<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/modernization/tag-64880" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Modernization - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/64880/rss</link>
                <description>Modernization RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीएम सतीशन ने पेश किया संशोधित बजट, 'मिशन समुद्र' और वित्तीय सुदृढ़ीकरण से बनेगा 'नया केरल'</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने केरल का संशोधित बजट पेश किया। इसमें ₹400 करोड़ की 'मिशन समुद्र' योजना मुख्य आकर्षण है, जो तटीय विकास और विझिनजम में जहाज निर्माण को बढ़ावा देगी। आर्थिक चुनौतियों के बीच बजट में 'इंदिरा गारंटी' वादों को पूरा करने और वित्तीय सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-satheesan-presented-the-revised-budget-announced-mission-samudra-put/article-157425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/vd-satishanan.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित बजट पेश किया। इसमें संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने अवसरंचना के विकास, वित्तीय सुदृढ़ीकरण और जन-कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के जरिए एक 'नये केरल' के निर्माण की रूपरेखा सामने रखी है। वित्त मंत्रालय का कार्यभार भी संभाल रहे सतीशन द्वारा पेश इस बजट की मुख्य विशेषता 'मिशन समुद्र' की घोषणा रही। यह एक महत्वाकांक्षी समुद्री विकास कार्यक्रम है, जिसके लिए 400 करोड़ रुपये की राशि तय की गयी है। इस योजना का उद्देश्य केरल के समुद्र तट, बंदरगाहों और आंतरिक जलमार्गों को आपस में जोड़ना है, ताकि सड़क, समुद्र और जल परिवहन का एक सुगम और एकीकृत तंत्र बनाया जा सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का लक्ष्य केरल को एक बड़ा समुद्री केंद्र बनाना है। इसके तहत विझिनजम में जहाज निर्माण की सुविधा भी स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से रोजगार के नये अवसर मिलेंगे और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आजीविका बेहतर होगी। इस समुद्री कार्ययोजना के तहत सरकार कोल्लम, बेपोर और अझिक्कल बंदरगाहों का आधुनिकीकरण करेगी, एक व्यापक समुद्री नीति तैयार करेगी और एक समुद्री संग्रहालय स्थापित करेगी, जिसके लिए 50 करोड़ रुपये सुरक्षित रखे गये हैं।</p>
<p>संशोधित बजट पेश करते हुए सतीशन ने कहा कि सरकार सुशासन और संवेदनशीलता के सिद्धांतों पर आधारित 'नये केरल' के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक कल्याण के काम साथ-साथ आगे बढ़ सकें। चूंकि पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) की सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए पूर्ण बजट पहले ही पारित कर चुकी थी, इसलिए नयी चुनी गयी सरकार ने अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं को दर्शाते हुए यह संशोधित बजट पेश किया है।</p>
<p>इस बजट को पेश करने के साथ ही सीएम सतीशन, आर. शंकर और ओमान चांडी के बाद राज्य का बजट खुद पेश करने वाले केरल के तीसरे मुख्यमंत्री बन गये हैं। यह बजट सरकार द्वारा राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करने के ठीक दो सप्ताह बाद आया है। केरल की वित्तीय स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली राशि में 20,500 करोड़ रुपये की कमी आयी है, जबकि आगामी वेतन संशोधन से कर्ज का बोझ और बढ़ जाएगा।</p>
<p>सीएम सतीशन ने कहा कि इन आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सरकार ने 'इंदिरा गारंटी' के कई वादों को पूरा कर दिया है, जिसमें राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि शामिल है। बजट में राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (किफबी) के पुनर्गठन, अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने, कर चोरी रोकने, बकाया राशि वसूलने और खर्चों को नियंत्रित करने को प्राथमिकता दी गयी है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरकार केरल के भीतर ही उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए व्यापक कार्यक्रम शुरू करेगी, ताकि उन कुशल युवाओं को राज्य में ही रोका जा सके जो नौकरियों के लिए विदेशों की ओर रुख करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-satheesan-presented-the-revised-budget-announced-mission-samudra-put/article-157425</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-satheesan-presented-the-revised-budget-announced-mission-samudra-put/article-157425</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:07:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/vd-satishanan.png"                         length="1389459"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्ट्रैटेजिक रेल प्रोजेक्ट की तैयारी: होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के लिए तुर्की-सऊदी अरब में बड़ी रेल कनेक्टिविटी पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की और सऊदी अरब होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के रूप में एक विशाल रेल मार्ग पर चर्चा कर रहे हैं, जिसका अंतिम लक्ष्य ओमान तक कनेक्टिविटी बढ़ाना है। ऐतिहासिक हिजाज़ रेलवे पर आधारित यह प्रोजेक्ट सीरिया और जॉर्डन से होकर गुजरेगा, जिससे क्षेत्रीय परिवहन और व्यापार को एक नया सुरक्षित मार्ग मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/turkey-and-saudi-arabia-discuss-rail-route-as-an-alternative/article-155934"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/saudi-arab.png" alt=""></a><br /><p>इस्तांबुल। तुर्की और सऊदी अरब एक ऐसे रेल मार्ग को लेकर बातचीत कर रहे हैं, जिसे आगे चलकर ओमान तक बढ़ाने की योजना है और जो होर्मुज जलडमरूध्य के विकल्प के रूप में काम करेगी। तुर्की के परिवहन मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू ने बताया कि यह रेल मार्ग काफी हद तक हिजाज़ रेलवे के रास्ते पर आधारित है। उन्होंने कहा, "पहले चरण में तुर्की की सीमा से सीरिया के अलेप्पो तक रेल पटरी का निर्माण करना ज़रूरी है। वहाँ से दमिश्क तक का एक हिस्सा पहले से ही बना हुआ है... जॉर्डन और सऊदी अरब की सीमा वाले हिस्से पर कोई रेलवे नहीं है, हम अभी सऊदी अरब के साथ इसके रास्ते पर चर्चा कर रहे हैं कि यह रास्ता रियाद की ओर मुड़ेगा या इसे हिजाज़ तक लाया जाएगा। </p>
<p>हमारा अंतिम लक्ष्य ओमान तक रेल मार्ग बनाना है। वास्तव में, हम होर्मुज जलडमरूमध्य से बचे रहकर निकलने वाले रास्ते की बात कर रहे हैं।" गौरतलब है कि सऊदी अरब के हिजाज़ क्षेत्र में मक्का और मदीना के बीच पहले से ही एक तेज़ गति वाली रेल लाइन मौजूद है। उरालोग्लू ने मार्च में कहा था कि तुर्की ऐतिहासिक हिजाज़ रेलवे के उस हिस्से को फिर से चालू करने के लिए दमिश्क सीरिया के साथ बातचीत कर रहा था जो कभी इन देशों को आपस में जोड़ता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/turkey-and-saudi-arabia-discuss-rail-route-as-an-alternative/article-155934</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/turkey-and-saudi-arabia-discuss-rail-route-as-an-alternative/article-155934</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:18:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/saudi-arab.png"                         length="1175836"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'टैलेंट हंट' पहल के ज़रिए राहुल गांधी कर रहे एक नई राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत, युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका : महेश गौड़</title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने कहा कि राहुल गांधी राजनीति में 'टैलेंट हंट' के जरिए नई संस्कृति की शुरुआत कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और राष्ट्रीय मुद्दों की गहरी समझ रखने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को सीधे पार्टी प्रवक्ता बनाना और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahesh-gaur-rahul-gandhi-is-starting-a-new-political-culture/article-155624"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/22.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए "टैलेंट हंट" (प्रतिभा खोज) पहल शुरू करके एक नयी राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत कर रहे हैं। गांधी भवन में मीडिया समिति के अध्यक्ष समा राममोहन रेड्डी, पशुधन विकास निगम के अध्यक्ष चरण कौशिक यादव, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) समन्वयक शरण पटेल के साथ सोमवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री गौड़ ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करना है जिन्हें राष्ट्रीय और राज्य दोनों तरह की राजनीति की गहरी समझ हो। </p>
<p>उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में ऐसे व्यक्तियों के चयन पर भी ध्यान दिया जाएगा जो धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और जनसेवा के प्रति समर्पित हों, चाहे वे किसी भी पारंपरिक पार्टी पृष्ठभूमि से आते हों। इस कार्यक्रम को महत्वाकांक्षी युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर बताते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि श्री गांधी युवा पीढ़ी के लिए अधिक अवसर पैदा करने और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने कहा, "टैलेंट हंट पहल का उद्देश्य उन सक्षम युवाओं को प्रोत्साहित करना है जो सामाजिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ राजनीति में प्रवेश करना चाहते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahesh-gaur-rahul-gandhi-is-starting-a-new-political-culture/article-155624</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahesh-gaur-rahul-gandhi-is-starting-a-new-political-culture/article-155624</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:05:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/22.png"                         length="1287640"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार: सेना प्रमुख बोले- अभी केवल संघर्ष विराम जैसे हालात</title>
                                    <description><![CDATA[सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि संघर्ष विराम की स्थिति है। जरूरत पड़ने पर तीनों सेनाएं ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार हैं। उन्होंने नए सैन्य अधिकारियों को आधुनिक युद्ध के पारदर्शी होने और मल्टी-डोमेन लड़ाइयों के प्रति सतर्क रहने की हिदायत दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-ready-for-operation-sindoor-20-army-chief-said/article-155531"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/army.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल संघर्ष विराम जैसी स्थिति है। जरूरत पड़ी तो तीनों सेनाएं ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बेंचमार्क सेट कर दिया है कि भारत किसी भी उकसावे पर कैसे जवाब देता है। आज पास होने वाले अफसर अपने करियर की शुरुआत से ही इस बेंचमार्क को बनाए रखें।</p>
<p><strong>आधुनिक युद्ध पारदर्शी हो गए</strong></p>
<p>सेना प्रमुख ने नए अफसरों को मैसेज देते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध पारदर्शी हो गया है। 24 घंटे हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। ऐसे में सैनिकों की तैनाती, ऑपरेशन और बॉर्डर के पास बसे नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।</p>
<p><strong>हमेशा दिमाग से जीती जाती है जंग </strong></p>
<p>सेना प्रमुख ने कहा कि जीत हमेशा दिमाग में होती है। यह जमीन पर नहीं होती। इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर तभी सफल होता है जब पूरा देश एक साथ आए और सूचना देने वाले लोगों पर भरोसा करे। जब युद्ध की गति बहुत तेज हो रही होए तब संसाधनों के दायरे में रहकर मदद की जरूरत पड़ती है, ताकि तेजी से फैसले ले सकें। भविष्य की लड़ाइयां केवल पारंपरिक तरीके से नहीं लड़ी जाएंगी, बल्कि ये कई मोर्चों पर होंगी। इनमें जमीन, आकाश, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, लोगों के दिमाग और सोच पर असर डालना शामिल होंगे।</p>
<p><strong>वर्दी का नजरिया हमेशा राष्ट्रीय ही रहना चाहिए </strong></p>
<p>जनरल द्विवेदी ने कहा है कि भविष्य के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को ऐसे तेजी से जटिल होते सुरक्षा माहौल में काम करने के लिए तैयार रहना होगा जहां प्रतिस्पर्धा और संघर्ष के बीच का अंतर धुंधला होता जा रहा है। यहां जो कुछ भी शुरू होता है, वह हमेशा आपके साथ रहता है उन्होंने कैडेटों  से कहा कि आज, जब मैं वर्दी वाली जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर आपके सामने खड़ा हूं और अपनी वर्दी उतारने की तैयारी कर रहा हूं, जबकि आप अपनी वर्दी पहनने की तैयारी कर रहे हैं तो मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि यहां जो कुछ भी शुरू होता है, वह हमेशा आपके साथ रहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-ready-for-operation-sindoor-20-army-chief-said/article-155531</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-is-ready-for-operation-sindoor-20-army-chief-said/article-155531</guid>
                <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:08:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/army.png"                         length="1116507"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मसूद पेज़ेशकियन का ईरान के रक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने का आग्रह, चेतावनी देते हुए कहा- शत्रु ने हासिल की नई तकनीकें और उपकरण</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने सैन्य कमांडरों से रक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने और तकनीकी बढ़त हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी मौजूदगी सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। पेज़ेशकियन ने सेना को राजनीति से दूर रहकर राष्ट्रीय हितों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए सराहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/masoud-pezeshkian-urges-to-modernize-irans-defense-structure-warns-that/article-155064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/masood.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने देश के रक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने का आह्वान किया है और यह चेतावनी भी दी कि शत्रु ने नई तकनीकें और उपकरण हासिल कर लिए हैं। उन्होंने सैन्य कमांडरों को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के देशों ने यह निष्कर्ष निकाल लिया है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी 'उनकी स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है और सुरक्षा के लिए अमेरिका पर भरोसा करना एक अवास्तविक और अप्रभावी विचार रहा है'।</p>
<p>ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पेज़ेशकियन ने ईरान के रक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने का भी आह्वान किया और चेतावनी दी कि शत्रु ने नई तकनीकें और उपकरण हासिल कर लिए हैं। बयान में कहा गया कि सशस्त्र बलों को विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिक केंद्रों और ज्ञान-आधारित कंपनियों के अधिक उपयोग के माध्यम से 'तकनीकी बढ़त हासिल करने और रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने' का प्रयास करना चाहिए।</p>
<p>पेज़ेशकियन ने 'पेशेवर कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता और राजनीतिक एवं दलीय मुद्दों से दूर रहने' के लिए सेना का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय हितों पर आधारित यह पेशेवर और जिम्मेदारी भरा दृष्टिकोण देश और व्यवस्था के लिए एक मूल्यवान संपत्ति है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/masoud-pezeshkian-urges-to-modernize-irans-defense-structure-warns-that/article-155064</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/masoud-pezeshkian-urges-to-modernize-irans-defense-structure-warns-that/article-155064</guid>
                <pubDate>Tue, 26 May 2026 18:38:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/masood.png"                         length="1134615"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान को मिलेगी 200 नई ट्रेनों की सौगात, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा बड़ा विस्तार</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान में 200 से अधिक नई ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। जालोर-दिल्ली नई रेल सेवा के शुभारंभ पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में 20 नई पिट लाइनों का निर्माण और जयपुर के पास अत्याधुनिक मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जा रहा है, जिससे रेलवे की क्षमता दोगुनी हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-will-get-the-gift-of-200-new-trains-there/article-155107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/railway-minister-as.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में रेलवे विकास को नई रफ्तार देते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आने वाले समय में प्रदेश को 200 से अधिक नई ट्रेनों की सौगात मिलेगी। जालोर को पहली बार दिल्ली से जोड़ने वाली नई रेल सेवा के शुभारंभ के अवसर पर उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे में तेजी से आधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे नई ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। रेल मंत्री ने कहा कि राजस्थान में पिट लाइनों, कोचिंग टर्मिनलों, यार्ड आधुनिकीकरण, दोहरीकरण, ट्रैक स्पीड बढ़ाने और स्टेशन पुनर्विकास जैसे बड़े कार्य किए जा रहे हैं।</p>
<p>इन परियोजनाओं से ट्रेनों के रखरखाव, धुलाई और तकनीकी परीक्षण की क्षमता मजबूत होगी तथा रेल संचालन अधिक सुगम बनेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी Amit Sudarshan के अनुसार वर्तमान में रेलवे के पास 22 पिट लाइनें हैं, जबकि मदार, उमरा, लालगढ़, श्रीगंगानगर, हिसार, सूरतगढ़, खातीपुरा, बाड़मेर और जैसलमेर सहित विभिन्न स्थानों पर 20 नई पिट लाइनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इसके अलावा जयपुर के निकट भट्टो की गली में मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित करने की योजना है, जहां वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।</p>
<p>रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं से उत्तर पश्चिम रेलवे की रखरखाव क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे प्रदेश में नई रेल सेवाओं के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। रेलवे के इस बड़े विस्तार से राजस्थान के सीमावर्ती, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-will-get-the-gift-of-200-new-trains-there/article-155107</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-will-get-the-gift-of-200-new-trains-there/article-155107</guid>
                <pubDate>Tue, 26 May 2026 18:03:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/railway-minister-as.png"                         length="826158"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है रूस, जखारोवा ने कहा-रूस ईरान के आसपास की गंभीर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को सुलझाने में सहायता के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने भारत के साथ गहरे सैन्य संबंधों की पुष्टि की है। रूस न केवल हथियारों की आपूर्ति, बल्कि संयुक्त विकास और लाइसेंस प्राप्त निर्माण के लिए भी तैयार है। यह सहयोग भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को नई गति देगा। साथ ही, रूस ने पश्चिम एशिया संकट को सुलझाने में सहायता की भी पेशकश की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-is-keen-to-increase-military-technical-cooperation-with-india-zakharova/article-152037"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/maria-zakharova.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस ने कहा है कि वह भारत के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग को और बढ़ाने का इच्छुक है और मिल कर काम करने तथा और लाइसेंस प्राप्त हथियार निर्माण के लिए तैयार है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने भारतीय सूचना पोर्टल 'फर्स्टपोस्ट' को दिए एक साक्षात्कार में कहा "रूस, भारत के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग बढ़ाना जारी रखने का इरादा रखता है। भारतीय सशस्त्र बलों की सभी शाखाओं के लिए विस्तृत श्रृंखला में सैन्य उत्पादों की आपूर्ति परस्पर सहमत समय सीमा पर की जा रही है। इसके अलावा वह संयुक्त रूप से लाइसेंस प्राप्त हथियारों के निर्माण के लिए भी तैयार है।"</p>
<p>राजनयिक ने कहा, "रूस न केवल तैयार सैन्य उत्पादों का निर्यात करने के लिए तैयार है, बल्कि संयुक्त विकास, आधुनिक हथियारों के लाइसेंस युक्त निर्माण और विभिन्न प्रकार के उपकरणों के आधुनिकीकरण एवं अन्य परियोजनाओं को लागू करने के लिए भी तैयार है।" उन्होंने उल्लेख किया कि रूसी सशस्त्र बल अपनी रणनीतिक पहल को लेकर आश्वस्त हैं और विशेष अभियान क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। जखारोवा ने कहा, "वर्तमान में, रूसी सशस्त्र बल अपनी रणनीतिक पहल को लेकर आश्वस्त हैं और आगे बढ़ रहे हैं।" पश्चिम एशिया संकट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि रूस ईरान के आसपास की गंभीर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को सुलझाने में सहायता के लिए तैयार है। जखारोवा ने कहा, "हम इस गंभीर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को सुलझाने में सहायता के लिए हमेशा तैयार हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/russia-is-keen-to-increase-military-technical-cooperation-with-india-zakharova/article-152037</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/russia-is-keen-to-increase-military-technical-cooperation-with-india-zakharova/article-152037</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:31:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/maria-zakharova.png"                         length="519861"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अश्विनी वैष्णव का लोकसभा में जवाब: रेलवे ने 2025-26 में 167 करोड़ टन माल का किया परिवहन, वित्त वर्ष में पिछले 50 वर्षों में सबसे कम रेल दुर्घटनाएं दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे ने 167 करोड़ टन माल ढुलाई का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। उर्वरक और स्टील परिवहन में 13% की वृद्धि के साथ सुरक्षा में भी सुधार हुआ है। पिछले 50 वर्षों में सबसे कम रेल दुर्घटनाओं के साथ, रेलवे अब प्रतिदिन 25,000 ट्रेनें संचालित कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashwini-vaishnavs-answer-in-lok-sabha-railways-transported-167-crore/article-148716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ashvini.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में माल परिवहन में एक नया रिकॉर्ड स्थापित करते हुए 167 करोड़ टन माल का परिवहन किया। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में 3.25 प्रतिशत अधिक माल लदान के साथ रेलवे ने रिकॉर्ड 167 करोड़ टन माल का परिवहन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने रेलवे क्षेत्र के लिए अभूतपूर्व वित्तीय आवंटन की हैं, जिससे व्यापक विकास हुआ है। रेलवे में हुए सुधारों ने सभी सामाजिक-आर्थिक समूहों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है, विशेष रूप से गरीबों और मध्यम वर्ग पर। उन्होंने बताया कि उर्वरक, पिग आयरन और तैयार स्टील के परिवहन में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी, जिसने रेलवे को यह रिकॉर्ड बनाने में मदद की।</p>
<p>रेल मंत्री ने बताया कि इस दौरान लौह अयस्क का परिवहन 6.73 प्रतिशत बढ़ा, जबकि सीमेंट के परिहवन में 3.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय रेलवे ने 76,352 विशेष ट्रेनें चलाईं। वर्तमान में रेलवे नेटवर्क पर प्रतिदिन लगभग 25,000 ट्रेनें चलती हैं। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस वित्त वर्ष में पिछले 50 वर्षों में सबसे कम गंभीर रेल दुर्घटनाएं हुईं। इस दौरान केवल 16 गंभीर दुर्घटनाएं हुईं, जो सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashwini-vaishnavs-answer-in-lok-sabha-railways-transported-167-crore/article-148716</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashwini-vaishnavs-answer-in-lok-sabha-railways-transported-167-crore/article-148716</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:13:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/ashvini.png"                         length="836694"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्षा बल विजन-2047 में रासायनिक: जैविक और परमाणु खतरों को गंभीर चुनौती बताया; भविष्य के युद्धों के प्रति भारत बना रहा रणनीति, नए खतरों से निपटने के लिए एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार करने का खाका बनाया</title>
                                    <description><![CDATA[बदलते वैश्विक युद्ध तंत्र को देखते हुए भारत ने विज़न-2047 के तहत सीबीआरएन (CBRN) खतरों से निपटने की रणनीति बनाई है। इसके तहत परमाणु, रासायनिक और जैविक हमलों से बचाव के लिए एकीकृत सुरक्षा प्रणाली और आधुनिक डिटेक्शन सिस्टम तैनात किए जाएंगे। तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और स्वदेशी तकनीक के माध्यम से सामूहिक विनाश के खतरों को विफल किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-defense-force-vision-2047-chemical-biological-and-nuclear-threats/article-146547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh-3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने दुनिया भर के रणनीतिक विशेषज्ञों को युद्ध के तौर तरीकों पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। बदलते वैश्विक हालात और भविष्य के युद्ध के खतरों को देखते हुए भारत ने सुरक्षा रणनीति को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाल में पेश रक्षा बल विजन-2047 दस्तावेज में रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु यानी सीबीआरएन खतरों को गंभीर चुनौती बताया गया है। इस दस्तावेज में ऐसे हमलों से बचाव के लिए आधुनिक और एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार करने का खाका पेश किया गया है।</p>
<p>इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी बड़े हमले की स्थिति में सेना और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया को तेज और प्रभावी बनाना है। विजन दस्तावेज के अनुसार अब युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक समय में सामूहिक विनाश के हथियारों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। खासकर जैविक खतरों को बड़ी चुनौती माना गया है क्योंकि ये अक्सर अदृश्य तरीके से फैलते हैं और इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। इसलिए इन खतरों की पहचान, रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए नई तकनीकों और व्यवस्थाओं को विकसित करने की जरूरत बताई गई है।</p>
<p><strong>रासायनिक और जैविक खतरों से निपटने का फार्मूला</strong></p>
<p>इस समय सेना के पास कोर ऑफ इंजीनियर्स के तहत विशेष दस्ता है जो रासायनिक और जैविक खतरों से निपटने का काम करता है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की टीमें नागरिक सुरक्षा के लिए तैनात रहती हैं। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ भी इन खतरों से बचाव के लिए नई तकनीक और उपकरण विकसित कर रहा है। पिछले वर्ष सेना ने 223 आॅटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम खरीदे हैं। यह सिस्टम वास्तविक समय में खतरनाक रसायनों का पता लगाने में सक्षम है। इसके अलावा स्वदेशी मोबाइल डिकंटेमिनेशन सिस्टम भी तैयार किए गए हैं। इन उपकरणों का इस्तेमाल किसी रासायनिक या जैविक हमले के बाद प्रभावित इलाके को सुरक्षित बनाने के लिए किया जाएगा।</p>
<p><strong>सभी एजेंसियां मिलकर तेजी से कार्रवाई करेंगी</strong></p>
<p>रक्षा बल विजन-2047 का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है। फिलहाल कई एजेंसियां अलग-अलग उपकरण और प्रक्रियाओं के साथ काम करती हैं। इससे संकट के समय प्रतिक्रिया में देरी हो सकती है। नई योजना के तहत एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार की जाएगी ताकि हमले की स्थिति में सभी एजेंसियां मिलकर तेजी से कार्रवाई कर सकें।</p>
<p><strong>सुरक्षा उपकरणों की खरीद को मानकीकृत करेंगे</strong></p>
<p>नई नीति के तहत तीनों सेनाओं के लिए सुरक्षा उपकरणों की खरीद को मानकीकृत किया जाएगा। यानी एक ही तकनीकी मानकों वाले उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रक्रिया को भी एक समान बनाया जाएगा। इससे हमले की स्थिति में हर यूनिट की प्रतिक्रिया सटीक और समन्वित होगी।</p>
<p><strong>घायल सैनिकों के प्रबंधन के लिए क्या योजना है?</strong></p>
<p>विजन-2047 में हताहत प्रबंधन की नीति भी तैयार करने की बात कही गई है। इसके तहत हमले की स्थिति में घायल सैनिकों के उपचार और उनके शरीर से विकिरण या रासायनिक प्रभाव हटाने की प्रक्रिया को मानकीकृत किया जाएगा। इससे संकट के समय उपचार तेज और प्रभावी हो सकेगा और सैनिकों की सुरक्षा बेहतर होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-defense-force-vision-2047-chemical-biological-and-nuclear-threats/article-146547</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-defense-force-vision-2047-chemical-biological-and-nuclear-threats/article-146547</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 11:15:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/rajnath-singh-3.png"                         length="592112"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अश्विनी वैष्णव का दावा: रेल पटरियों को उन्नत बनाने का 80 प्रतिशत काम पूरा, 50 प्रतिशत मार्ग सेमी हाईस्पीड के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 50% रेल नेटवर्क अब सेमी-हाई स्पीड (130 किमी/घंटा) के लिए तैयार है। जापान की तर्ज पर AI और IoT आधारित निगरानी से समयबद्धता में सुधार किया जा रहा है। चेन्नई-बेंगलुरु जैसे नए हाई-स्पीड कॉरिडोर से यात्रा का समय घटेगा और भारतीय रेल का प्रदर्शन अब यूरोपीय देशों के समकक्ष पहुँच गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashwini-vaishnav-claims-80-percent-work-of-upgrading-railway-tracks/article-146421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rail-minister.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय रेल नेटवर्क के 50 प्रतिशत रेल-मार्गों को उन्नत कर सेमी-हाई स्पीट रेलगाड़ी चलाने लायक कर दिया गया है जिस पर रेलगाड़यिां 130 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित दौड़ सकती है। राज्य सभा में प्रश्न काल के दौरान अपने मंत्रालय से संबधित पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पिछले एक दशक में रेल पटरियों के अपग्रेडेशन (उन्नयन) का काम बहुत गंभीरता से किया जा रहा है। 80 प्रतिशत रेल लाइनों को अपग्रेड कर 110 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए मजबूत और सुरक्षित किया गया है तथा 50 प्रतिशत मार्ग 130 किमी प्रति घंटे की ट्रेनों के लिए उपयुक्त बनाए जा चुके हैं जो सेमी हाई-स्पीड की श्रेणी में आता है।</p>
<p>उन्होंने यात्री ट्रेनों के समय पर परिचालन के रिकार्ड के बारे में एक अनुपूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि इस समय रेलवे की 24 डिवीजनों में गाड़ियों के समय पर चलने का रिकार्ड 90 प्रतिशत, 43 डिवीजनों में 80 प्रतिशत और आठ डिवीजनों में 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। मदुरै, रतलाम, हुबली, अजमेर जैसे कुछ डिवीजनों में समयानुसार परिचालन का स्तर 77 प्रतिशत है।</p>
<p>अश्विनी वैष्ण्व ने कहा, भारतीय रेल का यह प्रदर्शन जर्मनी, फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों के स्तर का है पर हमारी तुलना का आधार जापान होना चाहिए जहां समयबद्ध परिलाचन का एक अपना ही पैमाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वहां कुछ विशिष्ट कार्य प्रणालियां हैं जिनमें से कुछ को भारतीय रेल में भी अपनाया जा रहा है।</p>
<p>रेल मंत्री ने कहा कि जापान में मरम्मत और रख रखाव की योजना 26 सप्ताह पहले से लागू की जाती है। भारत में भी पिछले दो-ढाई साल से इसकी शुरुआत की गयी है जिसके परिणाम बहुत अच्छे आ रहे हैं। इसके और व्यापक इस्तेमाल और इसमें महारथ हासिल कर लिये जाने के बाद  स्थिति में निश्चित रूप से बड़ा सुधार दिखेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यात्री ट्रेनों के समय पर आने-जाने को सुनिश्चित करते के लिए भारतीय रेल का मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी वाले औजार और समाधान समावेश जिसमें एआई आधारित निगरानी के अलावा रख रखाव पर जोर है। रेल अवसंरचना की निरंतर निगरानी के लिए इंटरनेट ऑफ दी थिंग्स और एआई का भी प्रयाग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिंगल सेट ट्रेन ( जिसमें इंजन को ट्रेन से अलग नहीं करना पड़ता) से भी समयबद्धता सुधरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल हर रोज 25000 ट्रेनों का परिचालन करती है और इनकी समय सारिणी का प्रबंधन एक जटिल काम है। </p>
<p>ट्रेनों की समयबद्धता को लेकर यात्रियों को डैश-बोर्ड (इलेक्ट्रानिक सूचना पट्टिका) की सुविधा दिये जाने के विचार के संबंध में एक अन्य अनुपूरक प्रश्न के जवाब में वैष्णव ने कहा कि रेलवे के नेटवर्क के इष्टतम उपयोग के लिए रेलवे अपनी समय सारिणी पर आईआईटी बांबे और आईआईटी मद्रास के माध्यम से अनुसंधान करा रही है। आईआईटी मुंबई ने कुछ अच्छा काम किया है। रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) भी नेटवर्क के इष्टतम प्रयोग को सुनिश्चित करने में आईटी टूल के विकास में लगा रहता है।</p>
<p>रेल मंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया में यात्रियों के लिए रेल कॉरीडोर अलग कर दिए गये हैं और पुराने मार्गों को मालगाड़ी गलियारों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में सात हाईस्पीड रेल गलियारों की घोषणा उसी दिशा में शुरुआत है। उन्होंने उदाहरण दिया कि चेन्नई- बेंगलूरू हाईस्पीड गलियारे के चालू हो जाने पर दोनों महानगरों की दूरी घट कर 73 मिनट की रह जाएगी।</p>
<p>एक अन्य प्रश्न के जवाब में रेल मंत्री ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरीडॉर के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक दल ने हाल में कार्य का निरीक्षण करने के बाद प्रगति पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की पिछली उद्धव ठाकरे सरकार ने इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का काम नहीं किया जबकि गुजरात में समय से जमीन की व्यवस्था होने के चलते वहां के हिस्से में पहले से ही काम तेज चल रहा है। इस रेल-मार्ग पर देश में पहली बार समुद्र के अंदर रेल टनल बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashwini-vaishnav-claims-80-percent-work-of-upgrading-railway-tracks/article-146421</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ashwini-vaishnav-claims-80-percent-work-of-upgrading-railway-tracks/article-146421</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 18:19:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/rail-minister.png"                         length="914417"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुश्मन देशों की उड़ने वाली है नींद, सशस्त्र बलों की क्षमता बढाने के लिए 79,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मिली मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने सशस्त्र बलों के लिए ₹79,000 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें पिनाका रॉकेट सिस्टम, स्वदेशी ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम (IDDIS), अस्त्र मिसाइलें और आर्टिलरी के लिए आधुनिक हथियारों की खरीद शामिल है, जो सेना की मारक क्षमता को बढ़ाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/under-the-chairmanship-of-union-defense-minister-rajnath-singh-defense/article-137640"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rajnaht-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए 79,000 करोड़ रुपये के रक्षा खरीद सौदों के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में तीनों सेनाओं के लिए आवश्यकता के आधार पर खरीद के इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। </p>
<p>रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष की अंतिम बैठक में मंजूर किये गये इन खरीद सौदों की कुल अनुमानित लागत लगभग 79,000 करोड़ रुपये है और इनमें सेना की तोपखाना रेजिमेंट के लिए लॉयटर म्यूनिशन सिस्टम, लो लेवल लाइट वेट रडार, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम के लिए लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट एम्युनिशन तथा इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम (IDDIS) मार्क-2 की खरीद को मंजूरी दी गई।</p>
<p>बैठक में नौसेना के लिए बोलार्ड पुल टग्स, हाई फ्रीक्वेंसी सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो मैनपैक तथा हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग रेंज रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम को लीज पर लेने के प्रस्तावों को आवश्यकता पर खरीद की स्वीकृति प्रदान की गई। वायु सेना के लिए ऑटोमैटिक टेक-ऑफ लैंडिंग रिकॉर्डिंग सिस्टम, अस्त्र मार्क-(IDDIS) मिसाइलें, फुल मिशन सिम्युलेटर तथा स्पाइस-1000 लॉन्ग रेंज गाइडेंस किट्स आदि की खरीद को आवश्यकता की स्वीकृति दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/under-the-chairmanship-of-union-defense-minister-rajnath-singh-defense/article-137640</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/under-the-chairmanship-of-union-defense-minister-rajnath-singh-defense/article-137640</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 16:10:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/rajnaht-singh.png"                         length="1211369"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        