी 3310-3410 और गुड़ 3100-3200 रुपए प्रति क्विंटल पर रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/despite-the-firmness-in-the-global-market--there-was-a-rise-in-the-market-of-pulses--pulses-and-sweets--with-the-rise-in-edible-oils-by-rs-1538-per-quintal-last-week-due-to-off-take-at-the-local-level/article-6100</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/despite-the-firmness-in-the-global-market--there-was-a-rise-in-the-market-of-pulses--pulses-and-sweets--with-the-rise-in-edible-oils-by-rs-1538-per-quintal-last-week-due-to-off-take-at-the-local-level/article-6100</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 12:02:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/oil.jpg"                         length="56129"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेकाबू खाद्य तेल</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ते उछाल के मद्देनजर सरकार ने जो ताजा कदम उठाया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/6167fc8b8a137/article-1683"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/oil.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ते उछाल</strong> के मद्देनजर सरकार ने जो ताजा कदम उठाया है, जो पहले ही उठा लिया जाना चाहिए था। लेकिन यह कदम भी कोई ज्यादा राहत देने वाला शायद नहीं होगा। क्योंकि सरकार ने कोई दो महीने पहले तेलों के भण्डारण पर सीमा बांधने का फैसला ले चुकी है, लेकिन इसके बावजूद खाद्य तेल बेकाबू ही बने रहे। खाद्य तेलों में लगातार तेजी का लगातार सिलसिला बताता है कि देश में जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों की हरकतें लगातार जारी हैं। ऐसा तब है जब इस बार भारत में तिलहन का उत्पादन कम नहीं हुआ है। कोरोना महामारी के दौर में भी देश में कृषि पैदावार में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अन्तरराष्ट्रीय बाजार में जरूर खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि हुई है। विशेष कर पॉम ऑयल के दाम पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी अधिक हो चुके हैं, मगर भारत में तो खाद्य तेलों के दामों में पिछले साल के मुकाबले में सौ प्रतिशत तक की वृद्धि हो चुकी है, जो सामान्य नागरिक की खरीद क्षमता के बाहर है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के बाद खाद्य तेलों के दामों ने आम गरीब आदमी से लेकर मध्यम वर्ग के परिवारों की हालत काफी बदतर कर दी है। घरों की रसोई का बजट बुरी तरह से बिगड़ गया है। खाद्य तेलों के अलावा बाजार हर जरूरत का सामान महंगा हो चला है। आम आदमी की आय का बड़ा हिस्सा तो रसोई में ही खर्च हो जाता है। हालांकि अब सरकार ने अगले साल के मार्च तक खाद्य तेलों की भण्डारण सीमा तय करने के साथ ही सरसों और तिलहन के वायदा कारोबार पर रोक लगा दी है। दरअसल, तेल एक जरूरी खाद्य पदार्थ है, जो हर परिवार के लिए जरूरी है। हालांकि खाद्य तेलों की महंगाई पर सरकार पहले से ही जता रही है, लेकिन कोई ऐसा कदम नहीं उठाया था जिससे लोगों को राहत मिल सकें। थोक और खुदरा बाजार में महंगाई के पीछे का बड़ा कारण खाद्य तेल ही हैं। अब सरकार के ताजा फैसले से जमाखोरों पर अंकुश लगेगा, ऐसी उम्मीद की जा सकती है, लेकिन इसका असर दिखने में वक्त भी लगा सकता है। अभी त्योहारी सीजन का दौर चल रहा है। ऐसे में खाद्य तेलों का उपयोग भी बढ़ जाता है। अब लोगों के सामने मुश्किलें बढ़ेंगी। सरकार चाहती तो काफी पहले तेलों के दामों पर अंकुश लगा सकती थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/6167fc8b8a137/article-1683</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/6167fc8b8a137/article-1683</guid>
                <pubDate>Thu, 14 Oct 2021 17:12:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/oil.jpg"                         length="58610"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        